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बुधवार, 11 सितंबर 2019

बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी हैं सिद्धेश्वर महथा



* कुछ लोग ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के बलबूते समाज में अपनी एक विशिष्ट पहचान बना लेते हैं। किसी भी क्षेत्र में रहें, अपनी प्रतिभा का परचम लहराते रहते हैं। अपनी बेहतरीन कार्यशैली से लोगों के बीच काफी कम समय में ही लोकप्रियता हासिल करने में सफल होते हैं। ऐसे ही व्यक्तित्व के धनीघ शख्सियत हैं लोहरदगा जिला अंतर्गत सेन्हा थाना में पदस्थापित अवर निरीक्षक सिद्धेश्वर महथा।  श्री महथा झारखंड के पलामू प्रमंडल अंतर्गत पड़वा के निवासी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा- दीक्षा गांव में ही हुई। पाटन उच्च विद्यालय से उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा पास की। तत्पश्चात रांची कॉलेज से इंटरमीडिएट और ग्रेजुएशन किया
 उनकी माता शिवानी देवी और पिता स्वर्गीय बलदेव महथा उन्हें हमेशा संस्कार युक्त शिक्षा के प्रति प्रेरित करते रहे। शुरू से ही सिद्धेश्वर महथा के दिल में देश प्रेम और देश सेवा का भाव रहा है। इसी से प्रेरित होकर वह पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर नियुक्त हुए। तकरीबन ढाई वर्षों तक सिपाही के पद पर रहते हुए वे बखूबी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहे। उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली और विभाग के प्रति निष्ठा तथा विभागीय कार्यों को निपटाने में उनकी तत्परता को देखते हुए एकीकृत बिहार के समय तत्कालीन पुलिस महानिदेशक एसके सक्सेना ने उन्हें प्रोन्नति दी। श्री महथा पलामू, जमशेदपुर, चतरा में भी पदस्थापित रहे। संप्रति श्री महथा लोहरदगा जिला अंतर्गत सेन्हा थाने में बतौर थानेदार पदस्थापित हैं। अपराध नियंत्रण में उनकी विशिष्टता रही है। अपराधियों और नक्सलियों के साथ लोहा लेने, दो-दो हाथ करने में उन्हें महारत हासिल है। यही वजह है कि पुलिस विभाग के आला अधिकारी भी नक्सलियों की नकेल कसने के लिए विशेष रुप से गठित टीम में उन्हें शामिल करते रहे हैं। श्री महथा खेलकूद के प्रति भी सक्रिय रहते हैं। वह एक अच्छे एथलीट भी हैं। 1996 बैच के अवर निरीक्षक श्री महथा की उत्कृष्ट कार्यशैली और विभागीय उपलब्धियों की चर्चा चहुंओर की जाती है। लोहरदगा के आरक्षी अधीक्षक प्रियदर्शी आलोक ने भी सेन्हा थाना के निरीक्षण के दौरान उनके कार्यों की सराहना की। श्री महथा हाल ही में आयोजित दक्षिण छोटानागपुर पुलिस मीट के दौरान विभिन्न एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में पांच मेडल हासिल कर दक्षिण छोटानागपुर के रेंज चैंपियनशिप का खिताब जीता। वह विभागीय कार्यों के प्रति सजग रहते हुए खेलकूद के क्षेत्र में भी विभाग का नाम रोशन कर रहे हैं। जनता के साथ पुलिस का मैत्रीपूर्ण संबंध बना रहे, इस दिशा में भी वह सतत प्रयासरत रहते हैं। उनकी छवि पब्लिक- फ्रेंडली पुलिस अधिकारी के रूप में है। शहर को अपराध मुक्त बनाने और बेहतर विधि व्यवस्था बनाए रखने में उनकी मुख्य भूमिका होती है। विभिन्न धर्मों व समुदायों के पर्व-त्योहारों के अवसर पर शांति समिति की बैठक कर वह सामाजिक समरसता का संदेश भी देते हैं। समाज के दबे कुचले, कमजोर वर्ग के लोगों और पीड़ितों की सहायता करना भी उनकी दिनचर्या में शुमार है। श्री महथा का मानना है कि व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी पूर्वक करते रहना चाहिए। अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते हुए सामाजिक दायित्वों के प्रति भी लोगों की सहभागिता होनी चाहिए। इससे हमारा समाज सशक्त होगा, जब समाज सशक्त होगा तो हमारा देश भी मजबूत होगा।
 प्रस्तुति : विनय मिश्रा

अरुणोदय समिति की बैठक में कई निर्णय


रांची। अरुणोदय समिति की ओर से रातु रोड स्थित गोर्वधनधारी मंदिर में एक बैठक सम्पन्न हुई  जिसमें अरुणोदय समिति के पूजन  का शुभारंभ 15 सिंतबर को किया जायेगा जिसके समय और स्थान के बारे में जल्द ही बता दिया जायेगा। साथ ही समाज की एक बेटी के द्वारा दिए गए आवेदन तथा  सुधांशु शेखर मिश्रा  के लीगल नोटिस पर एक  बार  फिर प्रतिवादी  सुंधाशु शेखर मिश्रा एवं प्रतुल पाठक से अरुणोदय समिति आग्रह करती हैं कि इस मामले को समाज के बीच बैठ कर इसका समाधान कर लिया जाए समिति इस कार्य में हर प्रकार से सहयोग करेगी । कानूनी प्रक्रिया में दोनों पक्षों को परेशानी होगी। इससे बचना ही बेहतर होगा ।
      सार्वभौम शाकद्वीपीय ब्राह्मण महासंघ के द्वारा अरुणोदय समिति के प्रति सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचना प्रसारित की गई है जो समाज हित में ठीक नहीं है। इसके लिए समिति जल्द ही धनबाद में बैठक करेंगी। रविवार को  जामताड़ा में भी समिति का विस्तार किया गया साथ ही हजारीबाग में अरुणोदय समिति  तत्वावधान में बैठक की गई ।
    इस बैठक में संतोष पाठक, योगेश मिश्रा, शिवाकांत पाठक, कृष्ण कुमार, अतुल कुमार, विजय पाठक, नीतीश कुमार, रवीन्द्र कुमार वैध, शशि भूषण मिश्र, अधिवक्ता मनोज कुमार मिश्रा, शशि कुमार मिश्रा सहित कई अन्य शाकद्वीपीय बंधु शामिल हुए । इस बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष विजय कुमार पाठक ने की ।

सोमवार, 9 सितंबर 2019

गणेश चतुर्थी पर युवराज पराशर का अथर्व रिलीज


गणेश चतुर्थी उत्सव विशेष गीत, नृत्य संख्या और मजबूत भावनात्मक जुड़ाव के बिना अधूरा है। इस त्योहारी सीजन में अभिनेता युवराज पराशर अथर्व 'नामक एक भक्ति ट्रैक के साथ आए हैं। हाल ही में, यह गीत मुंबई में लॉन्च किया गया था। इस बड़ी उपलब्धि के लिए अभिनेता युवराज पाराशर का समर्थन करने के लिए कई बॉलीवुड हस्तियां जैसे कि जीनत अमान, कपिल कौस्तुभ शर्मा, विभोउटी शर्मा,सुहेल अली खान  ओर कई अन्य लोगों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। 'अथर्व' एक अनूठा भक्ति गीत है जो भगवान गणेश के आगमन से ठीक पहले जारी किया गया है। वीडियो में ढोल, ताशा और उच्च ऊर्जा नृत्य की पारंपरिक लय देखी जा सकती है। भक्तिपूर्ण ऊर्जावान गीत सचमुच एक बहुत ही आध्यात्मिक वातावरण को जन्म देता है। आपको शुरुआत से अंत तक नाचता रहेगा। "मेरे लिए अथर्व 'एक बहुत ही खास गीत है, क्योंकि यह मेरे पिता का सपना था और उनका आशीर्वाद था जिसने मुझे अपने लक्ष्यों की ओर केंद्रित रखा और इस विशाल उपलब्धि को हासिल किया। मैं पूरी तरह से एक बच्चे के रूप में याद करता हूं; मैंने हमेशा गणपति पंडालों का दौरा किया और गणपति गीतों की धुन पर नृत्य किया। यह मेरे लिए एक उदासीन क्षण है और साथ ही गर्व का क्षण भी। मुझे उम्मीद है कि दर्शक गीत के साथ जुड़ेंगे और इस गणेश चतुर्थी पर आनंद लेंगे। ”युवराज पराशर कहते हैं।  'अथर्व' में अभिनेता युवराज पराशर के साथ-साथ अन्य भक्त भी भगवान गणेश की पूजा करते हैं। गीत की थिरकती धुन श्रद्धा और विस्मय को व्यक्त करती है। गाने को निखिल वी कामथ द्वारा संगीतबद्ध किया गया है और इसे दिव्य कुमार ने विमल कश्यप के गीतों के साथ गाया है। 'अथर्व' नीरव बावलेचा द्वारा निर्देशित और कोरियोग्राफ है और मूवी मस्ती मैजिक स्टूडियो द्वारा प्रस्तुत राजकुमारी सत्यप्रकाश पराशर द्वारा निर्मित है। संगीत वीडियो म्यूजिक अथर्व 'अब युवराज के यूट्यूब चैनल अलुम वेब स्टूडियो' पर उपलब्ध है।

प्रकृति पूजा कर्मा पर झारखंड, वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं: लक्ष्मण गिलुआ

जय हिंद                                                    जय झारखंड



झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष
एवं पूर्व सांसद लक्ष्मण गिलुआ
की ओर से
समस्त झारखंड वासियों को
प्रकृति पूजा करमा की
हार्दिक शुभकामनाएं

भाजपा कार्यकर्ताओं में.ऊर्जा. भर.रहे हैं लक्ष्मण गिलुआ


 विस चुनाव को लेकर भाजपा रेस
रांची। विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा रेस है। जिलों से लेकर प्रखंड व बूथ स्तर पर चुनावी तैयारियां शुरु हो गई है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा संगठन को सशक्त बनाने व पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए पसीना बहा रहे हैं। श्री गिलुवा जिला कमिटी के पदधारियों सहित पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनावी किला फतह करने के गुर भी बता रहे हैं। उनके कुशल नेतृत्व व मार्गदर्शन में संगठन से जुड़े कार्यकर्ता समर्पण भाव से पार्टी के लिए काम करने में जुटे हैं। गौरतलब है कि श्री गिलुवा ने 24 अगस्त 2016 को प्रदेश अध्यक्ष का पदभार संभाला। उनकी कार्यकुशलता व पार्टी के प्रति निष्ठा को देखते हुए उन्हें संगठन की झारखंड इकाई की कमान सौंपी गई। इस पर श्री गिलुवा खरा उतरते हुए अपनी जिम्मेवारियों को बखूबी निभा रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाते हुए कार्य करना उनकी खासियत है। कार्यकर्ताओं की भावना का आदर करते हुए अपनी उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता से संगठन के लिए समर्पित हैं। उनका मानना है कि कार्यकर्ता संगठन की रीढ़ होते हैं। चुनाव के मद्देनजर बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की कला में निपुण श्री गिलुवा अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने में जुटे रहते हैं। पार्टी के कर्तव्यनिष्ठ कफ्तान मृदुभाषी श्री गिलुवा संगठन को सर्वोपरि समझते हुए कार्यकर्ताओं को एकजुट कर अपने मिशन में लगे हैं। पार्टी आलाकमान के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर उनके दिशा-निर्देशों के अनुरूप संगठन के कार्यों को अंजाम देने में जी-जान से जुटे हैं। श्री गिलुवा की बेहतरीन कार्यशैली, जनता के साथ उनके मधुर संबंध और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के मागदर्शन के अनुसार कार्य करने की उनकी तत्परता की सभी सराहना करते नहीं थकते। विधानसभा चुनाव में अबकी बार मिशन 65 पार, की सफलता को लेकर वह सक्रिय हैं। उनके निर्देशन में चुनावी दौरा व जनसभाओं का दौर शुरु हो गया है।

रविवार, 8 सितंबर 2019

राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर सम्मानित हुए शिक्षाविद निरुप


चक्रधरपुर। रोटरी क्लब द्वारा आयोजित राष्ट्रीय साक्षरता दिवस में चक्रधरपुर शहर के पांच शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में उन शिक्षकों को चुना गया था जिन्होंने निस्वार्थ भाव से बच्चों को अपनी सेवा दी है ।साथ ही उन्हें आगे बढ़ाने में उनकी मदद करते रहे हैं ऐसा ही एक नाम है निरुप कुमार प्रधान जो सैकड़ों बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने एवं नि:शुल्क बुनियादी शिक्षा को आगे बढ़ाने में पश्चिमी सिंहभूम में एक महत्वपूर्ण योगदान निभा रहे हैं ,इसलिए इन 5 शिक्षकों में यह सबसे कम उम्र के शिक्षक हैं जिन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ है!

 5 शिक्षकों के नाम हैं पहला निरुप कुमार प्रधान, दूसरा दिलीप महतो ,तीसरा शिखा त्रिपाठी चौथा अनुराग शर्मा, पांचवा मिस चैताली यह सभी वे नाम हैं जिन्होंने शहर में शिक्षा जगत में एक कीर्तिमान स्थापित की है। जिसमें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण योगदान शिक्षाविद श्री निरुप प्रधान का रहा है ।

सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट उन्हें शॉल ओढ़ाकर उन्हें सम्मानित किया साथ ही श्री प्रधान अपनी  ने पूरे सफर के बारे में भी लोगों से साझा की। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीआरपीएफ कमांडेंट आनंद जेराई, सीआरपीएफ डिप्टी कमांडेंट साधु शरण यादव ,रोटरी क्लब के अध्यक्ष प्रफुल्ल पाठक, भगेरिया फाउंडेशन के संस्थापक विनोद भगोरिया, मधुसूदन पब्लिक स्कूल के निर्देशक बलराज हिदंवार, एवं शहर के प्रतिष्ठित गणमान्य उपस्थित थे।

त्योहारी मौसम में झारक्राफ्ट ने लगाया " कुचाई सिल्क एक्सपो 2019




रांची। झारखण्ड राज्य का प्रसिद्ध प्रतिष्ठान झारक्राफ्ट जो राज्य सरकार के उद्योग विभाग की इकाई है, अपने हस्तकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों के लिए ख्यातिलब्ध संस्थान के रूप में स्थापित हो चुका है, अपने लगातार प्रयासों से प्रिय ग्राहकों के लिए बाजार में उतरता रहता है, इसी क्रम में हर बार की तरह इस बार भी शहर रांची के " होटल रेडिशन ब्लू" में दिनांक 07 से 13 सितम्बर तक "कुचाई सिल्क" के नाम से अपने उत्पाद के साथ साथ भारत के 10 राज्यों 42 हस्तकरघा व्यापारिक संस्थानों के स्टॉल लगाए गए हैं
इन 42 स्टालों में विभिन्न सिल्क के अलग अलग किस्मों की साड़ियो और अन्य उत्पादों के साथ साथ यूवाओं की पसंद को भी ध्यान में रखकर हस्तनिर्मित प्रोडक्ट उपलब्ध हैं !
मालूम हो कि एक तरफ जहां 1200₹ की साड़ी है वहीं यहां पर 2 लाख तक की साड़ी भी मिल जाएगी।
झारखण्ड, बिहार, बंगाल, उड़ीसा, यूपी, दिल्ली, कर्नाटक, के अतिरिक्त अन्य राज्यों के उत्पाद भी खरीदने का मौका यहाँ है । जूट प्रोडक्ट, लाह की चूड़ियां, यूनिक पेंटिंग प्रोडक्ट के साथ- साथ कीमती चमकदार बनारसी साड़ियां भी मौजूद है, बनारसी साड़ियों के हस्तकरघा व्यापारी गनी भाई का कहना है कि झारखंड के भाई बहनों को सिल्क की बहुत कद्र और समझ है, उन्हें हैरत होती है कि यहां बंगालीभाषी और आदिवासी बहनों के साथ भोजपुरी एवम बिहारी कस्टमर भी सिल्क प्रोडक्ट को काफी पसंद करते है।
माननीय सांसद श्री संजय सेठ भी खादी एवम झारक्राफ्ट के सिल्क प्रोडक्ट को पसंद करते हैं, उन्हों ने मुक्तकंठ से कहा कि वो अक्सर सिल्क प्रोडक्ट खरीदना और दोस्तों, साथियो में बाँटते रहते हैं , उन्होंने रांचीवासियों से अपील की की वे हस्तकरघा के वस्तुओं का इस्तेमाल जरूर करें और बुनकर एवं हस्तशिल्पियों की मदद करें ।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...