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रविवार, 18 नवंबर 2018

पुलिस में महिलाओं की भागीदारी पर रांची में राष्ट्रीय सम्मेलन

रांची। पुलिस में महिलाओं के बारे में 8वां राष्ट्रीय सम्मेलन (एनसीडब्ल्यूपी) कल रांची, झारखंड में शुरू होगा। पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो झारखंड पुलिस के सहयोग से इस दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। यह सम्मेलन महिला पुलिस के मुद्दों का समाधान करने और उनकी व्यावसायिक दक्षता को अधिक से अधिक बढ़ाने तथा अनुकूल बनाने के लिए एक सक्षम माहौल तैयार करने वाला राष्ट्रीय स्तर का एक मात्र मंच है।
सम्मेलन के दौरान निम्नलिखित विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा:
  • सीएपीएफ / पुलिस बल में महिलाओं की अनसुनी आवाज- लिंग भेदभाव रहित कार्य स्थल।
  • कौशल वृद्धि के लिए प्रौद्योगिकी।
  • अनुकूल कार्य माहौल के लिए सशक्त कार्य स्थल।
  • स्मार्ट शहरों में महिला पुलिस की भूमिका।
  • समुदाय जनित पुलिस व्यवस्था में महिलाएं।
  • महिला पुलिस कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण की जरूरत।
  • कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न - विभिन्न परिप्रेक्ष्य और प्रबंधन।

उच्चतम न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश, न्यायमूर्ति ज्ञानसुधा मिश्रा, सीबीआई के संयुक्त निदेशक डॉ. सी.के. गोस्वामी, आईपीएस, अतिरिक्त सीआईटी, नई दिल्ली श्रीमती शुभ्रता प्रकाश और राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेखा शर्मा जैसे प्रसिद्ध वक्ता इस सम्मेलन में भागीदारी कर रहे हैं। इसके अलावा अन्य विशेषज्ञ भी विचार-विमर्श करेंगे।

महिला पुलिस कर्मियों की क्षमता निर्माण से निपटने और संपूर्ण व्यावसायिकता प्राप्त करने के लिए पुलिस कार्यों में पर्याप्त अवसर प्रदान करने के लिए एक सशक्त निकाय की लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही थी। एनसीडब्ल्यूपी इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक समग्र समाधान के रूप में सामने आया। एनसीडब्ल्यूपी का पहला सम्मेलन 2002 में नई दिल्ली में आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों और केन्द्रीय पुलिस संगठनों की अलग-अलग रैंकों की महिला पुलिस कर्मियों ने बड़े उत्साहपूर्वक भाग लिया। एनसीडब्ल्यूपी सभी पुलिस संगठनों/सीपीओ में यौन उत्पीड़न से निपटने के तंत्र को मजबूत बनाने और उस पर निगरानी रखने तथा सक्रिय तरीकों और साधनों का सुझाव देने के लिए लगातार काम कर रहा है।

अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में फोकस राज्य होगा झारखंड


रांची। गोवा में 20 से 28 नवंबर तक आयोजित होने वाले भारत के 49 वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) में झारखंड को फोकस राज्य के रूप में चुना गया है । इसका आयोजन मैनक्विंज पैलेस इनॉक्स, पणजी, गोवा में होने जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में 68 से अधिक देशों के 212 फिल्मों का प्रदर्शन किया जायेगा। 24 नवंबर 2018 को महोत्सव में झारखंड दिवस  के रूप में मनाया जाएगा। इस महोत्सव में झारखण्ड में निर्मित ए डेथ इन द गूंज, रांची डायरी, बेगम जान भी दूसरे फिल्मों के साथ दिखाई जायेंगी। इस महोत्सव में झारखंड दिवस के दिन झारखंडी कला संस्कृति दल के द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी जिससे झारखंड की नृत्य और कला को देश और दुनिया के लोग जान सकेंगे। इस महोत्सव में  पहली बार किसी राज्य को फोकस स्टेट के रूप में शामिल किया जा रहा है और यह सौभाग्य झारखंड को मिला है।

महोत्सव के दौरान झारखंड फ़िल्म नीति को प्रोत्साहित करने के लिए एक स्टाल भी लगाया जा रहा है। इससे झारखंड में फ़िल्म उद्योग को काफी बढ़ावा मिल सकेगा।


शनिवार, 17 नवंबर 2018

मेकान के कवि सम्मेलन में कुमार वृजेंद्र का काव्यपाठ

https://www.youtube.com/watch?v=3yswGHkMyNM

जन संपर्क कार्यों की वीडियो कांफ्रेसिंग समीक्षा बैठक


सीएम के प्रधान सचिव डा. सुनील कुमार वर्णवाल ने सभी जिलों के डीसी, पीआरओ को बताए प्रचार-प्रसार के गुर


रांची। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सह सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने कहा कि जनसम्पर्क के बढ़ते हुए महत्व को देखते हुए उपायुक्त की समीक्षा में यह सबसे पहली बिंदु होनी चाहिए। कला दल के माध्यम से किए जाने वाले प्रचार-प्रसार की पहुंच और प्रभाव को देखते हुए अगले 2 महीनों में सभी जिला अपने सभी गांवों में कला दल के माध्यम से राज्य की योजनाओं के प्रति जागरूकता के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं। एलईडी वाहनों का परिचालन जिला के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए जाएं। पंचायत स्तर पर जनता दरबार सह जागरूकता शिविर लगाएं। उक्त बातें डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने सूचना भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में कहीं. जिलास्तर पर हो रहे जनसंपर्क कार्यों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समीक्षा बैठक में सभी जिलों के उपायुक्त एवं जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उपस्थित थे.

एलईडी वाहनों में चलने वाले वीडियो फिल्म्स ग्रामीण क्षेत्र जहां संथाली, मुंडारी, हो, नागपुरी, बंगाली एवं उड़िया आदि भाषा समझने वाले लोग रहते हैं वहां इन्हीं भाषाओं का वीडियो फिल्म तैयार कर प्रसारण कराना सुनिश्चित करें जिससे सरकार की योजनाओं की जानकारी लोग अपने भाषा में समझ सकेंगे.

डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने कहा कि कुछ जिलों के उपायुक्त एवं जिला जनसंपर्क पदाधिकारियों ने जनसंपर्क कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए कुछ नए बेहतर प्रैक्टिस किए हैं जैसे देवघर में समाचार पत्रों के सहयोग से टेली कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आम जनता  को रूबरू कराना एवं  उसे अखबारों में प्रसारित करना. जिला के सक्सेस स्टोरी पर फीचर लेखन करना, हजारीबाग जिले के बेस्ट प्रैक्टिस में सरकार के विभिन्न योजनाओं का लाभ पाने वाले लाभुकों को सरकारी स्तर पर पत्र निर्गत करना, पंचायत स्तर पर जनता दरबार का आयोजन करना, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं सर्कल ऑफिसर द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस करना तथा लातेहार जिले में मोटर बाइक एंबुलेंस सेवा प्रभावी ढंग से लागू करना इत्यादि कार्य हुए हैं. इन कार्यों को सभी जिलों के उपायुक्त एवं जिला जनसंपर्क अधिकारी अपने जिले में भी लागू करना सुनिश्चित कराएंगे. उन्होंने कहा कि 181 जन शिकायत केंद्र एवं 108 एंबुलेंस का प्रचार प्रसार तथा 104 हेल्थ काउंसलिंग का भी प्रचार-प्रसार व्यापक रूप में कराना सुनिश्चित करेंगे.

डॉ
वर्णवाल ने यह भी निर्देश दिया कि गीत नाट्य योजना एवं मेला प्रदर्शनी योजना का प्रभावपूर्ण कार्यान्वयन कराया जाना सुनिश्चित कराएं. गीत नाट्य कला दलों को अगले 2 महीनों में राज्य के सभी गांवों तथा सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों एवं पहाड़ी क्षेत्रों के गांवों तक ले जाकर गीत, नुक्कड़ नाटक इत्यादि कार्यक्रम सुनिश्चित कराएंगे.  नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सरकार की नीति एवं जन कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार कर ग्रामीण जनता को जागरूक करें.

डॉ वर्णवाल ने कहा कि जिलों के उपायुक्त एवं आरक्षी अधीक्षक जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ हर महीने एक प्रेस सम्मेलन आयोजित करें. प्रेस सम्मेलन के माध्यम से जिलों की मासिक प्रगति की जानकारी दें.

मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने जिला स्तर पर आयुष्मान भारत योजना का प्रचार प्रसार प्राथमिकता के तौर पर कराने को कहा. आगामी माह आयोजित होने वाले लुगूबुरु मेला का भी प्रचार-प्रसार करें. मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा के तहत लुगूबुरु मेला जाने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए बस सेवा भी उपलब्ध कराएं.

डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने कहा कि जिले में स्थापित सभी सरकारी कार्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, पंचायत भवनों, सरकारी स्कूलों  तथा आंगनबाड़ी केंद्रों इत्यादि में होर्डिंग, बैनर पोस्टर इत्यादि प्रचार प्रसार की उपकरणों  को लगाना सुनिश्चित करें और इनके इस्तेमाल का जियो टैगिंग भी करें. 

डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने सभी उपायुक्त को निर्देश दिया कि प्रचार एलईडी वाहनों का शत प्रतिशत संचालन ग्रामीण क्षेत्रों में ही सुनिश्चित करें. शहरों में सरकार की योजनाओं के प्रचार प्रसार के लिए स्थाई एलईडी लगाए जा रहे हैं. अतएव प्रचार एलईडी वाहनों का सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक उपयोग करें. उन्होंने सभी उपायुक्तों से कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के सभी कार्यक्रमों का Jhargovtv द्वारा लाइव प्रसारण किया जाता है. अतः क्षेत्रीय केबल ऑपरेटरों के साथ बैठक कर यह सुनिश्चित कराएं की सभी लाइव कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण उनके केवल के माध्यम से भी प्रसारित हो ताकि लोग घर में बैठ कर भी कार्यक्रम देख सकें.

डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने कहा कि योजनाओं का सफल संचालन तभी किया जा सकता है जब आम जनता योजनाओं से संबंधित पूरी जानकारी रखेंगे एवं अपने अधिकार के प्रति जागरूक होंगे. आम जनता को जनसंपर्क के माध्यम से ही जगाया जा सकता है. इस कार्य में उपायुक्त एवं जिला जनसंपर्क पदाधिकारी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी.

डॉ वर्णवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्त एवं जिला जनसंपर्क अधिकारियों से जनसंपर्क कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु नए आइडियाज एवं सुझाव भी मांगे. 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक श्री राम लखन प्रसाद गुप्ता ने भी सभी उपायुक्त एवं जिला जनसंपर्क पदाधिकारियों को जनसंपर्क कार्यों को प्रभावी बनाने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए. इस अवसर पर उपसचिव सूचना एवं जनसंपर्क विभाग श्री मनोज कुमार, सभी उप निदेशक, प्रमंडलीय उपनिदेशक, सहायक निदेशक एवं जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उपस्थित थे.

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में झारखंड के हस्तशिल्प की धूम


       दर्शकों को लुभा रहा ट्राइबल ज्यूलरी, टेरा कोटा ज्यूलरी, बम्बू क्राफ्ट्स, जूट क्राफ्ट और डेकोरेटिव फ्लावर्स 
नई दिल्ली। कहीं ट्राइबल ज्यूलरी की बहार तो कहीं तेरा कोटा ज्यूलरी का खुमार। कही बम्बू क्राफ्ट का नज़ारा तो कहीं जूट क्राफ्ट्स की धमक। झारखण्ड पवेलियन में आने वाले दर्शकों को झारखण्ड का हस्तशिल्प कुछ इसी तरह अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है।
प्रगति मैदान में जारी 38 वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में झारखण्ड पवेलियन अपनी विभिन्न विशेषताओं के चलते दर्शकों के बीच काफी लोकप्रियता हासिल करता जा रहा है। एक तरफ जहाँ बिरसा मुंडा की प्रतिमादर्शकों के बीच सेल्फी पॉइंट के तौर पर फेमस हो गए हैं, झारखण्ड का हस्तशिल्प भी दर्शकों में काफी मशहूर हो गया है।
झारखण्ड पवेलियन में ट्राइबल ज्यूलरी का एक स्टॉल लगा है। यहाँ ट्राइबल पायल, मंदली, हंसुली, ढेला, पछुआ, चन्द्रहार, झुमकी, अंगूठी और झाला जैसे आभूषण 50 रूपए से 500 रूपए तक बेचे जा रहे हैं। वहीँ टेरा कोटा ज्यूलरी के स्टॉल पर 50 रुपये से एक हज़ार रूपए तक के नेकलेस मिल रहे हैं।  साथ ही जूट से बने भगवान, नेकलेस और डेकोरेटिव आइटम्स भी अच्छे दामों पर मिल रहे हैं।

रिम्स में नर्स की मौत पर भड़का गुस्सा

 निदेशक कार्यालय का किया घेराव, कहा- काम के तनाव से हुई मौत

रांची। रिम्स में शनिवार को नर्स की मौत हो गई। नर्स की मौत के बाद नर्स एसोसिएशन ने शव के साथ निदेशक कार्यालय का घेराव किया। नर्सों का कहना है कि जितनी नर्स रिम्स में होनी चाहिए उतनी नहीं है। जिस कारण काम का तनाव बहुत ज्यादा हो जाता है। कम नर्सों में ज्यादा मरीजों को देखने के काम से नर्स की मौत हो रही है।
रिम्स में कार्यरत नर्स गीता नायक की मौत के बाद जूनियर नर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने निदेशक कार्यालय के समक्ष शव को रखकर घेराव किया। इस दौरान जूनियर नर्स एसोसिएशन की अध्यक्ष रामरेखा राय ने कहा कि मात्र 430 नर्सों के भरोसे रिम्स की व्यवस्थाएं संचालित हो रही है। जिसके कारण नर्सों को तनाव झेलना पड़ रहा है।
मृतक गीता नायक के मौत के बाद नर्सों का गुस्सा फूट पड़ा और निदेशक कार्यालय के समक्ष सभी एकजुट हुई। एसोसिएशन ने कहा की प्रतिदिन 1500 मरीजों का इस अस्पताल में इलाज होता है, लेकिन सरकार और रिम्स प्रबंधन नर्सों की बहाली को लेकर उदासीन है। वहीं गीता नायक की मौत का कारण कैंसर बताया जा रहा है। गीता नायक का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा था। लेकिन पैसे की तंगी के कारण गीता को रिम्स के में भर्ती किया गया था। जहां इलाज के दौरान गीता नायक की मौत हो गई।

फुटपाथ दुकानदारों ने किया हंगामा, सड़क जाम


रांची। कांके रोड स्थित गांधीनगर के पास फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले दुकानदारों को अचानक प्रशासन के द्वारा हटाए जाने के विरोध में दुकानदार सड़क पर उतर गए। इस दौरान रांची के सबसे व्यस्ततम वीआईपी कांके रोड लगभग 2 घंटे तक अस्त-व्यस्त रहा। कांके रोड स्थित गांधीनगर के पास पिछले 50 सालों से सैकड़ों की संख्या में दुकानदार फुटपाथ पर अपनी दुकानें लगाते हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या सब्जी विक्रेताओं की है। इसके अलावा बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीण भी यहां आकर दुकाने लगाकर अपना पेट पालते हैं। आज सुबह अचानक रांची नगर निगम के द्वारा फुटपाथ दुकानदारों को हटाया जाने लगा जिसके बाद आक्रोशित दुकानदार सड़क पर उतर आए और अपनी सब्जियां सड़क पर रख जमकर हंगामा किया। अपनी दुकानें हटाए जाने से नाराज सब्जी विक्रेता और दूसरे दुकानदारों ने कांके रोड को जाम कर दिया और लगभग 2 घंटे तक यातायात व्यवस्था को बाधित कर दिया। हंगामे की सूचना पाकर गोंदा पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित भीड़ को समझा बुझाकर शांत करवाया। इस दौरान नगर निगम की टीम मौके पर नहीं पहुंची। हालांकि सब्जी विक्रेताओं ने कहा है कि वह नगर निगम में जाकर अधिकारियों के सामने अपनी बातें रखेंगे।
दरअसल, नगर निगम के द्वारा एक आदेश पारित किया गया है कि कांके डैम, सीएमपीडीआई गेट और गांधीनगर गेट के समीप प्रतिदिन लगने वाले सब्जी मार्केट को हटाया जाय। आदेश के आलोक में शनिवार सुबह नगर निगम के कर्मचारियों के द्वारा फुटपाथ मार्केट हटाया जा रहा था। मौके पर मौजूद सब्जी विक्रेताओं ने एक स्थानीय भाजपा नेता पर साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि उसी के इशारे पर उनकी दुकानें हटाई जा रही हैं। लेकिन वे कुछ भी हो जाए यह जगह नहीं छोड़ेंगे। कई दुकानदारों ने बताया कि वह पिछले कई वर्षो से इसी जगह पर सब्जी बेच रहे हैं कभी किसी को कोई दिक्कत नहीं हुई लेकिन अब एक साजिश के तहत उन्हें यहां से हटाया जा रहा है।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...