यह ब्लॉग खोजें

रविवार, 27 जनवरी 2019

संप्रभुता और जनतंत्र के प्रति गहरी आस्था का पर्व है गणतंत्र दिवसः रघुवर दास

दुमका के पुलिस लाइन मैदान में सीएम रघुवर दास ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज

 परेड की सलामी ली, भव्य झांकियों का भी हुआ प्रदर्शन

पिछले 4 वर्ष में ऐसे झारखण्ड के निर्माण का प्रयास किया है जो भय, भूख एवं भ्रष्टाचार के साथ-साथ उग्रवाद एवं अपराध मुक्त होः सीएम

दुमका। झारखंड की उपराजधानी दुमका के पुलिस लाइन मैदान से मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गणतंत्र दिवस 2019 के अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस हमारी सम्प्रभुता एवं जनतंत्र के प्रति एक गहरी आस्था का राष्ट्रीय पर्व है।

उग्रवाद
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आतंकवाद एवं उग्रवाद, राज्य एवं देश दोनों के ही विकास मार्ग में सबसे बड़ी चुनौती है। हमने इन चुनौतियों का डटकर सामना किया है। वामपंथी उग्रवाद की समस्या से निपटने के लिए हमने कई सख्त कदम उठाये हैं, जिसका परिणाम है कि उग्रवादी हिंसा की घटनाओं में काफी कमी आयी है। सरकार के सद्प्रयासों का ही फल है कि उग्रवाद प्रभावित जिलों की संख्या 21 से घटकर 19 रह गयी है तथा अति उग्रवाद प्रभावित जिलों की संख्या 16 से घटकर 13 हो गयी है।

कृषि
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि अन्नदाता किसानों की आय दोगुनी करना हमारा लक्ष्य है। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु राज्य सरकार कृषि आशीर्वाद योजना प्रारम्भ करने जा रही है जिसका लाभ राज्य के 22 लाख 76 हजार लघु एवं सीमांत किसानों को मिलेगा। राज्य के किसानों को नई एवं उन्नत तकनीकों से अवगत कराने हेतु अब तक राज्य के 76 किसानों को ईजरायल दौरे पर भेजा गया। पिछला 24 किसानों का दल जिन्हें ईजरायल भेजा गया, वो पूर्ण रूप से महिला दल था जिसमें 20 किसान संथाल परगना से है एवं उनमें से कई यहाँ उपस्थित है। यह न केवल कृषि के विकास बल्कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में भी सरकार का एक सार्थक प्रयास है।

किसानों के फसल बीमा का प्रीमियम सरकार दे रही
झारखण्ड देश का इकलौता ऐसा राज्य है जो किसानों के फसल बीमा का प्रीमियम भी भरता है। वर्ष 2019-20 में भी राज्य के किसानों का मुफ्त फसल बीमा कराया जायेगा। राज्य में पहली बार ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट 2018 का आयोजन किया गया, जिसमें 7 देशों एवं 8 राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ राज्य के दस हजार किसानों ने भाग लिया। इससे राज्य के किसानों को कृषि के आधुनिकतम तकनीकी के साथ-साथ अपने उपज के बेहतर कीमत प्राप्त करने के उपायों की जानकारी प्राप्त हो सकी। पिछले चार वर्षों में राज्य के कृषि विकास दर में 19.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई जिससे स्पष्ट है कि हमारे किसान सजग एवं प्रयत्नशील है एवं उनके आय दूगुनी होने से अब कोई नहीें रोक सकता है।

राज्य के कुल 102 पुरानी वृहद् एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं के शत् प्रतिशत जीर्णोद्धार का निर्णय लिया है, ताकि सृजित क्षमता के अनुसार उनसे सिंचाई का कार्य लिया जा सके। अब तक 50 योजनाओं के जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ हो चुका है। सिंचाई से ही जुड़ी एक बड़ी योजना-उत्तर कोयल सिंचाई योजना, जो वर्षों से अपूर्ण थी को पूरा करने के कार्य का शिलान्यास प्रधानमंत्री ने दिनांक 05 जनवरी, 2019 को किया।

इसके अलावा हमने इसी वर्ष ’’सुजलाम सुफलाम योजना’’ प्रारम्भ किया है जिसके तहत भारतीय जैन संगठन के सहयोग से 5000 तालाबों का गहरीकरण कर सिंचाई क्षमता में वृद्धि की जाएगी।

स्वास्थ्य चिकित्सा
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि हमारे प्रयासों का प्रतिफल है कि राज्य का स्वास्थ्य सूचकांक बेहतर हुआ हैय जहाँ पूर्व में राज्य में शिशु मृत्यु दर 34 प्रति हजार जीवित जन्म था, जो अब घटकर 29 हो गया है। दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना ”प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-आयुष्मान भारत” का शुभारंभ माननीय प्रधानमंत्री के कर-कमलों द्वारा राज्य की राजधानी, रांची से किया गया, जिसका लाभ राज्य के 57 लाख गरीब परिवार को मिलेगा। इस योजनान्तर्गत मात्र तीन महीने में ही 22 हजार से अधिक झारखण्ड वासियों का मुफ्त ईलाज किया जा चुका है। राज्य की जनता को आपातकालीन स्थितियों में समुचित स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 108 एम्बुलेंस की सेवा पूरे राज्य में 24वो घंटे मिल रही है। इसके माध्यम से अब तक 86,754 मरीजों को समय पर अस्पताल पहुँचाने का कार्य किया जा चुका है। राज्य के दुर्गम पहाड़ी एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मुख्यमंत्री बाईक एम्बुलेंस योजना की शुरूआत की जा रही है। इसमें मोटर साईकिल पर एम्बुलेंस की सुविधा दी जाएगी। इसके अतिरिक्त बच्चे के जन्म होने पर बेवी केयर किट की सुविधा दी जाएगी। साथ ही, राज्य की सभी 40,000 सहिया बहनों को मुख्यमंत्री आरोग्य कुँजी योजना के तहत प्राथमिक ईलाज हेतु किट उपलब्ध कराया जाएगा ताकि वे गाँव में रहकर गरीब लोगों की ईलाज कर सके। स्वास्थ्य सुविधाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए एवं स्वास्थ्य संबंधी आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से विगत 04 वर्षों में 05 मेडिकल काॅलेज, देवघर में एम्स तथा रांची में कैंसर अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है।

शिक्षा
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्तापूर्ण प्रगति हमारी नई पीढ़ी की उन्नति की अनिवार्य शत्र्त है। शिक्षा के विकास से ही हम नई वैश्विक चुनौतियों से निबटने में सफल हो पायेंगे। राज्य के सभी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्येश्य से विद्यालयों का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। विद्यालयों में बेंच-डेस्क, पंखा इत्यादि की मूलभूत व्यवस्थाओं के साथ-साथ विद्यालयों में शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे विद्यालयों में छात्र/छात्राओं की उपस्थिति में लगातार वृद्धि हुई है जिसका परिणाम है कि राज्य का ड्राप आॅउट दर घटकर शून्य तथा साक्षरता दर बढ़कर 81.25 प्रतिशत हो गया है।

महिला सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि नारी शक्ति-मातृ शक्ति के प्रति हमेशा से ही हमारे मन में विशेष सम्मान का भाव रहा है। उनकी क्षमताओं का लाभ परिवार, समाज एवं राज्य को मिल सके, इसकी लगातार कोशिश हमारी सरकार द्वारा की जाती रही है। महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों का ज्यादा से ज्यादा गठन, उन समूहों का बैंकों से जुड़ाव, उनका आर्थिक गतिविधियों के साथ जुड़ाव, उनकी कौशल वृद्धि एक सुविचारित कदम है। इससे हमारे राज्य की महिलाएँ आत्म निर्भर बन रही है साथ ही अपने परिवार को अर्थिक सबलता प्रदान करने में सफल हो रही हैं। हमारी सरकार ने महिलाओं को स्वावलंबी और सशक्त बनाने के लिए 1 लाख से ज्यादा सखी मण्डलों के माध्यम से 17 लाख से अधिक बहनों को रोजगार उपलब्ध कराया है। महिला सशक्तिकरण हेतु नवस्थापित राजकीय महिला पाॅलिटेकनिक काॅलेज, दुमका को पूर्णतः छात्राओं के लिए आरक्षित रखा गया है। महिला सशक्तिकरण एवं बालिका शिक्षा पर जोर देने तथा बाल विवाह जैसी कुप्रथा का अंत करने के उद्येश्य से हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री सुकन्या योजना प्रारम्भ की है। इस योजनान्तर्गत जन्म से दो वर्ष तक की बालिका के माता के खाते में रु0 5000, कक्षा- I में नामांकन कराने पर, 5000 इसी प्रकार कक्षा- पांचवी आठवीं, दसवीं एवं बारहवीं पास होने पर रु. 5000 - 5000 देय होगा एवं 18-20 वर्ष की आयु पूरी करने तथा मतदाता सूची में नाम दर्ज होने पर रु. 10,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत शादी के समय 30000/- रुपय अनुदान राशि भी दिया जाएगा। राज्य की महिलाओं को सशक्त बनाने तथा विकास की मुख्य धारा से जोड़ने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

बिजली
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि हमें यह कहते हुए अपार हर्ष हो रहा है कि आज झारखण्ड का हर गाँव बिजली से रौशन है। चार वर्ष पूर्व जहाँ झारखण्ड के 68 लाख घरों में से मात्र 38 लाख घरों में ही बिजली थी, 30 लाख घरों में अंधेरा थाय आज झारखण्ड के सभी 68 लाख घरों में बिजली पहुँचा दी गई है। हमारी सरकार राज्य को ऊर्जा हब बनाने के लिए वचनबद्ध है इसी उद्देश्य से पतरातू वाष्प प्रतिष्ठान, पतरातू में 4000 मेगावाट थर्मलपावर प्लांट लगा रही है। राज्य में अक्षय ऊर्जा के विकास हेतु भी सरकार प्रयत्नशील है। इसके अन्तर्गत 530 सरकारी भवनों में 13.175 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट का अधिष्ठापन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा 383 सरकारी भवनों में 5.135 मेगावाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट का अधिष्ठापन कार्य प्रक्रियाधीन है, जो इस वर्ष तक पूर्ण कर लिया जायेगा।

अनुसूचित जाति/जनजाति विकास
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि सरकार गठन के बाद से ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़े वर्ग का अधिकतम कल्याण हमारी प्राथमिकता रही है। इस हेतु झारखण्ड पुलिस में अब तक उपेक्षित रहे पहाड़िया समुदाय के लिए दो बटालियन का गठन किया गया है तथा राज्य में आदिम जनजाति के विकास के लिए आदिम जनजाति विकास प्राधिकार का गठन किया गया है।
वित्तीय वर्ष 2018-19 में अनुसूचित जनजाति क्षेत्र तथा अनुसूचित जाति विकास बजट का कुल आकार 24,410 करोड़ रूपये था तथावित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 27,142 करोड़ रूपये है जो पिछले वर्ष की तुलना में 11.19 प्रतिशत अधिक है। इसके अतिरिक्त राज्य के सभी गाँवों में आदिवासी विकास समिति/ग्राम विकास समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया है। यह समिति स्थानीय महत्व की छोटी योजना जिसकी प्राक्कलित राशि 5 लाख रूपये तक हो, एवं क्रियान्वयन अवधि एक वर्ष से कम हो का क्रियान्वयन कर सकेगी। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 में 60 करोड़ रूपये उपलब्ध कराया गया था तथा वित्तीय वर्ष 2019-20 में 120 करोड़ रूपये उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक माहौल में शिक्षा मिले इसके लिए 143 आवासीय विद्यालय एवं 32 पहाड़िया दिवाकालीन विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है।
साथ ही, अनुसूचित जनजाति के छात्र/छात्राओं को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के उद्येश्य से 7 एकलव्य माॅडल आवासीय विद्यालय एवं 11 आश्रम विद्यालय कुल 18 विद्यालय संचालित हैं। इसमें से 4 एकलव्य/आश्रम विद्यालयों को ब्ठैम् से सम्बद्धता प्राप्त हो गई है तथा शेष 14 के लिए वित्तीय वर्ष 2019-20 में कार्रवाई की जायगी। राज्य के अति कमजोर जनजातीय समूह के शत प्रतिशत परिवारों को आवासीय सुविधा बिरसा आवास योजना के माध्यम से उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2019-20 में 3000 घरों के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है। झारखण्ड राज्य में पहली बार झारखण्ड राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन किया जा रहा है। इसी प्रकार राज्य में पहली बार पिछड़ा वर्ग वित विकास निगम का भी गठन किया जा रहा है।

राज्य के संथाल परगना क्षेत्र को विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए वित्तीय वर्ष 2019-20 में निम्नांकित योजनाओं/आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा:-
1. गोड्डा जिले में सैनिक स्कूल एवं प्रोफेशनल काॅलेज का निर्माण,
2. देवघर एवं साहेबगंज जिले में 50 हजार लीटर क्षमता का डेयरी प्लांट का निर्माण,
3. दुमका, जामताड़ा व पाकुड़ जिले में 5 हजार टर्न क्षमता का कोल्ड स्टोरेज का निर्माण,
4. देवघर जिले के सारठ प्रखण्ड में महिला काॅलेज एवं साहेबगंज जिले में ।छड स्कूल तथा कौशल काॅलेज की स्थापना,
5. दुमका जिले के दुधानी में खादी पार्क तथा देवघर जिले में सांस्कृतिक भवन का निर्माण,
6. दुमका जिले में कला केन्द्र एवं नर्सिंग कौशल काॅलेज का निर्माण,
7. साहेबगंज, पाकुड़ और गोड्डा जिले में नये ग्रिड सब-स्टेशन का निर्माण,
8. देवघर, वासुकीनाथ एवं साहेबगंज में जलापूर्ति योजना,
9. देवघर मंडल कारा को केन्द्रीय कारा के रूप में विकसित किया जाएगा।

वीर सपूतों का सम्मान
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि आदिवासी महापुरूषों के सम्मान में रांची के बिरसा मुण्डा जेल को संग्रहालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। जहाँ भगवान बिरसा मुण्डा के साथ सिद्धो-कान्हू, नीलाम्बर-पीताम्बर सहित अन्य महापुरूषों की प्रतिमा का भी निर्माण किया जा रहा है। ऐसे आदिवासी शहीदों के गाँवों को ’’शहीद ग्राम विकास योजना’’ के तहत आदर्श ग्राम बनाने हेतु योजनाएँ स्वीकृत की गई है।

सम्मान राशि
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि झारखण्ड में पहली वार स्थानीय पारम्परिक स्वशासन व्यवस्था के अन्तर्गत मानकी को 3000/- रुपये, मुण्डा एवं ग्राम प्रधान को 2000/- रुपये तथा डाकुवा, परगणैत, परमाणिक, जोगमांझी, कुड़ाम नायकी, नायकी, गोडै़त, मूल रैयत, पड़हा राज, ग्राम सभा प्रधान, घटवाल एवं तावेदार को 1000/- रुपये प्रतिमाह की दर से सम्मान राशि दी जा रही है।

आदिम जनजाति ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिम जनजाति के सभी गांवों में पाइपलाइन से पेयजलापूर्ति की व्यवस्था करने जा रही हैै। सभी एसटी-एससी बहुल गांवों में पानी टंकी बनाकर सभी घरों में पानी पहुंचाया जायेगा।

उन्नत सड़कें
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्नत सड़कों का विकास किसी भी प्रदेश के विकास का आईना होता है। राज्य के विकास के रथ को गति प्रदान करने के उद्देश्य से हमारी सरकार गुणवत्तापूर्ण सड़कों का जाल पूरे राज्य में बिछा रही है। इस हेतु सभी अनजुडे़ बसावटों को बारह मासी सड़क से जोड़ने के साथ-साथ कोडरमा-गिरिडीह, रांची- बरकाकाना- हजारीबाग-कोडरमा, कोडरमा-तिलैया तथा हंसडीहा-गोड्डा रेल लाईन निर्माण का कार्य इस वर्ष पूरा कर लिया जायेगा।

पर्यटन
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु गिरिडीह जिलान्तर्गत जलीय सूर्य मंदिर तथा झारखण्डी धाम, साहेबगंज जिलान्तर्गत शिवगादी धाम एवं पूर्वी सिंहभूम जिलान्तर्गत बुरूडीह डैम का पर्यटकीय विकास कार्य किया जा रहा है। साथ ही रजरप्पा एवं पतरातु डैम को विश्वस्तरीय पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। लुगुबुरू मेले को राजकीय मेले का दर्जा दिया गया है एवं लुगुबुरू तीर्थ स्थल में मेडिटेशन संेटर एवं अतिथिशाला का निर्माण कराया गया है। हमारी सरकार के प्रयासों से राज्य में देशी एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में सबसे पहले यह कहा कि आज उन महापुरूषों को स्मरण एवं नमन करने का दिन है जिनकी कुर्बानी एवं कुशल नेतृत्व ने हमे गुलामी की जंजीरों से आजाद कराया तथा विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के रूप में स्थापित किया। इस पावन अवसर पर मैं, राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी, पं जवाहरलाल नेहरू, डाॅ राजेन्द्र प्रसाद, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, बाबा साहब डाॅ भीमराव अम्बेदकर, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सरदार बल्लभ भाई पटेल आदि राष्ट्र निर्माताओं को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। साथ ही साथ जंग-ए-आजादी में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले झारखण्ड के वीर सपूतों धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा, शहीद तिलका मांझी, वीर सिदो-कान्हू, चाँद-भैरव, बहन फूलो-झानो, वीर बुधु भगत, जतरा टाना भगत, नीलाम्बर-पीताम्बर, शेख भिखारी, पाण्डेय गणपत राय, शहीद विश्वनाथ शाहदेव, टिकैत उमराँव जैसे महान विभूतियों को अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि अंत में, मैं पुनः आप सबों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामना देता हूँ। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पर्व के इस अवसर पर एक ऐसा झारखण्ड बनाने का संकल्प लें, जो उन स्वप्नों एवं आशाओं के अनुरूप हो, जिसके लिए काफी त्याग और बलिदान के बाद इस राज्य का सृजन हुआ था। मैं एक ऐसे झारखण्ड की परिकल्पना करता हँू, जो गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा एवं भ्रष्टाचार आदि से मुक्त हो और आत्मविश्वास से परिपूर्ण होकर विकास की ओर अग्रसर रहे। मैं आप सभी का भी आह्वान करता हूं कि इस परिकल्पना को साकार करने में आप सब अपनी सक्रिय भागीदारी निभायें एवं वचनबद्धता दिखाएं।

सीएम ने सुनी पीएम के मन की बात

मुख्यमंत्री रघुवर दास भी जमशेदपुर के सूर्य मंदिर में आम जनता के साथ प्रधानमंत्री के "मन की बात" कार्यक्रम को सुन रहे थे।



जमशेदपुर। मन की बात कार्यक्रम पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 3 अक्टूबर 2014 को पहली बार मन की बात की थी और तब से लेकर आज वे 52वीं बार देश को सम्बोधित कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री देश के मन को स्पर्श कर उन्हें संबोधित करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री देश में शिक्षा सामाजिक कार्य स्वास्थ्य, आध्यात्म आदि सभी क्षेत्रों में जो बेहतर कार्य हो रहे हैं उन्हें आम जनता तक बताने और उन्हें उससे जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जो आम जनता से सीधे उनके मन तक जुड़ रहे हैं। जैसे एक व्यक्ति का मन होता है, वैसे ही एक समुदाय-समाज और एक देश का भी मन होता है। प्रधानमंत्री देश के मन को स्पर्श कर उन्हें संबोधित करते हैं और देश की जनता से सीधे जुड़ने की पहल कर रहे हैं।

परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में जमशेदपुर की 10वीं की छात्रा इशिका साहू और 9वीं के छात्र आयुष झा

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के द्वारा 29 जनवरी को आयोजित परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में जमशेदपुर के केंद्रीय विद्यालय की 10वी की छात्रा इशिका साहू और एस के पी एस स्कूल के 9 वीं कक्षा के छात्र आयुष झा के भाग लेने पर खुशी व्यक्त की। उन्हें सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड के युवा बहुमुखी प्रतिभा के धनी बने और राष्ट्र के लिए समर्पित होने का ध्येय लेकर आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बच्चों के लिए एक विशेष कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा की शुरुआत की है जिसमें बच्चे सीधे देश के प्रधानमंत्री से रूबरू होते हैं और उन्हें पढ़ाई के दौरान किन किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है इसे लेकर वे सीधे प्रधानमंत्री से प्रश्न पूछते हैं। यह एक बड़ी पहल है।

फीमेल फिटनेस ने दी तिरंगे को सलामी

महिलाओं ने लिया लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाने का संकल्प
: फीमेल फिटनेस प्रो में धूमधाम से मना गणतंत्र दिवस, क्विज का हुआ आयोजन

रांची। देश के 70वें गणतंत्र दिवस पर फिमेल फिटनेस प्रो, हिनू के द्वारा झंडोत्तोलन कर तिरंगे को सलामी दी गयी। मुख्य संचालिका शशि प्रिया द्वारा ध्वजारोहण किया गया। उन्होंने फीमेल फिटनेस से जुड़े सभी महिलाओं व आमजनों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं व बधाई दी। मौके पर देशभक्ति पर आधारित क्विज का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं व युवतियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले महिलाओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी महिलाओं ने योग के प्रति जागरूकता संदेश फैलाने व लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाने का संकल्प लिया। मौके पर लोगों के बीच मिठाई बांटी गई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सैकड़ों की संख्या में संस्था से जुड़ी महिलाएं व अन्य लोग मौजूद थे।

वीर कुंवर सिंह विचार मंच ने फहराया तिरंगा

कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी देवेंद्र सिंह सम्मानित
बाबू कुवंर सिंह की प्रपौत्री रेणु सिंह रहीं आकर्षण का केंद्र


रांची। 70 वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में बाबू वीर कुंवर सिंह विचार मंच हरमू हाउसिंग कॉलोनी हरमू चौक के पास रांची में बाबू वीर कुंवर सिंह की पर पौत्री  रेनू सिंह जी की गरिमामय उपस्थिति में राष्ट्रीय ध्वज आरोहण एवं रक्तदान शिविर का आयोजन वीर कुंवर सिंह पार्क हरमू में किया गया। इस अवसर पर झारखंड पुलिस के सहायक उपनिरीक्षक व राष्ट्रपति पद से सम्मानित देवेंद्र सिंह जी को उनकी ड्यूटी पर तत्परता एवं समाज सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए बाबू वीर कुंवर सिंह विचार मंच, दृष्टि कम्युनिकेशन ऑफ एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी एवं क्षत्रिय संगठन प्रतिनिधि महासभा की ओर से प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्र, व तलवार ढाल देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट  अतिथि के रूप में जे.एस.सी.ए के सचिव, अभिजीत चक्रवर्ती, विजय सिंह पूर्व आयुक्त, वरिष्ठ भाजपा नेता डॉक्टर सूर्यमणि सिंह,केंद्रीय सिंहभूम वरिष्ठ नागरिक संघ के केंद्रीय अध्यक्ष शिवपूजन सिंह, अखिल भारतीय  यादव महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक यादव,क्षत्रिय संगठन प्रतिनिधि महासभा के प्रदेश संयोजक विनय कुमार सिंह, शैलेंद्र सिंह, अरुण झा वार्ड 26 के पार्षद, इंद्रजीत यादव,जितेंद्र यादव, अनिल मिश्रा बनारस यादव वीरेंद्र सिंह आदि उपस्थित थे रक्तदान शिविर दृष्टि कम्युनिकेशन ऑफ एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी एवं सदर हॉस्पिटल के सौजन्य से आयोजित किया गया। कार्यक्रम के आयोजन में मुख्य रूप से मनोज कुमार सिंह, दिलीप सिंह, विकास सिंह, सतीश
कुमार सिंह, मुकेश कुमार,सुनील कुमार सिंह, धर्मेंद्र सिंह अरविंद कुमार आदि ने भाग लिया।

शिव की दुनिया में कोई भेद नहींः अनुमिता


पटना। पटना के कन्हौली के पैनाल में शिव गुरु महोत्सव का आयोजन किया गया। आओ चलें शिव की ओर   के उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए लगभग पंद्रह हजार से अधिक लोग एकत्रित हुए थे। इस विराट शिव गुरु महोत्सव में पटना से आई अनुनिता ने कहा कि शिव विसंगतियों में संगति हैं। शिव की बनाई हुई दुनिया में कोई भेद नही है। उनका शिष्य होकर ही हम अपने जीवन में आगे बढ़ सकते हैं। डॉक्टर अमित कुमार ने कहा कि शिव के शिष्य बनने की दिशा में साहब हरींद्रानंद जी द्वारा दिया गया तीन सूत्र ही सहायक है और कुछ नही। उन्होंने कहा कि वे जगत गुरु हैं इसलिए उनका शिष्य होने के लिए कोई नियम नही है और कोई वर्जना भी नही है। ब्रजेश सिंह,अनिल ,उमेश और अजय गुप्ता के साथ साथ किशन कुमार ने भी अपने विचार को रखा। उपस्थित लोगों में महिलाओं की संख्या काफी अधिक थी। पूरा का पूरा इलाका शिवमय हुआ था। शिव गुरु की व्याप्ति और फैलाव के निमित्त इस कार्यक्रम में स्थानीय लोगो ने भी हिस्सा लिया।

गुरुवार, 24 जनवरी 2019

धालभूमगंज से उड़ेंगे बोइंग विमानः रघुवर दास



एयरपोर्ट के लिए हुआ भूमि पूजन और एमओयू
पहले  पुनर्वास होगा फिर विस्थापन




रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आज प्रतिदिन 30 हवाईजहाज देश के अन्य राज्यों के लिये भगवान बिरसा मुंडा की धरती से प्रतिदिन उड़ान भर रहे हैं। पिछले वर्ष 2018 में लगभग 25,50,000 यात्रियों ने हवाई जहाज से यात्रा की। यह 4 साल की उपलब्धि है यानि झारखंड के लोगों की क्रय शक्ति बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के विकास के लिए भूमि पूजन एवं एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम में बोल रहे थे। धालभूमगढ़, पूर्वी सिंहभूम में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

डेढ़ साल में धालभूमगढ़ हवाई अड्डे से हवाई यात्रा प्रारंभ होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि 28 दिसंबर 2014 के पहले झारखंड में प्रतिदिन 1500 लोग हवाई यात्रा करते थे और सिर्फ 8 हवाई जहाज प्रतिदिन चलते थे और एक साल में लगभग 1,50,000 यात्री ही हवाई जहाज से यात्रा करते थे। उन्होंने कहा कि 4 सालों में प्रधानमंत्री के शासन काल में आज औसतन 60,000 यात्री प्रतिदिन हवाई यात्रा कर रहे हैं और इसी कारण से उड़ान योजना के तहत दुमका, पलामू, हजारीबाग, डाल्टनगंज, बोकारो इस क्षेत्र में काफी काम हो रहे हैं। बहुत जल्दी इन क्षेत्रों में उड़ान के माध्यम से कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के लिए आज भूमि पूजन हुआ है, डेढ़ साल के अंदर यह कार्य पूर्ण हो जाएगा और यहां से भी उड़ान भरेंगे।

बोइंग बस विमान धालभूमगढ़ से उड़ान भरेंगे
धालभूमगढ़ ओडीशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड 3 राज्यों के मिलन बिंदु पर अवस्थित है। निश्चित रूप से आने वाले समय में यह हवाई अड्डा देश का कमर्शियल हवाई अड्डा बनेगा। इस को ध्यान में रखकर प्रथम चरण में यह कार्य शुरू हो रहा है। द्वितीय चरण के लिए भी जिले के उपायुक्त को निर्देश दिया गया है। आने वाले वर्षों में यहां से बोइंग बस विमान भी उड़ान भरेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि द्वितीय चरण के लिए 55 एकड़ जमीन की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आसपास की जनता से अनुरोध करूंगा कि 55 एकड़ जमीन जो देंगे उसमें 2013 के भूमि अधिग्रहण के साथ जो भी जमीन देंगे उन्हें बाजार मूल्य का 4 गुना पैसा सरकार देगी। इसके साथ साथ जमीन भी देंगे ताकि अपना घर बना सकेंगे और अपना व्यापार और खेती भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा हमने देवघर में किया। प्रधानमंत्री के हाथों पिछले वर्ष धनबाद में देवघर में बनने वाले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का शुभारंभ किया गया। वहां 600 परिवारों को विस्थापन करने का काम किया लेकिन साथ साथ पुनर्वास भी किया। उन्होंने कहा कि सारे लोगों को जमीन दी गई। गरीब जहां दो तल्ले घर बना रहे हैं तो वहीं बहनें फूलों की खेती कर रही हैं जिन की खपत स्थानीय बैद्यनाथ धाम मंदिर में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्थापन हमारी सरकार में नहीं होगा पहले पुनर्वास होगा फिर विस्थापन का काम होगा इसलिए इस दिशा में जिला प्रशासन, जिला परिषद की अध्यक्ष सांसद और यहां की स्थानीय जनता आम सभा करके निर्णय लें। क्षेत्र का कई गुना विकास होगा। एयरपोर्ट और उड्डयन क्षेत्र में रोजगार के नए आयाम खुलेंगे। आसपास के गांव के युवक युवतियों को प्रशिक्षण देकर इस क्षेत्र में रोजगार हेतु स्थानीय लोगों को ही प्राथमिकता मिलेगी ताकि धालभूमगढ़ के युवक-युवतियों को यहां से पलायन ना करना पड़े।

सीएम ने चाईबासा से किया मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का शुभारंभ


सीएम रघुवर दास ने कहा-

●बच्चियां अपने परिश्रम से राज्य का मान बढ़ाएं

●शिक्षा बदलाव व विकास की संजीवनी है

★ योजना से लाभान्वित होंगे राज्य के 27 लाख परिवार

★ कोल्हान प्रमंडल में 6,661 व चाईबासा के 4, 238 लाभुक मुख्यमंत्री सुकन्या योजना से आच्छादित , 7 लाभुकों को सांकेतिक तौर पर सौंपा प्रमाण पत्र

★योजना का लक्ष्य बच्चियों का संपूर्ण सशक्तिकरण, सात किस्तों में 40 हजार का अनुदान

★मुख्यमंत्री ने 10 एमबीबीएस 22 विशेषज्ञ चिकित्सकों को सांकेतिक तौर सौंपा नियुक्ति

★ 300 मॉडल आंगनबाड़ी का शिलान्यास व 25 मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र का उद्घाटन किया


चाईबासा/रांची। उज्ज्वल कल के लिए बालिकाओं का सशक्तिकरण। यही है मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का मूल उदेश्य। राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुभकामनाएं। आज के दिन मुख्यमंत्री सुकन्या योजना की शुरुआत कर मुझे खुशी है। ये नारी शक्ति राज्य की शक्ति है, 4 वर्ष के विकास में नारी शक्ति के योगदान को नकारा नहीं जा सकता। यह राज्य की शक्ति है। राज्य की बच्चियां शिक्षित होंगी तो तो परिवार में संस्कार का संचार होगा। आज लड़कियां किसी से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं। हर जगह उनकी बराबर की भूमिका दिख रही है। खेल के क्षेत्र में सबसे ज्यादा मेडल लाने का कार्य लड़कियों ने किया है। बेटी हमारा गौरव है बेटी हमारा अभिमान है। इस सोच के साथ सभी अभिभावकों को कार्य करने की जरूरत है। बेटा और बेटी में विभेद ना करें। उपरोक्त बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कही । श्री दास गुरुवार को चाईबासा के टाटा कॉलेज मैदान में मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में कही।

जन जन तक इस योजना को पहुंचायें
 रघुवर दास ने कहा कि योजना तो लागू हो चुकी है अब हम सब भी अपनी साझी भागीदारी निभाएं और जन जन तक इस योजना का संप्रेषित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुकन्या योजना का लक्ष्य बच्चियों को सशक्त करना, उनमें आत्मविश्वास का संचार करना, बाल विवाह रोकना और सबसे खास उन्हें शिक्षित कर स्वावलंबन की ओर अग्रसर करना है। योजना तहत जन्म लेने वाली बच्ची की माँ के बैंक खाते में 5 हजार रुपये जमा कर दिए जाएंगे। पहली कक्षा में नामांकन के समय 5 हजार, 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं में 5-5 हजार सरकार द्वारा बैंक खाते में जमा किया जाएगा। जब बेटी 18 साल की होगी तो 10 हजार रुपये दिये जायेंगे। इस तरह जन्म से लेकर 20 वर्ष तक आयु तक 7 किस्तों में 40 हजार रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी। अगर बिटिया शादी करना चाहे तो मुख्यमंत्री कन्यादान योजना तहत 30 हजार रुपये मिलेंगे। झारखण्ड के 27 लाख परिवार इस योजना से आच्छादित होंगे।

अगर कम उम्र में शादी के लिए दबाव बनाए तो 181 में सूचना दें बच्चियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रूण हत्या पाप है। राज्य का लिंग अनुपात ठीक है लेकिन दोनों को समतुल्य बनाना है। आदिवासी समाज के लोग बेटा और बेटी में भेद नहीं करते हैं लेकिन पढ़े लोगों में यह ज्यादा देखने को मिलता है। चिकित्सक भी इस बात का ध्यान रखें वे अल्ट्रासाउंड के माध्यम से इसकी जानकारी किसी को ना दें अन्यथा आप दोषी ठहरा कर जेल जाने के भागी होंगे। आप यह पाप ना करें। मुख्यमंत्री ने बच्चियों से अपील किया कि अगर कोई आपकी शादी कम उम्र में करना या कराना चाहे तो 181 में इसकी जानकारी दें।

सरकार शिक्षक के नहीं बल्कि बच्चों के लिए स्कूल संचालित कर रही है
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल शिक्षकों के लिए नहीं बल्कि बच्चों के लिए खोला गया है। हर विषय के शिक्षक स्कूल में रहें यह सुनिश्चित किया जा रहा है। सुदूरवर्ती ग्रामीण व पहाड़ी क्षेत्र के स्कूलों का विलय ध्यान में रख कर किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य भी जल्द प्रारंभ होगा। मैं शासन करने नहीं सेवा करने आया हूँ जनता के हित में जो बदलाव करना होगा करूंगा।

प्रति एकड़ किसानों को 5 हजार रुपये, कृषि कार्य मे होगा सहायक
सीएम रघुवर दास ने कहा कि मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत किसान भाई बहनों को प्रति एकड़ पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना के दायरे में 5 एकड़ और एक एकड़ से कम जमीन के किसान आएंगे। उक्त अनुदान की राशि किसानों को खाद, बीज व अन्य कृषि कार्य हेतु उपयोगी चीज खरीद सकेंगे। इस योजना पर सरकार 2 हजार 250 करोड़ रुपये खर्च करेगी। आज राज्य को इस बात का गर्व है कि 2014 में जो कृषि विकास दर -4.5% थी वह बढ़कर +14% हो गया। किसानों के उत्साह को देखकर राज्य सरकार ने 100 किसानों को इजरायल भेजा और आधुनिक कृषि प्रणांली से अवगत कराया। हर वर्ष 100 किसानों को इजरायल और फिलीपींस भेजा जाएगा। ताकि राज्य के किसान समृद्ध हो सकें। अन्नदाता के चेहरे पर मुस्कान लाना सरकार का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने आपके सपनों को पूरा करने की कोशिश की है
नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का शुभारंभ कोलहान की धरती से हो रहा है। थे इस बात का प्रमाण है कि हम जो कहते हैं वो करते हैं। जिसका प्रमाण है आज का यह कार्यक्रम। मुख्यमंत्री सपने दिखाते नहीं बल्कि उसे पूरा भी करते हैं। सरायकेला भ्रमण के दौरान हर घर शौचालय और बिजली देखा हूँ। आप से आग्रह है कि दिन में जलते बल्ब को बंद रखें। सरकार ने 4 साल में 30 लाख घरों तक बिजली पहुँचा दी है जो काम आज़ादी के बाद नहीं हुआ।

4 वर्ष में महिला व बालिका विकास के कई कार्य हुए हैं
सांसद श्री लक्ष्मण गिलुआ ने कहा कि विगत 4 वर्ष में महिला और बालिका कल्याण हेतु कई कार्य और योजनाओं को संचालित किया गया है। मुख्यमंत्री सुकन्या योजना राज्य की बालिकाओं की समृद्धि का कारक बनेगा। उसी तरह मुख्यमंत्री कृषि समृद्धि योजना के तहत किसानों का लाभान्वित करने का कार्य हो रहा है।

87 हजार आवेदन पूरे राज्य से प्राप्त हुए
मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के तहत पूरे राज्य से 87 हजार आवेदन प्राप्त हुए। 3 जनवरी 2019 को योजना को कैबिनेट में स्वीकृति मिली, 4 जनवरी को संकल्प पत्र जारी हुआ और आज 21 दिन बाद योजना का शुभारंभ कोल्हान की धरती से हुआ। कोल्हान प्रमंडल में कुल 15 हजार 61 आवेदन प्राप्त हुए, 6 हजार 700 स्वीकृत हुए, लगभग 5 हजार लाभुकों का चयन हुआ और 2.50 करोड़ की राशि का भुगतान किया गया।

मुख्यमंत्री ने सुकन्या योजना के तहत चाईबासा की अंकिता पूर्ति, ऐरा करवा, कांति हेम्ब्रम, सुखमती कुदादा, गीता देवगाम, तृप्ति विश्वकर्मा, मंजू खनदैत पूर्वी सिंहभूम की राधिका सबर, रिंकी गोप, इना भगत, भवानी केवट, सरायकेला की भाग्यवती बेहरा, प्रियंका पडीहरी और संतोषी सरदार को प्रमाण पत्र सौंपा।

स्वागत संबोधन आयुक्त कोल्हान प्रमंडल विजय कुमार सिंह व धन्यवाद ज्ञापन उपायुक्त चाईबासा श्री अरवा राजकमल ने दिया।

इस अवसर पर नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, सांसद लक्ष्मण गिलुआ, विधायक दीपक बिरुवा, विधायक  साधुचरण महतो, सचिव महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विकास अमिताभ कौशल, बाल संरक्षण आयोग की अध्य्क्ष आरती कुजूर, जेबी तुबिद, पुलिस उप महानिरीक्षक कुलदीप दिवेदी व अन्य उपस्थित थे।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...