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शनिवार, 3 अगस्त 2019

10 अगस्त से होगा कृषि आशीर्वाद योजना का शुभारंभः रघुवर दास

युद्धस्तर पर चल रहा है 35 लाख किसानों की डाटा इंट्री और अपडेशन का काम


रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना से राज्य के करीब 35 लाख किसानों को आच्छादित करने हेतु सभी जिलों में उपायुक्तों टीम 24 घंटे डेटा एंट्री और अपडेशन में जुटी हुई है। कृषि सचिव श्रीमती पूजा सिंघल ने जानकारी दी है कि  अलग अलग तीन शिफ्टों में कृषि विभाग और जिला के अधिकारी और कर्मचारी किसानों का निबंधन कर रहें हैं ताकि उन तक योजना का लाभ पहुंच सके। यह कार्य राज्य के सभी जिलों में अनवरत हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने काम में जुटे हुए लोगों से कहा कि पुण्य का काम है थकिये नहीं।

10 अगस्त को योजना का होगा शुभारंभ

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का  शुभारंभ 10 अगस्त को होगा। लगभग 15 लाख किसानों के खाते में प्रथम किस्त की राशि जाएगी। झारखण्ड के किसानों को पूर्व से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है। अब झारखण्ड के किसानों को मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का लाभ देने की तैयारी में राज्य सरकार जुटी है। इसके तहत 1 से 5 एकड़ तक की भूमि वाले किसानों को प्रति वर्ष न्यूनतम 5 हजार और अधिकतम 25 हजार रुपये मिलेंगे। जबकि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत सभी किसानों को प्रति वर्ष 6 हजार रुपये मिल रहें हैं। ऐसे में दोनों योजनाओं से राज्य के किसानों को हर साल मिलेगा न्यूनतम 11 हजार और अधिकतम 31 हजार रुपये।
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जनसंपर्क बने आम जनता के सशक्तीकरण का माध्यमः सविता सेंगर

झारखंड राय यूनिवर्सिटी की कुलपति सविता सेंगर ने जनसंपर्क पदाधिकारियों से विचारों को साझा किया
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रांची। जनसंपर्क पदाधिकारियों और कर्मियों का काम सिर्फ लोगों तक सरकार की योजनाओं की जानकारी पहुंचाना और उनकी प्रतिक्रिया लेने तक ही सीमित नही हैबल्कि आपका दायित्व है कि आप उनको सशक्त बनाएं. इससे आप राज्य के विकास में समाज के अंतिम पायदान में बैठे लोगों को भी सरकारी गतिविधियों में भागीदारी के लिए आगे लाने में सक्षम हो सकेंगे. झारखंड राय यूनिवर्सिटी की कुलपति सविता सेंगर ने आज सूचना भवन में आयोजित मोटिवेशनल कार्यशाला में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सभी उप निदेशक, सहायक निदेशक, सभी जिलों के जनसंपर्क पदाधिकारियों, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारियों और सोशल मीडिया पब्लिसिटी अफसरों के साथ अपने विचारों को साझा करते हुए ये बातें कही.

जॉब के साथ ईमानदारी बरतें

श्रीमती सेंगर ने कहा कि हमें अपने जॉब के साथ ईमानदारी बरतना होगा. इसके साथ कार्यों को करने में अनुशासन को भी बनाए रखना होगा. इससे आप जो कार्य कर रहे हैं, उसकी सार्थकता और सफलता का दायरा बढ़ जाएगा. इतना ही नहीं, हमें यह भी समझना जरूरी है कि जो कार्य कर रहे हैं उसका मकसद क्या है. इससे कार्य करने के लिए प्रेरणा आएगी और लक्ष्य मिलने पर आपको भी काफी संतुष्टि मिलेगी.

जीवन में सफलता के लिए मोटिवेशन बहुत जरूरी

उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए आपमें मोटिवेशन का होना जरूरी है. यह हमें एक्टिव रखता है और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है. इसलिए हर व्यक्ति को चाहिए कि वह अपने में मोटिवेशन को खोजे और उसी के अनुसार कार्यों को करते हुए आगे बढ़े. इससे आपको अपनी मंजिल मिलने के साथ अपार खुशी का भी अनुभव होगा. उन्होंने कहा कि जिस दिन आप अपने जीवन का मकसद ढूंढ लेंगे, निश्चित तौर पर आपमें मोटिवेशन आएगा और आप पूरी तन्मयता के साथ काम करेंगे.

किसी भी चीज में ढूंढ सकते हैं मोटिवेशन

श्रीमती सेंगर ने कहा कि मोटिवेशन के लिए जरूरी नहीं है कि आप किसी एक ही लक्ष्य को फोकस करें. मोटिवेशन किसी भी चीज में ढूंढ सकते हैं. इसके लिए जरूरी है कि जीवन में आप लचीलापन बनाए रखें. इतना ही नहीं, अपने अंदर बिलीव सिस्टम को डेवलप करें. यह आपको निश्चित तौर पर मोटिवेट करेगा. आपको जो भी अवसर मिले उसका फायदा उठाएं. समय के अनुसार आप जो भी चीजें सीखते हैं वाह भविष्य में जरूर आपके काम आएगा.

अंदर से आनी चाहिए मोटिवेशन

श्रीमती सेंगर ने कहा कि मोटिवेशन कोई वाह्य फैक्टर नहीं है. यह व्यक्ति में आंतरिक रुप से आनी चाहिए. इतना ही नहीं, मोटिवेशन कोई एक दिन की चीज नहीं है. यह लगातार चलने वाली प्रक्रिया है. इससे आपको अपने कार्यों को लंबे समय तक करने के लिए प्रेरित करती रहेगी. इससे आपको निश्चित तौर पर सक्सेस मिलेगी.

प्रभावी कम्यूनिकेशन का इस्तेमाल करें

श्रीमती सेंगर ने कहा कि आज कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है, जहां कम्यूनिकेशन की जरूरत नहीं है. यह सभी तरह के प्रोफाइल और जॉब का अहम अंग बन चुका है. इसलिए प्रभावी कम्यूनिकेशन के लिए जरूरी है कि सही और सबसे सरल माध्यम का उपयोग करें. इससे आपने जो लक्ष्य निर्धारित कर रखा है, उस तक कम्यूनिकेशन करना काफी आसान हो जाएगा. उन्होंने बताया कि आज दुनिया में कम्यूनिकेशन सबसे ज्यादा पेड स्किल है.

शुक्रवार, 2 अगस्त 2019

नागपुरी एल्बम रब मानेला इट्स अबाउट लव हुआ रीलीज़


रांची। भगत मोशम पिक्चर्स  के द्वारा बनाए गए नागपुरी एल्बम रब मानेला  इट्स ऑल अबाउट लव एल्बम का विमोचन शनिवार को राँची प्रेस क्लब के सभागार में रिलीज किया गया। इसका उद्घघाटन केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष श्री फूलचंद तिर्की ,अभाविप राष्ट्रीय कला मंच झारखण्ड के संयोजक आशुतोष द्विवेदी,समाजसेवी राजीव रंजन,समाजसेवी राजेश भगत ने संयुक्त रूप से किया।झारखण्ड के नागपुरी गीतों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इस एल्बम का नवनिर्माण किया गया है।जिसमें इस एल्बम की शूटिंग झारखण्ड के विभिन्न इलाकों में हुआ।

भगत मोशन पिक्चर्स के रब मानेला के मुख्य कलाकार इस प्रकार हैं।
आर्टिस्ट - एंजेल लकड़ा ,आशीष तिग्गा
सिंगर - विवेक नायक
म्यूज़िक - उपेन्द्र पाठक
डायरेक्टर - अनमोल खलखो
डी ओ पी - अलबर्ट एक्का
एडिटर - धीरज डैनियल कुजूर , रे शर्मा  मेकअप अलीशा सिंह,
प्रोडक्शन मनेजर - एंजेल लकड़ा
प्रोड्यूसर - भगत मोशन पिक्चर्स है। इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रशान्त मिश्रा, अमित कुमार ,मनोज सहरी, अमित तिर्की,लव लेजली,अनूप टॉप नो ,रवि लकड़ा,ओम प्रकाश आदि उपस्थित थे।ये जानकारी अमन ने दी।

धालभूम एयरपोर्ट का काम 18 माह में पूरा करेंः रघुवर दास



रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि योजना पर कार्य शुरू होने से पहले वन विभाग सहित अन्य विभागों से समन्वय की आवश्यकता होती है। सभी विभागों को चाहिए कि समानांतर कार्रवाई करते हुए सभी क्षेत्र में अपना कार्य करें। ताकि एक निर्धारित टाइमलाइन पर कार्य शुरू हो और वह कार्य अपने निर्धारित प्राक्कलन और समय के अनुरूप पूरा हो सके।

धालभूम एयरपोर्ट 18 माह में पूरा करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि धालभूम एयरपोर्ट का निर्माण अपने निर्धारित टाइमलाइन से हो। अगले 18 माह में इसका निर्माण पूरा हो जाय। बोकारो और दुमका से हवाई यात्रा भी शीघ्र शुरू हो इसकी सारी तैयारी निर्धारित टाइमलाइन में पूरा करें।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी, अपर मुख्य सचिव वन श्री इंदु शेखर चतुर्वेदी, अपर मुख्यसचिव जल संसाधन श्री अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, पथ निर्माण सचिव श्री के के सोन, परिवहन सचिव श्री प्रवीण टोप्पो सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

किसानों के डाटा अपडेट की प्रगति की मुख्य सचिव ने की समीक्षा

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना से अधिकतम किसानों को जोड़ेः डा. डीके तिवारी



रांची। मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के अंतर्गत आनेवाले सभी किसानों को लाभ देने की प्रक्रिया युद्धस्तर पर जारी है। इसे लेकर कई स्तरों पर लगातार समीक्षा का दौर भी जारी है। मुख्य सचिव डॉ. डी के तिवारी ने भी इस कार्य की समीक्षा करते हुए सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि सात अगस्त तक योजना के तहत आनेवाले सभी लाभुक किसानों की सूची अपडेट कर लें। अधिकतम किसानों को योजना का लाभ मिल सके, इसके लिए दिन-रात काम करने का निर्देश दिया है। कई जिलों के उपायुक्तों ने बताया कि उनके यहां शिफ्ट में 24 घंटे अनवरत कार्य जारी है। मुख्य सचिव झारखंड मंत्रालय में राज्य के तमाम उपायुक्तों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना से किसानों को जोड़ने के कार्य की प्रगति की जिलावार समीक्षा कर रहे थे।

किसानों के खाते में सीधे जाएगी राशि

मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना से जुड़ने वाले राज्य के किसानों को प्रति परिवार धारित भूमि के अनुरूप प्रति एकड़ पांच हजार रुपये सीधे उनके बैंक खाते में भेजे जाएंगे। जिस किसान की जमीन एक एकड़ से कम होगी, उसे भी पांच हजार रुपये मिलेंगे। इस तरह इस योजना से प्रति किसान परिवार न्यूनतम पांच और अधिकतम 25 हजार रुपये मिलेंगे। मालूम हो कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य के प्रत्येक किसान को छह हजार रुपये सीधे उनके बैंक खाते में दिए गए हैं। इस प्रकार झारखंड के किसानों को न्यूनतम 11 हजार और अधिकतम 31 हजार रुपये प्रति परिवार मिल सकेंगे।

उपायुक्तों के मूल्यांकन का आधार बनेगा उनका प्रदर्शन

मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना को राज्य की महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए कहा कि इसका सफल क्रियान्वयन उपायुक्तों के मूल्यांकन का आधार बनेगा। इसके लिए उन्होंने उपायुक्तों को चुनाव की तरह दिन-रात काम कर लक्ष्य संधान का निर्देश दिया। योजना से जुड़े किसानों की सूची ऑनलाइन अपडेट करने में आ रही दिक्कतों का समाधान करते हुए मुख्य सचिव ने आईटी विभाग को निर्देश दिया कि वे चार अलग-अलग सर्वरों पर जिलों को बांट दें। इससे डाटा अपडेट करने में समय कम लगेगा तथा तय समय में कार्य पूर्ण हो जाएगा।

10 अगस्त से रांची में योजना की होगी शुरुआत

राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की लांचिंग 10 अगस्त को रांची से होगी। उसी दिन तमाम जिलों में बीस सूत्री के प्रभारी मंत्री संबंधित जिलों में किसानों के खाते में मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की राशि ऑनलाइन भेजेंगे। जहां बीस सूत्री के प्रभारी मंत्री नहीं हैं, वहां यह कार्य वहां के सांसद के हाथों होगा।

उपायुक्तों को इस कार्यक्रम की तैयारी से संबंधित भी निर्देश दिये गए

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संपन्न समीक्षा बैठक में राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार सचिव श्री केके सोन, सूचना प्रौद्योगिकी सचिव श्री विनय कुमार चौबे, कृषि सचिव पूजा सिंघल समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

सड़कों के विकास से पड़ती है आर्थिक समृद्धि की नींवः केके सोन

पथ निर्माण विभाग के सचिव के के सोन ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया

रांची। विकास के लिए मजबूत आधारभूत संरचना अत्यंत आवश्यक है. सड़कों से विकास के मानक तय होते हैं. गुणवत्तायुक्त सड़कों का जाल बिछा हो तो राज्य में आर्थिक समृद्धि की नींव पड़ती है. यही वजह है कि मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास की प्राथमिकता में सड़कों का अधिक से अधिक निर्माण करना शामिल है. पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री के के सोन ने आज सूचना भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ये बातें कही. उन्होंने बताया कि 2014 तक हुई प्रगति की तुलना में पिछले साढ़े चार साल में सड़क पुल आदि सभी क्षेत्रों में लगभग दो से ढाई गुना की वृद्धि हुई है। पिछले साढ़े 4 साल में राज्य योजना से 5575 किलोमीटर सड़कों निर्माण, पुर्ननिर्माण या मरम्मति हुई है, जबकि केंद्रीय पथ निधि से 246.2 किमी तथा एन् एच के तहत् 964 किमी सड़क का निर्माण हुआ है। और राज्य योजना से 122 उच्चस्तरीय पुलों का कराया गया है. वर्तमान में प्रतिदिन 3.39 किलोमीटर सड़कें बन रही है. इस दौरान सड़कों की लंबाई 4076 किलोमीटर की बढ़ोतरी हुई है। 2014 के 8503 किमी से बढ़कर 12,580 किलोमीटर हो गई है. जबकि 2014 तक केवल 3103 किमी की बढ़ोत्तरी हुई थी। उन्होंने बताया कि अगले 100 दिनों के अंदर 740 करोड़ रुपए से 400 किलोमीटर नई सड़कों और 15 पुलों का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है.

टूरिस्ट सर्किट के अंतर्गत आनेवाले क्षेत्रों में सड़क निर्माण है प्राथमिकता

श्री सोन ने बताया कि झारखंड के टूरिस्ट सर्किट में आनेवाले क्षेत्रों की सड़कों को बेहतर बनाने को प्राथमिकता दी जा रही है. इसके अंतर्गत राजरप्पा जाने वाली सड़क का चौड़ीकरण, देवघर- वसुकिनाथधाम- तारापीठ, पलामू-महुआडांड सड़क के मरम्मतीकरण के साथ पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण और मरम्मत का काम प्रगति पर है.

800 किलोमीटर सड़कों का होगा रोड सेफ्टी आडिट

पथ निर्माण सचिव ने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर भी विभाग गंभीर है. सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिन्हित किए गए ब्लैक स्पॉट को ठीक किया जा रहा है. इसके साथ पहले चरण में 800 किलोमीटर सड़क का रोड सेफ्टी आडिट कराया जाएगा.

रांची-टाटा फोरलेन निर्माण का कार्य पर पूरी नजर

श्री सोन ने बताया कि रांची-टाटा रोड के काम में तेजी लाने के लिए चार हिस्सों में बांटा गया है. इसका काम पर पूरी नज़र बनी हुई है। अगले 18 माह में इसे पूर्ण कर लिया जाएगा.

टेंडरों में पारदर्शिता के लिए उठाए गए हैं कई कदम

श्री सोन ने बताया कि 50 लाख से ज्यादा लागत वाली सड़कों के लिए ई-टेंडर जारी किया जाता है. इसके साथ यू-कैन सिस्टम के जरिए टेंडर डालनेवाले संवेदकों द्वारा किए गए कार्यों की पूरी जानकारी हासिल हो जाती है. साहेबगंज में गंगा नदी पर पुल निर्माण को लेकर 6 अगस्त को री-टेंडर होगा.

भारतमाला योजना को लेकर भी सरकार गंभीर

श्री सोन ने बताया कि भारतमाला योजना के अंतर्गत संबलपुर-रांची और रायपुर-धनबाद रोड को केंद्र की स्वीकृति मिल चुकी है और ओड़िसा-साहेबगंज होते हुए उत्तर-पूर्व को जोड़नेवाली सड़क के प्रस्ताव की स्वीकृति बाकी है. उन्होंने बताया कि राज्य के 19 आकांक्षी जिलों में सड़कों के निर्माण, मरम्मत या पुर्ननिर्माण विभाग की प्राथमिकता में है.

नेशनल हाइवे की 18 सड़कें परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर

श्री सोन ने कहा कि झारखंड राज्य में नेशऩल हाइवे की 18 सड़क परियोजनाओं के अंतर्गत 680 किमी लंबी सड़कें बनाई जाएंगी. इसमें 12 परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है, जबकि 5 योजनाओं के लिए एग्रीमेंट हो चुका है. इसके साथ एनएच की 10 योजनाओं को स्वीकृति मिलने का इंतजार है.

2019-20 के लिए 21 सड़कों के निर्माण को स्वीकृति

श्री सोन ने बताया कि राज्य सरकार ने 2019-20 के लिए 21 सड़कों के निर्माण को स्वीकृति दी है. इसमें से कई सड़कों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है. इसके अंतर्गत लगभग 563 किमी सड़कें बनाई जाएंगी. इसके अलावा स्टेट हाइवे अथॉरिटी की ओर से लगभग 859 किमी सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है.

पीपीपी मोड की पांच सड़कों का निर्माण कार्य पूरा

श्री सोन ने बताया कि रांची रिंग रोड के सेक्शन 3, 4,5, 6 और 7 का कार्य पूर्णँ हो चुका है. रांची-पतरातू डैम रोड, पतरातू डैम- रामगढ़ रोड, चाईबासा-कांड्रा-चौका रोड, आदित्यपुर-कांड्रा रोड पर भी परिचालन शुरु हो चुका है. इसके अलावा ईएपी के अंतर्गत दुमका-हंसडीहा रोड, पचंबा-जमुआ-सारवां रोड, गोविंदपुर-टुंडी-गिरिडीह रोड और खुंटी-तमाड़ रोड का निर्माण कार्य प्रगति पर है.

रेलवे ओवरब्रिजों पर खर्च किए जाएंगे 931 करोड़ रुपए

श्री सोन ने बताया कि झारखंड में रेलवे मंत्रालय और झारखंड सरकार के सहयोग से 47 ओवरब्रिजों का निर्माण होना है. इसमें से 27 ओवरब्रिज परियजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है. इन 27 ओवरब्रिजों के निर्माण पर 931 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें दो ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि 21 का निर्माण कार्य प्रगति पर है. इसके अलावा तीन रेलवे ओवरब्रिज की स्वीकृति इस साल फरवरी में दी गई है. .

इस अवसर पर पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख श्री रास बिहारी सिंह, संयुक्त सचिव पवन कुमार, मुख्य अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ श्री ओम प्रकाश विमल, सूचना एवं जन संपर्क से उप निदेशक श्री अजय नाथ झा सहित अन्य मौजूद थे.

भाजपा सरकार के पास विजन नहीं : एनके यादव



रांची। नागरिक अधिकार पार्टी के अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार के पास विकास का कोई विजन नहीं है। सरकार विकास का कोई ठोस खाका आज तक नहीं बना पाई। रघुवर सरकार महज कागजी घोड़े दौड़ा रही है। धरातल पर काम नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में यूपीए सरकार की बनाई गई कई नीतियों की कार्बन कॉपी बनाकर उसे ही लागू कर भाजपा सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है। यही वजह है कि सूबे का अपेक्षित विकास नहीं हो सका। आम नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी, सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने में सरकार सक्षम नहीं है। श्री यादव ने शुक्रवार को एक प्रेस बयान जारी कर कहा कि राज्य में वर्तमान मंे जो हालात हैं, उसे देखते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास को अपने पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है। रोजगार के अभाव में राज्य से गरीब मजदूरों का पलायन हो रहा है। जबरन रैयतों की जमीन अधिग्रहित कर लोगों को  विस्थापित किया जा रहा है। राज्य मंे विधि-व्यवस्था की स्थिति खराब है। अपराधियों का बोलबाला है। दिन दहाड़े हत्या, लूटपाट की घटनाएं हो रही है। सरकारी तंत्र अपराध पर अंकुश लगाने में विफल है। सूबे में नक्सल समस्या बरकरार है। राज्य के किसान बदहाल हैं। युवाओं का भविष्य संवारने का झांसा देकर सरकार उनक ा भविष्य चौपट कर रही है। महिलाओं के सशक्तीकरण के नाम पर महज खानापूरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासनकाल में राज्य में विकास रफ्तार नहीं पकड़ रहा है। राज्य में सत्ता परिवर्तन वर्तमान समय की मांग है। उन्होंने भाजपा को सत्ता से बेदखल करने का आह्वान करते हुए कहा कि आगामी चुनाव में झूठे दावे करने वाले भाजपा को सबक सिखाएं तभी स्वस्थ और स्वच्छ झारखंड का सपना साकार हो सकेगा।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...