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शनिवार, 28 सितंबर 2019

विकास कार्यों को गति दे रहे हैं डीडीसी आदित्य रंजन


विनय मिश्रा
चाईबासा। भारतीय प्रशासनिक सेवा 2016 बैच के अधिकारी आदित्य रंजन ने पश्चिम सिंहभूम (चाईबासा) में जब से  योगदान दिया है, विकास कार्यों में तेजी आई है। सड़क की गुणवत्ता व निर्माण कार्य में सुधार हुआ है। अस्पताल भवन भी अब सुविधायुक्त बन गया है। जिले के जर्जर विद्यालय भवन के स्थान पर अब नए भवन बनाए जा रहे हैं। शिक्षा में सुधार हो रहा है। विद्यालय भवन निर्माण में तेजी आई है। जनहित में विकास कार्यों को करवाया जा रहा है। कार्यों में अनियमितता व शिकायत को गंभीरता से लिया जा रहा है। पश्चिम सिंहभूम जिला की विकास यात्रा से मुख्यमंत्री रघुवर दास व मुख्य सचिव डी के तिवारी भी अवगत हुए हैं। पश्चिम सिंहभूम जिला राज्य में एक आदर्श जिला के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। डीडीसी आदित्य रंजन ने विकास कार्यों में पारदर्शिता बरतने और गुणवत्ता युक्त कार्य करने का निर्देश दिया है। उनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में विकास कार्यों को गति मिल रही है।

शुक्रवार, 27 सितंबर 2019

जापान के कांसुलेट जनरल ने बौद्ध पर्यटन पर जोर दिया

झारखंड टूर कॉन्क्लेव में पर्यटन स्टेकहोल्डर्स के लिए शुरू किया गया पर्यटन पुरस्कार“

“विश्व पर्यटन दिवस” को मनाने के लिए पर्यटन विभाग, झारखंड ने शुरु किया झारखंड पर्यटन पुरस्कार


रांची। प्रकृति ने झारखण्ड पर अपना वैभव लुटाया है यहां पर्यटन के लिये वह सब कुछ है जो इसे अन्य राज्यों अलग बनाता है।झारखंड में पर्यटन की असंख्य संभावनाएं हैं, जिनमें बौद्ध पर्यटन, एडवेंचर पर्यटन, डप्ब्म् पर्यटन आदि शामिल हैं। उक्त बातें पर्यटन सचिव श्री राहुल शर्मा ने आज होटल रेडिसन ब्लू में पर्यटन विभाग के तत्वावधान में इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित 2 दिवसीय “झारखंड टूर कॉन्क्लेव “ के समापन समारोह में कही। उन्होंने झारखंड में पर्यटन की असीम संभावानाओं एवं यहां के पर्यटन क्षेत्रों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

इस अवसर पर “भारत में एडवेंचर पर्यटन के असंख्य क्षेत्रों व विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के तरीके” और “बौद्ध वंश के माध्यम से दक्षिण पूर्व एशियाई देशों को जोड़नाः क्रमशः विकास के लिए पुराने मार्गों को सुदृढ़ करना” के बारे में जानकारी दी गई ।

बौद्ध पर्यटन पर अधिक जोर
कांसुलेट जनरल मासायुकी तगा ने भारत-जापान संबंधों का एक शानदार विवरण दिया और दोनों देशों के सामान्य बौद्ध वंश का उपयोग करते हुए संबंध को और मजबूत बनाने की संभावनाओं के बारें में बताया। उन्होंने कहा कि यदि बौद्ध पर्यटन पर अधिक जोर दिया जाए तो जापान से भारत आने वाले पर्यटकों की संख्या कई गुना बढ़ सकती है।

इटखोरी के पुरातात्विक सर्वेक्षण पर एक पुस्तक जारी

कार्यक्रम में पर्यटन विभाग, झारखंड ने इटखोरी के पुरातात्विक सर्वेक्षण पर एक पुस्तक जारी की। “विश्व पर्यटन दिवस“ के अवसर को मनाने के लिए, एक पुरस्कार समारोह भी शुरू किया गया जिसमें उत्कृष्टता के लिए जय ट्रेवल्स, ट्रेवल स्टार, सुहाना टूर एंड ट्रैवल्स, होटल रेडिसन ब्लू, होटल बीएनआर चाणक्य , कैपिटल रेजीडेंसी, थे येलो सफायर, को पुरस्कार दिया गया साथ ही ग्रेट कबाब फैक्ट्री, कावेरी, मोती महल रेस्तरां, रुइन हाउस, होटल ले लाक, रामदा जमेशदपुर, इम्पीरियल हाइट्स देवघर, ज़ैका रिसॉर्ट्स आदि को भी पुरस्कार दिया गया। अन्य पुरस्कार जेटीडीसी प्रबंधकों व पर्यटक मित्र के लिए और आईएचएम को “स्वछता  पखवाड़ा” के लिए दिया गया।

इस अवसर पर श्री संजीव कुमार बेसरा, निदेशक पर्यटन, झारखंड, श्री एस के चौधरी, पूर्व मुख्य सचिव, झारखंड, श्री हेमंत गुप्ता, मैनेजिंग ट्रस्टी, लीडरशिप टीम, टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन, सुश्री गुरलीन कौर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष - पर्यटन , इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (कर्नाटक) लिमिटेड, डॉ हरीश सांकृत्यायन, अध्यक्ष, वर्ल्ड बुद्ध फाउंडेशन आदि उपस्थित थे।

सरायकेला से भी बांस की बनी वस्तुओं को विदेश भेजा जाएगाः रघुवर दास


★मध्यम, लघु एवं कुटीर उद्योग गरीबी समाप्त करने में सहायक होगा

★आदिम जनजाति की महिलाओं को नई तकनीक से मिलेगा प्रशिक्षण

★95 हजार शिल्पकार मुख्यमंत्री उद्यमी बोर्ड से जुड़ चुके हैं
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सरायकेला/नीमडीह। झारखंड को कला के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है। इस बात को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री उद्यमी बोर्ड का गठन किया गया। बोर्ड में राज्य के प्रतिभावान शिल्पकारों को चिन्हित कर उनका निबंधन हुआ है। करीब 95 हजार शिल्पकार अब तक बोर्ड से जुड़ चुके हैं। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य शिल्पकारों और कलाकारों को बदलते समय और की मांग के अनुसार प्रशिक्षण देकर उन्हें और प्रतिभावान बनाना है। जल्द सरायकेला से भी बांस की बनी वस्तुएं विदेश भेजी जाएगी। ताकि यहां की आदिम जनजाति की महिलाएं का आर्थिक स्वालंबन सुनिश्चित हो सके। आने वाले दिनों में उद्योग विभाग द्वारा आदिम जनजाति की महिला शिल्पकारों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद महिलाएं बाजार की मांग के अनुरूप बांस के उत्पाद तैयार कर सकेंगी। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने सरायकेला के नीमडीह स्थित मकुला गांव में कही। श्री दास मकुला में स्वावलंबी सहयोग समिति द्वारा बॉस से बनी वस्तुओं का अवलोकन कर रहे थे।

रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने की पहल हो रही है

मुख्यमंत्री ने कहा कि संथाल परगना में भी बांस अधिक मात्रा में होता है। इसलिए वहां की महिलाओं व कलाकारों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दुमका स्थित में कलाकार बांस की वस्तुएं तैयार कर रहें हैं। बांस की इन वस्तुओं को विदेश में भेजा जा रहा है। दुमका में बांस आधारित मेला का आयोजन भी किया गया ताकि, कलाकारों को एक मंच मिल सके। कुटीर, लघु और मध्यम उद्योग को सरकार बढ़ावा दे रही है। यह गरीबी समाप्त करने में सहायक हो सकता है।

आंगनबाड़ी सेविकाओं को अतिरिक्त मानदेय पर अहम बैठक 30 को

झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन रांची तथा आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने अपनी हड़ताल वापस ली

रांची। 30 सितंबर 2019 को आंगनबाड़ी सेविका सहायिका को अतिरिक्त मानदेय की बढ़ोतरी के लिए विकास आयुक्त सह गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अपराहन 4:00 बजे एक अहम् बैठक होगी।

झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन रांची तथा आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ झारखंड प्रदेश ने अपना हड़ताल वापस ले लिया है।

 संघ के प्रतिनिधियों को विकास आयुक्त की अध्यक्षता में होने वाली 30 सितंबर 2019 को होने वाली बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित भी किया गया है।

लायंस क्लब के कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई


रांची। डिस्ट्रिक्ट गवर्नर लायन संजीव पोद्दार की अध्यक्षता में वर्ल्ड लायन सर्विस वीक के  28 सिंतबर से 4 अक्टूबर तक प्रस्तावित कार्यक्रम की रूप रेखा तैयार की गई।
इसमें निर्णय लिया गया कि 28 सिंतबर को रांची के सभी लायंस क्लबों की ओर से कई जगहों पर मुफ्त मधुमेह जांच शिविर लगेगी। 29 सिंतबर को सभी लायंस क्लब मोरहाबादी मैदान में पर्यावरण जागरूकता रैली एक साथ सुबह 7:30 बजे निकाली जाएगी, जिसमें विभिन्न संगठनों के लोग शामिल होंगे। इसमें मुफ्त पेड़ पौधों और जूट बैग का वितरण किया जाएगा। 30 सितंबर को अलग-अलग क्लबों की ओर से जरूरतमंद लोगों के बीच भोजन का वितरण किया जाएगा। 1अक्टूबर को मेगा ब्लड डोनेशन कैम्प लगा कर  करीब 100 यूनिट  सेवा सदन में ब्लड डोनेट किया जाएगा। 2 अक्टूबर को बच्चों की आंखों का मुफ्त चेकअप करा कर उन्हें मुफ्त चश्मा भी प्रदान किया जाएगा। 3 अक्टूबर को युवा वर्ग के लिए ट्रैफिक जागरूकता कार्यक्रम किया जाएगा। उन्हें ट्रैफिक के नियमों से अवगत कराया जाएगा। 4 अक्टूबर को महिलाओं को हाइजीन तरीको से अवगत कराया जाएगा । मुफ्त में नैपकिन बांटा जाएगा। कई सार्वजनिक स्थानों में नैपकिन वेंडिंग मशीन लगाई जाएगी।
इसमें सभी जोन चेयरपर्सन और रिजिनल चेयरपर्सन शामिल हुए । मुख्य रूप से लायन रवि प्रकाश, लायन दीपक जी एवं लायन अर्चना वर्मा शामिल हुए।

दर्जनों युवकों ने थामा आम आदमी पार्टी का हाथ



रांची। आज 27 सितंबर को लालपुर में दर्जनों युवाओं ने आम आदमी पार्टी का दामन थामा और आम आदमी पार्टी में आस्था जतायी।आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव राजन कुमार सिंह ने सभी को टोपी पहनाकर पार्टी कि सदस्यता दिलायी अौर पार्टी में शामिल कराया। युवाओं ने कहा कि वे लोग दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी सरकार के द्वारा किये जा रहे कार्यों से बेहद प्रभावित हैं। एक ओर जहाँ भाजपा अौर दूसरी पार्टियाँ जाती और धर्म कि राजनीति कर समाज को बाँट रही है अौर जनता के मुद्दों पर काम  करना तो दूर उन पर बात भी नहीं करती  है। वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ, बिजली, पानी और रोजगार जैसे मुद्दों पर लगातार बेहतरीन काम कर रही है। दिल्ली सरकार के द्वारा शिक्षा अौर स्वास्थ व्यवस्था के  क्षेत्र में किये गये कार्यों का लोहा देश हीं नहीं पुरी दूनिया मान रही है। विशेषकर दिल्ली के शिक्षा और स्वास्थ मॉडल से हमलोग काफि प्रभावित हैं।इसलिये हमलोगों ने आम आदमी पार्टी में शामिल होने का फैसला लिया अौर आगामी चुनाव में हमलोग पुरी तरह से राँची विधान सभा में आम आदमी पार्टी को जीताने के लिये काम करेंगे।

राजन सिंह ने कहा कि सभी युवा साथियों का पार्टी में स्वागत है। लूठ, लुट, भ्रष्टाचार अौर नफरत कि राजनीति के बीच आज युवाओं कि राजनीति में भागीदारी कि सबसे ज्यादा जरूरत है। युवाओं के साथ आने से एक अच्छी व्यवस्था के लिये हमारी लड़ाई अौर मजबूत होगी। आगामी विधानसभा चुनाव में हमलोग राँची को बदहाल करने वाले अौर नफरत कि राजनीति करने वालों को हराकर सबक सिखायेंगे अौर इसमें युवा साथियों कि भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।
पार्टी में शामिल होने वालों में शाहिल मल्लिक, राहुल कुमार, तौशिफ खान, खुर्शिद अंसारी, शर्माद साफी, संजय पासवान, अनुज टोप्पो, शोएब खान, सरफराज आलम, गोविंद तिर्की, विकास विश्वकर्मा, रजा खान, मोहम्मद समीर, अयूब खान, अरसद खान, वसीम अंसारी, शेखर, सहित अन्य लोग शामिल थे।

नवजागरण के अग्रदूत थे राजा राममोहन राय


महान समाज सुधारक और समाजसेवी राजा राममोहन राय का‌ जन्म बंगाल के हुगली जिला के राधा गांव में 22 मई 1772 को हुआ था।भारतीय पुनर्जागरण का अग्रदूत और आधुनिक भारत का जनक कहा जाता है। भारतीय सामाजिक और धार्मिक पुनर्जागरण के क्षेत्र में उनका विशिष्ट स्थान है। वे ब्रह्म समाज के संस्थापक, भारतीय भाषायी प्रेस के प्रवर्तक, जनजागरण और सामाजिक सुधार आंदोलन के प्रणेता तथा बंगाल में नव-जागरण युग के पितामह थे। उन्होंने भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम और पत्रकारिता के कुशल संयोग से दोनों क्षेत्रों को गति प्रदान की। उनके आन्दोलनों ने जहां पत्रकारिता को चमक दी, वहीं, उनकी पत्रकारिता ने आन्दोलनों को भी सही दिशा दिखाने का कार्य किया। धार्मिक पुनर्जागरण के क्षेत्र में उनका विशिष्ट स्थान है। ब्रह्म समाज के संस्थापक, भारतीय भाषायी प्रेस के प्रवर्तक राममोहन राय ने ईस्ट इंडिया कंपनी की नौकरी छोड़कर अपने आपको राष्ट्र सेवा में झोंक दिया। भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति के अलावा वे दोहरी लड़ाई लड़ रहे थे। दूसरी लड़ाई उनकी अपने ही देश के नागरिकों से थी। जो अंधविश्वास और कुरीतियों में जकड़े थे। राजा राममोहन राय  ने उन्हें झकझोरने का काम किया। बाल-विवाह, सती प्रथा, जातिवाद, कर्मकांड, पर्दा प्रथा आदि का उन्होंने पुरजोर विरोध किया। धर्म प्रचार के क्षेत्र में अलेक्जेंडर डफ्फ  ने उनकी काफी सहायता की। देवेंद्र नाथ टैगोर उनके सबसे प्रमुख अनुयायी थे। आधुनिक भारत के निर्माता, सबसे बड़ी सामाजिक - धार्मिक सुधार आंदोलनों के संस्थापक, ब्रह्म समाज, राजा राममोहन राय ने सती प्रणाली जैसी सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । वह भी अंग्रेजी, आधुनिक चिकित्सा प्रौद्योगिकी और विज्ञान के अध्ययन को लोकप्रिय भारतीय समाज में विभिन्न बदलाव की वकालत की। राजा राममोहन राय ने 'ब्रह्ममैनिकल मैग्ज़ीन', 'संवाद कौमुदी', मिरात-उल-अखबार ,(एकेश्वरवाद का उपहार) बंगदूत जैसे स्तरीय पत्रों का संपादन-प्रकाशन किया। बंगदूत एक अनोखा पत्र था। इसमें बांग्ला, हिन्दी और फारसी भाषा का प्रयोग एक साथ किया जाता था। उनके जुझारू और सशक्त व्यक्तित्व का इस बात से अंदाज लगाया जा सकता है कि वर्ष 1821 में अंग्रेज जज द्वारा एक भारतीय प्रतापनारायण दास को कोड़े लगाने की सजा दी गई। फलस्वरूप उसकी मृत्यु हो गई। इस बर्बरता के खिलाफ राजाराम मोहन राय ने एक लेख लिखा।
27 सितंबर 1833 को राजाराम मोहन राय ने परमधाम को गमन किया।
आज पुण्यतिथि पर महान विचारक,लेखक, संपादक एवं स्त्री समाज सुधार के प्रबल पुरोधा को नमन एवं श्रद्धांजलि।
 प्रस्तुति : डॉ.एच आर सिंह

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...