दिल्ली की तरह 24 घंटे बिजली की माँग के साथ आंदोलन की दी चेतावनी
रांची। आम आदमी पार्टी ने राँची सहित पूरे झारखंड प्रदेश में बिजली की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ मुख्यमंत्री का पुतला जलाया। प्रदेश मीडिया सह प्रभारी राजेश कुमार ने कहा कि आज राँची सहित पूरे झारखंड प्रदेश में बिजली की बदहाल व्यवस्था से त्राहिमाम मचा है।राँची सहित पूरे प्रदेश में लगातार पावर कट से जनता त्रस्त है।मुख्यमंत्री रघुवर दास ने वादा किया था कि मार्च 2018 तक पुरे राज्य में 24 घंटे बिजली मिलेगी, किन्तु सरकार इस क्षेत्र में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। 24 घंटे तो दूर आज कई जिलों में 12 घंटे बिजली के लिए भी जनता तरस रही है। यह पूरे झाररवंड प्रदेश को अंधकार युग में ले जाने की तैयारी है। एक ओर आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार जिसके पास ना तो खुद का कोयले का भंडार है अौर ना खुद बिजली उत्पन्न करता अौर इसके बावजूद दिल्ली में 24 घंटे तथा पुरे देश में सबसे सस्ता बिजली दे रही है। जबकि दूसरी ओर रघुवर दास के नेतृत्व में भाजपा शासित झारखंड सरकार है जिसके पास कोयले से पटा पड़ा अौर खुद बिजली उत्पन्न करने वाला झारखंड जैसा राज्य है फिर यहाँ कि जनता कि बिजली के लिए तरस रही है। बीते अप्रैल महीने में 98℅ तक बिजली का मूल्य बढ़ाया गया,जिसके अंतर्गत गाँवों में बिजली की दर 1.25 रूपये से बढ़ाकर 4.40 रूपये प्रति यूनिट अौर शहरी क्षेत्रों में 3.60 रुपये से बढ़ाकर 5.50 रूपये प्रति यूनिट किया गया। संसाधनों से परिपूर्ण झारखंड में दिल्ली से लगभग 4 गुणा मँहगा बिजली जनता को देकर जनता की गाढ़ी कमाई को लुटा जा रहा है। अधिक मूल्य होने के बाद भी बिजली आम जनता को ठिक से नहीं बल्कि उनसे छिनकर बड़े-बड़े उद्योगपतियों को सब्सिडी पर दिया जा रहा है।
उन्होनें आगे कहा कि फरवरी 2018 में हीं आम आदमी पार्टी ने प्रेस कांफ्रेस कर सबुत के साथ बताया था कि झाररवंड में एग्रीगेट टेक्निकल एवं कमर्शियल लॉस 40% है, जबकि आंध्र प्रदेश एवं गुजरात जैसे राज्यों में यह मात्र 10% है। आज रघुवर दास कह रहे कि इसमें कमी आयी है किन्तु वह इसका आधार नहीं बता रहे, क्योंकि वह सफेद झूठ बोल रहे हैं। उन्होने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनियों द्वारा जो बिजली चोरी कि जा रही है वह सरकार के सांठगाठ के बिना संभव नहीं है इसलिए मुख्यमंत्री इस पर कुछ नहीं बोल रहे।
आम आदमी पार्टी निम्नलिखित माँग करती है--
●पुरे राज्य में दिल्ली की तर्ज पर 24 घंटे सस्ता बिजली उपलब्ध करायी जाये।
●झुठे वादों के लिए मुख्यमंत्री जनता से माफि माँगे।
●दिल्ली के तर्ज पर झारखंड में भी बिजली कटने पर 50 रूपये प्रति घंटे जनता को मुआवजा देने के लिए विधानसभा में बिल पास कर कानून बनाया जाये।
●अगर सरकार जनता को 24 घंटे बिजली देने में असक्षम है तो मुख्यमंत्री अविलंब इस्तीफा दें।
इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रदेश संगठन सचीव परवेज सहजाद, लोकसभा संगठन प्रभारी राजन सिंह, हटिया विधानसभा प्रभारी जाबिर हुसैन, जेया मल्लिक, सिवेन्द्र कुमार, सचिन कुमार, राशिद जामिल, संजीव अंसारी, अरसीदूल, धनराज राऊत, दीपक, मिश्रा जी, सरवर अंसारी सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
रांची। आम आदमी पार्टी ने राँची सहित पूरे झारखंड प्रदेश में बिजली की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ मुख्यमंत्री का पुतला जलाया। प्रदेश मीडिया सह प्रभारी राजेश कुमार ने कहा कि आज राँची सहित पूरे झारखंड प्रदेश में बिजली की बदहाल व्यवस्था से त्राहिमाम मचा है।राँची सहित पूरे प्रदेश में लगातार पावर कट से जनता त्रस्त है।मुख्यमंत्री रघुवर दास ने वादा किया था कि मार्च 2018 तक पुरे राज्य में 24 घंटे बिजली मिलेगी, किन्तु सरकार इस क्षेत्र में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। 24 घंटे तो दूर आज कई जिलों में 12 घंटे बिजली के लिए भी जनता तरस रही है। यह पूरे झाररवंड प्रदेश को अंधकार युग में ले जाने की तैयारी है। एक ओर आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार जिसके पास ना तो खुद का कोयले का भंडार है अौर ना खुद बिजली उत्पन्न करता अौर इसके बावजूद दिल्ली में 24 घंटे तथा पुरे देश में सबसे सस्ता बिजली दे रही है। जबकि दूसरी ओर रघुवर दास के नेतृत्व में भाजपा शासित झारखंड सरकार है जिसके पास कोयले से पटा पड़ा अौर खुद बिजली उत्पन्न करने वाला झारखंड जैसा राज्य है फिर यहाँ कि जनता कि बिजली के लिए तरस रही है। बीते अप्रैल महीने में 98℅ तक बिजली का मूल्य बढ़ाया गया,जिसके अंतर्गत गाँवों में बिजली की दर 1.25 रूपये से बढ़ाकर 4.40 रूपये प्रति यूनिट अौर शहरी क्षेत्रों में 3.60 रुपये से बढ़ाकर 5.50 रूपये प्रति यूनिट किया गया। संसाधनों से परिपूर्ण झारखंड में दिल्ली से लगभग 4 गुणा मँहगा बिजली जनता को देकर जनता की गाढ़ी कमाई को लुटा जा रहा है। अधिक मूल्य होने के बाद भी बिजली आम जनता को ठिक से नहीं बल्कि उनसे छिनकर बड़े-बड़े उद्योगपतियों को सब्सिडी पर दिया जा रहा है।
उन्होनें आगे कहा कि फरवरी 2018 में हीं आम आदमी पार्टी ने प्रेस कांफ्रेस कर सबुत के साथ बताया था कि झाररवंड में एग्रीगेट टेक्निकल एवं कमर्शियल लॉस 40% है, जबकि आंध्र प्रदेश एवं गुजरात जैसे राज्यों में यह मात्र 10% है। आज रघुवर दास कह रहे कि इसमें कमी आयी है किन्तु वह इसका आधार नहीं बता रहे, क्योंकि वह सफेद झूठ बोल रहे हैं। उन्होने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनियों द्वारा जो बिजली चोरी कि जा रही है वह सरकार के सांठगाठ के बिना संभव नहीं है इसलिए मुख्यमंत्री इस पर कुछ नहीं बोल रहे।
आम आदमी पार्टी निम्नलिखित माँग करती है--
●पुरे राज्य में दिल्ली की तर्ज पर 24 घंटे सस्ता बिजली उपलब्ध करायी जाये।
●झुठे वादों के लिए मुख्यमंत्री जनता से माफि माँगे।
●दिल्ली के तर्ज पर झारखंड में भी बिजली कटने पर 50 रूपये प्रति घंटे जनता को मुआवजा देने के लिए विधानसभा में बिल पास कर कानून बनाया जाये।
●अगर सरकार जनता को 24 घंटे बिजली देने में असक्षम है तो मुख्यमंत्री अविलंब इस्तीफा दें।
इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रदेश संगठन सचीव परवेज सहजाद, लोकसभा संगठन प्रभारी राजन सिंह, हटिया विधानसभा प्रभारी जाबिर हुसैन, जेया मल्लिक, सिवेन्द्र कुमार, सचिन कुमार, राशिद जामिल, संजीव अंसारी, अरसीदूल, धनराज राऊत, दीपक, मिश्रा जी, सरवर अंसारी सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।




