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सोमवार, 13 अगस्त 2018

नाइजेरिया से आगे निकल गया जामताड़ा



दिल्ली पुलिस की हिरासत में गिरोह का सरगना राजकुमार मंडल और ठेकेदार सुरेंद्र
देवेंद्र गौतम

रांची। साइबर अपराधियों ने कौन बनेगा करोड़पति के माध्यम से 25 लाख ईनाम जीतने का झांसा देकर जामताड़ा की पूजा चौरसिया नामक एक महिला से 25 हजार रुपयों की ठगी कर ली। साइबर पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। झारखंड में यह कोई नई घटना नहीं है। यहां तरह-तरह के तरीके ईजाद कर बैंक खातों में सेंध लगाई जाती रही है। संताल परगना के जामताड़ा से साइबर अपराधियों का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कुख्यात गिरोह संचालित हो रहा है। आए दिन दिल्ली सहित अन्य राज्यों की पुलिस अपराधियों की तलाश में जामताड़ा पहुंचती है। झारखंड के डीजीपी डीके पांडेय ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने इस वर्ष झारखंड को साइबर अपराध से मुक्त करने का संकल्प लिया है। साइबर अपराधियों पर सीसीए और गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई करने का निर्णय लिया जा चुका है। लेकिन फिर भी झारखंड का यह छोटा सा इलाका साइबर अपराध का पूरी दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। इस मामले में नाइजेरिया के साइबर अपराधियों को इसने बहुत पीछे छोड़ दिया है।
साइबर अपराध के मानचित्र में जामताड़ा और गिरिडीह का नाम पिछले 7-8 वर्षों के अंदर जुड़ा है। जिस तरह एक सड़ा आम पूरी टोकरी को सड़ा देता है उसी तरह एक युवक ने साइबर अपराधियों का इतना बड़ा जाल बिछाया है । दुमका जिले के जामताड़ा अनुमंडल के एक छोटे से गांव करमाटांड़ का रहनेवाले राजकुमार उर्फ सीताराम मंडल ने अपराधियों की यह फौज खड़ी कर दी जिसके सदस्य देश के विभिन्न राज्यों में फैले हुए है। उसके गिरोह में 12 वर्ष से 25 वर्ष आयुवर्ग के 1000 से भी अधिक नवयुवक शामिल हैं। वह बाजाप्ता साइबर अपराध का ट्रेनिंग स्कूल चलाता रहा है। उसका पाठ्यक्रम मात्र चार दिनों का है। चार दिनों के प्रशिक्षण में वह प्रशिक्षु को मोबाइल फोन हैक करने से लेकर बैंक एकाउंट में सेंध लगाने तक का प्रशिक्षण देता था। इसके एवज में 7 से 10 हजार तक की फीस लेता था। देश के 26 राज्यों की पुलिस को उसकी तलाश थी। उसने अपने गांव में शानदार कोठी बनवा रखी थी। गांव के लोगों के लिए वह राबिनहुड की भूमिका में था। हर जरूरतमंद को आर्थिक मदद करता था। इसलिए गांव के लोगों का उसे जबर्दस्त समर्थन प्राप्त था। माओवादियों से भी उसके अच्छे संबंध थे। उनके सूचना तंत्र के जरिए उसे पुलिस की गतिविधियों की पूरी जानकारी रहती थी। पुलिस के इलाके में प्रवेश करते ही उसे खबर मिल जाती थी और वह बंगाल या बिहार भाग जाता था। पुलिस ने बहुत कोशिश की लेकिन वह हाथ नहीं आया। 2016 में एकबार वह किसी तरह पुलिस के हत्थे चढ़ा। जामताड़ा कोर्ट में उसके खिलाफ मुकदमा चला। इस वर्ष जनवरी में उसे डेढ़ साल की सजा सुनाई गई। लेकिन साइबर अपराध में दंड का प्रावधान कम होने के कारण उसे जमानत मिल गई। रिहा होकर वह दिल्ली गया और आनंद विहार की एक वृद्धा के एकाउंट में सेंध लगाकर उससे दो लाख रुपये निकाल लिए। फिलहाल वह इस ठगी के आरोप में दिल्ली पुलिस की हिरासत में है। उसके नेटवर्क की जानकारी धीरे-धीरे मिल रही है।
दिल्ली पुलिस के उस तक पहुंचने और गिरफ्तार करने की दिलचस्प कहानी है। वृद्धा की शिकायत ट्रांसफर होने के बाद जब साइबर पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि पैसे अलग-अलग वालेट में ट्रांसफर किए गए हैं। उनके सर्विस प्रोवाइडर से बात करने पर 40 हजार रुपयों की तो तुरंत बरामदगी हो गई लेकिन शेष रकम से अलग-अलग लोगों के बिजली बिलों का भुगतान किया जा चुका था। जिनके बिल भरे गए थे उनकी जांच करने पर उनके पते राजस्थान के जोधपुर के निकले। पता चला कि सारे बिलों का भुगतान सुरेंद्र नामक एक ठेकेदार ने किया है। सुरेंद्र को दबोचा गया तो पता चला कि उसने शाबिर के कहने पर यह काम किया है। इस तरह कड़ियां जुड़ती गईं और पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि गिरोह का मास्टर माइंड राजकुमार मंडल है जो जामताड़ा से पूरा नेटवर्क चलाता है। दिल्ली पुलिस को यह भी पता चल गया कि किसी वाहन से जाने पर उसे खबर मिल जाएगी और वह फरार हो जाएगा। सावधानी के तौर पर स्थानीय पुलिस को भी भरोसे में नहीं लिया। दिल्ली पुलिस की टीम पूरी गोपनीयता बरतते हुए अलग-अलग रास्ते से जामताड़ा पहुंची और सार्वजनिक सवारी के जरिए गांव के बाहर तक गई। फिर छोटी-छोटी टुकड़ियों में बंटकर पैदल उसकी कोठी तक पहुंचकर अचानक धावा बोला। तब कहीं जाकर वह पकड़ में आया।
साइबर अपराध के मामले में जामताड़ा को नाइडेरिया से भी आगे निकाल ले जाने वाला यह शातिर अपराधी एक साधारण किसान का बेटा है। उसने अपनी पढ़ाई भी पूरी नहीं की और पिता के साथ खेतीबाड़ी में लग गया। 2011 में वह मुंबई चला गया। वहां एक मोबाइल दुकान में काम करने लगा। वहीं उसने मोबाइल हैक करने की तकनीक सीखी। फिर बैंक खातों में सेंध लगाने की कला सीखी। साइबर अपराध की शुरुआत वहीं से कर दी। फिर उसने अपने गांव से ही ठगी का संचालन करने की ठानी और वापस लौट आया। उसके रहन-सहन और शाहखर्ची से गांव के नवयुवक आकर्षित हुए। उसने वहीं अपना गिरोह खड़ा करना शुरू किया। वह युवकों को प्रशिक्षण देता था और अपने साथ मिला लेता था। गिरोह के लोग उसे हैलो मास्टर कहकर संबोधित करते थे। धीरे-धीरे उसके गिरोह का नेटवर्क अंतर्राज्यीय हो गया। ठगी के पैसों के जरिए उसने आलीशान कोठी बनवाई और व्यापक जन-समर्थन प्राप्त कर लिया। कई बार पुलिस के आने पर गांव के हजारों लोग सके समर्थन में खड़े हो गए और पुलिस को बैरंग वापस लौटना पड़ा।
अभी तक पुलिस सिर्फ करमाटांड़ और नारायणपुर गांव में सौ से अधिक साइबर अपराधियों को हिरासत में ले चुकी है। लेकिन उसका जाल इतना फैल चुका है कि उसे पूरी तरह काटना और झारखंड को साइबर अपराध से मुक्त करना एक बड़ी चुनौती है। झारखंड पुलिस को इसके लिए अन्य राज्यों की पुलिस से संपर्क कर एक अंतर्राज्यीय साइबर पुलिस टीम बनानी होगी और बहुत सतर्कता बरतनी होगी। डीजीपी डीके पांडेय झारखंड को नक्सल और साइबर अपराध मुक्त राज्य बनाने की घोषणा कर चुके हैं अगर वे इन संकल्पों को सफलतापूर्वक पूरी कर पाए तो वे झारखंड में एक इतिहास रच जाएंगे। लेकिन यह आसान नहीं है।


दृष्टि फर्नीचर की दूसरी वर्षगांठ पर आकर्षक ऑफर


* सभी प्रकार के फर्नीचर पर 30 प्रतिशत की छूट


रांची। राजधानी के क्लब रोड स्थित दृष्टि फर्नीचर 14 अगस्त को अपनी स्थापना के दो वर्ष पूरे करने जा रहा है। प्रतिष्ठान की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर आकर्षक ऑफर प्रस्तुत किए गए हैं। इस संबंध मे दृष्टि फर्नीचर के संचालक शैलेश अग्रवाल ने बताया कि वर्षगांठ के मौके पर 14से 19 अगस्त तक सभी प्रकार के फर्नीचर पर 30 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यहां होम फर्नीचर, ऑफिस फर्नीचर, घर की आवश्यकता के अनुरूप फर्नीचर सहित इंपोर्टेड फर्नीचर उचित मूल्य पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को गुणवत्ता पूर्ण सेवाएं देना लक्ष्य है। यहां स्पसवुड, कास्मो, क्रिस्टल और कार्नोल जैसी ख्यातिप्राप्त कंपनियों के फर्नीचर भी उपलब्ध हैं। इस अवसर पर अभय तिवारी, आशिष मुरारका, आतिश मुरारका, प्रभात गुप्ता सहित अन्य मौजूद थे।

झारखंड के मुख्यमंत्री ने कांवरियों से किया सीधा संवाद

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आज जमशेदपुर के सिदगोड़ा स्थित सोन मंडप से देवघर के कांवरिया पथ के  सरासरी में कांवरियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सीधा संवाद किया। उत्तर प्रदेश के महू, गोरखपुर गाजियाबाद, बिहार के भागलपुर, महाराष्ट्र के मुंबई सहित देशभर के विभिन्न राज्यों से आए हुए कांवरियों ने मुख्यमंत्री को मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं के बारे में अपने अनुभव बताए।

देवघर श्रावणी मेला परिसर में सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा साफ-सफाई, इंद्र-वर्षा, टेंट-सिटी, स्वास्थ्य सेवाएं, बासुकीनाथ धाम तक के लिए बाबा धाम से नि:शुल्क बस सेवा जैसी जो व्यवस्थाएं की गई हैं , श्रद्धालुगण व्यवस्था से काफी संतुष्ट दिखे। कुछ श्रद्धालुओं के द्वारा सुझाव भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि 2019 में होने वाले श्रावणी मेला में दी जाने वाली व्यवस्थाएं और भी अधिक गुणवत्ता पूर्ण होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सावन की तीसरी सोमवारी को देश दुनिया से आए हुए सभी देव तुल्य श्रद्धालुओं का बाबा नगरी में हृदय से स्वागत है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन पूरे मनोयोग से सारी व्यवस्थाओं को अत्युत्तम बनाने की दिशा में कार्यरत है। उन्होंने कहा कि द्वादश ज्योतिर्लिंग में रावणेश्वर महादेव को मनोकामना ज्योतिर्लिंग के रूप में भी जाना जाता है। देव तुल्य श्रद्धालु, डाक बम और साधारण बम कठिन रास्ते तय कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मनोकामना ज्योतिर्लिंग के दर्शन को आते हैं। और यह लक्ष्य भगवान शिव पर जल अर्पण करना है। उन्होंने कहा कि विधायक बनने के पूर्व 7 बार सुल्तानगंज से पैदल चलकर बाबा भोलेनाथ पर जल चढ़ा चुके हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी भगवान शिव का जलाभिषेक करने की परंपरा को कायम रखा है। जमशेदपुर के बारीडीह छठ घाट में स्वर्णरेखा नदी से जल भरकर जमशेदपुर के सूर्य मंदिर के शिवलिंग में 10000 श्रद्धालुओं के साथ जलाभिषेक किया। नारी शक्ति ने भी बढ़ चढ़कर भगवान शिव को जल चढ़ाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने भगवान शिव से आराधना की है कि देश दुनिया से श्रद्धालु जो मनोकामना लेकर आते हैं उनकी मनोकामना को पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि जनता के आशीर्वाद से ही मैं राज्य का मुख्य सेवक बना हूं। उन्होंने कहा कि शिव का उपदेश है कि लोक कल्याण के काम करने चाहिए। शिव का मर्म है कि अच्छाई और बुराई दोनों को अपने में आत्मसात कर ले और दुनिया में सर्वत्र अच्छाई, सकारात्मक ऊर्जा और नवीन प्रकाश के स्रोत को वितरित करें। सरकार द्वारा जो काम किए जा रहे हैं उनके पीछे लोक कल्याण का भाव छिपा हुआ है। इसी दृष्टिकोण से कांवरियों को कोई असुविधा ना हो यह प्रयास सरकार एवं जिला प्रशासन के द्वारा लगातार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेरे अंदर जो शक्ति है वह भी जनता की शक्ति है और जनता के उत्साह एवं आत्मविश्वास से मुझे नई ऊर्जा प्राप्त होती है और इस ऊर्जा को लोक कल्याण में अर्पित करता हूं। उन्होंने कहा कि शिव ने अमृत और विष दोनों ग्रहण किए और विष को अपने अंदर पचा लिया, हम सभी भी यह प्रयास करें कि समाज के अंदर की विकृतियों को पचा कर अपने मुखारविंद से अमृतवाणी निकले ताकि देश समाज में आपसी भाईचारा, लोक कल्याण और प्रेम कायम रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बासुकीनाथ में फौजदारी बाबा हैं और उनके दर्शन के लिए भी जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि देवघर से बासुकीनाथ तक नि:शुल्क बस सेवा राज्य सरकार ने प्रारंभ की है। वह सुविधा सुचारु रुप से मिल रही है इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कांवरियों से जानकारी ली। आजमगढ़ से आए हुए बम ने कहा कि विगत 19 वर्षों से लगातार आकर यहां पर 1 माह तक निरंतर अपनी सेवा मेला परिसर में आए हुए श्रद्धालुओं को देते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि यहां पर लगभग 40 बसें चलती हैं और विगत वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष सर्वोत्तम व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने सरकार, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग कथा व्यवस्था संचालन में लगे हुए सभी संबंधित विभागों को साधुवाद देते हुए कहा कि इसी प्रतिबद्धता के साथ देव तुल्य कांवरियों की सेवा पूरे श्रावण मास में करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी धर्मों का मूल आधार सेवा है। देव तुल्य जनता की सेवा करने का जो मौका मिला है उसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाएं। बासुकीनाथ के प्रशासन को भी साधुवाद दिया। देवघर के उपायुक्त ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि आज सावन के तृतीय सोमवार को एक दिन में लगभग 3,00,000 लोगों के जल अर्पण करने की संभावना है।
राज्य सरकार की एक अनूठी पहल के तहत श्रावण मास में देवघर स्थित रावणेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं के साथ राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा सीधा संवाद किया जाता है। मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं से उनकी अनुभूति जानी जाती है और उनके महत्वपूर्ण सुझावों को प्राप्त किया जाता है. श्रद्धालुओं और आगंतुकों के  आवासन के लिए अनुकूलतम  व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री द्वारा आज तीसरे सोमवार को जमशेदपुर के स्वर्ण मंडप से कांवरियों के साथ सीधा संवाद किया गया। देश विदेश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों से आए हुए श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव साझा किए।

एक डाक बम ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि  विगत 2 वर्षों से यहां की व्यवस्था बहुत अच्छी है और इसलिए वह अन्य श्रद्धालुओं को भी आने के लिए प्रेरित करते हैं।

भागलपुर से आए हुए अविनाश कुमार ने कहा कि झारखंड में प्रवेश करने के बाद बहुत सुंदर व्यवस्था प्राप्त हुई। वह 11 वर्षों से यहां आ रहे हैं। साफ-सफाई बेहतर है, स्वास्थ्य व्यवस्था उत्तम है, इंद्र वर्षा, निशुल्क शौचालय की व्यवस्था से मन प्रसन्न है।

उत्तरप्रदेश के आजमगढ़ जिले से आए हुए प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड में प्रवेश के बाद ही मखमली बालू, जगह-जगह शौचालय और उत्तम व्यवस्था मिली और उन्होंने यह कामना की कि प्रत्येक वर्ष इस तरह की व्यवस्था मिले।

उत्तरप्रदेश के आजमगढ़ से ही आए हुए मूलचंद विगत 14 वर्षों से बाबा के दर्शनों को आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतने दिनों में अबकी बार जो व्यवस्था की गई है वह अब तक दी गई सबसे अच्छी व्यवस्था है।

उत्तर प्रदेश के मऊनादभंजन के रहने वाले कांवरिया ने बताया कि जैसे ही दुम्मा पार किया मखमली बालू, जगह-जगह इंद्र वर्षा झरना, शौचालय बिजली, प्रशासन की व्यवस्था बहुत अच्छी लगी। विगत 17 सालों से आ रहे हैं और आगे भी आते रहेंगे और अन्य लोगों को भी देवघर आने के लिए आग्रह करेंगे।

यूपी के आजमगढ़ से आए हुए एक  अन्य कांवरिया ने बताया कि स्वास्थ्य और सफाई की व्यवस्था बहुत उत्तम है जगह-जगह बालू पेयजल की व्यवस्था बेहतर है।

बिहार के जहानाबाद जिले से अपने पति के साथ आई हुई किरण देवी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह 4 सालों से बाबा के दर्शनों के लिए आ रही हैं और झारखंड आकर काफी प्रसन्न महसूस करती हैं। यहां बाबा के दरबार में आकर कोई भी दुख दर्द नहीं रहता और काफी श्रद्धा से मन भर जाता है।

वैशाली जिला के लालगंज गांव से आए हुए कांवरिया ने कहा कि पिछले साल से भी बहुत अच्छी सुविधा इस बार यहां हुई है। ऐसे ही इसी प्रकार सुविधा प्राप्त होती रहे। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष वह अपने परिवार के साथ बाबा के दर्शनों के लिए आएंगे।

पहली बार मनोकामना ज्योतिर्लिंग के दर्शनों के लिए सिद्धार्थ नगर से आए हुए संजय सिंह ने कहा कि शौचालय, धर्मशाला, बालू, पेयजल की बेहतर व्यवस्था को देखते हुए अब वह यहां हर वर्ष आने का मन बना चुके हैं और अपने साथ अन्य लोगों को भी जरूर लाएंगे।

आजमगढ़ जिले से आए हुए राहुल चौरसिया ने कहा कि 5 सालों से यहां आ रहे हैं और हर साल से अच्छी व्यवस्था इस वर्ष है। आवासन की जगह जगह बहुत अच्छी व्यवस्था की गई है।

फतेहपुर से आए हुए श्रद्धालु ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया। हर जगह बेहतर रास्ता और बिजली व्यवस्था, आराम करने के लिए आश्रय स्थलों के लिए राज्य सरकार को धन्यवाद दिया।

मुंबई से आए हुए नंदू बम ने बताया कि वह छठवीं बार बाबा के दर्शन के लिए आए हैं। सुल्तानगंज के बाद सुइयापहाड़ से बहुत अच्छी सुविधा प्राप्त हुई। शौचालय, झरने, पेयजल की व्यवस्था उन्हें बहुत उत्तम लगी।

रामगढ़ जिला से आए छोटे करमाली ने कहा कि यहां की विधि व्यवस्था देखकर के अत्यंत प्रसन्नता है। मुख्यमंत्री द्वारा दी गई अत्यंत उत्तम व्यवस्थाओं के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।

सावधान! झारखंड में सक्रिय हैं साइबर अपराधी



रांची। शाम के करीब 5 बजे मेरे एयरटेल नंबर पर 8789454033 नंबर से एक फोन आया जिसमें बताया गया कि मेरा एसबीआई का एटीएम बंद होने को है। इसे चालू रखना है तो उसकी वैलिडीटी का डेट बताएं। मैंने पूछा कि क्यों बंद हो जाएगा तो बोला आपका केवाइसी अपडेट नहीं है। मैंने कहा कि मैं अपडेट करा चुका हूं तो उसने कहा कि फिर से अपडेट कराना होगा। आपसे एकाउंट नंबर और दूसरे डिटेल नहीं पूछूंगा सिर्फ डेट बताइए। मैंने पूछा- कहां से बोल रहे हैं आप। तो बताया गया कि एसबीआई के हेड आफिस से। नाम पूछा तो बताया मनीष। कहां से बोल रहे हैं तो बताया हटिया से। मैंने कहा कि एसबीआई का हेडआफिस हटिया में तो नहीं है। इसपर उसने कहा कि हमलोग खासतौर पर एटीएम डील करते हैं। मैंने कहा कि मुझे जो भी करना होगा अपने ब्रांच में जाकर करूंगा। इसपर कथित मनीष कुमार ने कहा कि ब्रांच में जाएंगे तो पैसा कट जाएगा। आप केवल डेट बताइए। मैंने फोन काट दिया।
मुझे यह फोन संदिग्ध लगा क्योंकि मेरा एकाउंट मेरे बीएसएनएल नंबर से जुड़ा है। एयरटेल के जिस नंबर पर फोन आया था वह सीम दिल्ली का है। मेरे बैंक एकाउंट से उसका दूर-दूर तक कुछ भी लेना-देना नहीं है। मैं इस पोस्ट को पढ़ने वाले तमाम लोगों से अपील करूंगा कि इस तरह के किसी फोन को गंभीरता से नहीं लें। अपने खाते का कोई डिटेल नहीं बताएं। बैंकवाले आमतौर पर इस तरह का फोन नहीं करते। कोई समस्या हो तो बैंक की किसी भी शाखा से संपर्क करें। फोन पर एकाउंट संबंधी कोई बात न करें।

पर्यटन स्थलों का विकास हमारी प्राथमिकताः मुख्यमंत्री रघुवर दास

जमशेदपुर में शिवयात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य के पर्यटन स्थलों का संपूर्ण विकास करना सरकार की प्राथमिकता है. रजरप्पा, इटखोरी, पारसनाथ, अंजनीधाम, देवघर, बासुकीनाथ एवं मलूटी समेत राज्य के तमाम धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने हेतु सरकार प्रतिबद्ध प्रयास कर रही है. इन पर्यटन क्षेत्रों के विकसित होने से राज्य एवं देश के आर्थिक विकास में गति आएगी. विदेशी पर्यटक झारखंड आएंगे तो राज्य में रोजगार का सृजन होगा साथ ही साथ विदेशी मुद्रा भी देश में आएंगे. राज्य सरकार जिस रफ्तार से पर्यटन क्षेत्रों के विकास  कार्य पर बल दिया है उम्मीद है कि आने वाले दो-तीन वर्षों में विदेशी पर्यटक झारखंड के पर्यटन स्थलों में बड़ी संख्या में आएंगे. उक्त बातें मुख्यमंत्री ने  आज जमशेदपुर में आयोजित शिव यात्रा के संपन्न होने के पश्चात कही.

मुख्यमंत्री शिव यात्रा के दौरान बारीडीह छठ घाट से जल भरकर सिदगोड़ा स्थित सूर्य मंदिर में जलार्पण किया साथ ही भगवान शिव की पूजा-अर्चना भी की.

 मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार साफ-सुथरी  नीति और  नियम के तहत कार्य कर रही है. लोक कल्याणकारी नीति अपना कर ही विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रही है. वर्ष 2022 तक  समृद्धशाली झारखंड का निर्माण ही सरकार का लक्ष्य है. मुख्यमंत्री ने श्रावण मास की तीसरी सोमवारी के अवसर पर भगवान शिव से झारखंड वासियों के सुखमय जीवन, अमन चैन और भाईचारे की कामना की. मुख्यमंत्री ने कामना किया कि राज्य के मुख्य सेवक होने के नाते भगवान इतनी शक्ति दें ताकि हम अमीर राज्य झारखंड की गोद में पल रही गरीबी को दूर कर सकें.

मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन हुआ था जिसमें निकले विष को भगवान शिव ने ग्रहण किया था और पूरी सृष्टि को इस विष के दुष्प्रभाव से बचाया था. भगवान शिव के विष ग्रहण करने के पश्चात सभी  देवताओं ने उन पर जल चढ़ाया था. इसीलिए श्रावण मास में भगवान शिव के अभिषेक में जल का विशेष महत्व है.

मुख्यमंत्री ने उपस्थित मीडिया कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य की मीडिया ने देवघर के श्रावणी मेले को अंतरराष्ट्रीय पटल पर रखने का कार्य किया है. पर्यटन स्थलों के विकास में मीडिया की भी अहम भूमिका है.

मुख्यमंत्री ने राज्य की नारी शक्ति को भी नमन करते हुए कहा कि राज्य के समग्र विकास में नारी शक्ति का महत्वपूर्ण योगदान होगा. मुख्यमंत्री ने श्रावण मास के तीसरी  सोमवारी के अवसर पर देश विदेश एवं राज्य भर से देवघर पहुंचे कांवरिया श्रद्धालुओं  को अपनी विशेष शुभकामनाएं दी.
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 जिए खुशहाल परिवरवा  हो  भोजपुरी  देशभक्ति  गीत सीडी का हुआ विमोचन                               

सोमवार को  अमन मिरर  प्रोडक्शन की ओर से  जगन्नाथपुर मंदिर में एस एस मेमोरियल कॉलेज के छात्र  अमन कुमार की जिए खुशहाल परिवारवा हो  सीडी का विमोचन किया गया। इस अवसर पर जगन्नाथपुर मंदिर  के आसपास पूरे  परिसर में देशभक्ति  गीतों का संग्रह की शूटिंग  पूरी की गई है।  रांची के उभरते गायक  छात्र अमन कुमार अपने आगामी स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर यह गीत देश के वीर जवानों पर समर्पित किया है। इस अवसर पर भोजपुरी युवा विकास मंच का विशेष सहयोग रहा।  यह  देशभक्ति गीत इस कैसेट में  छात्र-छात्राओं  का विशेष सहयोग रहा। यह देशभाक्ति गीत अमन मिरर यूट्यूब और अमनमिरर.कॉम में लोग प्राप्त कर सकते हैं। मौके पर भोजपुरी युवा विकास मंच के अध्यक्ष आशुतोष द्विवेदी, संगरक्षक राजीव रंजन, मनोरंजन पांडे, सावन कुमार,आदि उपस्थित थे।यह जानकारी आशुतोष द्विवेदी ने दी।

अधिकारियों की खींचतान, खतरे में जान


* तालमेल के अभाव का खामियाजा भुगत रही जनता

संदर्भ : शहर में डेंगू,मलेरिया और चिकनगुनिया का प्रकोप


* नवल किशोर सिंह

रांची। शहर में फैली डेंगू,मलेरिया और चिकनगुनिया महामारी का रूप लेती जा रही है। दिन-ब-दिन इन बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। राजधानी रांची के कई मुहल्ले प्रभावित हैं। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के बीच तालमेल नहीं होने की वजह से बीमारियों पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। विभागीय अधिकारियों की खींचतान के कारण डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का प्रकोप बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम प्रशासन का कहना है कि आपसी तालमेल से इस महामारी से निबटने के लिए समुचित उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन सतही तौर पर हकीकत कुछ और बयां कर रही है। शहर के हालात से यह साफ झलक रहा है कि विभागीय अधिकारियों के बीच समन्वय का घोर अभाव है। चिकनगुनिया से पीड़ित मरीजों की संख्या के बारे में स्वास्थ्य विभाग और सूबे के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स के आंकड़ों में अंतर से यह स्पष्ट पता चलता है कि विभागों के बीच तालमेल नहीं है। यही नहीं, महामारी से निबटने के लिए अभियान चलाने और इसकी समुचित मानिटरिंग करने के लिए संयुक्त रूप से कोई कमिटी भी नहीं बनाई गई। गौरतलब है कि बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकडों के मुताबिक सिर्फ तीन लोगों को चिकनगुनिया से पीड़ित बताया गया, जबकि रिम्स प्रबंधन ने रिपोर्ट जारी कर पीड़ितों की संख्या 69 बताई। वहीं केन्द्र सरकार के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मलेरिया रिसर्च की ओर से शहर में किए सर्वे के अनुसार चिकनगुनिया और डेंगू से प्रभावित घरों की संख्या 450 बताई गई है। जबकि राज्य सरकार का स्वास्थ्य महकमा के आंकड़े मात्र 103 घरों को ही इन रोगों से प्रभावित बताया।
 ये तो हुई आंकड़ों की बात। अब जरा विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर नजर डालें। शहर महामारी की चपेट मे है। इस बीच नगर आयुक्त विदेश की सैर करने चले गए। यही नहीं, जाने से पहले उन्होंने सहायक लोक स्वास्थ्य पदाधिकारी के अधिकारों में कटौती कर सिटी मैनेजर को जिम्मा दे दिया। अब हालात ऐसे हैं कि स्वास्थ्य पदाधिकारी ने निर्देशानुसार शहर के सफाई कार्यों से अपने को अलग कर लिया है। उन्हें जो नई जिम्मेदारी दी गई है, उसके अनुसार वे सिर्फ जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर भर कर रही है। प्रशासनिक गलियारों में इसे पावर की लड़ाई कही जा रही है। वहीं कई पार्षद और अन्य जनप्रतिनिधियों ने इसे नगर आयुक्त की मनमानी मानते हुए विरोध जताया है। उनके मुताबिक शहर की स्थिति नारकीय होती जा रही है और नगर आयुक्त अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं। सक्षम पदाधिकारी के कार्यों में कटौती कर अपने चहेतों और अनुभवहीन कर्मियों को पावर सौंप दिया है। वहीं महापौर और उप महापौर का इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करने पर भी कुछ जनप्रतिनिधियों ने सवाल खड़े किए हैं।
 बहरहाल, शहरवासी महामारी को लेकर सशंकित हैं । उन्हें बेहतर चिकित्सा सेवाएं और प्रशासनिक महकमे से समुचित सहयोग की अपेक्षा है। ऐसे में निगम के नगर आयुक्त और अन्य अधिकारियों के बीच तालमेल जरूरी है। अन्यथा जनता को नुकसान होगा और फिर..........।

रविवार, 12 अगस्त 2018

जनता कांग्रेस के बाद भाजपा से नाराजः नाथु सिंह गुर्जर

इंकलाब विकास दल का कार्यकर्ता सम्मेलन, हजारों लोगों ने ली सदस्यता

रांची। इंकलाब विकास दल का कार्यकर्ता सम्मेलन इलाही नगर में संपन्न हुआ। जिसमें हजारों लोगों ने इंकलाब विकास दल का थामन थामा । सभी शामिल होने वालों को राष्ट्रीय अध्यक्ष नाथुसिंह गुर्जर ने उन्हें पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। जिसमें नौशाद अंसारी को प्रदेश उपाध्यक्ष और हाजी साबिर अंसारी को अल्पसंख्यक मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष नाथुसिंह गुर्जर ने कहा कि अभी झारखंड में अपना संगठन को मजबूत करना है। हमें सभी को एक साथ लेकर चलना होगा तभी देश का विकास संभव है। आज गलत लोगों के हाथों में नेतृत्व चला गया है। जिससे की पूरा देश परेशान हाल है। उन्होंने कहा कि 2019 के चुनाव लोग बदलाव देखना चाहते हैं। उन्होने कहा कि झारखंड में विधान सभा 2019 के चुनाव में पार्टी अपना उम्मीदवार खड़ा करेगी। इसको लेकर झारखंड प्रदेश अध्यक्ष को दिशा निर्देश दिया हूं। 2019 चुनाव के लिए अभी से रेस होने की नसीहत दी। नाथुसिंह ने कहा कि पहले जनता कांगे्रस से खुश नहीं थी और अब भाजपा से खुश नहीं है। सम्मेलन में झारखंड प्रदेश अध्यक्ष इम्तिेयाज खान ने कहा कि हमारी पार्टी गरीब किसान मजदूरों की पार्टी है। उन्होंने 2019 के विधानसभा चुनाव में लोगों से समर्थन मांगा। इस मौके पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी साधुराम ने कहा कि हमारी पार्टी महाराष्ट्र, हरियाणा, केरल, एमपी,तामिल नाडु और पंजाब में अच्छा काम कर रही है और अब झारखंड में काम करना है। इस मौके पर राष्ट्रीय युवा मोर्चा के दिनेश गुर्जर, राष्ट्रीय सचिव श्रीमति प्रित कोर,नौशाद अंसारी आदि उपस्थित थे।
सम्मेलन में शामिल होने वालों में सोमा लिण्डा,इसराफिल अंसारी, मो शाहिद, मो नासिर, मो मकसूद, मो मनसूर , अफसर खान , गुलजार,जियाउल हक,  कमरूल जमा, राम किशोर आदि  शामिल रहे।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

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