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रविवार, 4 अगस्त 2019

झारखंड प्रदेश वीरांगना का चुनाव संपन्न


मीरा शाहदेव पुनः अध्यक्ष और  भारती सिंह महासचिव चुनी गयी
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ज्योति सिंह रांची महानगर अध्यक्ष और जूही सिंह महासचिव


रांची। अंतर्राष्ट्रीय क्षत्रिय वीरांगना फ़ाउण्डेशन (पंजी.) की झारखंड प्रदेश इकाई का निर्वाचन रांची के रातु रोड स्थित विशालाक्षी हाॉल में सम्पन्न हुआ। इसमें मुख्य अतिथि के रूप मे मंजू सिंह उपस्थित थींl संगठन के संस्थापक सह मुख्य संरक्षक डा एम एस सिंह 'मानस' और निर्वाचन पदाधिकारी रेणु सिंह(बाबु वीर कुंअर सिंह  की परपोती) ने संगठन संविधान के अनुसार निर्वाचन की आवश्यक प्रक्रियाओं को पूर्ण करने के उपरांत सभी पदों पर निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा कीl  झारखंड प्रदेश वीरांगना की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी समिति की सूची इस प्रकार है :-
वरीय संरक्षक मंडल :
1- रानी अरुणिमा सिंहदेव सरायकेला।
2- मंजु सिंह, पाकुडl
3-  सुमित्रा देवी, जमशेदपुरl
4- अमरावती सिंह, रामगढl
5-  सीता सिंह, जमशेदपुरl
6-  रुपा सिंह, कदमा, जमशेदपुरl
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संरक्षक मंडल :-
1- अपराजिता सिंहदेव, खरसावा, राजपरिवारl
2-  आरती सिंह, नामकुम, रांचीl
3-  श्वेता सिंह, धनबादl
4- डा किरण सिंह, सरायकेला l
 5- माया सिंह सिसोदिया, रांचीl
6-  स्वप्निल सिंहदेव, वीरू राजपरिवार, सिमडेगाl 
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प्रदेश अध्यक्ष - मीरा शाहदेव, राँची l
प्रदेश महामंत्री -  भारती सिंह, जमशेदपुर l
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष - माधवी सिंह, झरिया राजपरिवार, धनबादl

प्रदेश उपाध्यक्ष
1-   राजमनी सिंह, आदित्यपुरl
2-  इंदु सिंह, सरायकेलाl
3-  अनिता सिंह, केरेडारी,  हजारीबागl
4-  कंचन सिंह, सिमडेगाl
प्रदेश कोषाध्यक्ष -  नीलम सिंह, सोनारी, जमशेदपुरl
प्रदेश संगठन सचिव
1-  सोनी सिंह, रामगढ़l
2-  सरोज सिंह, जमशेदपुरl
3-  उषा सिंह, सिमडेगाl
जनसम्पर्क सचिव - मीता सिंह विसेन, सिमडेगाl

प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य:-
1- अनामिका शाहदेव, किशोरगंज, रांचीl
2-  संध्या सिंह, डिमना, जमशेदपुरl
3-   सिया सिंह, गढवा l
4- पुजा सिंह, बोकारोl
5-  रेणुका सिंह, हटियाl
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रांची महानगर इकाई:-
1- अध्यक्ष-  ज्योति सिंह, रांची l
2- महासचिव - जूही पंकज सिंह, रांचीl

 रेणु सिंह,निर्वाचन पदाधिकारी - झारखंड प्रदेश वीरांगनाl

सीएम रघुवर दास ने किया अनुज सिन्हा की चार पुस्तकों का लोकार्पण

सब के साझे प्रयास से झारखण्ड को खुशहाल बनाया जा सकता है।

आदिवासियों पर न संकट था और न रहेगा

आड्रे हाउस में राज्य के इतिहास से जुड़े दस्तावेज संग्रहित किये जाएंगे



रांची। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने से हम सब महज कुछ माह दूर हैं। यह मेरा सौभाग्य है कि ऐसे में गांधी जी के झारखण्ड आगमन और राज्य से जुड़ी बातों को समाहित करता पुस्तक “महात्मा गांधी की झारखण्ड यात्रा” को लोगों को समर्पित करने का अवसर मिला। आजादी से पूर्व गांधी जी ने झारखण्ड की कई बार यात्रा की लेकिन इससे संबंधित दस्तावेज हमारे पास नहीं थे। लेकिन इस पुस्तक ने गांधी जी के झारखण्ड आगमन के सभी तथ्यों को प्रमाणिकता के साथ रखा है, जो आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा देता रहेगा। इस पुस्तक के लेखक को बधाई व उनका अभिनन्दन। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने आर्यभट्ट सभागार में प्रभात खबर के कार्यकारी संपादक श्री अनुज कुमार सिन्हा द्वारा लिखित पुस्तक “महात्मा गांधी की झारखण्ड यात्रा”, “असली झारखण्ड”, “झारखण्ड के आदिवासी पहचान का संकट” और “ब्यूरोक्रेट्स और झारखण्ड” नामक पुस्तक का लोकार्पण समारोह में कही।

आदिवासियों पर न संकट था और न रहेगा, इन्हें कोई नहीं मिटा सकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि “आदिवासी पहचान का संकट” नामक पुस्तक अच्छी रचना है। लेकिन मेरा मानना है कि झारखण्ड में कभी भी आदिवासियों पर अपनी पहचान का संकट न था और न रहेगा। झारखण्ड से आदिवासियों को कभी कोई भी मिटा नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की संस्कृति से कुछ विदेशी शक्तियों ने छेड़छाड़ की है लेकिन वो हावी नहीं हो सकी। आजादी के पूर्व से ही विदेशी तत्त्वों के द्वारा आदिवासियों के धर्मांतरण के माध्यम से इनकी पहचान मिटाने के प्रयास होते रहे हैं। महात्मा गांधी ने भी धर्मांतरण पर चिंता जताई थी। विदेशी शक्ति इस कार्य मे लगी है लेकिन आदिवासी समाज सजग और जागरूक है। झारखण्ड में आदिवासियों की संस्कृति की जड़े इतनी मजबूत हैं कि मिटाना तो दूर, कोई उसे कोई हिला भी नहीं सकता है।


2022 तक नया भारत और नया झारखण्ड

श्री दास ने कहा कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर स्वच्छ भारत के निर्माण के लिए पूरा देश आंदोलन से जुड़ चुका है। स्वच्छ भारत की ओर हम अग्रसर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी के बताए स्वशासन, सुराज और विकास को आत्मसात कर केंद्र और राज्य सरकार कार्य कर रही है। आज के परिदृश्य में भारतीय राजनीति में परिवर्तन भी आया है। आज विकास सर्वोपरि है। जातिवाद, क्षेत्रवाद और संप्रदाय वाद को लोगों ने नकार दिया है।

2022 तक नया भारत और नया झारखण्ड

मुख्यमन्त्री ने कहा कि प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ 2022 तक नया भारत बनाने का संकल्प लिया है। भ्रष्टाचार और गरीबी मुक्त एक ऐसा भारत जिसमें कोई भी बे-दवा, बे-इलाज, बे-घर, बे-इल्म ना रहे। 2022 तक हम भी न्यू झारखण्ड देश के सामने रखेंगे। नकारात्मकता की राजनीति का अंत कर विकास का संकल्प ही ध्येय है।

खुशहाल झारखण्ड की नींव पड़ चुकी है

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राज्य में स्थिर सरकार है और राज्य के विकास के लिए यह जरूरी भी है। मैं दावा नहीं करता कि चीजों को हमने पूरी तरह बदल दिया लेकिन शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार समेत अन्य क्षेत्रों में बदलाव के पहल हुए हैं। खुशहाल झारखण्ड की नींव पड़ चुकी है। सबके साझे प्रयास से ही हम झारखण्ड को खुशहाल बना सकते हैं। यहां उपस्थित लेखक, चिंतक इस बात पर अपने विचार अपनी लेखनी के माध्यम से जरूर रखें कि झारखण्ड को कैसे सजाया और संवारा जाए।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि कला संस्कृति विभाग आड्रे हाउस में राज्य के इतिहास और सभी तथ्यों से जुड़े सभी अभिलेख और दस्तावेज संग्रहित कर अध्येताओं और पाठकों के लिए रखे जाएंगे।

गांधी को महात्मा बनाने में रांची की भूमिका भी है

राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश ने कहा कि महात्मा गांधी की झारखण्ड से जुड़ी बातों को पुस्तक में समाहित किया गया है। मुझे उम्मीद है कि ये सभी पुस्तकें समाज खासकर युवाओं को प्रेरणा देगा। श्री हरिवंश ने कहा कि सत्य और अहिंसा की तकरीर रांची में तैयार हुई थी। झारखण्ड के टाना भगतों पर रिसर्च होना चाहिए। इसके लिए लोग आगे आये सरकार जरूर आपकी मदद करेगी। श्री हरिवंश ने कहा कि लोगों में लिखने की प्रेरणा हमेशा बनी रहनी चाहिए। किताबें हमें ताकत देती हैं विपरीत परिस्थितियों से जूझने के लिए। ये सभी पुस्तकें लोगों पर अपना साकारात्मक प्रभाव अवश्य छोड़ेगी।

झारखण्ड की धड़कन को शब्दों में पिरोया
पद्यम् श्री अशोक भगत ने कहा कि इन पुस्तकों के माध्यम से आज की पीढ़ी को जानकारी देने का यह सराहनीय प्रयास है। झारखंड को नजदीक से देखते हुए शब्दों का रूप दिया गया है। गांधीजी के झारखंड आगमन का संकलन काफी अच्छा है। आदिवासी संस्कृति प्रेरणा केंद्र को इस पुस्तक में उजागर किया गया है। लोग इस पुस्तक को जरूर पढ़ें ताकि झारखंड को ठीक से समझा जा सके। नए लेखक भी इस दिशा में आगे आएं।

यह सोचना होगा हम आनेवाली पीढ़ी को क्या देकर जाएंगे

पुस्तकों के लेखक श्री अनुज कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य के लोगों को दस्तावेज और जानकारी इन पुस्तकों से मिलेगी। हमारा उद्देश्य है कि राज्य के लोग खुश और समृद्ध रहें। इन पुस्तकों के माध्यम से सरकार को नीतियां, प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहें युवाओं के लिए ये पुस्तकें सहायक होंगी। श्री सिन्हा ने कहा कि हम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने वाले हैं। ऐसे समय में “महात्मा गांधी की झारखण्ड यात्रा” का अपना महत्व है। पुस्तक के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया गया है कि झारखण्ड में गांधी आगमन कब कब हुआ और उनकी जीवन यात्रा की में झारखण्ड की भागीदारी का उल्लेख किया गया है। हमारा प्रयास होगा आनेवाले समय में हम और अच्छी पुस्तके लिखने की कोशिश करेंगे।

इस मौके पर प्रभात खबर के प्रधान संपादक श्री आशुतोष चतुर्वेदी, प्रबंध निदेशक श्री के के गोयनका,  व प्रभात प्रकाशन के डॉ पीयूष कुमार ने भी अपने विचारों को रखा।

मुख्यमंत्री ने पुस्तकों का लोकार्पण कर उसकी पहली प्रति लेखक के 83 वर्षीय पिता श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिन्हा को समर्पित कर उनका सम्मान किया।

इस अवसर पर राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश, कांके विधायक डॉ जीतू चरण राम, पद्यम् श्री अशोक भगत, पद्यम् श्री बलबीर दत्त, जस्टिस श्री विक्रमादित्य, प्रभात खबर के प्रधान संपादक श्री आशुतोष चतुर्वेदी, प्रभात खबर के एमडी श्री के के गोयनका, प्रभात खबर के कार्यकारी संपादक श्री अनुज कुमार सिन्हा, प्रभात प्रकाशन के डॉ पीयूष कुमार, रांची यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ रमेश पांडे व अन्य गणमान्य लोग कार्यक्रम में उपस्थित थे।

राज ठाकरे को घेरने की तैयारी में भाजपा




देवेंद्र गौतम
राज ठाकरे केंद्र सरकार की आंख की किरकिरी बनते जा रहे हैं। उन्होंने ईवीएम विरोधी आंदोलन के लिए विपक्षी दलों को कजुट करना शुरू कर दिया है। सी क्रम में वे प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी मिल चुके हैं। विपक्षी दलों का मानना है कि मोदी सरकार ईवीएम पर सवार होकर सत्ता में वापस लौटी है। लोकसभा चुनाव के बाद जहां-जहां भी बैलेट पेपर से निकाय चुनाव हुए भाजपा औंधे मुंह गिरी। इससे ईवीएम में गड़बड़ी का संदेह और पुष्ट हुआ। लेकिन मोदी सरकार विरोध को बिल्कुल सहन नहीं करती। इसलिए अब उसके रडार पर राज ठाकरे हैं। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे की पार्टी लोकसभा चुनाव में शामिल नहीं हुई थी, लेकिन राज ठाकरे ने पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ लगातार रैलियां आयोजित कर आग उगली थी। शिवसेना और भाजपा पर वे लगातार हमलावर रहे हैं। चुनाव में भाजपा की प्रचंड बहुत के साथ वापसी के बाद उन्होंने चुनाव आयोग को खुली चेतावनी दी थी कि वे ईवीएम से महाराष्ट्र का चुनाव नहीं होने देंगे।
चुनाव कराना है तो बैलेट पेपर से कराए। इसके बाद वे भाजपा विरोधी ताकतों को वे एकजुट करने में लगे हुए हैं। भाजपा को इस बात का अहसास है कि महाराष्ट्र में मनसे की सत्ता की राजनीति में भले विशेष पकड़ नहीं हो लेकिन वह एक बड़ी राजनीतिक शक्ति है। उसके पास संगठन है और उसके समर्थक सड़कों पर उतर आए तो उनपर काबू पाना कठिन है। पूरे तंत्र पर हावी हो चुकी भाजपा इतना विरोध, इतना दुःसाहस कैसे सहन करती। लिहाजा राज ठाकरे की नकेल कसने के लिए ईडी को हरी झंडी दे दी। ईडी ने दादरी स्थित कोहिनूर मिल न.3 की खरीदारी मामले में राज ठाकरे को घेरने की तैयारी कर ली है। कोहिनूर मिल्स के चीफ फाइनेंस ऑफिसर से पूछताछ की जा चुकी है। अब जल्द ही राज ठाकरे से पूछताछ की जा सकती है। उन्हें इसके लिए समन जारी किया जा सकता है।
 सरकार का मानना है कि वे ईडी के चक्कर में फंसे रहेंगे तो विधानसभा चुनाव के दौरान ज्यादा विरोध नहीं कर पाएंगे और चुनाव को प्रभावित करने की उनकी कोशिशें धीमी पड़ जाएंगी। ईडी की जांच शुरू होने पर उनकी छवि भी प्रभावित होगी और समर्थकों के बीच उनकी पकड़ भी कमजोर हो जाएगी। मोदी-शाह की जोड़ी विरोध में उठे सर को कुचल डालने में परहेज़ नहीं करती। सरकार सत्ताबल के जरिए किसी को परेशान कर सकती है। भले बाद में वह बेदाग साबित हो जाए। लेकिन राज ठाकरे ज़मीन के नेता हैं। उनपर हाथ डालने से महाराष्ट्र में अशांति भी फैल सकती है।

बच्चों की बौद्धिक क्षमता विकसित करने की पहल


* एवरफ्रेश का पावर ऑफ माइंड प्रशिक्षण कार्यक्रम


रांची। एवरफ्रेश तीन स्तर पर बच्चों के दिमाग को बेहतर ढंग से काम करने के लिए प्रशिक्षित करता है। इसमें पावर ऑफ माइंड यानी याद रखने की क्षमता, वैदिक मैथ्स और लिखने की कला शामिल है। पावर ऑफ माइंड के तहत 7 से 16 साल तक के बच्चों को 2 दिन की कार्यशाला में शामिल किया जाता है। इन्हें 5 फॉलोअप क्लास भी लेने होते हैं। इस कार्यशाला में ब्रेन जिम एक्सरसाइज, आंखों की पुतलियों का एक्सरसाइज, ऊर्जा से संबंधित एक्सरसाइज, 3D इमेज गेम, ब्रेनवेव म्यूजिक, पजल गेम्स, डांस आदि शामिल होते हैं। इसके अलावा इंप्रूव योर मेमोरी स्किल प्रोग्राम में 8 से 16 साल तक के बच्चे भाग ले सकते हैं। इस कोर्स को 20 क्लासेज में पूरा किया जाता है। इसमें याददाश्त बढ़ाने के तरीके बताए जाते हैं और उन्हें कारगर भी किया जाता है। इसके तहत चित्र, आवाज तथा अर्थ आदि याद रखने की क्षमता को विकसित करने के तरीके बताए जाते हैं। इस कोर्स के तहत 10 से 12 तरह की तकनीक होती है, जिसे फॉलो करना होता है। इस संबंध में एवरफ्रेश के वीपी अंशुमन रॉय ने संवाददाताओं को बताया कि संस्थान का एक ब्रांच रांची में खोला गया है। यह बालिका शिक्षा सदन, सर्कुलर रोड में शुरू होगा। इसके बाद शहर के विभिन्न स्कूलों एवं अन्य संस्थानों में भी बच्चों को स्मार्ट बनाने के ऐसे ही क्लासेज की शुरुआत होगी। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के अतिरिक्त इन कोर्सेज को पूरा करने से बच्चों की मेमोरी इतनी शार्प हो जाती है, कि वे चुटकियों में किसी भी सवाल का जवाब दे सकते हैं। इतना ही नहीं, मैथ्स के जटिल इक्वेशन भी तुरंत सॉल्व कर सकते हैं। इसके लिए वैदिक मैथ्स कोर्स क्लास 3 से 12 तक के बच्चों के लिए रखा गया है। प्रेसवार्ता में थुमा दास, अनुपमा मिश्रा, डॉ कमल बोस, डॉ भास्वती चक्रवर्ती, हीरक देवनाथ, देवराय चक्रवर्ती, विजय राजगढ़िया मौजूद थे।

झारखंड महिला सियासत का पहला अधिवेशन



संयुक्त मोर्चा की सरकार बनी तो होगा शिक्षा और स्वास्थ्य निःशुल्कः कैप्टन सुधीर सिन्हा 

*विधानसभा के 17 सीटों पर प्रत्याशियों की  घोषणा
* नशा मुक्त और भ्रष्टाचार मुक्त झारखंड निर्माण का संकल्प 


रांची। झारखंड विधानसभा के चुनाव में इस बार झारखंड महिला सियासत के बैनर तले संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में सभी 81 सीटों पर महिला प्रत्याशी उतारे जाएंगे। इस संबंध में रविवार को राजधानी के गौस्सनर थियोलाॅजिकल सोसायटी के सभागार में आयोजित झामसि के अधिवेशन में निर्णय लिया गया। झामसि के संयोजक कैप्टन सुधीर सिन्हा ने कहा कि महिलाओं को संविधान सम्मत अधिकार देने में तकरीबन सभी राजनीतिक दल कोताही बरतते रहे हैं। महिलाओं को समुचित सम्मान नहीं मिल रहा है, जबकि महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनका वाजिब हक दिलाने के उद्देश्य से झारखंड महिला सियासत का गठन किया गया है। इसके बैनर तले संयुक्त मोर्चा में विभिन्न राजनीतिक दल शामिल हो रहे हैं। इसके माध्यम से अबकी बार महिला सरकार के नारे के साथ झारखंड में महिला के नेतृत्व में सरकार बनाने की पहल प्रारंभ की गई है। अधिवेशन में जाने-माने समाजसेवी और संयुक्त मोर्चा के प्रदेश प्रभारी  कुलदीप टोप्पो ने कहा कि अलग राज्य गठन के बाद झारखंड का अपेक्षित विकास नहीं हो सका। अब तक किसी भी राजनीतिक दल ने झारखंड के विकास का ठोस खाका तैयार नहीं किया। जिससे सूबे में विकास की गति तेज हो सके। राजनीतिक दल सिर्फ अपनी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए ही अब तक सक्रिय रहे। जनहित के कार्यों को तवज्जो नहीं दिया गया। जिससे विकास के मामले में झारखंड आज भी अन्य राज्यों की तुलना में काफी पीछे है।
अधिवेशन में झामसि की प्रवक्ता ज्योति भेंगरा ने कहा कि महिला सियासत के बैनर तले सही मायने में महिला सशक्तिकरण के नारे को धरातल पर उतारा जाएगा। वहीं, संगठन की कोषाध्यक्ष मार्सेला खलखो ने कहा कि हमें किसी से बैर नहीं, लेकिन महिलाओं की उपेक्षा करने वाले दलों की अबकी बार खैर नहीं। अधिवेशन में झामसि का चुनावी घोषणा पत्र भी जारी किया गया, जिसमें नशा मुक्त और भ्रष्टाचार मुक्त झारखंड बनाने, शिक्षा व स्वास्थ्य निशुल्क करने, अनुबंध पर कार्यरत और मानदेय प्राप्त करने वाले कर्मियों को नियमित करने, किसानों को खेती के लिए बीज और बिजली मुफ्त मुहैया कराने, आंगनबाड़ी केंद्रों और जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पड़े सरकारी स्कूलों का अविलंब जीर्णोद्धार करने, रोजगार सृजन और बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने, शहरी पेयजल आपूर्ति में सुधार और गांवों तक पेयजल आपूर्ति करने, सूबे के सर्वांगीण विकास से हर नागरिक के चेहरे पर खुशियां लाने सहित विकास के अन्य पैमाने पर राज्य को बेहतर बनाने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों ने संयुक्त मोर्चा में शामिल होने की घोषणा की। इसमें राष्ट्रीय राष्ट्रवादी पार्टी नागरिक अधिकार पार्टी, वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल, पिछड़ा समाजवादी यूनाइटेड पार्टी, राष्ट्रीय रिपब्लिकन पार्टी के नामों की घोषणा की गई।
 अधिवेशन में झारखंड के 17 विधानसभा क्षेत्रों से झामसि के प्रत्याशियों के नाम की भी घोषणा की गई। इसमें हटिया विधानसभा क्षेत्र से उर्मिला यादव, रांची से सुशीला शाहदेव, कांके से काजल कुमारी पासवान, खिजरी से उमा देवी मुंडा, सिमडेगा से फ्लोरा मिंज, खूंटी से अर्पना बारला,  लोहरदगा से उर्मिला तिग्गा, बरहेट से मरनिशा हांसदा, मनिका से सोनिया तिग्गा, धनबाद से लक्ष्मी देवी, मधुपुर से अरुणिमा सिन्हा, महगामा से आशा मकाड़े, पाकुड़ से आसमां आरा खातून, बहरागोड़ा से सविता कैबार्ते, मनोहरपुर से सुशीला टोप्पो,मांडर से प्रेमलता तिग्गा और बड़कागांव से पूनम सिंह शामिल हैं। अधिवेशन में काफी संख्या में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के  प्रतिनिधि गण मौजूद थे।

शनिवार, 3 अगस्त 2019

सावन आयो रे कार्यक्रम का हुआ आयोजन


रांची। सामाजिक संस्था शारदा फाउंडेशन ,बिप्स एवं चैम्बर ऑफ कॉमर्स के संयुक्त तत्वावधान में चैम्बर भवन में सावन आयो रे सिंगिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें 50 बच्चों ने भाग लिया।साथ ही साथ झारखण्ड की मशहूर गायिका मिताली घोष के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।जिसमें मित।ली घोष अपनी गीतों से अद्भुत शमा बांधा। कार्यक्रम का उद्घाटन  अतिथि  -मिताली घोष,आनंद जालान, राजीव रंजन,आशुतोष द्विवेदी, संजीव कुमार गुप्ता,एवं चैंबर के ceo संतोष नारायण ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर के कार्यक्रम का उदघाटन किया। इस कार्यक्रम में जज की भूमिका में गणेश कुमार एवं सजीव आनंद जी उपस्थित थे।इस कार्यक्रम का उद्देश्य सावन के पवित्र महीने में सावन के गीतों से अपनी संस्कृति को सहेज के रखना था।इस अवसर पर  बच्चों  ने काफी मनमोहन गीतों से लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।इस अवसर पर काफ़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित थे। प्रतियोगिता के परिणाम  इस प्रकार है जूनियर  प्रथम 1  ऋषभ  द्वितीय 2 आर्यन      3 तृतीय    नीला     सीनियर में प्रथम 1   मुस्कान   द्वितीय 2 दीपिका ठाकुर तृतीय 3  अनमोल   रहे।सभी विजेता प्रतिभागियों को  मुख्य अतिथि नगर विकास मंत्री श्री सी पी सिंह एवं कमाल खा अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ने स्मृति चिन्ह एवं पस्सति पत्र देकर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर चेम्बर अध्य्क्ष दीपक मारू, महासचिव कुणाल अजबानी,पवन शर्मा, अभिनेता देवेश खान,रंजना रंजन,पंकज कुमार,आनंद कुमार,एंजेल लाकड़ा ,आदि उपस्थित थे।ये जानकारी अमित कुमार ने दी।

प्रधान सचिव डा सुनील वर्णवाल ने की जन संपर्क कार्यों की समीक्षा

★एक एक व्यक्ति को योजनाओं की जानकारी देने का अभियान चलाएं

★ प्रचार के हर माध्यम का करें उपयोग -- सूचना से सशक्त करें आम जन को


रांची। मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डेन कार्ड वितरण और मुख्यमंत्री सुकन्या योजना मुख्यमंत्री रघुवर दास की सबसे अहम प्राथमिकताएं हैं. इन योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में बैठे लोगों तक पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. राज्य की सवा तीन करोड़ आबादी तक इन योजनाओं की जानकारी और इसका लाभ कैसे लिया जा सकता है, इसे बताना जनसंपर्क विभाग का अहम् दायित्व है. ऐसे में इन योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए मेला-प्रदर्शनी, नुक्कड़ नाटक आदि के साथ सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म का व्यापक और प्रभावशाली तरीके से इस्तेमाल करें, ताकि कोई भी जरूरतमंद इन योजनाओं का लाभ लेने से वंचित नहीं रहे. एक एक व्यक्ति को योजनाओं की जानकारी देने का अभियान चलाएं। प्रचार के हर माध्यम का करें उपयोग -- सूचना से सशक्त करें आम जन को। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने आज सूचना भवन में सूचना एवं जन संपर्क विभाग की समीक्षा बैठक में ये बातें कही.

10 अगस्त को मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का होगा शुभारंभ

डॉ वर्णवाल ने कहा कि उपराष्ट्रपति श्री वेंकैय्या नायडू 10 अगस्त को मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का शुभारंभ करेंगे. इस मौके पर राज्य के 35 लाख किसानों में से पहले चरण में 15 लाख किसानों के बीच पहले किस्त की राशि डीबीटी के माध्यम से दिए जाएंगे. उन्होंने जन संपर्क पदाधिकारियो को निर्देश दिया कि इस अहम योजना का वृहद पैमाने पर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें.

गोल्डेन कार्ड वितरण के लिए 16 अगस्त से 23 सितंबर तक चलेगा अभियान

डॉ वर्णवाल ने कहा कि राज्य के सभी 57 लाख परिवारों के पास गोल्डन कार्ड हो, इसपर सरकार का विशेष जोर है, ताकि उन्हें आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिल सके. इसी के मद्देनजर 16 अगस्त से गोल्डेन कार्ड बनाने व वितरण के लिए अभियान शुरु किया जा रहा है. यह अभियान 23 सितंबर तक चलेगा. इस दौरान कैंप लगाकर लोगों के बीच गोल्डन कार्ड का वितरण किया जाएगा. अभियान के लिए यह तारीख निर्धारित करने की वजह है कि 16 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजेपेयी की पुण्यतिथि है और 23 सितंबर को आयुष्मान भारत योजना की लांचिंग के एक साल पूरे होंगे.

अगले दो माह में 14 लाख महिलाओं को मिलेगा उज्ज्वला योजना का लाभ

राज्य की 29 लाख महिलाओं को अबतक उज्जवला योजना के अंतर्गत मुफ्त गैस कनेक्शन और गैस चूल्हा उपलब्ध कराया जा चुका है. अगले एक से दो महीने के अंदर 14 लाख और महिलाओं को उज्ज्वला योजना का लाभ देने का लक्ष्य सरकार ने तय किया है. डॉ वर्णवाल ने जनसंपर्क पदाधिकारियों को कहा कि वे इस योजना का भी व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के तहत 18 साल पूरा करने वाली अविवहित युवतियों को मिलेगा 10 हजार रुपए

डॉ वर्णवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के अंतर्गत वैसी युवतियों जिनकी उम्र 18 साल हो चुकी है, अविवाहित हैं और जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं उन्हें 10 हजार रुपए दिए जाएंगे. इस योजना का भी व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित हो. युवतियों को यह बताया जाय कि इस योजना का लाभ कैसे लिया जा सकता है।

योजनाओं के प्रचार-प्रसार में स्थानीय भाषा का करें इस्तेमाल

डॉ वर्णवाल ने कहा कि सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार में स्थानीय भाषा का इस्तेमाल करें. संथाल परगना इलाके में संताली, कोल्हान में हो भाषा का इस्तेमाल किया जाए, ताकि टारगेट ग्रुप को यह आसानी से समझ में आ सके. उन्होंने संताल परगना इलाके में सभी आंगनबाड़ी केंद्रों, सरकारी विद्यालयों औऱ स्वास्थ्य केंद्रों में ओलचिकी लिपि मैं योजनाओं को लिखने का कार्य पूरा करने का भी निर्देश दिया. इसके साथ सभी विभागों के आईईसी फंड का कॉमन फंड बनाकर उसका उपयोग किया जाए.

समीक्षा बैठक में सूचना एवं जनसंपर्क के विशेष सचिव श्री रमाकान्त सिंह, निदेशक श्री रामलखन प्रसाद गुप्ता के अलावा सभी उप सचिव, सभी उप निदेशक, सभी सहायक निदेशक, सभी जिला जन संपर्क पदाधिकारी, सहायक जन संपर्क पदाधिकारी और सोशल मीडिया पब्लिसिटी अफसर सहित अन्य मौजूद थे.
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स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...