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सोमवार, 6 अगस्त 2018

अन्तर्राज्यीय नदियों को आपस में जोड़ने का प्रस्ताव


नई दिल्ली। राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए) को 9 राज्यों अर्थात महाराष्ट्र, गुजरात, झारखंड, ओडिशा, बिहार, राजस्थान, तमिलनाडु, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ से अंतःराज्यीय संपर्कों के 47 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से एनडब्ल्यूडीए ने 36 अंतःराज्यीय संपर्कों की पूर्व साध्यता रिपोर्ट (पीएफआर) और 3 अंतःराज्यीय संपर्कों की विस्तृत परियोजना रिपोर्टें (डीपीआर) पूरी कर ली हैं। 
बिहार के कोसी-मेची और बूढ़ी गंडक-नून-बाया-गंगा अंत:राज्‍यीय संपर्कों की डीपीआर पूरी कर ली गई है और बिहार सरकार को भेज दी गई है। जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय की सलाहकार समिति द्वारा कोसी-मेची संपर्क परियोजना के लिए तकनीकी-आर्थिक स्‍वीकृति प्रदान कर दी गई है। बूढ़ी गंडक-नून-बाया-गंगा संपर्क परियोजना की डीपीआर एनडब्‍ल्‍यूडीए द्वारा तैयार की गई है और केन्‍द्रीय जल आयोग को प्रस्‍तुत की गई है। सीडब्‍ल्‍यूसी ने बाढ़ सुरक्षा स्‍कीम के रूप में परियोजना पर विचार करने का सुझाव दिया है और इसे एनडब्‍ल्‍यूडीए द्वारा बिहार सरकार को सूचित कर दिया गया है। एनडब्‍ल्‍यूडीए ने हाल ही में तमिलनाडु के पोन्नयार (नेदुंगल)-पालार संपर्क की डीपीआर पूरी की है.

“अन्तर्राज्यीय नदियों को आपस में जोड़ने का प्रस्ताव” विषय पर दिनांक 06.08.2018 को राज्य सभा में उत्तर दिए जाने वाले अतारांकित प्रश्‍न सं. 2224 के भाग (क) और (ख) के उत्तर में उल्लिखित अनुलग्‍नक
राज्‍य सरकारों से प्राप्‍त हुए अंत:राज्‍यीय नदी संपर्क प्रस्‍तावों की वर्तमान स्थिति
क्र.सं.
अंत:राज्‍यीय संपर्क का नाम
नदी
पीएफआर/डीपीआर की मौजूदा स्‍थिति

महाराष्‍ट्र
1.
वेनगंगा (गोसीखुर्द)-नलगंगा (पूर्णा तापी)
वेनगंगा एवं नलगंगा
साध्‍यता-पूर्व रिपोर्ट (पीएफआर) पूरी कर ली गई है।
2.
वेनगंगा-मंजरा घाटी
वेनगंगा एवं मंजरा
पीएफआर पूर्ण (व्‍यवहार्य नहीं पाई गई)
3.
ऊपरी कृष्‍णा-भीमा (छह संपर्कों की प्रणाली)
कृष्‍णा एवं भीमा
पीएफआर पूर्ण
4.
दमनगंगा (एकडारे) - गोदावरी घाटी
दमनगंगा एवं गोदावरी
पीएफआर पूर्ण
5.(i)
ऊपरी वैतरणा-गोदावरी घाटी
वैतरणा एवं गोदावरी
पीएफआर पूर्ण
5.(ii)
दमनगंगा-वैतरणा-गोदावरी (कड़वा देव) घाटी
दमनगंगा, वैतरणा एवं गोदावरी
पीएफआर पूर्ण
6.
उत्‍तरी कोंकण-गोदावरी घाटी
पतालगंगा एवं गोदावरी
पीएफआर पूर्ण (व्‍यवहार्य नहीं पाई गई)
7.
कोयना-मुंबई सिटी
कोयना
पीएफआर पूर्ण
8.
श्रीराम सागर परियोजना (गोदावरी)-पूर्णा-मंजीरा
गोदावरी, पूर्णा एवं मंजीरा
पीएफआर पूर्ण
9.
वेनगंगा (गोसीखुर्द) - गोदावरी (एसआरएसपी)
वेनगंगा एवं गोदावरी
महाराष्‍ट्र सरकार द्वारा वापिस किया गया (व्‍यवहार्य नहीं पाई गई)
10.
मध्‍य कोंकण-भीमा घाटी
सावित्री, कुंडलिका, अंबा एवं भीमा
पीएफआर पूर्ण
11.
कोयना-नीरा
कोयना एवं नीरा
पीएफआर पूर्ण
12.
मुल्‍सी-भीमा
मुल्‍सी एवं भीमा
पीएफआर पूर्ण
13.
सावित्री-भीमा
सावित्री एवं भीमा
पीएफआर पूर्ण
14.
कोल्‍हापुर-सांगली-संगोला
कृष्‍णा एवं भीमा
पीएफआर पूर्ण
15.
तापी बेसिन और जलगांव जिले की नदि‍यों को जोड़ने संबंधी परियोजनाएं
तापी
पीएफआर पूर्ण
16.
नार-पार-गिरना घाटी
नार, पार एवं गिरना
पीएफआर पूर्ण (व्‍यवहार्य नहीं पाई गई)
17.
नर्मदा-तापी
नर्मदा एवं तापी
पीएफआर पूर्ण
18.
खरियागुट्टा-नवाथा सतपुड़ा तलहटी (फुट हिल्‍स)
छोड़ दी गई
पीएफआर अध्‍ययन के लिए एनडब्‍ल्‍यूडीए की तकनीकी सलाहकार समिति द्वारा स्‍वीकृत नहीं किया गया
19.
खरिया घुटी घाट-तापी
छोड़ दी गई
20.
जिगांव-तापी-गोदावरी घाटी
तापी एवं गोदावरी
पीएफआर पूर्ण (व्‍यवहार्य नहीं पाई गई)

गुजरात

21.
दमनगंगा-साबरमती-चोरवाड
दमनगंगासाबरमती एवं चोरवाड
पीएफआर पूर्ण

ओडि़शा

22.
महानदी-ब्राह्मणी
महानदी एवं ब्राह्मणी
पीएफआर पूर्ण (व्‍यवहार्य नहीं पाई गई)
23.
महानदी-रूसीकुल्‍या (बरमुल परियोजना)
महानदी एवं रूसीकुल्‍या
पीएफआर पूर्ण
24.
वम्‍सधारा-रूसीकुल्‍या (नंदिनी नाला परियोजना)
वम्‍सधारा एवं रूसीकुल्‍या
पीएफआर पूर्ण

झारखंड

25.
दक्षिणी कोयल-सुवर्णरेखा
दक्षिणी कोयल एवं सुवर्णरेखा
पीएफआर पूर्ण
26.
शंख-दक्षिणी कोयल
शंख एवं दक्षिणी कोयल
27.
बरकार-दामोदर-सुवर्णरेखा
बरकार, दामोदर एवं सुवर्णरेखा
पीएफआर पूर्ण

बिहार

28.
कोसी एवं मेची (पूर्णत: भारत में पड़ता है)
कोसी एवं मेची
पीएफआर पूर्ण। जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय की सलाहकार समिति द्वारा तकनीकी- आर्थिक क्लियरेंस दिया गया।
29.
बरह-नवादा
गंगा एवं कियूल
पीएफआर पूर्ण (व्‍यवहार्य नहीं पाई गई)
30.
कोहरा एवं चन्‍द्रावत (अब कोहरा-लालबेगी)
कोहरा एवं चन्‍द्रावत
पीएफआर पूर्ण
(व्यवहार्य नहीं पाई गई)
31.
बूढ़ी गंडक-नोन- बया एवं गंगा
बूढ़ी गंडक, नोन, बया एवं गंगा
डीपीआर पूर्ण
32.
बूढ़ी गंडक एवं बागमती  (बेलवाधर)
बूढ़ी गंडक एवं बागमती
पीएफआर पूर्ण
(व्यवहार्य नहीं पाई गई)
33.
कोसी-गंगा
कोसी एवं गंगा
पीएफआर पूर्ण
34.
बागमती सिंचाई एवं जल निकास परियोजना चरण-II (मुजफ्फरपुर जिले में कटोंझा के समीप बैराज) और कोसी-अधवाड़ा -बागमती सम्‍पर्क सहित अधवाड़ा बहुउद्देशीय परियोजना का विकास
कोसी, अधवाड़ा, बागमती
पीएफआर पूर्ण (व्‍यवहार्य नहीं पाई गई)
35.
बक्‍सर में पम्‍प नहर स्‍कीम के जरिए दक्षिणी बिहार को गंगा के जल का अंतरण
गंगा
शुरूआत में एनडब्‍ल्‍यूडीए ने कार्य शुरू करने की सहमति दी थी लेकिन बिहार सरकार से विवरण प्राप्‍त होने के पश्‍चात् यह पाया गया था कि ये अंत:राज्‍यीय संपर्क नहीं है, अत: शुरू नहीं किया गया है।
36.
बदुआ-चंदन बेसिन का विकास
बदुआ एवं चंदन
37.
सोन-फाल्‍गु संपर्क
सोन और फाल्‍गु
प्रारंभिक अध्‍ययन पूर्ण नहीं

राजस्‍थान


38.
माही-लूनी संपर्क
माही एवं लूनी
पीएफआर पूर्ण (व्‍यवहार्य नहीं पाई गई)
39.
वाकल-साबरमती- सेई, पश्चिमी बनास -कामेरी संपर्क
वाकल-साबरमती-सेई-पश्चिमी बनास-कामेरी संपर्क
पीएफआर पूर्ण (व्‍यवहार्य नहीं पाई गई)

तमिलनाडु


40.
पोन्‍नईयार-पालार संपर्क
पोन्‍नईयार एवं पालार
डीपीआर पूर्ण
 
कर्नाटक
  
41.
अलमट्टी (बगलकोट) – मालप्रभा उप-बेसिन
अलमट्टी एवं मालप्रभा
प्रथम दृष्‍टया व्‍यवहार्य नहीं पाया गया
42.
मालाप्रभा-तुंगभद्रा उप बेसिन
मालाप्रभा एवं तुंगभद्रा
प्रथम दृष्‍टया व्‍यवहार्य नहीं पाया गया
43.
बेदती-धर्मा एवं वर्दा संपर्क
बेदती, धर्मा एवं वर्धा
पीएफआर पूर्ण
44.
भद्रा-वेदावती (वाणी विलास सागर संपर्क)
भद्रा एवं वेदावती
नदियों को आपस में जोड़ने संबंधी विशेष समिति की 11वीं बैठक के दौरान कर्नाटक सरकार ने प्रस्‍ताव को वापस ले लिया था।
45.
पश्चिम की ओर बहने वाली नदियों की स्‍कीमों का डायवर्जन (बारापोल-ऊपरी कावेरी संपर्क)
 
46.
बेदती और आगानशीनी से वरादा तक डायवर्जन
अगहनशीनी एवं वरादा
पीएफआर तैयार करने हेतु व्‍यवहार्य पाया गया

छत्‍तीसगढ़


47.
पैरी – महानदी संपर्क
पैरी एवं महानदी
पीएफआर पूर्ण

सुबोधकांत सहाय ने किया हिन्दपीढ़ी का दौरा


 कहा, रघुवर सरकार को मोतियाबिंद, नहीं दिखाई दे रही जन समस्या

रांची। रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कांग्रेस के पूर्व सचिव आदित्य विक्रम जायसवाल व प्रवक्ता शमशेर आलम संग हिंदपीढ़ी स्लम एरिया का दौरा किया। वहां की जनसमस्याओं से रूबरू हुए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने  क्षेत्र की बदहाली देखकर कहा कि स्मार्ट सिटी तो नही रांची शहर स्मार्ट नरक बन गया है ।  भाजपा के रघुवर सरकार को मोतियाबिंद हो गया है । जनता की जनसमस्या दिखाई नहीं देती। सता के नशे में चूर इस सरकार को राजधानी की गिरती विधि व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं है। स्लम एरिया में हेल्थ की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शहरी स्लम बस्तियों में  डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण उन इलाकों में ज्यादा हैं, जहां गंदगी है। निगम को ऐसे इलाकों में नियमित रूप से फॉगिंग करनी होगी। इसके अलावा समय से गंदगी का उठाव, मौसमी बीमारियों पर जागरुकता शिविर और स्वच्छ पानी का इंतजाम करना होगा। अगर समय पर कदम नहीं उठाए गये तो स्थिति विकराल हो सकती है।
 कांग्रेस नेता आदित्य विक्रम जायसवाल ने कहा कि राजधानी  के सभी वाड़ों में बुनियादी सुविधाओं के साथ चिकित्सा सुविधा का घोर अभाव है। मौजूदा भाजपा सरकार के शासनकाल में रांची में हेल्थ व्यवस्था पूरी तहर से चरमराई हुई है। शहर की आम जनता को गंदा पानी एवं कचड़ों के अंबार में रहना पड़ रहा है, जिससे शहरवासियों का जीवन नारकीय हो गया है। रांची नगर निगम की लापरवाही के वजह से रांची की स्लम इलाकों में डेंगू, मलेरिया और चिकगुनिया का प्रकोप शुरू हो गया है। विगत दिनों मेडिकल टीम के द्वारा हिंदपीढ़ी समेत शहर के स्लम्स के 50 मरीजों की जांच कराई गई। इनमें से 2 मरीज में डेंगू और 27 मरीजों में चिकनगुनिया के लक्षण पाए गये। इन इलाकों में महामारी फैल चुका है। इस समस्या से न तो  नगर निगम को कोई मतलब है और न ही राज्य के रघुवर सरकार को कोई सरोकार है। हिंदपीढ़ी, चर्च रोड, मेन रोड, कर्बला चैक, आजाद बस्ती, थड़पखना, डोरंडा, कडरू, पुरानी रांची में कचरे के अंबार से बीमारी फैलने की आशंका है।
कांग्रेस प्रवक्ता शमशेर आलम ने कहा कि राजधानी के हिंदपीढ़ी, चर्च रोड, मेन रोड, कर्बला चैक, आजाद बस्ती, थड़पखना, डोरंडा, कडरू, पुरानी रांची, गाड़ीखाना में व्याप्त गंदगी के कारण स्थिति विकराल हो गया है। नगर निगम पूरे शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त नहीं करती है तो स्थिति भयावह हो जाएगा।
इस अवसर पर बड़ी मस्जिद, सेंटर स्ट्रिट इदरिसिया, हिन्दपीढ़ी कई इलाकों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया तथा हेल्थ के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि अगर नगर निगम इन तमाम क्षेत्रों में हेल्थ के प्रति काम नहीं काम करती है तो कांग्रेस की टीम पूरा रांची शहर में फॉगिंग मशीन चलायेगा एवं कचड़ा का उठाव के लिए कोई विकल्प तलाशेगी। हर इलाके में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था एवं इलाके में शिविर लगाकर लोगों के इलाज की व्यवस्था करेगी। इन इलाकों के अलावा आजाद बस्ती ,कांटा टोली , डोरंडा ,कर्बला चौक और स्लम एरिया मैं कैंप लगाकर इन समस्याओं को दूर किया जाए।

     इस दौरान कांग्रेस नेताओं व हिंदपीढ़ी निवासियों से मिलने  नगर निगम के प्रशासक शांतनु आग्रहरी पहुंचे। उन्होंने आश्वस्त किया कि बड़ी इलाकों में कंट्रोल रूम बनाकर लोगों का हेल्थ का सुधार किया जाएगा तथा बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ बेहतर व्यवस्था दी जाएगी, इस ओर निगम गंभीरता से काम करेगी।
 इस अवसर पर  नजर वेलफेयर सोसाइटी के जहांगीर भाई ,पार्षद साजदा खातून ,उमर भाई ,आसिफ जियाउल ,चिंटूचौरसिया ,गौरव आनंद ,उपेंद्र शर्मा ,प्रेम ,अनिल सिंह और क्षेत्र के सैकड़ों लोग मौजूद थे।

गंझू हत्याकांड में पुलिस शिथिल, ग्रामीणों में आक्रोश

थाना प्रभारी से मिले विकाश सिंह और मनीराम मांझी, गहन जांच का किया अनुरोध

बोकारो थर्मल। मोहन गंझू हत्या मामले मे पुलिस की शिथिलता के खिलाफ अरमो क्षेत्र के ग्रामीणों में
रोष बढ़ता जा रहा है...पुलिस की कार्य प्रणाली के खिलाफ आज शाम अरमो क्षेत्र के ग्रामीणो की बैठक बुलायी गई जिसमे मजदूर नेता विकाश कुमार सिंह तथा मुखिया मनीराम माँझी उपस्थित थे . आज आरोपियों मे से दो लोगो को पुलिस पूछताछ के लिये लायी है लेकिन ये लोग अपने अपराधी साथियो का नाम लेने के बदले कुछ निर्दोष , जो मृतक परिवार के निकटस्थ हैं , ऊनका नाम ले रहे हैं . दरअसल अपराधी साजिश के साथ ऐसा कर रहे हैं जिससे जनता की ऊर्जा निर्दोषो को बचाने मे लग जाये और अपराधियो के खिलाफ कारगर कार्रवाई न हो सके .
         आज इस मामले मे त्वरित कार्रवाई हेतु मजदूर नेता विकाश कुमार सिंह एवँ अरमो के मुखिया मनीराम माँझी बोकारो थर्मल थाना प्रभारी परमेश्वर लियाँगी से मिले और अद्यतन कार्रवाई की जानकारी लिये तथा निर्दोष ब्यक्तियो का जो नाम अपराधियो द्वारा लिया जा रहा है , उसे अपराधियो की साजिश बताते हुये उसपर गहन जाँच पड़ताल करने का अनुरोध किये .
      थाना प्रभारी ने आश्वस्थ किया कि सभी अपराधी जल्द गिरफ्तार किये जायेंगे तथा किसी निर्दोष को फँसने नही दिया जायेगा .

कृषि प्रधान देश में उपेक्षित हैं किसान : सुधांशु सुमन


चतरा जिले के 12 प्रखंडों का दौरा कर धनरोपनी का लिया जायजा

रांची। झारखंड के लोकप्रिय समाजसेवी सुधांशु सुमन ने कहा कि हमारा देश एक कृषि प्रधान देश है, इसके बावजूद यहां के किसान बदहाल हैं। किसानों की आर्थिक दशा में सुधार नहीं हो रहा है। कृषि आधारित उद्योग और परंपरागत कुटीर उद्योग दम तोड़ते जा रहे हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही है। किसानों की माली हालत बिगड़ती जा रही है।
 श्री सुमन ने झारखंड के उग्रवाद प्रभावित जिले चतरा के विभिन्न प्रखंडों का दौरा कर किसानों की स्थिति का जायजा लिया। जिले में धनरोपनी की अद्यतन स्थिति से अवगत हुए। उन्होंने कहा कि सावन माह में अभी तक मात्र 25 फीसदी ही धनरोपनी हो पाई है। पर्याप्त वर्षा के अभाव में किसान रोपाई नहीं कर पाए हैं। सरकारी स्तर पर किसानों को सहयोग नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की बदहाल स्थिति देखते हुए उन्हें नि:शुल्क खाद व बीज मुहैया करने की व्यवस्था सरकारी स्तर पर किया जाना चाहिए। सिंचाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण धनरोपनी प्रभावित हो रही है। किसानों को ब्याज रहित कर्ज देने, फसल बीमा की राशि बढ़ाने, पुराने कर्ज माफ करने की दिशा में सरकार ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा कि चतरा संसदीय क्षेत्र के किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे। इस दिशा में प्रयासरत हैं। गौरतलब है कि श्री सुमन चतरा जिले की जनसमस्याओं के निदान के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से एक मिशन के तहत अभियान चला रहे हैं। लोगों के बीच राष्ट्र प्रेम की भावना जगाते हुए जय जवान- जय किसान का नारा सार्थक करने में जुटे हैं। उनके इस अभियान में कई संस्थान सहयोग कर रहे हैं। उनका मानना है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक मजबूत आधार कृषि है, किसानों की हालत में सुधार और कृषि आधारित उद्योगों के विकास से ही देश व राष्ट्र सशक्त हो सकता है।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (निरसन) विधेयक, 2017 संसद में पारित



नई दिल्ली। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (निरसन) विधेयक, 2017 आज राज्‍य सभा में पारित हो गया। केन्‍द्रीय सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गहलोत ने आज राज्‍य सभा में संविधान (123वां संशोधन) विधेयक, 2017 और लोकसभा द्वारा किए गए संशोधनों को पेश किया। इस संशोधन विधेयक से लोकसभा द्वारा पारित राष्‍ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग अधिनियम, 1993 निरस्‍त हो जाएगा।
यह विधेयक राज्‍य सभा द्वारा 31, जुलाई, 2017 को अपनी बैठक में एक संशोधन (धारा-3 के बिना) के साथ पारित किया गया था और इसे लोकसभा में उसकी सहमति के लिए प्रेषित किया गया था। लोकसभा ने 2 अगस्‍त, 2018 को अपनी बैठक में वैकल्पिक संशोधनों और आगे के संशोधनों के साथ विधेयक को पारित कर दिया था।

तिरंगा भेंट कर सम्मानित किया

 कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सांसद तिलकधारी सिंह एवं कांग्रेस के प्रदेश सचिव को रांची एक्सप्रेस कार्यालय में  तिरंगा भेंट कर सम्मानित करते समाजसेवी सुधांशु सुमन

सीपीआई ने किया बिहार सरकार का पुतला दहन


रांची। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की नगर अंचल इकाई ने बिहार सरकार का पुतला दहन कर 42 बालिकाओं के साथ गैंगरेप और उसके आरोपियों को बचाने संबंधी कार्रवाई का विरोध किया है। पुतला दहन से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं ने एक प्रतिरोध मार्च निकाला।
प्रतिरोध मार्च का नेतृत्व राज्य परिषद सदस्य अजय कुमार सिंह कर रहे थे। पुतला दहन के बाद सम्बोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि बिहार सरकार आरएसएस और भाजपा के इशारे पर महिलाओं के वजूद पर लगातार चोट कर रही है। जबकि पूरे देश में चल रही 'बेटी पढ़ाव, बेटी पढ़ाव' योजना का पोल खोल देती है। उन्होंने कहा कि देश में महिला सम्मान को खत्म करते हुए मनुस्मृति की व्यवस्था को फिर से स्थापित करने में जुटी है।
मार्च और पुतला दहन कार्यक्रम में सच्चिदानंद मिश्र, ललन मिश्र, उमेश नज़ीर, मेहुल मृगेंद्र, शिव जी सिंह, वीरेंद्र विश्वकर्मा, श्यामल चक्रवर्ती, मनोज ठाकुर, फरज़ाना फारूकी, प्रिया, हदीस अंसारी, अनिल कुमार सिंह विष्णु कुमार सहित कई लोग उपस्थित थे।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...