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गुरुवार, 5 सितंबर 2019

एजुकेशन हब बनने की राह पर झारखंड

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पिछले पांच सालों के अंदर सकल नामांकन अनुपात में 70 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है
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पिछले 5 सालों में पांच नए विश्वविद्यालय, 12 महिला महाविद्यालय, 13 मॉडल महाविद्यालय और 27 विधानसभा क्षेत्रों में डिग्री महाविद्यालय की स्थापना
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★ रांची तारामंडल का निर्माण कार्य पूरा, बहुत जल्द होगा उद्घाटन

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रांची। एजुकेशन हब बनने की राह पर झारखंड के कदम बढ़ चुके हैं. राज्य में उच्च और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए रघुवर सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का नतीजा है कि कई नए कॉलेज और तकनीकी संस्थान खुल चुके हैं और विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिल रही है. उच्च, तकनीकी एवं कौशल विकास विभाग की मंत्री डॉ नीरा यादव ने आज सूचना भवन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ये बातें कही. उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 2012-13 में राज्य में सकल नामांकन अनुपात मात्र 10.1 प्रतिशत था, लेकिन आज यह बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है. इस तरह पांच सालों के अंदर सकल नामांकन अनुपात में 70 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी एक बड़ी उपलब्धि है.

रांची के अलावा दुमका और देवघर में भी ताराघर

शिक्षा मंत्री ने कहा कि रांची में तारमंडल भवन बनकर तैयार है. आज इसका फाइनल ट्रायल हो रहा है और बहुत जल्द इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास करेंगे. इस तारामंडल के निर्माण पर लगभग 26 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं और  जर्मनी के इलेक्ट्रो मैकेनिकल टेक्निक पर यह यह आधारित है. इसके अलावा देवघर और दुमका में भी मिनी तारामंडल का निर्माण कार्य प्रगति पर है.

खुले हैं कई नए विश्वविद्यालय औऱ महाविद्यालय

डॉ नीरा यादव ने बताया कि 2014 में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से पांच नए विश्वविद्यालय खोले गए हैं. इसमें विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय धनबाद, झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय रांची, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय रांची, जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय, जमशेदपुर और झारखंड तकनीकी विश्वविद्यालय रांची शामिल है.  इसके अलावा 12 जिलों में महिला महाविद्यालय, 13 जिलों में मॉडल महाविद्यालय और 27 विधानसभा क्षेत्रों में डिग्री महाविद्यालय खोलने को स्वीकृति मिल चुकी है. उन्होंने बताया कि 21 जिलों में मल्टीपरपस एग्जामिनेशन बिल्डिंग बनाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि देवघर में संस्कृत विश्वविद्यालय खोलने की प्रक्रिया चल रही है.

तकनीकी शिक्षा पर दिया जा रहा विशेष जोर

शिक्षा मंत्री ने बताया कि तकनीकी शिक्षा के लिए राज्य के विद्यार्थियों का दूसरे राज्यों में पलायन नहीं हो, इसके लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. उन्होंने बताया कि राज्य में आज पॉलीटेक्निक संस्थानों की संख्या बढ़कर 43 हो गई है. इन संस्थानों में सीटों की संख्या भी 8820 से बढ़कर 11,575 पहुंच गई है.  इसके अलावा रामगढ़ के गोला, कोडरमा और पलामू में राजकीय महिला अभियंत्रण महाविद्यालय खोला जा रहा है. गोला स्थित अभियंत्रण महाविद्यालय में पढ़ाई भी शुरु हो चुकी है. शिक्षा मंत्री ने बताया कि झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में भी शैक्षणिक सत्र शुरु हो चुका है. जमशेदपुर, बोकारो और गोड्डा में प्रोफेशनल कॉलेज की स्वीकृति राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के अधीन मिल चुकी है.

युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दे रही है सरकार

राज्य के युवाओं को दक्ष बनाने सरकार की विशेष प्राथमिकता है. शिक्षा मंत्री ने बताया कि झारखंड कौशल विकास विकास मिशन सोसाइटी के द्वारा 155 कौशल विकास केंद्र् का संचालन किया जा रहा है. इन केंद्रों में प्रति वर्ष 1,13,460 युवाओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता है. उन्होंने बताया कि झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी की ओऱ से अभथख 79,300 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है और 15,517 युवा प्रशिक्षण ले रहे हैं, जबकि 1,80,521 युवाओं का प्रशिक्षण हेतु पंजीकरण किया गया है. इसके अलावा प्रशिक्षण प्राप्त 48,672 युवाओं को नियोजित किया जा चुका है. शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्यस्तरीय योजनाओं के अंतर्गत अधिक से अधिक संख्या में रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार या स्वरोजगार उपलब्ध कराने के उदेश्य से सभी जिलों में दीनदयाल उपाध्याय कौशल विकास केंद्र (मेगा स्किल सेंटर) खोला जा रहा है.

प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को उपलब्ध कराया जा रहा रोजगार

डॉ नीरा यादव ने कहा कि प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है. 2018 में स्किल समिट में 26,684 युवाओं को नियुक्ति पत्र मिला था, जिसमें झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी द्वारा संचालित कौशल विकास केंद्रों से प्रशिक्षित युवाओं की संख्या 11,048 थी. इसके उपरांत 2019 में हुए ग्लोबल स्किल समिट में 1,06,619 युवाओं को निजी क्षेत्रों में नियोजन हेतु नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया था, इसमें भी 44,649 युवा झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी से प्रशिक्षण लिया था.

संवाददाता सम्मेलन में उच्च, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री शैलेश कुमार सिंह, निदेशक तकनीक श्री अरुण कुमार, अपर सचिव श्री राजेश कुमार, झारखंड कौशल विकास के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री अमर झा, निदेशक उच्च शिक्षा श्री सुशांत मौजूद थे.

फुटबॉल खिलाड़ियों को पौष्टिक आहार के लिए मिलेगी राशि

मुख्यमंत्री फुटबॉल आमंत्रण कप प्रतियोजिता में पंचायत, प्रखंड, जिला व राज्य स्तर पर विजेता टीम से सभी खिलाड़ियों (लगभग 18-19 हजार खिलाड़ी) को पौष्टिक आहार के लिए 1-1 हजार रुपये दिये जाएंगे
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★हर पंचायतों में खेलकूद के लिए मैदान बनाये जायेंगे
★महिला फुटबॉल टीम भी हर पंचायत में बने
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रांची। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड के गांवों में खेल प्रतिभा छिपी पड़ी है। इसी प्रतिभा को उभारने के लिए कमल क्लब का गठन किया गया है। पंचायत से जिला स्तर पर कमल क्लब का गठन हो चुका है। इनका पंजीयन सोसाइटी एक्ट के तहत कराया जा रहा है, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके। उनका लक्ष्य है कि झारखंड में भी राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल टीम बनें। इसके लिए अच्छे कोच की भी नियुक्ति की जायेगी।महिला फुटबॉल टीम भी हर पंचायत में बने। उक्त बातें मुख्यमंत्री ने झारखंड मंत्रालय में आयोजित कमल क्लब उन्मुखीकरण कार्यशाला के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की प्रेक्टिस के लिए हर पंचायतों में खेलकूद के लिए मैदान बनाये जायेंगे। पहले चरण में हर प्रखंड के दो-दो पंचायतों में खेल के मैदान बनाये जायेंगे। इसकी शुरुआत अक्टूबर में एक साथ की जायेगी।

संथालपरगना से पूरे राज्य में बननेवाले मैदानों का शिलान्यास
संथालपरगना से पूरे राज्य में बननेवाले मैदानों का शिलान्यास किया जायेगा। मैदान में को तार से घोरा जायेगा। इसमें खिलाड़ियों के लिए चेंजिंग रूम व शौचालय रहेगा। इसकी तैयारी में अभी से जुट जायें। कमल क्लब के प्रखंड अध्यक्ष 15 सितंबर तक पंचायत का नाम और मैदान के लिए स्थल की जानकारी जिला अध्यक्ष को दे दें। जिला अध्यक्ष दो-तीन दिन में नाम राज्य सरकार के अधिकारियों को सौंप दें। अधिकारी जल्द से जल्द प्रक्रिया पूर्ण कर लें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी और जानकारी के अभाव में हमारे खिलाड़ी पौष्टिक आहार नहीं खा पाते हैं। मुख्यमंत्री फुटबॉल आमंत्रण कप प्रतियोजिता में पंचायत, प्रखंड, जिला व राज्य स्तर पर विजेता टीम से सभी खिलाड़ियों (लगभग 18-19 हजार खिलाड़ी) को पौष्टिक आहार के लिए 1-1 हजार रुपये दिये जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्लब का गठन हो चुका है उनका रजिस्ट्रेशन जल्द करायें, ताकि सरकार की योजना से संबंधित राशि क्लब के बैंक खाते में सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजी जा सके। उन्होंने कहा कि झारखंड में तीरंदाजी और हॉकी की प्रतिभा पूरी दुनिया में अपना लोहा मनवा रही है। इसी तर्ज पर सरकार फुटबॉल को बढ़ावा देगी। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किये गये फिट इंडिया अभियान में सभी से बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने की अपील की।

खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री श्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि झारखंड पूरे देश में एक मात्र राज्य है, जहां पंचायत स्तर तक क्लब का गठन कर और उनका निबंधन कराकर खेलकूद को बढ़ावा दिया जा रहा है। एक प्रतियोगिता में इनती बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के शामिल होने के मामले में भी झारखंड ने कीर्तिमान रचा है। कमल क्लब के सभी लोग राज्य के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाये।

कार्यक्रम में विभिन्न जिला व प्रखंड अध्यक्षों ने अपनी बातें रखीं और सरकार के प्रयास की सराहना की। इस दौरान विभाग के सचिव श्री राहुल शर्मा, खेलकूद निदेशक श्री अनिल कुमार सिंह समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

अदालतों में लंबित मामलों का निबटारा करने के लिए तंत्र विकसित करेंः मुख्य सचिव


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★14 सितंबर को लोक अदालत में मामले को निष्पादित कराने को लेकर बैठक
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रांची। मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी ने अदालतों में लंबित मामलों के ससमय निबटारा नहीं होने तथा उच्चाधिकारियों का इसमें बेवजह समय जाया होने पर चिंता प्रकट करते हुए मामलों के त्वरित निबटारा के लिए तंत्र विकसित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग पहले इसकी पूरी पड़ताल कर लें कि उनके विभाग के कितने मामले अदालतों में हैं तथा उनकी स्थिति क्या है। उसी अनुरूप मामलों के निबटारा के लिए पहल करें। जरूरी हो तो अपील में जाएं या फिर 14 सितंबर को आयोजित हो रहे लोक अदालतों के माध्यम से उनका निबटारा सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव अदालतों में लंबित मामलों तथा पूर्व में दिए गए दिशा निर्देशों के अनुपालन को लेकर झारखंड मंत्रालय में समीक्षा बैठक कर रहे थे।

हाईकोर्ट की समिति से सूचनाओं का अदान-प्रदान करें
मुख्य सचिव ने कोर्ट में चल रहे मामलों की अद्यतन स्थिति से वाकिफ रहने और ससमय उसके निबटारा को लेकर सचिवों को निर्देश दिया कि वे इसी मकसद से बनी हाईकोर्ट की समिति के साथ सूचनाओं को साझा करें और उसी के अनुसार कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि एक ही प्रकृति की एक से अधिक मामलों को एक साथ जोड़कर उसका निष्पादन कराएं। वहीं किसी मामले में कोर्ट के आदेश को उसी प्रकृति के अन्य मामलों में भी लागू करें।

ऐसा तंत्र विकसित करें कि मामले कम से कम कोर्ट में जाएं
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि मामले कोर्ट में ना जाये और जाएं कम से कम जाएं। इसे लेकर भी एक तंत्र विकसित करें। उन्होंने मामलों को कोर्ट में देखने वाले रिटेनर वकीलों की फीस 10 हजार से बढ़ाकर 20 हजार करने पर सहमति जतायी तथा निर्देश दिया कि केस की संख्या के अनुपात में वकील नियुक्त करें, लेकिन उनकी संख्या एक विभाग में किसी भी हाल में तीन से अधिक नहीं होगी। इसके लिए उन्होंने विधि विभाग को सर्कुलर निकालने का निर्देश दिया।

जीरो कट में विलंब पर सीएम की फटकार

सीएम रघुवर दास ने झारखंड मंत्रालय में आयोजित ऊर्जा संचरण और बिजली वितरण की समीक्षा बैठक में कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए
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★आजादी के 7 दशक बाद झारखण्ड के गांव आज बिजली से रौशन हैं।

★ 31 अक्टूबर तक झारखंड में बिजली के सुदृढ़ीकरण कार्य पूर्ण करें
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रांची। आजादी के 7 दशक बाद झारखण्ड के गांव आज बिजली से रौशन हैं। बस, अब थोड़ा सा काम रह गया है... अब गुणवत्ता के साथ जीरो कट की ओर बढ़ना है। 31 अक्टूबर तक झारखंड में बिजली के सुदृढ़ीकरण के कार्य पूरा कर लें। ट्रांसमिशन लाइन का काम पूरा होने से जहां दूर दराज के क्षेत्रों में बिजली की गुणवत्ता बढ़ेगी, वहीं शहरी क्षेत्रों में बिजली की स्थिति अच्छी होगी। जिन संवेदकों ने जो समय सीमा दी है, उस तिथि तक काम पूरा हो जाना चाहिए, अन्यथा उनकी राशि काटी जायेगी। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के संचरण और वितरण की समीक्षा बैठक में ये बातें कहीं।

किसी भी हालत में डेड लाइन नहीं बढ़ेगी
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि ज्यादातर संचरण लाइन का काम अंतिम चरण में है। संवेदकों को कोई समस्या हो, तो विभाग के अधिकारियों से संपर्क करें। विभाग के अधिकारी हर 15 दिन में संवेदकों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं का निराकरण करें। किसी भी हालत में डेड लाइन नहीं बढ़ेगी।

रांची में जीरो कट में हो रहे विलम्ब पर कड़ी फटकार
राजधानी रांची में जीरो कट में हो रहे विलम्ब पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जतायी। उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि सोच समझ कर एक टाइमलाइन देनी चाहिए थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि काम को समयबद्ध तरीके के पूर्ण करें।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, ऊर्जा विभाग की सचिव श्रीमती वंदना डाडेल, झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री राहुल पुरवार, वन विभाग के पीसीसीएफ श्री शशि नंदकुलियार, संचरण लिमिटेड के श्री निरंजन कुमार समेत विभाग के वरीय अधिकारी और संवेदक उपस्थित थे।

सचिव हर हाल में फील्ड में जाएः मुख्य सचिव


★मुख्य सचिव ने सचिवों को अप्रैल में लिखे अपने पत्र के बिन्दुओं पर कार्रवाई की समीक्षा की


रांची। मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी ने अपने पूर्व के निर्देशों की समीक्षा करते हुए एक बार फिर जोर देकर कहा कि सचिव माह में एक बार फील्ड में जाना हर हाल में सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सचिव दौरा कर क्षेत्र विशेष की जमीनी हकीकत से वाकिफ होंगे। कई मसलों का हल वे मौके पर कर सकेंगे। साथ ही क्षेत्र का दौरा करने से अन्य अधिकारियों और कर्मियों का मनोबल भी बढ़ेगा। साथ ही इस प्रक्रिया से निगरानी का एक सिस्टम भी विकसित होगा। उन्होंने विभागों में अनियमित साप्ताहिक समीक्षा बैठक पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे काम का साप्ताहिक एजेंडा तय नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना एजेंडा तय किए काम करने से अपेक्षित लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने साप्ताहिक समीक्षा बैठक में विभाग के स्तर पर चल रहीं योजनाओं पर चर्चा करने पर भी बल दिया। मुख्य सचिव अप्रैल में सभी सचिवों और विभाग प्रमुखों को संबोधित अपने पत्र के बिन्दुओं पर कार्रवाई की समीक्षा कर रहे थे।

मासिक बैठक में योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करें
मुख्य सचिव ने मासिक बैठक के दौरान विभाग के माध्यम से चल रही योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने को कहा। कहा कि इससे अधिकारियों से लेकर कर्मियों तक को पता रहेगा कि चालू योजना की स्थिति क्या है। विचार-विमर्श से इसका आइडिया भी आएगा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई रुकावट आ रही है, तो उसे ससमय कैसे दूर किया जाए तथा बेहतरी के लिए और क्या किया जा सकता है। मुख्य सचिव ने मासिक बैठक की कार्यवाही की रिपोर्ट मेल से उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।

विभाग बुकलेट बनाएं
मुख्य सचिव ने तमाम विभागों को एक बार फिर अपने कार्यों व उपलब्धियों से जुड़ा बुकलेट बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हम जो कर रहे हैं, उसे हम तो जानते हैं, लेकिन जिसके लिए कर रहे हैं उसे भी इसकी जानकारी होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने बुकलेट में महत्वपूर्ण उपलब्धियों को सहेजने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि बाहर से आनेवाले आगंतुकों को बुकलेट दें। इससे विभाग क्या कर रहा है, यह जानकारी पब्लिक डोमेन में जाएगी।

पंचायत स्तर तक के अच्छे कर्मियों को पुरस्कृत करें
मुख्य सचिव ने कर्मचारियों के काम में रिफार्म लाने की नसीहत देते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाएं कि अच्छा काम करनेवाले आम लोगों के साथ पंचायत और प्रखंड स्तर के कर्मियों को विशेष अवसरों पर पुरस्कृत किया जा सके। इससे बेहतर करने का माहौल बनेगा तथा पूरी व्यवस्था में स्पार्क आएगा। इसके लिए भी एक तंत्र विकसित करने को कहा।

केंद्र से जुड़े मामलों में झारखंड भवन की सहायता लें
मुख्य सचिव ने कहा कि कई मामले केंद्र सरकार के विभागों से जुड़े रहते हैं। अधिकारी पत्राचार करते रहते हैं। इसमें काफी समय जाया होता है। उन्होंने कार्यों में गति लाने के लिए केंद्र से जुड़े मामलों के फॉलोअप के लिए दिल्ली स्थित झारखंड भवन के अधिकारियों-कर्मियों की सहायता लेने का निर्देश दिया।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संपन्न बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव श्री केके खंडेलवाल, अपर मुख्य सचिव श्री अरूण कुमार सिंह, प्रधान सचिव श्री एपी सिंह, प्रधान सचिव श्री शैलेंद्र कुमार सिंह, सचिव श्री नितिन मदन कुलकर्णी, सचिव श्री केके सोन, सचिव श्रीमती आराधना पटनायक, सचिव श्रीमती हिमानी पांडेय, सचिव श्रीमती वंदना डाडेल, सचिव श्री अमिताभ कौशल, सचिव श्री के रवि कुमार, सचिव श्री सुनील कुमार, सचिव श्री राजेश टोप्पो, एडीजी श्री पीआरके नायडू समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

आंगनबाड़ी सहायिकाओं को नियमित मानदेय, रिवाल्विंग फंड बनाने का निर्देश


रांची। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं के मानदेय को नियमित करने के लिए एक रिवोल्विंग फंड बनाने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी बहनों को समय पर मानदेय नहीं मिल पाता है। इसके लिए एक रिवोल्विंग फंड रहेगा, ताकि जरूरत पड़ने पर उस फंड के माध्यम से मानदेय का भुगतान किया जा सके।

*आंगनबाड़ी कर्मियों की उम्र 60 से बढ़कर 62 करने
का आदेश जल्द जारी करने का निर्देश दिया।*

आंगनबाड़ी सेविकाओं सहायिकाओं को बीमा की सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं को भारत सरकार की प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से आच्छादित करने के लिए अगली कैबिनेट में प्रस्ताव लाने का निर्देश दिया।*

अतिरिक्त मानदेय के संबंध में विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने दो दिन पहले 3 सितम्बर को यह निर्देश दिया था कि आंगनबाड़ी सेविका - सहायिकाओं के अतिरिक्त मानदेय के संबंध में निर्णय लेने के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी के गठन कर निर्णय लिया जाए। इस कमेटी में वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव व विभागीय सचिव भी रहेंगे।

आंगनबाड़ी सेविकाओं की प्रोन्नति
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी सेविकाओं के महिला पर्यवेक्षिका के पद पर प्रोन्नति के संबंध में उम्र की सीमा बढ़ाने का भी आदेश दिया।

आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं से उनका पक्ष लिए बिना उन्हें हटाया नहीं जाएगा
साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा था कि आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं की विरूद्ध कोई बात आती है तो उनका पक्ष प्राप्त किये बिना उन्हें सीधे चयन मुक्त नहीं किया जाय। साथ ही, हड़ताल की अवधि में मानदेय का नियमानुसार भुगतान का भी आदेश दिया।

नौनिहालों के विकास में आंगनबाड़ी का काफी महत्व
मुख्यमंत्री ने यह कहा कि झारखंड के नौनिहालों के विकास में आंगनबाड़ी का काफी महत्व है। पूरे राज्य में कुपोषण के विरुद्ध अभियान चल रहा है, इसमें आंगनबाड़ी की बहनें सामने आये और झारखंड से कुपोषण को समाप्त करने में सक्रिय योगदान दे।

बैठक में विकास आयुक्त श्री सुखदेव सिंह, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री केके खंडेलवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल और खाद्य आपूर्ति सचिव श्री अमिताभ कौशल उपस्थित थे।

राजा नरपति सिंह बालिका विद्यालय में शिक्षक दिवस


राजा नरपति सिंह बालिका उच्च विद्यालय में शिक्षक दिवस बहुत धूमधाम से मनाया गया।बच्चों के द्वारा सभी शिक्षक को सम्मानित किया साथ  ही रंगारंग कार्यक्रमों से मन मोह लिया।
स्कूल के बड़ा बाबू सुरेश चंद्र तिग्गा जी को विदाई दिया गया साथ नए टीचर्स का हार्दिक स्वागत किया गया।साथ ही टॉप 10 छात्राओं को पुरस्कार दे कर सम्मानित किया गया।पूरे कार्यक्रम में बच्चों व शिक्षको की उत्सुकता व उत्साह बना रहा।कार्यक्रम में स्कूल की प्राचार्या आरती प्रधान ,शाहनाज परवीन ,नजीब सर,नीतू साहू ,भवानी महतो,राजन सर,जयश्री मुंडू,मंजू कंदयंग ,प्रभावती महतो,श्रवण महतो,सुरेश तिग्गा, आशीष महतो ,देवी श्री ,ज्योति टोप्पो ,लखविन्दर जोड़ा साथ ही मधुसूदन बीएड  कॉलेज की ट्रेनी टीचर्स भी उपस्थित थी।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...