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बुधवार, 18 सितंबर 2019

वर्ष 2022 तक पावर हब बनेगा झारखंडः रघुवर दास

होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित "पूर्वोत्तर" कार्यक्रम, सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास
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★ युवा शक्ति राज्य और देश की सबसे बड़ी पूंजी

★ बेदाग रही डबल इंजन की सरकार
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रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि वर्ष 2022 तक झारखण्ड पावर हब बनेगा. इसकी पूरी तैयारी राज्य सरकार कर रही है. झारखंड में वैल्यू ऐडेड प्लांट लगाए जाएंगे. राज्य में अदानी ग्रुप पावर प्लांट स्थापित हो रहा है. झारखंड आने वाले समय में बिजली उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढे़ चार वर्षो में प्रत्येक सेक्टर में सकारात्मक सोच और प्रभावकारी नीतियां बनाकर योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम किया है. पहले झारखंड से बड़े पैमाने में पलायन होता था, उस पर हमारे कार्यकाल में रोक लगी है. मोमेंटम झारखंड के तहत देश और दुनिया के कई निवेशक झारखंड में निवेश कर रहे हैं. राज्य में उद्योगों का विस्तार होने से रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ी हैं. उक्त बातें मुख्यमंत्री ने होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित "पूर्वोदय कार्यक्रम" में कहीं.

युवा शक्ति राज्य और देश की सबसे बड़ी पूंजी

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि किसी भी देश के सर्वांगीण विकास में युवा शक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के युवा शक्ति को स्किल कर उनकी प्रतिभा को संवारने का काम किया जा रहा है. शैक्षणिक डिग्री के साथ-साथ युवा शक्ति को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से स्किल कर हुनरमंद बनाया जा रहा है ताकि उन्हें रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़े. झारखंड सरकार ने भी यहां के नौजवान युवक युवतियों के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को चलाकर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने की ओर प्रतिबद्धता के साथ कार्य किए गए हैं. राज्य और देश का ग्रोथ रेट बढ़ाने में युवा शक्ति की भूमिका सबसे अहम है.

केंद्र और राज्य में बेदाग रही सरकार

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि पिछले 5 वर्षों से देश में सरकार के स्तर पर किसी भी भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा है. झारखंड में वर्तमान राज्य सरकार के गठन के बाद से ही भ्रष्टाचारमुक्त शासन को बढ़ावा दिया गया है. अभी तक सरकार पर किसी भी तरह का कोई भ्रष्टाचार का दाग नहीं लगा है. सरकार की कार्यप्रणाली से राज्य की जनता को काफी सहजता और सुविधा मिल रही है.

कई महत्वपूर्ण जन कल्याणकारी योजनाओं का हुआ सफलतापूर्वक संचालन

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार के आपसी समन्वय से कई जनकल्याणकारी महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन किया गया है. इन योजनाओं का पूरा लाभ आम जनता को सीधे पहुंचा है. प्रधानमंत्री आवास योजना, सभी प्रकार के पेंशन योजना, अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति योजना इत्यादि कई योजनाओं की राशि सीधे डीवीडी के माध्यम से लाभुकों तक पहुंचाई गई हैं. उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में बिचौलियों का प्रभाव समाप्ति की ओर है. अब लाभुकों को किसी भी योजना का लाभ लेने ने लेने में बिचौलियों का साथ नहीं लेना पड़ता है. सभी कार्य पारदर्शिता के साथ हो रहे हैं. सरकार का यह मानना है कि किसी भी सरकार की योजनाएं गलत नहीं होती हैं बस उनका संचालन ठीक से हो यही वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है.

मोटर व्हीकल एक्ट को केंद्र सरकार के नियमों के तहत अक्षरश: से लागू किया जाएगा

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई नई मोटर व्हीकल एक्ट को झारखंड में भी अक्षरश: लागू किया जाएगा. परंतु इस एक्ट के नियमों को पूर्ण रुप से लागू करने से पहले राज्य में लोगों को जागरूक किया जाएगा. आम जनता को साथ लेकर एक्स के नियमों को प्रभावी किए जाएंगे. नए मोटर व्हीकल एक्ट के लागू होने से इसका पूरा फायदा आम जनता को ही मिलेगा. इसके अनुपालन से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी. नियमों का उल्लंघन ना हो यह सब की जिम्मेदारी है.

केंद्र सरकार से असम की तरह झारखंड में भी एनआरसी लागू करने की मांग

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि एक साल पहले ही भारत सरकार से असम की तरह झारखंड में भी आरआरसी की मांग की गई है. झारखंड से बांग्लादेशी घुसपैठियों की गतिविधियों को समाप्त करना राज्य सरकार का लक्ष्य है.

 महिला शक्ति को राज्य ही नहीं बल्कि देश की शक्ति बनानी है

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार में महिला शक्ति को बढ़ावा देने के लिए पूरी तत्परता के साथ राज्य में कार्य किया है. पूरे देश में लगभग 8 करोड़ से ज्यादा बहनों को धुएं से मुक्ति मिली है. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत राज्य के 30 लाख से ज्यादा परिवारों तक एलपीजी कनेक्शन पहुंचाया गया है. झारखंड देश का पहला ऐसा राज्य है जहां गैस सिलेंडर के साथ-साथ चूल्हा, पहली और दूसरी रिफिल राज्य सरकार द्वारा निशुल्क दिया गया है.

मॉब लिंचिंग पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सजा देने का कार्य किया गया

मुख्यमंत्री ने कहा कि मॉब लिंचिंग के मामले में राज्य सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है. कानून को हाथ में लेने वालों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट लगाकर सजा देने का भी काम किया गया है. मॉब लिंचिंग के मामले में सख्त कार्रवाई का आदेश भी सरकार द्वारा दिया गया है. दोषी लोग किसी भी हालत में बक्से नहीं जाएंगे.

उग्रवाद की घटनाओं पर लगाई लगाम

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड को उग्रवाद विरासत में मिला था. राज्य सरकार के गठन के बाद से ही उग्रवादी गतिविधियों पर लगाम लगाने का कार्य किया है. उग्रवाद अब राज्य में अंतिम सांसे गिन रहा है. उग्रवाद मुक्त राज्य बनाना  सरकार की प्राथमिकता है.

सरकार ने जो कहा उसे पूरा किया

 मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि वर्तमान सरकार ने राज्य की जनता से जो वादा किया उसे पूरा करने का भी काम किया है. राज्य गठन के 18 साल बाद झारखंड में लोकतंत्र का मंदिर नया विधानसभा बनाने का काम सरकार ने किया है. यह सरकार राज्य के विकास कार्यों को प्रतिबद्धता के साथ कर रही है. वर्तमान सरकार के कार्य प्रणाली से आम जनता खुश है.

आदिवासियों के हितों की रक्षा कर रही झारखंड सरकारः अमित शाह

होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित हुआ "पूर्वोदय" कार्यक्रम, सम्मिलित हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
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★ जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख का सर्वांगीण विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकता

★ नक्सलवाद मुक्त देश बनेगा भारत
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रांची। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता है. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 को जम्मू कश्मीर से हटाए जाने को भारत का अंदरूनी मामला मानते हुए भारत का समर्थन पूरे विश्व ने किया है. केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के बदौलत ही अनुच्छेद 370 जैसी धारा को जम्मू कश्मीर से हटाया जा सका है. उक्त बातें केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने होटल रेडिसन ब्लू रांची में आयोजित "पूर्वोदय" कार्यक्रम में कहीं.

कश्मीर पर पूरा विश्व भारत के साथ

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है और इसे लेकर किसी से युद्ध जैसी कोई बात नहीं है. जब से अनुच्छेद 370 संविधान का हिस्सा बना, तभी से ये माना जा रहा था कि यह अनुच्छेद अस्थायी है और यह धारा हटना चाहिए तभी जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख में विकास का रास्ता खुलेगा. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और भारत के संविधान के अंतर्गत अपने देश के अंदर हम जो भी बदलाव करना चाहते हैं वो भारत की संसद का अधिकार है. कश्मीर के मुद्दे पर पूरा विश्व भारत के साथ एकजुट है और सबने ये स्वीकार किया है कि आतंकवाद का बढ़ना पूरे विश्व के लिए खतरनाक संकेत हैं. यही कारण है कि आज पूरा विश्व आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है.

अब जम्मू कश्मीर में सरकार की योजनाओं का संचालन सफलतापूर्वक हो सकेगा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अब कश्मीर में स्वास्थ्य सुविधा भी पहुंचेंगी. एजुकेशनल इंस्टीट्यूट खुलेंगे. अच्छे होटल खुलेंगे. रोजगार बढ़ेंगे. नए उद्योग लगेंगे. एक प्रकार से धारा 370 कश्मीर और उसके विकास के बीच की बहुत बड़ी बाधा थी जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हटा दिया. अब केंद्र सरकार द्वारा संचालित सभी जन उपयोगी योजनाएं सफलतापूर्वक जम्मू एवं कश्मीर में लागू हो सकेंगे जिससे वहां के लोगों का विकास हो सकेगा.

एनआरसी पूरे देश में लागू होगा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एनआरसी सिर्फ असम नहीं बल्कि पूरे देश में लागू होगा
उन्होंने कहा कि दुनिया में कोई भी ऐसा देश नहीं है, जहां दूसरे देश का कोई भी जाकर ऐसे ही बस सकता है. देश के नागरिकों का रजिस्टर होना समय की जरूरत है, ना केवल सिर्फ असम बल्कि देश भर में NRC लागू होगा.


नक्सलवाद मुक्त देश बनाना सरकार की प्राथमिकता

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के पहले टर्म की सरकार से ही देश के विभिन्न राज्यों में पनप रहे नक्सलवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है. आने वाले समय में केंद्र एवं राज्य सरकार आपसी समन्वय स्थापित कर नक्सलवाद को जड़ से मिटाने का काम करेगी. नक्सलवाद मुक्त देश बनाना सरकार की प्राथमिकता है. झारखंड में भी नक्सलवाद अब अंतिम सांसे गिन रहा है. राज्य सरकार ने नक्सलवाद को दूर करने की दिशा में बहुत अच्छा काम किया है.

आदिवासियों के लिए काम करने वाली है वर्तमान सरकार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि झारखंड में आदिवासियों के लिए बात करने वाली बहुत सी सरकार आई लेकिन आदिवासियों के लिए काम करने वाली सरकार वर्तमान सरकार है. झारखंड की वर्तमान सरकार ने आदिवासियों के हितों की रक्षा के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाई हैं. इन योजनाओं का लाभ आदिवासी समाज के लोगों को निरंतर मिल रहा है. झारखंड में मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में आदिवासियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध प्रयास किए गए हैं.

मोदी के जन्म दिवस पर सेवा सप्ताह की शुरुआत


चक्रधरपुर। मंगलवार 17 सेप्टेंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्म दिवस के अवसर पर सेवा सप्ताह का शुरुआत किया गया | इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा  व भाजपा अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष अशोक   सारंगी ने  अनुमंडल  अस्पताल व रेलवे अस्पताल में मरीजों के बीच फल का वितरण किया  | मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर सेवा सप्ताह मनाया जा रहा है | जिसके तहत सात दिनों तक रोजाना गरीबों के सेवा के लिए विभिन्न  प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा | इस मौके पर भाजपा नेता पवन शंकर पांडे , ललित मोहन गिलवा ,संजय मिश्रा , शेष नारायण लाल ,संजय पासवान परविंदर चौहान, दीपक सिंह सहित अन्य भाजपा के नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे |

नगर परिषद चक्रधरपुर में स्वच्छता रैली का किया गया आयोजन



विनय मिश्रा
 चक्रधरपुर। नगर परिषद चक्रधरपुर में स्वच्छता रैली का आयोजन किया गया। साथ ही साथ लोगों को प्लास्टिक नहीं उपयोग करने की सलाह दी गई और लोगों के बीच कपड़े की थैली का वितरण किया गया।

रैली मे कार्यपालक पदाधिकारी महेंद्र राम  अध्यक्ष के डी साह नगर प्रबंधक विपिन विमल टोप्पो सत्येन्द्र भगत के अलावे  वार्ड पार्षद श्रीमती लीला प्रसाद  दिनेश जेना विनय विक्रम  एवं समस्त नगर परिषद कर्मचारी गण उपस्थित हुए। इस रैली में कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि
स्वच्छता के साथ साथ प्लास्टिक प्लास्टिक बैग के रोकथाम
के लिए भी जागरूक होना है और प्लास्टिक का उपयोग न कर पर्यावरण को स्वच्छ और सुंदर बनाना है

महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित है नीतू झा




जीवन में कुछ बेहतर करने का जज्बा और जुनून हो तो विपरीत परिस्थितियों में भी इंसान सफलता की सीढ़ियां चढ़ता जाता है। ऐसे लोग गरीबी और अभाव के बीच रहते हुए भी अपने कर्तव्य पथ की ओर अग्रसर रहते हैं। जीवन में कई झंझावातों को झेलते हुए अपने लक्ष्य की ओर संघर्ष करते हुए बढ़ते रहते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत हैं, झारखंड के गोड्डा जिले की निवासी जुझारू महिला और लोकप्रिय समाजसेवी नीतू झा। वह समाजसेवा के प्रति समर्पित है। नीतू की  प्रारंभिक शिक्षा गोड्डा जिले के डुमरिया गांव में हुई। इनके गांव से सरकारी मिडिल स्कूल की दूरी तकरीबन 3 किलोमीटर है। नीतू प्रतिदिन अपनी सहेलियों संग पैदल चलकर मिडिल स्कूल आती-जाती और वहीं से आरंभिक शिक्षा प्राप्त की। तत्पश्चात उच्च विद्यालय, मोतिया से वर्ष 1998 में मैट्रिक की परीक्षा पास की। पढ़ाई लिखाई में अव्वल रहने वाली नीतू गोड्डा महिला कॉलेज से इंटरमीडिएट और ग्रेजुएशन किया। उनके पिता प्रभाकर झा सेना में थे। माता बिंदु देवी समाजसेवी के रूप में क्षेत्र में जानी जाती हैं। नीतू को समाज सेवा की प्रेरणा अपने परिवारजनों से मिली। वह सात बहनों में सबसे छोटी हैं। उनका जन्म वर्ष 1983 में हुआ। बचपन गरीबी में बीता। लेकिन शुरू से ही वह जज्बाती रही। पीड़ितों- गरीबों की सेवा करने का प्रति सक्रिय रहीं। छोटे से गांव में पली-बढ़ी नीतू ने स्वयं अपने हौसलों को उड़ान देना शुरू किया। वह वर्ष 2005 से सक्रिय समाज सेवा में जुट गई। नीतू एक महिला संगठन का भी नेतृत्व करती हैं। इसके बैनर तले वह महिला सशक्तिकरण की दिशा में विगत 5 वर्षों से जुटी हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उन्हें समुचित सम्मान दिलाना उनकी दिनचर्या में शुमार है।  समाज सेवा के प्रति उनके जज्बे और जुनून की सभी सराहना करते हैं। उनके परिवार में सात बहने हैं। दो बहन स्कूल का संचालन करती हैं, एक बहन ने समाज सेवा के क्षेत्र में काफी लोकप्रियता हासिल की है। वहीं, एक बहन पेंटिंग और चित्रकला के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहीं हैं। उनकी एक बहन धार्मिक- आध्यात्मिक कार्यक्रमों में अपने प्रवचन से श्रद्धालुओं को आकर्षित करते रहती है। नीतू झा अपने माता-पिता की सांतवीं संतान हैं। उन्हें अपने परिवार जनों का हर संभव सहयोग मिलता रहता है। समाजसेवा के क्षेत्र में नीतू के कार्यों में उनकी बहनें भी प्रोत्साहित करती हैं। उन्हें सहयोग करती हैं। संथाल परगना के सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में महिलाओं, युवतियों को स्वावलंबी बनाने, उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में वह सतत प्रयासरत हैं। उनका मानना है कि महिला सशक्तिकरण के बिना महिला उत्थान की बातें बेमानी है। वर्तमान समय की मांग है कि महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में प्रयास तेज किए जांय। नीतू कहती हैं कि समाज सेवा के क्षेत्र में काफी महिलाएं आगे आ रही हैं। महिला स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में काफी सहयोग मिल रहा है। इस दिशा में सरकारी और गैर सरकारी स्तर पर सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। वह  कहती हैं कि समाज के नवनिर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। महिला हितों के संरक्षण के लिए भी प्रयास जरूरी है। इस दिशा में वह कार्य कर रही हैं। अपनी सकारात्मक ऊर्जा लगाते हुए महिलाओं के स्वाबलंबन के लिए वह हमेशा प्रयासरत रहते हैं। संथाल क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में नीतू झा किसी परिचय की मोहताज नहीं है। समाज सेवा के क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता दिन-ब-दिन बढ़ रही है। समाज के कमजोर वर्ग और पीड़ित मानवता की सेवा के प्रति भी नीतू सदैव समर्पित रहती हैं। किसी भी धर्म, जाति  और समुदाय के पीड़ितों की सेवा करने में उन्हें सुकून मिलता है। वह कहती हैं कि मानव सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता है।  पीड़ित मानवता की सेवा करने से ईश्वर प्रसन्न होते हैं। नीतू राजनेताओं को,  हर राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों को भी नसीहत देते हुए कहती हैं कि समाज सेवा का कार्य दलगत राजनीति से ऊपर उठकर करना चाहिए। इससे सामाजिक समरसता बनी रहती है और समाज सशक्त होता है। समाज व देश को समृद्धशाली बनाने  के लिए हम सबों को सामूहिक रूप से सामाजिक नवनिर्माण की दिशा में प्रयासरत रहना चाहिए। यह देशहित राज्यहित और समाज हित में है।
 प्रस्तुति : विनय मिश्रा

टीबी की चपेट से उबरे चैंपियंस की बनाई ह्यूमन चेन


रांची। आज लायंस इंटरनेशनल 322A रीच ऑर्गनिगेशन के साथ मिलकर टी बी चैंपियंस की ह्यूमन चेन ग़ांधी स्टेचू, मोरहाबादी  में बनाई गई। 35 पेसेंट जो कि टी बी के मरीज थे, पर 6 महीने रीच के दौरा चलाये गए मेंटोर प्रोग्राम से इस रोग से उबरे है और ये टी बी चैंपियन कहलाये।
इस प्रोग्राम में लायंस के तरफ से जोन चेयरपर्सन लायन रवि प्रकाश, लायन पूनम आनद, लायन अर्चना और लायन  मनोज ने सभी को टी बी चैंपियन की टी शर्ट पहनाई और उन्हें संबोधित करते हुए कहा कि उनके साथ पूरा लायंस परिवार खड़ा है।
इसमें नेशनल हेल्थ मिशन के डायरेक्टर डॉ शैलेश कुमार चौरसिया जी ने कहा कि हम सभी एक साथ मिलकर इस रोग से जूझने वाले लोगो को समाज मे अपने पहचान बनाने में मदद कर सकते है।  इसमें राज्य के टी बी ट्रेनिंग डायरेक्टर डॉ अनिंद्य मित्रा जी 6 महीने से इस प्रोजेक्ट पे काम कर रहे है।इसमें रीच के तरफ से दिवाकर शर्मा और राष्मीक मजूमदार सक्रिय रूप से थी।
इस ह्यूमन चेन में कई लायन सदस्य भी शामिल हुए।

बीएड के लिए रिक्त सीटों पर नामांकन प्रक्रिया शुरू करने का आदेश


रांची। राज्य के B.Ed महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2019-21 के लिए रिक्त सीटों पर नामांकन प्रक्रिया शुरू करने का मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों को राज्य के B.Ed महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2019-21 के रिक्त सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है।

उच्च शिक्षा विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि रिक्त सीटों पर नामांकन में आरक्षण संबंधी कार्मिक प्रशासनिक सुधार राजभाषा विभाग के नियमों के अनुरूप कार्रवाई करें। साथ ही तय मानदंडों में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाए जाने पर विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि और संबंधित B.Ed कॉलेज के महाविद्यालय के प्राचार्य दोषी माने जाएंगे।

ज्ञात हो कि शैक्षिक सत्र 2019-21 के लिए नामांकन की प्रक्रिया समाप्ति के बावजूद कई महाविद्यालयों में सीट रिक्त रह गए हैं। B.Ed महाविद्यालय के प्रतिनिधियों ने सरकार के संज्ञान में यह बात लाई गई थी उनके द्वारा बताया गया कि निजी B.Ed महाविद्यालयों में स्ववित्तपोषित है और सीटें रिक्त रह जाने के कारण महाविद्यालय के संचालन में कठिनाई होगी। B.Ed महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों के अनुरोध और छात्र हित को देखते हुए विभागीय प्रधान सचिव की अध्यक्षता में राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ राज्य के B.Ed महाविद्यालयों के प्रतिनिधि, रांची विश्वविद्यालय रांची के डीएसडब्ल्यू , काउंसलिंग समिति के अध्यक्ष आदि के साथ एक समीक्षा बैठक हुई और समीक्षा के उपरांत इस संबंध में आये विकल्प और इसी संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायादेशों के आलोक में विधि विभाग से भी परामर्श और मंतव्य प्राप्त किया गया।

राज्य सरकार ने विधि विभाग की सहमति के आलोक में यह निर्देश दिया है कि रिक्त सीटों को भरने के लिए दिए गए विभाग के मार्ग निर्देशन् को ध्यान में रखते हुए जेसीईसीईबी द्वारा तैयार किए गए 18863 अभ्यर्थियों के मेरिट लिस्ट में जिन अभ्यर्थियों ने नामांकन करा लिया है उन्हें छोड़कर शेष अभ्यर्थियों के मेरिट लिस्ट के वेटिंग लिस्ट को डीम्ड माना जायेगा। राज्य सरकार के नियम और आरक्षण नीतियों का पालन करते हुए नामांकन के लिए वेटिंग लिस्ट के अभ्यर्थी सीधे इच्छुक महाविद्यालयों में कोटिवार रिक्त सीटों के विरुद्ध मेरिट लिस्ट के आधार पर नामांकन ले सकते हैं। नामांकन की प्रक्रिया पालन करने के लिए राज्य स्तरीय समाचार पत्रों में 3 दिनों तक विज्ञापन प्रकाशित कर वेटलिस्टेड अभ्यर्थियों को इसकी सूचना दी जाए। नामांकन प्रक्रिया के बाद भी अगर किसी अभ्यर्थी का नामांकन अपनी इच्छा अनुसार संस्थान में नहीं हो पाता है और किसी अन्य विद्यालय में सीट रिक्त है तो वह एक सप्ताह के अंदर किसी भी महाविद्यालय में नामांकन करा सकता है। इसके लिए सीएमएल रैंकिंग का अनुसरण आवश्यक नहीं होगा।

राज्य सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नामांकन की प्रक्रिया के समय पारदर्शिता के लिए संबंधित विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि भी सम्मिलित रहेंगे। रांची विश्वविद्यालय का यह दायित्व होगा कि राज्य के B.Ed महाविद्यालय से नामांकन की अद्यतन प्रतिवेदन प्राप्त करेंगे

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...