यह ब्लॉग खोजें

गुरुवार, 26 सितंबर 2019

संत शिरोमणि श्री श्री 108 स्वामी सदानंद जी महाराज के शिष्यों की बैठक सम्पन्न

                         

गरीबों के मसीहा संत शिरोमणि  श्री श्री 108 स्वामी सदानंद जी महाराज के द्वारा संचालित रांची की सुप्रसिद्ध समाजिक एवं धार्मिक संस्था एम•आर•एस•श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट रांची एवम स्वामी सदानंद प्रणामी चैरिटेबल ट्रस्ट (रजि•) दिल्ली शाखा रांची के सदस्यों की एक अति आवश्यक बैठक संस्था के सत्संग भवन शिवगंज, हरमु रोड़,रांची में दिनांक 25/09/2019 दिन बुधवार को संध्या 04 बजे से शुरू हुई।                                       संत सदानंद जी महाराज के शिष्यों एवं संस्था के पदाधिकारियों की बैठक का आयोजन संस्था के द्वारा अमावस्या एवं पितृ पक्ष के अंतिम दिन आगामी शनिवार दिनांक 28/09/2019 को ओरमांझी प्रखण्ड स्थित हुटुप गौशाला के प्रांगण में बने नवनिर्मित यात्री सेड में तिन पंखे लगाने का एवं गौमाता की सेवा संस्था के द्वारा करने का निर्णय सर्व सम्मति से लिया गया।       
                                                           
आज की बैठक की अध्यक्षता  संस्था के अध्यक्ष डुंगरमल अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई।इस बैठक मे संस्था के सह-संरक्षक बंसत कुमार गौतम  सचिव मनोज कुमार चौधरी, राजु अग्रवाल, ओम प्रकाश सरावगी, निर्मल जालान,  बिष्णु सोनी,सुरेश चौधरी,शिव भगवान अग्रवाल,नन्द किशोर चौधरी,प्रभाष गोयल,सुनिल पोद्दार, सुरेश भगत, पुरणमल सर्राफ,अजय खेतान, अमित पोद्दार, विशाल जालान एवं संस्था के और भी सैकड़ो सदस्य उपस्थिति थे।         

यह सभी जानकारी संस्था के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद  अग्रवाल ने दी।                                                     

तैराकी प्रतियोगिता में जेएसएसपीएस के तैराकों का जलवा


आरती ने स्वर्ण और सपना ने जीते रजत पदक

रांची। डीपीएस स्कूल, गया में चल रहे सीबीएसई पूर्वी क्षेत्र तैराकी प्रतियोगिता में झारखंड स्टेट स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएसपीएस) की तैराकों ने शानदार जलवा दिखाया। इस प्रतियोगिता में तैराकों का जलवा सिर चढ़कर बोला। जेएसएसपीएस की प्रशिक्षु आरती कुमारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। आरती कुमारी ने अंडर 14 बालिका वर्ग के 50 मीटर बटरफ्लाई में सभी प्रतियोगियों को पछाड़ते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। वहीं, सपना कुमारी ने अंडर-14 फ्रीस्टाइल में रजत पदक जीता। अंडर 14 बालिका वर्ग में चार गुणा चार सौ मीटर फ्रीस्टाइल रिले में स्वर्ण और बालक वर्ग में कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। जेएसएसपीएस के युवा तैराकों के शानदार प्रदर्शन पर रांची जिला तैराकी संघ के अध्यक्ष अर्चित आनंद ने बधाई दी। श्री आनंद ने प्रशिक्षक उमेश पासवान की भी सराहना की, जिनके प्रयासों से तैराकों ने शानदार प्रदर्शन कर पदक जीतने में सफलता पाई। तैराकों को शैलेंद्र तिवारी, उपेंद्र तिवारी, राजन सहित अन्य ने ढेरों बधाइयां दी।

गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की उप समितियों का गठन


रांची। 25 सितंबर को रांची गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों की एक बैठक इटकी रोड रांची स्थित एसोसिएशन कार्यालय में  मदन लाल पारीक जी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक  में उप समिति के गठन पर चर्चा की गई एवं निम्नलिखित सदस्यों को विभिन्न उप समितियों का प्रभार दिया गया फुल ट्रक लोड- विनोद बगड़िया, भवन साज-सज्जा- धर्मचंद जैन, जीएसटी - रामनाथ गोविंद राव, लघु भार वाहन -  रामगोविंद  भारतीय, खुदरा विभाग-  विजय कुमार, ब्रोकर विभाग-  महेंद्र कुशवाहा, सदस्यता विभाग-  विनय सिंह, पैकर्स एंड मूवर्स-  मीनी सिंह, श्रम विभाग राम प्रवेश चौधरी और ट्रेलर  विभाग- कमलेश मिश्रा ।

आज की बैठक में मदन लाल जी पारीक अध्यक्ष, प्रभाकर सिंह सचिव ,पूर्व अध्यक्ष संजय जैन, पवन शर्मा,  सुनील सिंह चौहान, महेन्द्र सिंह,एवं  सद घनश्याम शर्मा, राजेश चौधरी, रंजीत तिवारी, श्याम बिहारी सिंह, दिलबाग शर्मा जी एवं पूर्व कोषाध्यक्ष नीरज ग्रोवर, अनिल माथुर उपस्थित थे।

शालीनता की प्रतिमूर्ति हैं निशांत मोदी


समाज के प्रति सकारात्मक सोच ही निशांत मोदी का आभूषण है। निशांत युवा सशक्तिकरण के सशक्त हस्ताक्षर हैं। वह स्वच्छ और स्वस्थ समाज निर्माण के कर्मठ योद्धा हैं। समाज के नवनिर्माण में जुटे रहना उनकी दिनचर्या में शुमार है। पेशे से व्यवसायी निशांत राजधानी के रातू रोड क्षेत्र के निवासी हैं। उनके पिता गौतम मोदी और मां स्नेहा मोदी भी शहर के जाने-माने समाजसेवी हैं। लालजी हीरजी रोड में उनका व्यावसायिक प्रतिष्ठान है। निशांत का जन्म रांची में एक फरवरी 1990 को हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा शहर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान सुरेंद्रनाथ सैंटनरी स्कूल से हुई। उन्होंने 12वीं बोर्ड की परीक्षा डीएवी हेहल से पास की। तत्पश्चात संत जेवियर कॉलेज से उन्होंने वाणिज्य में स्नातक की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद निशांत ने अपने पिता के व्यवसाय में हाथ बंटाना शुरु किया। अपनी पारिवारिक और व्यावसायिक गतिविधियों से समय निकालकर अपने पिता के पद चिन्हों पर चलते हुए उन्होंने सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना शुरू किया। युवावस्था में ही व्यावसायिक जिम्मेदारियों को संभालने लगे। वहीं दूसरी तरफ नि:स्वार्थ भाव से समाज के प्रति भी समर्पण की भावना रखने लगे। सादगी और शालीनता की प्रतिमूर्ति निशांत में अहंकार लेशमात्र भी नहीं है। उनमें आत्मीयता व स्नेह का गुण कूट-कूट कर भरा है। उनके साथी-संगी भी उनकी काबिलियत के कायल हैं। निशांत इसी वर्ष 28 मई को दांपत्य सूत्र में बंधे। उनकी पत्नी रुचि सरायवाला की भी पारिवारिक पृष्ठभूमि गरिमामय रही है। विवाह के बाद निशांत को अपने पारिवारिक व व्यावसायिक जिम्मेदारियों को संभालने मे उनकी पत्नी रुचि भी उन्हें सहयोग करती रहती है। निशांत का मृदुभाषी व्यक्तित्व और सम्मोहक मुस्कान गैरों को भी अपना बना लेता है। स्वामी विवेकानंद की विचारधारा को आत्मसात कर सामाजिक परिवर्तन एवं नव निर्माण के कार्यों में जुटे रहना उनकी खासियत है। युवाओं को सशक्त समाज निर्माण के लिए सही दिशा दिखाने में भी वह प्रयासरत हैं। वह गरीब और असहाय बेटे-बेटियों की शादियां और शिक्षा के प्रति भी संवेदनशील रहा करते हैं। समाज की पीड़ा को अपनी पीड़ा समझ कर जीवन पथ पर सफल पथिक के रूप में अग्रसर है। निशांत कहते हैं कि मानवीय जीवन की सार्थकता इसीमें है कि अपने कल्याण की तरह दूसरों का भी कल्याण करें। यही सेवा भावना का मूल मंत्र भी है। वह कहते हैं कि बुद्ध, गांधी, लिंकन, मार्क्स, लेनिन, मार्टिन लूथर किंग जैसे अनगिनत नाम हैं, जो इस बात के सबूत हैं कि समय की नब्ज सदा युवा पीढ़ी के साथ रही है। युवाओं के ऊपर देश का भविष्य टिका होता है। युवा को सही मार्गदर्शन मिले,तभी सामाजिक विकास संभव होगा। निशांत कहते हैं कि माता-पिता व गुरुजनों के कहे गए एक-एक शब्द प्रेरणा स्रोत होते हैं। उनके बताए मार्ग पर चलते हुए शांति मिलती है। निशांत अंतरराष्ट्रीय संस्था जूनियर चेंबर इंटरनेशनल के निदेशक मंडल में शामिल हैं। इसके माध्यम से रक्तदान शिविर सहित अन्य कार्यक्रमों का संचालन कर सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते हैं। उन्हें गरीबों को भोजन कराने में आनंद की अनुभूति होती है। युवावस्था में ही परोपकार की भावना से ओतप्रोत निशांत नि:स्वार्थ भाव से समाज के प्रति समर्पित हैं। युवाओं के प्रति अपने संदेश में वह कहते हैं कि बुजुर्गों के अनुभव से हमें सीखने की आवश्यकता है। इससे अच्छे बुरे में फर्क का पता चलता है। किसी भी काम को सफलतापूर्वक करने के लिए लक्ष्य निर्धारित कर उसकी ओर अग्रसर रहें, अपने कर्तव्यों और दायित्वों के प्रति सजग रहें। वह कहते हैं कि युवाओं का हंसमुख, मृदुभाषी और शालीन होना जरूरी है। अपने कैरियर का निर्धारण कर लक्ष्य की ओर अग्रसर रहें। पर थोड़ा समय समाज के लिए भी जरूर निकालें। स्वस्थ और स्वच्छ समाज राष्ट्र के सशक्तिकरण के लिए जरूरी है। अपनी धुन के पक्के और कर्तव्य पथ पर सतत बढ़ते रहने के उनके जज्बे और जुनून को देखकर राष्ट्रकवि दिनकर की यह पंक्तियां याद आती है, " नींद कहां उनकी पलकों में जो धुन के मतवाले हैं, गति की तृशा और बढ़ती, पड़ती जब पग में छाले हैं " उक्त पंक्तियां निशांत पर पूर्णता चरितार्थ होती है।
प्रस्तुति : नवल किशोर सिंह

मंगलवार, 24 सितंबर 2019

एक्टू ने की आंगनबाड़ी सेविकाओं पर लाठीचार्ज की निंदा

रांची। आल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (एक्टू) का झारखंड महासचिव शुभेंदु सेन ने आंगनबाड़ी सेविकाओं पर आज हुए बर्बर लाठीचार्ज की घोर निंदा करते हुए एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है । उन्होंने कहा है कि आंगनबाड़ी सेविकाओं पर फ़ासीबादी रघुवर सरकार की लाठीचार्ज की जितनी भी निंदा की जाय ,वह कम है । अपनी न्यायोचित मांगों की प्राप्ति के लिए लंबे समय से आंदोलनरत आंगनबाड़ी सेविकाएंं फिलहाल कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं । लेकिन सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक वार्ता कर मांगों को पूरा करने के बजाए , उनकी लाठी से पिटाई कर रही है । यह सरेआम लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है । उन्होंने लोकतांत्रिक ताकतों से आंगनबाड़ी सेविकाओं के पक्ष में खड़ा होने की अपील की । उन्होंने रघुवर सरकार से इन महिलाओं की मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की है । अन्यथा विधानसभा चुनाव में जनता इस दमनकारी सरकार को सत्ता से बाहर करके ही दम लेगी । 

सोमवार, 23 सितंबर 2019

आयुष्मान भारत ने दिया नया जीवन

दुमका के गणेश ततवा की ज़ु़बानी. उसकी कहानी


दुमका। रामगढ़ प्रखण्ड के गणेश ततवा ने रामगढ़ प्रखंड के करविंधा में आयोजित शिलान्यास एवं परिसंपत्ति वितरण समारोह में कहा कि... मुख्यमंत्री जी केवल आज ही नहीं हम जीवन भर आपका स्वागत करेंगे। मैं बहुत खुश हूं। मुझे बड़ी मुसीबत के वक़्त सरकार से मदद मिली है। कुछ दिन पहले गिर जाने के कारण मेरा पैर टूट गया था। इलाज के लिए मैं अस्पताल गया जहां मुझसे इलाज़ के लिए 20 हज़ार की मांग की गई। 20 हजार रुपए की जरूरत थी लेकिन हमारे पास इतने पैसे नहीं थे। किसी ने मुझे बताया कि सरकार ने एक कार्ड निकाला है। जिससे इलाज मुफ्त में हो जाता है। मैंने इसकी जानकारी प्राप्त की। फिर मैंने आयुष्मान भारत का गोल्डन कार्ड बनवाया जिसके माध्यम से मैंने अपना मुफ्त इलाज कराया है। मुख्यमंत्री जी आज मैं पूरी तरह से स्वस्थ हूं।सिर्फ मैं नहीं मेरा पूरा परिवार बहुत खुश है।


इसपर मुख्यमंत्री ने कहा कि आपके बातों से मुझे इस बात का संतोष है कि आज आयुष्मान भारत योजना झारखण्ड के जरूरतमंदों को आयुष्मान कर रहा है। अब गरीबों को अपने बीमारी के इलाज के लिए अपनी जमीन, अपने जेवर गिरवी नहीं रखनी पड़ती। लोग मुंबई, दिल्ली,/कोलकाता,/मद्रास जैसे बड़े-बड़े शहरों में भी आयुष्मान भारत के तहत सूचीबद्ध किसी भी सरकारी तथा गैर सरकारी अस्पताल में 5 लाख तक का मुफ्त इलाज करा सकते हैं।

रामगढ़ के करबिंधा में मुख्यमंत्री ने 121 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन किया
======================
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपसे मैंने जो वादा किया था,उसे पूरा करने आया हूँ
आज से कुछ महीने पहले आपसे मैंने जो वादा किया था उसे पूरा करने आया हूँ। कुछ महीने पहले जब मैं आपके बीच आया था तो अपने सड़क की मांग की थी। आपसे वादा किया था कि बहुत जल्द आपकी मांग पूरी होगी। वह वक़्त आ गया है 44 करोड़ 33 लाख से उक्त सड़क का निर्माण होगा। पिछले 5 वर्षों में सरकार ने संथाल परगना में सड़कों का जाल बिछाने का कार्य किया है।कई नए पुल एवं पुलिया का भी निर्माण किया गया है।
सशक्त हो रहीं हैं महिलाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए बहुत जल्द आंगनबाड़ी केंद्रों में दी जाने वाली रेडी टू ईट पोषाहार सखी मंडल की महिलाएं बनाएंगी तथा उसे आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाएंगी।

प्रधानमंत्री का संकल्प पूरा करने के लिए सरकार पूरी तत्परता से कार्य कर रही
श्री दास ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का माननीय प्रधानमंत्री का संकल्प पूरा करने के लिए सरकार पूरी तत्परता से कार्य कर रही है।

अपने स्वागत संबोधन में उपायुक्त राजेश्वरी बी ने कहा जिला प्रशासन सरकार की योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कृत संकल्पित है।

वह सब जो आपको जानना चाहिये:-
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने 121 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन के साथ अटल मोहल्ला क्लीनिक और फिट इंडिया कार्यक्रम के तहत संथाल आवासीय विद्यालय मसलिया के बच्चों को फुटबॉल, क्रिकेट बैडमिंटन का किट एवं टैब का वितरण किया।

इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी,दुमका के सांसद सुनील सोरेन,संथाल परगना के आयुक्त श्री विमल, उपायुक्त राजेश्वरी बी,उप विकास आयुक्त वरुण रंजन आदि उपस्थित थे।

ई-सिगरेट पर प्रतिबंध की कवायद


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से दिए रोकथाम के टिप्स


रांची। झारखंड में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग और पुलिस मिलकर इसकी रोकथाम की कवायद करेंगे। इसे लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को देश के तमाम राज्यों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिया है। झारखंड से इस वीडियो कांफ्रेंसिंग में शामिल स्वास्थ्य सचिव श्री नितीन मदन कुलकर्णी ने ई-सिगरेट की ऑनलाइन डिलवरी सिस्टम पर रोक लगाने का सुझाव देते हुए बताया कि इस माध्यम से सिगरेट सीधे ग्राहकों के पास पहुंच रहा है। इससे उत्पाद और उपभोक्ता के बीच कोई चेक प्वायंट नहीं बचता। इसलिए डिलवरी प्वायंट पर ही रोकथाम की व्यवस्था से प्रतिबंध कारगर होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ई-सिगरेट की ऑनलाइन डिलवरी सिस्टम पर रोक के सुझाव पर अमल का भरोसा दिया। मालूम हो कि ई- सिगरेट पर इस वर्ष 18 सितंबर को एक अध्यादेश के माध्यम से पूरे देश में प्रतिबंध लगाया गया है। राज्य सरकार ने केंद्र की एडवाइजरी के आलोक में मार्च में ही इसे पूरे राज्य में प्रतिबंधित कर दिया था।

स्कूल-कॉलेज पर करें फोकस
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगने के बाद स्कूल-कॉलेजों पर विशेष फोकस करते हुए इसकी सतत निगरानी पर बल दिया। इस पूरी प्रक्रिया में शिक्षकों को भी सहभागी बनाते हुए कक्षा 10 से 12वीं तक के क्लासों के छात्रों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा पान-गुटखा दुकानों पर भी निगरानी रखने और सतत जांच करते रहने पर बल दिया गया।

व्यापक प्रचार-प्रसार होगा
स्वास्थ्य सचिव श्री नितीन मदन कुलकर्णी ने बताया कि ई-सिगरेट पर प्रतिबंध को असरदार बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग इसका विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों को जागरूक करेगा। उन्होंने कहा कि प्रयास यह होगा कि प्रतिबंध की शुरुआत घर-परिवार से हो। इसके लिए माता-पिता को भी विज्ञापन के माध्यम से बताया जाएगा कि वे कैसे बच्चों पर निगरानी रखें और ई-सिगरेट की लत से बचाएं। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले दिल्ली के एक स्कूल में औचक निरीक्षण में डेढ़ सौ से अधिक बच्चों के पास से ई-सिगरेट जब्त हुए। यह चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि ई-सिगरेट पेन, पेंसिल सहित अन्य ऐसे उत्पादों के आकार में बन रहे हैं, जिसपर शक की गुंजाइश कम रहती है। यही कारण है कि विभाग अपना फोकस एरिया स्कूल-कॉलेज से लेकर घर-परिवार तक रखने जा रहा है। 

पुलिस मजबूती से करेगी रोकथाम
ई-सिगरेट की रोकथाम को लेकर राज्य की पुलिस भी मजबूत कदम उठाएगी। डीजी मुख्यालय श्री पीआरके नायडू ने कहा कि वे जल्द ही राज्य के सभी एसपी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर इसकी रोकथाम के उपायों पर चर्चा करेंगे। उनके माध्यम से सभी थानों को भी अपने-अपने क्षेत्र में ई-सिगरेट की बिक्री, भंडारण, सेवन आदि पर चौकसी बरतने के निर्देश दिए जाएंगे।

ग्लोबल चिंता का कारण बनी ई-सिगरेट
बताते चलें कि अमेरिका में एक वर्ष के भीतर ई-सिगरेट का उपयोग 77 फीसदी बढ़ने के बाद इस पर ग्लोबल चिंता सामने आई है। एक अनुमान के अनुसार भारत के बड़े शहर लगातार इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं और इसका प्रसार धीरे-धीरे मध्यम और छोटे शहरों की ओर भी बढ़ रहा है। यह सिगरेट परंपरागत सिगरेट से अलग दिखने तथा गंधरहित होने से ध्रूमपान करनेवाले युवाओं और चोरी-छिपे सेवन करने वाले बच्चों की की संख्या बढ़ रही है। चितांजनक बात यह है कि इसका सेवन जितना आसान है, उतना ही अधिक यह नुकसानदायक भी है। 

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...