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रविवार, 16 जून 2019

केंद्रीय मंत्री थावरचंद्र गहलौत से मिले सीएम रघुवर दास


मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. थावरचंद्र गलहौत से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में झारखण्ड नए भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभा रहा है। आपके सहयोग से हम लक्ष्य प्राप्ति की ओर और तेजी से बढ़ेंगे।

नितिन गडकरी से मिले सीएम रघुवर दास


मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। मुलाकात के क्रम में मुख्यमंत्री ने श्री गडकरी को झारखण्ड में चल रही सड़क निर्माण की विभिन्न परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया।

शनिवार, 15 जून 2019

साजिशकर्ताओं का चेहरा बेनकाब करने की जरूरत



बिरसा मूर्ति प्रकरण


देवेंद्र गौतम
बिरसा मुंडा की मूर्ति तोड़े जाने के विरोध में 15 संगठनों द्वारा आहुत रांची बंद ज्यादा असरदार नहीं हो सका। यह पुलिस प्रशासन की चौकसी का नतीजा था अथवा आदिवासी संगठनों की जनता पर कमजोर होती पकड़ का सूचक, चिंतन का विषय है। इतना निश्चित हो गया कि झारखंड के लोग चुनाव की पूर्व बेला में इस तरह की हरकतों का मतलब समझने लगे हैं। यह वोटों के ध्रुवीकरण की बहुत पुरानी तकनीक है जो पूरी तरह घिस-पिट चुकी है। 90 के दशक का उन्माद 2019 में नहीं भड़क पाता। लोकसभा चुनाव के पूर्व भी सांप्रदायिक दंगे कराने की भरपूर कोशिश की गई थी लेकिन सफलता नहीं मिली। कुछ समय के लिए तनाव उत्पन्न हुए लेकिन विकराल रूप धारण नहीं कर सके। बिरसा मूर्ति प्रकरण में भी षड़यंत्रकारियों के मंसूबे पूरे नहीं हो सके। सरकार की पहल पर मूर्ति के टूटे हुए हिस्से की मरम्मत करा ली गई। राज्य सरकार ने वहां कांस्य मूर्ति स्थापित करने की घोषणा की। कहीं न कहीं यह भी जख्मों पर मरहम का काम कर गया।
इसमें कोई संदेह नहीं कि यह राजनीतिक उद्देश्यों से रची गई एक साजिश थी। कुछ माह बाद विधानसभा चुनाव होने हैं और लोकसभा चुनाव से यह साफ हो गया कि अब जाति, घर्म, क्षेत्र, नस्ल आदि की दीवारें ढह चुकी हैं। वोट बैंक जैसी कोई चीज शेष नहीं बची है। फिर भी यह स्पष्ट है कि बिरसा की मूर्ति तोड़ने के पीछे आदिवासियों को भड़काने और उनका वोट साधने की मंशा थी। बिरसा को राष्ट्रनायक से जातिनायक बनाने की कोशिश, जो विफल हो गई। बिरसा मुंडा स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे महानायक हैं जिनके प्रति देश के उन हिस्सों के लोगों के मन में भी श्रद्धा और आदर का भाव है जिनका झारखंड से अथवा आदिवासी समाज से कोई सरोकार नहीं रहा है।
बहरहाल इस घटना को किन लोगों ने अंजाम दिया इसकी गहन जांच होनी चाहिए। कानूनी कार्रवाई तो होनी ही चाहे लेकिन देशवासियों के समक्ष उनका चेहरा बेनकाब किया जाना चाहिए ताकि इस तरह की हरकतें करने वालों को सबक मिले।

20 वें कारगिल विजय दिवस की जोरदार तैयारी




नई दिल्ली। देश गौरवप्रतिष्‍ठा और प्रेरणा के साथ 'ऑपरेशन विजयजिसे 'कारगिल युद्धके रूप में भी जाना जाता हैउसकी इस वर्ष 20वीं वर्षगांठ मना रहा है।
कारगिल युद्ध को हमेशा रणनीतिक और सुनियोजित तरीके से अचंभे में डाल देने वाली घटनाखुद पर संयम रखकर युद्ध को कारगिल-सियाचिन क्षेत्रों तक सीमित रखने तथा तीनों सेनाओं की रणनीति और योजनाओं को तेजी से निष्‍पादित करने के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। कारगिल युद्ध हमेशा संकल्‍प और बहादुर जवानों के साहस के लिए भी याद रखा जाएगा।     
इस वर्ष 'ऑपरेशन विजयकी 20वीं वर्षगांठ 'स्‍मरणआनन्‍द और दोहरानेकी विषय वस्‍तु के साथ मनाई जा रही है। हम अपने शहीदों के बलिदान को याद करके और उनके गौरव को मन में बैठाकर कारगिल में विजय का जश्‍न मनाते हैं तथा अपने इस प्रण को दोहराते हैं कि तिरंगे की रक्षा करते हुए उसकी शान हमेशा बनाए रखेंगे।
इन समारोहों का उद्देश्‍य विशेषकर युवाओं के बीच देशव्‍यापी अभियानों के जरिए राष्‍ट्रवाद और देशभक्ति की भावना को ताजा करने और अपने बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करना है। सभी कार्यक्रमों को हमारे बहादुर जवानों के पराक्रम की गाथाओं को सुर्खियों में लाकर तैयार किया जा रहा हैजो देश के युवाओं को प्रेरित करेगा।
इस वर्ष कारगिल विजय दिवस समारोह 25-27 जुलाई, 2019 तक मनाया जाएगा और इसका आयोजन द्रास तथा नई दिल्‍ली में किया जाएगा। तथापि मुख्‍य घटना के लिए अनेक कार्यक्रम देश भर में जुलाई के पहले सप्‍ताह में आयोजित किए जाएंगे।
आयोजित कार्यक्रमों में कारगिल युद्ध में भाग लेने वाली यूनिटों के अभियान शामिल हैंजिनका आयोजन ऊंचाई वाले स्‍थानों जैसे तोलोलिंगटाइगर हिलप्‍वाइंट 4875 जैसे उनके सम्‍बद्ध युद्ध क्षेत्र में होगा। जुलाई 2019 में आयोजित कार्यक्रमों में देश के विभिन्‍न राज्‍यों और संघ शासित प्रदेशों के एनसीसी कैडिटों के लिए एक विशेष राष्‍ट्रीय एकता शिविर का आयोजन शामिल है। यह अनोखा कार्यक्रम लेह में 12 दिन चलेगा। लद्दाख क्षेत्र में स्‍कूली बच्‍चों के लिए निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।
लद्दाख के लोगों के लिए कारगिल विजय दिवस एक विशेष अवसर है। लद्दाख के लोग 'एक दौड़ शहीदों के नाम' में भाग लेंगेजिसमें क्षेत्र के सुदूरवर्ती इलाकों के नागरिकलद्दाख के सुदूरवर्ती गांवों के बहादुर सेवानिवृत्‍त योद्धा शामिल होंगे। अन्‍य कार्यक्रमों के अलावा स्‍थानीय आबादी के लिए पोलो और तीरंदाजी जैसे खेल और प्रतिस्‍पर्धाएं आयोजित की गई हैं। लद्दाख क्षेत्र में 11500 फुट की ऊंचाई पर स्थित एनडीएस मेमोरियल स्‍टेडियम में टी-20 क्रिकेट चैंपियनशिप का आयोजन किया गया है। इसका उद्देश्‍य क्षेत्र में क्रिकेट खेलने वाली युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना है। इस टूर्नामेंट में भारतीय सेनाभारतीय वायुसेनाआईटीबीपी और समूचे लद्दाख क्षेत्र के स्‍थानीय क्‍लबों की टीमों को देखने का अवसर मिलेगा।
कारगिल विजय दिवस (26 जुलाई, 2019) के अवसर पर ऑपरेशन विजय के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले बहादुरों के सम्‍मान में द्रास में कारगिल वार मेमोरियल में पुष्‍पांजलि स्‍मारक समारोह आयोजित  किया जाएगा।
राष्‍ट्रीय राजधानी में राष्‍ट्रीय युद्ध स्‍मारक से विजय मशाल प्रज्‍ज्‍वलित करने के साथ समारोहों की शुरूआत 14 जुलाई को होगी जो 19 जुलाई तक चलेंगे। यह मशाल 11 कस्‍बों और शहरों से गुजरते हुए अंत में द्रास पहुंचेगीजहां यह कारगिल वार मेमोरियल में निरंतर जल रही मशाल में मिल जाएगी। मशाल ले जाने वाला दल शैक्षणिक और देश भक्ति संबंधी चर्चाएं करेगा और विभिन्‍न शैक्षणिक संस्‍थानों में जानी-मानी हस्तियों और छात्रों से बातचीत करेगा। नई दिल्‍ली स्थित मानेकशॉ केन्‍द्र में 'स्‍मरणोत्‍सवका आयोजन किया जा रहा हैजहां सेवानिवृत्‍त योद्धाओं और वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ चर्चा होगी। इसके बाद 27 जुलाई, 2019 को इंदिरा गांधी इंडोर स्‍टेडियम में एक सांस्‍कृतिक कार्यक्रम 'कारगिल विजय दिवस इवनिंगका आयोजन होगाजिसमें अनेक गणमान्‍य व्‍यक्ति शामिल होंगे।  


सीएम.के.प्रधान सचिव सुनील वर्णवाल ने सभी जिलों के उपायुक्तों से किया संवाद


वीडियो कांफ्रेंसिंग कर जनसंपर्क कार्यों की समीक्षा की


रांची। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने कहा कि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर पूरे राज्य में कार्यक्रम आय़ोजित होना है. यह इस सप्ताह की सबसे प्राइम एक्टिविटीज है. अतः इसके सफल आयोजन को लेकर किसी तरह की कोई कोताही नहीं बरती जानी चाहिए. राज्यवासियों को योगा कार्यक्रम से जोड़ने और इसके प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न साधनों का वृहत स्तर पर इस्तेमाल किया जाए. डॉ वर्णवाल आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के उपायुक्तों औऱ जिला जनसंपर्क पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए योग दिवस को लेकर चल रही तैयारियों की समीक्षा के दौरान ये बातें कहीं.

मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने कहा कि रांची के प्रभात तारा मैदान में आयोजित होनेवाले मुख्य कार्यक्रम में जहां प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के साथ लोग योग कर सकेंगे, वहीं सभी पंचायतों, प्रखंडों और जिलास्तर पर भी योग दिवस कार्यक्रम होना है. उन्होंने जिलों के उपायुक्तों को कहा कि योग दिवस कार्यक्रम को लेकर जिला प्रखण्ड और पंचायत स्तर में होर्डिंग्स, फ्लैक्स और बैनर लगवाना सुनिश्चित करें. इसके साथ रन फॉर योग, सेमिनार, कार्यशाला समेत अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएं. ये सारी गतिविधियां पंचायत स्तर पर भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि पूरे राज्य में योग का मुक़म्मल माहौल बनाया जा सके.

*योग दिवस के पूर्व तीन दिनों तक योगा का प्रशिक्षण कार्यक्रम आय़ोजित किए जाएं*
डॉ वर्णवाल ने जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिया कि योगा दिवस कार्यक्रम की सारी तैयारियां समय पूर्व पूरी कर ली जानी चाहिए. योग दिवस के पूर्व तीन दिनों तक योगा का प्रशिक्षण कार्यक्रम आय़ोजित किए जाएं.

*संगठनों का लें सहयोग, सोशल मीडिया पर करें प्रचार-प्रसार*
डॉ वर्णवाल ने सभी जिलों के उपायुक्त को कहा कि योग दिवस पर आय़ोजित होनेवाल कार्यक्रम को लेकर स्वैच्छिक संगठनों, चैंबर आफ कामर्स, नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस), सेल्फ हेल्प ग्रुप आदि का पूरा सहयोग लें. उनके जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को योग दिवस पर होनेवाले कार्यक्रम से जोड़ा जाए. इसके साथ ही होनेवाले कार्यक्रमों को सोशल मीडिया- फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम औऱ व्हाट्स एप्प ग्रुप के माध्यम से प्रचारित-प्रसारित करें. डॉ वर्णवाल ने कहा कि योग का संदेश घर-घर तक पहुंचना चाहिए, इसी मकसद को ध्यान में उपायुक्त सभी आवश्यक पहल करें.

*मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का डिस्प्ले सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में लगाएं*
डॉ वर्णवाल ने जिलों के उपायुक्तों और जिला जनसंपर्क पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री सुकुन्या योजना से जुड़ी डिस्प्ले, होर्डिंग्स को स्कूल-क़ालेज, आंगनबाड़ी केंद्रों, आदि में अनिवार्य रुप से लगाने को कहा. उन्होंने कहा कि स्कूलों के प्रधानाचार्यों को मुख्यमंत्री सुकुन्या य़ोजना की पूरी जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को इस योजना के संदर्भ में पूरी जानकारी दें सकें, ताकि वे उसका लाभ ले सकें.

*24 जून को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लेकर सभी जिलों में होंगे वृहत कार्यक्रम*
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सरकार की प्राथमिकता है. इन योजनाओं का किसानों को लाभ देने के लिए सरकार द्वारा कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने जिलौं के उपायुक्तों को कहा कि 24 जून को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लेकर सभी जिलों में वृहत कार्यक्रम आय़ोजित किए जाएं. इस मौके पर किसानों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रथम व दूसरी किस्त की राशि भेजने की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है. उन्होंने उपायुक्तों को कहा कि इन दोनों योजनाओं का भी वृहत प्रचार-प्रचार किया जाना चाहिए, ताकि सभी किसानों को इसकी पूरी जानकारी मिल सके.

*प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना को लेकर लगाएं शिविर*
डॉ वर्णवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है. इसके अंतर्गत असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को 60 साल की उम्र के बाद 3 हजार रुपए की पेंशन दी जाएगी. अतः इस योजना से ज्यादा से ज्यादा असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को जोड़ने के लिए शिविर लगाए जाएं. इस योजना का भी व्यापक प्रचार-प्रचार किए जाने को लेकर उन्होंने जिलों के उपायुक्तों को भी कई निर्देश दिए.

*बीडीओ, सीओ अन्य अधिकारियों के साथ डीसी करें सीधी बात*
डॉ वर्णवाल ने सभी जिलों के उपायुक्तों को प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचलाधिकारियों व जिलों के अन्य अधिकारियों के साथ सीधी बात करने को कहा. उन्होंने कहा कि इससे जनसमस्याओं को जिला स्तर पर दूर करने में सहूलियत हो जाएगी. उन्होंने सभी प्रखंडों से वीडिय़ो कांफ्रेंसिंग के लिए आवश्यक सुविधाएं एक सप्ताह में बहाल करने का भी निर्देश दिया. इसके अलावा ई-मुलाकात अप्लीकेशन का इस्तेमाल करने के कहा.

*सोलर लाइट आधारित पाइप लाइन से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करें*
डॉ वर्णवाल ने सभी उपायुक्तों को कहा कि राज्य के आदिम जनजाति बाहुल्य तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति बाहुल्य गांव में सोलर लाइट आधारित पाइप लाइन से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता में है. इसके लिए 14 वें वित्त आय़ोग द्वारा राशि उपलब्ध कराई गई है. इसके साथ सीएसआर, डीएमएफ औऱ विधायक फंड का भी इस्तेमाल किया जाना है. उपाय़ुक्तों को उन्होंने कहा कि वे टोलों को चिन्हित कर वहां पेय़जल आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करें. इसके अलावा पंचायतों में स्ट्रीट एलईडी लाइट लगाने और गांवों में पेभर ब्लॉक के पथ बनाने के कार्य में भी तेजी लाएं. इन सभी कार्यों का व्यापक प्रचार प्रसार सुनिश्चित करें।

*टेलीकांफ्रेंसिगं के इस्तेमाल पर जोर*
डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने जिलों के उपायुक्तों को कहा कि लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए टेलीक्रांफ्रेंसिंग का इस्तेमाल किया जाए. जिस दिन टेलीकांफ्रेसिंग होना है उसकी पूर्व जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से लोगों को दी जाए, ताकि वे अपनी समस्याओं को टेलीकांफ्रेसिंग के दौरान रख सकें. उन्होंने यह भी कहा कि टेलीकांफ्रेंसिंग के दौरान लोगों द्वारा पूछे गए सवाल और अधिकारियों के जवाब का भी ब्योरा प्रकाशित किया जाए, ताकि वैसे लोग जो टेलीकांफ्रेंसिग में अपनी समस्या नहीं रख सके हैं औऱ किसी अन्य व्यक्ति ने उसे टेलीकांफ्रेंसिंग में उसे रखा है और उसका अधिकारी द्वारा जो निदान बताया गया है उसे वह जान सके. उन्होंने उपायुक्तों को कहा कि टेलीकांफ्रेसिंग के लिए अधिकारियों की रोस्टर तैयार कर लें, ताकि नियत दिन और समय पर वे लोगों की समस्याओं को टेलिकांफ्रेंसिंग के दौरान सुनने के लिए उपलब्ध रहें.

*वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक श्री रामलखन प्रसाद गुप्ता, सभी जिलों के उपायुक्त, विभाग के उप सचिव के अलावा सभी उपनिदेशक, सहायक निदेशक और सभी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी मौजूद थे.

नीति आयोग की 5 वीं कार्यकारिणी की बैठक में शामिल हुए सीएम रघुवर दास



नई दिल्ली। झारखंड के कुल 24 जिलों में 19 जिलों का चयन आकांक्षी जिलों के तौर पर किया गया है। झारखंड में इन आकांक्षी जिलों में 16 नक्सल प्रभावित जिले हैं। इन जिलों के विकास के लिए केंद्र विशेष सहायता मुहैया कराता है। केंद्र के सहयोग से ऐसे जिलों में पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। राज्य सरकार ने भी आदिवासी बहुल जिलों खूंटी, साहेबगंज, सिमडेगा, गुमला, पश्चिमी सिंहभूम और पाकुड़ में विकास के लिए विशेष योजना संचालित करने का काम किया है। राज्य इन जिलों के विकास के लिए लगभग 150 करोड़ रुपए खर्च कर लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने का काम किया है। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने नीति नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की 5वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में कही।

*मौजूदा स्थिति में जल संकट बड़ी चुनौती*
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में औसतन सालाना एक 1300 मिलीमीटर वर्षा होती है। लेकिन पिछले कुछ सालों से कई जिलों में सूखे की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस साल भी सामान्य से कम 50 फ़ीसदी कम बारिश हुई है। सूखे की समस्या को देखते हुए सरकार किसानों को कम पानी वाले फसलों को उगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। शहरी क्षेत्रों में पानी के संचयन के लिए वर्ष 2017 में रेनवाटर हार्वेस्टिंग अधिनियम लागू किया गया।

*नक्सलवाद ले रहा है अंतिम सांसे*
नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के 21 जिले नक्सल प्रभावित थे। इसमें 13 जिले अति नक्सल वाद से ग्रस्त थे। आज यह संख्या घटकर बहुत कम रह गई है। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने पुलिस बलों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ थानों की संख्या में भी बढ़ोतरी की है। पहले थानों की संख्या 408 थी, जो अब बढ़ कर 547 हो गई है। साथ ही नक्सलियों से लड़ने के लिए एक विशेष बल जगुआर का गठन किया गया है। इसके अतिरिक्त 40 बटालियन आज नक्सल विरोधी अभियान में जुटे हैं। इस बटालियन के पास आधुनिक हथियार के साथ उच्च प्रशिक्षित पुलिस बल कार्यरत है। आने वाले दिनों में नक्सलवाद झारखंड से पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा।

*बिंदुवार रखा अपना पक्ष*
*बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में हुए कृषि सुधार, वर्षा जल संरक्षण, आकांक्षी जिला कार्यक्रम, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, आंतरिक सुरक्षा सुखाड़ एवं राहत समेत अन्य विषयों पर अपना पक्ष रखा।*

 *मुख्यमंत्री ने फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना समेत अन्य विषयों पर राज्य में हो रही गतिविधि से नीति आयोग को अवगत कराया। झारखण्ड की ओर से राज्य के मुख्य सचिव डॉ डी के तिवारी भी उपस्थित थे।

इंद्रप्रस्थ पेट्रोल पंप में दोपहिया वाहनों को मुफ्त ल्यूब्रिकेंट चेंज की सुविधा




रांची। राजधानी राँची में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के स्थानीय इंद्रप्रस्थ पेट्रोल पम्प में सर्वो द्वारा स्वचालित मशीन का उद्घाटन इंडियन ऑयल बिहार झारखंड राज्य कार्यालय से आये मणि भूषण ,महाप्रबंधक (ल्यूब्स ) द्वारा  किया गया , इस स्वचालित मशीन के द्वारा दो पहिया वाहन के  ल्यूब्रिकेंट चेंज की सुविधा दी गयी है

मौक़े पर मणि भूषण ,महाप्रबंधक (ल्यूब्स ) द्वारा ये घोषणा दी गयी की जो भी ग्राहक सर्वो (SERVO) 4T की ख़रीदारी करेंगे , उन्हें १/२ (हाफ़ )लीटर एक्स्ट्रा प्रिमियम पेट्रोल मुफ़्त मिलेगा , इसके साथ ही स्वचालित मशीन द्वारा दो पहिया वाहन हेतु निः शुल्क ल्यूब्रिकेंट चेंज की सुविधा दी जाएगी।

ग्राहक से बात करते हुए पेट्रोल पम्प संचालक सुरेन्द्र कुमार राय ने (SERVO) 4T के फ़ायदे भी बताये गये और  यह जानकारी दी की मशीन द्वारा मोबिल बदलने से पुराना जला हुआ मोबिल पूरी तरह बाहर निकल जाता है जो गाड़ी और इंजन लाइफ़ बढता है।

इस कार्यक्रम में वरीय प्रबंधक  (ल्यूब्स) राजेश कुमार , फ़ील्ड अफ़सर आदित्य सोमरन तिग्गा , पम्प संचाला सुरेन्द्र कुमार राय , प्रशांत गौरव , हिमांशु युवराज, पम्प कर्मी रवि रंजन , संजीत , आशा , सीमा , विजय लकड़ा एवं सम्मानित ग्राहकगण मोजूद थे।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...