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शनिवार, 22 जून 2019

टैक्सटाइल एक्सपो -2019 के सफल आयोजन के लिए बैठक

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 दो सौ से भी ज्यादा सदस्य आयोजन को सफल बनाने में लगे


रांची। झारखंड थोक वस्त्र विक्रेता संघ के सानिध्य में आगामी 7 से 10 जुलाई 2019 तक स्थानीय मोरहाबादी मैदान में टेक्सटाइल एक्सपो- 2019 का आयोजन किया जाएगा थोक विक्रेता संघ के अध्यक्ष अनिल जालान की अध्यक्षता में संघ भवन के कार्यालय में कार्यकारिणी व उप समितियों सहित पूर्व अध्यक्षों की उपस्थिति में टैक्सटाइल एक्सपो-2019 के सफल आयोजन की सफलता के लिए बैठक बुलाई गई । उपरोक्त बैठक में संघ के सचिव विक्रम खेतावत ने टैक्सटाइल एक्सपो- 2019 की तैयारी की विशेष जानकारी सदस्यों को कराई एक्सपो- 2019 के चेयरमैन प्रवीण लोहिया ने बताया कि टैक्सटाइल एक्सपो -2019 के लिए बाहर से  आने वाले टेक्सटाइल उद्योग कंपनियों का काफी सराहनीय सहयोग  एक्सपो में प्राप्त हो रहा है ।
150 से भी ज्यादा ब्रांडेड कंपनियों का  टेक्सटाइल्स एक्सपो में आगमन होगा ।
 उन सबों के द्वारा स्टॉल की बुकिंग की जा  चुकी है ।
हम झारखंड ,उड़ीसा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश ,बंगाल व बिहार के व्यापारियों को निमंत्रण पत्र भेजकर टैक्सटाइल एक्सपो- 2019 में आने का आग्रह कर रहे हैं।
 इस कार्य के लिए संघ के कई सदस्यों के द्वारा अलग अलग टीम बनाकर सभी राज्यों सहित झारखंड  के सभी जिलों में व्यापारियों के पास जाकर उनसे मिलकर टेक्सटाइल्स एक्सपो - 2019 में आने का आग्रह किया जा रहा है
एक्सपो का लाभ निसंदेह टेक्सटाइल विक्रेताओं को जरूर मिलेगा
एक ही छत के नीचे भारत के सभी राज्यों के उत्पादकों के उत्पादन की खरीद कम मूल्य पर अच्छी क्वालिटी के साथ कपडे व रेडीमेड के खुदरा ब्यापारी कर सकेंगे ।
इसके अलावा बैठक में सभी लोगों ने अपने- अपने सुझाव रखे ।जिससे एक्सपो -2019 की सफलता में सभी लोगों की समान भागीदारी बन सके चेयरमैन प्रवीण लोहिया ने बताया कि तैयारी चल रही है 3000 से भी ज्यादा व्यापारियों के आगमन की सूचना है सभी व्यापारियों को बढ़िया से बढ़िया सुविधा देने का हमारा कर्तव्य बनता है रांची के सभी सदस्य अपने अपने व्यापारियों को निमंत्रण भेज उनसे आने का अनुरोध कर रहे हैं ।
2017 में प्रथम बार लगाए गए एक्सपो  से झारखंड में बाहर से आए टेक्सटाइल उद्योगों ने यहां निवेश कर उद्योग लगाए हैं जिसका लाभ पड़ोसी सीमावर्ती राज्यों के जिलों को भी मिल रहा है ।
 झारखंड की अच्छी टेक्सटाइल उद्योग नीति का लाभ बाहर  से आ रहे उद्योग जगत को जरूर होगा
जिससे हमारे झारखंड में रोजगार टेक्सटाइल  के बढेगे एवं हम कम मूल्य पर  अच्छी क्वालिटी के कपड़ों का व्यापार कर ग्राहकों को संतुष्ट कर सकेंगे
मीडिया प्रभारी प्रमोद सारस्वत ने बताया कि ज्यादा से ज्यादा व्यापारी एक्सपो का लाभ प्राप्त कर सकें
 इसके लिए कार्ड वितरण, आमंत्रण , वाट्सप ,ईमेल,व मोबाइल मैसेज द्वारा हमारे सदस्य अपने अपने ब्यापारियों को सूचना भेज रहे हैं,।
हमें उम्मीद है  कि ज्यादा से ज्यादा व्यापारी एक्सपो में आकर  टैक्सटाइल एक्सपो 2019 का लाभ जरूर उठाएंगे
 उपरोक्त बैठक में अध्यक्ष अनिल जालान सचिव विखरं खेतावत व चेयरमैन प्रवीण लोहिया ,मीडिया प्रभारी प्रमोद सारस्वत, उपाध्यक्ष अनूप लाखोटिया, कोषाध्यक्ष महेश बजाज , पूर्व अध्यक्ष अजय बथवाल कार्यकारिणी सदस्य अमरचंद बेगानी,संजय अग्रवाल,मनमोहन मोहता,विनय मिढा विपुल जैन  हैप्पी किंगर  ,उमा शंकर कानोडिया ,सौरव  कटारूका ,बिमल जैन, सहित काफी संख्या में सदस्य मौजूद थे

राज्य के वन घनत्व और क्षेत्रफल में हुआ विस्तार, 33% के राष्ट्रीय औसत से अधिक

-★ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का सकारात्मक प्रभावः रघुवर दास


रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य में पिछले 4 वर्षों में वन क्षेत्र में लगभग साढे तीन प्रतिशत की वृद्धि हुई है. यह बड़ी उपलब्धि है। राज्य के वन घनत्व और क्षेत्रफल में विस्तार हुआ है। झारखण्ड में वन क्षेत्र 33% के राष्ट्रीय औसत से अधिक हुआ। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का यह सकारात्मक प्रभाव है। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित राज्य 20 सूत्री समिति की बैठक को संबोधित करते हुए कहीं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन क्षेत्रों में निरंतर वृद्धि होना झारखंड वासियों के लिए बड़ी उपलब्धि है. जिस प्रकार देश में सिकुड़ते वन क्षेत्र और राज्य के वन क्षेत्रों में कमी आई थी वह चिंता का विषय था. परंतु पिछले साढ़े चार वर्षों के सरकार और जनता के प्रयास से वन क्षेत्रों में हुई वृद्धि की रिपोर्ट अच्छी ख़बर लेकर आई है.

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना बनी सहायक
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि अच्छी बात यह है कि राज्य के वृक्ष क्षेत्र तथा सघन वन क्षेत्र में 214 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की कई योजनाएं और खासकर प्रधानमंत्री उज्जवला योजना ने झारखंड के वन सरंक्षण में अहम भूमिका निभाई है. केंद्र सरकार की उज्जवला योजना के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी गैस चूल्हों का उपयोग बढ़ा है जिसके फलस्वरूप जलावन की लकड़ी के लिए जंगल को क्षति पहुंचना कम हुआ है.

पर्यावरण संतुलन की दिशा में सरकार ने की है सकारात्मक पहल
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य में वृक्षारोपण के लिए व्यापक अभियान पिछले 4 वर्षों में चलाया गया। पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए "मुख्यमंत्री जन वन योजना" चलाई गई है. इस योजना के लागू होने से पर्यावरण की दिशा में सकारात्मक परिणाम दिखे हैं. मुख्यमंत्री जन वन योजना के अंतर्गत वनाच्छादित क्षेत्रों को बढ़ाने की दिशा में बेहतरीन प्रयास हो रहे हैं. निजी भूमि पर भी वृक्षारोपण को बढ़ावा देकर किसानों की आय के साधन में वृद्धि के साथ-साथ राज्य के वन क्षेत्रों से दबाव को कम किया गया है.

मनोहरपुर के डीएसपी विमलेश त्रिपाठी ने योग के प्रति किया जागरूक




चक्रधरपुर। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर स्थानीय जिला प्रशासन के तत्वावधान में आहूत  योग शिविर में मनोहरपुर के पुलिस उपाधीक्षक विमलेश त्रिपाठी ने दीप प्रज्वलित कर योग शिविर का उद्घान किया। तत्पश्चात योग शिविर में स्वयं भी शामिल हुए। श्री त्रिपाठी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज योग की आवश्यकता को लोगों ने समझा और इसे अपनाया है। " योग भगाए रोग " को आधार बनाकर लोग इससे जुडे रहे हैं। श्री त्रिपाठी ने कहा कि आजकल लोग योग के प्रति जागरूक हो चुके हैं और योग को स्वस्थ रहने का सशक्त माध्यम माना है। इसलिए हमसब को  योग को अपने दैनिक दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। इस अवसर पर जितेन्द्र कुमार पांडेय सहित काफी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी व अन्य लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री सीधी बात कार्यक्रम की समीक्षा बैठक


उपायुक्त ने प्रगति प्रतिवेदन सौंपने का दिया निर्देश


विनय मिश्रा
 चाईबासा : जिला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त अरवा राजकमल के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री सीधी बात कार्यक्रम से संबंधित एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में अपर उपायुक्त  इंदु गुप्ता, जनसंवाद के नोडल पदाधिकारी-सह- जिला आपूर्ति पदाधिकारी  सुरेंद्र कुमार, सदर अनुमंडल पदाधिकारी  परितोष कुमार ठाकुर एवं संबंधित विभाग के पदाधिकारी शामिल रहे।
बैठक में आगामी 25 जून को आयोजित होने वाली मुख्यमंत्री सीधी बात कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनसंवाद केंद्र में दर्ज शिकायतों की समीक्षा की जानी है। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री जन संवाद केंद्र में दर्ज होने वाली समस्याओं की साप्ताहिक समीक्षा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सह सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव द्वारा की जाती है। प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को मुख्यमंत्री जन संवाद केंद्र के अंतर्गत 'सीधी बात' कार्यक्रम सूचना भवन, रांची स्थित सभागार में आयोजित होता है। सीधी बात कार्यक्रम में फरियादियों की समस्या का निराकरण मुख्यमंत्री द्वारा किया जाता है। मुख्यमंत्री जन संवाद केंद्र के तहत अपनी शिकायत दर्ज करने के कई माध्यम है। जिसमें ऑनलाइन पोर्टल, 181 डायल करके अथवा सूचना एवं जन संपर्क कार्यालय, पश्चिमी सिंहभूम, चाइबासा मे जिला शिकायत समन्वयक के पास अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं।
उक्त कार्यक्रम के आलोक में जिले में आयोजित बैठक में जनसंवाद केंद्र में दर्ज 40 मामलों की समीक्षा के दौरान संबंधित विभाग के पदाधिकारियों से समस्या के निराकरण हेतु किए गए कार्यों का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।
सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि दर्ज शिकायतों का जल्द से जल्द निपटारा कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।

चक्रधरपुर रेल मंडल में बेहतर सुविधाएं मुहैया कराना लक्ष्य : मनीष पाठक



विनय मिश्र
चक्रधरपुर  रेल मंडल के नए डी सी एम मनीष पाठक के योगदान देने के बाद चक्रधरपुर रेल डीवीजन के कुल 78 रेलवे स्टेशन के साथ साथ कुल 373 किलोमीटर क्षेत्र में अवस्थित रेल मंडल की बेहतर ढंग से सुधि ली जा रही है। रेल मंत्रालय के दिशा निर्देश के अनुरूप रेलवे स्टेशनों की बेहतर साफ सफाई ,ट्रेनों के शौचालयों की स्वच्छता सहित बेहतर यात्री सुविधाओं के लिए कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके लिए 100 दिन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।  सीनियर डी सी एम श्री पाठक का कहना है कि  इस लक्ष्य में स्टेशनों का निरीक्षण ,टिकटों की नियमित जांच ,यात्रियों की सुविधा ,फुटप्लाजा, स्टोर के निरीक्षण होगें। चक्रधरपुर रेल मंडल यात्रियों को बेहतर सुविधा सहजता से दिलाने के लिए सीनियर डी सी एम श्री पाठक कटिबद्ध हैं। विदित हो कि चक्रधरपुर रेेल मंडल आसनबनी से लेकर झाड़सुगड़ा तक समाहित है। नये डीसीएम मनीष पाठक के आने से चक्रधरपुर रेल मंडल के रेलकर्मियों और इस क्षेत्र के रेलयात्रियों के बीच उत्साह का माहौल है। श्री पाठक अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली से इस क्षेत्र के रेलयात्रियों सहित रेलकर्मियों के बीच एक अलग पहचान बनाने में सफल होंगे, ऐसी उम्मीद की जा रही है।

शुक्रवार, 21 जून 2019

नगर निकायों को सक्षम और स्वतंत्र बनाएः मुख्य सचिव


10 करोड़ का दायरा बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये तक की योजनाओं के क्रियान्वयन का जिम्मा नगर निगम को दें

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के सफल क्रियान्वयन को लेकर राज्यस्तरीय स्वीकृति एवं अनुश्रवण समिति की बैठक



रांची। मुख्य सचिव ने नगर निकायों को अपने मूल काम के लिए जवाबदेह बनाने के लिए उन्हें सक्षम और स्वतंत्र बनाने का निर्देश नगर विकास एवं आवास विभाग को दिया है। उन्होंने कहा कि निकाय सरकार की तरह अपनी नीति व विकास की योजनाएं बनाएं, राजस्व संग्रहण करें और बजट आदि निर्माण के लिए जवाबदेह बनें, इसके लिए उन्हें सक्षम और स्वतंत्र बनाने की जरूरत है। इसके मद्देनजर नगर निगम द्वारा 10 करोड़ तक की योजना का दायरा बढ़ाकर 50 करोड़ तक की योजना के चयन और क्रियान्वयन की स्वतंत्रता देने का भी निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि छोटी-छोटी चीजों के लिए निगम को सरकार पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और कार्य में तेजी भी आएगी। मुख्य सचिव झारखंड मंत्रालय स्थित अपने सभाकक्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के सफल क्रियान्वयन के लिए अपनी अध्यक्षता में राज्यस्तरीय स्वीकृति एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में बोल रहे थे। इस दौरान नगर विकास विभाग के कई प्रस्तावों को अनुमोदित भी किया गया।

निकाय कर्मियों के ताबादला से बचें
मुख्य सचिव ने नगर निकायों के अधिकारियों और कर्मियों के तबादला से लांग टर्म प्लानिंग के क्रियान्वयन में होनेवाले व्यवधान को देखते हुए उनका तबादला नहीं करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि निकाय के चप्पे-चप्पे से वाकिफ लोग रहेंगे और जरूरत के अनुसार योजना बनाने, उसका क्रियान्वयन करने के साथ त्वरित समस्या समाधान में भी सहूलियते होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं होना चाहिए कि नाकाबिल या कामचोर लोग एक जगह कुंडली मारे बैठे रहे। ऐसे लोगों को तबादला की जगह हटाने की कार्रवाई करें। वहीं कैडर बनने के बाद भी निकायों में नियुक्ति नहीं होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव ने नियमित नियुक्ति करने का निर्देश दिया। इसे सबसे पहले रांची और धनबाद नगर निगम में लागू करने के साथ निकायों के कर्मियों का क्षमता संवर्धन करने का भी निर्देश दिया।

जुपमी को समन्वित एकेडमिक सेंटर बनाएं
मुख्य सचिव ने नगर विकास विभाग के उपक्रम जुपमी को समन्वित एकेडमिक सेंटर के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया है। इसमें विभिन्न विभागों मसलन, हर्टीकल्चर, जल संरक्षण, टाउन प्लानर, ट्रैफिक एक्सपर्ट जैसे कुशल लोगों का चयन कर उसमें प्रतिनियुक्त करने को कहा है। वहीं इसका निदेशक किसी विशेषज्ञ को बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जुपमी के लोग विभिन्न विभागों के कर्मियों को ट्रेनिंग देकर उनकी कुशलता में इजाफा करेंगे। इसके अलावा ये रिसर्च और कंस्लटेंसी देने का भी काम करेंगे। इसके लिए पथ निर्माण व नगर विकास सचिव को संयुक्त रूप से यह स्ट्रक्चर बनाने को कहा गया है कि किस विभाग से कितने लोगों को लेना है। उसका प्रस्ताव 15 दिन के भीतर देने का निर्देश दिया गया।

निकायवार विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन स्वीकृत
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के सफल क्रियान्वयन को लेकर राज्यस्तरीय स्वीकृति एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण के लिए राज्य के 38 शहरी निकायों के 19,333 आवासों के निर्माण का डीपीआर भारत सरकार को भेजने के लिए अनुमोदित किया। इसके अतिरिक्त वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए क्षमता संवर्धन प्लान को भी भारत सरकार की स्वीकृति के लिए भेजने को अनुमोदित किया गया। वहीं बिरसा मुंडा पार्क स्थित भूमि पर जी-4 मॉडल में 175 आवासों के निर्माण के लिए स्वीकृत डीपीआर में संशोधन का अनुमोदन किया गया। साथ ही नवगठित चार नगर निकायों बरहरवा, छतरपुर, डोमचांच और कपाली से प्राप्त हाउसिंग फॉर ऑल प्लान ऑफ एक्शन को भारत सरकार से स्वीकृति के पूर्व समिति ने अनुमोदित किया।

बैठक में ये थे शामिल
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संपन्न प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के सफल क्रियान्वयन को लेकर राज्यस्तरीय स्वीकृति एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में नगर विकास एवं आवास सचिव श्री अजय कुमार सिंह, पथ निर्माण सचिव श्री केके सोन, कल्याण सचिव श्रीमती हिमानी पांडेय समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

मल्टीमॉडल टर्मिनल के प्रभावितों के 25 आवास 31 जुलाई तक पूरी करेंः मुख्य सचिव


अन्य 392 लोगों का पुनर्वास भी तय समय सीमा  के अंदर सुनिश्चित करें



रांची। झारखंडसरकार के मुख्य सचिव डॉ. डी के तिवारी ने साहेबगंज मल्टीमॉडल टर्मिनल (गंगा नदी पर बंदरगाह) निर्माण के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए बन रहे फेज-1 के 25 आवासों को 31 जुलाई तक हर हाल में पूर्ण कर सौंपने का निर्देश आवास निर्माण विभाग को दिया है। वहीं पथ निर्माण विभाग को कॉलोनी तक पहुंच पथ 25 जुलाई तक निर्मित करने को कहा है। विद्युत विभाग को 25 जुलाई तक ट्रांसफार्मर देने तथा तीन माह के भीतर घरों में बिजली कनेक्शन देने का निर्देश दिया है। इस बीच तीन माह तक डीजी सेट के माध्यम से आवासों में बिजली देने का निर्देश दिया है। मुख्य सचिव साहेबगंज में 280. 9 करोड़ की लागत से निर्मित हो रहे मल्टीमॉडल टर्मिनल से प्रभावितों के पुनर्वास के लिए किये जा रहे काम को लेकर भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रवीर पांडे व सचिवों के साथ समीक्षा कर रहे थे।

कुल 460 परिवारों का होना है पुनर्वास
साहेबगंज मल्टीमॉडल टर्मिनल निर्माण से प्रभावित कुल 460 परिवारों का पुनर्वास किया जाना है। निर्माण स्थल पर रह रहे 25 परिवारों के लिए आवास लगभग बन चुके हैं। वहीं बाकी बचे प्रभावितों में से 392 परिवारों के लिए फेज-2 में प्रति घर छह लाख की लागत से आवास निर्माण की प्रक्रिया जारी है। मुख्य सचिव ने साहेबगंज के उपायुक्त से निर्मित होनेवाले आवासों में बुनियादी सुविधा बहाल करने का एस्टीमेट तबल किया है। वहीं भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण को बताया गया कि इंडस्ट्रियल सह लॉजिस्टिक पार्क बनाने के लिए उनकी मांग के अनुसार 367 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। 15 जुलाई तक इसका विस्तृत ब्योरा उन्हें उपलब्ध करा दिया जाएगा। अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अनुसार टर्मिनल के बन जाने से देश के भीतर जल मार्ग से व्यापारिक गतिविधियां बढ़ने के साथ बंगलादेश को साहेबगंज से निर्यात का रास्ता भी खुल जाएगा। वहीं बताया गया कि यह बनारस में गंगा नदी पर बन रहे टर्मिनल से भी बड़ा होगा।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...