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गुरुवार, 1 अगस्त 2019

झारखंड में पर्यटकों की संख्या में दोगुना इजाफा, बढ़े रोजगार के अवसरः अमर बाउरी

टूरिस्ट मैप में झारखंड ने बनाई जगह, राज्य की कला-संस्कृति को देश-दुनिया में मिल रही है पहचान


रांची। प्रकृति ने झारखंड को समृद्ध बनाया है। यहां की धरोहरें इस राज्य को और विशिष्ट बनाती हैं. मुख्यमंत्री रघुवर सरकार ने झारखंड की इस ताकत को पहचाना है और पिछले साढ़े चार साल से राज्य को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास हो रहा है. पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद और युवा कार्य विभाग के मंत्री अमर बाउरी ने आज सूचना भवन में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए ये बातें कही. उन्होंने कहा कि पर्यटन और कला संस्कृति विभाग राज्य को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रिप्रेजेंट करने का एक बड़ा माध्यम है. इस बात को ध्यान में रखकर पर्यटन और कला-संस्कृति को संरक्षित और विकसित करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं.

पर्यटकों की संख्या में दोगुना इजाफा, बढ़े रोजगार के अवसर

श्री बाउरी ने बताया कि साढ़े चार साल में झारखंड आनेवाले पर्यटकों की संख्या में दोगुना इजाफा हुआ है। यह संख्या बढ़कर 3.54 लाख तक पहुंच गई है. इसमें  विदेशी सैलानियों की संख्या लगभग 1.76 लाख है. आज राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थलों में आवागमन, प्रवास, पीने का पानी, शौचालय और पर्यटकों की सुरक्षा समेत सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है. उन्होंने बताया कि पर्यटन ऐसा सेक्टर है, जहां कम निवेश में ज्यादा रोजगार का सृजन हो रहा है. झारखंड की बात करें तो पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में 1.76 लाख लोगों को रोजगार मिला है. राज्य सरकार का पर्यटन के क्षेत्र में स्थानीय लोगों को रोजागार देने पर विशेष जोर है.

पर्यटक और सांस्कृतिक खेल महोत्सवों को राजकीय महोत्सव का दर्जा

श्री बाउरी ने बताया कि राज्य के 132 पर्यटक स्थलों को अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्यस्तरीय और स्थानीय स्तर की श्रेणी में वर्गीकृत कर विकसित किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि 8 पर्यटक और सांस्कृतिक खेल महोत्सवों को राजकीय महोत्सव का दर्जा देकर भव्य आयोजन किया जाता है. इसमें ईटखोरी महोत्सव, छउ महोत्सव, बैधनाथधाम महोत्सव, लुगुबुरु महोत्सव, माघी मेला, हिजला मेला, मुड़मा मेला और बासुकीनाथधाम महोत्सव शामिल हैं. इसके आंतरिक अळावा, हुंडरु, जोन्हा और पंचघाग जलप्रपात के साथ नेतरहाट, बेतला, चांडिल डैम, पतरातू डैम, गेतलसूद डैम, कांके डैम और मैथन डैम पर समय-समय पर साहसिक पर्यटन उत्सवों का आयोजन किया जाता है.

 श्रावणी मेला को मिला अंतर्राष्ट्रीय पहचान, पतरातू बना बेस्ट टूरिस्ट डेस्टिनेशन

श्री बाउरी ने बताया कि वर्तमान सरकार द्वारा किये गए प्रयास का परिणाम है कि देवघर के श्रावणी मेला को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली है. यहां आनेवाले श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं मुहैय्या कराई जा रही है. देवघर में मानसरोवर तालाब के किनारे क्यू कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। देवघर में पर्यटन सुविधा और सौंदर्यीकरण का काम हुआ है. प्राकृतिक खूबसूरती का लबादा ओढ़े पतरातू डैम को इस तरह विकसित किया गया है कि यह पर्यटकों के लिए वर्तमान में सबसे बेस्ट डेस्टिनेशन बन गया है. नेतरहाट दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आ रहे हैं.

पर्यटन की योजनाओं को अमलीजामा पहनाने की है तैयारी

पर्यटन मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत दलमा-चांडिल-गेतलसूद-बेतला, मिरचईंया, नेतरहाट ईको टूरिज्म सर्किट विकास हेतु 52.72 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. संथालों के धर्म स्थल लुगुबुरु के सौंदर्यीकरण, हुंडरु, दशम, जोन्हा जलप्रपात औऱ चतरा स्थित ईटखोरी को वृहत पर्यटन गंतव्य के रुप में विकसित करने की योजना है. इसके साथ चिन्हित किए गए 86 पर्यटक स्थलों पर पर्यटन सुविधाएं बढ़ाई जा रहीं हैं.

कला-संस्कृति को अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना लक्ष्य

श्री बाउरी ने बताया कि झारखंड की कला-संस्कृति के संरक्षण और उसे राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. दुमका के मलूटी स्थित मंदिरों के संरक्षण का काम प्रगति पर है। रांची स्थित आड्रे हाउस के जीर्णोद्धार का कार्य पूर्ण हो चुका है. इसके साथ जिलों में शनि परब और सुबह-सबेरे जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. कला-संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए महोत्सवों का आय़ोजन होता है और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाता है.

खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध

श्री बाउरी ने कहा कि खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. सरकार की ओर से हर पंचायत में मैदान के साथ खेल सामग्रियां मुहैय्या कराई जा रही है. खिलाड़ियों के लिए आवासीय प्रशिक्षण केंद्र, डे बोर्डिंग सेंटर, सेंटर फॉर एक्सीलेंस और रांची के होटवार स्थित  जेएसएसपीएस खेल एकेडमी में खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है. उन्होंने बताया राज्य सरकार और सीसीएल के सहयोग से चल रहे जेएसएसपीएस खेल एकेडमी में दाखिले के लिए पिछले चार साल में 5, 48, 700 बच्चे भाग ले चुके हैं, जो यह दर्शाता है कि यहां खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है. इसके साथ खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन एवं उनके मनोबल को बढ़ाने के लिए उन्हें सम्मान राशि और छात्रवृति भी सरकार दे रही है. सरकार का मकसद है कि खेलों की दुनिया में झारखंड एक बड़ी शक्ति बन कर उभरे.

 संवाददाता सम्मेलन में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद और युवा कार्य विभाग के सचिव राहुल शर्मा, पर्यटन निदेशक संजीव कुमार बेसरा, खेल निदेशक ए के सिंह, सूचना एवं जन संपर्क निदेशक रामलखन प्रसाद गुप्ता समेत अन्य मौजूद थे.

इंडियन ऑयल के पम्पो पर पे टीएम से भुगतान करने 5% कैश बैक



रांची। इंडियन ऑयल और पे टीएम ने आज एक नए स्किम की शुरुआत की।इसकी शुरुवात प्लाजा चौक स्थित श्री हरि फ्यूल में इंडियन ऑयल रांची मंडल के उप महाप्रबंधक श्यामल देबनाथ,वरिष्ठ प्रबंधक ज़ाहिद सईद, प्रबंधक आदित्य तिग्गा एवम पे टियम के अधिकारी रबिन्द्र कुमार ने  विधिवत रूप से की।इस स्कीम के तहत इंडियन ऑयल के पम्पो पर पेट्रोल डीजल की खरीद पर पे टियम से महीने में प्रथम चार ट्रांजेक्शन  पर भुगतान करने पर 5 प्रतिशत कैश बैक ग्राहक को मिलेगा।यानी 100 रुपये पर 5 रुपये।यह अधिकतम 25 रुपये तक है यानी 500 रुपये पर 25 रुपया कैश बैक मिलेगा।महीने में 2000 की खरीद पर 100 रुपया कैश बैक अधिकतम मिलेगा।यह योजना 2 महीने तक चलेगा। मौक़े पर श्री देब नाथ ने कहा कि इसके अतिरिक्त ग्रहको को एक्सट्रा रिवॉर्ड  कार्यक्रम के तहत पे टियम से भुगतान पर ग्रहको को पॉइंटस भी मिलेंगे जिसमें 1 पॉइंट् की कीमत 30 पैसे है।75 रुपये में 1 पॉइंट् मिलता है,50 रुपये हो जाने पर ग्राहक इंडियन ऑयल के किसी भी पम्प पर रिडीम करवा सकते है।मौके पर उपस्थित थे  डीलर्स तरुण चौहाण, नीरज भट्टाचार्य, गौतम घोष,प्रमोद कुमार,मुकेश कुमार,प्रवीण चौधरी एवम ग्रहकगण।

शनिदेव का जन्मोत्सव मना



चक्रधरपुर। मुख्य मार्ग के निकट अवस्थित शनि मंदिर में आज शनिदेव का जन्मदिन मना इस अवसर पर मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया इस अवसर पर काफी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित हुए तथा पूजा किया और सबके बीच प्रसाद वितरण किया गया ।

रक्तदान जीवनदान यह कार्य है महान



चक्रधरपुर। बंगाली ऐसोसिएसन के द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में काफी संख्या में रक्तदाता उमड़े ।पूर्व विधायक सुखराम उरांव के पुत्र सन्नी उरांव ने भी रक्तदान किया इस मौके पर पूर्व विधायक सुखराम उरांव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा व अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष अशोक षाडंगी ने उपस्थित होकर सबका उत्साहवर्धन किया इससे पूर्व अतिथियों ने सुभाषचंद बोस की तस्वीर पर माल्यापर्ण किया ।

मस्जिद जाफरिया में मजालिस तरहीम का आयोजन



रांची। हजरत इमामे हुसैन ने ज़ालिम यजीद को अपना रहबर मानने से इनकार कर दिया। कहां के मुझ जैसा तुझ जैसे की बैयत नहीं कर सकता। किसी अल्लाह वाले ने जालिम की हाथ की बैयत नहीं की। उक्त बातें बिहार से आए हुए हजरत मौलाना सज्जाद हुसैन ने कही। वह गुरुवार को मस्जिद जाफरिया में मजालिस तरहीम स्वर्गीय सैयद अज़हर हुसैन, सैयद अफ़ज़ल हुसैन, हबीबा खातून के इसाले सवाब की मजलिस को सम्बोधित कर रहे थे। मौलाना ने कहा कि हजरत ए आदम ने इब्लीस की बैयत नहीं की। हजरत मूसा ने फिरौन की बैयत नहीं की। हजरत इब्राहीम ने नमरूद जालिम की बैयत नहीं की।



हजरत इमाम हुसैन ने कहा इसलिए मैं किसी भी हाल में ज़ालिम यजीद की बैयत नहीं करूंगा। बकराईद के बाद मुहर्रम आने वाला है। जो भी हक बोलने वाला है वह हजरत इमामे हुसैन का चाहने वाला है। क्योंकि हजरत इमाम हुसैन ने ही इसलाम को बचाने के लिए अपनी और अपने घरवालों की शहादत दी। मजलिस की शुरुआत सैयद अता इमाम रिज़वी के सोजखानी से शुरू हुई। पेश खानी अज़्म हैदरी, क़ासिम अली, नेहाल सरयावी,अमोद अब्बास, हुसैन, अतहर इमाम ने की। मजलिस का आयोजन सैयद मेहदी इमाम और जफरुल हसन के द्वारा किया गया। मजलिस में सैयद समर अली, मेहदी इमाम, जफरुल हसन, मौलाना हैदर मेहदी, अली अहमद नक़वी, मुबारक अब्बास, सैयद यावर हुसैन, फैज़ान हैदर, इक़बाल हुसैन इंजीनियर समेत कई लोग मौजूद थे।

बुधवार, 31 जुलाई 2019

कर्तव्यनिष्ठा की प्रतिमूर्ति रहे हैं सेवानिवृत्त आइजी मनोज मिश्र



विनय मिश्र

चक्रधरपुर। भारतीय पुलिस सेवा के विशिष्ट कार्यशैली व कर्तव्यनिष्ठा के जरिए महकमे व जनता के बीच खासी लोकप्रियता हासिल करने वाले ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ व लगनशील पुलिस अधिकारियों में मनोज कुमार मिश्र का नाम शुमार है। श्री मिश्र भारतीय पुलिस सेवा के वर्ष 1991 बैच के अधिकारी (अब सेवानिवृत) हैं। वह उत्तरी छोटानागपुर के पुलिस महानिरीक्षक के पद से सेवानिवृत हुए हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जो मील का पत्थर साबित हुई हैं। बिहार के मोतिहारी जिले के चकिया गांव में जन्मे श्री मिश्रा का बचपन ग्रामीण परिवेश में बीता। उनकी शिक्षा-दीक्षा गांव में ही हुई। चकिया स्थित हाई स्कूल से उन्होंने  मैट्रिक की परीक्षा पास की। उच्च शिक्षा के लिए पटना आ गए। बीएन कॉलेज से उन्होंने स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके पश्चात  बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (बीपीएससी 24 बैच)  की परीक्षा में सफल रहे। उनका पहला पदस्थापन बतौर पुलिस उपाधीक्षक बिहार के भभुआ में हुआ। भभुआ में उन्होंने अपनी प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन कर जनता के बीच लोकप्रियता हासिल की। एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी के रूप में उन्होंने कम समय में ही पहचान बना ली। इसके बाद उनका पदस्थापन समस्तीपुर में एसडीपीओ के रूप में हुआ। वहां उन्होंने अपनी कार्यशैली से जनता का दिल जीत लिया। पब्लिक फ्रेंडली पुलिस अधिकारी के रूप में उनकी पहचान स्थापित हो गई। वहां विधि-व्यवस्था बनाए रखने और शहर को अपराधमुक्त करने में उनकी अहम भूमिका रही। जनता के कार्यों का त्वरित गति से निष्पादन करना दिनचर्या में शुमार रहा। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब समस्तीपुर से उनका तबादला हुआ, तो जनता उनका स्थानांतरण रुकवाने को लेकर सड़कों पर उतर आई। उनके तबादले का अमनपसंद लोगों ने पुरजोर विरोध किया। अपराध नियंत्रण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती थी। श्री मिश्र झारखंड के कोडरमा व बेरमो में भी एसडीपीओ के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वहां भी अपनी प्रतिभा का परचम लहराने में सफल रहे। पुलिस विभाग में अन्य अधिकारी व कर्मी भी उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली के मुरीद रहे हैं। चाईबासा और कोडरमा में पुलिस अधीक्षक के रूप में उन्होंने जनहित में कई ऐसे उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जो आज भी चर्चा में हैं। अपराधियों के लिए वे कहर बनकर बरपते थे। जनता को अपराधमुक्त शहर देने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता देखते ही बनती थी। शहर में सामाजिक समरसता बनाए रखने में भी उनकी भूमिका सराहनीय रहती थी। वह डीआईजी (मानवाधिकार) के पद पर भी रहे। मानवाधिकार के उल्लंघन के मामलों में सदैव सक्रिय रहे। श्री मिश्र उत्तरी छोटानागपुर के आईजी पद से सेवानिवृत हुए। सेवानिवृति के बाद भी वह जनसेवा में जुटे हैं। समाजसेवा को भी उतना ही अहमियत देते हैं जितना कि वह अपने सेवाकाल में सरकारी कार्यों को देते रहे। फिलवक्त श्री मिश्र समाजसेवा के कार्यों में भी बढचढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। उनका मानना है कि हर क्षेत्र में कर्तव्यनिष्ठा व ईमानदारी जरूरी है, तभी स्वस्थ और स्वच्छ भारत का सपना साकार हो सकता है।
                                                        प्रस्तुति : विनय मिश्रा

मंगलवार, 30 जुलाई 2019

जन संवाद में दर्ज 23 शिकायतों की साप्ताहिक समीक्षा

मामले जल्द निष्पादित करें, फाइलों  फेंका-फेंकी बर्दास्त नहीं की जाएगी

सामुदायिक उपयोग की जमीन का नहीं हो निजी उपयोग

250 परिवारों के बीच पेयजल का संकट, अविलंब दूर करें


रांची। सामुदायिक उपयोग की जमीन का किसी भी कीमत पर निजी इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. अगर कोई व्यक्ति इसका गलत इस्तेमाल करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने आज सूचना भवन में मुख्यमंत्री जन संवाद में दर्ज शिकायतों की समीक्षा के दौरान लातेहार जिले के रंजीत कुमार लकड़ा द्वारा उनकी रैयती और कब्रिस्तान की जमीन पर एक शख्स द्वारा जबरन कोयला डंप करने की शिकायत पर जिला प्रशासन को कब्रिस्तान की जमीन से अविलंब कोल डंप हटाने का निर्देश दे रहे थे. उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति कोयला डंप कर रहा है, उसके पास इसका लाइसेंस है या नहीं, इसकी भी जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करें. डॉ वर्णवाल ने इस दौरान 23 शिकायतों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिया है.

लैम्प्स के सभी मामलों की समीक्षा करें

 मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने सभी जिलों के उपायुक्तों को विगत वित्तीय वर्ष में लैम्प्स हुए आवंटन के सभी मामलों की समीक्षा करते हुए लंबित बिलों का भुगतान कराने का निर्देश दिया है. धनबाद जिले में राशन कार्ड का सत्यापन और आधार छायाप्रति संग्रह करने वाली एक संस्था ने शिकायत दर्ज करायी थी कि वर्ष 2015 से 2017 के बीच किये गये कार्य के एवज में उसे अब तक भुगतान नहीं किया गया है.

उग्रवादी हिंसा में मारे गए सुखराम के परिजनों को दें मुआवजा

फरवरी 2012 में उग्रवादी हिंसा में मारे गए खूंटी के सुखराम  मुण्डा के परिजनों को अब तक मुआवजा एवं नौकरी नहीं दिये जाने के मामले को प्रधान सचिव ने अगले सप्ताह तक निष्पादन करने का निर्देश दिया. इसी तरह चतरा के शंभू यादव की 8 मार्च 2016 को नक्सली मुठभेड़ में मृत्यु हो जाने के पश्चात अब तक मृतक के आश्रितों को नौकरी एवं मुआवजा  नहीं दिये जाने के मामले में जिला के नोडल अधिकारी ने बताया कि आवंटन प्राप्त होते ही मुआवजे का भुगतान कर दिया जाएगा, उन्होंने यह भी बताया कि मृतक की पत्नी ने अपने नाबालिग पुत्र के बालिग होने के उपरांत नौकरी दिये जाने का आग्रह किया है. इसपर डॉ वर्णवाल ने मृतक की पत्नी को सरकार की ओर से प्रस्तावित सर्कुलर की सूचना देने का निर्देश दिया.
 
आवास स्वीकृत कर एक सप्ताह में घर का काम शुरू कराएं

पश्चिमी-सिंहभूम के चक्रधरपुर प्रखण्ड के बीड़ी मजदूर मंगल महतो को एक वर्ष बाद भी अब तक डॉ॰ भीमराव अंबेडकर आवास योजना के तहत आवास की स्वीकृति के बावजूद आवास नहीं दिये जाने की शिकायत पर प्रधान सचिव ने जिला के नोडल अधिकारी को अगले मंगलवार तक आवास का निर्माण कार्य शुरू कराकर रिपोर्ट समर्पित करने का आदेश दिया.

250 परिवारों के बीच पेयजल की सुविधा अविलम्ब पहुंचाने का निर्देश

बोकारो के चंदनक्यारी प्रखण्ड अंतर्गत छत्तरटांड़ ग्राम में सितंबर 2018 से मोटर पम्प खराब होने के कारण लगभग 250  परिवारों को  पेयजल की समस्या हो रही है. इस मामले में डॉ वर्णवाल ने जिला के नोडल अधिकारी को 15 दिनों के भीतर पंप की मरम्मत कर जलापूर्ति शुरू कराने का आदेश दिया.

फाइलों की फेंका-फेंकी नहीं बर्दास्त की जाएगी

झारखंड पुलिस से सेवानिवृत्त उदय कुमार को बकाया वेतन एवं सेवानिवृत्ति लाभ अब तक नहीं दिए जाने के शिकायत पर समीक्षा में यह पता चला कि उदय कुमार कुछ समय के लिए परिवहन विभाग में भी प्रतिनियुक्त थे, जिसकी सेवा पुस्तिका गृह विभाग की ओर से उपलब्ध नहीं कराई गयी थी. गृह विभाग के नोडल अधिकारी से इस संबंध में पूछे जाने पर पुलिस मुख्यालय से जानकारी लेने की बात बताई गयी. विभिन्न विभागों में मामले को अब तक लंबित रखे जाने पर प्रधान सचिव ने कहा कि इस तरह फाइलों की फेंका-फेंकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने पुलिस मुख्यालय के अधिकारी एआईजीटूडीजीपी शम्स तबरेज को मामले की जांच करने एवं सभी दोषी अधिकारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया.

सभी कर्मियों का 15 दिनों के अंदर करें बकाए मानदेय का भुगतान

लोहरदगा के गुलजार अंसारी, आउटसोर्सिगं कंपनी राईडर सिक्युरीटी सर्विस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सेन्हा में वाहन चालक के पद पर कार्यरत है. इन्हें एवं अन्य लगभग 281 कर्मियों को सितंबर 2018 से आवंटन के अभाव में अब तक मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है. इसपर प्रधान सचिव ने 15 दिनों के भीतर सभी कर्मियों को बकाया मानदेय का भुगतान करने का आदेश दिया. सेवानिवृति के पश्चात अब तक पेंशन एवं अन्य देय लाभ नहीं दिये जाने का अन्य मामला रांची जिले से भी आया था. आदिवासी कल्याण आयोग, प्रोजेक्ट भवन, रांची में आदेशपाल के पद से सेवानिवृत कामेश्वर महली को पेंशन तथा अन्य देय लाभ का भुगतान नहीं किया गया है. इस बाबत पुछे जाने पर विभागीय अधिकारी ने श्री वर्णवाल को आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर पेंशन एवं बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाएगा.

सुखाड़ में फसल हो गई बर्बाद, नहीं मिला मुआवजा

पूर्वी-सिंहभूम के डुमरिया ग्राम निवासी धनंजय गिरी की खरीफ फसल वर्ष 2017-18  के सुखाड़ में बर्बाद हो गयी थी. फसल का बीमा होने के बाद भी अब तक इन्हें मुआवजे का भुगतान का नहीं किया गया है. इस बाबत जानकारी देते हुए जिला के नोडल अधिकारी ने बताया कि बैंक द्वारा मामले में लापरवाही बरतने एवं समय पर मुआवजा नहीं दिये जाने पर उपायुक्त, पूर्वी-सिंहभूम ने बैंक प्रबन्धक से स्पष्टीकरण की मांग की गयी है. इसपर श्री वर्णवाल ने बैंक के विरुद्ध कार्रवाई कर जल्द से जल्द मुआवजा का भुगतान करने का निर्देश दिया.

जन संवाद में दर्ज शिकायतों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री सचिवालय में विशेष सचिव रामाकांत सिंह, संयुक्त् सचिव मनोहर मरांडी, पुलिस मुख्यालय के अधिकारी एआईजीटूडीजीपी शम्स तबरेज व अन्य मौजूद थे।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...