रांची। एचइसी के सेवानिवृत कर्मी एव वार्ड 41 की पार्षद उर्मिला यादव के पति नंद किशोर यादव ने आज रांची लोकसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरा। सेवानिवृत्त होने के बाद वे समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। अपनी पत्नी के चुनाव का कुशल संचालन कर तीन बार पार्षद का चुनाव जिताने में सफल रहे। दो बार उर्मिला यादव को हटिया विधान सभा से भी चुनाव लड़ाया। विधानसभा चुनाव में भले जीत हासिल नहीं करा पाए लेकिन चुनाव लड़ने-लड़ाने का अनुभव प्राप्त किया। श्री यादव स्वयं पहली बार चुनाव मैदान में उतरे हैं। नामांकन दाखिल करने के बाद उन्होंने खबरगंगा से बात करते हुए कहा कि यदि रांची संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं ने मौका दिया तो वे क्षेत्र में विकास की नई बयार बहाएंगे। संसदीय क्षेत्र की समस्याओं से वे पूरी तरह अवगत हैं। विभिन्न क्षेत्रों के लोगों से उनका व्यापक संपर्क भी रहा है। उनके पास जन समस्याओं के निदान का एक पूरा खाका है। श्री यादव के मुताबिक जनता का पारंपरिक दलों से मोहभंग हो चुका है। ऐसे में उन्हें पूरी उम्मीद है कि जनता उन्हें सेवा का एक अवसर अवश्य देगी।
यह ब्लॉग खोजें
गुरुवार, 18 अप्रैल 2019
निर्दलीय उम्मीदवार एनके यादव ने भरा पर्चा
रांची। एचइसी के सेवानिवृत कर्मी एव वार्ड 41 की पार्षद उर्मिला यादव के पति नंद किशोर यादव ने आज रांची लोकसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरा। सेवानिवृत्त होने के बाद वे समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। अपनी पत्नी के चुनाव का कुशल संचालन कर तीन बार पार्षद का चुनाव जिताने में सफल रहे। दो बार उर्मिला यादव को हटिया विधान सभा से भी चुनाव लड़ाया। विधानसभा चुनाव में भले जीत हासिल नहीं करा पाए लेकिन चुनाव लड़ने-लड़ाने का अनुभव प्राप्त किया। श्री यादव स्वयं पहली बार चुनाव मैदान में उतरे हैं। नामांकन दाखिल करने के बाद उन्होंने खबरगंगा से बात करते हुए कहा कि यदि रांची संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं ने मौका दिया तो वे क्षेत्र में विकास की नई बयार बहाएंगे। संसदीय क्षेत्र की समस्याओं से वे पूरी तरह अवगत हैं। विभिन्न क्षेत्रों के लोगों से उनका व्यापक संपर्क भी रहा है। उनके पास जन समस्याओं के निदान का एक पूरा खाका है। श्री यादव के मुताबिक जनता का पारंपरिक दलों से मोहभंग हो चुका है। ऐसे में उन्हें पूरी उम्मीद है कि जनता उन्हें सेवा का एक अवसर अवश्य देगी।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
-
आम पाठक को रोचक पाठ्य सामग्री से मतलब होता है। उसे इससे कोई फर्क नहीं प़ड़ता कि उसका रचनाकार कौन है। एक जमाना था जब लेखक ताड़पत्र पर ल...
-
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
-
(भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं. इसकी एक बानगी झारखंड के कोयला खदान क्षेत्रों में देखने को मिलती है. हाई कोर्...
-
19 मई को को कैट ने आईजी निर्मला अमिताभ चौधरी को अवमानना का दोषी करार देते हुए 15 दिनों के कारावास की सजा सुनाई है. उनके विरुद्ध वारंट भ...
-
कई दिनों की बारिश के बाद बादल एकदम चुप से थे..न गरजना न बरसना ... ठंडी हवाएं जरुर रह-रह कर सहला जाती थी...धूली, निखरी प्रकृति की सुन्...

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें