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बुधवार, 11 सितंबर 2019

वाहन प्रदूषण जांच में निर्धारित से दुगनी राशि की वसूलीः कांग्रेस




चाईबासा। शहर में नियमित रूप से चल रहे वाहन जांच अभियान को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ती जा रही है। अधिकांश लोग अपने दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों के फिटनेस, इंश्योरेंस एवं पोल्यूशन के कागजातों को दुरुस्त करने में जुट गए हैं ।वही बड़ा निमडीह स्थित जिला परिषद के नीचे स्थित पॉल्यूशन चेक सेंटर( प्रदूषण जांच केंद्र) की दुकान में वाहनों के प्रदूषण संबंधी जांच के  निर्धारित शुल्क से दुगनी राशि वसूले जाने से मंगलवार को कांग्रेस ने इसका विरोध किया। दुपहिया वाहनों में 50 की जगह से एवं चार पहिया वाहनों में 100 की जगह 150 से 200 संबंधित जांच सेंटर द्वारा वसूले जा रहे हैं।जबकि रसीद में जांच के नाम पर लिए जा रहे हैं राशि कहीं भी अंकित नहीं है। अन्य जगहों पर ऐसी जांच शुल्क नहीं है। कांग्रेसियों ने जिला प्रशासन से इस संबंध में संज्ञान लेने की मांग की है । मांग करने वालों में त्रिशानु राय , ब्रह्मानंद पुरती , संतोष सिन्हा अजित काण्डेयांग , केके सोय , सोमाय सुंडी आदि शामिल है।

मायुमं महिला समर्पण का मेगा स्वास्थ्य जांच शिविर



मारवाड़ी युवा मंच महिला समर्पण शाखा ने आज नामकुम  तेतरी टोली मैं मुफ्त मेगा  स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया | इस शिविर में मेडिका हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने मुफ्त में बीपी चेक, शुगर चेक, बीएमआई,  ऑक्सीमेंएंट्री की जांच की और साथ ही उचित सलाह भी दी | इस शिविर में 120 लोगों ने जांच करवाई | वहां पहली बार इस तरह की मुफ्त जांच शिविर लगाई गई | जिसे सभी लोगों ने बहुत सराहना किया और आगे भी इस तरह  का शिविर लगाने के लिए प्रोत्साहित किया | मेडिका  के डॉक्टर की टीम को तुलसी पौधा देखकर उन्हें सम्मान किया गया और पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दिया गया |
 इस मुफ्त मेगा स्वास्थ्य शिविर में अध्यक्ष मीनू अग्रवाल,  सचिव मनीषा पोद्दार, संयोजिका अनू पोद्दार, लक्ष्मी पोद्दार, डोली बंसल, रश्मि मालपानी, अनीता  अग्रवाल  उपस्थित रही  |

मोहर्रम की दसवीं के जुलूस में खिलाड़ियों ने दिखाए करतब


चक्रधरपुर ।मंगलवार  के शाम मोहर्रम के दसवीं का जुलूस निकाला गया जिसमें  लाइसेंसी अखाड़ों के खलीफाओ ने अपने अपने अखाड़ों के साथ पारंपरिक हथियार  के साथ मोहर्रम जुलूस लेकर शहर के मेन रोड पवन चौक में पहुंचे ।जहां अखाड़े के खिलाड़ियों ने अपने करतब दिखाए वहीं सभी अखाड़े एक समूह होकर धार्मिक नारे लगाने लगे नारे तकबीर अल्लाह हू अकबर या अली या हुसैन से सारा माहौल गूंज उठा। मुहर्रम अखाड़ों में मिनी बल्ब से सजी हुई ताजया दर्शकों का मुखकेन्द्र बना। वही पवन चौक में प्रशासन की  सुरक्षाबलों की कड़ी व्यवस्था थी वहीं प्रशासन के साथ नेशनल केयरटेकर सोसायटी की टीम मिलकर सभी अखाड़ों को लाइनप कर रही थी । सभी अखाड़ों के खिलाड़ियों ने बेहतर करतब दिखाए  कुछ देर पवन चौक में ही सभी अखाड़ों ने अपने अपने करतब दिखाए उसके बाद प्रशासन की मौजूदगी में ही सभी अखाड़ों के खलीफाओं मुहर्रम जुलूस को वापस घुमा कर अपने-अपने मोहल्ले ले गए। इस मौके पर गुप्ता चौक में अनुमंडल पुलिस उपाधिक्षक आनंद मोहन सिंह ,थाना प्रभारी गोपीनाथ तिवारी ,प्रखंड विकास पदाधिकारी व जिला पंचायत पदाधिकारी रविन्द्र पांडेय मुख्य रूप से उपस्थित थे।इस दौरान दसवीं का मोहर्रम जुलूस शांति माहौल में सम्पन्न हुआ।

थानों में पड़े लावारिश वाहनों की नीलामी की व्यवस्था होः पूर्व सांसद अजय मारू


रांची। भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद अजय मारु ने मुख्यमंत्री रघुवर दास को थानों में वर्षों से पड़े वाहनों  के सम्बन्ध में  पत्र लिखा है। उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि शहर के विभिन्न थानों में जब्त किए गए दो पहिया वाहन एवं अन्य प्रकार के वाहनों के पड़े हैं जिनकी नीलामी के लिए तत्काल कदम उठाना चाहिए। वास्तुतः कानूनी अड़चनों के कारण शहर के विभिन्न थानों में पड़े वाहन कंडम हो रहे हैं। अफसोस की बात है कि वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया में तेजी नहीं लाई जा रही है। इसके कारण सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। वाहनों के रखरखाव में परेशानी हो रही है।
पुलिस थानों में पड़े वाहन मोटर व्हीकल एक्ट के तहत इंपाउंड किए गए हैं। एक्ट के अनुसार जिन वाहनों के चालान किए जाते हैं उनका कोई वारिस नहीं आने के कारण वह लावारिस मिलते हैं। दुर्घटना मामलों में भी वाहन जप्त किए जाते हैं। कोर्ट में जब यह मामले ले जाए जाते हैं जहां सुनवाई पूरी हो जाती है और वह नीलाम करने का आदेश दिया जाता है इसके बाद नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाती है।
उन्होंने कहा कि रांची पुलिस बार-बार कहती है कि नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी परंतु इसे धरातल में नहीं लाया जाता। परिणाम यह है कि सभी थानों में जब्त किए गए एवं चोरी के वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है जिसके फलस्वरूप थानों में वाहन रखने की जगह ही नहीं बची है। परिणाम यह है कि थानों में रखे वाहनों को जंग खा रहा है। करोड़ों के वाहनों में सबसे अधिक संख्या दो पहिया वाहनों की है।
कोतवाली, बरियातू, लालपुर, हिंदपीरी, डोरंडा, जगन्नाथपुर, धुर्वा, सुखदेव नगर थाने में हाजारों की संख्या में वाहन जब्त कर रखे हुए हैं। सरकार को इसके कारण राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। वाहन ऑनर बीमा दावा ले लेते हैं और वाहन थााने में पड़े पड़े सड़ जाते हैं। यदि ये वाहन सड़कों पर चलते तो उससे भी सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी।
उन्होंने कहा कि पुलिस कोर्ट की वजह से ज्यादातर वाहन की नीलामी नहीं हो पाती। पुलिस स्वयं स्वीकार करती है कि जब्त वाहनों की नीलामी करना संभव नहीं हो पाता है क्योंकि इसमें मुकदमे अलग कोर्ट में चल रहे हैं। रांची पुलिस ने चोरी के वाहन एवं मोबाइल बरामद होने के बाद उनके मालिक को खोज कर उन्हें थानों को सुपुर्द करने का आदेश दिया था लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने कहा की सबसे अधिक कोतवाली पुलिस ने चोरी के वाहनों को बरामद किया। इन वाहनों को कोतवाली के गेट तक रख दिया है जिसके कारण कोतवाली परिसर में जगह नहीं रह गयी है। पुलिस के साथ समस्या यह है कि वह इन वाहनों को कबाड़ में भी नहीं रख सकती क्योंकि ऊपर से आदेश हुआ है कि वाहन मालिक को ही सौंपा जाए।
समस्या यह है कि चोरों ने वाहनों के चेचिस भी बदल दिए। इसमें दो राय नहीं कि रांची शहर में पहली बार यातायात व्यवस्था को ठीक करने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। मेन रोड की तस्वीर ही बदल गयी है।
पुलिस प्रशासन को जब्त किए गए वाहनों की नीलामी के लिए शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए। इसके साथ साथ वाहनों की चोरी के गिरोह को पकड़ने के लिए पुलिस को प्रयास करना चाहिए।

बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी हैं सिद्धेश्वर महथा



* कुछ लोग ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के बलबूते समाज में अपनी एक विशिष्ट पहचान बना लेते हैं। किसी भी क्षेत्र में रहें, अपनी प्रतिभा का परचम लहराते रहते हैं। अपनी बेहतरीन कार्यशैली से लोगों के बीच काफी कम समय में ही लोकप्रियता हासिल करने में सफल होते हैं। ऐसे ही व्यक्तित्व के धनीघ शख्सियत हैं लोहरदगा जिला अंतर्गत सेन्हा थाना में पदस्थापित अवर निरीक्षक सिद्धेश्वर महथा।  श्री महथा झारखंड के पलामू प्रमंडल अंतर्गत पड़वा के निवासी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा- दीक्षा गांव में ही हुई। पाटन उच्च विद्यालय से उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा पास की। तत्पश्चात रांची कॉलेज से इंटरमीडिएट और ग्रेजुएशन किया
 उनकी माता शिवानी देवी और पिता स्वर्गीय बलदेव महथा उन्हें हमेशा संस्कार युक्त शिक्षा के प्रति प्रेरित करते रहे। शुरू से ही सिद्धेश्वर महथा के दिल में देश प्रेम और देश सेवा का भाव रहा है। इसी से प्रेरित होकर वह पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर नियुक्त हुए। तकरीबन ढाई वर्षों तक सिपाही के पद पर रहते हुए वे बखूबी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहे। उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली और विभाग के प्रति निष्ठा तथा विभागीय कार्यों को निपटाने में उनकी तत्परता को देखते हुए एकीकृत बिहार के समय तत्कालीन पुलिस महानिदेशक एसके सक्सेना ने उन्हें प्रोन्नति दी। श्री महथा पलामू, जमशेदपुर, चतरा में भी पदस्थापित रहे। संप्रति श्री महथा लोहरदगा जिला अंतर्गत सेन्हा थाने में बतौर थानेदार पदस्थापित हैं। अपराध नियंत्रण में उनकी विशिष्टता रही है। अपराधियों और नक्सलियों के साथ लोहा लेने, दो-दो हाथ करने में उन्हें महारत हासिल है। यही वजह है कि पुलिस विभाग के आला अधिकारी भी नक्सलियों की नकेल कसने के लिए विशेष रुप से गठित टीम में उन्हें शामिल करते रहे हैं। श्री महथा खेलकूद के प्रति भी सक्रिय रहते हैं। वह एक अच्छे एथलीट भी हैं। 1996 बैच के अवर निरीक्षक श्री महथा की उत्कृष्ट कार्यशैली और विभागीय उपलब्धियों की चर्चा चहुंओर की जाती है। लोहरदगा के आरक्षी अधीक्षक प्रियदर्शी आलोक ने भी सेन्हा थाना के निरीक्षण के दौरान उनके कार्यों की सराहना की। श्री महथा हाल ही में आयोजित दक्षिण छोटानागपुर पुलिस मीट के दौरान विभिन्न एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में पांच मेडल हासिल कर दक्षिण छोटानागपुर के रेंज चैंपियनशिप का खिताब जीता। वह विभागीय कार्यों के प्रति सजग रहते हुए खेलकूद के क्षेत्र में भी विभाग का नाम रोशन कर रहे हैं। जनता के साथ पुलिस का मैत्रीपूर्ण संबंध बना रहे, इस दिशा में भी वह सतत प्रयासरत रहते हैं। उनकी छवि पब्लिक- फ्रेंडली पुलिस अधिकारी के रूप में है। शहर को अपराध मुक्त बनाने और बेहतर विधि व्यवस्था बनाए रखने में उनकी मुख्य भूमिका होती है। विभिन्न धर्मों व समुदायों के पर्व-त्योहारों के अवसर पर शांति समिति की बैठक कर वह सामाजिक समरसता का संदेश भी देते हैं। समाज के दबे कुचले, कमजोर वर्ग के लोगों और पीड़ितों की सहायता करना भी उनकी दिनचर्या में शुमार है। श्री महथा का मानना है कि व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी पूर्वक करते रहना चाहिए। अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते हुए सामाजिक दायित्वों के प्रति भी लोगों की सहभागिता होनी चाहिए। इससे हमारा समाज सशक्त होगा, जब समाज सशक्त होगा तो हमारा देश भी मजबूत होगा।
 प्रस्तुति : विनय मिश्रा

अरुणोदय समिति की बैठक में कई निर्णय


रांची। अरुणोदय समिति की ओर से रातु रोड स्थित गोर्वधनधारी मंदिर में एक बैठक सम्पन्न हुई  जिसमें अरुणोदय समिति के पूजन  का शुभारंभ 15 सिंतबर को किया जायेगा जिसके समय और स्थान के बारे में जल्द ही बता दिया जायेगा। साथ ही समाज की एक बेटी के द्वारा दिए गए आवेदन तथा  सुधांशु शेखर मिश्रा  के लीगल नोटिस पर एक  बार  फिर प्रतिवादी  सुंधाशु शेखर मिश्रा एवं प्रतुल पाठक से अरुणोदय समिति आग्रह करती हैं कि इस मामले को समाज के बीच बैठ कर इसका समाधान कर लिया जाए समिति इस कार्य में हर प्रकार से सहयोग करेगी । कानूनी प्रक्रिया में दोनों पक्षों को परेशानी होगी। इससे बचना ही बेहतर होगा ।
      सार्वभौम शाकद्वीपीय ब्राह्मण महासंघ के द्वारा अरुणोदय समिति के प्रति सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचना प्रसारित की गई है जो समाज हित में ठीक नहीं है। इसके लिए समिति जल्द ही धनबाद में बैठक करेंगी। रविवार को  जामताड़ा में भी समिति का विस्तार किया गया साथ ही हजारीबाग में अरुणोदय समिति  तत्वावधान में बैठक की गई ।
    इस बैठक में संतोष पाठक, योगेश मिश्रा, शिवाकांत पाठक, कृष्ण कुमार, अतुल कुमार, विजय पाठक, नीतीश कुमार, रवीन्द्र कुमार वैध, शशि भूषण मिश्र, अधिवक्ता मनोज कुमार मिश्रा, शशि कुमार मिश्रा सहित कई अन्य शाकद्वीपीय बंधु शामिल हुए । इस बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष विजय कुमार पाठक ने की ।

सोमवार, 9 सितंबर 2019

गणेश चतुर्थी पर युवराज पराशर का अथर्व रिलीज


गणेश चतुर्थी उत्सव विशेष गीत, नृत्य संख्या और मजबूत भावनात्मक जुड़ाव के बिना अधूरा है। इस त्योहारी सीजन में अभिनेता युवराज पराशर अथर्व 'नामक एक भक्ति ट्रैक के साथ आए हैं। हाल ही में, यह गीत मुंबई में लॉन्च किया गया था। इस बड़ी उपलब्धि के लिए अभिनेता युवराज पाराशर का समर्थन करने के लिए कई बॉलीवुड हस्तियां जैसे कि जीनत अमान, कपिल कौस्तुभ शर्मा, विभोउटी शर्मा,सुहेल अली खान  ओर कई अन्य लोगों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। 'अथर्व' एक अनूठा भक्ति गीत है जो भगवान गणेश के आगमन से ठीक पहले जारी किया गया है। वीडियो में ढोल, ताशा और उच्च ऊर्जा नृत्य की पारंपरिक लय देखी जा सकती है। भक्तिपूर्ण ऊर्जावान गीत सचमुच एक बहुत ही आध्यात्मिक वातावरण को जन्म देता है। आपको शुरुआत से अंत तक नाचता रहेगा। "मेरे लिए अथर्व 'एक बहुत ही खास गीत है, क्योंकि यह मेरे पिता का सपना था और उनका आशीर्वाद था जिसने मुझे अपने लक्ष्यों की ओर केंद्रित रखा और इस विशाल उपलब्धि को हासिल किया। मैं पूरी तरह से एक बच्चे के रूप में याद करता हूं; मैंने हमेशा गणपति पंडालों का दौरा किया और गणपति गीतों की धुन पर नृत्य किया। यह मेरे लिए एक उदासीन क्षण है और साथ ही गर्व का क्षण भी। मुझे उम्मीद है कि दर्शक गीत के साथ जुड़ेंगे और इस गणेश चतुर्थी पर आनंद लेंगे। ”युवराज पराशर कहते हैं।  'अथर्व' में अभिनेता युवराज पराशर के साथ-साथ अन्य भक्त भी भगवान गणेश की पूजा करते हैं। गीत की थिरकती धुन श्रद्धा और विस्मय को व्यक्त करती है। गाने को निखिल वी कामथ द्वारा संगीतबद्ध किया गया है और इसे दिव्य कुमार ने विमल कश्यप के गीतों के साथ गाया है। 'अथर्व' नीरव बावलेचा द्वारा निर्देशित और कोरियोग्राफ है और मूवी मस्ती मैजिक स्टूडियो द्वारा प्रस्तुत राजकुमारी सत्यप्रकाश पराशर द्वारा निर्मित है। संगीत वीडियो म्यूजिक अथर्व 'अब युवराज के यूट्यूब चैनल अलुम वेब स्टूडियो' पर उपलब्ध है।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...