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बुधवार, 30 जनवरी 2019

एमके एडवांस्ड डेन्टल हॉस्पिटल का शुभारंभ



रांची। राजधानी के कडरू (पेट्रोल पंप के सामने ) स्थित सइमा टावर में एमके एडवांस्ड डेन्टल हॉस्पिटल का शुभारंभ राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष व झामुमो नेत्री डॉ.महुआ माजी ने किया। मौके पर उन्होंने डेंटल हॉस्पिटल के लिए शुभकामनाएं दी। कहा कि कम फीस पर लोगों के दांतों, बालों आदि का इलाज हो पायेगा।

 हॉस्पिटल के संचालक सह व्यवस्थापक डॉ. एम सिब्गतुल्लाह (एमडीएस) ने बताया कि यहां दंत रोग से संबंधित सभी प्रकार के रोगों का इलाज की सुविधा उपलब्ध है। यहां डेन्टल, फेशियल एस्थेटिक्स, हेयर ट्रांसप्लांट व लेजर क्लीनिक की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। डॉ. सिब्गतुल्लाह ने बताया कि उत्कृष्ट व गुणवत्तापूर्ण दंत चिकित्सा सुंदर मुस्कान देने में सहायक है। यह एक मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल है, जहां दांत, चेहरा व बालों के इलाज के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा टूटे जबड़े, टेढ़े मेढे  दांत, कैंसर, कील मुँहासे, झुर्रिया, चेहरे के दाग ओर बालों की समसयाओ की इलाज की सुविधा उचित दर पर उपलब्ध हैं।

इस अवसर पर अल्हाज एम सिद्दीक, एम फिरदौस राही, डॉक्टर हमजा, डॉक्टर कौसर, डॉक्टर अजहर, डॉक्टर एच हयात, आरडी सिंह, मो फारूख, मो शकील अहमद, जैनुल आबेदीन,  कुतुबुददीन, मौलाना सलाहदीन, मो आरिफ, सबाना खातून, मौलाना सईद, मो मोशादिक, रिज़वाना खातून, सालेहा खातून सहित कई गणमान्य मौजूद थे।

जेसीआई रांची ने बच्चों और बुज़र्गो के साथ लेप्रोसी डे मनाया


जेसीआई राँची के महिला विंग ने लेप्रोसी डे मनाया । लेप्रोसी डे के आयोजन में महिला सदस्यों ने निवरणपुर स्तिथ निर्मला खूस्थ आश्रम में बुज़ुर्गो और बच्चों के बीच मनाया । सदस्यों ने बुज़र्गो और बच्चों को खाना और कपड़े दिए । कड़पे ओर खाना पा कर बच्चों के चेहरे में ख़ुशी चमक उठी । इस कार्यक्रम में जेसीआई राँची की महिला विंग को अध्यक्ष दीपा बंका, आशा मोदी , मनीषा सबू , जुली अग्रवाल , कंचन माहेश्वरी एवं जेसी राकेश जैन , गौरव माहेश्वरी , रॉबिन गुप्ता आदि उपस्तिथ थे ।

आमरण अनशन पर गृहरक्षक


चतरा जिला के गृह रक्षक रंजय सिन्हा जी आमरण अनशन पर अपने तीन अनशन कारी साथियों का समर्थन करते हुए आमरण अनशन पर आज से बैठ गए हैं।

सहाना अग्रवाल बनी चार्टर्ड एकाउंटेंट



रांची। दी इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंट्स के परिणाम घोषित हो चुके हैं। शहर के व्यापारी अजय अग्रवाल की सुपुत्री सहाना अग्रवाल ने 60. 63 % लाकर सीए की परीक्षा में उत्तीर्ण किया है। उनकी सबसे ज्यादा मार्क्स 83 % फाइनेंस में है। सहाना ने 10वी लॉरेटो कान्वेंट, 12वी दिल्ली पब्लिक स्कूल व ग्रेजुएशन संत ज़ेवियर कॉलेज से किया है। सहाना वर्तमान में एक कंपनी में इनवेस्टमेन्ट बैंकर के तौर पे मुंबई में कार्यरत है। सहाना ने बताया कि उनका बचपन से सपना था सीए बनने का। वह काम के साथ पढ़ाई भी करती थी। उन्होंने युवाओँ को संदेश दिया कि कोई काम ऐसा नही,  जो नही किया जा सकता। इंसान को लक्ष्य के प्रति हमेशा समर्पित रहना चाहिए। उन्होंने अपनी सफलता के लिए अपने  गुरु संजय सर्राफ, आर. के गाड़ोदिया, सीए विवेक शर्मा, समाजसेवी ओम प्रकाश अग्रवाल (दादा), अजय अग्रवाल (पिता), नीना अग्रवाल (माता) के प्रति आभार व्यक्त किया है।

झारखंड में उपभोक्ता जागरूकता की अद्यतन स्थिति पर रिपोर्ट पेश

* महज 20 फीसदी लोगों को ही उपभोक्ता कानून की जानकारी

                                                                     राकेश कुमार सिंह

रांची। झारखंड में उपभोक्ता कानूनों की जानकारी महज 20 से 25 प्रतिशत लोगों को ही है। इस संबंध में राज्य सरकार को उपभोक्ता संरक्षण परिषद की ओर से अद्यतन रिपोर्ट पेश की गई है। उपभोक्ता संरक्षण व अन्य संबंधित कानून के बारे में झारखंड के लोग कितने सजग हैं, यह जानने के लिए अलग-अलग प्रश्नावली ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए तैयार किया गया। इसका उत्तर सभी लोगों से जानने की कोशिश की गई। साथ ही साथ समस्या के समाधान के बारे में भी उन्हीं लोगों से पूछा गया। प्रश्नावली में पहला प्रश्न क्या आपको उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के बारे में पता है? दूसरा उपभोक्ता के न्याय दिलाने वाली उपभोक्ता फोरम शहर में कहां स्थित है? तीसरा प्रश्न आप अगर किसी वस्तु या सेवा से ठगे जाते हैं, तो क्या आप उपभोक्ता अदालतों में शिकायत करेंगे अगर नहीं तो क्यों? चौथा प्रश्न उपभोक्ता से संबंधित अलग-अलग कंट्रोलिंग  एजेंसी कौन कौन सी है? पांचवा प्रश्न उपभोक्ताओ संबंधित मुख्य समस्याएं कौन सी है?
और आखिरी सुझाव के रूप में उनसे पूछा गया कि उपभोक्ता संरक्षण व जागरूकता के प्रचार के रूप में मुख्य तरीका क्या होना चाहिए? इसके अलावा समयानुसार अन्य बातों पर भी चर्चा की गई। इन प्रश्नावली के उत्तर व अध्ययन में निम्नलिखित  पाया गया।
 1, मूलभूत आवश्यकता से संबंधित : इस  अधिकार अध्ययन में पाया गया मूलभूत आवश्यकता को सुनिश्चित करने के लिए सरकार के प्रयास से केवल 22% उपभोक्ता संतुष्ट पाए गए। वहीं , 53% उपभोक्ताओं  का मानना है कि मूलभूत आवश्यकता में खाद्य, स्वास्थ्य जन शिक्षा ,स्वच्छता, ऊर्जा, परिवहन और संचार जैसे उत्पादों पर सेवाओं को कवर करने के लिए बुनियादी जरूरतों के अधिकार को लागू किया जाना चाहिए । लगभग 78 %  इससे उपभोक्ता असंतुष्ट है।
2. सूचित करने का अधिकार एवं  कंज्यूमर प्रोटेक्शन रिलेटेड लॉस उपभोक्ता के अधिकार के लिए बनाए गए अलग अलग कानून जैसे पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट 2011, कंज्यूमर प्रोटक्शन एक्ट 1986 इत्यादि कानून के संबंध में जब उपभोक्ताओं से पूछा गया तो 61% उपभोक्ताओं को किसी भी कानून की  जानकारी नहीं है। मात्र 10% ऐसे लोग हैं, जिन्हें कानून की जानकारी है। 29% लोगों को थोड़ा बहुत जानकारी है।
3. निवारण का अधिकार  :  सामान्य तौर पर 75% लोग पहले बिक्रेता को शिकायत करते हैं। भुक्तभोगी उपभोक्ताओं के 93% लोग किसी भी फोरम में अपनी शिकायत नहीं रखते हैं। मात्र 7% लोग ही उपभोक्ता मंच से संपर्क करते हैं और उनमें 2% लोग उपभोक्ता अदालतों का दरवाजा खटखटाते  हैं।
4. शिकायत निवारण तंत्र के साथ संतोष  :  शिकायत करने वाले में 17% लोग पूर्णता संतुष्ट है ,53% लोग थोड़ा बहुत संतुष्ट है, 30% लोग पूर्णता असंतुष्ट हैं।
5. अधिकार के बारे:  जहां भारत में 42% लोगों को ही अपने अधिकारों की जानकारी हैं, वही झारखंड में मात्र 31% लोग ही उपभोक्ता के अधिकार के संबंध में जागरूक हैं।
नियामक प्राधिकरण के संबंध: इस संबंध में जानकारी हमारे राज्य और देश में अलग-अलग नियामक प्राधिकारी है। जैसे ईआरसी, ट्राई, एफएएसएसएआई,सेबी, आरबीआई, आईआरडीए  आदि। इन नियामक आयोगों के बारे में जब पूछा गया तो अधिकतर लोग आरबीआई और एफएसएसएसआई का ही नाम सुने थे। अन्य नियामक प्राधिकार के बारे में कोई भी जानकारी नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो कुछ लोग ही आरबीआई के बारे में जानते हैं और किसी भी प्रकार के आयोग के  बारे में उन्हें नहीं पता।
अध्ययन में यह स्पष्ट रूप से आया कि मात्र 20 से 25% लोग ही उपभोक्ता के अधिकार और कानून के संबंध में जागरूक है जब शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं के साथ साथ विद्यार्थियों से उपभोक्ता जागरूकता के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव मांगे गए तो ग्रामीण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सुझाव पहला आया कि  ग्राम सभा को माध्यम बनाकर उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाए। महिला मंडल या सखी मंडल को उपभोक्ता जागरूकता के प्रचार प्रसार के लिए उपयोग किया जा सकता है।
शहरी क्षेत्र के लिए जिला और राज्य स्तर पर कार्यशाला, उपभोक्ता जागरूकता यात्रा, शैक्षणिक संस्थाओं में संगोष्ठी, स्कूलों और कॉलेजों को उपभोक्ता जागरूकता का माध्यम बनाया जाए।
 ( लेखक झारखंड राज्य उपभोक्ता संरक्षण परिषद के सदस्य हैं )

सोमवार, 28 जनवरी 2019

एमजीएम और पीएमसीए के रिक्त पदों पर जल्द शुरू हो नियुक्ति प्रक्रियाः रघुवर दास



रांची।जमशेदपुर स्थित एमजीएम और धनबाद स्थित पीएमसीएच में मैन पावर बढ़ाने की दिशा में तेजी से कार्य करें। जो भी रिक्तियां हैं उसके एवज में भर्ती की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू की जाए। इसके अलावा प्रबंधन के काम से चिकित्सकों को अलग करे। प्रोफेशनल लोगों की भर्ती करें ताकि निजी अस्पतालों की तर्ज पर सरकारी अस्पतालों में भी प्रबंधन चले। चिकित्सक के राउंड के दौरान मरीज के साथ एक से अधिक अटेंडेंट ना हो। इसे भी कड़ाई से लागू किया जाए। व्यवस्था बनी रहेगी तो मरीजों को ही आसानी होगी। मरीजों के परिजनों के लिए कार्ड जारी करें ताकि बेवजह की भीड़ से बचा जा सके। उक्त निर्देश मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आज झारखण्ड मंत्रालय में एमजीएम और पीएमसीएच की समस्याओं से संबंधित बैठक में दिए.

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि सरकारी अस्पताल में गरीब इलाज कराने आते हैं। उनका इलाज भी सही तरीके से हो, ये हमारा लक्ष्य है। अस्पतालों को बेहतर बनाने में पैसे की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा।

बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री रामचन्द्र चंद्रवंशी, खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले के मंत्री श्री सरयू राय, मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री एपी सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री नितिन मदन कुलकर्णी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

नेतरहाट की तर्ज पर जल्द बनें आवासीय विद्यालयः रघुवर दास



रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आज झारखंड मंत्रालय में रांची के बेड़ो, चाईबासा के खूंटपानी और दुमका के मसलिया में नेतरहाट आवासीय विद्यालय की तर्ज पर प्रस्तावित आवासीय विद्यालय का प्रेजेंटेशन देखा। भवन निर्माण विभाग द्वारा बताया गया कि बेड़ो में 15 एकड़ में, खूटपानी में 36 एकड़ में और मसलिया में 25 एकड़ भूमि में आवासीय विद्यालय बनाया जाएगा। यहां कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई होगी। प्रत्येक कक्षा में 100-100 छात्र होंगे। बेड़ो में छात्राओं के लिए तथा खूंटपानी और मसलिया में छात्रों के लिए आवासीय विद्यालय बनाया जाएगा। कैंपस में ही आवासीय स्कूल के साथ साथ प्रशासनिक भवन, बच्चों तथा शिक्षकों के रहने के लिए हॉस्टल, खेल मैदान आदि की व्यवस्था रहेगी। कैंपस में ही किचन और डायनिंग हॉल, लाइब्रेरी, गेस्ट हाउस, इंडोर स्पोर्ट्स कंपलेक्स, हेल्थ सेंटर आदि भी रहेंगे।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस काम को यथाशीघ्र शुरू करने का निर्देश देते हुए कहा कि यहां दलित, आदिवासी व पिछड़े समाज के बच्चों को प्राथमिकता दें ताकि, उन्हें हम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मुख्यधारा में ला सके। यह विद्यालय इसी सामाजिक जिम्मेदारी को निभाने के लिए शुरू की जा रही है।

बैठक में मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, प्रधान सचिव शिक्षा विभाग  एपी सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल,  सचिव भवन निर्माण विभाग  सुनील कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...