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मंगलवार, 18 जून 2019

झारखंड कैबिनेट के फैसले


● राज्य स्कीम के तहत संचालित चयनित 6 अति पिछड़े जिलों के विकास के लिए आकांक्षी जिला योजना के तहत मार्गनिर्देशिका में संशोधन की स्वीकृति दी गई.

● झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा एल.पी.ए. संख्या 186/2017 एवं अन्य विभिन्न वादों में पारित न्यायादेश को लागू करने के लिए झारखंड प्रारंभिक विद्यालय शिक्षक नियुक्ति (तृतीय संशोधन) नियमावली-2019 को घटनोत्तर स्वीकृति दी गई.

● झारखंड सरकार के अधीनस्थ अनियमित रूप से नियुक्त एवं कार्यरत कर्मियों की सेवा नियमितीकरण नियमावली, 2015 में संशोधन की स्वीकृति दी गई.

● एस.बी. सिन्हा (से. नि.) आयोग की अनुशंसा एवं सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली द्वारा पारित न्यायादेश के आलोक में राज्य के नवांगीभूत महाविद्यालयों के शिक्षक/ शिक्षकेत्तर कर्मियों के छाया पद सृजन की स्वीकृति दी गई.

● गढ़वा जिला अंतर्गत बाँयी बांकी सिंचाई योजना के पुनरुद्धार एवं मुख्य नहर के लाइनिंग कार्य के लिए कुल 164 करोड़ 81 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई.

● गोड्डा जिला अंतर्गत कजरिया बीयर योजना के पुनरुद्धार एवं नहर का लाइनिंग कार्य के लिए कुल रुपए 34 करोड़ 55 लाख की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई.

● सुरंगी जलाशय योजना के लिए रुपये 49.73 करोड़ के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई.

● ताजना बराज सिंचाई योजना के पुनरुद्धार एवं नहरों के लाइनिंग कार्य के लिए रुपए 49 करोड़ के प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई.

● सिमडेगा जिला अंतर्गत कंसजोर जलाशय योजना के मुख्य नहरों के लाइनिंग सहित पुनरुद्धार कार्य के लिए 58.05 करोड़ मात्र के प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई.

● वक्फ संशोधन अधिनियम 2013 एवं माननीय उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली के सिविल वाद संख्या-14565/2015 में दिनांक 15 दिसंबर 2015 को पारित आदेश के आलोक में त्रिसदस्य वक्फ न्यायाधिकरण का गठन करने की स्वीकृति दी गई.

● "Ease of Doing Bussiness" के तहत औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा तैयार किए गए "बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान" के अनुपालन के लिए कारखाना अधिनियम,1948 के केंद्रीय अधिनियम संख्या-63 में संशोधन के लिए कारखाना (झारखण्ड संशोधन), विधेयक 2019 की स्वीकृति दी गई.

● "माहिस्य" जाति को राज्य के अत्यंत पिछड़े वर्गों की सूची (अनुसूची-I) के क्रमांक-11 पर दर्ज "केवर्त्त" के साथ सम्मिलित करने की स्वीकृति दी गई.

● PVTG ग्रामोत्थान योजना की स्वीकृति दी गई. इस योजना का मुख्य उद्देश्य PVTG बाहुल्य ग्रामों का समेकित विकास करते हुए आदर्श ग्राम के रूप में परिणत करना है.

● नई अंशदाई पेंशन योजना से आच्छादित कर्मियों को सेवानिवृत्ति सह मृत्यु उपादान देने की स्वीकृति दी गई.

● झारखंड पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों में आरक्षण (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों एवं पिछड़े वर्गों के लिए) (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, 2019 की स्वीकृति दी गई.

● सर्वोच्च न्यायालय में दायर सिविल अपील संख्या 13375/2015 झारखंड राज्य एवं अन्य बनाम इलीशियस लकड़ा एवं वगैरह से उदभूत अवमाननावाद संख्या 1276/2018 प्रशांत कुमार दास एवं अन्य बनाम सुखदेव सिंह एवं अन्य तथा अवमाननावाद संख्या 1221/2018 विष्णुदेव प्रसाद बनाम सुखदेव सिंह एवं अन्य में पारित न्यायादेश के अनुसार राज्य कोषागार में एकीकृत बिहार की अवधि में विभिन्न बोर्ड/निगम से प्रतिनियुक्ति पर आए 78 कर्मियों को विभागीय लेखा परीक्षा तथा हिंदी टिप्पन प्रारूपन परीक्षा की बाध्यता को शिथिल करते हुए वेतन संरक्षण के आधार पर निगम में प्रथम नियुक्ति की तिथि से एसीपी और एमएसीपी का लाभ स्वीकृत करने के लिए  घटनोत्तर स्वीकृति दी गई.

अन्यान्य...

● संथाल परगना प्रमंडल में भूमि अविक्रयशील होने के कारण लोगों द्वारा दान पत्र, बदलनामा अथवा अन्य कागजातों के आधार पर भूमि लेकर कच्चा घर बनाकर निवास किया जा रहा है. यद्यपि ऐसी भूमि का हस्तांतरण एसपीटी एक्ट के तहत वैध नहीं है, लोग घर बनाकर शांतिपूर्ण तरीके से बिना किसी विवाद के रह रहे हैं. ऐसे लोगों को प्रधानमंत्री आवास का लाभ दिया जाना आवश्यक है. अतः सम्यक विचारो उपरांत निर्णय लिया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ संथाल परगना क्षेत्र में उन लाभुकों को दिया जा सकता है जिनका भूमि  पर दान पत्र अथवा अन्य कागजात के आधार पर दखल है एवं उस पर ग्राम सभा/वार्ड की कोई आपत्ति नहीं है.

सीएम रघुवर दास ने दी समेकित जल योजना को स्वीकृति

विकास आयुक्त की अध्यक्षता में बनेगी अंतर्विभागीय समिति 

रांची।मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने आज एक अहम् फैसला लेते हुए यह आदेश दिया है कि पूरे राज्य की एक समेकित जल योजना होगी। अलग अलग विभागों की जल संचयन एवं जल सिंचन की योजनाओं के बदले एकीकृत जल योजना पर अंतर्विभागीय समिति के गठन को मुख्यमंत्री ने स्वीकृति दी है. जल योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, जल स्रोतों का नवीकरण, वर्षा जल का सदुपयोग इत्यादि से संबंधित कार्य योजना के लिए सामूहिक रूप से लागू करने के लिए सभी कार्य सुनिश्चित होंगे.

एक क्षेत्र में दोहरी योजना के क्रियान्वयन से बचा जा सकेगा
जल संचयन एवं जल सिंचन के लिए जल संसाधन विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, वन, पर्यावरण जलवायु परिवर्तन विभाग तथा कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के द्वारा अलग-अलग योजनाएं चलाई जाती हैं तथा इनके लिए अलग अलग बजट भी होते हैं. ऐसे में एकीकृत योजना क्रियान्वयन का यह लाभ होगा कि किसी क्षेत्र में दोहरी योजना के क्रियान्वयन से बचा जा सकेगा। साथ ही, जल सिंचन से रहित क्षेत्र में जल संचयन एवं जल सिंचन का कार्य हो सकेगा.

राज्य के विकास आयुक्त इसके अध्यक्ष होंगे
इस अंतर्विभागीय समिति के अध्यक्ष राज्य के विकास आयुक्त होंगे. जल संसाधन विभाग के सचिव इस समिति के सदस्य सचिव होंगे. वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग एवं कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव इस समिति के सदस्य होंगे.

यह राज्य की जल योजना कहलाएगी
जल संचयन एवं जल सिंचन से संबंधित विभागों के बजट को ध्यान में रखते हुए यह समेकित योजना जो राज्य की जल योजना कहलाएगी.

जल योजना एक अभियान के रूप में चलेगा
इस जल योजना का संचालन अभियान के रूप में पूरे राज्य में समयबद्ध संचालित किया जाएगा. इस योजना का प्रचार-प्रसार तथा जागरूकता अभियान व्यापक रूप से चलाया जाएगा. हर 15 दिन में इसकी मोनिटरिंग होगी।

जनसम्पर्क विभाग चलायेगा जागरूकता अभियान
योजना के सफल संचालन के लिए पूरे राज्य में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग तथा अन्य मीडिया के साथ बड़े पैमाने पर जन जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे.

प्रधानमंत्री ने भी किया है जल संचयन का आह्वान्
15 जून 2019 को नई दिल्ली में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रमुख एजेंडा था. नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों से जल संचयन तथा जल सिंचन पर व्यापक रूप से अभियान चलाकर विभिन्न विभागों के कार्यों को एक साथ योजनाबद्ध तरीके से करने का आह्वान् किया था।

जर्जर आवास में रह रहे हैं बंदगांव बीडीओ

विनय मिश्रा

चक्रधरपुर : पश्चिम सिंहभूम जिला के सबसे सुदूर व दुर्गम प्रखंड के रूप में पहचाने जाने वाला प्रखंड बंदगांव की समस्या दूर करने में तत्पर रहने वाले बीडीओ कामेश्वर बेदिया का आवास जर्जर और खस्ताहाल है। हमेशा छत से प्लास्टर टूट टूट कर गिरते रहता है। जिसके फलस्वरूप अपने दैनिक कार्यों को निपटाने में इन्हें परेशान उठानी पड़ती है। जिस अधिकारी का दायित्व हो कि प्रखंड का व्यापक विकास जन समस्याओं का निराकरण लोगों तक स्वयं पहुंच कर उन्हें राहत पहुंचाना, उनके दायित्व में शामिल हो और उस अधिकारी का आवास ही खस्ता हालत रहे तो ये काफी पीड़ा जनक है। श्री बेदिया के योगदान देने के पश्चात से प्रखंड में  वैसे पंचायत जो काफी सुदूर के साथ साथ विकास से वंचित भी रहे थे, इन क्षेत्रों में न सिर्फ विकास कार्य तेज हुए, बल्कि  कोल्हान के डीआइजी कुलदीप द्विवेदी जब बंदगांव प्रखंड पहुंचे, तो लोगों ने बताया कि इस सुदूर क्षेत्र में बीडीओ के सार्थक प्रयास का परिणाम है कि इस प्रखंड के लोग भय मुक्त होने के साथ साथ विकास को भी देखा है ।
डीआइजी कुलदीप द्विवेदी ने बीडीओ के काम की सराहना भी की। वर्तमान समय में अधिकारी के आवास की दयनीय स्थिति की जानकारी ग्रामीण विकास विभाग को भी दे दी गई हैं तथा इस प्रकरण में भवन निर्माण विभाग को भी जानकारी देकर इन आवासों को पुनः निर्माण कराने के लिए ध्यान आकृष्ट कराया गया है।

निरूप प्रधान ने सिखाए दुष्कर्मियों से बचाव के गुर



रांची / चक्रधरपुर / दुष्कर्म जैसे कुकर्म से कैसे बचा जाए यह सिखा रहे हैं युवा समाजसेवी एवं शिक्षाविद् निरुप कु. प्रधान ।
अपने निःशुल्क शिक्षण स्थान श्यामरायडीह में श्री निरुप ने आसपास के पांच गांव के बच्चों को बुलाकर दुष्कर्म जैसे अपराध की घटना से कैसे बचा जाए, यह सिखाया। साथ ही यह भी बताया कि तो उन्हें क्या करना है, इसकी भी जानकारी उन्होंने दी। उन्होंने बताया कि यह सामाजिक क्षेत्र में बहुत बड़ा कदम है। समाज में शिक्षा की ज्योति वह जला ही रहे हैं, पर आए दिन समाज में ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जिससे बच्चे जागरुक ना होने के कारण इससे अपना बचाव नहीं कर पाते। यह श्री निरुप का एक सराहनीय कदम है ताकि बच्चे इससे जागरूक हो और अपनी सुरक्षा स्वयं कर पाएं।

सोमवार, 17 जून 2019

भारत की पाक नीति में बदलाव की जरूरत




देवेंद्र गौतम
पाकिस्तान की साझा की हुई सूचना सही निकली। पुलवामा में सेना की पेट्रोलिंग गाड़ी पर एलइडी से हमला हुआ जिसमें पांच जवान घायल हो गए। वाहन पर 44 राजपुताना राइफल के जवान मौजूद थे। हमले के बाद आतंकियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच फायरिंग हुई जिसमें एक आतंकी ढेर हो गया।
यह भारत का विश्वास जीतने और आतंकी गतिविधियों से पाक सरकार का कोई सरोकार नहीं होने का प्रमाण देने की सोची समझी रणनीति हो सकती है। पाकिस्तान का कोई भरोसा नहीं। वह गिरगिट की तरह रंग बदलना जानता है। अभी विश्व समुदाय के समक्ष अपनी छवि सुधारना उसके लिए जीवन-मरण का प्रश्न बन गया है। अर्थ व्यवस्था को संकट से निकालने के लिए उसे तरह-तरह के मुखौटे लगाने की जरूरत पड़ेगी। वह बहुत ही शातिर देश है। जारिर तौर पर यह पराजय स्वीकार करने और आत्मसमर्पण करने जैसा प्रतीत होता है। लेकिन इसके पीछे एक कदम आगे बढ़ने के लिए दो कदम पीछे हटने की नीति हो सकती है। फिलहाल उसके बड़बोलापन और डींग हांकने की प्रवृत्ति पर परिस्थितियों का इतना जोरदार चाबुक पड़ा है कि वह पूरी तरह तिलमिला उठा है। वह अपनी खुली आतंकी नीति को जारी रखने की स्थिति में नहीं है। वह पर्दे रहकर ही अपनी हरकतों को अंजाम दे सकता है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि उसकी सरज़मीन पर मौजूद आतंकी आकाओं को भारत के हवाले करने की शर्त के साथ राजनयिक संबंधों को पुनर्स्थापित करे और सेना को अपना काम करने की छूट जारी रखे। आतंकी संगठनों के जायज-नाजायज आर्थिक स्रोतों की नाकेबंदी करे। पाकिस्तान अभी प्रत्यक्ष रूप से कश्मीर में अलगाववादियों और आतंकियों की फंडिंग करने की स्थिति में नहीं है। पाक सेना और आइएसआई ड्रग तस्करी के जरिए अपनी खुराफातें जारी रख सकते हैं। ऐसे में भारत की खुफिया एजंसियां ड्रग तस्करी के जाल को काटने की रणनीति अपना सकती हैं।
कुल मिलाकर मौजूदा परिस्थियों में भारत सरकार को अपनी पाकिस्तान नीति में काफी कुछ बदलाव की जरूरत पड़ेगी। लेकिन इसे बहुत सोच समझकर तय करना होगा और बहुत सतर्कता के साथ अमली जामा पहनाना होगा।   

दिव्यांग भाई-बहन ने संगीत की दुनिया में लहराया परचम


रांची। दिल में कुछ बेहतर करने का जज्बा और जुनून हो तो विपरीत परिस्थितियों में भी इंसान सफलता की सीढ़ियां चढ़ने में कामयाब हो जाता है। मुश्किल हालात में भी मंजिल हासिल करने में सफलता मिल जाती है। इसे सच साबित कर दिखाया है झारखंड के धनबाद जिलांतर्गत भूली निवासी सगे भाई - बहन सौरभ सुमन व बरखा राय ने। सौरभ और बरखा झारखंड सरकार के राजस्व व भूमि सुधार मंत्री अमर कुमार बाउरी के ओएसडी व विभागीय संयुक्त सचिव अवध नारायण प्रसाद की संतान हैं। बचपन से ही दिव्यांगता की शिकार दोनों भाई - बहन का  पढ़ाई के अलावा गीत- संगीत के प्रति भी लगाव बना रहा। सौरभ सुमन वाणिज्य स्नातक व चार्टर्ड अकाउंटेंट की सीपीटी परीक्षा पास हैं। वहीं बरखा बीएससी (जूलाॅजी आॅनर्स) है। पढ़ाई में  हमेशा अव्वल रहने वाले दोनों भाई बहन पर संगीत का जादू सिर चढ़कर बोलता है। बचपन से ही दिव्यांगता (पोलियो) की शिकार दोनों भाई बहन  ने कभी हिम्मत नहीं हारी।  पढ़ाई के अलावा संगीत के प्रति रूझान बढ़ा। संगीत की दुनिया में  दोनों की मखमली आवाज का जादू ऐसा चला कि उसकी गूंज मुंबई के गलियारों तक पहुंच गई। अपनी सुरीली गायन क्षमता का प्रदर्शन कर दोनो भाई- बहन ने बाॅलीवुड में दस्तक दिया। दोनों बच्चों की बेहतर परवरिश करने और उनकी प्रतिभा निखारने में माता पुष्पा प्रसाद ने अथक प्रयास किया। पिता अवधनारायण प्रसाद और माता पुष्पा प्रसाद के उत्साहवर्धक सहयोग के बलबूते दोनों भाई बहन ने संगीत की दुनिया में ऐसा जादू बिखेरा, जिसकी खुशबू झारखंड के गलियारों से होते हुए बाॅलीवुड की चकाचौंध में भी रौशनी फैला रही है। सौरभ व बरखा ने गायन के क्षेत्र में कदम बढ़ाने मुंबई का रुख किया, तो वहां प्रख्यात फिल्मकार व निर्माता सुबोध पांडेय ने पार्श्व गायक के रूप में उनका चयन कर लिया। लगभग पन्द्रह दिन गायन के क्षेत्र में उन्हें प्रशिक्षण दिया गया। इसमें दोनों भाई बहन ने अपनी सुरीली आवाज से श्रोताओं व उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जल्द ही सौरभ व बरखा के गाये गीतों का एलबम रिलीज होने वाला है। अपने बच्चों की इस अद्भुत क्षमता व सफलता पर पिता अवधनारायण प्रसाद और माता पुष्पा प्रसाद सहित अन्य परिजन गौरवान्वित हैं। झारखंड की माटी के लाल की बाॅलीवुड में दस्तक और गायकी के क्षेत्र में कदम रखने से पूरे झारखंड का मान-सम्मान बढ़ा है। सौरभ और बरखा की इस उपलब्धि पर झारखंड गौरवान्वित है।

पूर्णतः सुरक्षित तथा आदर्श हो योग दिवस का मुख्य कार्यक्रमः मुख्य सचिव




रांची। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के मुख्य कार्यक्रम और प्रधानमंत्री के उसमें शामिल होने को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अला अधिकारियों संग व्यापक विचार-विमर्श किया गया। मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी ने निर्देश दिया कि अधिकारी इसकी मुकम्मल व्यवस्था कर लें कि कार्यक्रम त्रुटिहीन हो। उन्होंने कहा कि 20 जून तक मॉनसून के झारखंड में प्रवेश को ध्यान में रखते हुए हमारी तैयारी होनी चाहिए।

प्रधानमंत्री 20 जून की रात में पहुंचेंगे रांची
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री 20 जून की रात में रांची पहुंचेंगे। उनके स्वागत से लेकर राजभवन जाने तथा सुबह में मुख्य कार्यक्रम स्थल प्रभात तारा मैदान पहुंचने और वहां से वापस एयरपोर्ट जाने तक की व्यवस्था की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने उनके मिनट टू मिनट कार्यक्रम के अनुसार अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी। इस दौरान मार्ग में वैरिकेडिंग से लेकर सुरक्षा और प्रोटोकॉल के तमाम मसलों पर विस्तार से चर्चा हुई तथा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई। निर्देश दिया कि ध्वनि विस्तारक की गुणवत्ता सर्वश्रेष्ठ रखें, ताकि लोग प्रधानमंत्री का संबोधन और योग से संबंधित दिए जाने वाले निर्देश स्पष्ट सुन सकें।

हर सेक्टर में बनाएं मेडिकल हट
मुख्य सचिव ने कार्यक्रम स्थल पर बनाये जाने वाले कुल चालीस सेक्टरों में से हर छह सेक्टर पर एक मेडिकल हट के अनुपात में 8 हट बनाने का निर्देश दिया। एक सेक्टर में 400 से 800 के बीच योग साधक रहेंगे। स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर रखने के लिए हर मेडिकल हट में स्ट्रेचर आदि की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया।

बारिश में भी मुस्तैदी बनी रहे
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि अगर कार्यक्रम के समय बारिश होती है, तो भी व्यवस्था ऐसी बनाएं कि अनुशासन बना रहे। उन्होंने इसके लिए वहां प्रतिनियुक्त लोगों को हरहाल में मुस्तैद रहने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि ऐसी स्थिति में योग साधकों को भी नियंत्रित रखें। बारिश की संभावना को देखते हुए निर्देश दिया कि हर वेन्यू पर पर्याप्त संख्या में छाता की व्यवस्था रखें।

स्ट्रीट लाइट और स्वच्छता रहे दुरुस्त
मुख्य सचिव ने योग दिवस के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के आगमन के मद्देनजर मुख्य मार्गों के स्ट्रीट लाइट को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया। वहीं, शहर में साफ-सफाई पर बल देते हुए निर्देश दिया कि संबंधित अधिकारी स्वच्छता पर फोकस रखें।

बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, डीजीपी श्री केएन चौबे, स्कूली शिक्षा के प्रधान सचिव श्री ए पी सिंह, नगर विकास सचिव श्री अजय कुमार सिंह, स्वास्थ्य सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी, पथ निर्माण सचिव श्री के के सोन, आवास सचिव श्री सुनील कुमार, ऊर्जा सचिव श्रीमती वंदना डाडेल, उच्च शिक्षा सचिव श्री राजेश कुमार शर्मा, नगर आयुक्त श्री मनोज कुमार, सूचना एवं जनसंपर्क के निदेशक श्री राम लखन प्रसाद गुप्ता तथा आई जी अभियान श्री आशीष बत्रा आदि उपस्थित थे।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...