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शुक्रवार, 26 अक्टूबर 2018

अस्पताल के रास्ते में लापता हो गया घायल सुरेंद्र साहु


कांग्रेसी नेता की पहल पर दर्ज हुई प्राथमिकी, बंधी न्याय की आस

रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के पूर्व सचिव आदित्य विक्रम जयसवाल ने बुधवार को चुटिया वासियों के आग्रह पर चुटिया थाना पहुंचे  और पीड़िता रीता देवी से मुलाकात की तथा उनके परिवार में हुए घटना की जानकारी ली। इस दौरान पीड़िता रीता देवी ने कांग्रेस नेता  जयसवाल को बताया कि विगत कल मंगलवार को एक अज्ञात मालवाहक आॅटो ने मेरे पति सुरेन्द्र साहु (40 वर्षीय) रात्रि आठ बजे चुटिया थाना स्थित कैनरा बैंक के समीप धक्का मार दिया, इसके बाद आस-पास के पब्लिक ने घायल सुरेन्द्र साहु को उसी ऑटो में बैठाकर अस्पताल भिजवाया था, ऐसी जानकारी मुझे मिली। जिसकी शिकायत चुटिया थाना में की। हमलोगों ने भी काफी छानबीन की लेकिन कुछ पता नहीं चला। पुलिस को सूचना देने के बाद भी मेरे पति का पता नहीं चल पाया है। तमाम घटना क्रम सुनने के बाद श्री जयसवाल ने सर्वप्रथम अपनी टीम के साथ चुटिया थाना जाकर अज्ञात आॅटो चालक पर एफआईआर दर्ज कराया और पुलिस प्रशासन से अविलंब रीता देवी के पति सुरेन्द्र साहु को खोजबीन करने तथा मालवाह आॅटो नंबर जेएच 01 एडब्ल्यू 3743 के चालक पर एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

  जयसवाल ने कहा कि राजधानी रांची में अापराधिक घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है,  पुलिस अपनी ड्यूटी जनता के हित में करें। चौक चौराहे पर कई अपराधिक घटनाएं घट रही है जिस पर कड़ी ध्यान देने की जरूरत है उन्होंने सरकार से मांग की है कि राजधानी वासियों की सुरक्षा की गारेंटी दें नहीं तो कांग्रेस पार्टी सरकार एवं प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएगी। इस मौके पर अनिल सिंह, आसिफ जियाउल, कृष्णा सहाय , मनोज साहू,  अजय साहू , आरती देवी , सुमित्रा देवी , सावित्री देवी , फुदवा देवी आदि मौजूद थे।

मंगलवार, 23 अक्टूबर 2018

26 को देशभर में प्रदर्शित होगी झारखंड में निर्मित फीचर फिल्म गांव


* पीपली लाइव की तर्ज पर झारखंड में बनी पहली फीचर फिल्म
रांची। फीचर फिल्म निर्माण के क्षेत्र में झारखंड ने एक बड़ा कदम  बढ़ाया है। पीपली लाइव के अंदाज में एक नई फीचर फिल्म बनी है "गांव "।  पोटर्स व्हील प्रोडक्शन के बैनर तले झारखंड में बनी यह फिल्म "26 अक्टूबर को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म की शूटिंग झारखंड की इटखोरी और जमशेदपुर में हुई है। फिल्म में स्थानीय कलाकारों को भी मौका दिया गया है। यह जानकारी मंगलवार को प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में फिल्म के निदेशक गौतम सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि इस फिल्म की कथा इटखोरी (चतरा) के एक गांव से प्रेरित है और यह वास्तविक कथा पर आधारित है। यह एक मुख्य धारा की हिन्दी फिल्म है। उन्होंने बताया कि फिल्म में ग्रामीण भारत और नगरीय भारत के अंतर को दर्शाया गया है। फिल्म के कथानक में कई उपकथाओं का समावेश है, लेकिन आर्थिक उदारीकरण के नाम पर मासूम ग्रामीणों को कर्जदार बनाने, फिर उनके जमीन का दोहन करने को बड़े ही व्यवहारिक रूप से चित्रित किया गया है। फिल्म को पूरी तरह से झारखंडी परिवेश में झारखंड में ही फिल्माया गया है। उन्होंने बताया कि फिल्म में अभिनेत्री नेहा महाजन और अभिनेता में शादाब कमल, गोपाल सिंह सहित अन्य नामचीन कलाकर मुख्य भूमिका में है। उन्होंने बताया कि फिल्म का बजट कुल पांच करोड़ रूपये का है। उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म के रिलीज होने से पहले ही इसे पांच अवार्ड मिल चुके हैं। इनमें बेस्ट फीचर फिल्म अवार्ड भी शामिल हैं।

सोमवार, 22 अक्टूबर 2018

शिक्षित समाज से होगा विकासः बिनोद कुमार



बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं वरीय अधिवक्ता

कुछ लोग महज डिग्री हासिल कर पैसे कमाने को हीं जीवन का लक्ष्य मानते है। वहीं समाज में एैसे भी लोग है जो विभिन्न क्षेत्रो में डिग्री हासिल कर उसका सदुपयोग परोपकार के लिए भी करते हैं एैसी हीं एक शख्सियत में शामिल है राजधानी के बरियातू स्थित रामेश्वरम काॅलोनी निवासी वरीय अधिवक्ता बिनोद कुमार। बिहार के औरंगाबाद जिले के अम्बा कुटुम्बा गाँव के स्थायी निवासी बिनोद कुमार की प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा उनके पैतृक गांव में ही हुई। वहीं से उन्होंने मैट्रिक पास किया। तत्पश्चात् आगे के शिक्षा के लिए रांची आ गये। यहां से इण्टरमीडिएट और ग्रेजुएशन किया। उनके घर का माहौल समाजिक, शैक्षणिक और धार्मिक था। उनके पिता स्व0 चंद्रदेव सिंह जाने माने समाजिक कार्यकत्र्ता थे। वह आजीवन अपने गांव के मुखिया रहे। वहीं उनकी माता तिलेश्वरी कुंवर धार्मिक प्रवृति की महिला हैं। समाज सेवा से भी इनका गहरा तालुक्कात रहा है। घर में समाजिक वातावरण रहनें के कारण बिनोद कुमार भी इससे प्रभावित हुए। पढ़ाई के दौरान समाज सेवा में भी जुटे रहे। स्नातक की डिग्री लेने के बाद यु.पी.एस.सी की तैयारी के लिए दिल्ली की ओर रूख किया। वहीं से लाॅ की डिग्री ली इसके बाद पटना लौट आये। पटना विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान में एम.ए. किया। इस क्रम में देश के दिग्गज विधि विशेषज्ञों के संपर्क में आये और उनसे प्रेरित होकर वर्ष 2001 में पटना हाई कोर्ट में वकालत शुरू की। वर्ष 2003 तक पटना हाई कोर्ट में अधिवक्ता के रूप में काम करते रहे इसके बाद इनको पटना भी रास नहीं आया और रांची चले आये। वर्ष 2004 से झारखण्ड हाई कोर्ट में बतौर वरीय अधिवक्ता कार्यरत हैं। इन्होंने अपने पुत्र व पुत्री को इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करा कर सक्षम बनाया है। बिनोद कुमार की पत्नी नीता सिंह एक कुशल गृहणी के साथ साथ एक समाजिक कार्यकत्र्ता भी हैं वह अपने पति के समाजिक कार्यों में भी सहभागिता निभाती हैं। फिलवक्त बिनोद कुमार लाॅ फर्म ग्लोबल लीगल साॅल्युशन के संचालक हैं। वह बताते है, कि इसके माध्यम से सक्षम लोगों को कानूनी सेवाएं मुहैया कराने के अलावा गरीब तबके के लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराते हैं। अपने पेशे के प्रति समर्पण का भाव रखते हुए उनकी अभिरूचि राजनीति में भी रहीं है। इसी वजह से राजनीति में भी रूझान रहा है। नतीजतन हाल हीं में उन्होंने प्रख्यात समाजवादी नेता लोकनायक जय प्रकाश नारायण से प्रेरित होकर राष्ट्रीय राजनीतिक संगठन जय प्रकाश जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पद भार संभाला है उनका मानना है कि शिक्षित समाज और साफ सुथरे राजनीतिक संगठन से हीं देश व राज्य समृद्ध हो सकता है वह राजनीति में जय प्रकाश नारायन को अपना प्रेरणास्रोत मानते हैं वहीं शैक्षणिक योग्यताएँ हासिल करने के लिए अपने गुरू पटना विश्वविद्यालय के विख्यात शिक्षाविद लाला निखिलेश कुमार सिन्हा को श्रेय देते हैं। बिनोद कुमार का मानना है कि शिक्षित समाज से हीं देश का विकास संभव है।

श्री केडिया सभा रांची के तत्वाधान में श्री केड सती दादी मां का मंगल पाठ



रांची। श्री केडिया सभा रांची के तत्वाधान में दिनांक 21 अक्टूबर दिन रविवार को हरमू रोड स्थित दिगंबर जैन भवन गली स्थित  चंद्र प्रकाश जी केडिया, सुशीला केडिया के आवास केडिया भवन में बड़े ही धूमधाम से श्री केड  सती दादी मां का मंगल पाठ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर रंग-बिरंगे फूलों गजरों, गुब्बारों, चुनरी, ढोल, चूड़ी एवं अन्य आकर्षक श्रृंगारों से दादी मां के दरबार को भव्य रूप से सजाया गया। इसके बाद दीप प्रज्वलित कर दादी माँ के पावन चरणों में भजनों की अमृत गंगा बहाई गई। 101 महिलाओं की ओर से सस्वर मंगल पाठ किया गया।
मंगल पाठ की शुरुआत सर्वप्रथम गणेश वंदना म्हारा प्यारा रे गजानन आइजो से हुई, फिर दादीजी के मंगल पाठ का भजन होंगे ठाठ निराले तेरे होंगे ठाठ निराले तू भी दादी का घर में मंगल पाठ करा ले, मेहंदी भजन मेहंदी राचन लागी हाथों में मुंडलजी रे नाम री,चुनड़ी भजन ल्याया थारी चुनड़ी करल्यो म स्वीकार, बधाई भजन लुट रहा लुट रहा लुट रहा है रे दादी का खजाना लूट रहा है, छप्पन भोग का भजन आओ आओ बेगा आओ है छप्पन भोग तैयार जी मधुर भजनों के साथ भक्तों ने दादी मां को रिझाया।तत्पश्चात दादी मां की महाआरती की गई। सभी भक्तों ने मिलकर दादी मां को फलों, मिठाइयों, मेवा, रबड़ी और पान का भोग लगाया। तत्पश्चात भक्तों में प्रसाद वितरण किया गया। सभी सुहागिनों को सदा सुहागन रहने का आशीर्वाद के साथ साथ एक एक उपहार भी दिया गया। सबको दादी मां की हल्दी लगाई गई। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष रूप से सभा के महामंत्री  ललित केडिया, राजकुमार केडिया, सज्जन छावछरिया, राजेंद्र केडिया, संजय केडिया, निर्मल केडिया,विजय केडिया, अरुण केडिया दिलीप केड़िया एवं सभा के सभी सदस्य ने अपने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई इसके लिए केडिया सभा अपने सभी सहयोग एवं दादी मां के भक्तों का सदा आभारी रहेगा

जन-जागरण के प्रति समर्पित समाजसेवी नंदकिशोर यादव

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अपने लिए तो हर कोई जीता है। परोपकार की भावना लिए समाज के लिए जीना महानता कहलाता है। इसे चरितार्थ कर रहे हैं एच ई सी आवासीय परिसर स्थित सीडी 659, सेक्टर टू निवासी समाजसेवी नंद किशोर यादव। श्री यादव ने वर्ष 2014 में एच ई सी से रिटायर होने के बाद समाजसेवा को अपना मुख्य लक्ष्य बना लिया। अपने लगन और परिश्रम के बलबूते इन्होंने इस क्षेत्र में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है। श्री यादव अपनी पत्नी रांची नगर निगम की पार्षद उर्मिला यादव को प्रेरणास्रोत मानते हैं। वह कहते हैं कि यूं तो सामाजिक कार्यों के प्रति अभिरुचि बचपन से ही रही, लेकिन समाजसेवा की प्रेरणा वास्तव में पत्नी से ही मिली। श्री यादव की प्रारंभिक शिक्षा बिहार के बांका जिला स्थित मुखाराम डोकानिया उच्च विद्यालय से हुई। वर्ष 1971 में उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा पास की। वर्ष 1973 में कटिहार से आईटीआई किया। इसके बाद नौकरी की तलाश में जुट गए। इसी क्रम में रांची आए। एच ई सी के सीटीआई से दो साल तक अप्रेंटिस का कोर्स किया। तत्पश्चात वर्ष 1978 में एच ई सी में नियुक्त हुए। तकरीबन 35 वर्षों तक एच ई सी में सेवारत रहे। इस बीच अपने कार्यों के अलावा एच ई सी के श्रमिकों की समस्याओं के प्रति भी मुखर रहे। एच ई सी कर्मियों के बीच श्री यादव की छवि एक मृदुभाषी व सरल हृदय व्यक्ति की रही। सहकर्मियों के सुख-दुख में शामिल होना उनकी दिनचर्या में शुमार रहता था। अपने कार्यकाल के दौरान ही उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में (अंशकालिक) डिप्लोमा कोर्स  किया। श्री यादव 31 जुलाई 2014 को सहायक प्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त हुए।    बता दें कि श्री यादव कविता प्रेमी भी हैं। जब एच ई सी के स्वर्णिम दिन थे, उस समय प्रबंधन की ओर से हर साल शहीद मैदान, धुर्वा में कवि सम्मेलन का आयोजन होता था। इसमें देश के नामचीन कवि शामिल होते थे। श्री यादव वहां पहुंचते और कवि सम्मेलन का लुत्फ उठाते। यहीं से  कविताओं के प्रति उनकी दिलचस्पी बढ़ी। कवियों से प्रेरित होकर स्वयं कविताओं की रचना करने लगे। काम से फुरसत निकालकर कविता लेखन की ओर उन्मुख हुए। वह अब तक 30 कविताओं की रचना कर चुके हैं। अपनी कविता संग्रह को अब पुस्तक का रूप देने के लिए प्रयासरत हैं। इसी बीच समाजसेवा के प्रति समर्पित श्री यादव की पत्नी उर्मिला यादव एच ई सी क्षेत्र से नगर निगम की पार्षद चुनी गई। वह अपनी पत्नी के कार्यों में सहयोग करने लगे। अपने वार्ड अंतर्गत जनसमस्याओं के समाधान के लिए सुबह से शाम तक प्रयासरत रहना यादव दंपति की दिनचर्या है। समाजसेवा के प्रति यादव दम्पति के समर्पण का ही प्रतिफल है कि क्षेत्र की जनता ने श्रीमती उर्मिला यादव को लगातार तीसरी बार अपना जनप्रतिनिधि चुना। नंदकिशोर जी कहते हैं कि समाज में साफ- सुथरी छवि बहुत मायने रखती है। दूसरों के सुख और दुख का ख्याल रखेंगे तो ऊपरवाले की कृपा आप पर होगी। वह यह भी कहते हैं कि समाजसेवा के लिए उम्र कोई मायने नहीं रखता। सकारात्मक सोच से आप अपनी बढ़ती उम्र पर ब्रेक लगा सकते हैं।  समाज के लिए कुछ बेहतर करने का जज्बा, जोश और जुनून हो तो उम्र को पीछे धकेलकर इससे आगे निकलने की ख्वाहिशें पूरी हो सकती है। वह कहते हैं कि सेवानिवृत्ति के बाद भी उम्रदराज लोग अपने अनुभवों के आधार पर सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में सहभागिता निभा सकते हैं। साठ की उम्र पार करने के बाद भी जोश- खरोश और आत्मविश्वास से लबरेज रह सकते हैं। जरूरत है लगातार गतिशील रहने की।
* ( मेट्रो रेज, हिन्दी सांध्य दैनिक से साभार)

शनिवार, 20 अक्टूबर 2018

रेल हादसे में मृतकों के लिए प्रार्थना सभा

अमृतसर ट्रेन हादसे में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए शारदा फाउंडेशन के द्वारा राधेकृष्ण मंदिर करमटोली में किया गया प्रार्थना सभा का आयोजन और दीया जलाकर मृत आत्माओं की शांति के लिए भगवान से प्रार्थना की गई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ लाभ के लिए भी भगवान से कामना की गई.भगवान से   प्रार्थना की गई की शोक संतप्त परिवारों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें.
इस अवसर पर राजीव रंजन,आशुतोष द्विवेदी, एन्टी क्राइम सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवदेश ठाकुर, समाजसेवी सुभांशु द्विवेदी,आनंद सही,आकाश चौधरी,मनोज सिंह,अनुस्टू राज द्विवेदी, पागा पत्रो,विक्की,अमित ,रोबिनआदि उपस्थित थे।यह जानकारी आशुतोष द्विवेदी ने दी।

गुरुवार, 18 अक्टूबर 2018

सती दादी मंगल पाठ का आयोजन




रांची। "श्री केडिया सभा" के तत्वावधान में श्री केड सती दादी मंगल पाठ अभियान के अंतर्गत दिनांक 21 अक्टूबर दिन रविवार को दादी जी के मंगल पाठ का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम हरमू रोड में द्वारिका पथ  (दिगंबर जैन भवन वाली गली) स्थित केडिया भवन में श्री चंद्र प्रकाश श्रीमती सुशीला देवी केडिया के निवास स्थान में 3:00 से 7:00 बजे तक होगा। इस दौरान दादी मां की पावन ज्योति प्रज्वलित कर उनका मंगल पाठ एवं भजन कीर्तन किया जाएगा। 101 महिलाओं के साथ सस्वर मंगल पाठ के उपरांत दादी मां की महाआरती कर भक्तों के बीच प्रसाद वितरण होगा। सभा के महामंत्री श्री ललित केडिया ने सभी भक्तों से आग्रह किया है कि सभी भक्त सपरिवार मित्रों एवं अपने सगे संबंधियों के साथ पधार कर मंगल पाठ श्रवण कर भजनों का आनंद उठाएं और पुण्य के भागी बने। इस पावन कार्य हेतु केडिया सभा अपने सभी सहयोगियों एवं दादी मां के भक्तों का सदैव आभारी रहेगा।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...