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गुरुवार, 15 अगस्त 2019
रविवार, 9 जून 2019
धरती आबा बिरसा मुंडा को दी श्रद्धांजलि
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| कोकर स्थित समाधि स्थल पर |
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| बिरसा चौक स्थित प्रतिमा पर |
झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री रघुवर दास ने धरती आबा बिरसा मुन्डा की पुण्य तिथि पर रांची के कोकर स्थित उनके समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की। तत्पश्चात् बिरसा मुन्डा चौक स्थित धरती आबा भगवान बिरसा मुन्डा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित झारखण्ड और समस्त देशवासियों की ओर से उनको नमन किया।
शनिवार, 5 जनवरी 2019
40 साल बाद धरातल पर उतरा मंडल डैम का सपना
पीएम मोदी ने किया उत्तर कोयल सहित छह परियोजनाओं का शिलान्यास
मेदनीनगर। किसानों की समृद्धि के आजादी के बाद से क्या प्रयास हुए इसकी गवाही यह मंडल डैम दे रहा है। आधी सदी गुजर गई और मंडल डैम आज खंडहर में बदल गया। 1972 से डैम निर्माण हेतु चली फ़ाइल चली और भटकती रही। उसके बाद 25 साल से यह कार्य पूर्णरूप से ठप्प पड़ गया। क्या अगर इस डैम का निर्माण होता तो किसान कर्जदार बनता नहीं। साथ ही 30 करोड़ की योजना 2 हजार करोड़ तक नहीं पहुंचती। यह किसानों के प्रति किया गया अपराध है। क्योंकि पूर्व की सरकार ने किसानों को वोटबैंक के तौर पर देखा लेकिन वर्तमान सरकार किसानों को वोटबैंक नहीं, अन्नदाता समझती है। उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कही। श्री मोदी शनिवार को पलामू के मेदिनीनगर स्थित चियांकी हवाईअड्डा में उत्तर कोयल(मंडल डैम) अपूर्ण कार्य के शिलान्यास समारोह में बोल रहे थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि झारखण्ड और बिहार सरकार, चतरा सांसद, पलामू सांसद, औरंगाबाद सांसद को बधाई, आप खुद दौड़े और मुझे भी दौड़ाया, जिसका परिणाम है आज मैं इस मंडल डैम समेत छः सिंचाई और पेयजल आपूर्ति योजना का शिलान्यास कर रहा हूं। वीर प्रभुता की इस धरती को नमन। नीलाम्बर पीताम्बर को नमन। उमंग उत्साह के साथ आप मुझे आशीर्वाद देने आए लाखों लोगों को नमन।
90 हजार करोड की लागत से 99 अधूरी परियोजना पूर्ण हो रही है, किसानों को कर्ज देने वाला बनना है
प्रधानमंत्री ने कहा कि 40 साल से किसानों की समृद्धि की 99 योजनाएं अटकी थी। जिसे वर्त्तमान सरकार ने 90 हजार करोड़ की लागत से पूर्ण किया जा रहा है। यह हमारी कार्यप्रणाली है। किसानों को खुश करने उनकी एक पीढ़ी को लाभ देने के लिए सरकार उक्त राशि को किसानों के बीच बांट देता..लेकिन सरकार ने उनकी समृद्धि और आने वाली पीढ़ी के संबंध में सोंचा यही वजह रही कि इन योजनाओं का अमलीजामा पहनाया जा रहा है। ताकि देश का किसान कर्ज लेनेवाला नहीं कर्ज देने वाला बनना है। उन्हें ताकतवर बनाना है। किसानों के सशक्तिकरण के लिए बीज से बाजार तक कार्य किया जा रहा है। क्योंकि कुछ लोग कर्ज माफी के नाम पर किसानों को बहला रहें हैं। ऐसे लोगों ने कभी मंडल डैम के संबंध में नहीं सोचा। अगर डैम बना होता तो किसान कर्जदार नहीं होता। उनको तो पता भी नहीं होगा कि यह कोयल किसी सिंचाई परियोजना का नाम है या पंछी का।
5 साल में 25 लाख घर और 4 साल में 1 करोड़ 25 लाख घर
श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि 2014 से पूर्व 5 साल कार्यकाल के दौरान पूर्व की सरकार ने 25 लाख घरों का निर्माण गरीबों के लिए किया लेकिन 2014 के बाद इस सेवक ने 5 साल में 1 करोड़ 25 घरों का निर्माण हो चुका है। यह वर्त्तमान सरकार का वादा है कि 2022 तक सभी गरीब को गुणवत्तापूर्ण पक्का मकान उपलब्ध कराया जाएगा। वर्त्तमान सरकार ने नाम के लिए काम के लिए झगड़ा करती है। किसी परिवार के नाम पर आवास देने की प्रक्रिया को हमने बंद किया। अब कोई भी सरकार आएगी तो यह प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम से जाना जायेगा। इस सरकार में दलालों और बिचौलियों की कोई जगह नहीं है। देश की महिलाओं के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उनके नाम पर 12 माह के अंदर आवास का निर्माण पूर्ण करने का कार्य हो रहा है। आज झारखण्ड के 25 लाख गरीब लोगों को गृह प्रवेश करा मैं आह्लादित हूं। 2011 की जनगणना के अनुसार सभी गरीबों को आवास उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य है। गरीबों का आत्मसम्मान और आत्मविश्वास से लबरेज करना सरकार तक लक्ष्य है। इस बात की भी खुशी है कि हमारी माता और बहनें अब घर की मालकिन बन रहीं हैं क्योंकि उनके नाम पर ही आवास का आवंटन ग्राम सभा के माध्यम से किया जा रहा है।
100 दिनों के अंदर 7 लाख लोगों को मिला आयुष्मान भारत योजना का लाभ
प्रधानमंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना का शुभारंभ झारखण्ड की धरती से हुआ। योजना के 100 दिन होने के बाद 7 लाख लोगों को योजना का लाभ मिला। हर दिन 10 हजार लोग योजना के दायरे में आ रहें हैं। झारखण्ड के 28 हजार लोगों ने योजना का लाभ लिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि 47 साल से लंबित मंडल डैम योजना को पुनः प्रारम्भ कर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पलामू की धरा को धन्य कर दिया। इस योजना के अपूर्ण कार्य का शुभारंभ करने के लिए प्रधानमंत्री जी, चतरा सांसद, पलामू सांसद, औरंगाबाद सांसद को नमन। इस योजना से झारखण्ड और बिहार के किसानों को लाभ होगा। झारखण्ड की 19, 604 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। प्रधानमंत्री जी के प्रयास से पलामू को पलायन के अभिशाप से मुक्ति भी मिलेगी।
67 साल में 91 हजार हेक्टेयर और 4 साल में 2 लाख 10 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित हुई
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2014 से पूर्व राज्य की 91 हजार भूमि सिंचित थी। लेकिन विगत 4 साल में यह आंकड़ा 2 लाख 10 हजार हेक्टेयर तक पहुंच गया। जय जवान जय किसान को सार्थक कर सरकार कार्य कर रही है। आज बदलाव हो रहा है। डबल इंजन की सरकार हर क्षेत्र में कार्य कर रही है। अप्रैल 2019 से किसानों के खेती योग्य भूमि में सिंचाई के लिए अलग फीडर से बिजली की आपूर्ति की जायेगी।
14 लाख परिवार को मिलेगा गैस कनेक्शन, 60% लोगों को धुंआ से मुक्ति देना है
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में राज्य के 14 लाख गरीब परिवारों के गैस कनेक्शन दिया जाएगा। ऐसे करीब 60% परिवार को धुंआ से मुक्ति प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित है। झारखण्ड इकलौता ऐसा राज्य है जो गरीबों को गैस के साथ चूल्हा भी मुफ्त दे रही है।
खरीफ फसल के लिए किसानों को प्रति एकड़ 5 हजार
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए राज्य के किसानों की खरीफ फसल के लिए 5 हजार रुपये प्रति एकड़ दिया जाएगा। 22 लाख 76 हजार किसानों को इसका लाभ मिलेगा। बरसात से पूर्व किसानों के खाते में उनका पैसा मिल जाएगा। राज्य के किसानों के लिएफसल बीमा के तहत प्रीमियम का भुगतान सरकार द्वारा किया जा रहा है। आज राज्य के मेहनत कश किसानों की बदौलत 2013-14 की – 4% कृषि विकास दर 4 साल में +14% पहुंच गई। किसानों की उन्नत किसान बनाने और उन्नत खेती के लिए इजरायल भेजा गया। वैश्विक कृषि और फ़ूड समिट के जरिए किसानों को आधुनिक खेती की तकनीक से अवगत कराया गया।
2014 के झारखण्ड की तुलना 2019 के झारखण्ड से करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम यह नहीं कहते कि झारखण्ड बदल गया। लेकिन 2014 के झारखण्ड की तुलना 2019 के झारखण्ड से करें। 2014 से पूर्व शासन करने वालों से पूछे कि राज्य की भलाई के संबंद में क्यों नहीं पूछा।
गांव, गरीब, किसान, महिला और युवा के संबंध में सोचने वाले का हटाना चाहते हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग प्रधानमंत्री जी को हटाना चाहते हैं। क्योंकि मोदी जी गांव, गरीब, किसान, महिलाओं और नौजवानों के संबंध में कार्य करते हैं। 67 साल से लूटने का कार्य बंद हो गया है। वो एक होकर मोदी जी को रोकना चाहते हैं। आप किसी के बहकावे में ना आकर न्यू झारखण्ड, न्यू इंडिया के निर्माण में मोदी जी का साथ दें।
बाल विवाह रोकना और बच्चियों के सशक्तिकरण में सहायक होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के जरिए राज्य की बच्चियों को सशक्त करेगी। राज्य में जन्म लेने वाली बच्ची की माँ के बैंक एकाउंट में 5 हजार रुपये, कक्षा 2, 5, 8, 10 और 12वीं पास करने पर 5-5 हजार प्रोत्साहन राशि के तौर पर देगी। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 30 हजार की राशि सरकार प्रदान करेगी। राज्य की बच्चियों को शिक्षित करना उन्हें पढ़ना हमारा लक्ष्य है।
70 वर्ष बाद सपनों को आकार मिला
चतरा सांसद श्री सुनील कुमार सिंह ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री जी नीलाम्बर पीताम्बर की धरती पर आपका अभिनंदन है। आपके प्रयास से पलामू का 45 साल पुराना सपना आकार ले रहा है। पलामू सुखाड़ से मुक्ति की ओर चल पड़ा है।
कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन पलामू सांसद श्री विष्णुदयाल राम ने दिया।
प्रधानमंत्री ने सांकेतिक तौर पर कलेश्वरी देवी, ललित देवी, रीना देवी, देववन्ति देवी को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित घर की चाभी सौंपी। इस अवसर पर योजना के तहत 25 हजार लाभुकों को घर की चाभी दी गई।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री सुदर्शन भगत, नगर विकास मंत्री श्री सीपी सिंह, स्वास्थ्य मंत्री श्री रामचंद्र चंद्रवंशी, पलामू सांसद श्री विष्णुदयाल राम, चतरा सांसद श्री सुनील कुमार सिंह, औरंगाबाद सांसद श्री सुशील कुमार सिंह, गया सांसद श्री हरि मांझी, डालटनगंज विधायक श्री आलोक चौरसिया, मनिका विधायक श्री हरे कृष्ण सिंह व अन्य उपस्थित थे।
107 साल बाद टाटा-बादाम पहाड़ रूट को मिली दूसरी ट्रेन
पीएम मोदी ने वीडियो लिंक से टाटानगर बादाम पहाड़ डेमू पैसेंजर का किया शुभारंभ
राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने टाटानगर रेलवे स्टेशन से हल्दीपोखर तक की यात्रा डेमू पैसेंजर ट्रेन से की
प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बहुत सारे लोग लाभान्वित होंगेःराज्यपाल
विकास की हर मांग के प्रति प्रधानमंत्री प्रतिबद्धः मुख्यमंत्री रघुवर दास
जमशेदपुर। ओडिशा के बारीपदा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो लिंक के जरिए 78029/ 78030 टाटानगर बादाम पहाड़ डेमू पैसेंजर का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने टाटानगर रेलवे स्टेशन से हल्दीपोखर तक की यात्रा डेमू पैसेंजर ट्रेन से की।
107 वर्षों के बाद दूसरी ट्रेन का परिचालन-क्षेत्र के विकास के लिए सुखद
राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि जमशेदपुर-बादाम पहाड़ डेमू ट्रेन 107 साल के बाद यह दूसरी ट्रेन है जिसका परिचालन शुरू किया जा रहा है। 107 साल के इंतजार के बाद और स्वाधीनता के 70 से अधिक वर्षों के बाद आज टाटा बादाम पहाड़ तक दूसरी रेलवे रेल का परिचालन शुरू हुआ है इसके लिए केंद्रीय रेलवे मंत्रालय के साथ ही यहां के अधिकारी भी बधाई के पात्र हैं।
जमशेदपुर स्टील उद्योग के लिए कच्चे माल का स्रोत हैं बादाम पहाड़ के लौह अयस्क
राज्यपाल ने कहा कि टाटा बादाम पहाड़ जो सिंगल रेलवे लाइन है इसका इतिहास रहा है। जमशेदपुर में टाटा स्टील के कारखानों के लिए अयस्क बादाम पहाड़, गुरुमहिषानी और सुलईपत से आता है। वहां से लौह अयस्क लेकर यहां औद्योगिक क्षेत्र विकसित हुआ है और इसीलिए 1910 में यह रेलवे लाइन बनी था। जिससे लौह अयस्क यहां आ सके और उत्पादन हो सके। राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि रेलवे परिचालन शुरू होने की बात से ही क्षेत्र के लोगों में बहुत हर्ष है।
बादाम पहाड़ का सामाजिक आर्थिक विकास टाटानगर पर आधारित
राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि बादाम पहाड़ से टाटानगर की दूरी 70-80 किलोमीटर है। वहां के लोगों की निर्भरता टाटानगर पर अधिक है। राज्य की राजधानी से बादाम पहाड़ की दूरी लगभग 400 किलोमीटर होने के कारण आर्थिक दृष्टिकोण से जमशेदपुर- टाटा नगर पर अधिक निर्भर करते हैं। उन्होंने कहा कि बादाम पहाड़ आदिवासी बहुल क्षेत्र है। रेलवे परिचालन होने से वहां के लोगों का सामाजिक आर्थिक विकास सुनिश्चित होगा। व्यापारी वर्ग भी जमशेदपुर के ऊपर निर्भर करते हैं। रोज सैकड़ों लोग यहां आना जाना करते हैं। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन चलने से लोगों का व्यवसाय और भी उन्नति करेगा। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बहुत सारे लोग लाभान्वित होंगे। राज्यपाल ने कहा कि वहां के लोग एक और रेलवे परिचालन की खबर से काफी हर्षान्वित हैं
रेलखंड को क्योंझर के साथ जोड़ने से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी
राज्यपाल ने कहा कि गुरुमहिषानी आयरन ओर माइंस है। रेलखण्ड को क्योंझर के साथ जोड़ा जाए तो क्षेत्र के विकास को और गति मिलेगी। साथ ही आदिवासी बहुल क्षेत्र के विकास हेतु डबल लाइन के निर्माण की जरूरत राज्यपाल ने बताई।
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि देश को एक श्रेष्ठ देश बनाने में प्रधानमंत्री लगे हुए हैं। रेल कनेक्टिविटी, उड़ान योजना सहित विकास की हर मांग को पूरा करने में देश के प्रधानमंत्री प्रतिबद्ध हैं। पलामू में अधूरे पड़े मंडल डैम सिंचाई योजना के शिलान्यास से अब गढ़वा पलामू को सिंचाई की पूरी व्यवस्था प्राप्त होगी। केंद्र की सरकार और राज्य सरकार साथ मिलकर राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की जो जनता की मांग थी वह प्रधानमंत्री के हाथों राज्य की जनता को सौगात दी गई है। सरकार का उद्देश्य है लोगों की समस्याओं पर ध्यान देना। देश के प्रधानमंत्री को गरीबों, महिलाओं, नौजवानों की चिंता और क्षेत्र के विकास की चिंता है। प्रधानमंत्री प्रधान सेवक के रूप में पूरे देश की जनता की सेवा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा क्षेत्र के सांसद विद्युत वरण महतो चाहे वह माइन्स खुलवाने के संदर्भ में हो, विकास से संबंधित हो, रेलवे से संबंधित हो एक सजग सांसद की भूमिका में रहे हैं। बरसों से लंबित रेलवे फाटक की मांग पूरी हुई।
मुख्यमंत्री ने क्योंझर तक डबल लाइन रेलवे ट्रैक के लिए प्रयास करने की बात कही।
टाटानगर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, पोटका की विधायिक मेनका सरदार, जिले के उपायुक्त अमित कुमार, वरीय आरक्षी अधीक्षक अनूप बिरथरे, उप विकास आयुक्त बी माहेश्वरी, रेलवे के वरीय पदाधिकारी गण तथा जिले के अन्य पदाधिकारीगण एवं हजारों की संख्या में आम लोग उपस्थित थे।
शुक्रवार, 30 नवंबर 2018
समिट के अनुभव का लाभ उठाएं किसानः द्रौपदी मुर्मू
फूड प्रोसेसिंग सेक्टर एक उभरता हुआ क्षेत्र, इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मिलेगा महत्वपूर्ण योगदान
झारखण्ड भारत का पहला राज्य जहां किसानों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की हुई है शुरुआत
रांची। माननीया राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि हमारा झारखंड राज्य एक कृषि प्रधान राज्य है। यहाँ की 70 प्रतिशत से अधिक आबादी गाँवों में निवास करती है एवं कृषि ही उनके आजीविका का मुख्य साधन है। यहाँ कई प्रकार के अनाज, सब्जियों एवं फलों जैसे चावल, दलहन, टमाटर, गोभी, मटर, इमली, शरीफा, काजू, कटहल आदि के प्रमुख उत्पादों में से एक है। कृषि क्षेत्र का झारखण्ड के अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। उक्त बातें माननीया राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने खेलगांव, रांची में आयोजित दो दिवसीय ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड सम्मिट 2018 के समापन अवसर पर अपने संबोधन में कहीं. उन्होंने कहा कि समारोह में सम्मिलित होकर मुझे अपार प्रसन्नता हो रही है। इस अवसर पर मैं आप सभी आगन्तुकों का हार्दिक स्वागत करती हूँ।
राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि हमारी कृषि वर्षा आधारित है, लेकिन देखा गया है कि कई बार अच्छी बारिश होने के बावजूद हम सिंचाई कार्य में वर्षा जल का बेहतर उपयोग नहीं कर पाते हैं। पठारी इलाके होने के कारण पानी का तेजी से बहाव हो जाता है। सिंचाई की कमी रहने के कारण अधिकांश कृषि भूमि में वर्षा आधारित धान की एक-फसली खेती की जाती है। हमें एक-फसल तक सीमित न रहकर बहुफसली खेती की ओर ध्यान देना होगा।
राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि किसानों को जल संचयन पर अधिक जोर लगाना होगा. जल संचयन के प्रति जागरुक होकर इसे अपनाना होगा क्योंकि इससे सबसे अधिक फायदा किसानों को ही होगा। हमारा मकसद एवं सोच है कि हमारे किसान आत्मनिर्भर बने। इस मकसद को पाने के लिए हमारे कृषि वैज्ञानिकों तथा इस विधा से जुड़े लोगों को पूरी निष्ठा एवं लगन से काम करना होगा। उन्हें किसानों के बीच खेतों में जाना होगा तथा कौन-सा भू-भाग किस प्रकार की खेती एवं फसल के लिए बेहतर होगा, इसकी जानकारी किसानों को सुलभ करानी होगी, तभी Lab to Land का Concept पूरी तरह से सफल होगा। विदित हो कि जब तक हमारे गाँवों का पूरी तरह से विकास नहीं होगा, तब तक हमारा देश खुशहाल नहीं हो पायेगा।
उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य की भूमि सब्जी पैदावार, वानिकी एवं फूल पैदावार की नज़रिये से भी अच्छी है। यहाँ के किसान इन सबकी खेती करें तो उन्हें अच्छी आमदनी हो सकती है। प्रसन्नता की बात है कि दलहन की अच्छी पैदावार के लिए राज्य को कई बार कृषि कर्मण पुरस्कार भी प्राप्त हो चुका है। झारखण्ड में जैविक खेती के लिए भी अत्यन्त संभावनायें है। सब्जियाँ, फलों और मसालों को भी जैविक तरीके से तैयार किया जाता है और काजू प्रसंस्करण, औषधीय पौधों की प्रसंस्करण, शहद उत्पादन और मांस, अण्डा, दुग्ध उत्पादों के लिए बहुत अधिक संभावनायें है। मछली उत्पादन के क्षेत्र में झारखण्ड ने प्रगति की है।हमारे राज्य में मुर्गीपालन, बकरीपालन आदि के क्षेत्र में भी असीम संभावनायें हैं। जरूरत है कि लोगों को इसके प्रति भी जागरूक किया जाय.
राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि वर्तमान में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर एक उभरता हुआ क्षेत्र है और इससे राज्य की अर्थव्यवस्था में योगदान की संभावना को देखते हुए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में देखा जाता है। कच्ची सामग्रियों की उपलब्धता, टमाटर, आलू, मक्का, काजू, मटर, तेलहन, दलहन इत्यादि, जीवनशैली में बदलाव और सरकार की एग्रीकल्चर एवं फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में प्रोत्साहन नीतियाँ झारखण्ड में इस उद्योग के विकास और संवर्धन में व्यापक भूमिका निभा रही है।
उन्होंने कहा कि झारखण्ड के किसान मेहनती एवं प्रगतिशील है, राज्य में विविध जलवायु परिस्थितियाँ है, जोे फसलों के विस्तृत श्रृखंला के कृषि के लिए उपयुक्त है। राज्य को उपजाऊ मिट्टी, प्रचुर मात्रा में पानी, अनुकूल जलवायु और कम लागत वाले श्रम, राज्य में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ प्रदान करता है। पूर्वी भारत में कृषि के क्षेत्र में आदर्श राज्य के रूप में झारखण्ड का नाम स्थापित हो, साथ ही देश के एक बड़ी आबादी के लिए खाद्य उत्पादों की मांग को पूरा करे, ऐसा प्रयास करना है। प्रसन्नता का विषय है कि झारखण्ड सरकार 2022 तक किसानों की आय को दोगुनी करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में प्रयासरत है और सरकार द्वारा इसे हासिल करने के लिए पहल की जा रही है।
राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि झारखण्ड भारत का पहला राज्य है, जो किसानों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया है, जो विभिन्न सरकारी योजनाओं, मौसम, कृषि उत्पादों के लिए मूल्य निर्धारण, मिट्टी के हेल्थ कार्ड, बीज उर्वरक, फसल बीमा और ऋण के बारे में जानकारी प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि यह कार्यक्रम ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड प्रोसेसिंग सम्मिट उद्योग, खाद्य सुरक्षा और कृषि प्रौद्योगिकी, कृषि विपणन और बुनियादी ढांचे पर अपना ध्यान केन्द्रित करने के साथ आपकेे लिए व्यवहारिक और ज्ञानवर्द्धक रहा होगा।
राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि झारखण्ड की अनुकूल परिस्थितियाँ आपको प्रेरित करेगी और हमारे राज्य के लिए एग्रीकल्चर एंड फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में सतत् विकास को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगी। हमें उम्मीद है आपके सहयोग एवं समर्थन से हम इसे प्राप्त करने में सक्षम होंगे। मैं इस अवसर पर आप सभी को झारखण्ड में निवेश करने के लिए आमंत्रित करती हूँ।
मंगलवार, 2 अक्टूबर 2018
एकता,अखंडता और राष्ट्रवाद का संदेशवाहक है तिरंगा सम्मान यात्रा अभियान : द्रौपदी मुर्मू
* एक हाथ मे तिरंगा, दूजे हाथ मे पौधा अभियान जारी रहेगा : सुधांशु सुमन
रांची । तिरंगा सम्मान यात्रा के सूत्रधार समाजसेवी सुधांशु सुमन ने गांधी जयंती के 150 वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या, एक अक्टूबर, सोमवार को रांची एक्सप्रेस ग्राम सेवा फाउंडेशन एवं राष्ट्रीय एकता अभियान के तहत राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को तिरंगा भेंट किया। श्री सुमन ने राज्यपाल को बताया कि इसके माध्यम से अमन के सिपाही कार्यक्रम 2 अक्टूबर 2018, गांधी जयंती के शुभ अवसर पर प्रारंभ हो रहा है। इस अवसर पर श्री सुमन ने राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को तिरंगा , पौधा एवं पुष्प गुच्छ भेंट कर राज्य में खुशियाली ,अमन चैन एवं भाईचारे की कामना की ।
2 अक्टूबर 2018, 150 वीं गांधी जयंती के शुभ अवसर पर रांची एक्सप्रेस ग्राम सेवा फाउन्डेशन तिरंगा सम्मान यात्रा पार्ट-2 व राष्ट्रीय एकता अभियान के द्वारा "अमन के सिपाही" के कार्यक्रम का आयोजन रांची स्थित मोरहाबादी मैदान में महात्मा गांधी जी के प्रतिमा के समक्ष होगा। जिसमें सभी धर्म , जाति , सर्व - दलीय राजनीति समुदाय के लोग मुख्य रूप से भाग लेंगे । तिरंगा सम्मान यात्रा के सूत्रधार व झारखंड के लोकप्रिय समाजसेवी सुधांशु सुमन ने कहा कि इस राष्ट्रीय एकता अभियान के अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय की अध्यक्षता में कार्यक्रम होगा। जिसमें सभी राजनीतिक दल के लोगो को शामिल किया जा रहा है। जिससे देश की अनेकता में एकता का संदेश राष्ट्र के प्रति एक नई सोच व भावना को देश के साथ- साथ चतरा लोकसभा में सभी गांवो तक तिरंगा के माध्यम से "अमन के सिपाही" के रूप में भेजा जाएगा। यह एक नई सोच लोकप्रिय समाजसेवी सुधांशु सुमन की है । श्री सुमन ने वार्ता में कहा है कि वर्तमान समय में समाज की दिशा और दशा को तय करना, व इसकी सम्प्रभुता को अक्षुण्ण रखना हर एक भारतीय का परम कर्तव्य है। तिरंगा सम्मान यात्रा के पार्ट-2 , "अमन के सिपाही" को नया रूप दिया गया है। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती के शुभ अवसर पर देश की एकता व अखंडता एवं भाईचारे के लिए समर्पित होकर "अमन के सिपाही" बने यह अभियान आप सबों का है व राष्ट्र के लिए समर्पित है।
उन्होंने कहा कि देश मे सामाजिक समरसता बरकरार रखने के लिए सभी समुदाय , सम्प्रदाय के लोगों को संविधानिक व राष्ट्रीय स्तंभ तिरंगे के नीचे एक जुट होकर देश के दुश्मन आतंकवाद ,अलगाववाद,उग्रवाद ,बेरोजगारी और भुखमरी को जड़ से हटाना पड़ेगा और हर गांव को स्वरोजगार ,हरियाली , स्वास्थ्य , स्वछता ,शिक्षा , विलेज एक्शन प्लान से मूलभूत आवश्यकता को जमीन पे उतारना यही हमारा संकल्प है। श्री सुमन ने कहा कि तिरंगा सम्मान यात्रा का मकसद सम्पूर्ण राष्ट्र को तिरंगे के माध्यम से प्रदूषणमुक्त भारत ,शिक्षित भारत ,स्वास्थ्य भारत ,स्वच्छ भारत ,मूलभूत आवश्यकता से परिपूर्ण भारत और तिरंगा मय भारत का निर्माण करना है। कहा कि चतरा के 1476 गांवों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करना ,पलायन रोकना और यहां के खनिज सम्पदा के माध्यम से लोगों को पलायन रोकना हमारा संकल्प है ।
राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि गांधी जी का सपना यह है कि स्वच्छता और सामाजिक समरसता से देश महान बनेगा और अनेकता में एकता का संदेश जाएगा।
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स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी
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