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रविवार, 25 नवंबर 2018
झारखंड की फिल्म नीति देश के प्रगतिशील फिल्म नीतियों में से एकः सुनील कुमार वर्णवाल
49 वां अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह
गोवा। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सह सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव श्री सुनील कुमार वर्णवाल ने कहा कि झारखंड की फिल्म नीति देश के प्रगतिशील फिल्म नीतियों में से एक है। उन्होंने कहा कि झारखंड 2015 में फिल्म नीति के अनावरण के बाद देश भर के कई राज्यों से फिल्म निर्माताओं ने झारखंड आकर फिल्म बनाने पर जोर दिया है। यहां क्षेत्रीय भाषाओं में भी कई फिल्म बनी है। वे आज पणजी, गोवा में भारत के 49वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। झारखंड को इस वर्ष आईएसएफआई में फोकस राज्य के रूप में चुना गया है। यह पहली बार है कि आईएसएफआई में किसी राज्य को फोकस राज्य के रूप में चुनने की प्रक्रिया शुरू की है।
श्री सुनील वर्णवाल ने कहा कि झारखंड पूरे भारत में अपनी खनिज संपदा के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य से देश की खनिज संपदा का 40% प्राप्त होता है। झारखंड जैसे पहाड़ी स्थल, झरने, जल, बांध, वन्यजीव की समृद्ध क्षमता और कहीं नहीं है। राज्य में 30 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र घने जंगलों से ढका हुआ है। राज्य सरकार फिल्म नीति के माध्यम से फिल्म उद्योग के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों का ध्यान आकर्षित करने और उन्हें झारखंड के खजाने को देखने और दिखाने के लिए आमंत्रित कर रही है।
श्री वर्णवाल ने झारखंड की फिल्म नीति के बारे में कहा कि इसके अनुसार झारखंड की स्थानीय भाषा में बनाए गए फिल्मों को कुल लागत का अधिकतम 50% अनुदान दिया जाएगा और हिंदी, बांग्ला, उड़िया और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में बनाए गए फिल्मों को कुल लागत का 25% अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिल्म के कुल शूटिंग दिनों में से आधे से अधिक दिन यदि झारखंड में फिल्माये गये हो तो उसे एक करोड़ और कुल दिनों के दो तिहाई के लिए गोल 2 करोड़ रुपए तक की अनुदान दी जाएगी।
प्रधान सचिव ने कहा कि झारखंड में आगे की फिल्मों को और प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि झारखंड में बड़ी संख्या में स्थानीय कलाकार उपलब्ध है जो मौका देने पर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकते हैं। सत्यजीत रे जैसे महान फिल्म निर्माता भी झारखंड में आकर फिल्म बना चुके हैं। अन्य बंगाली निदेशकों ने भी राज्य की प्रकृति और सुंदरता का अपने फिल्मों में उपयोग किया है। सरकार का प्रयास है कि इस तरह की फिल्मों को फिल्म नीति द्वारा सुव्यवस्थित किया जाए, जिससे राज्य को फिल्म निर्माण के गंतव्य में बदला जा सके।
इस अवसर पर झारखण्ड सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
दहेज़ जैसी कुरीतियों के खिलाफ एकजुट हो समाजः सीएम रघुवर दास
दहेज लेने-देने वालों के सामाजिक बहिष्कार का आह्वान
रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि हमें समाज के माध्यम से गरीबों को बराबरी में लाना है. हर समाज अपने आसपास गरीबों के उत्थान के लिए काम करें।इससे समाजमें फैली विकृति को दूर किया जा सकेगा. उक्त बातें उन्होंने झारखंड प्रदेश केसरवानी वैश्य महासम्मेलन में कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के व्यक्ति गरीब व्यक्ति को कैसे सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके।इसके लिए सभी मिलजुल कर काम करें।केसरवानी समाज काफी जागृत समाज है। समाज के गरीब तबके के लोगों को की सूची बनाएं। उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ें। समाज के युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से प्रशिक्षित कर सरकार उन्हें रोजगार से जोड़ेगी। इससे उनके जीवन स्तर में सुधार आयेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे समाज में दहेज प्रथा जैसी कुरीतियां हैं। इन कुरीतियों के खिलाफ समाज को एकजुट होना होगा। सभी समाज आज यह प्रण ले कि उनके यहां दहेज का लेन-देन नहीं होगा। कन्या का सौदा नहीं होना चाहिए। वह लक्ष्मी है, सृष्टि की जननी है। जो भी दहेज ले या दे उनको सामाजिक बहिष्कार हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य में कई जिले ऐसे हैं, जहां पिछड़ों को संविधान में प्रदत्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। हमारी सरकार पिछड़ों को उनका अधिकार दिलाने के लिए कृतसंकल्पित है। केसरवानी समाज की मांगों को भी पिछड़ा आयोग को भेजें। आयोग द्वारा की गयी संविधान सम्मत सारी अनुशंसा का अक्षरश: पालन किया जायेगा। केसरवानी समाज को उसका हक दिलाया जायेगा। उन्होंने समाज के लोगों से बच्चों को शिक्षा देने का आह्वान करते हुए कहा कि केसरवानी समाज में शत प्रतिशत साक्षरता हो, इसका हमें प्रण लेना चाहिए। हम लड़के या लड़की में भेद न करें। दोनों को पढ़ायें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नारा दिया है सबका साथ सबका विकास। इसी को मूल मंत्र मानकर हमारी सरकार काम कर रही है। देश में झारखंड पहला राज्य है जहां महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार ने एक रुपये में रजिस्ट्री करवाने के सुविधा दी। इससे महिलाएं संपत्ति की मालकिन बन रही हैं।
कार्यक्रम में नगर विकास विभाग के मंत्री सी पी सिंह, हटिया विधायक नवीन जयसवाल, अखिल भारतीय केसरवानी वैश्य महासभा के अध्यक्ष राजीव गुप्ता, अध्यक्षा सुनीता गणेश केसरवानी, तरुण सभा के अध्यक्ष अभिषेक केशरवानी, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष प्रोफेसर प्रेम सागर केसरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के व्यक्ति गरीब व्यक्ति को कैसे सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके।इसके लिए सभी मिलजुल कर काम करें।केसरवानी समाज काफी जागृत समाज है। समाज के गरीब तबके के लोगों को की सूची बनाएं। उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ें। समाज के युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से प्रशिक्षित कर सरकार उन्हें रोजगार से जोड़ेगी। इससे उनके जीवन स्तर में सुधार आयेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे समाज में दहेज प्रथा जैसी कुरीतियां हैं। इन कुरीतियों के खिलाफ समाज को एकजुट होना होगा। सभी समाज आज यह प्रण ले कि उनके यहां दहेज का लेन-देन नहीं होगा। कन्या का सौदा नहीं होना चाहिए। वह लक्ष्मी है, सृष्टि की जननी है। जो भी दहेज ले या दे उनको सामाजिक बहिष्कार हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य में कई जिले ऐसे हैं, जहां पिछड़ों को संविधान में प्रदत्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। हमारी सरकार पिछड़ों को उनका अधिकार दिलाने के लिए कृतसंकल्पित है। केसरवानी समाज की मांगों को भी पिछड़ा आयोग को भेजें। आयोग द्वारा की गयी संविधान सम्मत सारी अनुशंसा का अक्षरश: पालन किया जायेगा। केसरवानी समाज को उसका हक दिलाया जायेगा। उन्होंने समाज के लोगों से बच्चों को शिक्षा देने का आह्वान करते हुए कहा कि केसरवानी समाज में शत प्रतिशत साक्षरता हो, इसका हमें प्रण लेना चाहिए। हम लड़के या लड़की में भेद न करें। दोनों को पढ़ायें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नारा दिया है सबका साथ सबका विकास। इसी को मूल मंत्र मानकर हमारी सरकार काम कर रही है। देश में झारखंड पहला राज्य है जहां महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार ने एक रुपये में रजिस्ट्री करवाने के सुविधा दी। इससे महिलाएं संपत्ति की मालकिन बन रही हैं।
कार्यक्रम में नगर विकास विभाग के मंत्री सी पी सिंह, हटिया विधायक नवीन जयसवाल, अखिल भारतीय केसरवानी वैश्य महासभा के अध्यक्ष राजीव गुप्ता, अध्यक्षा सुनीता गणेश केसरवानी, तरुण सभा के अध्यक्ष अभिषेक केशरवानी, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष प्रोफेसर प्रेम सागर केसरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे
राष्ट्र ने नव निर्माण में एनसीसी की भूमिका अहमः रघुवर दास
रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि एनसीसी से हमें देशभक्ति की प्रेरणा मिलती है। नव राष्ट्र के निर्माण में एनसीसी की काफी अहम भूमिका है। एनसीसी के जरिए ही हम सब के अंदर देश भक्ति का जज्बा समाहित होता है। साथ ही साथ राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और दायित्व को जानने और समझने के लिए प्रेरणा मिलती है। एनसीसी राष्ट्र, राज्य एवं समाज हित में वर्ष 1948 से ही कई विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करती आ रही है। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री दास ने आज ऑड्रे हाउस में एनसीसी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं।
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि 1 सौ 25 करोड़ आबादी वाले इस महान देश के नवनिर्माण में सेना के बाद दूसरी पंक्ति में एनसीसी लगातार प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। झारखंड में भी एनसीसी कई सामाजिक तथा रचनात्मक कार्य कर रही है। सरकार की योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एनसीसी द्वारा विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत अभियान सहित कई ऐसे कार्यक्रम हैं जिसमें मोटिवेशन आवश्यक है और यह कार्य एनसीसी प्राथमिकता के साथ कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता का संबंध हमारे स्वास्थ्य से है. 80 प्रतिशत बीमारियां गंदगी के कारण फैलती हैं. इस परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी. 2 अक्टूबर 2019 तक स्वच्छ भारत का निर्माण करना हम सबों की जिम्मेदारी है. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वीं जयंती के अवसर पर स्वच्छ भारत उनके चरणों में समर्पित करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी. राज्य सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर घर में शौचालय का निर्माण किया गया है. अब जरूरत है कि बनाए गए इन शौचालयों का शत प्रतिशत उपयोग हो. एनसीसी आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर शौचालयों का शत-प्रतिशत उपयोगिता हेतु लोगों को जागरूक करें. मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं स्वयं एनसीसी का विद्यार्थी रह चुका हूं. मैं यह जानता हूं कि एनसीसी का विद्यार्थी होना सामाजिक दृष्टिकोण से बहुत ही गर्व की बात है. आधुनिक समय में तकनीकी सुविधा का पूर्ण उपयोग राज्य एवं समाज हित में करें।
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड के काफी बच्चे सेना में नियुक्ति के लिए तैयारी करते हैं। वर्तमान समय में हम सबों के अंदर सैनिकों के प्रति सम्मान का भाव रखनी चाहिए। हमारे देश के सैनिक ठंड के मौसम में भी हिमालय जैसी बर्फीली जगहों में 24 घंटे देश की सुरक्षा के लिए खड़े रहते हैं. यह देश हमारा है और हम सबों को देश पर अभिमान करने की आवश्यकता है. विकसित और समृद्ध भारत के निर्माण में युवाओं की सहभागिता महत्वपूर्ण है.
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आने वाले समय में राज्य सरकार की नियुक्तियों में एनसीसी कैडेटों के लिए कुछ प्रतिशत का आरक्षण मिले इस पर राज्य सरकार निश्चित विचार करेगी. मुख्यमंत्री ने एनसीसी दिवस के अवसर पर एनसीसी कैडेट एवं पूरी टीम को शुभकामनाएं दी. इस अवसर पर एनसीसी कैडेटों द्वारा कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए. एनसीसी कैडेटों ने स्वच्छ भारत अभियान के विभिन्न पहलुओं पर मौन रहकर मुख्यमंत्री के समक्ष स्वच्छता के प्रति जागरूकता पर कार्यक्रम प्रस्तुत किए. झारखंड की जनजातीय संस्कृति एवं देश भक्ति पर भी मनमोहक प्रस्तुति बच्चे बच्चियों द्वारा दी गई.
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि गीत, संगीत और नृत्य झारखंड की पहचान है. इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों से हम अपनी संस्कृति को संरक्षित कर सकेंगे. उन्होंने प्रस्तुति देने वाले कैडेटों को बधाई दी. इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास द्वारा थल सेना, वायु सेना इत्यादि क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एनसीसी कैडेटों को सम्मानित किया गया.
इस अवसर पर ब्रिगेडियर एस के प्रसाद, लेफ्टिनेंट जनरल(रिटायर्ड) ज्ञान भूषण, श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति एसएन मुखर्जी, एनसीसी से संबंधित अन्य अधिकारी सहित बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट्स एवं अन्य उपस्थित थे.
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि 1 सौ 25 करोड़ आबादी वाले इस महान देश के नवनिर्माण में सेना के बाद दूसरी पंक्ति में एनसीसी लगातार प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। झारखंड में भी एनसीसी कई सामाजिक तथा रचनात्मक कार्य कर रही है। सरकार की योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एनसीसी द्वारा विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत अभियान सहित कई ऐसे कार्यक्रम हैं जिसमें मोटिवेशन आवश्यक है और यह कार्य एनसीसी प्राथमिकता के साथ कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता का संबंध हमारे स्वास्थ्य से है. 80 प्रतिशत बीमारियां गंदगी के कारण फैलती हैं. इस परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी. 2 अक्टूबर 2019 तक स्वच्छ भारत का निर्माण करना हम सबों की जिम्मेदारी है. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वीं जयंती के अवसर पर स्वच्छ भारत उनके चरणों में समर्पित करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी. राज्य सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर घर में शौचालय का निर्माण किया गया है. अब जरूरत है कि बनाए गए इन शौचालयों का शत प्रतिशत उपयोग हो. एनसीसी आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर शौचालयों का शत-प्रतिशत उपयोगिता हेतु लोगों को जागरूक करें. मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं स्वयं एनसीसी का विद्यार्थी रह चुका हूं. मैं यह जानता हूं कि एनसीसी का विद्यार्थी होना सामाजिक दृष्टिकोण से बहुत ही गर्व की बात है. आधुनिक समय में तकनीकी सुविधा का पूर्ण उपयोग राज्य एवं समाज हित में करें।
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड के काफी बच्चे सेना में नियुक्ति के लिए तैयारी करते हैं। वर्तमान समय में हम सबों के अंदर सैनिकों के प्रति सम्मान का भाव रखनी चाहिए। हमारे देश के सैनिक ठंड के मौसम में भी हिमालय जैसी बर्फीली जगहों में 24 घंटे देश की सुरक्षा के लिए खड़े रहते हैं. यह देश हमारा है और हम सबों को देश पर अभिमान करने की आवश्यकता है. विकसित और समृद्ध भारत के निर्माण में युवाओं की सहभागिता महत्वपूर्ण है.
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आने वाले समय में राज्य सरकार की नियुक्तियों में एनसीसी कैडेटों के लिए कुछ प्रतिशत का आरक्षण मिले इस पर राज्य सरकार निश्चित विचार करेगी. मुख्यमंत्री ने एनसीसी दिवस के अवसर पर एनसीसी कैडेट एवं पूरी टीम को शुभकामनाएं दी. इस अवसर पर एनसीसी कैडेटों द्वारा कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए. एनसीसी कैडेटों ने स्वच्छ भारत अभियान के विभिन्न पहलुओं पर मौन रहकर मुख्यमंत्री के समक्ष स्वच्छता के प्रति जागरूकता पर कार्यक्रम प्रस्तुत किए. झारखंड की जनजातीय संस्कृति एवं देश भक्ति पर भी मनमोहक प्रस्तुति बच्चे बच्चियों द्वारा दी गई.
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि गीत, संगीत और नृत्य झारखंड की पहचान है. इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों से हम अपनी संस्कृति को संरक्षित कर सकेंगे. उन्होंने प्रस्तुति देने वाले कैडेटों को बधाई दी. इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास द्वारा थल सेना, वायु सेना इत्यादि क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एनसीसी कैडेटों को सम्मानित किया गया.
इस अवसर पर ब्रिगेडियर एस के प्रसाद, लेफ्टिनेंट जनरल(रिटायर्ड) ज्ञान भूषण, श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति एसएन मुखर्जी, एनसीसी से संबंधित अन्य अधिकारी सहित बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट्स एवं अन्य उपस्थित थे.
प्रेम रावत के व्याख्यान में शरीक हुए सीएम और राज्यपाल
रांची।झारखण्ड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज विद्या केंद्र द्वारा प्रभात तारा मैदान, धुर्वा में आयोजित “मानवता और शांति का संदेश” विषय पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव, नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री सुदर्शन भगत, हटिया विधायक नवीन जायसवाल समेत अन्य अथितियों ने करीब 45 मिनट तक इस विषय पर प्रेम रावत जी को सुना।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव, नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री सुदर्शन भगत, हटिया विधायक नवीन जायसवाल समेत अन्य अथितियों ने करीब 45 मिनट तक इस विषय पर प्रेम रावत जी को सुना।
शुक्रवार, 23 नवंबर 2018
झारखंड में धूमधाम से मनेगा 550 वां प्रकाश पर्वः रघुवर दास
गुरु नानक का 550 वां प्रकाश पर्व 2019 में होगा
रांची। गुरु नानक देव जी का 550 वां प्रकाश पर्व अगले साल होगा। राज्य सरकार इसे धूमधाम से मनाएगी। रांची में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। गुरु नानक देव जी के संदेश आज भी प्रसांगिक है। उन्होंने समाज की विकृतियों को समाप्त करने का संदेश दिया था। उनका कहना था इंसान केवल इंसान होता है। कोई छोटा कोई बड़ा नहीं होता। जो तुझ में है, वही मुझ में है, यह उनके संदेश का मूल तत्व था। उक्त बातें मुख्यमंत्री ने गुरु नानक देव जी के 549 वे प्रकाश पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कही।
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कल ही गुरदासपुर से करतारपुर कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया है, उसके लिए पूरा देश उनका धन्यवाद देता है। यह सिख समाज की वर्षों से मांग थी। 26 नवंबर को राष्ट्रपति इसकी आधारशिला रखेंगे। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि गुरु नानक देव जी से उन्होंने राज्य से गरीबी समाप्त करने की शक्ति मांगी है। उनके संदेशों के अनुरूप गरीब के चेहरे पर मुस्कुराहट आए, उनके जीवन में बदलाव आए, यही उनका भी लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि किसी को जवानी का नशा है, किसी को पैसे का नशा है। लेकिन उन्हें राजनीति में सेवा का नशा है। सत्ता उनके लिए सेवा का माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने विधानसभा क्षेत्र जमशेदपुर में वे गुरुद्वारे से जुड़े हैं और गुरुद्वारे द्वारा जो शिक्षा के क्षेत्र में सेवा की जा रही है, वह अतुलनीय है। सिख समाज अपनी सेवा के लिए जाना जाता है। गुरु नानक देव जी ने लंगर की व्यवस्था शुरू की थी। इसके पीछे यही संदेश था कि कोई छोटा बड़ा नहीं है। अमीर गरीब सब एक समान है।
कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री श्री सी पी सिंह, रांची की मेयर श्रीमती आशा लकड़ा, खादी बोर्ड के अध्यक्ष श्री संजय सेठ, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री कमाल खान, उपाध्यक्ष श्री गुरविंदर सिंह सेठी समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
रांची। गुरु नानक देव जी का 550 वां प्रकाश पर्व अगले साल होगा। राज्य सरकार इसे धूमधाम से मनाएगी। रांची में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। गुरु नानक देव जी के संदेश आज भी प्रसांगिक है। उन्होंने समाज की विकृतियों को समाप्त करने का संदेश दिया था। उनका कहना था इंसान केवल इंसान होता है। कोई छोटा कोई बड़ा नहीं होता। जो तुझ में है, वही मुझ में है, यह उनके संदेश का मूल तत्व था। उक्त बातें मुख्यमंत्री ने गुरु नानक देव जी के 549 वे प्रकाश पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कही।
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कल ही गुरदासपुर से करतारपुर कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया है, उसके लिए पूरा देश उनका धन्यवाद देता है। यह सिख समाज की वर्षों से मांग थी। 26 नवंबर को राष्ट्रपति इसकी आधारशिला रखेंगे। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि गुरु नानक देव जी से उन्होंने राज्य से गरीबी समाप्त करने की शक्ति मांगी है। उनके संदेशों के अनुरूप गरीब के चेहरे पर मुस्कुराहट आए, उनके जीवन में बदलाव आए, यही उनका भी लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि किसी को जवानी का नशा है, किसी को पैसे का नशा है। लेकिन उन्हें राजनीति में सेवा का नशा है। सत्ता उनके लिए सेवा का माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने विधानसभा क्षेत्र जमशेदपुर में वे गुरुद्वारे से जुड़े हैं और गुरुद्वारे द्वारा जो शिक्षा के क्षेत्र में सेवा की जा रही है, वह अतुलनीय है। सिख समाज अपनी सेवा के लिए जाना जाता है। गुरु नानक देव जी ने लंगर की व्यवस्था शुरू की थी। इसके पीछे यही संदेश था कि कोई छोटा बड़ा नहीं है। अमीर गरीब सब एक समान है।
कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री श्री सी पी सिंह, रांची की मेयर श्रीमती आशा लकड़ा, खादी बोर्ड के अध्यक्ष श्री संजय सेठ, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री कमाल खान, उपाध्यक्ष श्री गुरविंदर सिंह सेठी समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मरांग बुरु सभी का कल्याण करें, समृद्धि से राज्य के लोग हों आच्छादितः रघुवर दास
लुगुबुरु
घंटा बाड़ी धोरोम गाढ़ में आयोजित हुआ 18वां
आदिवासी संथाल सरना धर्म महा सम्मेलन
सबकी याचना सुनते हैं मरांग बुरु, मेरी याचना भी जाया नहीं जाएगीः सीएम
संथाली लोक धुन में थिरके मुख्यमंत्री
ललपनिया।
लुंगुबुरु घंटा बाड़ी धोरोम गाढ़ में आयोजित 18वां आदिवासी संथाल सरना धर्म महा
सम्मेलन में सीएम रघुवर दास
ने शामिल होकर आदिवासी समुदाय और झारखंडी संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को
प्रमाणित किया। उन्होंने कहा कि मरांग बुरु सभी का कल्याण करें, समृद्धि
से राज्य लोग आच्छादित हों। यही कामना लेकर आशीर्वाद लेने आया हूं। उनके लिए जो
अभाव की जिंदगी जी रहें उनके जीवन मे बदलाव आए, और
मान्यता है और मुझे विश्वास है कि मरांग बुरु से सच्चे मन से मांगा की गई याचना
जाया नहीं जाती। मेरी भी नहीं जाएगी। झारखण्ड के गरीबों के दिन जरूर बहुरेगे, उस निमित सरकार कार्य कर रही है। उक्त
बातें मुख्यमंत्री श्रीदास शुक्रवार को बोकारो के ललपनिया स्थित लुंगुबुरु घाटा
बाड़ी धोरोम गाढ़ में आयोजित आदिवासी संथाल सरना धर्म महा सम्मेलन में बोल रहे थे।
श्री दास ने कहा यही वजह है कि सीधा सरल संथाल समाज जो हमारे समक्ष आज उपस्थित हैं
उनकी स्नेह धारा ही हमारी विरासत है जिसे हमें सहेज कर रखना है।
मेरा
मन यहां कि प्राकृतिक छटा ने मोहा था, लेकिन
पीड़ा भी हुई थी
मुख्यमंत्री
ने कहा कि लुगु पहाड़ का यह पवित्र स्थल को प्रकृति ने बहुत खूबसूरती से सजाया है।
जब मैं यहां आया था तब इस स्थल की खूबसूरती और श्रद्धालुओं के आस्था ने मेरा मन
मोहा था। लेकिन पीड़ा भी हुई थी कि श्रद्धालु खुले आकाश के नीचे रहने को विवश थे।
अब उस स्थिति में बदलाव आया है हमने टेंट सिटी का निर्माण किया और श्रद्धालुओं के
रहने की व्यवस्था की। आज उनसे बात कर मन प्रफुल्लित हो उठा। आपके द्वारा कहे गए
शब्द, धन्यवाद झारखण्ड सरकार ने हमारे प्रयास
को सार्थक कर दिया।
राज्य
सरकार कराएगी तीर्थ स्थल के दर्शन, यह
हमारा सौभाग्य
मुख्यमंत्री
ने कहा कि संथाल समाज के लिए लुगुबुरु घंटाबाड़ी धोरोम गाढ़ तीर्थ स्थल है। समाज के
लोग जीवन मे एक बार इस स्थल आकर खुद को धन्य करना चाहते हैं, लेकिन समाज में कई ऐसे परिवार हैं जो
आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से लुगु पहाड़ नहीं आ पाते। ऐसे लोगों को ध्यान में
रखकर तीर्थ दर्शन योजना के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से श्रद्धालुओं को लुगु
पहाड़ दर्शन हेतु लाया गया। सरकार ने करीब 50
लाख की राशि समाज के लोगों को सुविधा प्रदान करने में की है। सरकार की योजना है कि
इस स्थल को सांस्कृतिक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की। यह सरकार का
सौभाग्य है कि हमें यह कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ।
समाज
का विकास कैसे हो इसका चिंतन करें
मुख्यमंत्री
ने कहा कि जिस तरह समुद्र मंथन से अमृत निकला था, उस प्रकार इस दो दिवसीय धर्म सम्मेलन में कोई संजीवनी निकले। ताकि आदिवासियों
के जीवन मे बदलाव आ सके। आप चिंतन करें। ताकि आने वाली पीढ़ी लाभान्वित हो और अपनी
धर्म, संस्कृति, परंपरा और भाषा को अक्षुण्ण रखने के
प्रति कृतसंकल्पित रहे। मैं धन्यवाद देता हूं प्रबंधन समिति के सदस्यों को
जिन्होंने ऐसा समागम किया जो अपनी भाषा, संस्कृति, परंपरा को अक्षुण्ण रखने की प्रेरणा
देता हो एवं संथाल की संस्कृति को दर्शाने का कार्य समिति द्वारा किया गया।
आदिवासी
कल्याण हेतु सरकार तत्पर
मुख्यमंत्री
ने कहा कि संविधान में आदिवासी समाज को प्रदत विशेष दर्जा देने के प्रावधान को
ध्यान में रखकर , संविधान की भावना को तवज्जों देते हुए
आदिवासी कल्याण के कार्य किये जा रहें हैं जो अब परिलक्षित भी हो रहा है। राज्य के
वीर आदिवासियों ने गांधी जी से पहले आजादी की लड़ाई लड़ी थी। लेकिन आजादी के बाद
उनकी शहादत को याद नही किया गया। प्रधानमंत्री जी ने पहली बार लाल किला से धरती
आबा भगवान बिरसा मुंडा को नमन किया। साथ ही 25
करोड़ की राशि प्रदान की ताकि जिस कारागार में धरती आबा ने अपने आखिरी दिन गुजारे
थे उस परिसर में उनकी प्रतिमा लगाई जाए। यही नहीं उस परिसर में झारखण्ड के सभी
शहीदों की प्रतिमा लगेगी ताकि आने वाली पीढ़ी, देश
और दुनिया के लोग झारखण्ड के वीर शहीदों के संबंध में जान सकें उनसे प्रेरणा ले
सकें।
अपनी
भाषा और संस्कृति पर हमें गर्व होना चाहिये
मुख्यमंत्री
ने कहा कि यहां आकर मैंने देखा कि संथाल समाज के लोग अपनी भाषा में संबोधित कर
रहें हैं और ऐसा करना भी चाहिए। हमें अपनी भाषा और संस्कृति पर गर्व होना चाहिए।
यही उद्देश्य से संथाली भाषा में सरकार 1से 5वीं कक्षा तक की पढ़ाई में प्रदान करेगी
ताकि बच्चे अपनी मातृ भाषा में ज्ञान अर्जित कर सकें। साथ ही अपने धर्म और
संस्कृति को जीवंत रखने वाले धर्मगुरू, मानकी
मुंडा, ग्राम प्रधान, परगाइनैत व अन्य को सरकार द्वारा 1 हजार रुपये प्रदान किया जा रहा है। अब
वे भी अपनी जिम्मेवारियों का निर्वहन करें।
समय
के साथ चलना जरूरी
मुख्यमंत्री
ने कहा कि संस्कृति के साथ विकास पर भी चर्चा होना चाहिए। समाज के बच्चों को
शिक्षा इसे आच्छादित करना लक्ष्य तय करें। समय के साथ चलें, क्योंकि बच्चों के सपने पूरा करने के
लिए यह समय की मांग है। इस कार्य में बेटा बेटी में फर्क नहीं करना चाहिए। क्योंकि
बेटियां देश मान सम्मान दोनों बढ़ा रहीं हैं। जल्द सरकार बच्चियों के जन्म के साथ
उन्हें योजना से जोड़ेगी।
लोभ, लालच देने वालों से सचेत रहने की जरूरत
मुख्यमंत्री
ने कहा कि विदेशी शक्तियां आदिवासी परंपरा और संस्कृति को लोभ और लालच देकर छिन्न
करने का प्रयास कर रही है। ऐसे लोगों की पहचान करने की जरूरत है। महात्मा गांधी भी
धर्मान्तरण के खिलाफ थे, उनकी भावना को सम्मान देते हुए राज्य
सरकार ने धर्मान्तरण कानून लाया। ऐसा करने वाले सजा और आर्थिक दंड के भागी होंगे।
युवा वर्ग इस ओर विशेष ध्यान दे। आपको अपने धर्म, परंपरा, भाषा और संस्कृति को सहेजना है।
आपको
मूलभूत सुविधा देना हमारा लक्ष्य
मुख्यमंत्री
ने कहा कि हर घर बिजली, गरीबों को आवास, सभी को शौचालय, सभी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करना सरकार
का लक्ष्य है। दिसंबर 2018 तक राज्य के सुदूरवर्ती गांव घर तक
बिजली पहुंचेगी, 2022 तक सभी घरों तक पाइपलाइन का माध्यम से
शुद्ध पेयजल पहुचेगा। गरीबों को आवास प्रदान किया जा रहा है। स्वच्छता हेतु हर घर
शौचालय निर्माण की प्रक्रिया अपने चरम पर है।
उस्सेख्य
है कि मरांग बुरु आदिवासियों के सबसे बड़े लोक देवता हैं और लुगु पहाड़ समशीतोष्ण मौसम
के कारण बेहतरीन हिल स्टेशन बनने की संभावनाओं से भरा पारसनाथ के बाद झारखंड का
सबसे ऊंचा पहाड़।
इस
अवसर पर गिरिडीह सांसद श्री रविंद्र कुमार पांडेय, बोकारो विधायक श्री बिरंचि नारायण, घाटशिला विधायक लक्ष्मण टुडू, बेरमो
विधायक, पूर्व मंत्री हेमलाल मुर्मू, 20 सूत्री उपाध्यक्ष लक्ष्मण नायक, उपायुक्त बोकारो, पुलिस
अधीक्षक बोकारो व अन्य उपस्थित थे।
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