रांची। क्रांतिकारी राष्ट्रीय संत मुनिश्री तरुण सागर जी महाराज के निधन पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने शोक व्यक्त किया है। श्री सहाय ने कहा कि उनके असामयिक निधन से न सिर्फ जैन समाज बल्कि संपूर्ण आध्यात्मिक जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है। मुनिश्री महाराज अपनी मधुर वाणी से भक्तों को ज्ञान की गंगा में गोते लगवाते थे। उनके अकस्मात गुजर जाने से अध्यात्म जगत में सूनापन आ गया है। समाज में संस्कारों की रक्षा के लिए सदैव प्रयासरत रहे। उन्होंने कहा कि कड़वे प्रवचनों के लिए विश्वविख्यात क्रांतिकारी संत के निधन से मर्माहत हैं। वे जीवन पर्यन्त जन जन को जगाने का काम करते रहे। उनके प्रवचन सकारात्मक जीवनशैली के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
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रविवार, 2 सितंबर 2018
अध्यात्म जगत में सूनापन आ गया : सुबोधकांत
रांची। क्रांतिकारी राष्ट्रीय संत मुनिश्री तरुण सागर जी महाराज के निधन पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने शोक व्यक्त किया है। श्री सहाय ने कहा कि उनके असामयिक निधन से न सिर्फ जैन समाज बल्कि संपूर्ण आध्यात्मिक जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है। मुनिश्री महाराज अपनी मधुर वाणी से भक्तों को ज्ञान की गंगा में गोते लगवाते थे। उनके अकस्मात गुजर जाने से अध्यात्म जगत में सूनापन आ गया है। समाज में संस्कारों की रक्षा के लिए सदैव प्रयासरत रहे। उन्होंने कहा कि कड़वे प्रवचनों के लिए विश्वविख्यात क्रांतिकारी संत के निधन से मर्माहत हैं। वे जीवन पर्यन्त जन जन को जगाने का काम करते रहे। उनके प्रवचन सकारात्मक जीवनशैली के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
शनिवार, 1 सितंबर 2018
मुख्यमंत्री की चीन यात्रा महज आई वाश : डॉ. मनोज
रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास की चीन यात्रा पर राजद प्रवक्ता डॉ.मनोज कुमार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा सरकार की दोहरी नीति का उदाहरण है चीन यात्रा। भारत के विरोध में चीन हमेशा काम करता रहा है। जिस चीन की डोकलाम पर गिद्ध दृष्टि है। भारत की जमीन पर नजर गड़ाए बैठा है। जो चीन पाकिस्तान का सबसे बड़ा हितैषी और संरक्षक है, वह भारत के साथ कभी मित्रवत व्यवहार नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता और उनके सहयोगी संगठन चीन के बने उत्पादों के बहिष्कार की अपील करते हैं। दूसरी तरफ आर्थिक विकास के नाम पर चीन के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशी निवेश के नाम पर दुनिया की सैर करते हुए चार साल गुजार दिए।इस बीच देश में एक भी निवेश नहीं ला सके। अब मुख्यमंत्रियों को विदेश यात्रा का अवसर देकर उनकी व्यतिगत इच्छा पूरी कर रहे हैं। देश के राजकोष पर बोझ पड़ता है तो पड़े। अर्थ व्यवस्था खराब हो तो हो। डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि मोदी सरकार को अर्थ व्यवस्था की कितनी समझ है यह नोटबंदी और जीएसटी लागू करने के तरीके से जाहिर हो चुका है। गरीबों के पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है। सरकार के मंत्री और अफसर मौज कर रहे हैं। जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अच्छी तरह जानती है कि चीन भारत का दुश्मन रहा है और रहेगा। सरकारी खजाने को लूटने और अपने पूंजीपति दोस्तों को लाभ देने के लिए भाजपा काम करती है। जनता आनेवाले चुनाव मे इसका करारा जवाब देगी।
रेलवे सफाई कर्मियों के समर्थन में उतरे सुबोधकांत
रांची। हटिया रेलवे सफाई कर्मचारी संध के द्वारा 4 दिन से लगातार धरने पे बैठे सभी सफाई कर्मचारियों के समर्थन में आये पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ।
ज्ञात हो कि लगातार 4 दिन से अपनी बुनियादी मुद्दों को लेकर सफाई कर्मचारी धरने पे बैठे है। अपनी मांगों को लेकर धरना जारी है।
मौके पर पहुँचे माननीय पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय जी ने फ़ोन पे डीआरएम को लगाई फटकार। कहा गरीब मजदूरों को उनक़ा हक़ देना होगा वरना कांग्रेस पार्टी चरणबद्ध आंदोलन करेगी। सहाय जी ने फटकार लगाते हुए कहा कि 24 घंटे में इसका परिणाम निकाले। सहाय जी आने से सभी सफाई कर्मचारियों में खुशी का माहौल था। कांग्रेस छात्र नेता इंदरजीत सिंह ने कहा कि कल और परसो सरकारी छुट्टी है, अगर 2 दिन में इसका हल नही निकाला गया तो मंगलवार को डीआरएम आफिस के मुख्य गेट पे ताला बंदी करेंगे। मौके पर मौजूद संध के अध्यक्ष सलीम खान ने कहा कि अगर 24 घंटे में जवाब नही आता तो मंगलवार को आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। सुबोधकांत सहाय जी ने वादा किया कि सभी कर्मचारियों को उनका हक दिला के रहेंगे, ये ठेकेदार और सरकारी अफसरों की दलाली बंद करवा के रहंगे। कांग्रेस नेता जगदीश साहू ने कहा जी जब तक मांगे पूरी नही की जाती धरना जारी रहेगा।मौके पर सलीम खान, जगदीस साहू, NSUI के इंदरजीत सिंह, आरुषि वंदना, आकाश कुमार, मोहमद आमिर, अब्दुल रबनावाज, अनिता देवी,रॉशन टोप्पो, स्टीफन लुइस, कलावती देवी, पप्पू डोंगरे, पुष्पा, आदि मौजूद थे।
ज्ञात हो कि लगातार 4 दिन से अपनी बुनियादी मुद्दों को लेकर सफाई कर्मचारी धरने पे बैठे है। अपनी मांगों को लेकर धरना जारी है।
मौके पर पहुँचे माननीय पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय जी ने फ़ोन पे डीआरएम को लगाई फटकार। कहा गरीब मजदूरों को उनक़ा हक़ देना होगा वरना कांग्रेस पार्टी चरणबद्ध आंदोलन करेगी। सहाय जी ने फटकार लगाते हुए कहा कि 24 घंटे में इसका परिणाम निकाले। सहाय जी आने से सभी सफाई कर्मचारियों में खुशी का माहौल था। कांग्रेस छात्र नेता इंदरजीत सिंह ने कहा कि कल और परसो सरकारी छुट्टी है, अगर 2 दिन में इसका हल नही निकाला गया तो मंगलवार को डीआरएम आफिस के मुख्य गेट पे ताला बंदी करेंगे। मौके पर मौजूद संध के अध्यक्ष सलीम खान ने कहा कि अगर 24 घंटे में जवाब नही आता तो मंगलवार को आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। सुबोधकांत सहाय जी ने वादा किया कि सभी कर्मचारियों को उनका हक दिला के रहेंगे, ये ठेकेदार और सरकारी अफसरों की दलाली बंद करवा के रहंगे। कांग्रेस नेता जगदीश साहू ने कहा जी जब तक मांगे पूरी नही की जाती धरना जारी रहेगा।मौके पर सलीम खान, जगदीस साहू, NSUI के इंदरजीत सिंह, आरुषि वंदना, आकाश कुमार, मोहमद आमिर, अब्दुल रबनावाज, अनिता देवी,रॉशन टोप्पो, स्टीफन लुइस, कलावती देवी, पप्पू डोंगरे, पुष्पा, आदि मौजूद थे।
81 की उम्र में 18 का जज्बा
अनुकरणीय है प्लीडर
कमिश्नर रमेश चंद्र सरकार का व्यक्तित्व
कुछ करने का जज्बा हो,
सोच हो तो उम्र मायने नहीं रखती। आमतौर पर 60 की आयु पार करने के बाद अधिकांश
रमेश सरकार ने
एमबीए, डिप्लोमा इंजीनियरिंग (विद्युत), एलएलबी के अलावा राजनीति शास्त्र तथा लेबर
एंड सोशल वेलफेयर विषय में एमए किया है। वे एचइसी में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे।
1991 में वीआरएस लेने के बाद हाई कोर्ट में वकालत शुरू की। वे सिविल के विशेषज्ञ
बने। एक अधिवक्ता के रूप में भी उन्होंने समाज सेवा का धर्म अपनाया। गरीबों का केस
वे मुफ्त लड़ते थे। बल्कि अक्सरहां अपनी जेब के पैसे भी उनपर खर्च कर डालते थे।
वकालत उनके लिए कभी भी कमाई का माध्यम नहीं रहा।
पढ़ने-लिखने में
इतनी दिलचस्पी है कि उनकी व्यक्तिगत लाइब्रेरी में हिन्दी, अंग्रेजी और बांग्ला भाषा की पुस्तकों का
विशाल भंडार है। इनमें कानून की किताबें तो हैं ही साहित्य और धर्म तथा अध्यात्म
की हजारों पुस्तकें शामिल हैं। उनके पास वेद, उपनिषद, ब्राह्मण, अरण्यक, स्मृति और
पुराणों से लेकर गीता, महाभारत और रामायण के लगभग तमाम संस्करण तीनों भाषाओं में
मौजूद हैं। शायद ही धर्मशास्त्र की कोई पुस्तक हो जो उनके पास नहीं हो। फुर्सत के
समय वे इनके अध्ययन में लीन हो जाते हैं। अध्यात्म के प्रति अपने लगाव के कारण वे
रामकृष्ण मिशन, योगदा सत्संग और चिन्मया मिशन से जुड़े रहे हैं। वे सामाजिक संस्था
अपंजन बंगाली मिशन के अध्यक्ष हैं। सके कार्यक्रमों में नियमित भागीदारी करते हैं।
वे अपने दो पुत्रों और एक पुत्री को पढ़ा-लिखाकर उच्च पदों पर आसीन करा चुके हैं।
पत्नी के देहांत के बीस वर्ष गुजर चुके हैं। उन्होंने अपने परिवार, समाज, धर्म और
पेशागत दायित्यों का कुशलता पूर्वक निर्वहन किया है। उनकी जीवन शैली किसी भी आयु
के व्यक्ति के लिए, किसी भी समाज के लिए अनुकरणीय है।
उम्र के इस पड़ाव पर
आकर अब वे अपने संचित ज्ञान और अनुभव का लाभ नई पीढ़ी को प्रदान करने का प्रयास कर
रहे हैं। उनके जूनियर भी उनके मार्गदर्शन में उन्हीं की तरह कुशलता से अपना कार्य
करते हुए बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
शुक्रवार, 31 अगस्त 2018
केरल में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पहुंचाई राहत
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा हाल के भारी बाढ़ के बाद केरल में सहायता करने के लिए राहत के कई उपाय आरंभ किए गए हैं-
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चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन का घोषणा पत्र
| काठमांडू, नेपाल (30-31 अगस्त, 2018) शांतिपूर्ण, समृद्ध और स्थिर ‘बंगाल की खाड़ी क्षेत्र’ का लक्ष्य |
| हम सभी, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री, भूटान के मुख्य सलाहकार, भारत के प्रधानमंत्री, म्यांमार के राष्ट्रपति, नेपाल के प्रधानमंत्री, श्रीलंका के राष्ट्रपति और थाईलैंड के प्रधानमंत्री 30-31 अगस्त, 2018 को बिम्सटेक के चौथे शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए काठमांडू में मिले; और 1997 के बैंकांक घोषणा पत्र में शामिल किए गए बिम्सटेक के उद्देश्यों और सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई; म्यांमा के ने पी तॉ में 4 मार्च, 2014 को आयोजित तीसरे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन तथा 16 अक्टूबर, 2016 को गोवा में बिम्सटेक नेताओं द्वारा जारी दस्तावेज के अनुरूप अपने सामूहिक प्रयासों के जरिए एक शांतिपूर्ण, समृद्ध और स्थिर बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के निर्माण के लिए भी अपनी वचनबद्धता फिर से व्यक्त की। हम सभी इस बात से आश्वस्त हुए कि हमारे भौगोलिक संबंध,प्रचुर मात्रा में उपलब्ध प्राकृतिक और मानव संसाधन,समृद्ध ऐतिहासिक संबंध और सांस्कृतिक विरासत चिन्हित प्रमुख क्षेत्रों में परस्पर गहरे क्षेत्रीय सहयोग के लिए बड़ी संभावनाएं उपलब्ध कराती हैं; हमने विकास के रास्ते में गरीबी उन्मूलन को सबसे बड़ी क्षेत्रीय चुनौती स्वीकार करते हुए 2030 के सतत विकास एजेंडे की दिशा में मिलकर काम करने के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता व्यक्त की। हमने यह भी माना कि बिम्सटेक के सदस्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं और समाजों में अंतर-संबंध और अंतर-निर्भरता क्षेत्रीय सहयोग के लिए अपार संभावनाएं उपलब्ध कराएंगी; हमने अपने क्षेत्र में संपर्क फ्रेमवर्क में सामंजस्य को प्रोत्साहित करने में बहुआयामी संपर्क के महत्व को साझा, स्मृद्धि और आर्थिक एकीकरण के लिए एक प्रमुख उत्साही घटक के रूप में स्वीकार किया; क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देने के लिए हमने व्यापार और निवेश को एक प्रमुख कारक के रूप में स्वीकार किया; क्षेत्र के कम विकसित और बिना समुद्री सीमाओं वाले विकासशील देशों की विशेष आवश्यकताओं और परिस्थितियों को पहचानने तथा उनकी विकास प्रक्रिया को सार्थक समर्थन प्रदान करने की जरूरतों को रेखांकित किया; हमने आतंकवाद और अंतर्राष्ट्रीय संगठित अपराधों को बिम्सटेक देशों सहित अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा मानते हुए इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद और अंतर्राष्ट्रीय संगठित अपराधों का मुकाबला करने के लिए सदस्य देशों की सक्रिय भागीदारी तथा निरंतर प्रयास और सहयोग के साथ ही एक व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता है; हमने सार्थक सहयोग और गहरे सामूहिक प्रयासों से एक शांतिपूर्ण, समृद्ध और स्थिर बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के लिए बिम्सटेक को एक प्रभावी और परिणामोन्मुखी क्षेत्रीय संगठन बनाने के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई; एक निष्पक्ष, नियम-आधारित, न्यायसंगत और पारदर्शी अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया और संयुक्त राष्ट्र के साथ बहुपक्षवाद तथा नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली पर फिर से विश्वास व्यक्त किया; बिम्सटेक के तहत क्षेत्रीय सहयोग प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए एक मजबूत संस्थागत व्यवस्था की आवश्यकता के महत्व को रेखांकित किया; शिखर सम्मेलन के निर्णयों के बारे भूटान के अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहार की भागीदारी और सहमति देश की अगली निवार्चित सरकार द्वारा अनुमोदित किए जाएंगे; हम संकल्प लेते हैं कि:-
चौथे बिम्सटेक शिखर घोषणापत्र का संलग्नक क्षेत्रवार समीक्षा निर्धनता उन्मूलन
परिवहन एवं संचार (संपर्क)
व्यापार एवं निवेश
आतंकवाद का मुकाबला एवं पार-देशी अपराध
पर्यावरण एवं आपदा प्रबंधन
ऊर्जा 15. इस क्षेत्र में ऊर्जा के संसाधनों, विशेषकर के नवीकरणीय एवं स्वच्छ ऊर्जा के स्रोतों, की उच्च संभावनाओं की पहचान करते हैं और इस क्षेत्र में एक दूसरे के साथ घनिष्ठता से काम कर ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिये एक व्यापक योजना तैयार करने के लिये अपने प्रयासों को तीव्र बनाने पर सहमत होते हैं और पन-बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा के अन्य स्रोतों सहित ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिये विशेषज्ञों के एक अंतर-सरकारी दल के गठन का निर्णय लेते हैं।
प्रौद्योगिकी
मत्स्य पालन
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पीएम मोदी ने काठमांडू में किया पशुपतिनाथ धर्मशाला का उदघाटन
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