रांची। झारखंड में ग्रामीण विद्युतीकरण का काम गति पकड़ रहा है। मुख्यमंत्री रघुवर दास के अनुसार दिसंबर 2018 तक बिजली से वंचित सभी गांवों में बिजली का कनेक्शन दिया जाना है। इसके लिए संबंधित कंपनियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत झारखंड के कई जिलों में विद्युतीकरण में तेजी आई है। राजधानी के आसपास रांची जिले के कांके प्रखंड अंतर्गत सुण्डिल और हुसीर पंचायत के गांवों मे केन्द्र सरकार की सौभाग्य योजना के तहत विद्युतीकरण कर रही कंपनी श्रीगोपीकृष्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा.लिमिटेड (एसजीपीआईएल) के एजीएम श्रीनिवासन राजू ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण विद्युतीकरण का काम किया जा रहा है। निर्धारित समय पर काम पूरा करने की कोशिश की जा रही है। झारखंड सरकार के बिजली विभाग के साथ समन्वय बना कर काम किया जा रहा है। पुराने व जर्जर खंभे और ट्रांसफार्मर बदले जा रहे हैं। मीटर लगाने का काम भी अंतिम चरण मे है। उन्होंने बताया कि एसजीपीआईएल को सौभाग्य योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत झारखंड के विभिन्न जिलों में विद्युतीकरण का काम करना है। इस योजना के तहत एपीएल और बीपीएल दोनो को कवर करना है। कंपनी को रांची के अलावा कोडरमा, देवघर, गिरिडीह, लोहरदगा में ग्रामीण क्षेत्र और धनबाद, बोकारो व हजारीबाग में शहरी क्षेत्र के विद्युतीकरण का कार्य झारखंड सरकार की ओर से आवंटित किया गया है। श्री राजू ने कहा कि एसजीपीआईएल के कार्यों से ग्रामीण उपभोक्ता संतुष्ट हैं। राज्य व केंद्र सरकार भी कंपनी के बेहतर कार्यों व साख के आधार पर विद्युतीकरण का कार्य एसजीपीआईएल को सौंपा है। कंपनी उनके मानदंडों पर खरा उतर रही है।
यह ब्लॉग खोजें
रविवार, 12 अगस्त 2018
एसजीपीआईएल के कार्यों से संतुष्ट हैं उपभोक्ता : श्रीनिवासन राजू
रांची। झारखंड में ग्रामीण विद्युतीकरण का काम गति पकड़ रहा है। मुख्यमंत्री रघुवर दास के अनुसार दिसंबर 2018 तक बिजली से वंचित सभी गांवों में बिजली का कनेक्शन दिया जाना है। इसके लिए संबंधित कंपनियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत झारखंड के कई जिलों में विद्युतीकरण में तेजी आई है। राजधानी के आसपास रांची जिले के कांके प्रखंड अंतर्गत सुण्डिल और हुसीर पंचायत के गांवों मे केन्द्र सरकार की सौभाग्य योजना के तहत विद्युतीकरण कर रही कंपनी श्रीगोपीकृष्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा.लिमिटेड (एसजीपीआईएल) के एजीएम श्रीनिवासन राजू ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण विद्युतीकरण का काम किया जा रहा है। निर्धारित समय पर काम पूरा करने की कोशिश की जा रही है। झारखंड सरकार के बिजली विभाग के साथ समन्वय बना कर काम किया जा रहा है। पुराने व जर्जर खंभे और ट्रांसफार्मर बदले जा रहे हैं। मीटर लगाने का काम भी अंतिम चरण मे है। उन्होंने बताया कि एसजीपीआईएल को सौभाग्य योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत झारखंड के विभिन्न जिलों में विद्युतीकरण का काम करना है। इस योजना के तहत एपीएल और बीपीएल दोनो को कवर करना है। कंपनी को रांची के अलावा कोडरमा, देवघर, गिरिडीह, लोहरदगा में ग्रामीण क्षेत्र और धनबाद, बोकारो व हजारीबाग में शहरी क्षेत्र के विद्युतीकरण का कार्य झारखंड सरकार की ओर से आवंटित किया गया है। श्री राजू ने कहा कि एसजीपीआईएल के कार्यों से ग्रामीण उपभोक्ता संतुष्ट हैं। राज्य व केंद्र सरकार भी कंपनी के बेहतर कार्यों व साख के आधार पर विद्युतीकरण का कार्य एसजीपीआईएल को सौंपा है। कंपनी उनके मानदंडों पर खरा उतर रही है।
शनिवार, 11 अगस्त 2018
टाना भगतों का विकास सुनिश्चित करें अधिकारीः.राजीव कुमार,उपायुक्त
लातेहार। समाहरणालय के सभागार में टाना भगत जिला प्राधिकार समिति की बैठक उपायुक्त राजीव कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में उपायुक्त श्री कुमार ने टाना भगातों को सरकार के द्वारा दिए जा रहे सुविधा को सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो भी प्राधिकार समिति की बैठक में निर्णय लिया जाए उस निर्णय पर अविलंब कार्य आरभ करें। इस दौरान उन्होंने टाना भगतों को भी अपने हक के प्रति जागरूक होने की बात कही। बैठक के दौरान कृषि विभाग की ओर से मिलने वाले पंप सेट को निशुल्क देने की बात कही। बैठक में टाना भगतों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महज दो ही कमरा दिया जा रहा है हमलोगो को तीन कमरे वाले मकान चाहिए,जिस पर उपायुक्त श्री कुमार ने अधिकारियों को निर्देषित किया कि जिन टाना भगतों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में चयनित किया गया है उन्हें वर्तमान समय में आवास मिले बाद में सरकार के द्वारा अगर टाना भगतों के आवास के लिए पैसे आएं तो अतरिक्त कमरा निर्माण के लिए पैसे दिए जाए। बैठक में उपायुक्त श्री कुमार ने टाना भगतों को आर्थिक स्वालंबन के राह पर लाने के लिए दो-दो गाय देने,कृषि विभाग से बीज दिलाने समेत अन्य सुविधा देने को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में वनपटृटा का मामला भी टाना भगतों के द्वारा उठाया गया। जिस पर उपायुक्त श्री कुमार के द्वारा डीएफओ एवं जिला कल्याण पदाधिकारी को वनपटृटा देने के लिए अविलंब कार्रवाई करने को लेकर निर्देशित किया गया। बैठक में बताया गया कि टाना भगतों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देने,पेंशन,राशन समेत अन्य सुविधाएं देने को लेकर उपायुक्त श्री कुमार के द्वारा अधिकारियों को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में गांव के टाना भगतों के गांव के विकास पर भी चर्चा कर उपायुक्त श्री कुमार के द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया गया। मौके पर उप विकास आयुक्त अनिल कुमार सिंह,डीएफओ वेद प्रकाश कंबोज,अपर समाहर्ता नेलसम एयोन बागे,आइटीडीए निदेशक चंद्रशेखर प्रसाद,बहादूर टाना भगत,परमेश्वर टाना भगत समेत विभाग के अधिकारी एवं टाना भगत उपस्थित थे।
विकास में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करने को लेकर उपायुक्त श्री राजीव कुमार ने जिले के वरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उपायुक्त श्री कुमार ने कहा कि विकास योजनाओं के सही संचालन से ही गांव की तस्वीर बदलेगी,लेकिन यह तभी होगा जब जिले के पदाधिकारी अंतिम व्यक्ति तक योजना लाभ पहुंचाने में अपने कार्य को ईमानदारी से करेंगे।बैठक में उन्होंने कहा कि योजनाओं में गति तभी आएंगी जब आपसभी बनाएं गए योजना का निरीक्षण करें। बैठक में उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने-अपने प्रखंडों को नियमिति निरीक्षण कर विकास योजनाओं का जायजा लेने का निर्देश दिया। बैठक जिले में संचालित योजनाओं की समीक्षा बारी-बारी से संबंधित पदाधिकारी को निर्देशित किया। मौके पर उप विकास आयुक्त अनिल कुमार सिंह,अपर समाहर्ता नेलसम एयोन बागे,आइटीडीए निदेशक चंद्रशेखर प्रसाद, जिला कल्याण पदाधिकारी रमेश चौबे,जिला पंचायतीराज पदाधिकारी पुष्कर सिंह मुंडा समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। कोई भी दिब्यांग पेंशन के लिए भटके नहीं उपायुक्त राजीव कुमार ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जिले में समाजिक सुरक्षा के तहत मिलने वाले पेंशन सही लाभूक को मिले इसे सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि गांव स्तर पर पहुंचे एवं समाजिक सुरक्षा के तहत मिलने वाले पेंशन के लाभूको को पेंशन दिलाए। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जा रहा है कि दिब्यांग जन पेंशन की मांग को लेकर समाहरणालय पहुंच जा रहे जो हमारे तंत्र की असफलता है,उन्होंने गांव के वार्ड सदस्य,मुखिया,पंचायत सेवक,बीडीओ एवं जिले वरीय पदाधिकारी को ऐसे लाभूको को चिहिंत कर पेंशन देना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया साथ ही कहा कि जिस पंचायत के दिब्यांग पेंशन के लिए समाहरणालय पहुंचते है तो संबंधित गांव के जिम्मेवार लोगों पर जिम्मेवारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। ग्राम स्वराज अभियान का हो सफल क्रियान्वयनग्राम स्वराज अभियान फेज टू के सफल क्रियान्वयन को लेकर उपायुक्त श्री कुमार ने अधिकारियों को जिम्मेवारी के साथ सफल क्रियान्वयन करने का निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने चयनित 227 गांव में उज्जवला योजना,सौभाग्य योजना,प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना,प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना ,कृषि कल्याण योजना एवं इंद्रधनुष योजना का लाभ 15 अगस्त तक सुनिश्चित करने को लेकर निर्देशित किया।
चतरा के 310 गांवों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्यः प्रभात श्रीवास्तव
सितम्बर तक बिजली नही आई तो 2 अक्टूबर से आंदोलन : सुधांशु सुमन
सिमरिया। रे ग्राम सेवा फाउंडेशन तिरंगा सम्मान यात्रा के सूत्रधार व प्रसिद्ध समाजसेवी सुधांशु सुमन बीते आठ वर्षों से चतरा के बिजलीरहित क्षेत्रों का दौरा कर रहे है इसी क्रम में आज समाजसेवी सुधांशु सुमन एदला पंचायत के चौथा गांव में हरिजन और अल्पसंख्यक समुदाय के लोग के साथ बैठक कर बिजली की समस्या पर विस्तार पूर्वक बातचीत हुई। बैठक में समाजसेवी सुधांशु सुमन ने बताया कि बिजली की समस्या को दूर करने के लिये बिजली विभाग के जीएम,ऐसी एजुकेक्टिव इंजीनियर से लगातार हमारी संपर्क है। चौथा समेत 310 गांव में बिजली 15 अगस्त से 30 अगस्त के बीच ग्राम स्वराज अभियान फेस टू के तहत 310 गांव में बिजली आना तय हुआ है यह बाते बिजली विभाग के प्रमुख अधिकारी प्रभात कुमार श्रीवास्तव द्वारा कहा गया। श्री सुमन ने उन्हें कहा कि अगस्त- सितम्बर तक बिजली 310 गांव में नही आई तो चतरा के सम्पूर्ण गांव में तिरंगा के माध्यम से गांधीवादी तरीका से 2 अक्टूबर से सम्पूर्ण क्रांति के रूप में गांव- गांव को बिजली जोड़ो अभियान प्रारंभ होगा जिसमे आमजन,किसान,छात्र सहित सभी वर्गों के लोग भाग लेंगे।
श्री सुमन ने कहा कि पूर्वी सिमरिया जो आजादी के समय से पूर्वी सिमरिया अभी तक बिजलीरहित है। वहाँ 15 सितम्बर तक बिजली आने की सूचना है।
इदरिस मियां ने कहा कि बुनियादी समस्या के समाधान के लिये हमलोग पूरे चतरा वासी तिरंगा के माध्यम से गांधीवादी विचारधारा के साथ सरकार से बिजली चालू करने के मांग करेंगे।इस बैठक में लोकसभा महिला प्रभारी प्रतिमा देवी,मीडिया प्रभारी अमन अग्रवाल,रामनरेश कुमार,किरण देवी,यशोदा देवी,पवन आनन्द,मो० इदरीश मियां,गुलाम जी,मुस्तकीम,तस्लीम,रियाज,अब्बास,बसीर,हनीफ,खुर्शीद,कसीम,आलम,अफजल,कासिम मियां समेत सैकड़ों अल्पसंख्यक समुदाय के लोग शामिल थे।
राजद को मजबूत बनाने का संकल्प
रांची। प्रदेश राजद कार्यालय में प्रदेश एवं रांची जिले के राजद के प्रमुख नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक में मुख्य रूप से राजद के चतरा के पूर्व विधायक सह राष्ट्रीय सचिव एवं रांची के प्रभारी जनार्दन पासवान मौजूद थे।
चर्चा के दरम्यान उपस्थित सभी वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल को राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने सामाजिक न्याय की उत्पत्ति के तहत गरीबों, दलितों अल्पसंख्यकों,पिछड़ों,व वंचित समाज के लोगो को मुख्यधारा में पहुंचाने का गौरव प्राप्त है।
उपरोक्त जानकारी देते हुए प्रदेश राजद महासचिव सह प्रवक्ता कैलाश यादव ने बताया कि रांची में राजद की मजबूती का संकल्प लिया गया कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की विचारधारा एवं पार्टी के नीति सिद्धांतों को गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए एकीकृत बिहार की तर्ज पर वर्ष 1990 के माहौल जैसा सभी पुराने एवं नये साथियों को जोड़ा जाएगा और संगठन को पहले की तरह मजबूत किया जाएगा।
बैठक कू अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश यादव ने की। अगली बैठक 15 अगस्त 18 के बाद पुनः होगी जिसमें आगे कार्यक्रम की ठोस रणनीति की घोषणा की जाएगी। बैठक में बलवंत यादव, महासचिव मनोज पांडेय,आबिद अली,अभय सिंह,कमल पांडेय,प्रणय बबलू,मदन यादव,आशुतोष यादव,पूर्णेन्दु यादव,सन्तोष प्रसाद,चन्द्रशेखर भगत,पिंकी यादव,सुनीता चौधरी,सोभा देवी,अर्जुन यादव, फिरोज अंसारी,हरदेव साहू, सतरूपा पांडेय, गफ्फार अंसारी, राजकिशोर सिंह यादव,शैलेन्द्र शर्मा,धर्मेन्द्र महतो,सुधीर गोप,सुभम कुमार,संजय यादव सम्बोधन के साथ सैकड़ो लोग उपस्थित थे।
बैठक में मुख्य रूप से राजद के चतरा के पूर्व विधायक सह राष्ट्रीय सचिव एवं रांची के प्रभारी जनार्दन पासवान मौजूद थे।
चर्चा के दरम्यान उपस्थित सभी वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल को राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने सामाजिक न्याय की उत्पत्ति के तहत गरीबों, दलितों अल्पसंख्यकों,पिछड़ों,व वंचित समाज के लोगो को मुख्यधारा में पहुंचाने का गौरव प्राप्त है।
उपरोक्त जानकारी देते हुए प्रदेश राजद महासचिव सह प्रवक्ता कैलाश यादव ने बताया कि रांची में राजद की मजबूती का संकल्प लिया गया कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की विचारधारा एवं पार्टी के नीति सिद्धांतों को गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए एकीकृत बिहार की तर्ज पर वर्ष 1990 के माहौल जैसा सभी पुराने एवं नये साथियों को जोड़ा जाएगा और संगठन को पहले की तरह मजबूत किया जाएगा।
बैठक कू अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश यादव ने की। अगली बैठक 15 अगस्त 18 के बाद पुनः होगी जिसमें आगे कार्यक्रम की ठोस रणनीति की घोषणा की जाएगी। बैठक में बलवंत यादव, महासचिव मनोज पांडेय,आबिद अली,अभय सिंह,कमल पांडेय,प्रणय बबलू,मदन यादव,आशुतोष यादव,पूर्णेन्दु यादव,सन्तोष प्रसाद,चन्द्रशेखर भगत,पिंकी यादव,सुनीता चौधरी,सोभा देवी,अर्जुन यादव, फिरोज अंसारी,हरदेव साहू, सतरूपा पांडेय, गफ्फार अंसारी, राजकिशोर सिंह यादव,शैलेन्द्र शर्मा,धर्मेन्द्र महतो,सुधीर गोप,सुभम कुमार,संजय यादव सम्बोधन के साथ सैकड़ो लोग उपस्थित थे।
वंदे मातरम गायन प्रतियोगिता
रांची। सामाजिक संस्था शारदा फॉउन्डेशन ,बुलु घोष,मिताली घोस एसोशिएशन एवं बीपस इंस्टीट्यूट मिउजिक मीडिया एंड आर्ट्स के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय वंदे मातरम सिंगिंग प्रतियोगिता का आरंभ विपस स्टूडियो थरपकना राँची किया गया।इस अवसर पर 60 बच्चों ने भाग लिया।प्रतियोगिता के निर्णायक संजीव गुप्ता,पंचम पुष्पराज,रजनीकांत पाठक उपस्थित थे।इस अवसर पर मिताली घोष राजीव रंजन,आशुतोष द्विवेदी,रंजना रंजन,बादल सिंह,आकाश कुमार आदि उपस्थित थे।प्रतियोगिता का समापन कल 12 बजे होगा ।इसमें मुख्य अतिथि नगर विकास मंत्री सी पी सिंह जी के हाथों सफल प्रतिभागियो को पुरस्कृत किया जायेगा।यह जानकारी आशुतोष द्विवेदी ने दी।
नीरो की तरह बंसी बजा रहे हैं रांची के नगर आयुक्त
देवेंद्र
गौतम
रांची।
आलम यह है कि रांची शहर रोम की तरह जल रहा है और नगर आयुक्त नीरो की तरह बंसी बजा
रहे हैं। उनकी बंसी की धुन से लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शहर के तमाम
जलाशयों में, गली-चौराहों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। डेंगू और चिकनगुनिया का
प्रकोप बढ़ता जा रहा है। पिछले 10-12 दिनों के अंदर पीड़ित मरीजों की संख्या 300
से पार कर चुकी है। खून के नमूने एकत्र कर उनकी जांच का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा
है। रोज नए-नए मरीजों की पहचान हो रही है। मरीजों का आकड़ा बढ़ता जा रहा है। महामारी
से सर्वाधिक प्रभावित हिंदपीढ़ी के कई जियारिनों ने अपना हजयात्रा का कार्यक्रम
स्थगित कर दिया है। शहर के निजी और सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए बेड और
दुकानों में दवा का अभाव हो गया है। मच्छरजनित रोगों के कारण महामारी फैलने की
आशंका है लेकिन नगर निगम के आयुक्त को इससे कुछ भी लेना देना नहीं है। वे विभागीय
उलटफेर की राजनीति कर नए सिरे से कार्य विभाजन कर विदेश यात्रा पर निकल गए हैं। जन-स्वास्थ्य
के समक्ष इतनी गंभीर चुनौती के समय भी वे अपने चहेते अधिकारियों को उपकृत और अन्य
को दंडित करने में लगे हैं। उन्होंने नगर स्वास्थ्य विभाग में कार्य विभाजन के
जरिए सक्षम अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में कटौती कर दी है और अनुभवहीन लोगों के
कार्यक्षेत्र का विस्तार कर दिया है। इसी क्रम में नगर स्वास्थ्य अधिकारी किरन
कुमारी के कार्य का जिम्मा सिटी मैनेजर को सौंप दिया है। उन्हें स्वच्छता अभियान
चलाने का कोई अनुभव नहीं है। वे सफाई
अभियान चलाने में जी जान से लगे हैं लेकिन फिर भी यह प्रभावी ढंग से नहीं चल पा
रहा है। उनका ध्यान सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में लगा है जबकि शहर के तमाम
इलाके डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के मच्छरों का प्रजनन स्थल बने हुए हैं। उनके
पनपने का अनुकूल माहौल बना हुआ है। नगर आयुक्त के इस गैर-जिम्मेदाराना आचरण पर
पूर्व मंत्री सुबोधकांत सहाय ने भी सख्त नाराजगी व्यक्त की है। किरन कुमारी का
कार्य अनुभव और प्रदर्शन सराहनीय रहा है। उनके कार्यकाल में बेहतर स्वच्छता के लिए
नगर निगम की सराहना हुई है और पुरस्कृत भी किया गया है लेकिन जब शहर को इस कार्य
के लिए उनकी तरह के सक्षम अधिकारी की सख्त जरूरत है तो नगर आयुक्त कार्य विभाजन के
जरिए अपने प्रशासनिक अधिकारों के प्रदर्शन में लगे हैं। सच यह है कि अगर मच्छरों
को पनपने से नहीं रोका गया तो स्थिति नियंत्रण के बाहर हो सकती है।
झारखंड
सरकार के स्वास्थ्य मंत्री अपने वरीय अधिकारियों के साथ महामारी पर नियंत्रण में
लगे हैं लेकिन नगर निगम का प्रदर्शन निराशाजनक है। नगर विकास मंत्रालय को अविलंब
इस लालफीताशाही पर अंकुश लगाने की पहल करनी चाहिए और नगर आयुक्त से उनकी लापरवाही
के लिए जवाब-तलब करना चाहिए।
शुक्रवार, 10 अगस्त 2018
जलेस के घोषणापत्र में हरिजन शब्द के इस्तेमाल पर बवाल
अलग दुनिया ने की कानूनी कार्रवाई की मांग
लखनऊ। सामजिक सांस्कृतिक संस्था अलग दुनिया ने जनवादी लेखक संघ की वेबसाइट पर अपने घोषणापत्र मेँ दर्ज हरिजन शब्द पर घोर आपत्ति दर्ज करते हुये कहा है कि भारत सरकार को इस संगठन के खिलाफ इस शब्द के प्रयोग के कारण संगठन पर कानूनी कार्यवाही की जाये।
अलग दुनिया के महासचिव के . के . वत्स ने आज एक प्रेस विज्ञप्ति में अपना बयान जारी करते हुये कहा कि यह कितनी दुर्भाग्यपूर्ण बस्ट है कि वामपंथी विचारधारा का यह संगठन पिछले 35 वर्षो से अपने संघठन के घोषणापत्र मेँ इस शब्द का इस्तेमाल कर रहा है ! देश के वरिष्ठ साहित्यकर इसके करता धर्ता हैं !
इस संबंध मेँ दिल्ली से वरिध्ठ दलित साहित्यकार मोहनदास नैमिषाराय का कहना हैं कि यह आपराधिक कृत्य हैं .. केस दर्ज हो जिससे ऐसे शब्दोँ का इस्तेमाल भविष्य मेँ कोई न कर सके !
आगरा से वरिध्ठ दलित साहित्यकार मलखान सिँह ने इसकी कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि ये वामपंथी संगठनों के जातिवादी चरित्र को दिखाता है ! दिल्ली यूनिवर्सिटी के अकेड्मिक काउंसिल के सदस्य प्रोफ . हंसराज सुमन का कहना है कि जब केरल मेँ जब दलित शब्द पर भी आपत्ति है तो हरिजन शब्द का इस्तेमाल क्यूँ ! ये तो गलत और घोर निंदनीय है ! हिन्दी की प्रसिद्द पत्रिका मंतव्य के संपादक हरे प्रकाश उपाध्याय का कहना है कि जलेस के सारे पधाधि करियो को एक हफ्ते के लिये सफाई कार्य कराना चाहिये तभी ये दलित होने के दंश को समझ पायेंगे !
यदि जलेस ने हफ्ते भर में दलित समुदाय से सार्वजनिक माफी नही मांगी तो अलग दुनिया इसके खिलाफ देशव्यापी अभियान चलायेगा।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)
स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
-
आम पाठक को रोचक पाठ्य सामग्री से मतलब होता है। उसे इससे कोई फर्क नहीं प़ड़ता कि उसका रचनाकार कौन है। एक जमाना था जब लेखक ताड़पत्र पर ल...
-
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
-
(भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं. इसकी एक बानगी झारखंड के कोयला खदान क्षेत्रों में देखने को मिलती है. हाई कोर्...
-
JOURNALISTERA The People's E-Paper : 'via Blog this'
-
कई दिनों की बारिश के बाद बादल एकदम चुप से थे..न गरजना न बरसना ... ठंडी हवाएं जरुर रह-रह कर सहला जाती थी...धूली, निखरी प्रकृति की सुन्...





