यह ब्लॉग खोजें

शुक्रवार, 2 अगस्त 2019

धालभूम एयरपोर्ट का काम 18 माह में पूरा करेंः रघुवर दास



रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि योजना पर कार्य शुरू होने से पहले वन विभाग सहित अन्य विभागों से समन्वय की आवश्यकता होती है। सभी विभागों को चाहिए कि समानांतर कार्रवाई करते हुए सभी क्षेत्र में अपना कार्य करें। ताकि एक निर्धारित टाइमलाइन पर कार्य शुरू हो और वह कार्य अपने निर्धारित प्राक्कलन और समय के अनुरूप पूरा हो सके।

धालभूम एयरपोर्ट 18 माह में पूरा करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि धालभूम एयरपोर्ट का निर्माण अपने निर्धारित टाइमलाइन से हो। अगले 18 माह में इसका निर्माण पूरा हो जाय। बोकारो और दुमका से हवाई यात्रा भी शीघ्र शुरू हो इसकी सारी तैयारी निर्धारित टाइमलाइन में पूरा करें।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी, अपर मुख्य सचिव वन श्री इंदु शेखर चतुर्वेदी, अपर मुख्यसचिव जल संसाधन श्री अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, पथ निर्माण सचिव श्री के के सोन, परिवहन सचिव श्री प्रवीण टोप्पो सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

किसानों के डाटा अपडेट की प्रगति की मुख्य सचिव ने की समीक्षा

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना से अधिकतम किसानों को जोड़ेः डा. डीके तिवारी



रांची। मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के अंतर्गत आनेवाले सभी किसानों को लाभ देने की प्रक्रिया युद्धस्तर पर जारी है। इसे लेकर कई स्तरों पर लगातार समीक्षा का दौर भी जारी है। मुख्य सचिव डॉ. डी के तिवारी ने भी इस कार्य की समीक्षा करते हुए सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि सात अगस्त तक योजना के तहत आनेवाले सभी लाभुक किसानों की सूची अपडेट कर लें। अधिकतम किसानों को योजना का लाभ मिल सके, इसके लिए दिन-रात काम करने का निर्देश दिया है। कई जिलों के उपायुक्तों ने बताया कि उनके यहां शिफ्ट में 24 घंटे अनवरत कार्य जारी है। मुख्य सचिव झारखंड मंत्रालय में राज्य के तमाम उपायुक्तों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना से किसानों को जोड़ने के कार्य की प्रगति की जिलावार समीक्षा कर रहे थे।

किसानों के खाते में सीधे जाएगी राशि

मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना से जुड़ने वाले राज्य के किसानों को प्रति परिवार धारित भूमि के अनुरूप प्रति एकड़ पांच हजार रुपये सीधे उनके बैंक खाते में भेजे जाएंगे। जिस किसान की जमीन एक एकड़ से कम होगी, उसे भी पांच हजार रुपये मिलेंगे। इस तरह इस योजना से प्रति किसान परिवार न्यूनतम पांच और अधिकतम 25 हजार रुपये मिलेंगे। मालूम हो कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य के प्रत्येक किसान को छह हजार रुपये सीधे उनके बैंक खाते में दिए गए हैं। इस प्रकार झारखंड के किसानों को न्यूनतम 11 हजार और अधिकतम 31 हजार रुपये प्रति परिवार मिल सकेंगे।

उपायुक्तों के मूल्यांकन का आधार बनेगा उनका प्रदर्शन

मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना को राज्य की महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए कहा कि इसका सफल क्रियान्वयन उपायुक्तों के मूल्यांकन का आधार बनेगा। इसके लिए उन्होंने उपायुक्तों को चुनाव की तरह दिन-रात काम कर लक्ष्य संधान का निर्देश दिया। योजना से जुड़े किसानों की सूची ऑनलाइन अपडेट करने में आ रही दिक्कतों का समाधान करते हुए मुख्य सचिव ने आईटी विभाग को निर्देश दिया कि वे चार अलग-अलग सर्वरों पर जिलों को बांट दें। इससे डाटा अपडेट करने में समय कम लगेगा तथा तय समय में कार्य पूर्ण हो जाएगा।

10 अगस्त से रांची में योजना की होगी शुरुआत

राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की लांचिंग 10 अगस्त को रांची से होगी। उसी दिन तमाम जिलों में बीस सूत्री के प्रभारी मंत्री संबंधित जिलों में किसानों के खाते में मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की राशि ऑनलाइन भेजेंगे। जहां बीस सूत्री के प्रभारी मंत्री नहीं हैं, वहां यह कार्य वहां के सांसद के हाथों होगा।

उपायुक्तों को इस कार्यक्रम की तैयारी से संबंधित भी निर्देश दिये गए

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संपन्न समीक्षा बैठक में राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार सचिव श्री केके सोन, सूचना प्रौद्योगिकी सचिव श्री विनय कुमार चौबे, कृषि सचिव पूजा सिंघल समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

सड़कों के विकास से पड़ती है आर्थिक समृद्धि की नींवः केके सोन

पथ निर्माण विभाग के सचिव के के सोन ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया

रांची। विकास के लिए मजबूत आधारभूत संरचना अत्यंत आवश्यक है. सड़कों से विकास के मानक तय होते हैं. गुणवत्तायुक्त सड़कों का जाल बिछा हो तो राज्य में आर्थिक समृद्धि की नींव पड़ती है. यही वजह है कि मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास की प्राथमिकता में सड़कों का अधिक से अधिक निर्माण करना शामिल है. पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री के के सोन ने आज सूचना भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ये बातें कही. उन्होंने बताया कि 2014 तक हुई प्रगति की तुलना में पिछले साढ़े चार साल में सड़क पुल आदि सभी क्षेत्रों में लगभग दो से ढाई गुना की वृद्धि हुई है। पिछले साढ़े 4 साल में राज्य योजना से 5575 किलोमीटर सड़कों निर्माण, पुर्ननिर्माण या मरम्मति हुई है, जबकि केंद्रीय पथ निधि से 246.2 किमी तथा एन् एच के तहत् 964 किमी सड़क का निर्माण हुआ है। और राज्य योजना से 122 उच्चस्तरीय पुलों का कराया गया है. वर्तमान में प्रतिदिन 3.39 किलोमीटर सड़कें बन रही है. इस दौरान सड़कों की लंबाई 4076 किलोमीटर की बढ़ोतरी हुई है। 2014 के 8503 किमी से बढ़कर 12,580 किलोमीटर हो गई है. जबकि 2014 तक केवल 3103 किमी की बढ़ोत्तरी हुई थी। उन्होंने बताया कि अगले 100 दिनों के अंदर 740 करोड़ रुपए से 400 किलोमीटर नई सड़कों और 15 पुलों का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है.

टूरिस्ट सर्किट के अंतर्गत आनेवाले क्षेत्रों में सड़क निर्माण है प्राथमिकता

श्री सोन ने बताया कि झारखंड के टूरिस्ट सर्किट में आनेवाले क्षेत्रों की सड़कों को बेहतर बनाने को प्राथमिकता दी जा रही है. इसके अंतर्गत राजरप्पा जाने वाली सड़क का चौड़ीकरण, देवघर- वसुकिनाथधाम- तारापीठ, पलामू-महुआडांड सड़क के मरम्मतीकरण के साथ पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण और मरम्मत का काम प्रगति पर है.

800 किलोमीटर सड़कों का होगा रोड सेफ्टी आडिट

पथ निर्माण सचिव ने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर भी विभाग गंभीर है. सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिन्हित किए गए ब्लैक स्पॉट को ठीक किया जा रहा है. इसके साथ पहले चरण में 800 किलोमीटर सड़क का रोड सेफ्टी आडिट कराया जाएगा.

रांची-टाटा फोरलेन निर्माण का कार्य पर पूरी नजर

श्री सोन ने बताया कि रांची-टाटा रोड के काम में तेजी लाने के लिए चार हिस्सों में बांटा गया है. इसका काम पर पूरी नज़र बनी हुई है। अगले 18 माह में इसे पूर्ण कर लिया जाएगा.

टेंडरों में पारदर्शिता के लिए उठाए गए हैं कई कदम

श्री सोन ने बताया कि 50 लाख से ज्यादा लागत वाली सड़कों के लिए ई-टेंडर जारी किया जाता है. इसके साथ यू-कैन सिस्टम के जरिए टेंडर डालनेवाले संवेदकों द्वारा किए गए कार्यों की पूरी जानकारी हासिल हो जाती है. साहेबगंज में गंगा नदी पर पुल निर्माण को लेकर 6 अगस्त को री-टेंडर होगा.

भारतमाला योजना को लेकर भी सरकार गंभीर

श्री सोन ने बताया कि भारतमाला योजना के अंतर्गत संबलपुर-रांची और रायपुर-धनबाद रोड को केंद्र की स्वीकृति मिल चुकी है और ओड़िसा-साहेबगंज होते हुए उत्तर-पूर्व को जोड़नेवाली सड़क के प्रस्ताव की स्वीकृति बाकी है. उन्होंने बताया कि राज्य के 19 आकांक्षी जिलों में सड़कों के निर्माण, मरम्मत या पुर्ननिर्माण विभाग की प्राथमिकता में है.

नेशनल हाइवे की 18 सड़कें परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर

श्री सोन ने कहा कि झारखंड राज्य में नेशऩल हाइवे की 18 सड़क परियोजनाओं के अंतर्गत 680 किमी लंबी सड़कें बनाई जाएंगी. इसमें 12 परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है, जबकि 5 योजनाओं के लिए एग्रीमेंट हो चुका है. इसके साथ एनएच की 10 योजनाओं को स्वीकृति मिलने का इंतजार है.

2019-20 के लिए 21 सड़कों के निर्माण को स्वीकृति

श्री सोन ने बताया कि राज्य सरकार ने 2019-20 के लिए 21 सड़कों के निर्माण को स्वीकृति दी है. इसमें से कई सड़कों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है. इसके अंतर्गत लगभग 563 किमी सड़कें बनाई जाएंगी. इसके अलावा स्टेट हाइवे अथॉरिटी की ओर से लगभग 859 किमी सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है.

पीपीपी मोड की पांच सड़कों का निर्माण कार्य पूरा

श्री सोन ने बताया कि रांची रिंग रोड के सेक्शन 3, 4,5, 6 और 7 का कार्य पूर्णँ हो चुका है. रांची-पतरातू डैम रोड, पतरातू डैम- रामगढ़ रोड, चाईबासा-कांड्रा-चौका रोड, आदित्यपुर-कांड्रा रोड पर भी परिचालन शुरु हो चुका है. इसके अलावा ईएपी के अंतर्गत दुमका-हंसडीहा रोड, पचंबा-जमुआ-सारवां रोड, गोविंदपुर-टुंडी-गिरिडीह रोड और खुंटी-तमाड़ रोड का निर्माण कार्य प्रगति पर है.

रेलवे ओवरब्रिजों पर खर्च किए जाएंगे 931 करोड़ रुपए

श्री सोन ने बताया कि झारखंड में रेलवे मंत्रालय और झारखंड सरकार के सहयोग से 47 ओवरब्रिजों का निर्माण होना है. इसमें से 27 ओवरब्रिज परियजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है. इन 27 ओवरब्रिजों के निर्माण पर 931 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें दो ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि 21 का निर्माण कार्य प्रगति पर है. इसके अलावा तीन रेलवे ओवरब्रिज की स्वीकृति इस साल फरवरी में दी गई है. .

इस अवसर पर पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख श्री रास बिहारी सिंह, संयुक्त सचिव पवन कुमार, मुख्य अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ श्री ओम प्रकाश विमल, सूचना एवं जन संपर्क से उप निदेशक श्री अजय नाथ झा सहित अन्य मौजूद थे.

भाजपा सरकार के पास विजन नहीं : एनके यादव



रांची। नागरिक अधिकार पार्टी के अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार के पास विकास का कोई विजन नहीं है। सरकार विकास का कोई ठोस खाका आज तक नहीं बना पाई। रघुवर सरकार महज कागजी घोड़े दौड़ा रही है। धरातल पर काम नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में यूपीए सरकार की बनाई गई कई नीतियों की कार्बन कॉपी बनाकर उसे ही लागू कर भाजपा सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है। यही वजह है कि सूबे का अपेक्षित विकास नहीं हो सका। आम नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी, सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने में सरकार सक्षम नहीं है। श्री यादव ने शुक्रवार को एक प्रेस बयान जारी कर कहा कि राज्य में वर्तमान मंे जो हालात हैं, उसे देखते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास को अपने पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है। रोजगार के अभाव में राज्य से गरीब मजदूरों का पलायन हो रहा है। जबरन रैयतों की जमीन अधिग्रहित कर लोगों को  विस्थापित किया जा रहा है। राज्य मंे विधि-व्यवस्था की स्थिति खराब है। अपराधियों का बोलबाला है। दिन दहाड़े हत्या, लूटपाट की घटनाएं हो रही है। सरकारी तंत्र अपराध पर अंकुश लगाने में विफल है। सूबे में नक्सल समस्या बरकरार है। राज्य के किसान बदहाल हैं। युवाओं का भविष्य संवारने का झांसा देकर सरकार उनक ा भविष्य चौपट कर रही है। महिलाओं के सशक्तीकरण के नाम पर महज खानापूरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासनकाल में राज्य में विकास रफ्तार नहीं पकड़ रहा है। राज्य में सत्ता परिवर्तन वर्तमान समय की मांग है। उन्होंने भाजपा को सत्ता से बेदखल करने का आह्वान करते हुए कहा कि आगामी चुनाव में झूठे दावे करने वाले भाजपा को सबक सिखाएं तभी स्वस्थ और स्वच्छ झारखंड का सपना साकार हो सकेगा।

झारखंड महिला सियासत का जनसंपर्क अभियान जारी


एक वोट के आश्वासन के साथ एक सिक्के का आशीर्वाद भी प्राप्त कर रहीं हैं प्रत्याशी

 रांची। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर झारखंड महिला सियासत के संभावित प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान में जुट गए हैं। हटिया विधानसभा क्षेत्र से महिला सियासत की प्रस्तावित उम्मीदवार उर्मिला यादव (वार्ड 41 की पार्षद) अपने इलाके के मतदाताओं से लगातार संपर्क कर रही हैं। इस क्र म में शुक्रवार को उन्होंने सेक्टर दो व हरमू इलाके का दौरा किया। श्रीमती यादव जनता से महिला सियासत के समर्थन में चुनाव में एक वोट देने के आश्वासन के साथ एक सिक्के का आशीर्वाद भी प्राप्त कर रहीं हैं। इस संबंध में उन्होंने बताया कि राजनीति के क्षेत्र में महिलाओं की लगातार की जा रही उपेक्षा के कारण झारखंड महिला सियासत संगठन की स्थापना की गई है। इसके बैनर तले विभिन्न राजनीतिक संगठन आ रहे हैं। कई राजनीतिक दलों का महिला सियासत की ओर रुझान बढ़ रहा है। संस्था का उद्देश्य इस बार झारखंड में महिलाओं के नेतृत्व में सरकार बनाने का है। इसी उद्देश्य को लेकर झारखंड महिला सियासत के बैनर तले विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से महिला प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी है। श्रीमती यादव ने जनसंपर्क अभियान के दौरान कहा कि अबकी बार महिला सरकार के नारे के साथ महिला सियासत झारखंड के सभी 81 सीटों पर महिला प्रत्याशी उतारेगा। इसकी तैयारी की जा रही है। कई सीटों पर प्रत्याशियों के नाम प्रस्तावित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क अभियान के दौरान हटिया विधानसभा क्षेत्र की जनता का उन्हें भरपूर समर्थन मिल रहा है। आनेवाले समय में झारखंड में महिलाओं के नेतृत्व में सरकार बनना तय है। इसका आगाज हो चुका है।

इंद्रप्रस्थ पेट्रोलियम में पुरस्कार वितरण



रांची। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन रांची डिविज़न ने शहर के प्रतिष्ठित पेट्रोल पंप इंद्रप्रस्थ पेट्रोलियम पर "पेट्रोल भार ग्लैमर पाओ" ऑफर के विजेता की घोषणा की। यह पुरस्कार श्री प्रभात महतो द्वारा जीता गया है, जो बुंडू के रहने वाले हैं और उन्हें बुंडू रांची में हाइवे-ऑटोमोबाइल ,इंडिया ऑयल पेट्रोल पंप से पेट्रोल लिया था ।

श्री प्रभात महतो को नई होंडा ग्लैमर बाइक की चाभि इंडियन ऑयल की फ़ील्ड ऑफ़िसर श्री आदित्य तिग्गा द्वारा इंद्रप्रस्थ पेट्रोलियम के मालिक श्री सुरेंद्र कुमार राय की मौजूदगी में दी गई ।श्री सुरेन्द्र कुमार राय ने एक नई बाइक जीतने पर श्री प्रभात महतो को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं और ग्राहकों के लिए इस तरह के अच्छे ऑफ़र को चलाने के लिए इंडियन ऑयल की प्रशंसा की।

इंडियन ऑयल के उप-महाप्रबंधक और रांची डिवीजन के प्रमुख श्री श्यामल देबनाथ ने फोन पर विजेता को बधाई दी और इस योजना में सक्रिय भागीदारी के लिए सभी ग्राहकों को धन्यवाद दिया। उन्होंने इस ऑफ़र के सफलतापूर्वक समन्वय और आयोजन के लिए इंडियन ऑयल अधिकारियों और पम्प मालिकों को भी बधाई दी। इस अवसर पर कई ग्राहक, पेट्रोल पंप कर्मचारी और इंडियन ऑयल अधिकारी उपस्थित थे।

गुरुवार, 1 अगस्त 2019

झारखंड में पर्यटकों की संख्या में दोगुना इजाफा, बढ़े रोजगार के अवसरः अमर बाउरी

टूरिस्ट मैप में झारखंड ने बनाई जगह, राज्य की कला-संस्कृति को देश-दुनिया में मिल रही है पहचान


रांची। प्रकृति ने झारखंड को समृद्ध बनाया है। यहां की धरोहरें इस राज्य को और विशिष्ट बनाती हैं. मुख्यमंत्री रघुवर सरकार ने झारखंड की इस ताकत को पहचाना है और पिछले साढ़े चार साल से राज्य को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास हो रहा है. पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद और युवा कार्य विभाग के मंत्री अमर बाउरी ने आज सूचना भवन में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए ये बातें कही. उन्होंने कहा कि पर्यटन और कला संस्कृति विभाग राज्य को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रिप्रेजेंट करने का एक बड़ा माध्यम है. इस बात को ध्यान में रखकर पर्यटन और कला-संस्कृति को संरक्षित और विकसित करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं.

पर्यटकों की संख्या में दोगुना इजाफा, बढ़े रोजगार के अवसर

श्री बाउरी ने बताया कि साढ़े चार साल में झारखंड आनेवाले पर्यटकों की संख्या में दोगुना इजाफा हुआ है। यह संख्या बढ़कर 3.54 लाख तक पहुंच गई है. इसमें  विदेशी सैलानियों की संख्या लगभग 1.76 लाख है. आज राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थलों में आवागमन, प्रवास, पीने का पानी, शौचालय और पर्यटकों की सुरक्षा समेत सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है. उन्होंने बताया कि पर्यटन ऐसा सेक्टर है, जहां कम निवेश में ज्यादा रोजगार का सृजन हो रहा है. झारखंड की बात करें तो पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में 1.76 लाख लोगों को रोजगार मिला है. राज्य सरकार का पर्यटन के क्षेत्र में स्थानीय लोगों को रोजागार देने पर विशेष जोर है.

पर्यटक और सांस्कृतिक खेल महोत्सवों को राजकीय महोत्सव का दर्जा

श्री बाउरी ने बताया कि राज्य के 132 पर्यटक स्थलों को अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्यस्तरीय और स्थानीय स्तर की श्रेणी में वर्गीकृत कर विकसित किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि 8 पर्यटक और सांस्कृतिक खेल महोत्सवों को राजकीय महोत्सव का दर्जा देकर भव्य आयोजन किया जाता है. इसमें ईटखोरी महोत्सव, छउ महोत्सव, बैधनाथधाम महोत्सव, लुगुबुरु महोत्सव, माघी मेला, हिजला मेला, मुड़मा मेला और बासुकीनाथधाम महोत्सव शामिल हैं. इसके आंतरिक अळावा, हुंडरु, जोन्हा और पंचघाग जलप्रपात के साथ नेतरहाट, बेतला, चांडिल डैम, पतरातू डैम, गेतलसूद डैम, कांके डैम और मैथन डैम पर समय-समय पर साहसिक पर्यटन उत्सवों का आयोजन किया जाता है.

 श्रावणी मेला को मिला अंतर्राष्ट्रीय पहचान, पतरातू बना बेस्ट टूरिस्ट डेस्टिनेशन

श्री बाउरी ने बताया कि वर्तमान सरकार द्वारा किये गए प्रयास का परिणाम है कि देवघर के श्रावणी मेला को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली है. यहां आनेवाले श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं मुहैय्या कराई जा रही है. देवघर में मानसरोवर तालाब के किनारे क्यू कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। देवघर में पर्यटन सुविधा और सौंदर्यीकरण का काम हुआ है. प्राकृतिक खूबसूरती का लबादा ओढ़े पतरातू डैम को इस तरह विकसित किया गया है कि यह पर्यटकों के लिए वर्तमान में सबसे बेस्ट डेस्टिनेशन बन गया है. नेतरहाट दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आ रहे हैं.

पर्यटन की योजनाओं को अमलीजामा पहनाने की है तैयारी

पर्यटन मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत दलमा-चांडिल-गेतलसूद-बेतला, मिरचईंया, नेतरहाट ईको टूरिज्म सर्किट विकास हेतु 52.72 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. संथालों के धर्म स्थल लुगुबुरु के सौंदर्यीकरण, हुंडरु, दशम, जोन्हा जलप्रपात औऱ चतरा स्थित ईटखोरी को वृहत पर्यटन गंतव्य के रुप में विकसित करने की योजना है. इसके साथ चिन्हित किए गए 86 पर्यटक स्थलों पर पर्यटन सुविधाएं बढ़ाई जा रहीं हैं.

कला-संस्कृति को अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना लक्ष्य

श्री बाउरी ने बताया कि झारखंड की कला-संस्कृति के संरक्षण और उसे राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. दुमका के मलूटी स्थित मंदिरों के संरक्षण का काम प्रगति पर है। रांची स्थित आड्रे हाउस के जीर्णोद्धार का कार्य पूर्ण हो चुका है. इसके साथ जिलों में शनि परब और सुबह-सबेरे जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. कला-संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए महोत्सवों का आय़ोजन होता है और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाता है.

खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध

श्री बाउरी ने कहा कि खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. सरकार की ओर से हर पंचायत में मैदान के साथ खेल सामग्रियां मुहैय्या कराई जा रही है. खिलाड़ियों के लिए आवासीय प्रशिक्षण केंद्र, डे बोर्डिंग सेंटर, सेंटर फॉर एक्सीलेंस और रांची के होटवार स्थित  जेएसएसपीएस खेल एकेडमी में खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है. उन्होंने बताया राज्य सरकार और सीसीएल के सहयोग से चल रहे जेएसएसपीएस खेल एकेडमी में दाखिले के लिए पिछले चार साल में 5, 48, 700 बच्चे भाग ले चुके हैं, जो यह दर्शाता है कि यहां खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है. इसके साथ खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन एवं उनके मनोबल को बढ़ाने के लिए उन्हें सम्मान राशि और छात्रवृति भी सरकार दे रही है. सरकार का मकसद है कि खेलों की दुनिया में झारखंड एक बड़ी शक्ति बन कर उभरे.

 संवाददाता सम्मेलन में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद और युवा कार्य विभाग के सचिव राहुल शर्मा, पर्यटन निदेशक संजीव कुमार बेसरा, खेल निदेशक ए के सिंह, सूचना एवं जन संपर्क निदेशक रामलखन प्रसाद गुप्ता समेत अन्य मौजूद थे.

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...