उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पिछले पांच सालों के अंदर सकल नामांकन अनुपात में 70 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है
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पिछले 5 सालों में पांच नए विश्वविद्यालय, 12 महिला महाविद्यालय, 13 मॉडल महाविद्यालय और 27 विधानसभा क्षेत्रों में डिग्री महाविद्यालय की स्थापना
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★ रांची तारामंडल का निर्माण कार्य पूरा, बहुत जल्द होगा उद्घाटन
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रांची। एजुकेशन हब बनने की राह पर झारखंड के कदम बढ़ चुके हैं. राज्य में उच्च और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए रघुवर सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का नतीजा है कि कई नए कॉलेज और तकनीकी संस्थान खुल चुके हैं और विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिल रही है. उच्च, तकनीकी एवं कौशल विकास विभाग की मंत्री डॉ नीरा यादव ने आज सूचना भवन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ये बातें कही. उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 2012-13 में राज्य में सकल नामांकन अनुपात मात्र 10.1 प्रतिशत था, लेकिन आज यह बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है. इस तरह पांच सालों के अंदर सकल नामांकन अनुपात में 70 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी एक बड़ी उपलब्धि है.
रांची के अलावा दुमका और देवघर में भी ताराघर
शिक्षा मंत्री ने कहा कि रांची में तारमंडल भवन बनकर तैयार है. आज इसका फाइनल ट्रायल हो रहा है और बहुत जल्द इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास करेंगे. इस तारामंडल के निर्माण पर लगभग 26 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं और जर्मनी के इलेक्ट्रो मैकेनिकल टेक्निक पर यह यह आधारित है. इसके अलावा देवघर और दुमका में भी मिनी तारामंडल का निर्माण कार्य प्रगति पर है.
खुले हैं कई नए विश्वविद्यालय औऱ महाविद्यालय
डॉ नीरा यादव ने बताया कि 2014 में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से पांच नए विश्वविद्यालय खोले गए हैं. इसमें विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय धनबाद, झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय रांची, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय रांची, जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय, जमशेदपुर और झारखंड तकनीकी विश्वविद्यालय रांची शामिल है. इसके अलावा 12 जिलों में महिला महाविद्यालय, 13 जिलों में मॉडल महाविद्यालय और 27 विधानसभा क्षेत्रों में डिग्री महाविद्यालय खोलने को स्वीकृति मिल चुकी है. उन्होंने बताया कि 21 जिलों में मल्टीपरपस एग्जामिनेशन बिल्डिंग बनाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि देवघर में संस्कृत विश्वविद्यालय खोलने की प्रक्रिया चल रही है.
तकनीकी शिक्षा पर दिया जा रहा विशेष जोर
शिक्षा मंत्री ने बताया कि तकनीकी शिक्षा के लिए राज्य के विद्यार्थियों का दूसरे राज्यों में पलायन नहीं हो, इसके लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. उन्होंने बताया कि राज्य में आज पॉलीटेक्निक संस्थानों की संख्या बढ़कर 43 हो गई है. इन संस्थानों में सीटों की संख्या भी 8820 से बढ़कर 11,575 पहुंच गई है. इसके अलावा रामगढ़ के गोला, कोडरमा और पलामू में राजकीय महिला अभियंत्रण महाविद्यालय खोला जा रहा है. गोला स्थित अभियंत्रण महाविद्यालय में पढ़ाई भी शुरु हो चुकी है. शिक्षा मंत्री ने बताया कि झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में भी शैक्षणिक सत्र शुरु हो चुका है. जमशेदपुर, बोकारो और गोड्डा में प्रोफेशनल कॉलेज की स्वीकृति राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के अधीन मिल चुकी है.
युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दे रही है सरकार
राज्य के युवाओं को दक्ष बनाने सरकार की विशेष प्राथमिकता है. शिक्षा मंत्री ने बताया कि झारखंड कौशल विकास विकास मिशन सोसाइटी के द्वारा 155 कौशल विकास केंद्र् का संचालन किया जा रहा है. इन केंद्रों में प्रति वर्ष 1,13,460 युवाओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता है. उन्होंने बताया कि झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी की ओऱ से अभथख 79,300 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है और 15,517 युवा प्रशिक्षण ले रहे हैं, जबकि 1,80,521 युवाओं का प्रशिक्षण हेतु पंजीकरण किया गया है. इसके अलावा प्रशिक्षण प्राप्त 48,672 युवाओं को नियोजित किया जा चुका है. शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्यस्तरीय योजनाओं के अंतर्गत अधिक से अधिक संख्या में रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार या स्वरोजगार उपलब्ध कराने के उदेश्य से सभी जिलों में दीनदयाल उपाध्याय कौशल विकास केंद्र (मेगा स्किल सेंटर) खोला जा रहा है.
प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को उपलब्ध कराया जा रहा रोजगार
डॉ नीरा यादव ने कहा कि प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है. 2018 में स्किल समिट में 26,684 युवाओं को नियुक्ति पत्र मिला था, जिसमें झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी द्वारा संचालित कौशल विकास केंद्रों से प्रशिक्षित युवाओं की संख्या 11,048 थी. इसके उपरांत 2019 में हुए ग्लोबल स्किल समिट में 1,06,619 युवाओं को निजी क्षेत्रों में नियोजन हेतु नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया था, इसमें भी 44,649 युवा झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी से प्रशिक्षण लिया था.
संवाददाता सम्मेलन में उच्च, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री शैलेश कुमार सिंह, निदेशक तकनीक श्री अरुण कुमार, अपर सचिव श्री राजेश कुमार, झारखंड कौशल विकास के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री अमर झा, निदेशक उच्च शिक्षा श्री सुशांत मौजूद थे.
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पिछले 5 सालों में पांच नए विश्वविद्यालय, 12 महिला महाविद्यालय, 13 मॉडल महाविद्यालय और 27 विधानसभा क्षेत्रों में डिग्री महाविद्यालय की स्थापना
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★ रांची तारामंडल का निर्माण कार्य पूरा, बहुत जल्द होगा उद्घाटन
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रांची। एजुकेशन हब बनने की राह पर झारखंड के कदम बढ़ चुके हैं. राज्य में उच्च और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए रघुवर सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का नतीजा है कि कई नए कॉलेज और तकनीकी संस्थान खुल चुके हैं और विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिल रही है. उच्च, तकनीकी एवं कौशल विकास विभाग की मंत्री डॉ नीरा यादव ने आज सूचना भवन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ये बातें कही. उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 2012-13 में राज्य में सकल नामांकन अनुपात मात्र 10.1 प्रतिशत था, लेकिन आज यह बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है. इस तरह पांच सालों के अंदर सकल नामांकन अनुपात में 70 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी एक बड़ी उपलब्धि है.
रांची के अलावा दुमका और देवघर में भी ताराघर
शिक्षा मंत्री ने कहा कि रांची में तारमंडल भवन बनकर तैयार है. आज इसका फाइनल ट्रायल हो रहा है और बहुत जल्द इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास करेंगे. इस तारामंडल के निर्माण पर लगभग 26 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं और जर्मनी के इलेक्ट्रो मैकेनिकल टेक्निक पर यह यह आधारित है. इसके अलावा देवघर और दुमका में भी मिनी तारामंडल का निर्माण कार्य प्रगति पर है.
खुले हैं कई नए विश्वविद्यालय औऱ महाविद्यालय
डॉ नीरा यादव ने बताया कि 2014 में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से पांच नए विश्वविद्यालय खोले गए हैं. इसमें विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय धनबाद, झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय रांची, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय रांची, जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय, जमशेदपुर और झारखंड तकनीकी विश्वविद्यालय रांची शामिल है. इसके अलावा 12 जिलों में महिला महाविद्यालय, 13 जिलों में मॉडल महाविद्यालय और 27 विधानसभा क्षेत्रों में डिग्री महाविद्यालय खोलने को स्वीकृति मिल चुकी है. उन्होंने बताया कि 21 जिलों में मल्टीपरपस एग्जामिनेशन बिल्डिंग बनाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि देवघर में संस्कृत विश्वविद्यालय खोलने की प्रक्रिया चल रही है.
तकनीकी शिक्षा पर दिया जा रहा विशेष जोर
शिक्षा मंत्री ने बताया कि तकनीकी शिक्षा के लिए राज्य के विद्यार्थियों का दूसरे राज्यों में पलायन नहीं हो, इसके लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. उन्होंने बताया कि राज्य में आज पॉलीटेक्निक संस्थानों की संख्या बढ़कर 43 हो गई है. इन संस्थानों में सीटों की संख्या भी 8820 से बढ़कर 11,575 पहुंच गई है. इसके अलावा रामगढ़ के गोला, कोडरमा और पलामू में राजकीय महिला अभियंत्रण महाविद्यालय खोला जा रहा है. गोला स्थित अभियंत्रण महाविद्यालय में पढ़ाई भी शुरु हो चुकी है. शिक्षा मंत्री ने बताया कि झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में भी शैक्षणिक सत्र शुरु हो चुका है. जमशेदपुर, बोकारो और गोड्डा में प्रोफेशनल कॉलेज की स्वीकृति राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के अधीन मिल चुकी है.
युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दे रही है सरकार
राज्य के युवाओं को दक्ष बनाने सरकार की विशेष प्राथमिकता है. शिक्षा मंत्री ने बताया कि झारखंड कौशल विकास विकास मिशन सोसाइटी के द्वारा 155 कौशल विकास केंद्र् का संचालन किया जा रहा है. इन केंद्रों में प्रति वर्ष 1,13,460 युवाओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता है. उन्होंने बताया कि झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी की ओऱ से अभथख 79,300 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है और 15,517 युवा प्रशिक्षण ले रहे हैं, जबकि 1,80,521 युवाओं का प्रशिक्षण हेतु पंजीकरण किया गया है. इसके अलावा प्रशिक्षण प्राप्त 48,672 युवाओं को नियोजित किया जा चुका है. शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्यस्तरीय योजनाओं के अंतर्गत अधिक से अधिक संख्या में रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार या स्वरोजगार उपलब्ध कराने के उदेश्य से सभी जिलों में दीनदयाल उपाध्याय कौशल विकास केंद्र (मेगा स्किल सेंटर) खोला जा रहा है.
प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को उपलब्ध कराया जा रहा रोजगार
डॉ नीरा यादव ने कहा कि प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है. 2018 में स्किल समिट में 26,684 युवाओं को नियुक्ति पत्र मिला था, जिसमें झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी द्वारा संचालित कौशल विकास केंद्रों से प्रशिक्षित युवाओं की संख्या 11,048 थी. इसके उपरांत 2019 में हुए ग्लोबल स्किल समिट में 1,06,619 युवाओं को निजी क्षेत्रों में नियोजन हेतु नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया था, इसमें भी 44,649 युवा झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी से प्रशिक्षण लिया था.
संवाददाता सम्मेलन में उच्च, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री शैलेश कुमार सिंह, निदेशक तकनीक श्री अरुण कुमार, अपर सचिव श्री राजेश कुमार, झारखंड कौशल विकास के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री अमर झा, निदेशक उच्च शिक्षा श्री सुशांत मौजूद थे.
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