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बुधवार, 5 सितंबर 2018

डीआईजी पंकज कम्बोज को तिरंगा व पौधा देकर किया सम्मानित



तिरंगा सम्मान यात्रा एक सराहणीय कदम : पंकज कम्बोज

हजारीबाग। रे ग्राम सेवा फाउंडेशन व तिरंगा सम्मान यात्रा के सूत्रधार व समाजसेवी सुधांशु सुमन "एक हाथ में पौधा दूजे हाथ मे तिरंगा"  ,जय जवान जय किसान के संकल्प को चरितार्थ करने के लिए हज़ारीबाग के डी आई जी श्री पंकज कम्बोज को सुधांशु सुमन ने एक तिरंगा और पौधा भेंट कर सम्मानित किया ,मुलाकात के मौके पर श्री कम्बोज ने कहा तिरंगा सम्मना यात्रा एक बड़ा अभियान है जो की सामाजिक समरस्ता, लोगो मे जागृति लायेगी, उन्होंने कहा की तिरंगा यात्रा के साथ पौधा रोपण देश के जवानों और किसानों के एक साथ जोड़ेगा ,हर भारतीय को  एक - एक पौधा लगाना चाहिये । जिससे कि पर्यावरण को सुरक्षित कर सके । मौके पर समाजसेवी सुधांशु सुमन ने कहा कि रे ग्राम सेवा फॉउंडेशन राज्य के सभी सरकारी ,गैर सरकारी दफ्तरों में एक तिरंगा एक पौधा देकर संकल्प को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे है। इस मौके पर श्री सुमन ने बताया कि यह यात्रा हमारे देश की अखंडता को एक सूत्र में बांधने के लिए चलाया जा रहा है। अब तक चतरा के 1476 गांवों के अलावा स्कूल-कॉलेज, कोचिंग सेंटर, प्रशासनिक भवन सहित कई स्थानों पर लोगों को पौधा व तिरंगा भेंट कर तिरंगा यात्रा निकाला जा चुका है। वहीं हजारीबाग, चतरा, लातेहार, पलामू के मूलभूत आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह राष्ट्र निर्माण के पुनित कार्य के लिए चलाया जा रहा है। साथ ही गांव-गांव में जाकर मेडिकल कैंप के माध्यम से ग्रामीणों का मुफ्त जांच कर उन्हें दवा दी जा रही है। इस दौरान श्री कम्बोज ने कहा कि यह कार्य वास्तव में कठिन के साथ काफी सराहणीय है और इस पुनित कार्य के लिए वह बधाई के पात्र है। इस मौके पर अर्जुन सोनी, सागर कुमार, अमन अग्रवाल , अनुज सिन्हा आदि उपस्थित थे।

मंगलवार, 4 सितंबर 2018

रांची में अनंत लक्ष्मी साधना शिविर की तैयारियां जोरों पर



*निखिल शिष्यों का समागम 22 से

रांची।  निखिल मंत्र विज्ञान, दिल्ली एवं अन्तर्राष्ट्रीय सिद्धाश्रम साधक परिवार, जोधपुर के तत्वावधान में आगामी 22 एवं 23 सितम्बर को झारखंड की राजधानी रांची स्थित हरमू मैदान में आयोजित दो-दिवसीय अनंत लक्ष्मी साधना शिविर की तैयारी जोरों पर चल रही है। सद्गुरुदेव परमहंस स्वामी निखिलेश्वरानंद जी एवं वंदनीया माता भगवती की दिव्य छत्रछाया में आयोजित होने वाले इस शिविर में पूज्य गुरुदेव नंदकिशोर श्रीमाली  झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा सहित अन्य प्रदेशों से आने वाले हजारों साधकों व शिष्यों को गुरु-दीक्षा के साथ-साथ मानव-जीवन की पूर्णता के लिए अनेक प्रकार की शक्तिपात दीक्षाएं प्रदान करेंगे। इसके अलावा शिविर में भगवान अनंत श्री विष्णु एवं महालक्ष्मी के साथ-साथ दैवीय-कृपा प्राप्ति हेतु विभिन्न प्रकार की साधनाएं व प्रयोग सम्पन्न होंगे। शिविर की सफलता के लिए निखिल मंत्र विज्ञान एवं सिद्धाश्रम साधक परिवार के कार्यकर्ता राज्य के सभी जिलों में सघन कार्यक्रम चला रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को स्थानीय होटल एकाॅर्ड में झारखंड के विभिन्न जिलों से आये कार्यकर्ताओं की एक अहम बैठक हुई, जिसमें सभी ने एक स्वर से उक्त शिविर को ऐतिहासिक एवं भव्यतम बनाने का संकल्प लिया। साथ ही शिविर में झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा सहित अन्य प्रदेशों से आने वाले हजारों साधकों व शिष्यों के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कराने पर अपने विचार व्यक्त किये। बैठक में कैलाश सिंह, विजय कुमार शर्मा, परमेश्वर चैधरी, एन. के. दुबे, मन¨ज कुमार गुप्ता, राजेश मिश्रा, विनोद कुमार, वाई. एम.मूर्ति, अभय कुमार वर्मा, विजय कुमार झा, भगवान दास, अमृत दिगार, महावीर यादव, पोबीर बाउरी, जगदीश प्रसाद, कालेश्वर मिस्त्री, रामेश्वर प्रसाद, रामेश्वर बाघेल, अनिल पाण्डेय, बालेश्वर सिंह, अरुण पाण्डे, प्रदीप घोष, विजय कुमार साह, रामकेश चैधरी, संजीव सुमन, संजीव कुमार, कमल कुमार पांडेय, एल. एन. मिश्रा, योगेन्द्र कुमार सिंह सहित अन्य उपस्थित थे। यह जानकारी मीडिया प्रभारी विजय कुमार झा ने दी।

कालाबाजारी फिल्म का मुहूरत

हिमालया आर्ट कृत  द्वारा  फिल्म कालाबाजारी का अंत का शुभ मुहूर्त  होटल पार्क स्ट्रीट में किया गया । इस फ़िल्म शुभ मुहूर्त में मुख्य अतिथि आशा लकड़ा महापौर, संजीव विजय वर्गीय पदम्  मुकुंद नायक  वरिष्ठ  पत्रकार हरि नारायण सिंह , प्रणव कुमार बब्बू ,आशुतोष द्विवेदी, राजीव रंजन ,रंजीत बिहारी, गायिका मृणाली अखोरी जबकि इस फिल्म के  निर्माता व लेखक   संजय कुमार अंबस्टा, निर्देशक ,विवेक कुमार चौहान कथा पटकथा राजीव रंजन सिंह कैमरामैन अकरम खान आर्ट निर्देशक दिलेश्वर लोहार, तिलेश्वर लोहरा, प्रोडक्शन कंट्रोलर धर्मेंद्र धर्म  ओर सोनू जबकि मुख्य कलाकार अमित शर्मा ,अम्बर बेदी ,कुमकुम गौर ,झरना चक्रवती ,दिव्या सिंह ,संजय अंबस्था,  हैरी जोश इरफान खान ,विनय अंभस्था तथा इस फिल्म के पीआरओ संजय पुजारी जी है।

सभी समुदायों के बीच लोकप्रिय थे गामा सिंह : सुबोधकांत सहाय




रांची । पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय ने भाजपा नेता गामा सिंह के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त किया है। श्री सहाय  मंगलवार को स्व. गामा सिंह के आवास पर जाकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया। शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि स्व. गामा सिंह भले ही एक राजनीतिक दल से जुड़े थे, लेकिन उनकी पहचान एक समाजसेवी की रही। सामाजिक मुद्दों पर दलगत राजनीति से उठकर सभी समुदायों और सभी दलों के साथ मिलकर काम करना उनकी विशेषता थी। उनके अकस्मात निधन से सामाजिक क्षति हुई है। श्री सहाय ने उनके आवास पर जाकर शोक संतप्त परिजनों से मिलकर ढाढस बंधाया। ईश्वर से दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए कामना की।

अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग खिलाड़ी को सम्मानित किया

रांची। सामाजिक संस्था शारदा फॉउन्डेशन ने कांके रोड स्थित डी ए वी गांधीनगर स्कूल में अंतराष्ट्रीय दिव्यांग खिलाड़ी सह भारतीय डिसेबल्ड टीम के कप्तान मुकेश कंचन को  स्कूल के प्राचार्य एस के सिन्हा ,समाजसेवी राजीव रंजन,आशुतोष द्विवेदी ने संयुक्त रूप से सॉल ओर बुके देकर संम्मानित किया । अभी हाल में ही भारत ओर श्रीलंका के बीच कोलंबो में दिनांक 23 08 2018 से लेकर 25 08 2018 तक ओयोजित दिव्यांगजन क्रिकेट मैच खेला गया था जिसमें भारत ने श्रीलंका को 21 रनों से हराकर जीत हासिल की थी।इस अवसर पर झारखंड के यह एकमात्र खिलाड़ी है जो इस टीम के सदस्य मुकेश कंचन ने भारतीय टीम को प्रतिनिधित्व कर बहेतर प्रदर्शन किया ओर इस सीरीज को अपने नाम किया।भारत पहले भी सारे अंतराष्ट्रीय टूर्नामेंट जीत चुकी है।मुकेश कंचन की कप्तानी में अभी फरवरी में नेपाल की टीम को 30 रनों से हराया था। यतीम एशियन चैंपियन भी रह चुकी मुकेश कंचन तीन मैचों की श्रृंखला में भारत ने 02 मैच अपने नाम किया।2002 से द्विव्यंगजंन क्रिकेट खेल रहे हैं ओर सारे नेशनल खेलने के बाद 2013 में पहली बार भारतीय दिव्यंगजंन क्रिकेट टीम में शामिल होते रहे मुकेश अभी तक सारे राष्ट्रीय एवं अंतरास्ट्रीय मैच में बांग्लादेश,नेपाल,पाकिस्तान,मलेशिया,सिंगापुर,थाईलैंड में खेलकर अपना नाम ओर झारखंड का नाम पूरे दुनिया में रोशन किया है।इस अवसर पर मुकेश ने कहा की आत्मविश्वास से बड़ा  इंसान का कोई दोस्त नही है।अगर हम अपने अंदर सही तरीके से आत्मविश्वास रखें तो दुनिया की कोई भी चीज़ हाशिल कर सकते है। इस अवसर पर खेल प्रशिक्षक गोविन्द झा,कृष्णा प्रशाद,अजय झा,संजय पुजारी,नीलकमल झा ,समेत अन्य शिक्षक एवं छात्र छात्रएं उपस्थित थे ।ये जानकारी खेल प्रशिक्षेक गोविन्द झा ने दी।

आजादी के 69 साल बाद चौथा में बिजली आयी : सुधांशु सुमन



पूर्वी सिमरिया के सैकड़ों  गांव में दुर्गा पूजा के पहले बिजली आएगी 


सिमरिया। रे ग्राम सेवा फाउंडेशन पिछले तीन वर्षों से चतरा के जमी पे अनवरत बुनियादी सुविधाओं पे काम कर रही है जिनमे सड़क,बिजली,पानी,स्वास्थ्य,शिक्षा प्रमुख आता है। एनटीपीसी जैसे बड़े ऊंचा संस्थान आम्रपाली मगध जैसे कोल परियोजना आने के बाबजूद यहां मूलभूत आवश्यकताओं का घोर अभाव रहा है उक्त बातें प्रसिद्ध समाजसेवी सुधांशु सुमन ने एदला पंचायत के चौथा गांव के सैकड़ो ग्रामीण के बीच कही।
चौथा गांव में 69 वर्ष में बिजली आने की खुशी में श्री सुमन ने ग्रामीणों से कहा कि जनता हमारी शक्ति है जिसका संचार ऊर्जा के रूप में  हमारी कार्मा होती है । तीन महीनों के अथक प्रयास के बाद बिजली चौथा गांव में पहुची श्री सुमन ने कहा कि पूर्वी सिमरिया के चौथा गांव में बिजली आना चतरा के लिये सुभ संकेत है और इस प्रकार पूर्वी सिमरिया के चौपे,इचाक,पिरि और हुरणाली पंचायत के दर्जनों गांवो में बिजली सितम्बर माह के अंत एवं अक्टूबर दुर्गा पूजा तक आना सुनिश्चित हुआ है।
चौथा गांव के निवासी अल्पसंख्यक,हरिजन समुदाय के लोगो ने भारी बारिश में भी समाजसेवी सुधांशु सुमन को फूल माला पहनाकर भव्य स्वागत किया । साथ-साथ सभी समाजसेवी सुधांशु सुमन के साथ सभी ग्रामीण तिरंगा सम्मान यात्रा निकाले और जय जवान, जय किसान के नारों से गूँजयवान हुआ गांव ऐसा प्रतीत हो रहा था कि दीवाली का त्योहार है सभी लोग आपस मे मिठाइयां बाट रहे थे स्वागत के मौके मुजाहिर हसन,गुलाम हसन,मुस्तफा अंसारी,मो एहसान समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने कहा की चौथा को बिजलीमय करने में समाजसेवी सुधांशु सुमन की एक बड़ी योगदान रहा जिन्होंने जनता के सामने बिजली अधीक्षन अभियंता एवं महाप्रबंधक को जनता के आवाज और भावना बनकर गांधीवादी तरीके के काम करवाया और 69 वर्ष के बाद चौथा में बिजली आयी। मो मुतिम ने कहा कि सुधांशु सुमन चतरा के विकास कर रहे है जिनके माध्यम से चतरा के बुनियादी आवश्यक्ताओ की पूर्ति होगी।
इस कार्यक्रम में मीडिया प्रभारी अमन अग्रवाल,मो० हसिम,मो० शमिम,मो० वसिर,मो० याकूब,मो० वसीम,मो० क़ुर्बान,मो० नसीम,मो० ख़ुर्शीद,मो०अमजद,दसरथ यादव,ग़ुलाम मुस्तफ़ा,अनिशुर रहमान,इदरिश मियाँ,मो० अफ़ज़ल, शमिम अंसारी,शेरू निशा,पवन आनन्द,बाबूलाल गंझु समेत सैकड़ों ग्रामीण शामिल थे।

रविवार, 2 सितंबर 2018

नीति निर्माताओं के लिए आचार संहिता बनाएं राजनीतिक दलः उपराष्ट्रपति

संसाधन आवंटन में किसानों को प्राथमिकता देने की अपील
वेंकैया जी ने की थी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की शुरुआतः मोदी
राज्यसभा के सर्वश्रेष्ठ संचालकः देवगौड़ा
विशाल राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव
एक प्रेरक व्यक्तित्वः सुमित्रा महाजन

ऩई दिल्ली। उपराष्ट्रपति एवं राज्य सभा अध्यक्ष एम वेंकैया नायडु ने आज सभी राजनीतिक दलों से नीति निर्माताओं के लिए सदन के भीतर एवं सदन के बाहर एक आचार संहिता का निर्माण करने को कहा जिससे कि संसदीय संस्थानों के प्रति लोगों के विश्वास को बहाल किया जा सके और व्यवस्थापिका का सुचारु कामकाज हो सके। उन्होंने राजनीतिक दलों से राष्ट्रीय महत्व के मुद्वों पर राजनीतिक विचारधाराओं से आगे बढ़ कर एक साथ आने की भी अपील की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज यहां उपराष्ट्रपति पद पर एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर पुस्तक-मूविंग ऑन, मूविंग फॉरवर्ड-एक ईयर इन ऑफिस‘ का विमोचन करने के बाद एम वेंकैया नायडु ने देश में विधायकों की कार्यप्रणाली के बारे में चिंता जताई। श्री एम वेंकैया नायडु ने पुस्तक को वर्ष भर के दौरान उनके मिशन एवं इसके परिणामों को लेकर लोगों के प्रति इसे एक रिपोर्ट बताया क्योंकि वह पिछले वर्ष 11 अगस्त को उपराष्ट्रपति पद पर आसीन हुए थे।
इस पर जोर देते हुए कि कृषि देश की मूलभूत संस्कृति है, एम वेंकैया नायडु ने संसाधन आवंटन में किसानों को प्राथमिकता देने की अपील की जिससे कि उन्हें लाभदायक कृषि एवं एक मजबूत खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्री नायडु की एक ऐसे व्यक्ति के रूप में व्याख्या की जो ‘ आम आदमियों के जीवन में सुधार लाने के लक्ष्य के साथ समग्र विजन द्वारा प्रेरित‘ है। प्रधानमंत्री ने स्मरण किया, जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी श्री एम वेंकैया नायडु को अपने मंत्रिमंडल में शामिल करना चाहते थे, तब श्री नायडु ने ग्रामीण विकास मंत्रालय का पोर्टफोलियो दिए जाने का आग्रह किया था। श्री मोदी ने नोट किया कि श्री नायडु द्वारा आरंभ प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) ग्रामीण सड़कों के महत्व को देखते हुए सांसदों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ था।
श्री नायडु के 50 वर्ष के सार्वजनिक जीवन को उल्लेखित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री नायडु ने उन्हें दी गई किसी भी जिम्मेदारी का निर्वहन करने के लिए अनुशासन, प्रतिबद्धता और भावना के उच्च मानकों को स्थापित किया है और यही श्री नायडु की सफलता का राज है।
श्री मोदी ने यह भी कहा कि जहां कई लोग श्री नायडु की उनकी ऊर्जा एवं जीवंतता के लिए सराहना करते हैं, वहीं वह खुद यह देख कर आश्चर्यचकित थे कि किस प्रकार श्री नायडु राज्य सभा का संचालन करने के दौरान खुद पर नियंत्रण रखते हैं। श्री नायडु की समयबद्धता और अनुशासन का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि जब कभी उन्हें श्री नायडु के साथ यात्रा करनी होती थी तो वह सावधान हो जाया करते थे। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि श्री नायडु ने लंबे सार्वजनिक जीवन के दौरान काफी सीखा और दूसरों को भी सिखाया।
पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा ने इस अवसर पर कहा कि श्री नायडु सदन के सभी वर्गों के हितों की सुरक्षा करते हुए राज्य सभा के संचालन में सर्वश्रेष्ठ तरीके से काम कर रहे हैं।
अन्य पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि, ‘ श्री नायडु के पास विशाल राजनीतिक एवं प्रशासनिक अनुभव है और उनके कार्यकाल के एक वर्ष पूरे होने पर यह भली भांति प्रदर्शित हुआ है।‘
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि श्री नायडु के कार्यकाल के प्रथम वर्ष पर पुस्तक एक वृतांत है कि किस प्रकार साधारण वर्ग का कोई व्यक्ति इतनी ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है और प्रभावी नेतृत्व दे सकता है।
वित मंत्री अरुण जेटली ने श्री नायडु के साथ अपने 45 वर्ष पुराने संबंध का स्मरण करते हुए कहा कि, ‘ श्री नायडु के साथ सबसे विशिष्ट बात यह है कि वह बिना एक दिन का भी विश्राम किए साल के 365 दिन 24 घंटे कार्य करने वाले व्यक्ति हैं और किसानों के प्रति बहुत अधिक प्रतिबद्ध हैं।‘
राज्य सभा में कांग्रेस के उप नेता श्री आनंद शर्मा भी पुस्तक के विमोचन के अवसर पर मंच पर उपस्थित थे। इस अवसर पर अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।           




स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...