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रविवार, 29 सितंबर 2019

द.पू.रेलवे मेंस तृणमूल कांग्रेस ने महाप्रबंधक को सौंपा मांग पत्र



चक्रधरपुर। एक दिवसीय दौरे पर आए दक्षिण पूर्व  रेलवे (चक्रधरपुर रेल मंडल) के महाप्रबंधक संजय कुमार महांती को दक्षिण रेलवे मेंस तृणमूल कांग्रेस की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें पिछले वर्ष 2012 से लेकर 2017 के अंतराल में लार्जैस स्किम पॉलिसी के तहत दी जाने वाली नौकरी में हो रहे विलम्ब सहित अन्य मांगें शामिल है।  दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस तृणमूल कांग्रेस के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री सह महासचिव जहांगीर हक के  नेतृत्व में यूनियन के पदधारी एवं लार्जैस से जुड़े आश्रित कर्मचारियों द्वारा उन्हें मांग पत्र सौंपते हुए अविलंब समाधान करने का अनुरोध किया गया। इस संबंध में दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस तृणमूल कांग्रेस के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री सह महासचिव जहांगीर हक ने कहा कि दक्षिण पूर्व रेलवे का चक्रधरपुर मंडल एक महत्वपूर्ण एवं अधिक राजस्व अर्जित करने वाला मंडल है। इसलिए यहां वर्कशॉप होना अनिवार्य है। जिससे चक्रधरपुर रेल मंडल के कर्मचारियों को सुविधा होगी। श्री हक ने कहा कि अक्सर ट्रेक में  ट्रैकमेंन कर्मचारी कार्य के दौरान हादसों का शिकार होते हैं। इसलिए ट्रेकमेन कर्मचारियों की सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए उचित कदम उठाने की युनियन के ओर से मांग किया गया है। महाप्रबंधक से मिलने वाले यूनियन के पदधारियों में केंद्रीय संयुक्त महासचिव जहांगीर हक, मंडल साख के कार्यकारी अध्यक्ष साबिर आंसारी, संगठन सचिव पी कृष्ण राव, अमित कुमार शर्मा, अमर कुमार एवं दिलीप कुमार साहू  शामिल थे।

लायंस क्लब ऑफ रांची लाइफ ने लगाया मुफ्त मधुमेह जांच शिविर


आज 28 सितंबर को लायंस क्लब ऑफ राँची लाइफ ने वर्ल्ड लायंस सर्विस वीक के तहत मुफ्त मधुमेह जाँच शिविर लालपुर स्थित पैनासोनिक सर्विस सेन्टर में लगाया गया। इसमें करीब 55 लोगो का मधुमेह एवं रक्तचाप की जांच की गई। इसमें 12 लोगो को मधुमेह के रोगी मिले जिनको पता नही थी कि उनको मधुमेह है। यंहा लोगो को पोषक खाने पान के लिए जागरूक किये। इसमें मुख्य रूप से लायन युवराज, लायन विकाश, लायन अमन, लायन विभूति , लायन प्रभाकर, लायन मुकेश और जोन चेयरपर्सन लायन रवि प्रकाश सहयोग किया।

शनिवार, 28 सितंबर 2019

कर्तव्यों के प्रति हिमालय की तरह दृढ़ हैं सिद्धार्थ चौधरी



समाज के प्रति श्रद्धा, विश्वास और समर्पण रखते हुए अपने कर्तव्य पथ पर अग्रसर रहना व्यक्ति की विशेषता कहलाता है। समाज में व्याप्त विसंगतियों में संगति की स्थापना कर स्वस्थ और स्वच्छ समाज को अंकुरित, पल्लवित और पुष्पित करने में सदैव प्रयासरत रहना इंसान की महानता का परिचायक होता है। जीवन का उद्देश्य सिर्फ धनोपार्जन ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति कर्तव्य बोध भी होना जरूरी है। ऐसी ही  सकारात्मक सोच से ओतप्रोत शख्सियत हैं राजधानी रांची निवासी सिद्धार्थ चौधरी। ममत्व में यमुना से गहराई और संस्कारों में हिमालय समान दृढ़ता लिए समाज की बगिया को सींचने-संवारने में जुटे रहना उनकी दिनचर्या में शामिल है। वह मानव सेवा को अपना परम धर्म मानते हैं। शहर में किसी भी धर्म व संप्रदाय का पर्व-त्यौहार हो, सिद्धार्थ चौधरी उसमें सेवा शिविरों के आयोजन के माध्यम से अपनी उपस्थिति अवश्य दर्ज कराते हैं। सिद्धार्थ शहर के युवा उद्यमियों के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं। उनका कुशल व्यवहार दूसरों को प्रेरित करने वाला है। सिद्धार्थ रांची में ही पले- बढ़े और पढ़े। संत जेवियर स्कूल, डोरंडा से उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा पास की। तत्पश्चात डीएवी, श्यामली से प्लस टू किया। इसके बाद राजधानी के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान संत जेवियर कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। पढ़ाई-लिखाई में सदैव अव्वल रहने वाले सिद्धार्थ चौधरी का रुझान व्यवसाय की ओर होने लगा। वह अपने दादा जी द्वारा स्थापित लगभग छह दशक पुरानी व्यवसायिक प्रतिष्ठान कोलकाता स्टोर सप्लाई काॅरपोरेशन में अपने पिताजी का हाथ बंटाने लगे। उनके पिता सज्जन चौधरी और माता मधु चौधरी भी अपने पारिवारिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बखूबी निभाते हुए सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। सिद्धार्थ उक्त प्रतिष्ठान में अपने पिता के साथ उनके व्यवसायिक कार्यों में सहयोग करते हैं। पारिवारिक और व्यावसायिक व्यस्तताओं के बीच समय निकालकर समाज सेवा के प्रति उनका परिवार समर्पित रहता है। शहर में होने वाले सभी सामाजिक, धार्मिक-आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होकर वह समाज सेवा के प्रति समर्पण का भाव प्रदर्शित करते रहते हैं। अपने कर्तव्य पथ पर सफल पथिक के रूप में सिद्धार्थ चौधरी अग्रसर हैं। वह विभिन्न संस्थाओं से जुड़कर सामाजिक कार्यों को गति प्रदान कर रहे हैं। वह अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक संस्था जूनियर चेंबर इंटरनेशनल, राउंड टेबल इंडिया, अग्रवाल सभा, डोरंडा ओल्ड जेवियरन (डॉक्स), फ्रेंड्स ऑफ ट्राइबल सोसाइटी, रेड क्रॉस सोसाइटी, रांची क्लब, जिमखाना क्लब, फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज से भी जुड़े हैं। इनमें से कई संस्थाओं के वह आजीवन सदस्य भी हैं। उनका पूरा परिवार समाज सेवा के प्रति समर्पित रहता है। सिद्धार्थ रक्तदान को  महादान मानते हैं। रक्तदान शिविरों का आयोजन कर वह मानवता की मिसाल पेश करते रहे हैं। वह कहते हैं कि स्वास्थ्य ही धन है, युवाओं के प्रति अपने संदेश में सिद्धार्थ कहते हैं कि अपने अनुभवों से काम को सफलतापूर्वक करने के लिए सतत प्रयासरत रहें। जीवन का उद्देश्य सिर्फ पैसा कमाना ही नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज के प्रति भी जिम्मेदारी समझने की जरूरत है। सिद्धार्थ सर्वधर्म-समभाव की भावना को आत्मसात कर सभी धर्मों का समान आदर करते हैं।  वह सभी धर्मावलंबियों के प्रति आदर सम्मान का भाव रखते हैं। वह कहते हैं कि देश की अखंडता के लिए सामाजिक एकता और समरसता जरूरी है। देश के सर्वांगीण विकास के लिए समाज के प्रति प्रत्येक व्यक्ति का शिक्षित होना भी आवश्यक है। लोग शिक्षित होंगे, तभी देश व समाज का विकास रफ्तार पकड़ेगा। लोगों के सुख- दुख में शामिल होना उनकी दिनचर्या में शुमार है। गरीब और पीड़ितों की सेवा करने से उन्हें सुखद अनुभूति होती है, इससे उन्हें आंतरिक सुख मिलता है। बचपन से ही दयावान और मददगार रहे सिद्धार्थ चौधरी गरीबों और बेसहारों को देखकर द्रवित हो जाते हैं। उन्हें हर संभव सहयोग करने में आगे रहते हैं। वह कहते हैं कि समाज के निचले तबके के लोगों की मदद कर उन्हें ऊपर उठाना आगे बढ़ाना भी व्यक्ति का धर्म है। युवाओं के प्रति अपने संदेश में सिद्धार्थ कहते हैं कि युवा अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल सकारात्मक कार्यों में करें और अपने कार्यों में नैतिकता का ख्याल रखें,क्योंकि नैतिकता के बल पर ही आगे की मुश्किल राहें भी आसान हो जाती है। इसलिए नैतिक मूल्यों का क्षरण न हो, इस दिशा में प्रयासरत रहें।
प्रस्तुति : नवल किशोर सिंह

सड़क निर्माण में गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश



चक्रधरपुर। पथ निर्माण विभाग के चक्रधरपुर अवर प्रमंडल के सहायक अभियंता शशि शेखर मिश्रा ने सड़कों की गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया है। पथ निर्माण विभाग के सरायकेला व मनोहरपुर डिवीजन के अंतर्गत बनी सड़क ( खूंटपानी के भोया से एन एच 75 , चाईबासा-पुरुनिया भाया चक्रधरपुर मुख्य पथ) निर्माण में गुणवत्ता की शिकायत मिलने पर विभाग ने गंभीरता दिखाते हुए उक्त सड़क की विशेष रुप से तत्काल मरम्मत का निर्देश संवेदक को दिया। खरसावां-चक्रधरपुर सड़क, बड़ाबांबो की मरम्मत कर जनोपयोगी बना दिया गया है। उक्त सड़क पर आवागमन सुगम हो गया है।

विकास कार्यों को गति दे रहे हैं डीडीसी आदित्य रंजन


विनय मिश्रा
चाईबासा। भारतीय प्रशासनिक सेवा 2016 बैच के अधिकारी आदित्य रंजन ने पश्चिम सिंहभूम (चाईबासा) में जब से  योगदान दिया है, विकास कार्यों में तेजी आई है। सड़क की गुणवत्ता व निर्माण कार्य में सुधार हुआ है। अस्पताल भवन भी अब सुविधायुक्त बन गया है। जिले के जर्जर विद्यालय भवन के स्थान पर अब नए भवन बनाए जा रहे हैं। शिक्षा में सुधार हो रहा है। विद्यालय भवन निर्माण में तेजी आई है। जनहित में विकास कार्यों को करवाया जा रहा है। कार्यों में अनियमितता व शिकायत को गंभीरता से लिया जा रहा है। पश्चिम सिंहभूम जिला की विकास यात्रा से मुख्यमंत्री रघुवर दास व मुख्य सचिव डी के तिवारी भी अवगत हुए हैं। पश्चिम सिंहभूम जिला राज्य में एक आदर्श जिला के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। डीडीसी आदित्य रंजन ने विकास कार्यों में पारदर्शिता बरतने और गुणवत्ता युक्त कार्य करने का निर्देश दिया है। उनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में विकास कार्यों को गति मिल रही है।

शुक्रवार, 27 सितंबर 2019

जापान के कांसुलेट जनरल ने बौद्ध पर्यटन पर जोर दिया

झारखंड टूर कॉन्क्लेव में पर्यटन स्टेकहोल्डर्स के लिए शुरू किया गया पर्यटन पुरस्कार“

“विश्व पर्यटन दिवस” को मनाने के लिए पर्यटन विभाग, झारखंड ने शुरु किया झारखंड पर्यटन पुरस्कार


रांची। प्रकृति ने झारखण्ड पर अपना वैभव लुटाया है यहां पर्यटन के लिये वह सब कुछ है जो इसे अन्य राज्यों अलग बनाता है।झारखंड में पर्यटन की असंख्य संभावनाएं हैं, जिनमें बौद्ध पर्यटन, एडवेंचर पर्यटन, डप्ब्म् पर्यटन आदि शामिल हैं। उक्त बातें पर्यटन सचिव श्री राहुल शर्मा ने आज होटल रेडिसन ब्लू में पर्यटन विभाग के तत्वावधान में इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित 2 दिवसीय “झारखंड टूर कॉन्क्लेव “ के समापन समारोह में कही। उन्होंने झारखंड में पर्यटन की असीम संभावानाओं एवं यहां के पर्यटन क्षेत्रों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

इस अवसर पर “भारत में एडवेंचर पर्यटन के असंख्य क्षेत्रों व विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के तरीके” और “बौद्ध वंश के माध्यम से दक्षिण पूर्व एशियाई देशों को जोड़नाः क्रमशः विकास के लिए पुराने मार्गों को सुदृढ़ करना” के बारे में जानकारी दी गई ।

बौद्ध पर्यटन पर अधिक जोर
कांसुलेट जनरल मासायुकी तगा ने भारत-जापान संबंधों का एक शानदार विवरण दिया और दोनों देशों के सामान्य बौद्ध वंश का उपयोग करते हुए संबंध को और मजबूत बनाने की संभावनाओं के बारें में बताया। उन्होंने कहा कि यदि बौद्ध पर्यटन पर अधिक जोर दिया जाए तो जापान से भारत आने वाले पर्यटकों की संख्या कई गुना बढ़ सकती है।

इटखोरी के पुरातात्विक सर्वेक्षण पर एक पुस्तक जारी

कार्यक्रम में पर्यटन विभाग, झारखंड ने इटखोरी के पुरातात्विक सर्वेक्षण पर एक पुस्तक जारी की। “विश्व पर्यटन दिवस“ के अवसर को मनाने के लिए, एक पुरस्कार समारोह भी शुरू किया गया जिसमें उत्कृष्टता के लिए जय ट्रेवल्स, ट्रेवल स्टार, सुहाना टूर एंड ट्रैवल्स, होटल रेडिसन ब्लू, होटल बीएनआर चाणक्य , कैपिटल रेजीडेंसी, थे येलो सफायर, को पुरस्कार दिया गया साथ ही ग्रेट कबाब फैक्ट्री, कावेरी, मोती महल रेस्तरां, रुइन हाउस, होटल ले लाक, रामदा जमेशदपुर, इम्पीरियल हाइट्स देवघर, ज़ैका रिसॉर्ट्स आदि को भी पुरस्कार दिया गया। अन्य पुरस्कार जेटीडीसी प्रबंधकों व पर्यटक मित्र के लिए और आईएचएम को “स्वछता  पखवाड़ा” के लिए दिया गया।

इस अवसर पर श्री संजीव कुमार बेसरा, निदेशक पर्यटन, झारखंड, श्री एस के चौधरी, पूर्व मुख्य सचिव, झारखंड, श्री हेमंत गुप्ता, मैनेजिंग ट्रस्टी, लीडरशिप टीम, टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन, सुश्री गुरलीन कौर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष - पर्यटन , इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (कर्नाटक) लिमिटेड, डॉ हरीश सांकृत्यायन, अध्यक्ष, वर्ल्ड बुद्ध फाउंडेशन आदि उपस्थित थे।

सरायकेला से भी बांस की बनी वस्तुओं को विदेश भेजा जाएगाः रघुवर दास


★मध्यम, लघु एवं कुटीर उद्योग गरीबी समाप्त करने में सहायक होगा

★आदिम जनजाति की महिलाओं को नई तकनीक से मिलेगा प्रशिक्षण

★95 हजार शिल्पकार मुख्यमंत्री उद्यमी बोर्ड से जुड़ चुके हैं
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सरायकेला/नीमडीह। झारखंड को कला के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है। इस बात को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री उद्यमी बोर्ड का गठन किया गया। बोर्ड में राज्य के प्रतिभावान शिल्पकारों को चिन्हित कर उनका निबंधन हुआ है। करीब 95 हजार शिल्पकार अब तक बोर्ड से जुड़ चुके हैं। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य शिल्पकारों और कलाकारों को बदलते समय और की मांग के अनुसार प्रशिक्षण देकर उन्हें और प्रतिभावान बनाना है। जल्द सरायकेला से भी बांस की बनी वस्तुएं विदेश भेजी जाएगी। ताकि यहां की आदिम जनजाति की महिलाएं का आर्थिक स्वालंबन सुनिश्चित हो सके। आने वाले दिनों में उद्योग विभाग द्वारा आदिम जनजाति की महिला शिल्पकारों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद महिलाएं बाजार की मांग के अनुरूप बांस के उत्पाद तैयार कर सकेंगी। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने सरायकेला के नीमडीह स्थित मकुला गांव में कही। श्री दास मकुला में स्वावलंबी सहयोग समिति द्वारा बॉस से बनी वस्तुओं का अवलोकन कर रहे थे।

रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने की पहल हो रही है

मुख्यमंत्री ने कहा कि संथाल परगना में भी बांस अधिक मात्रा में होता है। इसलिए वहां की महिलाओं व कलाकारों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दुमका स्थित में कलाकार बांस की वस्तुएं तैयार कर रहें हैं। बांस की इन वस्तुओं को विदेश में भेजा जा रहा है। दुमका में बांस आधारित मेला का आयोजन भी किया गया ताकि, कलाकारों को एक मंच मिल सके। कुटीर, लघु और मध्यम उद्योग को सरकार बढ़ावा दे रही है। यह गरीबी समाप्त करने में सहायक हो सकता है।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...