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रविवार, 14 अक्टूबर 2018

मदर्स इंटरनेशनल स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित


* छात्रों में छिपी प्रतिभा को निखारने की जरूरत : रमण कुमार झा

रांची। मदर्स इंटरनेशनल स्कूल, जाहेर (ब्राम्बे) में शनिवार को विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित की गई। इस अवसर पर स्कूल के छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। एक से बढ़कर एक मॉडल प्रदर्शित किया।
 इस मौके पर अमिटी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.रमण कुमार झा ने बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में कहा कि छात्रों में छिपी प्रतिभा को तराशने और निखारने की जरूरत है। वैज्ञानिक अनुसंधान के मॉडल बनाकर छात्रों ने अपनी बेहतरीन प्रतिभा प्रदर्शित की है। उन्होंने कहा कि मदर्स इंटरनेशनल स्कूल के छात्र काफी प्रतिभावान हैं। स्कूल के छात्रों का अनुशासन देख वह मंत्रमुग्ध हो गए। छात्रों को संस्कारयुक्त शिक्षा देने के लिए स्कूल के शिक्षकों की उन्होंने सराहना की। उन्होंने छात्रों को भविष्य में बहुत अच्छा मुकाम हासिल करने के लिये प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंध समिति के निदेशक एके झा, प्राचार्या डॉ. रोमी झा ने भी छात्रों द्वारा बनाए गए मॉडल की सराहना की।

बुधवार, 10 अक्टूबर 2018

कॉलेज प्रशासन छात्र हित में फैसला ले- आदर्श मल्लिक



रांची। रांची विश्वविद्यालय अध्यक्ष आदर्श मल्लिक के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल  बीआईआईटी पॉलिटेक्निक के  नए प्राचार्य और नए डीन का स्वागत किया।
 आदर्श मल्लिक ने कहा कि कॉलेज में छात्र छात्राओं की बहुत सारी परेशानी है जैसे की लाइब्रेरी में किताब ना होना ,कैंटीन में पानी का अभाव , टीचर का अभाव लिफ्ट का अभाव,  इन सब परेशानियों को जल्द से जल्द कॉलेज प्रशासन द्वारा निराकरण करना चाहिए कॉलेज के नए प्राचार्य ने आदर्श मल्लिक से वादा किया कि जल्द से जल्द सारी समस्याओं का हल किया जाएगा और आने वाले दिनों में छात्र हित में हर फैसला लिया जाएगा
 बैठक में उपस्थित विश्वविद्यालय अध्यक्ष आदर्श  मल्लिक, सहयोग आपसे संगठन के शौर्य राज, विश्वविद्यालय सचिव दीपेश कुमार, चिकित्सक मोर्चा के सदस्य मुन्ना कुमार, कॉलेज के छात्र सागर ठाकुर ,निकिता कुमारी, अखीव आदि मौजूद थे

महिला परिधान के प्रतिष्ठान "शी लिबास " का शुभारंभ


 रांची। राजधानी के चर्च रोड स्थित रंगसाज मस्जिद के पास महिला परिधानों का आकर्षक व अत्याधुनिक कलेक्शन " शी लिबास " में उपलब्ध कराया गया है।  प्रतिष्ठान का उद्घाटन बुधवार को डॉक्टर फ़त्ताउल्लाह मस्जिद के इमाम व खतीब मौलाना अब्दुस शमी ने किया। इस संबंध में दुकान के संचालक हाजी आफताब आलम और सरफुददीन  खान ने बताया कि महिलाओं के लिए सलवार सूट, गाउन, लहंगा, कुर्ती, प्लाजो, फ्रॉक आदि का अत्याधुनिक कलेक्शन किफायती मूल्य पर उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि ग्राहकों की मांग के अनुरूप महिला परिधानों का विशाल संग्रह शी लिबास में उपलब्ध कराया गया है। इस अवसर पर हाजी आफताब आलम, मोहम्मद शकील, सेंट्रल मोहर्रम कमेटी के महासचिव अकील उर रहमान, मुस्ताक रिजवी, मोहम्मद फारूक, शम्स भाई, दाऊद शमीम, मोहम्मद अमीर उद्दीन, मोहम्मद परवेज, मोहम्मद सुफियान, मोहम्मद साजिद समेत  अन्य गणमान्य मौजूद थे।

राष्ट्रीय मानवाधिकार एन्टी क्राइम सेल के राष्ट्रीय महासचिव सुबांशु कुमार द्विवेदी नियुक्त



रांची।  55 सर्कुलर कोर्ट कंपाउंड कचहरी रोड स्थित द्विवेदी टावर में एक कार्यक्रम के दौरान  राष्ट्रीय मानवाधिकार एन्टी क्राइम सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश ठाकुर एवं झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष द्विवेदी ने संयुक्त रूप से समाज सेवी  सुबांशु कुमार द्विवेदी को राष्ट्रीय मानवाधिकार एन्टी क्राइम सेल के राष्ट्रीय  महासचिव नियुक्त किया।इस अवसर पर समाज में उत्कृष्ट कार्य हेतू इनको यह जिम्मेदारी सौंपी गई।इस अवसर पर राष्ट्रीय मानवाधिकार के अध्यक्ष साधना ओझा एवं आरिफ बुट्ट ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं देकर सम्मानित करते हुए उज्वाल भविष्य की कामना की गई।ये जानकारी एन्टी क्राइम के आनंद कुमार ने दी।

गरीबों की सेवा से होती है सुखद अनुभूति : रामाशंकर



* समाजसेवा को बनाया मिशन

रांची। अपने पेशे और परिवार के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए समाजसेवा   के लिए समय निकालना मनुष्य की महानता का परिचायक है। पीड़ित मानवता की सेवा के लिए तत्पर रहना और गरीबों के प्रति हमदर्दी रखना मानवसेवा की पहचान है। ऐसे ही सदगुणों से परिपूर्ण व्यक्तित्व के धनी शख्सियत हैं राजधानी के हटिया स्टेशन रोड स्थित बिरसा नगर निवासी समाजसेवी रामाशंकर। पेशे से होटल व्यवसायी रामाशंकर बचपन से ही गरीबों के प्रति हमदर्दी रखते आ रहे हैं। उनके पिता स्व. लक्ष्मण प्रसाद व माता स्व. अशर्फी देवी ने भी गरीबी को काफी करीब से देखा था। वह गरीबों के दुख दर्द और उनकी पीड़ा को समझते थे। रामाशंकर भी अपने माता पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए गरीबों की सेवा के प्रति समर्पण का भाव लिए तत्पर रहते हैं। अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों और होटल व्यवसाय के कामकाज निपटा कर सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों मे हिस्सा लेते हैं। अपने पिता स्व. लक्षमण प्रसाद व अपनी माता स्व. अशर्फी देवी की स्मृति में प्रत्येक साल जाड़े के मौसम में ठंड से ठिठुरते गरीबों को कंबल प्रदान करते हैं। यह सिलसिला पिछले छह साल से अनवरत जारी है। हर वर्ग व हर समुदाय के गरीबों के बीच कंबल वितरण की प्रेरणा उन्हें अपने माता पिता से मिली है। वह बताते हैं कि जगन्नाथपुर मंदिर, काली मंदिर, हटिया व रांची स्टेशन, चर्च, मस्जिद आदि जगहों पर गरीबों के बीच कंबल बांटना, खाद्य सामग्री बांटने से उन्हें सुखद अनुभूति होती है। उन्होंने गरीबी को काफी करीब से देखा है, इसलिए गरीबों की पीड़ा को समझते हैं। समाजसेवा रामाशंकर का शौक है। वह हटिया क्षेत्र की विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों से भी जुड़े हैं। वह कहते हैं कि समाजसेवा सर्वोपरि है। अपने लिए हर कोई जीता है, समाज के लिए जीना महानता है। युवाओं के प्रति अपने संदेश में रामाशंकर कहते हैं कि समाज की मुख्य धारा से जुड़कर युवाओं को सकारात्मक कार्यों में अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल करना चाहिए। व्यक्ति को अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए सामाजिक दायित्वों के प्रति भी सक्रियता से लगे रहना चाहिए। इससे समाज सशक्त होगा, जो देश के मजबूत होने में सहायक होगा।

शुक्रवार, 5 अक्टूबर 2018

बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं अर्चित आनंद


* जल, पर्यावरण संरक्षण और खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला सम्मान

रांची।सामाजिक,धार्मिक व आध्यात्मिक गतिविधियों के साथ-साथ मानव हित के लिए आवश्यक तत्वों के संरक्षण के प्रति सक्रियता बहुमुखी प्रतिभा का परिचायक है। राजधानी रांची में ऐसी ही एक शख्सियत हैं अर्चित आनंद (अनु जी) । इनका जन्म पलामू में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा- दीक्षा पटना में हुई। उच्च शिक्षा के लिए इन्होंने दिल्ली का रुख किया। दिल्ली विश्वविद्यालय से डिग्री लेकर समाजसेवा के क्षेत्र में काम करने का मन बनाया। अर्चित के पिता बिहार सरकार के  अधिकारी रह चुके हैं। उनसे प्रेरित होकर रांची को उन्होंने अपना कार्यक्षेत्र चुना। समाजसेवा के क्षेत्र में उनके जज्बे   ने ऐसा रंग दिखाया कि काफी कम समय में ही उनकी पहचान एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पूरे झारखंड में स्थापित हो गई। अलग झारखंड राज्य गठन के बाद से ही उन्होंने रांची को अपना कार्यक्षेत्र बना लिया। स्वयंसेवी संस्था "पेटसी" के माध्यम से झारखंड के अलावा बिहार के सीतामढ़ी व सिवान जिले में जल संरक्षण व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उनका मानना है कि जन, जंगल, जमीन, जल व जानवर, इन पांचों के बीच समन्वय स्थापित करना जरूरी है। पर्यावरण व जल संरक्षण की दिशा में अपनी संस्था के माध्यम से लोगों को जागरूक करने में जुटे हैं। झारखंड राज्य जलछाजन मिशन के सहयोग से धनबाद जिले के 82 गांवों में जल संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। उनका कहना है कि जिस तरह आज लोगों को बोतलबंद पानी पीना पड़ रहा है, यदि समय रहते हम नहीं चेते, तो आनेवाले समय में बोतलबंद ऑक्सीजन लेकर चलना पड़ेगा। उन्होंने इस दिशा में सरकारी व गैर सरकारी स्तर पर प्रयास किए जाने पर बल दिया। वह कहते हैं कि सरकार को जल संरक्षण के लिए अलग से मंत्रालय बनाने की आवश्यकता है। अर्चित आनंद को पर्यावरण व जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए लायंस क्लब द्वारा पर्यावरण संरक्षण सम्मान, गांधी आश्रम द्वारा गांधी सेवा सम्मान, दिव्य प्रेम सेवा मिशन, हरिद्वार द्वारा पर्यावरण मित्र सम्मान सहित अन्य संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया है। वह अब तक करीब पांच लाख पौधरोपण कर चुके हैं। अर्चित अनु जी की रुचि खेलों के प्रति भी बचपन से ही रही है। क्रिकेट के जिला व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी शामिल हो चुके हैं। रांची में अपनी माता जी के नाम पर दीदी नीलम आनंद क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन कर खेल प्रतिभाओं को आगे लाने और उन्हें समुचित सुविधाएं मुहैया कराने के लिए उनके प्रयासों की चहुंओर सराहना की जाती है। इस टूर्नामेंट की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें झारखंड के अलावा विभिन्न राज्यों के खिलाड़ी भी शिरकत करते हैं। खेल के प्रति इनके समर्पण को देखते हुए हाल ही में इन्हें झारखंड कबड्डी एसोसिएशन का चेयरमेन मनोनीत किया गया है। राजधानी रांची में रॉकमेन्स क्रिकेट एकेडमी का भी संचालन अर्चित करते हैं। इसमें क्रिकेट के खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर उन्हें समुचित सुविधाएं दी जाती है। वह कई खेल संगठनों से भी जुड़े हैं। पावर लिफ्टिंग एसोसिएशन में भी सक्रिय सदस्य हैं। अर्चित आनंद के अंदर साहित्यिक क्षमता भी है। वह धार्मिक मासिक पत्रिका " महागुरू महादेव " का प्रकाशन भी करते हैं। जिसका संपादन साहित्यकार व समाजसेवी अनुनीता जी करती हैं। अर्चित 'अनु ' बताते हैं कि धार्मिक पत्रिका महागुरू महादेव की 52 हजार प्रतियां प्रति माह बिक्री होती है। उनका मानना है कि समाज के हर धर्म के लोगों को समान आदर दिया जाना चाहिए। धार्मिक व आध्यात्मिक आयोजनों से सामाजिक वातावरण में शुद्धता आती है। वह कहते हैं कि लोगों को अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाने की आवश्यकता है। इससे समाज और देश सशक्त होगा।

कांग्रेस सत्ता में आई तो छः माह में शुरु होगा धनबाद चंद्रपुरा रेललाइन : सुबोधकांत सहाय

रांची। पूर्व केन्द्रीय मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय ने कहा कि यदि 2019 के चुनाव में कांग्रेस सत्ता में आई तो छः महीने के भीतर झारखंड के धनबाद-चंद्रपुरा रेललाइन को फिर से शुरु कर दिया जायेगा। श्री सहाय नई दिल्ली में जंतर मंतर पर कांग्रेस द्वारा आयोजित धरना को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रघुवर सरकार जबरन आदिवासियों की जमीन छीनने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पीयूष गोयल के रेल मंत्री, कोयला मंत्री बनते ही लूट का खेल शुरु हो गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बस अब जूम्मा-जुम्मा आठ दिन की सरकार है। उन्होंने कहा कि इस ढोंगी सरकार को देश की जनता उखाड़ फेंकेगी। धरना स्थल पर झारखण्ड कांग्रेस के सह प्रभारी उमंग सिघार ने कहा कि कांग्रेस संवेदनशील पार्टी है,  झारखण्ड के आमजन की भावनाओं को समझती है। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर प्रदेश की जनता का शोषण कर रही है। रघुवर सरकार, मोदी-शाह का रबर स्टाम्प बनी हुई है। इस भ्रष्ट केन्द्र और राज्य सरकार को उखाड़ फेकना होगा, तभी देश का भला होगा।
 गौरतलब है कि धनबाद-चंद्रपुरा रेललाइन के बंदी के खिलाफ कांग्रेस पार्टी द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर तीन दिवसीय धरना का कार्यक्रम गुरुवार से शुरू हुआ। पहले दिन कांग्रेस के प्रदेश सचिव रणविजय सिंह, जागो सामाजिक संस्था के प्रमुख राकेश रंजन उर्फ चुन्ना यादव के नेतृत्व में यह धरना का कार्यक्रम प्रारम्भ हुआ। इस धरना कार्यक्रम में झारखण्ड के सैकड़ों कार्यकर्ता शिरकत कर रहे हैं। इस क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि जब से धनबाद-चंद्रपुरा रेललाइन पर पैसेंजर और मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन केन्द्र सरकार ने ठप किया हैं, धनबाद-चंद्रपुरा के लोगों की जिंदगी तबाह हो गई है, करोड़ों का व्यापार ठप तो हुआ ही, पूरी आबादी का जन-जीवन प्रभावित हो चुका है।
धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन को पुनः बहाल करने के लिए लोग आंदोलित रहे हैं, पर केन्द्र व राज्य सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी है। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक भाजपा नेताओं का समूह यहां के लोगों को बराबर झांसे देता रहा है, पर इनकी हिम्मत नहीं कि धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन के आस-पास बसे लाखों लोगों के आंखों से आंखे मिलाकर बात कर सकें, कई भाजपा नेता हालांकि यहां की जनता को सब्जबाग दिखा रहे हैं कि ये लाइन फिर से चालू होगा, पर जैसे-जैसे दिन बीतते जा रहे हैं, लोगों का भाजपा से भरोसा टूटता जा रहा है, अब दिल्ली में तीन दिवसीय धरना का आयोजन क्या रंग दिखाता है? फिलहाल धनबाद सहित झारखंड की जनता का ध्यान दिल्ली के जंतर-मंतर पर टिकी है। दूसरे दिन शुक्रवार को भी काफी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरनास्थल पर शामिल होकर विरोध जताया।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...