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गुरुवार, 8 अगस्त 2019

सुषमा का जाना पार्टी ही नही, देश की क्षति : सिंह



रांची जिले के प्रसिद्ध समाजसेवी एवं नशा मुक्त और भ्रष्टाचार मुक्त का आंदोलन कर्ता निपु सिंह ने कहा कि पूर्व विदेश मंत्री व दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री सुषमा स्वराज का जाना भाजपा के लिए नहीं बल्कि पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है इसका भरपाई नहीं की जा सकती है उनकी काबिलियत को विदेशों में भी चर्चा होती है और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को न्याय और हक के लिए हमेशा सक्रिय रहती थी श्री सिंह ने कहा कि सुषमा के कारण ही झारखंड में विदेश मंत्रालय  बनने जा रहा है और पक्षी नहीं विपक्ष भी सुषमा के व्यवहार से प्रभावित रहते थे उन्होंने कहा कि वह महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत थी वह अपने भाषण से पूरे देश की जनता का दिल जीत लेती थी श्री सिंह ने जोर देकर कहा कि सुषमा स्वराज जी को इस दुनिया में नहीं रहना हमारे देश के लिए अपूरणीय क्षति है इसकी भरपाई करना काफी मुश्किल होगी भगवान उनकी आत्मा की शांति प्रदान करें एवं दुख की घड़ी में उनके परिवार वालों को शक्ति प्रदान करें

इंडस्ट्रियल हब बनने की दिशा में बढ़े झारखंड के कदमः के शिवकुमार

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★ बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान की 2017 की रैंकिंग में झारखंड पहले स्थान पर, 2014 में 24वें स्थान पर था

★ निवेशकों को सरकार दे रही है कई सुविधाएं

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रांची। इंडस्ट्रियल हब बनने की राह पर झारखंड के कदम बढ़ चुके हैं. राज्य में औद्योगिक विकास का माहौल तैयार करने के लिए पिछले साढ़े चार सालों में सरकार द्वारा किए गए अथक प्रयासों का नतीजा है कि आज देश-विदेश के निवेशक यहां उद्योग लगाने के लिए आगे आ रहे हैं. उद्योगों की स्थापना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर बड़े पैमाने पर लोगों को रोजगार मिल रहा है. उद्योग विभाग के सचिव  के रवि कुमार ने आज सूचना भवन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ये बातें कही.

उन्होंने बताया कि वर्तमान में यहां 3217 औद्योगिक इकाईयां हैं, जबकि 2015 में इसकी संख्या 2500 थी. इसके साथ उद्योग आधार पोर्टल पर 8997 लघु एवं मध्यम औद्योगिक इकाईय़ों निबंधित हैं. श्री कुमार ने बताया कि औद्योगिक विकास के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का नतीजा है कि भारत सरकार औऱ विश्व बैंक द्वारा बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान के अंतर्गत जारी किए जाने वाली रैंकिंग में झारखंड पहले स्थान पर (2017) पर है, जबकि 2014 में योजना आयोग की रैंकिंग में झारखंड 24 वें स्थान पर था.

जियाडा के गठन से औद्योगिक विकास को मिली गति

उद्योग विभाग के सचिव के रविकुमार ने बताया कि झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार  (जियाडा) के वजूद में आने के बाद औद्योगिक विकास को गति मिली है. इसके अंतर्गत उद्योगों के लिए भूमि और औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री स्थापित करने के लिए आनलाइन स्वीकृति दी जा रही है. उन्होंने बताया कि जियाडा के अंतर्गत स्वामित्व या प्रोमोटर में परिवर्तन के फलस्वरुप 115 रुग्ण और बंद इकाईयों को चालू किया जा चुका है.

मोमेंटम झारखंड ने औद्योगिक विकास को दिया नया आयाम


श्री कुमार ने बताया कि 2017 में हुए मोमेंटम झारखंड ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट से झारखंड में औद्योगिक विकास को नया आयाम मिला. इसके उपरांत सात चरणों में हुए ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह में 504 औद्योगिक परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई. इन औद्योगिक इकाईयों के लिए 50,627 करोड़ रुपए का निवेश हुआ और प्रत्यक्ष तौर पर 72,682 लोगों को रोजगार मिला है.

विकास में इस्तेमाल किया जा रहा सीएसआर फंड

उद्योग सचिव ने बताया कि झारखंड देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने झारखंड स्टेट कॉरपोरेट सोशल दायित्व काउंसिल लागू किया है. इसके अंतर्गत सीएसआऱ फंड का इस्तेमाल विकास और कल्याण के क्षेत्र में किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में काउंसिल के गठन के बाद से अबतक विभिन्न कंपनियों द्वारा सीएसआऱ फंड के तहत 15 सौ करोड़ रुपए से ज्यादा राशि विकास और कल्याण कार्यों में खर्च की जा चुकी है.

ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योगों के विकास पर भी विशेष जोर

ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग औऱ उद्यमियों के विकास औऱ प्रोत्साहन पर भी सरकार का विशेष जोर है. उद्योग सचिव ने बताया कि इसके लिए मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उध्यम विकास बोर्ड और झारखंड माटी कला बोर्ड का गठन किया गया है. इन बोर्डों का काम विभिन्न श्रेणियों के लघु एऴं कुटीर उद्योगों में काम कर रहे लोगों को प्रशिक्षण देने के साथ सहायता उपलब्ध कराना है. मुख्यमंत्री लघु कुटीर उद्यम विकास बोर्ड एवं जिडको के माध्यम  लाह उद्योग के लिए रांची के बुंडू,  हनी प्रॉसेसिंग  के लिए लोहरदगा के कुडू,  गोल्ड एवं सिल्वर ज्वेलरी के लिए रामगढ़ और लाह उद्योग के लिए सिमडेगा के कामडारा में कलस्टर का निर्माण किया जा रहा है. इसके अलावा दुमका में स्टोन क्राफ्ट एवं  एग्रीकल्चर कलस्टर और हजारीबाग में ब्रास ब्रांज यूटेन्सिल्स कलस्टर खोलने को स्वीकृति मिल चुकी है.

औद्योगिक विकास के लिए उठाए जा रहे ये कदम भी महत्वपूर्ण...एक झलक में...

★टेक्सटाइल इंडस्ट्री की स्थापना हेतु रांची के होटवार, चकला एवं दरदाग औद्योगिक क्षेत्र, कुल्ही औद्योगिक क्षेत्र, कोइळरी औद्योगिक क्षेत्र, सिल्क पार्क, ईरबा में भूमि का आवंटन

 ★जमशेदपुर के आदित्यपुर में कॉमन इफिसिएंट ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया है और रांची के तुपुदाना में सीईटीपी निर्माणाधीन है.

★राज्य से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 44 करोड़ से बनने वाले विश्व ट्रेड सेंटर को केंद्र सरकार से स्वीकृति मिल चुकी है.

★रांची में सेंट्रल इंस्टीट्यूट आफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की स्थापना की गई है

★झारखंड इंस्टीट्यूट आफ क्राफ्ट एंड डिजाइनिंग की स्थापना करने की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है.

★देवघर प्लास्टिक पार्क बनाने का कार्य इस माह प्रारंभ हो जाएगा

★आमदा खादी पार्क शुरु चुका है, जबकि दुमका में दुधानी खादी पार्क निर्माणाधीन है.

★झारखंड एमएसएमई और स्टार्टअप वेंचर फंड की चालू वित्तीय वर्ष में शुरुआत कर दी जाएगी

★रांची में फार्मा पार्क और धनबाद में लेदर पार्क की परियोजना को सैद्धांतिक स्वीकृति

★रांची के नामकुम में आईटी टावर बनाने का कार्य प्रगति पर

★झारखंड फूड प्रॉसेसिंग की 73 इकाईयों पर लगभग 501 करोड़ रुपए का निवेश

इस मौके पर सूचना एवं जन संपर्क विभाग के निदेशक रामलखन प्रसाद गुप्ता समेत अन्य मौजूद थे.

स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार सुधार की ओर बढ़ा झारखंडः रघुवर दास

हेल्थकेयर समिट झारखण्ड 2019 

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निजी अस्पताल के लिए निवेश करें--सरकार सुविधा देगी

16 अगस्त से प्रारम्भ होगा अटल क्लिनिक

25 सितंबर तक 2 करोड़ 85 लाख लोग गोल्डेन कार्ड से होंगे आच्छादित
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रांची। नीति आयोग के राज्य सूचकांक में इंक्रीमेंटल ग्रोथ के लिए झारखण्ड को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। ऐसा कैसे हुआ। क्योंकि झारखण्ड 2014 के बाद से लगातार स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार कर रहा है। वर्ष 2000 में झारखण्ड में मातृ मृत्यु दर 400 प्रति लाख थी जो घटकर 165 प्रति लाख हो गई, शिशु मृत्यु दर जो 72 प्रति हजार थी वह घटकर 29 प्रति हजार हो गई, संस्थागत प्रसव जो मात्र 13.50 प्रतिशत थी वह बढ़कर 80 प्रतिशत हो गई, पूर्ण टीकाकरण की दर 9 प्रतिशत से बढ़कर 87 प्रतिशत हो गई। पूरे देश में अस्पतालों में ओपीडी सेवा प्रदान करने में झारखण्ड तीसरा स्थान रखता है। ये तथ्य बताते हैं कि राज्य स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार की दिशा में अग्रसर है। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने होटल बीएनआर चाणक्य में आयोजित हेल्थकेयर समिट झारखण्ड-2019 के उद्घाटन समारोह में कही।

2 करोड़ 85 लाख गरीब लोग गोल्डेन कार्ड से होंगे आच्छादित

मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 सितंबर तक राज्य के 2 करोड़ 85 लाख लोग आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड से आच्छादित होंगे। झारखण्ड के 57 लाख परिवारों को इस योजना का लाभ देना है। 39, 13,000 परिवारों को गोल्डेन कार्ड उपलब्ध करा दिया गया है। यह सरकार के लिए खुशी की बात है कि आयुष्मान भारत योजना का लाभ अबतक 2, 26, 000 लाभुक ले चुके हैं। इसके लिए 206 करोड़ की राशि खर्च की गई है। योजना का अधिक से अधिक लाभ गरीबों को देने के लिए जमशेदपुर में 300 बेड का अस्पताल की व्यवस्था की गई है, जहां सिर्फ आयुष्मान भारत योजना के तहत आने वाले मरीजों का इलाज सुनिश्चित होगा। राज्य के 429 निजी एवं 219 सरकारी अस्पताल योजना के तहत सूचीबद्ध हैं। सरकार 16 अगस्त 2019 से प्रज्ञा केंद्रों में बनने वाले गोल्डेन कार्ड में लिये जा रहे शुल्क को भी गरीबों के लिए माफ करेगी। उक्त राशि का भुगतान सरकार करेगी। लाभुक को इसके लिए राशि देने की जरूरत नहीं होगी।

प्रत्येक वार्ड में 16 अगस्त से खुलेगा अटल क्लिनिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्र में श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी की पुण्य तिथि 16 अगस्त से प्रत्येक वार्ड में अटल क्लिनिक शुरू की जा रही है।

108 एम्बुलेंस बना हर दिन 8 हजार मरीजों के इलाज का माध्यम

मुख्यमंत्री ने कहा कि 108 एम्बुलेंस की सुविधा राज्य के लोगों को मिल रही है। प्रति दिन करीब 5 हजार कॉल प्राप्त हो रहें हैं। 8 हजार मरीजों का इलाज 108 एम्बुलेंस सुनिश्चित कर रहा है। जनजातीय क्षेत्र में यह सेवा अधिक कारगर है। सीएसआर के माध्यम से भी सरकार सुदूरवर्ती क्षेत्र में बाइक एम्बुलेंस की सुविधा गरीबों को उपलब्ध करा रही है।

निवेशक निवेश करें सरकार सुविधा देगी

समिट में आये निवेशकों से मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोई *निवेशक ग्रामीण क्षेत्र में अस्पताल का निर्माण करता है तो सरकार जमीन की 75 प्रतिशत राशि, प्रखंड मुख्यालय में 50 प्रतिशत राशि एवं शहरी क्षेत्र में 25 प्रतिशत राशि माफ करेगी। आपका निवेश (सिंगल डोर) एक ही माध्यम से होगा। अलग अलग जगह जाने की जरूरत नहीं होगी। अगर किसी तरह की समस्या होती है तो निवेशक सरकार को बताएं उसका त्वरित समाधान भी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1991 के उदारीकरण के बाद स्वास्थ्य और शिक्षा का बाजारीकरण हुआ है। अगर हमें गरीब और अमीर के बीच की खाई को समाप्त करना है तो इन दोनों क्षेत्रों में विशेष कार्य करने की जरूरत है।

बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दिलाने की ओर हम अग्रसर हैं

मंत्री, स्वास्थ्य विभाग श्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है। लोगों को उनके द्वार तक स्वास्थ्य सुविधा मिले इसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं। 25 सितंबर को 57 लाख परिवारों को गोल्डेन कार्ड दिया जाएगा। आयुष्मान भारत योजना में 32 लाख अतरिक्त परिवार को सरकार ने जोड़ा है। विगत 10 माह में 2 करोड़ 19 लाख मरीजों का इलाज योजना के तहत किया गया है। वर्तमान सरकार ने स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए मेडिकल कॉलेज की स्थापना की है। निजी अस्पताल के लिए भी निवेशक आगे आएं।

टेली हेल्थ में संभावनाएं हैं

सदस्य नीति आयोग डॉ विनोद कुमार पॉल ने कहा कि टेली हेल्थ में संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में ब्रॉड बैंड और सैटेलाइट से मदद ले सकते हैं। इसरो में इस संबंध में बात हुई है। सरकार अगर चाहेगी तो हम आगे बढ़ सकते हैं।

मुख्यमंत्री व अन्य अतिथियों ने इस अवसर पर ई- हेल्थ मैगजीन का विमोचन भी किया।

इस अवसर पर सचिव विभाग डॉ नितिन मदन कुलकर्णी, निदेशक रिम्स डॉ डी के सिंह, मुख्य कार्य पदाधिकारी इलेक्ट हेल्थकेयर डॉ रवि गुप्ता, राज्य के अधिकारी, अस्पतालों के संचालक व अन्य उपस्थित थे।
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सुषमा दीदी के विचार और आदर्श हमारे बीच सदैव रहेंगेः रघुवर दास



उनके स्वभाव में ही सेवा भाव था

जरूरतमंदों की सेवा कर हम उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि प्रदान कर सकेंगे
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रांची। सुषमा दीदी मेरे लिए बड़ी बहन थी। उन्होंने हमेशा मुझे छोटे भाई जैसा प्यार दिया। वे हर किसी से आत्मियता के साथ मिलती थी। जिस क्षेत्र में भी कार्य किया, अपनी अलग छाप छोड़ते हुए दूसरों के लिए आदर्श प्रस्तुत किया। आज वो हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनके विचार और आदर्श हमारे बीच सदैव रहेंगे। सेवा भाव ही उनकी आदर्श था। जरूरतमंदों की सेवा कर हम उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि प्रदान कर सकेंगे। उक्त बातें मुख्यमंत्री  रघुवर दास ने कहीं। वे पूर्व विदेश मंत्री स्व सुषमा स्वराज के लिए आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बोल रहे थे।

उनके स्वभाव में ही सेवा भाव था

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा  कि सुषमा दीदी महिला सशक्तिकरण की जीती-जागती मिसाल थी। उन्होंने हमेशा महिलाओं को आगे बढ़ने की दिशा में कार्य किया। उनके स्वभाव में ही सेवा भाव था। यही कारण था कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहली सरकार में विदेश मंत्री रहते हुए विदेश मंत्रालय की पहुंच पहली बार आम लोगों तक हुई। ट्वीटर पर लोगों की समस्या की जानकारी मिलते ही, वे तत्काल इसके निराकरण का प्रयास करती थी। देश की सीमाओं से परे वे हर किसी की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहीं। राज्य सरकार के आग्रह पर कई बार कार्रवाई कर झारखंड के लोगों की मदद की है। लोगों की मदद कर उन्होंने लाखों परिजनों के जीवन में खुशियां फैलायीं। भारत के अलावा अमेरिका, पाकिस्तान, ब्रिटेन जैसे देशों के नागरिकों की भी उन्होंने मदद की। कई परिवारों को वीजा या पासपोर्ट दिलाने में सहायता कर उन्होंने अनोखी मिसाल पेश की। पहले पासपोर्ट बनने में जहां महीनों लगते थे, आज सप्ताह भर में पासपोर्ट बन जाता है।

झारखंड में विदेश मंत्रालय का कार्यालय शुरू करने का अनुरोध किया, दीदी तुरंत तैयार हो गयी

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बात सुषमा दीदी से झारखंड में विदेश मंत्रालय का कार्यालय झारखंड में शुरू करने का अनुरोध किया। दीदी तुरंत तैयार हो गयी। राज्य सरकार ने एचइसी में इसके लिए जमीन चिह्नित की। इस कार्यालय के शिलान्यास के लिए सुषमा दीदी से आने का आग्रह किया था। उन्होंने इसके लिए मंजूरी देते हुए कहा था कि 2014 में सरकार बनने के बाद से झारखंड नहीं आयी हूं, जरूर शिलान्यास करने आऊंगी। इसी बीच उनकी तबीयत खराब होने से मामला लंबित हो गया। अब राज्य सरकार जल्द इसका शिलान्यास कराकर उनके सपने को पूरा करेगी। झारखंड में विदेश मंत्रालय का कार्यालय खुलने से यहां से दूसरे देश मे जाकर काम करनेवाले लोगों को काफी मदद मिलेगी।

राजनीति से ऊपर देश हित

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुषमा दीदी ने राजनीति से ऊपर देश हित को रखा। यही कारण है कि उनके कार्यों की प्रशंसा देश-विदेश में होती रही। आज झारखंड का हर कार्यकर्ता और यहां की सवा तीन करोड़ जनता उन्हें श्रद्धांजलि प्रदान कर रही है। उनके दिखाये मार्ग पर चल कर और लोगों की सेवा कर हम उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि प्रदान करें।

कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, सासंद श्री महेश पोद्दा, विधायक नवीन जायसवाल, डॉ जीतू चरण राम, श्री देवीदास आप्टे, दीपक प्रकाश समेत अन्य गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

बुधवार, 7 अगस्त 2019

कृषि और खाद्य प्रसंस्कृत उत्पाद निर्यात को लेकर कार्यशाला का आयोजन

उद्योग विभाग के सचिव श्री के रवि कुमार और उद्योग निदेशक मुकेश कुमार ने संबोधित किया
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★ निर्यातकों को माकूल सुविधाएं दे रही सरकार

★ झारखंड के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादो को विदेशों में मिले बाजार

★ जमशेदपुर में कंटेनर डिपो और साहेबगंज में गंगा नदी पर मल्टी म़ॉडल टर्मिनल से झारखंड के उत्पादों के निर्यात को मिलेगा बढ़ावा

★ राज्य में 73 फूड प्रॉसेसिंग यूनिटों से कृषिगत उत्पादों को हो रहा बेहतर इस्तेमाल, किसानों को भी हो रहा फायदा

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जमशेदपुर। झारखंड में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात की काफी संभावनाएं हैं. इसे बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है. इस दिशा में 73 फूड प्रोसेसिंग यूनिट सफलतापूर्वक काम कर रहा है और 43 यूनिटों को खोलने की प्रक्रिया चल रही है. इसके साथ कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए साहेबगंज जिले में गंगा नदी पर मल्टी मॉडल टर्मिनल लगभग बनकर तैयार है और अक्टूबर में इसका उद्घाटन होने की संभावना है. जमशेदपुर जिले में भी कंटनेर डिपो को सितंबर माह में चालू कर दिया जाएगा. उद्योग विभाग के सचिव के रवि कुमार ने बुधवार को होटल होलिडे होम में प्रमोशन आफ एग्रीकल्चरल एंड प्रोसिस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए ये बातें कही. कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात प्राधिकरण (एपीईएडी) के सहयोग से आय़ोजित इस कार्यशाला में उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि और उनकी आय़ को 2022 तक दोगुना करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कृषि उत्पादों का निर्यात करने वालों को सरकार की ओर से सभी जरुरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है.

राज्य से सालाना 8500 करोड़ रुपए का हो रहा निर्यात

उद्योग सचिव ने बताया कि झारखंड से हर साल लगभग 8500 करोड़ रुपए का निर्यात हो रहा है. अब सरकार का जोर कृषिगत उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने पर है. इस दिशा में फूड प्रॉसेसिंग पॉलिसी क्रियान्वित की गई है. इसमें सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए यूरोप और गल्फ कंट्री समेत अन्य देशों में निर्यातकों को यहां के उत्पादों के साथ निर्यात करने की सभी जानकारी मुहैय्या कराई जा रही है. इतना ही नहीं, यहां के किसानों को बेहतर तरीके से कृषि करने की जानकारी लेने के लिए इजरायल भी भेजा गया. वहां से प्रशिक्षण लेकर आए किसान अन्य किसानों के प्रशिक्षित कर रहे हैं कि कैसे जमीन और जल प्रबंधन कर ज्यादा सेज ज्यादा फसलों का उत्पादन किया जा सकता है. यहां के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की जानकारी विदेशों तक पहुंचाने और एक्सपोटर्स और किसानों को उत्पादन और बाजार के बारे में बताने के लिए ग्लोबल फूड समिट का आयोजन किया गया. सरकार के इन प्रयासों का नतीजा है कि कृषिगत उत्पादों खासकर वेजिटेबल्स के निर्यात को लेकर एंटरप्रेन्योर्स में रुचि जगी है और वे लगातार आगे आ रहे हैं.

 झारखंड के वेजिटेबल्स के विदेशों में निर्यात की है काफी संभावनाएं

उद्योग विभाग के निदेशक श्री मुकेश कुमार ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड में वेजिटेबल्स उत्पादों के विदेशों में निर्यात की काफी संभावनाएं हैं. यहां की मिट्टी और मौसम कटहल, मटर, बीन, ईमली, भिंडी आदि के उत्पादन के लिए काफी अनुकूल है. ऐसे में अंतराराष्ट्रीय मानकों के अनुकूल इसका उत्पादन, क्वालिटी और पैकेजिंग कर निर्यात किया जा सकता है. उन्होंने कार्य़शाला मे फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में कार्य कर रहे स्टेक होल्डर्स को सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं का लाभ उठाते हुए इस दिशा में आगे आऩे के लिए प्रेरित किया. उन्होंने निर्यात के क्षेत्र में काम कर रहे एंटरप्रेन्योर्स से कहा कि वे जिन किसानों से उत्पाद खरीदते हैं उसका बाजार मूल्य से 10 से 15 प्रतिशत ज्यादा कीमत उन्हें दे, ताकि वे इन उत्पादों के उत्पादन को और बढ़ाएं. इतना ही नहीं, किसानों को अपने साथ कनेक्ट करते हुए उन्हें निर्यात के लिहाज से उत्पादों की खेती के लिए प्रशिक्षण भी दें.

इस कार्यशाला को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात प्राधिकरण (एपीईएडी) की असिस्टेंट जेनरल मैनेजर श्रीमती समिधा गुप्ता ने भी संबोधित किया. इसके अलावा निर्यातक व जेसीबी एग्रो फ्रेश के रितम सिन्हा और आल सेशन फार्म फ्रेश के मोहम्मद अब्दुल हमीद ने भी अपने विचारों को साझा किया. इस मौके पर फूड प्रॉसेसिंग के क्षेत्र में काम कर रहे एंटरप्रेन्योर्स और स्टेक होल्डर्स भी मौजूद थे.

उपराष्ट्रपति 10 अगस्त को करेंगे मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का शुभारंभ


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राज्य के 24 जिलों में एक साथ होगा योजना का शुभारंभ

35 लाख किसानों को 3 हजार करोड़ की आर्थिक सहायता देने की है योजना

प्रथम चरण में 15 लाख किसानों को मिलेगा योजना का लाभ
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रांची। उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू 10 अगस्त 2019 को मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का शुभारंभ रांची स्थित हरमू मैदान से करेंगे। इस आयोजन की अद्यतन प्रगति को लेकर आज कृषि सचिव श्रीमती पूजा सिंघल ने सभी जिला कृषि पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए जरूरी निर्देश दिया।

राज्य के 24 जिलों में एक साथ होगा शुभारंभ

10 अगस्त को उप राष्ट्रपति द्वारा रांची स्थित हरमू मैदान से योजना का शुभारंभ किया जाएगा। राज्य के सभी जिलों में इस प्रकार का कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें राज्य के मंत्रीगण, सांसद व विधायकगण द्वारा योजना का शुभारंभ कर राज्य का किसानों को लाभान्वित करेंगे।

35 लाख किसानों को 3 हजार करोड़ देने की योजना

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत  राज्य के 35 लाख किसानों को योजना के तहत 3 हजार करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने का लक्ष्य निर्धारित है। 10 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम के तहत प्रथम चरण में 15 लाख किसान लाभान्वित होंगे। ताकि किसान बीज, उर्वरक, कीटनाशक समेत अन्य जरूरी संसाधन कृषि कार्य हेतु जुटा सकें।

कौन होंगे लाभान्वित

जिन किसानों के पास कुल कृषि भूमि 0-1 एकड़ तक होगी उन्हें 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता के रूप में समान दर दिए जायेंगे तथा जिनके पास 1-5 एकड़ तक कृषि भूमि होगी, उन्हें जमीन के समानुपातिक क्षेत्र के अनुसार 5 हजार प्रति एकड़ की दर से अधिकतम 25 हजार दो बराबर किस्तों में दिए जाएंगे।

किसान सारथी रथ देगा योजनाओं की जानकारी

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के शुभारंभ के साथ किसान सारथी रथ को उपराष्ट्रपति रवाना करेंगे। किसान सारथी रथ के माध्यम से किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं, किसानों को मिलने वाले लाभ एवं तकनीकी जानकारी से अवगत कराया जाएगा। यह रथ राज्य के सभी जिलों में एक माह तक चलेगा।

इस मौके पर सचिव कृषि श्रीमती पूजा सिंघल, निदेशक कृषि श्री छवि रंजन, निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क  रामलखन प्रसाद गुप्ता उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने दिए सिलिकोसिस की रोकथाम के निर्देश

कामगारों को स्वच्छ वातावरण दें, बीमारी से बचाए

जो नियम नहीं मानते उनके लीज/लाइसेंस रद्द करें

★खदानों, कारखानों और क्रशर उद्योगों से होनेवाली धूलजनित बीमारी सिलिकोसिस की रोकथाम के लिए मुख्य सचिव ने दिए निर्देश
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रांची। मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी ने खदानों और कारखानों सहित क्रशर उद्योग में कामगारों को स्वच्छ वातावरण देकर धूलजनित बीमारी सिलिकोसिस से बचाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि हालांकि प्रदेश में अभी तक इस बीमारी से ग्रसित किसी व्यक्ति की रिपोर्ट नहीं मिली है, लेकिन बीमारी का इलाज करने से बेहतर है कि बीमारी जन्म ही नहीं ले। इसके लिए उन्होंने इससे संबंधित सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित कर कार्रवाई करें जहां प्रदूषण नियंत्रण और स्वास्थ्य सुविधा का ध्यान नहीं रखा जाता है। उन्होंने सिलिकोसिस बीमारी की पहचान के लिए जरूरी उपकरण खरीदने तथा बीमारी की शुरुआत में पहचान कर इलाज करने को कहा। मुख्य सचिव झारखंड मंत्रालय में उच्चतम न्यायालय द्वारा झारखंड में सिलिकोसिस बीमारी की रोकथाम के लिए दिए गए दिशा निर्देश के आलोक में सभी संबंधित विभागों के साथ समीक्षा करते हुए ये बातें कही।

क्रशर उद्योग में फॉगर का उपयोग अनिवार्य करें

मुख्य सचिव ने कहा कि क्रशर उद्योग में सर्वाधिक धूलकण का प्रकोप रहता है। इस उद्योग में धूल को खत्म करने के लिए स्प्रिंगर से पानी का छिड़काव किया जाता है, जो अलग से कीचड़ आदि उत्पन्न करता है तथा उत्पाद पर भी फर्क डालता है। इससे बचते हुए बिना पानी का नुकसान किए उन्होंने फॉगर मशीन से धूलकण खत्म करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण विभाग को निर्देश दिया कि वह पांच-छह क्रशरों का कलस्टर बनाकर अनिवार्य रूप से फॉगर का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें। मुख्य सचिव ने पाकुड़, साहेबगंज और दुमका जिले में क्रशर से होने वाले सर्वाधिक प्रदूषण को नियंत्रित करने का निर्देश दिया।

कोयला के परिवहन के दौरान उसे ढकें

मुख्य सचिव ने खनिजों के परिवहन के दौरान उसे ढकने का निर्देश दिया। विशेषकर कोल कंपनी बीसीसीए और ईसीएल में इसे अनिवार्य रूप से लागू करने को कहा। उन्होंने कहा कि बिना ढंके परिवहन से खनन क्षेत्र के बाहर के लोग भी प्रभावित होते हैं। वहीं खनन स्थलों पर भी खनिजों और कारखानों में उत्पादन के दौरान छोटे और बड़े कणों के वातावरण में फैलने से रोकने के लिए जरूरी उपाय करने का निर्देश दिया। उन्होंने ऐसे कणों की मात्रा को 2.5 और 10 पीएम से नीचे लाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण पर्षद को निर्देश दिया। वहीं खदानों और कारखानों में अनिवार्य रूप से नवंबर तक प्रदूषण रोकनेवाली मशीन स्टेशन लगाने का निर्देश दिया और उसे प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के पोर्टल पर अपलोड करने को कहा। कोल कंपनी सीसीएल ने ऐसे 16 मशीन स्टेशन लगाए हैं।

जो नियम नहीं मानते उनके लीज/लाइसेंस रद्द करें

मुख्य सचिव ने खदानों और कारखानों में नियम और कानून की कड़ाई से पालन पर बल देते हुए उसकी सतत निगरानी का निर्देश दिया। उन्होंने खनन विभाग को निर्देश दिया कि जो नियम व कानून के पालन में कोताही बरतते हैं, उनके लीज/लाइसेंस रद्द करें।

15 दिन में सभी संबंधित विभाग दें एक्शन प्लान

मुख्य सचिव ने कामगारों के लिए स्वच्छ वातावरण देने तथा उनके स्वास्थ्य आदि की बेहतर व्यवस्था के मद्देनजर सभी संबंधित विभागों से 15 दिन के भीतर एक्शन प्लान तलब किया है। गौरतलब है कि इस मसले से खनन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, स्वास्थ्य विभाग, ईएसआइएस, डायरेक्टर जेनरल ऑफ माइंस एंड सेफ्टी, इंप्लाईज स्टेट इनश्योरेंस कॉरपोरेशन, श्रम विभाग आदि जुड़े हैं।

स्वास्थ्य जांच के लिए लगातार कैंप लगाएं

मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि खनन और उद्योग स्थलों पर कामगारों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच की जाए। स्वास्थ्य रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज करें। आईटी विभाग की मदद से एक पोर्टल बनाने का भी निर्देश दिया। मेडिकल स्क्रीनिंग बोर्ड के गठन का भी निर्देश दिया।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि कुछ उन्नत जांच मशीनें खरीदी गई हैं तथा जांच की जा रही है। मुख्य सचिव ने बीमारियों की पहचान और रोकथाम के लिए इस क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा रांची में स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिलाने का भी निर्देश दिया।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संपन्न समीक्षा बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ उच्चतम न्यायालय द्वारा नामित सदस्य डॉ. आर श्रीधर और डॉ. पीके गांगुली भी मौजूद थे।

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