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बुधवार, 14 नवंबर 2018

झारखंड के विकास में पुलिस की भूमिका सराहनीयः रघुवर दास




रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने झारखंड के सर्वांगीण विकास में पुलिस की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि राज्य में स्थिर सरकार बनने के बाद प्रत्येक सेक्टर में निरंतर विकास हो रहा है। पुलिस और आम जनता के सहयोग के कारण राज्य भ्रष्टाचारमुक्त, उग्रवादमुक्त, अपराधमुक्त की दिशा में अग्रसर हो सका है। पिछले 4 वर्षों में झारखंड से 80 प्रतिशत उग्रवाद का खात्मा किया जा चुका है। पूर्ण विश्वास है कि शेष 20 प्रतिशत उग्रवाद को भी झारखंड पुलिस उखाड़ फेंकेगी। पुलिस कर्मियों का अथक प्रयास का ही परिणाम है कि आज झारखंड को तीव्र गति से विकास करने वाले राज्यों की श्रेणी में लाकर खड़ा करने में सफल हो पाए हैं। पर्व, त्योहारों एवं विपरीत परिस्थितियों में भी पुलिसकर्मी बिना कोई छुट्टी लगातार आम जनता की सुरक्षा एवं विधि व्यवस्था के संधारण के लिए कर्तव्य स्थल पर तैनात रहते हैं। राज्य सरकार द्वारा पूर्व में यह घोषणा किया गया था कि झारखंड में पुलिसकर्मियों को हर वर्ष 13 माह का वेतन दिया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा किया गया यह वादा जरूर पूरा होगा। 13 महीने वेतन निर्धारण की प्रक्रिया प्रगति पर है आने वाले नए वर्ष में पुलिसकर्मियों को यह खुशखबरी मिलने की संभावना है। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने झारखंड स्थापना दिवस के अवसर पर जैप वन ग्राउंड डोरंडा में आयोजित 18वें झारखंड स्थापना दिवस परेड एवं अलंकरण समारोह 2018 को संबोधित करते हुए कहीं.
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि सरकार बनने के बाद आम जनता के सुरक्षा एवं विधि व्यवस्था के संधारण हेतु राज्य में 15 हजार पुलिस कर्मियों की नियुक्ति की गई है। राज्य में अपराध मुक्त व्यवस्था लागू करना सरकार की प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान आधारित युग में पुलिस को भी तकनीकी का पूरा उपयोग करना चाहिए। राज्य एवं देश में साइबर क्राइम चुनौती के तौर पर उभर रहा है। साइबर क्राइम जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न चिन्हित जगहों पर साइबर थाना भी बनाया गया है। साइबर क्राइम को आधुनिक तकनीक अपनाकर ही खत्म किया जा सकेगा। पुलिस विभाग अपने मानव संसाधन को दक्षता आयुक्त बनाएं ताकि वे साइबर क्राइम का मुंहतोड़ जवाब दे सकेंगे। मुख्यमंत्री कहा कि शहर में अमन चैन रहे इस हेतु सभी चिन्हित चौक चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शहीद हुए पुलिसकर्मियों के वैसे परिवार अथवा आश्रितों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिया जाएगा जो आवासहीन हैं। महिला पुलिसकर्मी एवं पुरुष पुलिसकर्मियों के आवासन एवं अन्य सुविधा हेतु अलग अलग बैरक का निर्माण कराया जा रहा है। महिला पुलिस कर्मियों के लिए आवासन के लिए कुल 28 स्थानों में महिला बैरक का निर्माण कराया जा चुका है।
मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा अलंकरण दिवस 2018 के अवसर पर झारखंड पुलिस के कुल 102 पदाधिकारियों/ कर्मियों को विभिन्न पुरस्कारों से नवाजा गया। इन पुरस्कारों में विशिष्ट सेवा के लिए 2 पदाधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक, वीरता के लिए कुल 8 पदाधिकारी/आरक्षी कर्मियों को पुलिस पदक, सराहनीय सेवा के लिए कुल 28 पदाधिकारी/आरक्षी कर्मियों को पुलिस पदक सहित विशिष्ट सेवा के लिए झारखंड राज्यपाल पदक हेतु एक पदाधिकारी, वीरता के लिए कुल 35 पदाधिकारी/आरक्षीकर्मियों को झारखंड मुख्यमंत्री पदक तथा सराहनीय सेवा के लिए कुल 20 पदाधिकारी/आरक्षीकर्मियों को झारखंड पुलिस पदक दिया गया. अलंकरण समारोह के दौरान संबंधित पुलिस पदाधिकारी एवं आरक्षीकर्मी शामिल थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी नौकरी में सम्मान प्राप्त करना बहुमूल्य क्षण होता है। आज का दिन बहुत ही यादगार दिन है कि आप अपने कर्तव्य निष्ठा से इस बहुमूल्य क्षण का सौभाग्य प्राप्त कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने इस अवसर पर वीरगति प्राप्त हुए कुल 7 शहीदों के परिजनों को 25-25 हजार रुपए की राशि का चेक, शाल देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि मैं नमन करता हूं उन माताओं बहनों को जिन्होंने अपना बेटा अपना पति को राज्य एवं देश की रक्षा के क्रम में खोया है। उन्होंने शहीदों के परिवार एवं आश्रितों को भरोसा दिया कि रघुवर का ये दास हर सुख दुख में आपके साथ सदैव खड़ा रहेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने जैप वन ग्राउंड डोरंडा परिसर में स्पोर्ट्स कंपलेक्स का भी उद्घाटन किया।
गृह विभाग के प्रधान सचिव श्री एस के जी रहाटे एवं डीजीपी श्री डीके पांडे ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित किया।
इस अवसर पर राज्य के मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, डीजी होमगार्ड श्री बी बी प्रधान, डीजी जैप श्री नीरज सिन्हा, डीजी मुख्यालय श्री पी आर के नायडू, पुलिस पदक से सम्मानित सभी वरीय एवं कनीय पुलिस पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, शहीद पुलिसकर्मियों के परिजन एवं परेड में शामिल महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मी सहित अन्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मंगलवार, 13 नवंबर 2018

प्रथम छमाही में नाल्‍को का शुद्ध लाभ तीन गुना बढ़ा


 परिचालन मुनाफे में चार गुना बढ़ोतरी
  
नई दिल्ली। खान मंत्रालय के अधीनस्‍थ एक नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (पीएसयू) नेशनल अल्‍युमिनियम कंपनी (नाल्‍को) ने एक बार फिर वित्तीय मोर्चे पर दमदार प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2018-19 की प्रथम छमाही में कंपनी ने 5,952 करोड़ रुपये का कारोबार किया है जो वित्त वर्ष 2017-18 की प्रथम छमाही में किए गए कारोबार (टर्नओवर) की तुलना में 42 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2018-19 की प्रथम छमाही में 229 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी दर्शाते हुए 1197 करोड़ रुपये के स्‍तर पर पहुंच गया हैजबकि पिछले वित्त वर्ष (2017-18) की प्रथम छमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 364 करोड़ रुपये आंका गया था।
चालू वित्त वर्ष की प्रथम छमाही में जहां एक ओर नाल्‍को का शुद्ध मुनाफा लगभग तीन गुना बढ़ गया हैवहीं दूसरी ओर कंपनी का परिचालन मुनाफा पिछले वित्त वर्ष की प्रथम छमाही में अर्जि‍त 334 करोड़ रुपये की तुलना में इस दौरान चार गुना से भी अधिक बढ़कर 1624 करोड़ रुपये के स्‍तर को छू गया है। कंपनी का ईबीआईटीडीए (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और कर्ज अदायगी पूर्व कमाई) मार्जि‍न 17 प्रतिशत से दोगुना होकर 34 प्रतिशत के स्‍तर पर पहुंच गया है।
आज भुवनेश्‍वर में आयोजित कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक में वित्त वर्ष 2018-19 की दूसरी ति‍माही और प्रथम छमाही के वित्तीय परिणामों की समीक्षा की गई। नाल्‍को ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 510 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है, जो पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में अर्जि‍त किए गए 235 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी का परिचालन मुनाफा 229 प्रतिशत बढ़कर 735 करोड़ रुपये के स्‍तर को छू गया है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में अ‍र्जि‍त 223 करोड़ रुपये के परिचालन मुनाफे की तुलना में 229 प्रतिशत ज्‍यादा है।
अमेरिका के व्‍यापार प्रतिबंधों, इत्‍यादि के कारण अल्‍युमिना और अल्‍युमिनियम के बाजारों में तेज उतार-चढ़ाव रहने के बावजूद नाल्‍को नए कारोबारी मॉडल की बदौलत अपने प्रदर्शन में उल्‍लेखनीय सुधार करने में सक्षम साबित हुई है। नाल्‍को ने नया कारोबारी मॉडल डेढ़ साल पहले पेश किया था। कंपनी के इस नवीन मॉडल से पिछले वित्त वर्ष यानी 2017-18 में उसका शुद्ध मुनाफा दोगुना करने में मदद मिली है। इसी तरह वित्त वर्ष 2018-19 की प्रथम तिमाही के दौरान इसमें और ज्यादा उल्‍लेखनीय सुधार देखा गया है। नाल्‍को ने वित्त वर्ष 2018-19 की प्रथम तिमाही में 687 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है, जबकि वित्त वर्ष 2017-18 की प्रथम तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 129 करोड़ रुपये आंका गया था। नाल्‍को के शानदार प्रदर्शन का क्रम चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भी जारी रहा। नए कारोबारी मॉडल के तहत विशिष्‍ट उपभोग में कमी करने, लागत में कटौती करने, उत्‍पादन बढ़ाने, हाजिर बाजार (स्‍पॉट मार्केट) में रणनीतिक विपणन करने, इत्‍यादि पर फोकस रहा है। नाल्‍को के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) डॉ. टी.के.चंद के नेतृत्‍व में कंपनी की समर्पित एवं दृढ़प्रतिज्ञ टीम को 2018-19 के पूरे वित्त वर्ष के दौरान रिकॉर्ड कारोबार करने एवं मुनाफा कमाने का भरोसा है।

मिट्टी के चूल्हे पर छनते ठकुआ की सुगंध है छठ


-अर्चित आनंद

छठ केवल आज नही है. सृष्टि में जिस दिन तक डूबते सूरज को नमन करने वाला एक व्यक्ति भी बचा रहेगा, हर उस दिन तक को छठ समझिए. इस कृतघ्न दुनिया में विगत के प्रति कृतज्ञ हो जाना छठ होना है. छठ सनातन का छठिहार है.

उगते सूरज मात्र को प्रणाम करने वाले कभी ‘लोग’ नही हो सकते, इसका घोषणा पत्र है छठ. डूबते सूरज के रूप में अपने पितरों को सादर यह आमंत्रण देने का पर्व है छठ, कि कृपया इसी सृष्टि में, इसी धरा पर, इसी वंश में, इसी घर में फिर कल भी आइए आज की तरह ही सूरज बन ताकि कल भी आपकी संतति का भोर हो.

छठ यही उद्घोष करता है कि हमें अभिमान है सूरजवंशी होने का, हमारा सूरज जहां हो हम वहीं होंगे सूरजमुखी बन. हमें सूरज से काम है चाहे वे उगें या डूब जायें.

हर तरह के कृतघ्नता के ख़िलाफ़ कृतज्ञ होने का, अहसनफ़रामोस इस दुनिया में अहसानमंद होने का, स्वार्थ के उलट परमार्थ, सौदा नही संस्कार का उत्सव है छठ. सम्भावना मात्र के कारण नही अपितु भावनाओं के कारण जुड़ जाने की प्रेरणा का पर्व है छठ.

छठ यानी ऐसी सिंदूरी आभा का त्यौहार जो सदैव हमारी नाक बचाये रखे. शूपनखाओं के ख़िलाफ़ सूप को हथियार बनाने का पावन पाबनि है छठ.

साहित्य की डाल पर अंधेरे के पक्ष में उलटा लटक रहे चमगादरों के ख़िलाफ़ भोर का सुर, प्रभाती की तान है छठ. छठ है यानी हमें भी याद रहे छठी का दूध और याद भी करा पायें आवश्यकतानुसार.

मिट्टी के चूल्हे पर छनते ठकुआ की सुगंध है छठ.

महारैली की तैयारी में भाकपा का जन-संपर्क अभियान

रांची। 'संविधान बचाव-जान बचाव, भाजपा भगाव-देश बचाव' के नारे के साथ मोरहाबादी (रांची) में 27 नवंबर को आयोजित होने वाली महारैली के लिए भाकपा जिला परिषद ने रांची के कई प्रखंडों का दौरा किया। इस रैली के समर्थन के लिए कई गांवों में बैठकें की।
इन बैठकों में आदिवासी- दलित, मजदूर-किसान, अल्पसंख्यक और नौजवानों ने भाग लिया और महारैली में भारी संख्या में शामिल होने का संकल्प लिया। भाकपा रांची जिला के सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि महारैली के जरिये उठाये जा रहे मुद्दे जैसे केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा हो रही वादाखिलाफी और भ्रष्टाचार से जनता परेशान है और भाजपा-आरएसएस के नेतृत्व वाली सरकारों के प्रति जनता का मोहभंग हो चुका है। वहीं भूअधिग्रहण कानून, 2013 में संशोधन को सरकार अदाणी व अंबानी के इशारे पर लायी है, जिससे किसान व खेती तहस-नहस हो रही है।
दौरे के क्रम में हटिया, कांके व मांडर प्रखंड के गांवों में अभियान संचालित हुआ और पोस्टर व पर्चे का वितरण कर महारैली के उद्देश्यों को जनता के बीच रखा गया। दौरे में जिला सचिव के साथ जिला कोषाध्यक्ष फरज़ाना फ़ारूक़ी, एटक नेता लालदेव सिंह, राज्य परिषद सदस्य उमेश नज़ीर व मेहुल मृगेंद्र, अखिल भारतीय किसान सभा के जिला अध्यक्ष इसहाक अंसारी व हसीब अंसारी, आदिवासी नेता जितेंद्र महली समेत कई लोग शामिल थे।

श्री श्याम जन्मोत्सव 19 नवम्बर को

 हरमू रोड,निज मंदिर खाटु श्याम जी में

रांची। हरमू रोड स्थित निज मंदिर खाटु श्याम जी में श्री श्याम जन्मोत्सव बडे ही धूम धाम से 19 नवम्बर,सोमवार को मनाया जाएगा।
प्रबोधिनी एकादशी के पावन दिन श्री श्याम भक्तों के लिए बडा ही महत्व रखता है इस दिन बाबा श्री श्याम का जन्मोंत्सव सम्पूर्ण श्याम जगत में मनाया जाता है।हरमू रोड निज मंदिर में भी श्री श्याम जन्मोंत्सव की तैयारियाँ श्री श्याम मित्र मण्डल के अध्यक्ष के नेतृत्व में प्रारंभ हो चुकी है।बाबा के जन्म दिन के पावन पुनीत अवसर पर विशेष रूप से वस्त्र (बागा)बनवाया गया है साथ ही देश के प्रमुख स्थानों से फूल मगाया जाएगा।बाहर से आए पुष्पों से निर्मित गजरों(मालाओं) से बाबा श्री श्याम प्रभु का श्रृंगार किया जाएगा।जन्मोंत्सव पर बाबा को छप्पन भोग प्रसाद के साथ ही नाना प्रकार के फल मेवों का भी भोग लगाया जाएगा।सम्पूर्ण मंदिर परिसर को रंग बिरंगे लाइट से दुल्हन की तरह सजाया गया है।
बाबा को अपने भजनों से रिझाने मुम्बई से सुरेश शर्मा एवं कोलकाता से ऋतु सिंह आ रही है।
19 नवम्बर,सोमवार को सुमधुर भजनों का कार्यक्रम रात्रि 10 बजे से प्रारंभ हो कर रात्रि 3.55 तक चलेगा।प्रातः 4 बजे बाबा श्री श्याम जी की महाआरती के साथ ही श्री श्याम जयन्ती का समापन होगा।महामंत्री श्री आनंद शर्मा ने बताया कि बाबा को भोग अर्पित करने के बाद से निरन्तर प्रसाद वितरण किया जाएगा।श्री शर्मा ने सभी धर्मप्रेमी श्याम भक्तों से पूरी श्रद्धाभाव के साथ श्री श्याम जन्मोंत्सव कार्यक्रम में शामिल हो बाबा को रिझाने एवं अपने परिवारजनों के लिए मंगलकामना श्री श्याम मित्र मण्डल परिवार संग करने का आग्रह किया।


छठ गीतों के एलबम का लोकार्पण

भोजपुरी युवा विकास मंच एवं  ए डी राज फ़िल्म एंड म्यूजिक डीविज़न की ओर से आस्था के इस पावन पर्व के शुभ अवसर पर  उगी है दीनानाथ छट गीत  एलबम का विमोचन  भोजपुरी युवा विकास मंच के अध्यक्ष आशुतोष द्विवेदी,ए डी राज फ़िल्म एंड म्यूजिक डीविज़न के शुभांशु द्विवेदी,समाजसेवी राजीव रंजन, अवदेश ठाकुर   ने  संयुक्त रूप से कचहरी कोर्ट कंपाउंड स्थित द्विवेदी टॉवर में किया गया। इस एल्बम में कुल 5 गाने हैं।जिसमें जय जय छठी मैया, अर्ग देवी हमहु छट गाठ ये ननदो काफी लोगप्रिय होगा।इस अवसर  गायक शत्रुघ्न सावरिया ने अपनी आवाज दी है।निर्माता एस के द्विवेदी,निर्देशक शैलेश परदेसी,गीत विकास पांडेय,हैं।यह जानकारी आशुतोष द्विवेदी ने दी।

छठवर्तियों के बीच फल वितरित


रांची। सामाजिक संस्था दाधिचि परिषद और व्यावसायिक प्रतिष्ठान रामा इंटरप्राइजेज के संयुक्त तत्वावधान में कटहल मोड़ व कोकर में छठव्रतियों के बीच फलों का वितरण किया गया। शहर के जाने माने व्यवसायी व समाजसेवी आदित्य शर्मा के नेतृत्व में दीपक शर्मा, हेमंत शर्मा, पार्थ शर्मा, ऋषभ शर्मा, सुरेन्द्र शर्मा, महेश यादव, उपेन्द्र सिंह, पप्पू सिंह सहित अन्य श्रद्धालुओं ने इस पुनीत कार्य में सहयोग किया।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...