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मंगलवार, 24 जुलाई 2018

मेहुल चौकसी की मौलिक और सामयिक बहानेबाजी

-देवेंद्र गौतम

पीएनबी घोटाले के आरोपी मेहुल चौकसी ने आशंका व्यक्त की है कि वे भारत लौटे तो माब लिंचिंग का शिकार हो सकते हैं। इसी आधार पर उन्होंने विशेष अदालत से गैर जमानती वारंट रद्द करने का अनुरोध किया है। चौकसी के मन में इस तरह का भय सचमुच समाया है या यह एक बहानेबाजी है पता नहीं। अगर सचमुच उन्हें ऐसा भय है तो इसका कोई कारण नहीं। भारत में भीड़ के हाथों पीट-पीट कर हत्या की घटनाएं निश्चित रूप से बढ़ी हैं लेकिन अभी तक किसी घोटाले के आरोपी पर भीड़ का कहर नहीं टूटा है। माब लिंचिंग  या तो गौकशी के संदेह में हुई है या फिर बच्चा चुराने की अफवाह के कारण। तीसरा कोई कारण है ही नहीं। योजनाबद्ध तरीके से माब लिंचिंग नहीं होती। यह अचानक होती है। घोटाले के आरोपी तो हमारे देश में निर्भीक होकर घूमते हैं बल्कि ऐसे लोगों का  भव्य स्वागत किया जाता रहा है। चारा घोटाले में फंसने के बाद लालू प्रसाद जब पहली बार जमानत पर छूटे थे तो राजद के लोगों ने उन्हें फूलमाला पहनाकर हाथी पर बिठाकर पटना की सड़कों पर ऐतिहासिक जुलूस निकाला था। कुछ लोगों ने आलोचना की भी तो दबी ज़ुबान से। कोई खुलकर सामने नहीं आया। शिबू सोरेन जब सांसद रिश्वत कांड में फंसे थे तो संताल आदिवासियों को इस बात का गुमान था कि उनके नेता इतने ताकतवर हैं कि प्रधानमंत्री से भी घूस ले सकते हैं। बहन मायावती के समर्थक उनपर भ्रष्टाचार के तमाम आरोपों के बावजूद उनके साथ खड़े हैं। मधु कोड़ा झारखंड की सड़कों पर शान से घूमते हैं। उनसे कोई पूछने नहीं जाता कि चार हजार का घोटाला करने के बाद आप मुंह से जनता के बीच आते हैं। डा. जगन्नाथ मिश्र ने कहा था कि भ्रष्टाचार हमारे राष्ट्रीय जीवन का एक हिस्सा है। जितने घोटालेबाज हैं वे ठाट से सीना चौड़ा कर देश के अंदर रहते हैं। घोटाला करके  विदेश भागने की शुरुआत तो विजय माल्या ने की। ललित मोदी, नीरव मोदी और मेहुल चौकसी ने तो माल्या का अनुसरण भर किया। मेहुल चौकसी जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक मेहुल भाई कहकर पुकारते थे आज इस कदर भयभीत क्यों हैं। जनता से उन्हें डरने का कोई कारण नहीं है। उन्होंने जेल में कैदियों और जेल कर्मियों से भी खतरे की आशंका व्यक्त की है। इसमें भी कुछ दम नहीं है। ितना जरूर है कि 14 हजार करोड़ के घोटाले का आरोपी जब जेल पहुंचेगा तो वहां मौजूद गैंगस्टर उसका कुछ प्रतिशत बतौर रंगदारी जरूर मांगेंगे। जेलकर्मी भी उनसे सुविधा राशि की उम्मीद करेंगे लेकिन इसके बदले उनकी सुविधाओं का पूरा ध्यान रखेंगे। उन्हें जिस भी चीज की जरूरत होगी मुहैय्या करा देंगे। अपराधी सरगना भी रंगदारी लेने के बाद उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखेंगे। रंगदारी दरअसल मीडिया के शब्दकोश का शब्द है। अंडरवर्ल्ड के लोग वास्तव में प्रोटेक्शन फीस लेते हैं। फीस के बदले प्रोटेक्शन देते हैं। इतनी बड़ी रकम मेहुल भाई अकेले कैसे पचा सकते हैं। मौजूदा व्यवस्था में और लोगों का भी तो कुछ हक बनता ही है। मेहुल चौकसी ने माब लिंचिंग की आशंका अगर वारंट रद्द कराने के लिए व्यक्त की है तो कानूनी दांव-पेंच में इस तरह की तरकीब अपनाई ही जाती है। उन्हें एक मौलिक और सामयिक बहाना बनाने के लिए सराहा जाना चाहिए। लेकिन अगर सचमुच मेहुल भाई डरे हुए हैं तो डरने का कोई कारण नहीं। वे ठाट से स्वदेश लोटें एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत करने वाले फूलमाला के साथ मौजूद मिलेंगे। मुंबई में हाथी पर घुमाना तो संभव नहीं लेकिन उनका विजय जुलूस जरूर निकाला जाएगा। अगर राजनीति में उतर गए तो फिर कहना ही क्या। उन्हें चुनाव लड़ाने के लिए कई राजनीतिक दल दौड़ पड़ेंगे। आखिर भ्रष्टाचार हमारे राष्ट्रीय जीवन का अहम हिस्सा जो ठहरा।

सोमवार, 23 जुलाई 2018

दिल्ली मेट्रो ने लांच किया नया मोबाइल एप

नई दिल्ली। 'दिल्ली मेट्रो रेल' मोबाइल ऐप के उन्नत संस्करण का आज यहां शुभारंभ करते हुए आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव तथा डीएमआरसी के चेयरमैन दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि इस ऐप के माध्यम से मेट्रो यात्री, निकटतम मेट्रो स्टेशन, किराया, पहली और आखिरी मेट्रो का समय आदि से संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर पाएंगे। पूरे एनसीआर के लोगों के लिए यह मोबाइल ऐप बहुत सुविधाजनक साबित होगा।
इस उन्नत संस्करण में कई नई विशेषताओं को जोड़ा गया है जैसे निकटतम मेट्रो स्टेशन की जानकारी, यात्रियों की प्रतिक्रियाएं, सबसे छोटे रास्ते की जानकारी आदि।
डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. मंगू सिंह ने कहा कि दिल्ली मेट्रो अपनी कार्य प्रणाली में प्रौद्योगिकी जोड़ने का निरंतर प्रयास कर रहा है, ताकि यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्राप्त हो सकें। इस ऐप के माध्यम से हम अपने यात्रियों तक सीधे पहुंचेंगे।
ऐप के फीचर्स
निकटतम मेट्रो स्टेशनः यात्री अपनी वर्तमान स्थिति से निकटतम मेट्रो स्टेशन की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकता है। गूगल मैप के माध्यम से वह निकटतम मेट्रो स्टेशन तक पहुंच सकता है।
फीडबैकः फीडबैक प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए ऐप में फोटो या जानकारी/ दस्तावेज जोड़ने की सुविधा दी गई है। फीडबैक के अंतर्गत यात्री सुझाव, शिकायत आदि दर्ज कर सकते हैं।
सबसे छोटा रास्ताः नई लाईनों के शुरू होने के बाद किसी स्थान तक पहुंचने के लिए कई रास्ते उपलब्ध हो जाएंगे। ऐसे में इस ऐप के माध्यम से यात्रियों को सबसे छोटे रास्ते की जानकारी मिलेगी।
      यह ऐप आईफोन व एंड्रायड फोन दोनों पर उपलब्ध है। डीएमआरसी की वेबसाइट www.delhimetrorail.com. से भी सीधे डाउनलोड किया जा सकता है।
      दिल्ली मेट्रो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कुल 9 रूटों की 288 किलोमीटर लंबी लाइनों पर मेट्रो का संचालन करता है। अभी कुल 208 मेट्रो स्टेशन हैं। आने वाले महीनों में 61 किलोमीटर लंबी नई लाइनें जुड़ जाएंगी। डीएमआरसी सौर ऊर्जा का उपयोग करते हुए 23 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रहा है।

रथ मेला में छऊ नृत्य की शानदार प्रस्तुति

रांची।  जगन्नाथपुर रथ मेला में जिला सूचना एवं जनसंपर्क इकाई द्वारा 10 दिवसीय विभागीय सांस्कृतिक मंच पर पंजीकृत दल  न्यू झारखंड कला संगीत सृजन केंद्र , प्रज्वलित बिहार एवम् पांच परगना छऊ नृत्य पार्टी  के स्थानीय कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। विभागीय मंच पर इन कलाकारों द्वारा लोक संगीत एवं नृत्य प्रस्तुत किया। साथ ही पंजीकृत कला दलों के कलाकारों के द्वारा नुक्कड़-नाटक के माध्यम से लोगों को सरकार की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी एवं योजनाओं के प्रति जागरूक किया। 10 दिवसीय विभागीय सांस्कृतिक स्टाॅल पर लगातार कार्यालय के कर्मचारी एवं जन संवाद केन्द्र के प्रतिनिधि द्वारा सरकार की योजनाओं के संबंध में जानकारी लोगो को दी गई  एवं योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया । साथ ही एलईडी प्रचार वाहन के माध्यम से जगन्नाथपुर रथ मेला में सरकार की योजनाओं से संबंधित विडियो क्लिप दिखाकर लोगो को जागरूक किया जा रहा है।  इसमें मुख्यता 1 रुपए में रजिस्ट्री, ग्राम स्वराज अभियान , मीजल्स रुबेला , फसल बीमा योजना, ट्रैफिक के नियमो का पालन , वज्रपात से बचाव , सोभग्य योजना, उज्ज्वला योजना, उजाला योजना, जैसी अनेक विषयों पर लगातार आम जनों को एलईडी वाहन, नुक्कड़ नाटक, एवं गीत संगीत के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है ।साथ योजनाओं से संबंधित पम्पलेट, पोस्टर एवं विभागीय पुस्तक का भी वितरण किया गया।

देवशयनी एकादशी पर हरमू रोड श्री श्याम मंदिर में संर्कीतन



जय जय जय खाटु के वासी जय जय बाबा श्याम से गुंजायमान हुआ क्षेत्र

रांची। हरमू रोड श्री श्याम मंदिर में देवशयनी एकादशी के मौके पर सोमवार को एकादशी संर्कीतन का आयोजन बडे ही धूम धाम से किया गया।श्रद्धालुगण सारी रात बाबा श्री श्याम जी का दर्शन करने आते रहे।अपराह्ण की नियमित भोग आरती के बाद बाबा श्री श्याम जी,श्री बाला जी एवं श्री शिव परिवार का विशेष श्रृंगार किया गया।सर्वप्रथम श्याम प्रभु को(बागा) नवीन वस्त्र पहनाया गया।मण्डल के श्री गोपाल मुरारका एवं अशोक लडिया ने मनमोहक एवं खुबसूरत फूलों से मंदिर परिसर में निर्मित गजरों से श्रृंगार किया।बाबा को प्रिय रूह गुलाब इत्र से मसाज किया गया।शयन आरती उपरान्त बाबा के ज्योत की तैयारी श्री अनिल नारनोली, प्रवीण सिंघानिया,विष्णु चौधरी ने कर रात्रि 10:00 बजे बाबा का अखण्ड ज्योत प्रज्वलित कराया। मंडल के युवा सदस्य श्री रोहित अग्रवाल ने सपरिवार बाबा का अखण्ड ज्योत प्रजज्वलित किया एवं बाबा को पेडा,आम,मेवा,रबडी, दूध,चना,गुड,पान आदि का भोग लगाया।
मण्डल के अध्यक्ष श्री हरि पेडीवाल,श्रवण ढांढनियां, राजेश चौधरी,गौरव अग्रवाल,अरूण राजगढिया आदि अन्य ने श्री गणेश वन्दना,गुरू वन्दना, हनुमान वन्दना,शिव वन्दना एवं श्री राणी सती दादी का भजन गाकर दरबार में हाजरी लगाई। प्रातः 4:00 बजे बाबा की आरती सभी सदस्यों-श्रद्धालुओं ने मिल कर की एवं अपने अपने लिए मंगल कामना की।सभी भक्तों को प्रसाद वितरण मण्डल के महामंत्री आनंद शर्मा,राजेश ढांढनियां,श्याम सुन्दर शर्मा, पंकज गाडोदिया, साकेत ढांढनियां,अंकित मोदी,शैकी केडिया,निकुंज पोद्दार, अमित शर्मा, निखिल, ॠतिक सहित अन्यों ने किया।

झाविमो ने किया राज्य सरकार का पुतला दहन


भूमि अधिग्रहण बिल वापस लेने की मांग

रांची। भूमि अधिग्रहण बिल वापस लेने और  मुख्यमंत्री द्वारा विधायक प्रदीप यादव पर अभद्र भाषा का प्रयोग के विरोध में झारखंड विकास मोर्चा ने राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन सह पुतला दहन कार्यक्रम किया। इसके तहत झारखण्ड विकास मोर्चा के सैकड़ो कार्यकर्ता राज्य सरकार के विरोध में नारा लगाते हुए शहर के मुख्य मार्ग होते हुए फिरायालाल चौक पहुँच कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर भूमि अधिग्रहण बिल वापस लेने एवं विधायक प्रदीप यादव पर असंसदीय भाषा का प्रयोग करने के खिलाफ मुख्यमंत्री को माफ़ी मांगने की नसीहत दी। झारखण्ड विकास मोर्चा ,रांची महानगर एवं ग्रामीण के नेतृत्व में यह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पार्टी के केंद्रीय सचिव राजीव रंजन मिश्रा ने कहा कि जहाँ से पूरे प्रदेश को सभ्य समाज को बनाने की कवायद होती है, उस विधानसभा से अभद्र भाषा का प्रयोग उसी राज्य के मुखिया  मुख्यमंत्री के जुबान से शोभा नही देता, मुख्यमंत्री को भरी सभा में एक विधायक को असंसदीय भाषा  कहना नही चाहिए, इसके लिए मुख्यमंत्री को खेद व्यक्त करते हुए सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगनी चाहिए। रांची महानगर के अध्यक्ष सुनील गुप्ता ने  कहा कि ऐसी भाषा का प्रयोग करके मुख्यमंत्री अपनी हताशा का परिचय दिया है, भूमिअधिग्रहण बिल का चौतरफा विरोध के कारण जनता के विरोध सामना कर नही पाने के कारण मुख्यमंत्री अपना विवेक खो चुके है । इसलिए वो अभद्र भाषा का प्रोयोग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री अगर भूमि अधिग्रहण बिल एवं अभद्र भाषा के लिए माफ़ी नही मांगते तो झारखण्ड विकास मोर्चा  जोरदार आंदोलन चलाएगा। इस अवसर पर राजीव रंजन मिश्रा,सुनील गुप्ता,प्रभु बड़ाइक,सुचिता सिंह,सम्पति देवी,संजय टोप्पो, उत्तम यादव,दीपू गाड़ी,नदीम इक़बाल,शिवा कच्छप,राहुल शाहदेव,नजीबुल्लाह खान,राम मनोज साहू,अमित सिंह, बालकु उराव ,सूरज टोप्पो,शिवचरण मुंडा,अशोक श्रीवास्तव,पीयूस आनंद,सुरेश पासवान,नफीस आलम रॉकी, विनोद ठाकुर,कन्हैया महतो,स्वेता पांडेय,राकेश सिंह,रूप चंद केवट,अनीता गाड़ी,निर्मल पाहन,राजेश कुमार,गंगाराम ,साजिद उमर,रेसव,मो तबारक,मो सन्नी,प्रकाश राम भूँनु तिर्की,कुलदीप पाहन,तैमूल अंसारी,सलामत अंसारी,राजू नायक,नेहा सिंह, सहित सैकड़ो कार्यकर्ता शामिल थे।

झारखंड में 26 से चलेगा मिजल्स रुबेला टीकाकरण अभियान

 रांची। झारखंड में मिजल्स रुबेला टीकाकरण अभियान की  शुरुआत 26 जुलाई 2018 से की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी इस अभियान का शुभारंभ करेंगे। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की प्रधान सचिव  निधि खरे ने आज सूचना भवन सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मिजल्स रुबेला टीकाकरण अभियान की  शुरुआत करने वाला झारखंड देश का सोलहवां राज्य है। नवजात शिशु मृत्युदर कम करने के उद्देश्य से राज्य में यह अभियान शुरू किया जा रहा है। यह टीका 9 महीने से लेकर 15 वर्ष तक के सभी बच्चों को  निशुल्क दी जायेगी। इस अभियान के तहत राज्य के सभी सरकारी विद्यालय और निजी विद्यालय के बच्चों का टीकाकरण किया जायेगा।
श्रीमती खरे ने बताया कि यह शिशु टीका राज्य के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनबाड़ी केन्द्रों पर भी निशुल्क दी जायेगी। यह टीका पूर्णतः सुरक्षित है। इस टीका के संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लोगों के बीच  जागरूकता बढ़ा रहे हैं। इस टीकाकरण अभियान से राज्य के एक करोड़ से अधिक बच्चों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिये राज्य के 497 केंद्रों से इसकी निगरानी की जायेगी।

स्वास्थ्य विभाग की उप  निदेशक डाॅक्टर बीणा सिन्हा ने बताया कि राज्य में नवजात से पांच वर्ष तक के शिशु मृत्यु दर में कमी आयी है। वर्ष 2011 में प्रति हजार 54  शिशु मृत्यु दर था जो अब 2018 में घटकर 33 शिशु मृत्यु दर प्रति हजार है. इसे और कम करना है। उन्होंने बताया कि खसरा एक जानलेवा रोग है जो कि वायरस द्वारा फैलता है। खसरा, बच्चों में विकलांगता और असमय मृत्यु का कारण बनती है। उन्होंने बताया कि रुबैला भी एक संक्रामक रोग है जो वायरस से फैलता है इसके कारण असमय गर्भपात, बहरापन और हृदय से संबंधित रोग होता है। अभियान के दौरान यह प्रयास किया जायेगा कि सभी बच्चों को टीकाकरण का लाभ मिले। इसके लिये पंचायती राज, महिला एवं बाल विकास विभाग और  शिक्षा विभाग समेत कई विभाग का सहयोग लिया गया है। इसमें यूनीसेफ, विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ-साथ कई स्वयं सेवी संगठन भी सहयोग कर रहे हैं।
इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

सड़क की जगह कीचड़ भरे गड्ढे

विकास के दावे की ज़मीनी हक़ीकत
* कीचड़ भरे गढ्ढे में तब्दील हुई सड़क, आवागमन बाधित
 * पार्षद से लगाई गुहार


रांची। झारखंड की राजधानी रांची में सरकार विकास के दावे तो करती है लेकिन आलम यह है कि नगर निगम वार्ड संख्या पांच अंतर्गत बूटी बस्ती, देवी मंडप एरिया व नरहोर बस्ती के निवासी विगत कई वर्षों से पक्की सड़क के लिए तरस रहे हैं। स्थानीय निवासियों के मुताबिक सड़क के नाम पर कीचड़ भरे गढ्ढे हैं। नागरिकों ने बताया कि इस संबंध में कई बार नगर विकास विभाग, निगम प्रशासन, सांसद, विधायक व पार्षद का ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन हालात नहीं सुधरे। बूटी रोड पर अवस्थित चौधरी पेट्रोल पंप के बगल से एमडीएलएम आयुर्वेद अस्पताल होकर नरहोर -बूटी बस्ती जाने वाली सड़क की हालत दयनीय हो गई है। लगभग एक किलोमीटर लंबे इस कच्चे सड़क पर वाहनों से तो क्या, पैदल भी चलना मुश्किल हो गया है। इस क्षेत्र की लगभग एक हजार की आबादी को सड़क के अभाव में परेशानियां झेलनी पड़ रही है। इस क्षेत्र में ओहदार स्कूल और शिवशक्ति स्कूल है। इसके छात्रों को इसी सड़क से आवागमन करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि प्रायः प्रतिदिन इस सड़क पर स्कूल के वाहन सहित अन्य वाहन कीचड़ में फंस जाते हैं। दोपहिया वाहन चालकों और पैदलयात्रियों को भी परेशानी हो रही है। एक निवासी ने बताया कि इस संबंध में वार्ड पार्षद से गुहार लगाई गई है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि इस दिशा मे यथाशीघ्र समुचित कार्रवाई की जाएगी।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...