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सोमवार, 6 अप्रैल 2020

अजय राय ने कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया

* अस्पतालकर्मियों, मरीजों के परिजनों और सुरक्षाकर्मियों को कराया भोजन

रांची। भारतीय जनता पार्टी के  40 वें स्थापना दिवस के अवसर पर झारखंड भाजपा के  मीडिया पैनलिस्ट अजय राय कोरोना वायरस से बचाव के लिए किए गए लॉकडाउन अवधि के दौरान जनहित में जुटे हैं। उन्होंने
वैसे योद्धाओं को सम्मानित किया, जो बिना अपने जान-माल की फिक्र किए   समाज की सेवा में तत्पर हैं। श्री राय ने इस अवसर पर राजधानी स्थित रानी चिल्ड्रन हॉस्पिटल और जगन्नाथ हॉस्पिटल के लगभग 250 मरीजों के परिजनों, सिक्योरिटी गार्ड , हॉस्पिटल के स्टाफ को खाना खिलाया। खाना  खिलाने के  पहले सभी लोगो को सेनेटाइजर देकर सेनेटाइज करने के उपरांत  सोशल टिस्टेंस मेंटेन करते हुए उन्हें खाने के साथ साथ पानी भी उपलब्ध कराया गया। मौके पर श्री राय ने कहा कि ऐसे सोल्जर को सलाम, जो अपने घर- परिवार को  छोड़कर इस वैश्विक महामारी से बचाव के लिए जनसेवा में लगे हुए हैं।
  इस अवसर पर रानी चिल्ड्रेन हॉस्पिटल के डॉक्टर प्रेम रंजन को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इससे पूर्व श्री राय ने  पेट्रोल पम्प कर्मी, दूध पहुंचाने वाले ,ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों सहित सफाईकर्मियों को भी अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देशवासियों ने जो एकजुटता दिखाई, अभूतपूर्व है। यह कोरोनावायरस का प्रकोप दूर करने में सहायक होगा। इस अवसर पर  शत्रुघ्न प्रसाद, अजय कुमार राम,राजा दत्ता, मनोज वर्मा,विक्की ठाकुर, मंटू सोनी,राजकिशोर वर्मा,रौनक वर्मा सहित अन्य मौजूद थे।

रविवार, 5 अप्रैल 2020

गरीबों को रोज अलग-अलग पकवान खिला रहे रामाशंकर प्रसाद



रांची। कोरोना वायरस से बचाव के लिए किए गए लाॅकडाउन के दौरान अत्यंत गरीब लोगों को समाजसेवी व होटल संचालक रामाशंकर प्रसाद प्रतिदिन दोपहर का भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। उनके सौजन्य से बिरसा चौक स्थित होटल पार्क ईन (पूजा रेस्टोरेंट) के सामने आसपास के इलाकों के भोजन से वंचित अत्यंत गरीब लोगों को प्रतिदिन दोपहर में खाना खिलाया जाता है। इस क्रम में रविवार को गरीबों के बीच इडली,सांबर व चटनी का वितरण किया गया। श्री प्रसाद ने कहा कि विगत लगभग दस दिनों से गरीबों को एक समय का मुफ्त भोजन-पानी मुहैया कराया जा रहा है। हर दिन अलग-अलग तरह का पकवान बनाकर  खिलाया जाता है। इसके तहत किसी दिन दाल-भात और सब्जी, कभी रोटी-सब्जी, किसी दिन पूड़ी-सब्जी और हलुवा, आदि परोसा जाता है। उन्होंने कहा कि यह सिलसिला लाॅकडाउन की अवधि (14अप्रैल,2020) तक जारी रहेगा। गरीबों को भोजन कराने में सोशल डिस्टेंस का भी अनुपालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें स्थानीय पुलिस-प्रशासन का अपेक्षित सहयोग भी मिल रहा है। उनका मकसद है कि भोजन से वंचित गरीब लोग भूखे नहीं रहें। भोजन बांटने में आदित्य, पूजा कुमारी, आशा देवी, अभिषेक सहित अन्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

शनिवार, 4 अप्रैल 2020

एकजुटता और जागरूकता से जीतेंगे कोरोना की जंग: सुबोधकांत सहाय


संदर्भ : वैश्विक आपदा कोरोनावायरस का प्रकोप
 

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए एकजुटता और जागरूकता जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस समय मानव समाज विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है। संपूर्ण मानवता एक गंभीर आपदा से जूझ रही है। चहुंओर आशंका और उदासी का माहौल है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कोविड-19 महामारी से निपटने में मनुष्य असहाय हो गया है। संकट की इस घड़ी में हम धैर्य और संयम बरतते हुए ही कोरोनावायरस के विरुद्ध जंग जीतने में सफल हो सकते हैं। यह आत्मसंयम बरतने का समय है। कोरोना के खिलाफ छिड़ी  जंग में हम दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए, सतर्कता बरतते हुए और अनुशासित रहकर ही सफलता पा सकते हैं। हमारे देश में जिस तेजी से इहका संक्रमण बढ़ रहा है, चिंतनीय है।
  जब कोरोना का प्रकोप देश के विभिन्न राज्यों में बढ़ता जा रहा था, तब झारखंड की जनता विशेष सतर्कता
बरतते हुए स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रही थी। इस महामारी के खिलाफ जंग में झारखंडवासियों के हौसले बुलंद थे। सतर्कता और जागरुकता के बलबूते झारखंड में कोरोना पांव नहीं पसार सका था। लेकिन अब दो मामला प्रकाश में आने पर झारखंडवासी भी हतप्रभ हैं। बहरहाल, इस महामारी से निपटने को झारखंडवासियों का दृढ़संकल्प और एकजुटता काबिले-तारीफ है।
    श्री सहाय ने कहा कि विभिन्न राज्यों से झारखंड आए काफी संख्या में लोग जांच से कतरा रहे हैं। यह बुद्धिमानी नहीं है। अपने स्वास्थ्य की स्थिति को छुपा कर हम अपने परिवार और समाज के लोगों को खतरे में डालेंगे। इसलिए सभी लोगों को जागरूक होते हुए वास्तविकता से सरकार, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराना चाहिए। इस मामले में जनप्रतिनिधियों की भी भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। उन्हें गांव-घर में लौटने वाले मजदूरों व अन्य लोगों के बारे में संबंधित विभागों को सूचित करना चाहिए। हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि एक छोटी सी भूल  खतरनाक साबित हो सकती है।
     श्री सहाय ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकारों को उन वंचित लोगों के लिए भी ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, जिनके पास न तो काम-धंधा है और न खाने-पीने के साधन। एक अदद आशियाने को तरसते और हाशिए पर रहने को विवश लोग लाॅकडाउन में भावनात्मक असुरक्षा से जूझ रहे हैं। ऐसे में केंद्र व राज्य सरकारों का दायित्व है कि वह भोजन से वंचित गरीबों को मुफ्त भोजन-पानी मुहैया कराने की मुकम्मल व्यवस्था करे। साथ ही ऐसी आपदा के समय समस्त संसाधनों के सदुपयोग से देशवासियों के जीवन की रक्षा पूरी गरिमा के साथ सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कोरोना के विरूद्ध जंग में आमजन के अलावा चिकित्साकर्मियों, पुलिस-प्रशासन, गैर सरकारी संगठन, समाज के हर वर्ग के सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका सराहनीय है। इस त्रासदी से निपटने और मानवता की रक्षा के लिए दानदाताओं का आगे आना प्रशंसनीय कदम है। उन्होंने ऐसे संकट की घड़ी में आमजन को संयमित रहते हुए इस वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई में सहभागिता निभाने की अपील की।

मंगलवार, 31 मार्च 2020

होटल संचालक रामाशंकर प्रसाद गरीबों को रोज भोजन करा रहे हैं


रांची। राजधानी के बिरसा चौक (हटिया स्टेशन रोड) निवासी होटल संचालक व समाजसेवी रामाशंकर प्रसाद भूख से वंचित गरीबों को प्रतिदिन एक समय का खाना खिला रहे हैं। बिरसा चौक व आसपास के इलाकों में सड़कों और फुटपाथ पर रहने को विवश अत्यंत गरीब लोगों को वे प्रतिदिन दोपहर का भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। इससे लॉकडाउन के दौरान उत्पन्न समस्या से गरीबों को काफी राहत मिल रही है। मंगलवार को हटिया स्टेशन रोड स्थित होटल पार्क ईन (पूजा रेस्टोरेंट) के सामने गरीबों के बीच भोजन वितरण किया गया। इस अवसर पर श्री प्रसाद ने कहा कि संकट की इस घड़ी में विशेष रुप से गरीबों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ऐसे में जरूरतमंद लोगों के बीच सहायता पहुंचाने के लिए समाजसेवियों और गैर सरकारी संगठनों को पीड़ित मानवता के सेवार्थ आगे आने की आवश्यकता है। गरीबों को मुफ्त भोजन कराने में आदित्य कुमार, पूजा कुमारी, अभिषेक, अंकित कलवार सहित अन्य ने सहयोग किया।

रविवार, 29 मार्च 2020

पार्षद उर्मिला यादव ने गरीबों के बीच अनाज बांटा


*  हो रहा सोशल डिस्टेंस का अनुपालन

रांची। वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के मद्देनजर लाॅकडाउन के दौरान भोजन से वंचित बेहद गरीब लोगों को चिन्हित कर नगर निगम वार्ड संख्या 41 की पार्षद उर्मिला यादव ने अपने स्तर से वार्ड अंतर्गत अत्यंत गरीब उनके बीच अनाज का वितरण किया। इसके तहत गरीबों को  आवश्यकतानुसार प्रति व्यक्ति दस किलो चावल दिया गया। इस अवसर पर कोरोना से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया गया। वार्ड पार्षद उर्मिला यादव ने कहा कि लाॅकडाउन की अवधि (14 अप्रैल) के दौरान वार्ड संख्या 41 के अंतर्गत अत्यंत गरीब लोगों को चिन्हित कर उनके बीच मुफ्त अनाज का वितरण किया जाएगा।

आस-पड़ोस के जरूरतमंदों की मदद करें: शशिभूषण राय



 _काम और आय की कमी से हो रहे पलायन को रोकने की पहल


झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता श्री शशि भूषण राय झारखंड सरकार के कोरोना से लड़ने के प्रयासों की प्रशंसा करते हुये , आम जनता से भी अपील किया है की, इस कठिन समय में जहाँ पुरा देश और विश्व कोरोना के प्रकोप से लड़ रहा है , उसे देखते हुए हम सब का भी कर्तव बनता है की हम अपने आस-पड़ोस में रहने वाले जरूरत-मंद लोगों की मदद के लिए आगे आये । श्री राय ने कहा जिस तरह से काम और आय की कमी में लोग पलायन कर रहे है , ये कोरोना के प्रभाव को काफ़ी नकारात्मक कर सकता है , हम सब को कोशिश करना है की जो जहाँ है वही रुके तभी हम इस वैश्विक महामारी को रोक सकते है , हम सब से जितना बन पड़े उतना , अपने आस-पड़ोस में रहने वाले जरूरत-मंद वर्ग को मदद करें ताकि वे पलायन ना करें ।

श्री राय ने भी अपने आवास अमरावती कॉलोनी , शिव-महावीर मंदिर के समीप रहने वाले कुछ जरूरत-मंदों के बीच खाद्यान्न एवं सब्जी का वितरण किया और सोशल मीडिया के माध्यम से सभी मित्रों से भी आगे आने का अनुरोध किया

शनिवार, 28 मार्च 2020

भूखों को भोजन कराने में जुटे रमाशंकर प्रसाद



रांची। कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे के बीच कुछ लोग स्वयं की परवाह किए बिना भूखे को भोजन और प्यासे को पानी देने में मुस्तैदी से जुटे हुए हैं। ऐसी ही एक शख्सियत हैं हटिया स्टेशन रोड निवासी होटल संचालक और समाजसेवी रमाशंकर प्रसाद। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान बिरसा चौक व आसपास के इलाके में सड़क के किनारे और फुटपाथ पर रहने को विवश बेघर और गरीब लोगों के बीच प्रतिदिन भोजन वितरण करने का बीड़ा उठाया है। पीड़ित मानवता की सेवा के प्रति उनका जज्बा और जुनून अनुकरणीय है। श्री प्रसाद जगन्नाथपुर थाना अंतर्गत विभिन्न जगहों पर जाकर गरीब लोगों के बीच दोपहर में भोजन का वितरण करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि कोई भी गरीब भूखा ना रहे। इस दौरान उन्हें गरीबों के नजदीक जाने की जरूरत पड़ती है, लेकिन इसके बावजूद वह अपनी सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन करते हुए पूरी तरह सतर्कता बरतते हैं। विपरीत परिस्थितियों के बीच हाशिए पर रहने को विवश बेहद गरीब लोगों को भोजन मुहैया कराने का उनका यह प्रयास सराहनीय है। रमाशंकर कहते हैं कि लॉकडाउन की अवधि (14 अप्रैल) तक वह ऐसे गरीबों को चिन्हित कर उनके बीच दोपहर का भोजन मुहैया कराते रहेंगे। वह कहते हैं कि गरीबों की सेवा ही सच्चा और सबसे बड़ा मानव धर्म है। पीड़ित मानवता की सेवा करने से उन्हें सुकून मिलता है।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...