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रविवार, 22 जुलाई 2018

रवि प्रकाश बने लायंस क्लब आफ रांची के लाइफ प्रेसिडेंट


रांची। लायंस क्लब ऑफ रांची लाइफ का चार्टर रविवार को लायंस क्लब के इंटरनेशनल डायरेक्टर लायन विजय कुमार राजू द्वारा किया गया। इस क्लब को राँची ईस्ट के अध्यक्ष लायन मनोज नरेडी की टीम ने प्रायोजित किया है।
लायंस क्लब ऑफ राँची लाइफ के प्रेसिडेंट लायन रवि प्रकाश चुने गए है। जो साल 2018 से 2019 तक क्लब की बागडोर संभालेगे। इनके टीम में वाईस प्रेजिडेंट लायन पंकज, सेक्रेटरी लायन बिजेंद्र, ट्रेजरर लायन संतोष, चेयरपर्सन लीडरशिप लायन युवराज, चेयरपर्सन मेम्बरशिप संतोष, चैयरपर्सन क्लब सर्विस लायन मुकुल,एल सी ई एफ कोऑर्डिनेटर अमित, मार्केटिंग एंड कम्युनिकेशन लायन आमना, चैयरपर्सन लायन क्वेस्ट लायन विनीत है।
इस क्लब में चार्टर मेंबर लायन विनीत, लायन अलका, लायन शोभा, लायन ज्योति, लायन सीमा, लायन प्रियंका, लायन कामरान है।

निजी स्कूल फी रेगुलेशन एंड कंट्रोल एक्ट पारित, अभिभावक मंच ने जताया हर्ष


अभिभावकों को बड़ी राहत : अजय राय

रांची। निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने संबंधी विधेयक " निजी स्कूल फी रेगुलेशन एक्ट विधानसभा से पारित हो जाने पर अभिभावक मंच ने खुशी जताई है। झारखंड अभिभावक मंच के संयोजक अजय राय ने कहा है कि अभिभावक संगठन के बैनर तले अभिभावकों का आंदोलन अंततः रंग लाया। प्राइवेट स्कूल की मनमाने तरीके से शुल्क बढ़ोतरी नियंत्रित करने हेतु फी रेगुलेशन एंड कंट्रोल एक्ट  विधानसभा से पास होने से अभिभावकों को काफी राहत मिली है। एक्ट पास होने की ख़ुशी में झारखंड अभिभावक मंच के अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में  स्थानीय अल्बर्ट एक्का चौक पर  मंच के सदस्य रंग गुलाल के साथ साथ ही मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया  । मंच के सदस्यों ने आम जनता के साथ इसके लिये सभी प्रिन्ट इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया का भी आभार प्रकट किया , जिनके सहयोग से ये एक्ट पास हो पाया ।
 अजय राय ने बताया कि पिछले दिनों विधानसभा प्रवर समिति के अध्यक्ष  स्टीफन मरांडी के साथ  मिलकर उनसे सहयोग की अपेक्षा की थी ,उसमें उनका सहयोग मिला।  साथ ही  शिक्षा मंत्री नीरा यादव से भी मिलकर आग्रह किया था और उन लोगों ने जो आश्वासन दिया था , उस आश्वासन पर प्रवर समिति के अध्यक्ष और मंत्री नीरा यादव खरी उतरी । इसके लिए उनको अभिभावकों की ओर से बहुत-बहुत बधाई दी गई।
 विदित हो कि अजय राय ने इस आंदोलन के सहयोगी मंच के महासचिव मनोज कुमार मिश्रा, कोषाध्यक्ष अनूप कुमार पांडेय, डॉ. उमेश कुमार  शिवेंद्र कुमार सिंहा , मुकेश पांडे ,सतपाल सिंह,संजय सराफ ,तलत परवीन, सरवरी बेगम, नीरज भट्ट को भी धन्यवाद दिया, जिनके सहयोग से सफलता मिली।  इस आंदोलन को नेतृत्व प्रदान किया और अंततः इस मुकाम तक पहुंचाया कि वह विधानसभा से सरकार ने विधेयक को पास कराया।
 अजय राय ने बताया कि यह आंदोलन लगभग 9 सालों से चल रहा था । निजी विद्यालय के विरुद्ध विभिन्न मदों में शुल्क को लेकर  आंदोलन 23 अप्रैल 2008 में प्रारंभ किया था। दस साल का समय लगा और हम  अपने मुकाम तक पहुंचे।
 श्री राय ने बताया कि मानव संसाधन मंत्री नीरा यादव से बात हुई । मनोज कुमार मिश्रा के साथ कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से और उनके नेतृत्व में फी रेगुलेशन एंड कंट्रोल एक्ट का ड्राफ्ट विधानसभा से पास होने को लेकर अभिभावकों की ओर से बधाई दिया। मंच ने डा.नीरा यादव का अभिनंदन करने का निर्णय लिया है।

मरहबा ह्यूमन सोसाइटी का हज तरबियती कैंप आयोजित


* सात सौ लोगों का हुआ रजिस्ट्रेशन


रांची। मरहबा ह्यूमन सोसाइटी के तत्वावधान में रविवार को मेन रोड स्थित तस्लीम महल में एक दिवसीय हज तरबियती  कैम्प का आयोजन किया गया। इस  आयोजन में राज्य हज कमेटी  के चेयरमैन डॉ रिज़वान अहमद खान भी मौजूद रहे। इन्होने सभी जायरीनो की हौसलाफजाई की और किसी भी तरह की परेशानी के लिए हज कमेटी से राबता (संपर्क) कायम करने की बात कही। डॉ रिज़वान ने कहा कि आपलोग राज्य और मुल्क के लिए दुआ करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हाजियों को किसी भी तरह की कोई परेशानी नही होगी।
उन्होंने कहा कि हज जायरीनो को मक्का और मदीना दोनों जगह पूरी सहूलियतें मिले, इसके लिए पूरी कोशिश रहेगी। हज ट्रेनर हाजी कैसर ने हाजियों को वीडियो दिखाकर पूरी जानकारी दी। हदीस और कुरआन के हवाले से जायरीनो को हज के फ़ज़ायल के बारे में हाजी कैसर ने रूबरू कराया। मुफ़्ती अनवर क़ासमी ने मदीना मनव्वरह की फ़ज़ीलत बयान किया। लोगों को मसले बताये।इस मौके पर राज्य हज कमेटी के चेयरमैन डॉ रिज़वान अहमद खान, हाजी कैसर, मुफ़्ती अनवर कासमी, सोसायटी के सरपरस्त डॉ असलम परवेज ने जायरीनो को संबोधित किया।
इस पूरे कैम्प में 700 जायरीनो का रजिस्ट्रेशन किया गया। कैंप में रांची के अलावा राज्य के विभिन्न जगहों के  हाजी उपस्थित हुए। इस मौके पर सोसाइटी के अध्यक्ष हाजी नूर अहमद, महासचिव सैयद नेहाल अहमद, आईपीएस अबु इमरान, मुफ़्ती अब्दुल्ला अजहर क़ासमी,  मो शमीम, नय्यर सहाबी, शमशाद अनवर, आलम खान, जियाउद्दीन कैसर, अरशद हुसैन, तल्हा हैदरी, मो फ़ारूक़, नजमुल आरफीन, मो अनीस, अफशरूल अबिदीन, औरंगजेब खान, अंजुमन इस्लामिया के उपाध्यक्ष मंज़र इमाम, वारिस कुरैशी, दरगाह कमिटी के अध्यक्ष हाजी रउफ गद्दी, महासचिव मो फ़ारूक़, अली अहमद, मो शोएब, ज़ाकिर, खादि बोर्ड के सदस्य मो रब्बानी सहित अन्य उपस्थित थे।

गौ-तस्करी के अफवाहों के लिए किसे जिम्मेदार ठहराएगी सरकार




इसके पीछे तो कोई व्हाट्स एप या फेसबुक नहीं

देवेंद्र गौतम

सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश और प्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री के कड़े बयान के बाद भी भीड़तंत्र की रक्तपिपासा शांत नहीं हो रही है। बच्चा चुराने के अफवाह के कारण एक साफ्टवेयर इंजीनियर की पीट-पीटकर हत्या के तुरंत बाद राजस्थान के अलवर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में गौ-तस्करी के संदेह में एक व्यक्ति को पीट-पीटकर मार डाला गया। जबकि दूसरा किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहा। साफ्टवेयर इंजीनियर की हत्या के लिए सरकार ने व्हाट्स एप प्लेटफार्म से बच्चा चोरों के सक्रिय होने की अफवाह को जिम्मेदार माना। लेकिन गौ-तस्करी की अफवाह को फैलाने के लिए सरकार आखिर किसे जम्मेदार ठहराएगी। किसे कटघरे में खड़ा करेगी। सच्चाई यही है कि माब लिंचिंग को रोकने की कोई इच्छाशक्ति मोदी सरकार में नज़र नहीं आ रही। लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान एक तर्क यह भी रखा गया कि माब लिंचिंग तो पहले भी होती थी। 1984 के सिख दंगे इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। सवाल है कि पहले भी होता था तो क्या इसे अब भी जारी रहने में कोई हर्ज नहीं है। यही कहना चाहती है सरकार। राजस्थान के रामगढ़ में उन्मादी भीड़ ने अकबर खान और असलम नामक जिन दो युवकों पर हमला किया वे एक ग्रामीण हाट से दो गायें खरीदकर हरियाणा ले जा रहे थे। भीड़ के हमले में अकबर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि असलम किसी तरह भाग निकला।
उन्माद का विवेक से कोई नाता नहीं होता। कथित गौरक्षकों ने उन युवकों से यह भी जानने की कोशिश नहीं की कि वे गौवंश को किस मकसद से ले जा रहे हैं। मुसलिम संप्रदाय के लोग गाय के दूध का भी भरपूर स्तेमाल करते हैं। जरूरी नहीं कि वे गायों को वध करने ही ले जा रहे हों। गौरक्षकों ने देश में ऐसा दहशत का माहौल बना रखा है कि मुसलिम क्या हिन्दुओं के लिए भी गाय लेकर एक जगह से दूसरी जगह जाना मुश्किल हो रहा है। सवाल है कि यदि वे गायों की खरीद बिक्री को पूरी तरह रोक देना चाहते हैं तो मवेशी हाटों में गौवंश की बिक्री का विरोध क्यों नहीं करते। गौवंश को बेचने का काम तो गौपालक ही होते हैं। मोदी सरकार में भाजपा से जुड़े संगठन ही नहीं कट्टर हिन्दुवादी विचारधारा के लोग भी केंद्र में अपनी सरकार होने के भाव से संस्कारित हैं। उन्हें कानून व्यवस्था का कोई डर नहीं है। सरकारी तंत्र भी कहीं न कहीं उनकी पीठ थपथपा ही रहा है। झारखंड में रामगढ़ माब लिंचिंग मामले के आठ आरोपियों को जमानत मिली तो केंद्र सरकार के एक जिम्मेदार मंत्री जयंत सिन्हा ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया और मिठाई खिलाकर उत्साहवर्धन किया। दिल्ली के कुछ दक्षिणपंथी बुद्धिजीवी गौरक्षा के नाम पर हत्या के आरोपियों की मदद के लिए कोश इकट्ठा कर रहे हैं और इसके लिए सोशल मीडिया का खुलकर इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्मादी भीड़ के हाथों हत्या के मामले में विपक्ष सरकार को कोस रहा है और सरकार इसे पुरानी प्रवृत्ति बताकर अपना पल्ला झाड़ रही है। पार्टी और सत्ता के शीर्ष पर बैठे किसी नेता इस तरह की घटनाओं पर कोई टिप्पणी नहीं करते। उनका मौन कहीं न कहीं समर्थन और संरक्षण का संकेत देता है।












सुरक्षा गार्ड की हत्या के विरोध में बोकारो थर्मल थाना का घेराव




बोकारो थर्मल। बोकारो जिलांतर्गत बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र में जनाक्रोश उमड़ पड़ा। लोगों ने हजारों की संख्या में जुटकर पुलिस की अकर्मण्यता का विरोध किया। अरमो निवासी निजी सुरक्षा गार्ड के के एक माह बीत चुके लेकिन पुलिस हत्यारों तक नहीं पहुंच सकी। िस हतायाकांड में पुलिस की विफलता के खिलाफ हजारो महिला-पुरूषों ने बोकारो थर्मल थाना का  घेराव किया ओर विरोध प्रदर्शन किया।
 प्रदर्शन का नेतृत्व मजदूर नेता विकाश कुमार सिंह , अरमो मुखिया मनीराम मांझी , पूर्व मुखिया धनीराम मांझी , विश्वनाथ मांझी और  हरेराम यादव कर रहे थे ।
निजी सुरक्षा गार्ड मोहन गंझू गंझूडीह का रहने वाला था और सीसीएल गोविंदपुर फेज दो ओपन कास्ट में कार्यरत था। 21 जून को डयूटी के दौरान  उसकी हत्या कर दी गयी थी। हत्या कर शव को ओपन कास्ट के समीप फेंक दिया गया था। हत्यारों की पहचान परिजनो द्वारा बताये जाने भी बोकारो थर्मल पुलिस निष्क्रिय बनी रही जिसके कारण स्थानीय ग्रामीणों में काफी रोष व्याप्त हो गया है ।
   
प्रदर्शन के दौरान तेज़ बारिश हो रही थी। फिर भी काफी तादाद मे महिलाएं भी अपने बच्चों को गोद मे लिए नारेबाजी करती रही तथा बारिश मे भीँग कर भी डटी रही ।
  प्रदर्शनकारी एसपी या एएसपी को बुलाने तथा उनसे हत्यारो की गिरफ्तारी कब होगी यह बताने की मांग कर रहे थे।  एएसपी कहीं सूदूर क्षेत्र में व्यस्त रहने के कारण आंदोलनकारियो के नेता विकाश कुमार सिंह एवं मुखिया मनीराम मांझी से बात कर अपराधियो को 72 घंटे मे गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। उनके आश्वासन के बाद घेराव समाप्त कर दिया गया .

जगन्नाथपुर मेले में गीत-संगीत की धूम




रांची। ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथ मेला में जन विकास मंच एवं सरजोम जुम्बरा के स्थानीय कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। विभागीय मंच पर इन कलाकारों ने लोक संगीत एवं नृत्य प्रस्तुत किया। सके साथ ही जिला सूचना एवं जनसंपर्क इकाई द्वारा 10 दिवसीय विभागीय सांस्कृतिक मंच पर पंजीकृत अन्य कला दलों के कलाकारों के द्वारा नुक्कड़-नाटक के माध्यम से लोगों को सरकार की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी एवं योजनाओं के प्रति जागरूक किया। 10 दिवसीय विभागीय सांस्कृतिक स्टाल पर लगातार कार्यालय के कर्मचारी एवं जन संवाद केन्द्र के प्रतिनिधि द्वारा सरकार की योजनाओं के संबंध में जानकारी लोगो को दी जा रही है एवं योजनाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही एलईडी प्रचार वाहन के माध्यम से जगन्नाथपुर रथ मेला में सरकार की योजनाओं से संबंधित विडियो क्लिप दिखाकर लोगो को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही योजनाओं से संबंधित पम्पलेट, पोस्टर एवं विभागीय पुस्तक का भी वितरण किया जा रहा है।

निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक की मांग



अभिभावक संघ के अध्यक्ष में लिखा मुख्यमंत्री को पत्र

रांची । झारखंड अभिभावक मंच के अध्यक्ष अजय राय ने  एक  पत्र के माध्यम से सरकार के मुख्यमंत्री सहित मानव संसाधन मंत्री से मांग की है कि राज्य के अभिभावकों की समस्या को गंभीरता से लें और निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाएं। उन्होंने कहा है कि अभिभावक सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों की मनमानी से परेशान हैं। इसका सीधा प्रभाव बच्चों पर पड़ रहा है । ऐसे में सरकार गंभीर हो और मांगो पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर इसका समाधान करे। उन्होंने
रेगुलेशन एंड कंट्रोल एक्ट 2015 को विधान सभा से पारित करा कर लागू करवाने, शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों का अक्षरश: से अनुपालन सुनिश्चित कराने, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में ऐसे छात्र-छात्राएं जो उसी स्कूल से सभी विषय पर उतीर्ण घोषित किए गए, बिना गुनाह नामांकन शुल्क  लिए हुए कक्षा-11 में शिक्षा सुनिश्चित कराने, शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों के तहत कमजोर एवं वंचित वर्ग के कोटे के अंतर्गत सभी स्कूलों में कुल सामर्थ्य संख्या के 25 % सीटों के विरुद्ध नामांकन सुनिश्चित कराने, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्गत अधिसूचना के आलोक में शुल्क संरचना सहित सभी आधारभूत संरचना को स्कूल के अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित कराने,  सभी कोटि के निजी विद्यालय व सरकारी विद्यालय में  सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये गये निर्देश के आलोक में छात्र छात्राओं का सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने,
सभी कोटि के निजी विद्यालय में बच्चों के लिए वाहन की सुविधा उपलब्ध कराना तथा शुल्क का निर्धारण नो प्रॉफिट नो लॉस के सिद्धांत पर सुनिश्चित करने,राज्य में संचालित सभी कोटि के सरकारी /गैरसरकारी  विद्यालय जो CBSE या  ICSE से संबद्धता प्राप्त किए हो या राज्य सरकार द्वारा स्थापना अनुमति प्राप्त कर संचालित कर रहे हैं उन्हें उक्त  संस्था के नियमावली को पालन करने के लिए बाध्य करने का प्रयास और राज्य  सरकार के द्वारा CBSE या ICSE विद्यालयों  से सम्बद्धता प्राप्त करने के पूर्व  दी जाने वाली अनापत्ति प्रमाण पत्र के प्रावधानों एवम शर्तो  का अक्षरश :   अनुपालन सुनिश्चित कराने, झारखण्ड शिक्षा न्यायाधिकरण अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत अधिसूचित झारखण्ड शिक्षा न्यायाधिकरण नियमावली 2006 में संशोधन करते हुए न्यायाधिकरण में दर्ज कराये जाने वाले वाद /शिकायत में प्रतिनिधि के माध्यम से वादी अथवा प्रतिवादी को अन्य न्यायाधिकरण की तरह अपना पक्ष रखने सम्बन्धी प्रावधानों का समायोजन सुनिश्चित कराने का प्रयास आदि मुद्दों पर गंभीरता से पहल करने की मांग की है।
अजय राय ने बताया कि इन मुद्दों को लेकर मंच का एक प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री रघुवर दास से जल्द मिलकर इस संबंध में कार्रवाई की मांग करेगा ।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...