यह ब्लॉग खोजें

रविवार, 29 मार्च 2020

आस-पड़ोस के जरूरतमंदों की मदद करें: शशिभूषण राय



 _काम और आय की कमी से हो रहे पलायन को रोकने की पहल


झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता श्री शशि भूषण राय झारखंड सरकार के कोरोना से लड़ने के प्रयासों की प्रशंसा करते हुये , आम जनता से भी अपील किया है की, इस कठिन समय में जहाँ पुरा देश और विश्व कोरोना के प्रकोप से लड़ रहा है , उसे देखते हुए हम सब का भी कर्तव बनता है की हम अपने आस-पड़ोस में रहने वाले जरूरत-मंद लोगों की मदद के लिए आगे आये । श्री राय ने कहा जिस तरह से काम और आय की कमी में लोग पलायन कर रहे है , ये कोरोना के प्रभाव को काफ़ी नकारात्मक कर सकता है , हम सब को कोशिश करना है की जो जहाँ है वही रुके तभी हम इस वैश्विक महामारी को रोक सकते है , हम सब से जितना बन पड़े उतना , अपने आस-पड़ोस में रहने वाले जरूरत-मंद वर्ग को मदद करें ताकि वे पलायन ना करें ।

श्री राय ने भी अपने आवास अमरावती कॉलोनी , शिव-महावीर मंदिर के समीप रहने वाले कुछ जरूरत-मंदों के बीच खाद्यान्न एवं सब्जी का वितरण किया और सोशल मीडिया के माध्यम से सभी मित्रों से भी आगे आने का अनुरोध किया

शनिवार, 28 मार्च 2020

भूखों को भोजन कराने में जुटे रमाशंकर प्रसाद



रांची। कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे के बीच कुछ लोग स्वयं की परवाह किए बिना भूखे को भोजन और प्यासे को पानी देने में मुस्तैदी से जुटे हुए हैं। ऐसी ही एक शख्सियत हैं हटिया स्टेशन रोड निवासी होटल संचालक और समाजसेवी रमाशंकर प्रसाद। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान बिरसा चौक व आसपास के इलाके में सड़क के किनारे और फुटपाथ पर रहने को विवश बेघर और गरीब लोगों के बीच प्रतिदिन भोजन वितरण करने का बीड़ा उठाया है। पीड़ित मानवता की सेवा के प्रति उनका जज्बा और जुनून अनुकरणीय है। श्री प्रसाद जगन्नाथपुर थाना अंतर्गत विभिन्न जगहों पर जाकर गरीब लोगों के बीच दोपहर में भोजन का वितरण करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि कोई भी गरीब भूखा ना रहे। इस दौरान उन्हें गरीबों के नजदीक जाने की जरूरत पड़ती है, लेकिन इसके बावजूद वह अपनी सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन करते हुए पूरी तरह सतर्कता बरतते हैं। विपरीत परिस्थितियों के बीच हाशिए पर रहने को विवश बेहद गरीब लोगों को भोजन मुहैया कराने का उनका यह प्रयास सराहनीय है। रमाशंकर कहते हैं कि लॉकडाउन की अवधि (14 अप्रैल) तक वह ऐसे गरीबों को चिन्हित कर उनके बीच दोपहर का भोजन मुहैया कराते रहेंगे। वह कहते हैं कि गरीबों की सेवा ही सच्चा और सबसे बड़ा मानव धर्म है। पीड़ित मानवता की सेवा करने से उन्हें सुकून मिलता है।

रैंडम सैंपलिंग की व्यवस्था करे सरकार: प्रतुल शाहदेव


रांची। भाजपा ने सरकार से कोरोना संक्रमण के लिए किए जा रहे जांच की संख्या को बढ़ाते हुए रेंडम सेंपलिंग करने का भी आग्रह किया है। इस संबंध में भाजपा के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा है कि अभी तक झारखंड में सिर्फ 160 ही जांच हुई है, जबकि महाराष्ट्र में 4600 लोगों की जांच हुई है। उन्होंने कहा कि अभी तक सभी झारखंडवासी इस मामले में खुशकिस्मत हैं कि कोरोनावायरस संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि हाल के दिनों में महाराष्ट्र,केरल सहित अन्य राज्यों से काम करने वाले हजारों झारखंडवासी अपने राज्य में वापस लौटे हैं। उनके स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग करना अति आवश्यक है। लौटने वाले लोगों के बीच में रेंडम सेंपलिंग करना भी चाहिए।
प्रतुल ने कहा कि यदि बड़े पैमाने पर रेंडम सेंपलिंग करने के लिए राज्य सरकार तैयार है, तो उसे तुरंत शुरुआत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि  केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण के जांच की जो दर तय की है, यदि उसी दर पर प्राइवेट लैब यह सुविधा झारखंड में उपलब्ध करा रहे हैं, तो सरकार को इसके लिए सभी पहलुओं पर चिंतन कर इसकी सशर्त अनुमति देने पर विचार करना चाहिए। सरकार को रिवर्स माइग्रेशन के बाद होने वाले उत्पन्न समस्याओं पर भी एक्शन प्लान बनाने की तैयारी करनी चाहिए।

शुक्रवार, 27 मार्च 2020

खाद्य आपूर्ति विभाग व झारखंड चैंबर की बैठक


प्रदेश में जारी लॉकडाउन के दौरान खाद्य सामग्री की आपूर्ति सामान्य बनाये रखने को लेकर आज खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव अरुण कुमार सिंह द्वारा प्रोजेक्ट भवन में आयोजित बैठक में झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के नेतृत्व में रांची चैंबर, पंडरा आलू प्याज थोक विक्रेता संघ के अलावा खाद्य आपूर्ति से जुड़े कई व्यवसायिक संगठनों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान विभागीय सचिव ने कहा कि वैश्विक आपदा के कारण प्रदेश में जारी लॉकडाउन के दौरान खाद्य सामाग्रियों की आपूर्ति सामान्य बनाये रखने हेतु सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। साथ ही उन्होंने इस कार्य में व्यवसायियों से अपेक्षित सहयोग की अपील की।

लॉकडाउन के कारण ट्रकों को माल लेकर आवागमन करने में हो रही कठिनाई से चैंबर अध्यक्ष कुणाल अजमानी ने अवगत कराते हुए कहा कि रांची जिले में आवागमन हेतु जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा छूट अवश्य दी गई है किंतु यह पर्याप्त नहीं है। क्योंकि रांची से कई जिलों के लिए उपभोक्ताओं के लिए दैनिक उपभोग की वस्तुएं भेंजी जाती हैं किंतु पुलिस द्वारा पकडे जाने के कारण पूरे प्रदेश में माल की सप्लाई नहीं हो पा रही है। यह सुझाया कि माल लदे ट्रकों में संबंधित कागजातों को देखकर ट्रकों को प्रदेश के सभी जिलों में आवागमन की अनुमति दी जाय। विभागीय सचिव ने इस हेतु डीजीपी से वार्ता कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक के दौरान राइस मिल/आटा मिल मालिक मनीष साहू व पप्पू अग्रवाल ने प्रदेश में गेहूं की कमी की बात कही जिसपर विभागीय सचिव ने कहा कि एफसीआई में गेहूं के पर्याप्त भंडार उपलब्ध हैं। सोमवार से एफसीआई से गेहूं उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सप्ताह में दो दिन मंगलवार और बुधवार को सभी एफएमसीजी होलसेल के आउटलेट खुले रहेंगे।

पूर्व अध्यक्ष सज्जन सर्राफ ने कहा कि इस आपदा की घडी में हम सरकार के साथ हरसंभव सहयोग को प्रतिबद्ध हैं किंतु डिपो में हमारे कर्मचारियों को आने जाने में होनेवाली कठिनाई के कारण व्यवस्था चरमरा गई है। साथ ही उन्होंने आवश्यक वस्तुओं से जुड़े सभी व्यापारी के कर्मचारियों को आने जाने हेतु पास निर्गत करने का आग्रह किया। यह भी कहा कि विभाग द्वारा एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाय ताकि माल आवागमन करने के दौरान उत्पन्न होनेवाली कठिनाइयों के लिए सामंजस्य बनाया जा सके। यह भी कहा कि ढाबा मे बैठाकर खाना खिलाने की अनुमति नहीं होने के कारण ट्रक ड्राइवरों को परेशानी होती है अतः प्रत्येक ढाबों पर फूड पैकेट बनाकर रखने की अनुमति दी जाय ताकि ट्रक ड्राइवरों को खाने की समस्या न हो। विभागीय सचिव ने इन बिंदुओं पर भी उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। विभागीय सचिव ने व्यवसायियों से यह अपील की कि सभी व्यापारी सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखते हुए व्यापार करें। साथ ही उन्होंने मुनाफाखोरी से व्यवसायियों को बचने की भी सलाह दी। यह भी कहा कि आवश्यक वस्तुओं को लेकर आवागमन करने में होनेवाली कठिनाइयों से व्यवसायी सीधे मुझसे संपर्क करें। साथ ही उन्होंने कल ही नोडल अधिकारी के संपर्क नंबर को सार्वजनिक करने का आश्वासन दिया।

बैठक के दौरान प्रदेश में कैटल फीड की कमी पर भी चर्चा की गई और बताया गया कि महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से आवक बंद होने के कारण परेशानी बढी है। यह आग्रह किया गया कि महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ से कैटल फीड की आपूर्ति पूर्व की भांति कराई जाय। विभागीय सचिव ने कहा कि इस दिशा में कारवाई जारी है।

प्रतिनिधिमंडल में चैंबर अध्यक्ष कुणाल अजमानी, उपाध्यक्ष प्रवीण जैन छाबड़ा, सह सचिव विकास विजयवर्गीय, कोषाध्यक्ष मनीष सराफ, एफएमसीजी एसोसिएशन से संजय अखौरी, कैटल फीड एसोसिएशन से प्रदीप मोदी, सुशील अग्रवाल, अश्विनी रजगढिया, पप्पू अग्रवाल, मनीष साहू, राजेश कौशिक, अलोक मंगल उपस्थित थे।

राशनकार्ड से वंचित लोगों को भी खाद्यान्न मुहैया कराए सरकार: राकेश कुमार सिंह


रांची। झारखंड राज्य उपभोक्ता संरक्षण परिषद के सदस्य और लोकप्रिय समाजसेवी राकेश कुमार सिंह ने राशन कार्ड से वंचित राज्य के मध्यम व निम्नवर्गीय  परिवारों को भी खाद्यान्न मुहैया कराने और उनका राशन कार्ड बनाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि केंद्र व राज्य सरकार के प्रथम और द्वितीय वर्ग के अधिकारियों को छोड़कर सूबे के सभी मध्यम और निम्नवर्गीय परिवारों को राशन कार्ड से आच्छादित किया जाना जरूरी है। श्री सिंह ने कहा कि जिस प्रकार कई लोग स्वेच्छा से गैस की सब्सिडी नहीं लेते हैं, उसी प्रकार से राशन कार्ड के मामले में भी वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के शासनकाल में राशन कार्ड बनाने के लिए जो मापदंड निर्धारित किया गया था, वह जनहित में उचित नहीं है। अपने घरों में मोटरसाइकिल,वाशिंग मशीन, टीवी आदि रखने वाले लोगों को राशन कार्ड की सुविधा से वंचित कर दिया जाना तर्कसंगत नहीं जान पड़ता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से बचाव के लिए देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान विशेष रुप से मध्यम, निम्न मध्यम और निम्नवर्गीय परिवारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य के लाखों परिवारों को राशनकार्ड से वंचित रखने और खाद्य सुरक्षा कानून के दायरे में शामिल नहीं किए जाने से उन परिवारों के समक्ष विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि इस दिशा में खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के अधीनस्थ भारी भरकम बजट वाला झारखंड राज्य खाद्य आयोग बिल्कुल मौन है। आयोग की इस निष्क्रियता से इसके औचित्य पर सवालिया निशान लग गया है। श्री सिंह ने राज्य सरकार से झारखंड राज्य खाद्य आयोग की उपयोगिता और इसके औचित्य के बारे में गंभीरता से विचार करने और विगत वित्तीय वर्षों में आयोग के खर्च की समीक्षा करने की भी मांग की है।

समाजसेवी रामाशंकर प्रसाद ने गरीबों के बीच बांटे भोजन



रांची। राजधानी के हटिया स्टेशन रोड निवासी होटल संचालक व समाजसेवी रामाशंकर प्रसाद ने कोरोना वायरस से बचाव के मद्देनजर लाॅकडाउन के दौरान पीड़ित मानवता के सेवार्थ गरीबों को प्रतिदिन भोजन कराने का संकल्प लिया है। इसके तहत सड़कों और फुटपाथ पर भोजन की तलाश में रहने वाले बेहद गरीब व लाचार लोगों को उन्होंने शुक्रवार को  भोजन का पैकेट उपलब्ध कराया। इस कार्य में उन्होंने पुलिस-प्रशासन के सहयोग के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इस पुनीत कार्य में उनके पुत्र आदित्य कुमार सहित अन्य ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। श्री प्रसाद ने कहा कि पीड़ितों की सेवा करने से उन्हें सुखद अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन के दौरान प्रतिदिन भोजन से वंचित गरीबों को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

पीड़ितों की सेवा में आगे आए सुबोधकांत




रांची। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए किए गए देशव्यापी लाॅकडाउन के दौरान रांची संसदीय क्षेत्र अंतर्गत किसी भी प्रकार की परेशानी झेल रहे नागरिकों को सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने अपने स्तर से एक टीम का गठन किया है। टीम के सदस्य जिला प्रशासन व सरकार के संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर लाॅकडाउन में विषम परिस्थितियों का सामना कर रहे समस्याग्रस्त लोगों की सहायता करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।श्री सहाय ने समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए वाट्सएप नंबर 9771950539 जारी किया है। उन्होंने लाॅकडाउन के दौरान विकट समस्याओं का सामना कर रहे नागरिकों से उक्त नंबर पर संपर्क कर समस्याओं की जानकारी देने की अपील की है, ताकि उन्हें समस्याओं से निजात दिलाया जा सके।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...