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शनिवार, 4 अप्रैल 2020

एकजुटता और जागरूकता से जीतेंगे कोरोना की जंग: सुबोधकांत सहाय


संदर्भ : वैश्विक आपदा कोरोनावायरस का प्रकोप
 

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए एकजुटता और जागरूकता जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस समय मानव समाज विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है। संपूर्ण मानवता एक गंभीर आपदा से जूझ रही है। चहुंओर आशंका और उदासी का माहौल है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कोविड-19 महामारी से निपटने में मनुष्य असहाय हो गया है। संकट की इस घड़ी में हम धैर्य और संयम बरतते हुए ही कोरोनावायरस के विरुद्ध जंग जीतने में सफल हो सकते हैं। यह आत्मसंयम बरतने का समय है। कोरोना के खिलाफ छिड़ी  जंग में हम दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए, सतर्कता बरतते हुए और अनुशासित रहकर ही सफलता पा सकते हैं। हमारे देश में जिस तेजी से इहका संक्रमण बढ़ रहा है, चिंतनीय है।
  जब कोरोना का प्रकोप देश के विभिन्न राज्यों में बढ़ता जा रहा था, तब झारखंड की जनता विशेष सतर्कता
बरतते हुए स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रही थी। इस महामारी के खिलाफ जंग में झारखंडवासियों के हौसले बुलंद थे। सतर्कता और जागरुकता के बलबूते झारखंड में कोरोना पांव नहीं पसार सका था। लेकिन अब दो मामला प्रकाश में आने पर झारखंडवासी भी हतप्रभ हैं। बहरहाल, इस महामारी से निपटने को झारखंडवासियों का दृढ़संकल्प और एकजुटता काबिले-तारीफ है।
    श्री सहाय ने कहा कि विभिन्न राज्यों से झारखंड आए काफी संख्या में लोग जांच से कतरा रहे हैं। यह बुद्धिमानी नहीं है। अपने स्वास्थ्य की स्थिति को छुपा कर हम अपने परिवार और समाज के लोगों को खतरे में डालेंगे। इसलिए सभी लोगों को जागरूक होते हुए वास्तविकता से सरकार, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराना चाहिए। इस मामले में जनप्रतिनिधियों की भी भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। उन्हें गांव-घर में लौटने वाले मजदूरों व अन्य लोगों के बारे में संबंधित विभागों को सूचित करना चाहिए। हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि एक छोटी सी भूल  खतरनाक साबित हो सकती है।
     श्री सहाय ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकारों को उन वंचित लोगों के लिए भी ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, जिनके पास न तो काम-धंधा है और न खाने-पीने के साधन। एक अदद आशियाने को तरसते और हाशिए पर रहने को विवश लोग लाॅकडाउन में भावनात्मक असुरक्षा से जूझ रहे हैं। ऐसे में केंद्र व राज्य सरकारों का दायित्व है कि वह भोजन से वंचित गरीबों को मुफ्त भोजन-पानी मुहैया कराने की मुकम्मल व्यवस्था करे। साथ ही ऐसी आपदा के समय समस्त संसाधनों के सदुपयोग से देशवासियों के जीवन की रक्षा पूरी गरिमा के साथ सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कोरोना के विरूद्ध जंग में आमजन के अलावा चिकित्साकर्मियों, पुलिस-प्रशासन, गैर सरकारी संगठन, समाज के हर वर्ग के सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका सराहनीय है। इस त्रासदी से निपटने और मानवता की रक्षा के लिए दानदाताओं का आगे आना प्रशंसनीय कदम है। उन्होंने ऐसे संकट की घड़ी में आमजन को संयमित रहते हुए इस वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई में सहभागिता निभाने की अपील की।

मंगलवार, 31 मार्च 2020

होटल संचालक रामाशंकर प्रसाद गरीबों को रोज भोजन करा रहे हैं


रांची। राजधानी के बिरसा चौक (हटिया स्टेशन रोड) निवासी होटल संचालक व समाजसेवी रामाशंकर प्रसाद भूख से वंचित गरीबों को प्रतिदिन एक समय का खाना खिला रहे हैं। बिरसा चौक व आसपास के इलाकों में सड़कों और फुटपाथ पर रहने को विवश अत्यंत गरीब लोगों को वे प्रतिदिन दोपहर का भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। इससे लॉकडाउन के दौरान उत्पन्न समस्या से गरीबों को काफी राहत मिल रही है। मंगलवार को हटिया स्टेशन रोड स्थित होटल पार्क ईन (पूजा रेस्टोरेंट) के सामने गरीबों के बीच भोजन वितरण किया गया। इस अवसर पर श्री प्रसाद ने कहा कि संकट की इस घड़ी में विशेष रुप से गरीबों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ऐसे में जरूरतमंद लोगों के बीच सहायता पहुंचाने के लिए समाजसेवियों और गैर सरकारी संगठनों को पीड़ित मानवता के सेवार्थ आगे आने की आवश्यकता है। गरीबों को मुफ्त भोजन कराने में आदित्य कुमार, पूजा कुमारी, अभिषेक, अंकित कलवार सहित अन्य ने सहयोग किया।

रविवार, 29 मार्च 2020

पार्षद उर्मिला यादव ने गरीबों के बीच अनाज बांटा


*  हो रहा सोशल डिस्टेंस का अनुपालन

रांची। वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के मद्देनजर लाॅकडाउन के दौरान भोजन से वंचित बेहद गरीब लोगों को चिन्हित कर नगर निगम वार्ड संख्या 41 की पार्षद उर्मिला यादव ने अपने स्तर से वार्ड अंतर्गत अत्यंत गरीब उनके बीच अनाज का वितरण किया। इसके तहत गरीबों को  आवश्यकतानुसार प्रति व्यक्ति दस किलो चावल दिया गया। इस अवसर पर कोरोना से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया गया। वार्ड पार्षद उर्मिला यादव ने कहा कि लाॅकडाउन की अवधि (14 अप्रैल) के दौरान वार्ड संख्या 41 के अंतर्गत अत्यंत गरीब लोगों को चिन्हित कर उनके बीच मुफ्त अनाज का वितरण किया जाएगा।

आस-पड़ोस के जरूरतमंदों की मदद करें: शशिभूषण राय



 _काम और आय की कमी से हो रहे पलायन को रोकने की पहल


झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता श्री शशि भूषण राय झारखंड सरकार के कोरोना से लड़ने के प्रयासों की प्रशंसा करते हुये , आम जनता से भी अपील किया है की, इस कठिन समय में जहाँ पुरा देश और विश्व कोरोना के प्रकोप से लड़ रहा है , उसे देखते हुए हम सब का भी कर्तव बनता है की हम अपने आस-पड़ोस में रहने वाले जरूरत-मंद लोगों की मदद के लिए आगे आये । श्री राय ने कहा जिस तरह से काम और आय की कमी में लोग पलायन कर रहे है , ये कोरोना के प्रभाव को काफ़ी नकारात्मक कर सकता है , हम सब को कोशिश करना है की जो जहाँ है वही रुके तभी हम इस वैश्विक महामारी को रोक सकते है , हम सब से जितना बन पड़े उतना , अपने आस-पड़ोस में रहने वाले जरूरत-मंद वर्ग को मदद करें ताकि वे पलायन ना करें ।

श्री राय ने भी अपने आवास अमरावती कॉलोनी , शिव-महावीर मंदिर के समीप रहने वाले कुछ जरूरत-मंदों के बीच खाद्यान्न एवं सब्जी का वितरण किया और सोशल मीडिया के माध्यम से सभी मित्रों से भी आगे आने का अनुरोध किया

शनिवार, 28 मार्च 2020

भूखों को भोजन कराने में जुटे रमाशंकर प्रसाद



रांची। कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे के बीच कुछ लोग स्वयं की परवाह किए बिना भूखे को भोजन और प्यासे को पानी देने में मुस्तैदी से जुटे हुए हैं। ऐसी ही एक शख्सियत हैं हटिया स्टेशन रोड निवासी होटल संचालक और समाजसेवी रमाशंकर प्रसाद। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान बिरसा चौक व आसपास के इलाके में सड़क के किनारे और फुटपाथ पर रहने को विवश बेघर और गरीब लोगों के बीच प्रतिदिन भोजन वितरण करने का बीड़ा उठाया है। पीड़ित मानवता की सेवा के प्रति उनका जज्बा और जुनून अनुकरणीय है। श्री प्रसाद जगन्नाथपुर थाना अंतर्गत विभिन्न जगहों पर जाकर गरीब लोगों के बीच दोपहर में भोजन का वितरण करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि कोई भी गरीब भूखा ना रहे। इस दौरान उन्हें गरीबों के नजदीक जाने की जरूरत पड़ती है, लेकिन इसके बावजूद वह अपनी सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन करते हुए पूरी तरह सतर्कता बरतते हैं। विपरीत परिस्थितियों के बीच हाशिए पर रहने को विवश बेहद गरीब लोगों को भोजन मुहैया कराने का उनका यह प्रयास सराहनीय है। रमाशंकर कहते हैं कि लॉकडाउन की अवधि (14 अप्रैल) तक वह ऐसे गरीबों को चिन्हित कर उनके बीच दोपहर का भोजन मुहैया कराते रहेंगे। वह कहते हैं कि गरीबों की सेवा ही सच्चा और सबसे बड़ा मानव धर्म है। पीड़ित मानवता की सेवा करने से उन्हें सुकून मिलता है।

रैंडम सैंपलिंग की व्यवस्था करे सरकार: प्रतुल शाहदेव


रांची। भाजपा ने सरकार से कोरोना संक्रमण के लिए किए जा रहे जांच की संख्या को बढ़ाते हुए रेंडम सेंपलिंग करने का भी आग्रह किया है। इस संबंध में भाजपा के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा है कि अभी तक झारखंड में सिर्फ 160 ही जांच हुई है, जबकि महाराष्ट्र में 4600 लोगों की जांच हुई है। उन्होंने कहा कि अभी तक सभी झारखंडवासी इस मामले में खुशकिस्मत हैं कि कोरोनावायरस संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि हाल के दिनों में महाराष्ट्र,केरल सहित अन्य राज्यों से काम करने वाले हजारों झारखंडवासी अपने राज्य में वापस लौटे हैं। उनके स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग करना अति आवश्यक है। लौटने वाले लोगों के बीच में रेंडम सेंपलिंग करना भी चाहिए।
प्रतुल ने कहा कि यदि बड़े पैमाने पर रेंडम सेंपलिंग करने के लिए राज्य सरकार तैयार है, तो उसे तुरंत शुरुआत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि  केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण के जांच की जो दर तय की है, यदि उसी दर पर प्राइवेट लैब यह सुविधा झारखंड में उपलब्ध करा रहे हैं, तो सरकार को इसके लिए सभी पहलुओं पर चिंतन कर इसकी सशर्त अनुमति देने पर विचार करना चाहिए। सरकार को रिवर्स माइग्रेशन के बाद होने वाले उत्पन्न समस्याओं पर भी एक्शन प्लान बनाने की तैयारी करनी चाहिए।

शुक्रवार, 27 मार्च 2020

खाद्य आपूर्ति विभाग व झारखंड चैंबर की बैठक


प्रदेश में जारी लॉकडाउन के दौरान खाद्य सामग्री की आपूर्ति सामान्य बनाये रखने को लेकर आज खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव अरुण कुमार सिंह द्वारा प्रोजेक्ट भवन में आयोजित बैठक में झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के नेतृत्व में रांची चैंबर, पंडरा आलू प्याज थोक विक्रेता संघ के अलावा खाद्य आपूर्ति से जुड़े कई व्यवसायिक संगठनों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान विभागीय सचिव ने कहा कि वैश्विक आपदा के कारण प्रदेश में जारी लॉकडाउन के दौरान खाद्य सामाग्रियों की आपूर्ति सामान्य बनाये रखने हेतु सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। साथ ही उन्होंने इस कार्य में व्यवसायियों से अपेक्षित सहयोग की अपील की।

लॉकडाउन के कारण ट्रकों को माल लेकर आवागमन करने में हो रही कठिनाई से चैंबर अध्यक्ष कुणाल अजमानी ने अवगत कराते हुए कहा कि रांची जिले में आवागमन हेतु जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा छूट अवश्य दी गई है किंतु यह पर्याप्त नहीं है। क्योंकि रांची से कई जिलों के लिए उपभोक्ताओं के लिए दैनिक उपभोग की वस्तुएं भेंजी जाती हैं किंतु पुलिस द्वारा पकडे जाने के कारण पूरे प्रदेश में माल की सप्लाई नहीं हो पा रही है। यह सुझाया कि माल लदे ट्रकों में संबंधित कागजातों को देखकर ट्रकों को प्रदेश के सभी जिलों में आवागमन की अनुमति दी जाय। विभागीय सचिव ने इस हेतु डीजीपी से वार्ता कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक के दौरान राइस मिल/आटा मिल मालिक मनीष साहू व पप्पू अग्रवाल ने प्रदेश में गेहूं की कमी की बात कही जिसपर विभागीय सचिव ने कहा कि एफसीआई में गेहूं के पर्याप्त भंडार उपलब्ध हैं। सोमवार से एफसीआई से गेहूं उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सप्ताह में दो दिन मंगलवार और बुधवार को सभी एफएमसीजी होलसेल के आउटलेट खुले रहेंगे।

पूर्व अध्यक्ष सज्जन सर्राफ ने कहा कि इस आपदा की घडी में हम सरकार के साथ हरसंभव सहयोग को प्रतिबद्ध हैं किंतु डिपो में हमारे कर्मचारियों को आने जाने में होनेवाली कठिनाई के कारण व्यवस्था चरमरा गई है। साथ ही उन्होंने आवश्यक वस्तुओं से जुड़े सभी व्यापारी के कर्मचारियों को आने जाने हेतु पास निर्गत करने का आग्रह किया। यह भी कहा कि विभाग द्वारा एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाय ताकि माल आवागमन करने के दौरान उत्पन्न होनेवाली कठिनाइयों के लिए सामंजस्य बनाया जा सके। यह भी कहा कि ढाबा मे बैठाकर खाना खिलाने की अनुमति नहीं होने के कारण ट्रक ड्राइवरों को परेशानी होती है अतः प्रत्येक ढाबों पर फूड पैकेट बनाकर रखने की अनुमति दी जाय ताकि ट्रक ड्राइवरों को खाने की समस्या न हो। विभागीय सचिव ने इन बिंदुओं पर भी उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। विभागीय सचिव ने व्यवसायियों से यह अपील की कि सभी व्यापारी सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखते हुए व्यापार करें। साथ ही उन्होंने मुनाफाखोरी से व्यवसायियों को बचने की भी सलाह दी। यह भी कहा कि आवश्यक वस्तुओं को लेकर आवागमन करने में होनेवाली कठिनाइयों से व्यवसायी सीधे मुझसे संपर्क करें। साथ ही उन्होंने कल ही नोडल अधिकारी के संपर्क नंबर को सार्वजनिक करने का आश्वासन दिया।

बैठक के दौरान प्रदेश में कैटल फीड की कमी पर भी चर्चा की गई और बताया गया कि महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से आवक बंद होने के कारण परेशानी बढी है। यह आग्रह किया गया कि महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ से कैटल फीड की आपूर्ति पूर्व की भांति कराई जाय। विभागीय सचिव ने कहा कि इस दिशा में कारवाई जारी है।

प्रतिनिधिमंडल में चैंबर अध्यक्ष कुणाल अजमानी, उपाध्यक्ष प्रवीण जैन छाबड़ा, सह सचिव विकास विजयवर्गीय, कोषाध्यक्ष मनीष सराफ, एफएमसीजी एसोसिएशन से संजय अखौरी, कैटल फीड एसोसिएशन से प्रदीप मोदी, सुशील अग्रवाल, अश्विनी रजगढिया, पप्पू अग्रवाल, मनीष साहू, राजेश कौशिक, अलोक मंगल उपस्थित थे।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...