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मंगलवार, 7 अगस्त 2018

’सीसीएल मुख्यालय विभागीय शतरंज प्रतियोगिता’ का शुभारंभ



रांची। सीसीएल मुख्यालय में दो दिवसीय ‘’सीसीएल मुख्या लय विभागीय शतरंज प्रतियोगिता’’ का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उदघाटन सीसीएल कुज्जू क्षेत्र के स्टॉ्फ अधिकारी (कार्मिक) के.के. सिंह ने किया। इस अवसर पर महाप्रबंधक (विधि)/निदेशक (कार्मिक) के तकनीकी सचिव पार्थो भटाचार्य, प्रबंधक (खेल)  आदिल हुसैन, सहायक प्रबंधक (खेल)  अनुपम कुमार राणा सहित अन्य् उपस्थित थे।

स्टॉ फ अधिकारी (कार्मिक) के.के. सिंह ने प्रतिभागीयों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप अनुशासित रहते हुए खेल भावना और आपसी खेल प्रेम, सहयोग और सहानुभति से खेले। 

प्रतियोगिता का आयोजन पूर्व शतरंज खिलाड़ी  ए.के. वर्मा के निर्णायक भूमिका/देख-रेख में खेला जा रहा है। इस प्रतियोगिता में 62 प्रतिभागी भाग ले रहें हैं। प्रतियोगिता का समन्वेय आर.आर. सिंह एवं श्री इन्द्रतजीत कुमार पाण्डेतय द्वारा किया जा रहा है।

प्रतियोगिता कुल 5 (पांच) राउंड में खेला जा रहा है दो राउंड के बाद नि‍म्नहलिखित प्रतिभागी दो अंक प्राप्त  कर बढ़त बनाये हुए हैं : राजीव रंजन सिंह, राकेश एमबी, बी.बी. श्रीवास्तयव, मनोज कुमार, राजकुमार सिंह, ए.के. चौधरी, अनिल कुमार साहनी, जी.सी. महतो एवं सुरेश लोहार।

पार्टी लाइन को जानना प्रवक्ताओं के लिए अहम :आरपीएन सिंह


नीतिगत मामलों में अपनी व्यक्तिगत राय नहीं दें प्रवक्ता :डाॅ अजय

रांची ।  मंगलवार को रांची प्रेस क्लब में झारखंड कांग्रेस मीडिया एवं कम्युनिकेशन विभाग के तत्वावधान में आयोजित बैठक लक्ष्य -2019  को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री एआईसीसी कार्यसमिति के सदस्य एवं झारखंड कांग्रेस के प्रभारी आरपीएन सिंह ने कांग्रेस प्रवक्ताओं  कहा कि मीडिया के सामने पार्टी की बातों को रखने से पूर्व यह जानना आपके लिए आवश्यक है कि पार्टी का क्या लाइन है। इसके लिए यह जरूरी है कि प्रवक्ता अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी एवं प्रदेश कांग्रेस कमिटी के निर्णयों पर गौर करें। श्री सिंह ने जोनल प्रवक्ताओं को यह निर्देश दिया कि जोनल प्रवक्ता प्रखंड एवं पंचायत स्तर के गतिविधियों पर नजर रखें एवं पार्टी के कार्यक्रमों एवं नीतियों का प्रचार-प्रसार करें। श्री सिंह ने सभी प्रवक्ताओं को केन्द्र एवं राज्य सरकार के वादा खिलाफी को पुरजोर से उठाने को कहा है ताकि जिस वादे के साथ जनता का विश्वास वर्तमान सरकार ने लिया है वह कितना पूरा हुआ यह जनता को बताना आवश्यक है।
झारखण्ड कांग्रेस के अध्यक्ष डाॅ अजय कुमार ने कहा राज्य सरकार के विफलता एवं वादा खिलाफी को संचार माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है। इसके लिए सभी जेानल प्रवक्ता प्रदेश प्रवक्ताओं से संपर्क में रहें एवं प्रखंड से राज्य स्तर तक सरकार के नाकामियों को उजागर करने की काम करें। उन्होंने कहा कि नीतिगत मामलों में प्रवक्ता अपनी कोई व्यक्तिगत राय नहीं दें।
झारखण्ड कांग्रेस के मीडिया के प्रभारी राजेश ठाकुर ने कहा कि मीडियाकर्मी से प्रवक्तागण व्यक्तिगत रिश्ता कायम करें एवं सुख-दुःख के भागीदार बनें। श्री ठाकुर ने कहा कि लक्ष्य 2019 के तहत हमें आने वाले चुनौतियों का सामना करना है और भाजपा सरकार के वादा खिलाफी को उजागर करना है।
बैठक में झारखंड के सह -प्रभारी उमंग सिंघार, कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ,जोनल को-आॅर्डिनेटर अशोक चौधरी, केशव महतो कमलेश, सुल्तान अहमद
प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद, लाल किशोर नाथ शाहदेव, डाॅ राजेश गुप्ता, आलोक कुमार दूबे, शमशेर आलम, संजय लाल पासवान, शिव कुमार भगत, डाॅ राकेश किरण महतो, कुमारा राजा, मीडिया पैनलिस्ट- प्रभाकर तिर्की, डाॅ एम. तौसिफ, अमूल्य नीरज खलखो, जोनल प्रवक्ता- जम्मी भास्कर, राकेश कुमार तिवारी, सुरेश धारी, अतुल गुप्ता, अनिता सोरेन, सी पी संतन, प्रोफेसर जमाल अहमद, अवधेश नारायण सिंह, सचिदानंद पांडे, मानस सिन्हा, पप्पू अजहर, विमला कुमारी, जितेंद्र कमलापुरी, विनोद कुमार तिवारी उपस्थित थे।

ट्रस्ट ने मरीजों के बीच फल बांटे


रांची। नूर मोहम्मद वेलफेयर एजुकेशनल ट्रस्ट की ओर से अंजुमन इस्लामिया हॉस्पिटल में मरीजों के बीच फल वितरण किया गया। बीमारियों को देखते हुए मरीजों के बीच पूरे वार्ड में फल वितरण किया गया ट्रस्ट के उपाध्यक्ष नकी इमाम रिजवी कहा कि अभी मरीजों को फल फ्रूट खाने चाहिए पानी उबालकर पीने चाहिए अभी पानी पीने में कोई कोताही नहीं बरतें। इस मौके पर समाजवादी पार्टी के रांची जिला अध्यक्ष नौशाद अहमद, जफर कलीम, अशोक पांडे, इबरार अहमद, मोहम्मद मुख्तार आदि मौजूद थे

एम करुणानिधि के निधन पर सुबोधकांत ने जताया शोक


 कहा, देश ने राजनीति का एक पुरोधा खो दिया

रांची। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एवं डी.एम.के. के अध्यक्ष एम करुणानिधि के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है। अपने शोक संदेश में श्री  सहाय ने कहा कि देश ने एक कुशल राजनेता खो दिया है। इनके निधन से देश को अपूरणीय क्षति हुई है। भारतीय राजनीति में शून्यता आ गई है। ईश्वर उनके परिजनों एवं शोक संतप्त जनता को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।
 गौरतलब है कि एम करुणानिधि पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने 13 बार विधानसभा चुनाव लड़ा और हर बार जीत हासिल की। 94 वर्षीय करुणानिधि पिछले कुछ दिनों से गंभीर रुप से बीमार थे। चेन्नई के निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांसे ली।

प्राधिकरण के अधिकारियों ने जाना औद्योगिक सेक्टरों की सड़कों का हाल


उद्यमियों में जगी समस्याओं के समाधान की उम्मीद                                                         

हरिओम शर्मा

नोएडा। एन.ई.ए भवन, बी-110 ए, सेक्टर-6, नोएडा के औद्योगिक सेक्टरों में सड़क किनारे व्याप्त अतिक्रमण, टूटी हुई सड़कों आदि समस्याओं के संबध में राजीव त्यागी,महाप्रबन्धक (सिविल), तथा ओ.पी. राय, प्रबंधक (सिविल),  एम.आर.एस राधव, प्रबन्धक (सिविल), नत्थू सिंह, प्रबन्धक (सिविल), राजेन्द्र कुमार सहा. निदेशक (उद्यान-तकनीकी), जितेन्द्र कुमार, सहा. निदेशक (उद्यान) नोएडा विकास प्राधिकरण के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के उपरांत राजीव त्यागी, महाप्रबन्धक (सिविल) तथा एन.ई.ए के पदाधिकारियों द्वारा सेक्टर-5,सैक्टर-8 तथा सैक्टर-10 का दौरा किया गया । एन.ई.ए. अध्यक्ष विपिन कुमार मल्हन जी ने प्राधिकरण के अधिकारियों को यथास्थिति से अवगत कराया तथा कहा कि नोएडा के औद्योगिक सेक्टरों में सड़क के किनारे दोनो ओर अतिक्रमण किया गया है, जगह-जगह सड़कें टूटी हुई है, सड़क के किनारे कूडे के ढेर लगे हुए है, अतिक्रमण के कारण इकाई में आना-जाना तक दूभर हो गया है, गंदगी से फैली बदबू के कारण इकाइयों में काम करना दूभर हो गया है।
राजीव त्यागी, महाप्रबन्धक (सिविल) ने आश्वासन दिया कि सड़क के किनारे किए गये अतिक्रमण को हटाने हेतु शीघ्र ही मुहिम चलाई जाएगी तथा सफाई व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा  । राजीव त्यागी जी ने मौके पर संबधित अधिकारियों को तुरंत समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए साथ ही अपने अधिनिस्त अधिकारियों से कहा कि  एनईए के सदस्यों के साथ एक कमेटी बनाकर  जो भी उद्यमियों की समस्याएं हैं उनका शीघ्रतिशीध्र निराकरण करा जाए
एन.ई.ए. अध्यक्ष विपिन मल्हन ने राजीव त्यागी, महाप्रबन्धक (सिविल) को उद्यमियों की समस्याओं को सुनने तथा उनका त्वरित समाधान करवाने हेतु अधिकारियों को निर्देश देने पर धन्यवाद दिया,  तथा आशा व्यक्त की।  सतीश त्यागी, महाप्रबन्धक (सिविल) जैसे ऊर्जावान अधिकारी की कार्यशैली से शीघ्र ही उद्यमियों की समस्याओं का समाधान होगा ।
इस अवसर पर एन.ई.ए. महासचिव वी.के.सेठ, उपाध्यक्ष सुधीर श्रीवास्तव, मो. इरशाद, किशोर कुमार, कोषाध्यक्ष श्री शरद चन्द्र जैन, सचिव अजय सरीन, सह कोषाध्यक्ष नीरू शर्मा, के साथ-साथ अनिल गुप्ता , राजीव गोयल, आर.के.सूरी,  विमल खन्ना, सहित काफी संख्या में उद्यमी मौजूद थे । यह जानकारी एनईए के मीडिया प्रभारी सुधीर श्रीवास्तव ने दी।
    
            

               




सोमवार, 6 अगस्त 2018

अन्तर्राज्यीय नदियों को आपस में जोड़ने का प्रस्ताव


नई दिल्ली। राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए) को 9 राज्यों अर्थात महाराष्ट्र, गुजरात, झारखंड, ओडिशा, बिहार, राजस्थान, तमिलनाडु, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ से अंतःराज्यीय संपर्कों के 47 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से एनडब्ल्यूडीए ने 36 अंतःराज्यीय संपर्कों की पूर्व साध्यता रिपोर्ट (पीएफआर) और 3 अंतःराज्यीय संपर्कों की विस्तृत परियोजना रिपोर्टें (डीपीआर) पूरी कर ली हैं। 
बिहार के कोसी-मेची और बूढ़ी गंडक-नून-बाया-गंगा अंत:राज्‍यीय संपर्कों की डीपीआर पूरी कर ली गई है और बिहार सरकार को भेज दी गई है। जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय की सलाहकार समिति द्वारा कोसी-मेची संपर्क परियोजना के लिए तकनीकी-आर्थिक स्‍वीकृति प्रदान कर दी गई है। बूढ़ी गंडक-नून-बाया-गंगा संपर्क परियोजना की डीपीआर एनडब्‍ल्‍यूडीए द्वारा तैयार की गई है और केन्‍द्रीय जल आयोग को प्रस्‍तुत की गई है। सीडब्‍ल्‍यूसी ने बाढ़ सुरक्षा स्‍कीम के रूप में परियोजना पर विचार करने का सुझाव दिया है और इसे एनडब्‍ल्‍यूडीए द्वारा बिहार सरकार को सूचित कर दिया गया है। एनडब्‍ल्‍यूडीए ने हाल ही में तमिलनाडु के पोन्नयार (नेदुंगल)-पालार संपर्क की डीपीआर पूरी की है.

“अन्तर्राज्यीय नदियों को आपस में जोड़ने का प्रस्ताव” विषय पर दिनांक 06.08.2018 को राज्य सभा में उत्तर दिए जाने वाले अतारांकित प्रश्‍न सं. 2224 के भाग (क) और (ख) के उत्तर में उल्लिखित अनुलग्‍नक
राज्‍य सरकारों से प्राप्‍त हुए अंत:राज्‍यीय नदी संपर्क प्रस्‍तावों की वर्तमान स्थिति
क्र.सं.
अंत:राज्‍यीय संपर्क का नाम
नदी
पीएफआर/डीपीआर की मौजूदा स्‍थिति

महाराष्‍ट्र
1.
वेनगंगा (गोसीखुर्द)-नलगंगा (पूर्णा तापी)
वेनगंगा एवं नलगंगा
साध्‍यता-पूर्व रिपोर्ट (पीएफआर) पूरी कर ली गई है।
2.
वेनगंगा-मंजरा घाटी
वेनगंगा एवं मंजरा
पीएफआर पूर्ण (व्‍यवहार्य नहीं पाई गई)
3.
ऊपरी कृष्‍णा-भीमा (छह संपर्कों की प्रणाली)
कृष्‍णा एवं भीमा
पीएफआर पूर्ण
4.
दमनगंगा (एकडारे) - गोदावरी घाटी
दमनगंगा एवं गोदावरी
पीएफआर पूर्ण
5.(i)
ऊपरी वैतरणा-गोदावरी घाटी
वैतरणा एवं गोदावरी
पीएफआर पूर्ण
5.(ii)
दमनगंगा-वैतरणा-गोदावरी (कड़वा देव) घाटी
दमनगंगा, वैतरणा एवं गोदावरी
पीएफआर पूर्ण
6.
उत्‍तरी कोंकण-गोदावरी घाटी
पतालगंगा एवं गोदावरी
पीएफआर पूर्ण (व्‍यवहार्य नहीं पाई गई)
7.
कोयना-मुंबई सिटी
कोयना
पीएफआर पूर्ण
8.
श्रीराम सागर परियोजना (गोदावरी)-पूर्णा-मंजीरा
गोदावरी, पूर्णा एवं मंजीरा
पीएफआर पूर्ण
9.
वेनगंगा (गोसीखुर्द) - गोदावरी (एसआरएसपी)
वेनगंगा एवं गोदावरी
महाराष्‍ट्र सरकार द्वारा वापिस किया गया (व्‍यवहार्य नहीं पाई गई)
10.
मध्‍य कोंकण-भीमा घाटी
सावित्री, कुंडलिका, अंबा एवं भीमा
पीएफआर पूर्ण
11.
कोयना-नीरा
कोयना एवं नीरा
पीएफआर पूर्ण
12.
मुल्‍सी-भीमा
मुल्‍सी एवं भीमा
पीएफआर पूर्ण
13.
सावित्री-भीमा
सावित्री एवं भीमा
पीएफआर पूर्ण
14.
कोल्‍हापुर-सांगली-संगोला
कृष्‍णा एवं भीमा
पीएफआर पूर्ण
15.
तापी बेसिन और जलगांव जिले की नदि‍यों को जोड़ने संबंधी परियोजनाएं
तापी
पीएफआर पूर्ण
16.
नार-पार-गिरना घाटी
नार, पार एवं गिरना
पीएफआर पूर्ण (व्‍यवहार्य नहीं पाई गई)
17.
नर्मदा-तापी
नर्मदा एवं तापी
पीएफआर पूर्ण
18.
खरियागुट्टा-नवाथा सतपुड़ा तलहटी (फुट हिल्‍स)
छोड़ दी गई
पीएफआर अध्‍ययन के लिए एनडब्‍ल्‍यूडीए की तकनीकी सलाहकार समिति द्वारा स्‍वीकृत नहीं किया गया
19.
खरिया घुटी घाट-तापी
छोड़ दी गई
20.
जिगांव-तापी-गोदावरी घाटी
तापी एवं गोदावरी
पीएफआर पूर्ण (व्‍यवहार्य नहीं पाई गई)

गुजरात

21.
दमनगंगा-साबरमती-चोरवाड
दमनगंगासाबरमती एवं चोरवाड
पीएफआर पूर्ण

ओडि़शा

22.
महानदी-ब्राह्मणी
महानदी एवं ब्राह्मणी
पीएफआर पूर्ण (व्‍यवहार्य नहीं पाई गई)
23.
महानदी-रूसीकुल्‍या (बरमुल परियोजना)
महानदी एवं रूसीकुल्‍या
पीएफआर पूर्ण
24.
वम्‍सधारा-रूसीकुल्‍या (नंदिनी नाला परियोजना)
वम्‍सधारा एवं रूसीकुल्‍या
पीएफआर पूर्ण

झारखंड

25.
दक्षिणी कोयल-सुवर्णरेखा
दक्षिणी कोयल एवं सुवर्णरेखा
पीएफआर पूर्ण
26.
शंख-दक्षिणी कोयल
शंख एवं दक्षिणी कोयल
27.
बरकार-दामोदर-सुवर्णरेखा
बरकार, दामोदर एवं सुवर्णरेखा
पीएफआर पूर्ण

बिहार

28.
कोसी एवं मेची (पूर्णत: भारत में पड़ता है)
कोसी एवं मेची
पीएफआर पूर्ण। जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय की सलाहकार समिति द्वारा तकनीकी- आर्थिक क्लियरेंस दिया गया।
29.
बरह-नवादा
गंगा एवं कियूल
पीएफआर पूर्ण (व्‍यवहार्य नहीं पाई गई)
30.
कोहरा एवं चन्‍द्रावत (अब कोहरा-लालबेगी)
कोहरा एवं चन्‍द्रावत
पीएफआर पूर्ण
(व्यवहार्य नहीं पाई गई)
31.
बूढ़ी गंडक-नोन- बया एवं गंगा
बूढ़ी गंडक, नोन, बया एवं गंगा
डीपीआर पूर्ण
32.
बूढ़ी गंडक एवं बागमती  (बेलवाधर)
बूढ़ी गंडक एवं बागमती
पीएफआर पूर्ण
(व्यवहार्य नहीं पाई गई)
33.
कोसी-गंगा
कोसी एवं गंगा
पीएफआर पूर्ण
34.
बागमती सिंचाई एवं जल निकास परियोजना चरण-II (मुजफ्फरपुर जिले में कटोंझा के समीप बैराज) और कोसी-अधवाड़ा -बागमती सम्‍पर्क सहित अधवाड़ा बहुउद्देशीय परियोजना का विकास
कोसी, अधवाड़ा, बागमती
पीएफआर पूर्ण (व्‍यवहार्य नहीं पाई गई)
35.
बक्‍सर में पम्‍प नहर स्‍कीम के जरिए दक्षिणी बिहार को गंगा के जल का अंतरण
गंगा
शुरूआत में एनडब्‍ल्‍यूडीए ने कार्य शुरू करने की सहमति दी थी लेकिन बिहार सरकार से विवरण प्राप्‍त होने के पश्‍चात् यह पाया गया था कि ये अंत:राज्‍यीय संपर्क नहीं है, अत: शुरू नहीं किया गया है।
36.
बदुआ-चंदन बेसिन का विकास
बदुआ एवं चंदन
37.
सोन-फाल्‍गु संपर्क
सोन और फाल्‍गु
प्रारंभिक अध्‍ययन पूर्ण नहीं

राजस्‍थान


38.
माही-लूनी संपर्क
माही एवं लूनी
पीएफआर पूर्ण (व्‍यवहार्य नहीं पाई गई)
39.
वाकल-साबरमती- सेई, पश्चिमी बनास -कामेरी संपर्क
वाकल-साबरमती-सेई-पश्चिमी बनास-कामेरी संपर्क
पीएफआर पूर्ण (व्‍यवहार्य नहीं पाई गई)

तमिलनाडु


40.
पोन्‍नईयार-पालार संपर्क
पोन्‍नईयार एवं पालार
डीपीआर पूर्ण
 
कर्नाटक
  
41.
अलमट्टी (बगलकोट) – मालप्रभा उप-बेसिन
अलमट्टी एवं मालप्रभा
प्रथम दृष्‍टया व्‍यवहार्य नहीं पाया गया
42.
मालाप्रभा-तुंगभद्रा उप बेसिन
मालाप्रभा एवं तुंगभद्रा
प्रथम दृष्‍टया व्‍यवहार्य नहीं पाया गया
43.
बेदती-धर्मा एवं वर्दा संपर्क
बेदती, धर्मा एवं वर्धा
पीएफआर पूर्ण
44.
भद्रा-वेदावती (वाणी विलास सागर संपर्क)
भद्रा एवं वेदावती
नदियों को आपस में जोड़ने संबंधी विशेष समिति की 11वीं बैठक के दौरान कर्नाटक सरकार ने प्रस्‍ताव को वापस ले लिया था।
45.
पश्चिम की ओर बहने वाली नदियों की स्‍कीमों का डायवर्जन (बारापोल-ऊपरी कावेरी संपर्क)
 
46.
बेदती और आगानशीनी से वरादा तक डायवर्जन
अगहनशीनी एवं वरादा
पीएफआर तैयार करने हेतु व्‍यवहार्य पाया गया

छत्‍तीसगढ़


47.
पैरी – महानदी संपर्क
पैरी एवं महानदी
पीएफआर पूर्ण

सुबोधकांत सहाय ने किया हिन्दपीढ़ी का दौरा


 कहा, रघुवर सरकार को मोतियाबिंद, नहीं दिखाई दे रही जन समस्या

रांची। रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कांग्रेस के पूर्व सचिव आदित्य विक्रम जायसवाल व प्रवक्ता शमशेर आलम संग हिंदपीढ़ी स्लम एरिया का दौरा किया। वहां की जनसमस्याओं से रूबरू हुए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने  क्षेत्र की बदहाली देखकर कहा कि स्मार्ट सिटी तो नही रांची शहर स्मार्ट नरक बन गया है ।  भाजपा के रघुवर सरकार को मोतियाबिंद हो गया है । जनता की जनसमस्या दिखाई नहीं देती। सता के नशे में चूर इस सरकार को राजधानी की गिरती विधि व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं है। स्लम एरिया में हेल्थ की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शहरी स्लम बस्तियों में  डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण उन इलाकों में ज्यादा हैं, जहां गंदगी है। निगम को ऐसे इलाकों में नियमित रूप से फॉगिंग करनी होगी। इसके अलावा समय से गंदगी का उठाव, मौसमी बीमारियों पर जागरुकता शिविर और स्वच्छ पानी का इंतजाम करना होगा। अगर समय पर कदम नहीं उठाए गये तो स्थिति विकराल हो सकती है।
 कांग्रेस नेता आदित्य विक्रम जायसवाल ने कहा कि राजधानी  के सभी वाड़ों में बुनियादी सुविधाओं के साथ चिकित्सा सुविधा का घोर अभाव है। मौजूदा भाजपा सरकार के शासनकाल में रांची में हेल्थ व्यवस्था पूरी तहर से चरमराई हुई है। शहर की आम जनता को गंदा पानी एवं कचड़ों के अंबार में रहना पड़ रहा है, जिससे शहरवासियों का जीवन नारकीय हो गया है। रांची नगर निगम की लापरवाही के वजह से रांची की स्लम इलाकों में डेंगू, मलेरिया और चिकगुनिया का प्रकोप शुरू हो गया है। विगत दिनों मेडिकल टीम के द्वारा हिंदपीढ़ी समेत शहर के स्लम्स के 50 मरीजों की जांच कराई गई। इनमें से 2 मरीज में डेंगू और 27 मरीजों में चिकनगुनिया के लक्षण पाए गये। इन इलाकों में महामारी फैल चुका है। इस समस्या से न तो  नगर निगम को कोई मतलब है और न ही राज्य के रघुवर सरकार को कोई सरोकार है। हिंदपीढ़ी, चर्च रोड, मेन रोड, कर्बला चैक, आजाद बस्ती, थड़पखना, डोरंडा, कडरू, पुरानी रांची में कचरे के अंबार से बीमारी फैलने की आशंका है।
कांग्रेस प्रवक्ता शमशेर आलम ने कहा कि राजधानी के हिंदपीढ़ी, चर्च रोड, मेन रोड, कर्बला चैक, आजाद बस्ती, थड़पखना, डोरंडा, कडरू, पुरानी रांची, गाड़ीखाना में व्याप्त गंदगी के कारण स्थिति विकराल हो गया है। नगर निगम पूरे शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त नहीं करती है तो स्थिति भयावह हो जाएगा।
इस अवसर पर बड़ी मस्जिद, सेंटर स्ट्रिट इदरिसिया, हिन्दपीढ़ी कई इलाकों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया तथा हेल्थ के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि अगर नगर निगम इन तमाम क्षेत्रों में हेल्थ के प्रति काम नहीं काम करती है तो कांग्रेस की टीम पूरा रांची शहर में फॉगिंग मशीन चलायेगा एवं कचड़ा का उठाव के लिए कोई विकल्प तलाशेगी। हर इलाके में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था एवं इलाके में शिविर लगाकर लोगों के इलाज की व्यवस्था करेगी। इन इलाकों के अलावा आजाद बस्ती ,कांटा टोली , डोरंडा ,कर्बला चौक और स्लम एरिया मैं कैंप लगाकर इन समस्याओं को दूर किया जाए।

     इस दौरान कांग्रेस नेताओं व हिंदपीढ़ी निवासियों से मिलने  नगर निगम के प्रशासक शांतनु आग्रहरी पहुंचे। उन्होंने आश्वस्त किया कि बड़ी इलाकों में कंट्रोल रूम बनाकर लोगों का हेल्थ का सुधार किया जाएगा तथा बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ बेहतर व्यवस्था दी जाएगी, इस ओर निगम गंभीरता से काम करेगी।
 इस अवसर पर  नजर वेलफेयर सोसाइटी के जहांगीर भाई ,पार्षद साजदा खातून ,उमर भाई ,आसिफ जियाउल ,चिंटूचौरसिया ,गौरव आनंद ,उपेंद्र शर्मा ,प्रेम ,अनिल सिंह और क्षेत्र के सैकड़ों लोग मौजूद थे।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...