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बुधवार, 30 जनवरी 2019

जेसीआई रांची ने बच्चों और बुज़र्गो के साथ लेप्रोसी डे मनाया


जेसीआई राँची के महिला विंग ने लेप्रोसी डे मनाया । लेप्रोसी डे के आयोजन में महिला सदस्यों ने निवरणपुर स्तिथ निर्मला खूस्थ आश्रम में बुज़ुर्गो और बच्चों के बीच मनाया । सदस्यों ने बुज़र्गो और बच्चों को खाना और कपड़े दिए । कड़पे ओर खाना पा कर बच्चों के चेहरे में ख़ुशी चमक उठी । इस कार्यक्रम में जेसीआई राँची की महिला विंग को अध्यक्ष दीपा बंका, आशा मोदी , मनीषा सबू , जुली अग्रवाल , कंचन माहेश्वरी एवं जेसी राकेश जैन , गौरव माहेश्वरी , रॉबिन गुप्ता आदि उपस्तिथ थे ।

आमरण अनशन पर गृहरक्षक


चतरा जिला के गृह रक्षक रंजय सिन्हा जी आमरण अनशन पर अपने तीन अनशन कारी साथियों का समर्थन करते हुए आमरण अनशन पर आज से बैठ गए हैं।

सहाना अग्रवाल बनी चार्टर्ड एकाउंटेंट



रांची। दी इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंट्स के परिणाम घोषित हो चुके हैं। शहर के व्यापारी अजय अग्रवाल की सुपुत्री सहाना अग्रवाल ने 60. 63 % लाकर सीए की परीक्षा में उत्तीर्ण किया है। उनकी सबसे ज्यादा मार्क्स 83 % फाइनेंस में है। सहाना ने 10वी लॉरेटो कान्वेंट, 12वी दिल्ली पब्लिक स्कूल व ग्रेजुएशन संत ज़ेवियर कॉलेज से किया है। सहाना वर्तमान में एक कंपनी में इनवेस्टमेन्ट बैंकर के तौर पे मुंबई में कार्यरत है। सहाना ने बताया कि उनका बचपन से सपना था सीए बनने का। वह काम के साथ पढ़ाई भी करती थी। उन्होंने युवाओँ को संदेश दिया कि कोई काम ऐसा नही,  जो नही किया जा सकता। इंसान को लक्ष्य के प्रति हमेशा समर्पित रहना चाहिए। उन्होंने अपनी सफलता के लिए अपने  गुरु संजय सर्राफ, आर. के गाड़ोदिया, सीए विवेक शर्मा, समाजसेवी ओम प्रकाश अग्रवाल (दादा), अजय अग्रवाल (पिता), नीना अग्रवाल (माता) के प्रति आभार व्यक्त किया है।

झारखंड में उपभोक्ता जागरूकता की अद्यतन स्थिति पर रिपोर्ट पेश

* महज 20 फीसदी लोगों को ही उपभोक्ता कानून की जानकारी

                                                                     राकेश कुमार सिंह

रांची। झारखंड में उपभोक्ता कानूनों की जानकारी महज 20 से 25 प्रतिशत लोगों को ही है। इस संबंध में राज्य सरकार को उपभोक्ता संरक्षण परिषद की ओर से अद्यतन रिपोर्ट पेश की गई है। उपभोक्ता संरक्षण व अन्य संबंधित कानून के बारे में झारखंड के लोग कितने सजग हैं, यह जानने के लिए अलग-अलग प्रश्नावली ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए तैयार किया गया। इसका उत्तर सभी लोगों से जानने की कोशिश की गई। साथ ही साथ समस्या के समाधान के बारे में भी उन्हीं लोगों से पूछा गया। प्रश्नावली में पहला प्रश्न क्या आपको उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के बारे में पता है? दूसरा उपभोक्ता के न्याय दिलाने वाली उपभोक्ता फोरम शहर में कहां स्थित है? तीसरा प्रश्न आप अगर किसी वस्तु या सेवा से ठगे जाते हैं, तो क्या आप उपभोक्ता अदालतों में शिकायत करेंगे अगर नहीं तो क्यों? चौथा प्रश्न उपभोक्ता से संबंधित अलग-अलग कंट्रोलिंग  एजेंसी कौन कौन सी है? पांचवा प्रश्न उपभोक्ताओ संबंधित मुख्य समस्याएं कौन सी है?
और आखिरी सुझाव के रूप में उनसे पूछा गया कि उपभोक्ता संरक्षण व जागरूकता के प्रचार के रूप में मुख्य तरीका क्या होना चाहिए? इसके अलावा समयानुसार अन्य बातों पर भी चर्चा की गई। इन प्रश्नावली के उत्तर व अध्ययन में निम्नलिखित  पाया गया।
 1, मूलभूत आवश्यकता से संबंधित : इस  अधिकार अध्ययन में पाया गया मूलभूत आवश्यकता को सुनिश्चित करने के लिए सरकार के प्रयास से केवल 22% उपभोक्ता संतुष्ट पाए गए। वहीं , 53% उपभोक्ताओं  का मानना है कि मूलभूत आवश्यकता में खाद्य, स्वास्थ्य जन शिक्षा ,स्वच्छता, ऊर्जा, परिवहन और संचार जैसे उत्पादों पर सेवाओं को कवर करने के लिए बुनियादी जरूरतों के अधिकार को लागू किया जाना चाहिए । लगभग 78 %  इससे उपभोक्ता असंतुष्ट है।
2. सूचित करने का अधिकार एवं  कंज्यूमर प्रोटेक्शन रिलेटेड लॉस उपभोक्ता के अधिकार के लिए बनाए गए अलग अलग कानून जैसे पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट 2011, कंज्यूमर प्रोटक्शन एक्ट 1986 इत्यादि कानून के संबंध में जब उपभोक्ताओं से पूछा गया तो 61% उपभोक्ताओं को किसी भी कानून की  जानकारी नहीं है। मात्र 10% ऐसे लोग हैं, जिन्हें कानून की जानकारी है। 29% लोगों को थोड़ा बहुत जानकारी है।
3. निवारण का अधिकार  :  सामान्य तौर पर 75% लोग पहले बिक्रेता को शिकायत करते हैं। भुक्तभोगी उपभोक्ताओं के 93% लोग किसी भी फोरम में अपनी शिकायत नहीं रखते हैं। मात्र 7% लोग ही उपभोक्ता मंच से संपर्क करते हैं और उनमें 2% लोग उपभोक्ता अदालतों का दरवाजा खटखटाते  हैं।
4. शिकायत निवारण तंत्र के साथ संतोष  :  शिकायत करने वाले में 17% लोग पूर्णता संतुष्ट है ,53% लोग थोड़ा बहुत संतुष्ट है, 30% लोग पूर्णता असंतुष्ट हैं।
5. अधिकार के बारे:  जहां भारत में 42% लोगों को ही अपने अधिकारों की जानकारी हैं, वही झारखंड में मात्र 31% लोग ही उपभोक्ता के अधिकार के संबंध में जागरूक हैं।
नियामक प्राधिकरण के संबंध: इस संबंध में जानकारी हमारे राज्य और देश में अलग-अलग नियामक प्राधिकारी है। जैसे ईआरसी, ट्राई, एफएएसएसएआई,सेबी, आरबीआई, आईआरडीए  आदि। इन नियामक आयोगों के बारे में जब पूछा गया तो अधिकतर लोग आरबीआई और एफएसएसएसआई का ही नाम सुने थे। अन्य नियामक प्राधिकार के बारे में कोई भी जानकारी नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो कुछ लोग ही आरबीआई के बारे में जानते हैं और किसी भी प्रकार के आयोग के  बारे में उन्हें नहीं पता।
अध्ययन में यह स्पष्ट रूप से आया कि मात्र 20 से 25% लोग ही उपभोक्ता के अधिकार और कानून के संबंध में जागरूक है जब शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं के साथ साथ विद्यार्थियों से उपभोक्ता जागरूकता के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव मांगे गए तो ग्रामीण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सुझाव पहला आया कि  ग्राम सभा को माध्यम बनाकर उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाए। महिला मंडल या सखी मंडल को उपभोक्ता जागरूकता के प्रचार प्रसार के लिए उपयोग किया जा सकता है।
शहरी क्षेत्र के लिए जिला और राज्य स्तर पर कार्यशाला, उपभोक्ता जागरूकता यात्रा, शैक्षणिक संस्थाओं में संगोष्ठी, स्कूलों और कॉलेजों को उपभोक्ता जागरूकता का माध्यम बनाया जाए।
 ( लेखक झारखंड राज्य उपभोक्ता संरक्षण परिषद के सदस्य हैं )

सोमवार, 28 जनवरी 2019

एमजीएम और पीएमसीए के रिक्त पदों पर जल्द शुरू हो नियुक्ति प्रक्रियाः रघुवर दास



रांची।जमशेदपुर स्थित एमजीएम और धनबाद स्थित पीएमसीएच में मैन पावर बढ़ाने की दिशा में तेजी से कार्य करें। जो भी रिक्तियां हैं उसके एवज में भर्ती की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू की जाए। इसके अलावा प्रबंधन के काम से चिकित्सकों को अलग करे। प्रोफेशनल लोगों की भर्ती करें ताकि निजी अस्पतालों की तर्ज पर सरकारी अस्पतालों में भी प्रबंधन चले। चिकित्सक के राउंड के दौरान मरीज के साथ एक से अधिक अटेंडेंट ना हो। इसे भी कड़ाई से लागू किया जाए। व्यवस्था बनी रहेगी तो मरीजों को ही आसानी होगी। मरीजों के परिजनों के लिए कार्ड जारी करें ताकि बेवजह की भीड़ से बचा जा सके। उक्त निर्देश मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आज झारखण्ड मंत्रालय में एमजीएम और पीएमसीएच की समस्याओं से संबंधित बैठक में दिए.

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि सरकारी अस्पताल में गरीब इलाज कराने आते हैं। उनका इलाज भी सही तरीके से हो, ये हमारा लक्ष्य है। अस्पतालों को बेहतर बनाने में पैसे की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा।

बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री रामचन्द्र चंद्रवंशी, खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले के मंत्री श्री सरयू राय, मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री एपी सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री नितिन मदन कुलकर्णी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

नेतरहाट की तर्ज पर जल्द बनें आवासीय विद्यालयः रघुवर दास



रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आज झारखंड मंत्रालय में रांची के बेड़ो, चाईबासा के खूंटपानी और दुमका के मसलिया में नेतरहाट आवासीय विद्यालय की तर्ज पर प्रस्तावित आवासीय विद्यालय का प्रेजेंटेशन देखा। भवन निर्माण विभाग द्वारा बताया गया कि बेड़ो में 15 एकड़ में, खूटपानी में 36 एकड़ में और मसलिया में 25 एकड़ भूमि में आवासीय विद्यालय बनाया जाएगा। यहां कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई होगी। प्रत्येक कक्षा में 100-100 छात्र होंगे। बेड़ो में छात्राओं के लिए तथा खूंटपानी और मसलिया में छात्रों के लिए आवासीय विद्यालय बनाया जाएगा। कैंपस में ही आवासीय स्कूल के साथ साथ प्रशासनिक भवन, बच्चों तथा शिक्षकों के रहने के लिए हॉस्टल, खेल मैदान आदि की व्यवस्था रहेगी। कैंपस में ही किचन और डायनिंग हॉल, लाइब्रेरी, गेस्ट हाउस, इंडोर स्पोर्ट्स कंपलेक्स, हेल्थ सेंटर आदि भी रहेंगे।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस काम को यथाशीघ्र शुरू करने का निर्देश देते हुए कहा कि यहां दलित, आदिवासी व पिछड़े समाज के बच्चों को प्राथमिकता दें ताकि, उन्हें हम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मुख्यधारा में ला सके। यह विद्यालय इसी सामाजिक जिम्मेदारी को निभाने के लिए शुरू की जा रही है।

बैठक में मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, प्रधान सचिव शिक्षा विभाग  एपी सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल,  सचिव भवन निर्माण विभाग  सुनील कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

रविवार, 27 जनवरी 2019

संप्रभुता और जनतंत्र के प्रति गहरी आस्था का पर्व है गणतंत्र दिवसः रघुवर दास

दुमका के पुलिस लाइन मैदान में सीएम रघुवर दास ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज

 परेड की सलामी ली, भव्य झांकियों का भी हुआ प्रदर्शन

पिछले 4 वर्ष में ऐसे झारखण्ड के निर्माण का प्रयास किया है जो भय, भूख एवं भ्रष्टाचार के साथ-साथ उग्रवाद एवं अपराध मुक्त होः सीएम

दुमका। झारखंड की उपराजधानी दुमका के पुलिस लाइन मैदान से मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गणतंत्र दिवस 2019 के अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस हमारी सम्प्रभुता एवं जनतंत्र के प्रति एक गहरी आस्था का राष्ट्रीय पर्व है।

उग्रवाद
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आतंकवाद एवं उग्रवाद, राज्य एवं देश दोनों के ही विकास मार्ग में सबसे बड़ी चुनौती है। हमने इन चुनौतियों का डटकर सामना किया है। वामपंथी उग्रवाद की समस्या से निपटने के लिए हमने कई सख्त कदम उठाये हैं, जिसका परिणाम है कि उग्रवादी हिंसा की घटनाओं में काफी कमी आयी है। सरकार के सद्प्रयासों का ही फल है कि उग्रवाद प्रभावित जिलों की संख्या 21 से घटकर 19 रह गयी है तथा अति उग्रवाद प्रभावित जिलों की संख्या 16 से घटकर 13 हो गयी है।

कृषि
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि अन्नदाता किसानों की आय दोगुनी करना हमारा लक्ष्य है। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु राज्य सरकार कृषि आशीर्वाद योजना प्रारम्भ करने जा रही है जिसका लाभ राज्य के 22 लाख 76 हजार लघु एवं सीमांत किसानों को मिलेगा। राज्य के किसानों को नई एवं उन्नत तकनीकों से अवगत कराने हेतु अब तक राज्य के 76 किसानों को ईजरायल दौरे पर भेजा गया। पिछला 24 किसानों का दल जिन्हें ईजरायल भेजा गया, वो पूर्ण रूप से महिला दल था जिसमें 20 किसान संथाल परगना से है एवं उनमें से कई यहाँ उपस्थित है। यह न केवल कृषि के विकास बल्कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में भी सरकार का एक सार्थक प्रयास है।

किसानों के फसल बीमा का प्रीमियम सरकार दे रही
झारखण्ड देश का इकलौता ऐसा राज्य है जो किसानों के फसल बीमा का प्रीमियम भी भरता है। वर्ष 2019-20 में भी राज्य के किसानों का मुफ्त फसल बीमा कराया जायेगा। राज्य में पहली बार ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट 2018 का आयोजन किया गया, जिसमें 7 देशों एवं 8 राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ राज्य के दस हजार किसानों ने भाग लिया। इससे राज्य के किसानों को कृषि के आधुनिकतम तकनीकी के साथ-साथ अपने उपज के बेहतर कीमत प्राप्त करने के उपायों की जानकारी प्राप्त हो सकी। पिछले चार वर्षों में राज्य के कृषि विकास दर में 19.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई जिससे स्पष्ट है कि हमारे किसान सजग एवं प्रयत्नशील है एवं उनके आय दूगुनी होने से अब कोई नहीें रोक सकता है।

राज्य के कुल 102 पुरानी वृहद् एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं के शत् प्रतिशत जीर्णोद्धार का निर्णय लिया है, ताकि सृजित क्षमता के अनुसार उनसे सिंचाई का कार्य लिया जा सके। अब तक 50 योजनाओं के जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ हो चुका है। सिंचाई से ही जुड़ी एक बड़ी योजना-उत्तर कोयल सिंचाई योजना, जो वर्षों से अपूर्ण थी को पूरा करने के कार्य का शिलान्यास प्रधानमंत्री ने दिनांक 05 जनवरी, 2019 को किया।

इसके अलावा हमने इसी वर्ष ’’सुजलाम सुफलाम योजना’’ प्रारम्भ किया है जिसके तहत भारतीय जैन संगठन के सहयोग से 5000 तालाबों का गहरीकरण कर सिंचाई क्षमता में वृद्धि की जाएगी।

स्वास्थ्य चिकित्सा
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि हमारे प्रयासों का प्रतिफल है कि राज्य का स्वास्थ्य सूचकांक बेहतर हुआ हैय जहाँ पूर्व में राज्य में शिशु मृत्यु दर 34 प्रति हजार जीवित जन्म था, जो अब घटकर 29 हो गया है। दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना ”प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-आयुष्मान भारत” का शुभारंभ माननीय प्रधानमंत्री के कर-कमलों द्वारा राज्य की राजधानी, रांची से किया गया, जिसका लाभ राज्य के 57 लाख गरीब परिवार को मिलेगा। इस योजनान्तर्गत मात्र तीन महीने में ही 22 हजार से अधिक झारखण्ड वासियों का मुफ्त ईलाज किया जा चुका है। राज्य की जनता को आपातकालीन स्थितियों में समुचित स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 108 एम्बुलेंस की सेवा पूरे राज्य में 24वो घंटे मिल रही है। इसके माध्यम से अब तक 86,754 मरीजों को समय पर अस्पताल पहुँचाने का कार्य किया जा चुका है। राज्य के दुर्गम पहाड़ी एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मुख्यमंत्री बाईक एम्बुलेंस योजना की शुरूआत की जा रही है। इसमें मोटर साईकिल पर एम्बुलेंस की सुविधा दी जाएगी। इसके अतिरिक्त बच्चे के जन्म होने पर बेवी केयर किट की सुविधा दी जाएगी। साथ ही, राज्य की सभी 40,000 सहिया बहनों को मुख्यमंत्री आरोग्य कुँजी योजना के तहत प्राथमिक ईलाज हेतु किट उपलब्ध कराया जाएगा ताकि वे गाँव में रहकर गरीब लोगों की ईलाज कर सके। स्वास्थ्य सुविधाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए एवं स्वास्थ्य संबंधी आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से विगत 04 वर्षों में 05 मेडिकल काॅलेज, देवघर में एम्स तथा रांची में कैंसर अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है।

शिक्षा
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्तापूर्ण प्रगति हमारी नई पीढ़ी की उन्नति की अनिवार्य शत्र्त है। शिक्षा के विकास से ही हम नई वैश्विक चुनौतियों से निबटने में सफल हो पायेंगे। राज्य के सभी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्येश्य से विद्यालयों का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। विद्यालयों में बेंच-डेस्क, पंखा इत्यादि की मूलभूत व्यवस्थाओं के साथ-साथ विद्यालयों में शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे विद्यालयों में छात्र/छात्राओं की उपस्थिति में लगातार वृद्धि हुई है जिसका परिणाम है कि राज्य का ड्राप आॅउट दर घटकर शून्य तथा साक्षरता दर बढ़कर 81.25 प्रतिशत हो गया है।

महिला सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि नारी शक्ति-मातृ शक्ति के प्रति हमेशा से ही हमारे मन में विशेष सम्मान का भाव रहा है। उनकी क्षमताओं का लाभ परिवार, समाज एवं राज्य को मिल सके, इसकी लगातार कोशिश हमारी सरकार द्वारा की जाती रही है। महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों का ज्यादा से ज्यादा गठन, उन समूहों का बैंकों से जुड़ाव, उनका आर्थिक गतिविधियों के साथ जुड़ाव, उनकी कौशल वृद्धि एक सुविचारित कदम है। इससे हमारे राज्य की महिलाएँ आत्म निर्भर बन रही है साथ ही अपने परिवार को अर्थिक सबलता प्रदान करने में सफल हो रही हैं। हमारी सरकार ने महिलाओं को स्वावलंबी और सशक्त बनाने के लिए 1 लाख से ज्यादा सखी मण्डलों के माध्यम से 17 लाख से अधिक बहनों को रोजगार उपलब्ध कराया है। महिला सशक्तिकरण हेतु नवस्थापित राजकीय महिला पाॅलिटेकनिक काॅलेज, दुमका को पूर्णतः छात्राओं के लिए आरक्षित रखा गया है। महिला सशक्तिकरण एवं बालिका शिक्षा पर जोर देने तथा बाल विवाह जैसी कुप्रथा का अंत करने के उद्येश्य से हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री सुकन्या योजना प्रारम्भ की है। इस योजनान्तर्गत जन्म से दो वर्ष तक की बालिका के माता के खाते में रु0 5000, कक्षा- I में नामांकन कराने पर, 5000 इसी प्रकार कक्षा- पांचवी आठवीं, दसवीं एवं बारहवीं पास होने पर रु. 5000 - 5000 देय होगा एवं 18-20 वर्ष की आयु पूरी करने तथा मतदाता सूची में नाम दर्ज होने पर रु. 10,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत शादी के समय 30000/- रुपय अनुदान राशि भी दिया जाएगा। राज्य की महिलाओं को सशक्त बनाने तथा विकास की मुख्य धारा से जोड़ने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

बिजली
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि हमें यह कहते हुए अपार हर्ष हो रहा है कि आज झारखण्ड का हर गाँव बिजली से रौशन है। चार वर्ष पूर्व जहाँ झारखण्ड के 68 लाख घरों में से मात्र 38 लाख घरों में ही बिजली थी, 30 लाख घरों में अंधेरा थाय आज झारखण्ड के सभी 68 लाख घरों में बिजली पहुँचा दी गई है। हमारी सरकार राज्य को ऊर्जा हब बनाने के लिए वचनबद्ध है इसी उद्देश्य से पतरातू वाष्प प्रतिष्ठान, पतरातू में 4000 मेगावाट थर्मलपावर प्लांट लगा रही है। राज्य में अक्षय ऊर्जा के विकास हेतु भी सरकार प्रयत्नशील है। इसके अन्तर्गत 530 सरकारी भवनों में 13.175 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट का अधिष्ठापन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा 383 सरकारी भवनों में 5.135 मेगावाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट का अधिष्ठापन कार्य प्रक्रियाधीन है, जो इस वर्ष तक पूर्ण कर लिया जायेगा।

अनुसूचित जाति/जनजाति विकास
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि सरकार गठन के बाद से ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़े वर्ग का अधिकतम कल्याण हमारी प्राथमिकता रही है। इस हेतु झारखण्ड पुलिस में अब तक उपेक्षित रहे पहाड़िया समुदाय के लिए दो बटालियन का गठन किया गया है तथा राज्य में आदिम जनजाति के विकास के लिए आदिम जनजाति विकास प्राधिकार का गठन किया गया है।
वित्तीय वर्ष 2018-19 में अनुसूचित जनजाति क्षेत्र तथा अनुसूचित जाति विकास बजट का कुल आकार 24,410 करोड़ रूपये था तथावित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 27,142 करोड़ रूपये है जो पिछले वर्ष की तुलना में 11.19 प्रतिशत अधिक है। इसके अतिरिक्त राज्य के सभी गाँवों में आदिवासी विकास समिति/ग्राम विकास समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया है। यह समिति स्थानीय महत्व की छोटी योजना जिसकी प्राक्कलित राशि 5 लाख रूपये तक हो, एवं क्रियान्वयन अवधि एक वर्ष से कम हो का क्रियान्वयन कर सकेगी। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 में 60 करोड़ रूपये उपलब्ध कराया गया था तथा वित्तीय वर्ष 2019-20 में 120 करोड़ रूपये उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक माहौल में शिक्षा मिले इसके लिए 143 आवासीय विद्यालय एवं 32 पहाड़िया दिवाकालीन विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है।
साथ ही, अनुसूचित जनजाति के छात्र/छात्राओं को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के उद्येश्य से 7 एकलव्य माॅडल आवासीय विद्यालय एवं 11 आश्रम विद्यालय कुल 18 विद्यालय संचालित हैं। इसमें से 4 एकलव्य/आश्रम विद्यालयों को ब्ठैम् से सम्बद्धता प्राप्त हो गई है तथा शेष 14 के लिए वित्तीय वर्ष 2019-20 में कार्रवाई की जायगी। राज्य के अति कमजोर जनजातीय समूह के शत प्रतिशत परिवारों को आवासीय सुविधा बिरसा आवास योजना के माध्यम से उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2019-20 में 3000 घरों के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है। झारखण्ड राज्य में पहली बार झारखण्ड राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन किया जा रहा है। इसी प्रकार राज्य में पहली बार पिछड़ा वर्ग वित विकास निगम का भी गठन किया जा रहा है।

राज्य के संथाल परगना क्षेत्र को विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए वित्तीय वर्ष 2019-20 में निम्नांकित योजनाओं/आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा:-
1. गोड्डा जिले में सैनिक स्कूल एवं प्रोफेशनल काॅलेज का निर्माण,
2. देवघर एवं साहेबगंज जिले में 50 हजार लीटर क्षमता का डेयरी प्लांट का निर्माण,
3. दुमका, जामताड़ा व पाकुड़ जिले में 5 हजार टर्न क्षमता का कोल्ड स्टोरेज का निर्माण,
4. देवघर जिले के सारठ प्रखण्ड में महिला काॅलेज एवं साहेबगंज जिले में ।छड स्कूल तथा कौशल काॅलेज की स्थापना,
5. दुमका जिले के दुधानी में खादी पार्क तथा देवघर जिले में सांस्कृतिक भवन का निर्माण,
6. दुमका जिले में कला केन्द्र एवं नर्सिंग कौशल काॅलेज का निर्माण,
7. साहेबगंज, पाकुड़ और गोड्डा जिले में नये ग्रिड सब-स्टेशन का निर्माण,
8. देवघर, वासुकीनाथ एवं साहेबगंज में जलापूर्ति योजना,
9. देवघर मंडल कारा को केन्द्रीय कारा के रूप में विकसित किया जाएगा।

वीर सपूतों का सम्मान
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि आदिवासी महापुरूषों के सम्मान में रांची के बिरसा मुण्डा जेल को संग्रहालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। जहाँ भगवान बिरसा मुण्डा के साथ सिद्धो-कान्हू, नीलाम्बर-पीताम्बर सहित अन्य महापुरूषों की प्रतिमा का भी निर्माण किया जा रहा है। ऐसे आदिवासी शहीदों के गाँवों को ’’शहीद ग्राम विकास योजना’’ के तहत आदर्श ग्राम बनाने हेतु योजनाएँ स्वीकृत की गई है।

सम्मान राशि
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि झारखण्ड में पहली वार स्थानीय पारम्परिक स्वशासन व्यवस्था के अन्तर्गत मानकी को 3000/- रुपये, मुण्डा एवं ग्राम प्रधान को 2000/- रुपये तथा डाकुवा, परगणैत, परमाणिक, जोगमांझी, कुड़ाम नायकी, नायकी, गोडै़त, मूल रैयत, पड़हा राज, ग्राम सभा प्रधान, घटवाल एवं तावेदार को 1000/- रुपये प्रतिमाह की दर से सम्मान राशि दी जा रही है।

आदिम जनजाति ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिम जनजाति के सभी गांवों में पाइपलाइन से पेयजलापूर्ति की व्यवस्था करने जा रही हैै। सभी एसटी-एससी बहुल गांवों में पानी टंकी बनाकर सभी घरों में पानी पहुंचाया जायेगा।

उन्नत सड़कें
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्नत सड़कों का विकास किसी भी प्रदेश के विकास का आईना होता है। राज्य के विकास के रथ को गति प्रदान करने के उद्देश्य से हमारी सरकार गुणवत्तापूर्ण सड़कों का जाल पूरे राज्य में बिछा रही है। इस हेतु सभी अनजुडे़ बसावटों को बारह मासी सड़क से जोड़ने के साथ-साथ कोडरमा-गिरिडीह, रांची- बरकाकाना- हजारीबाग-कोडरमा, कोडरमा-तिलैया तथा हंसडीहा-गोड्डा रेल लाईन निर्माण का कार्य इस वर्ष पूरा कर लिया जायेगा।

पर्यटन
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु गिरिडीह जिलान्तर्गत जलीय सूर्य मंदिर तथा झारखण्डी धाम, साहेबगंज जिलान्तर्गत शिवगादी धाम एवं पूर्वी सिंहभूम जिलान्तर्गत बुरूडीह डैम का पर्यटकीय विकास कार्य किया जा रहा है। साथ ही रजरप्पा एवं पतरातु डैम को विश्वस्तरीय पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। लुगुबुरू मेले को राजकीय मेले का दर्जा दिया गया है एवं लुगुबुरू तीर्थ स्थल में मेडिटेशन संेटर एवं अतिथिशाला का निर्माण कराया गया है। हमारी सरकार के प्रयासों से राज्य में देशी एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में सबसे पहले यह कहा कि आज उन महापुरूषों को स्मरण एवं नमन करने का दिन है जिनकी कुर्बानी एवं कुशल नेतृत्व ने हमे गुलामी की जंजीरों से आजाद कराया तथा विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के रूप में स्थापित किया। इस पावन अवसर पर मैं, राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी, पं जवाहरलाल नेहरू, डाॅ राजेन्द्र प्रसाद, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, बाबा साहब डाॅ भीमराव अम्बेदकर, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सरदार बल्लभ भाई पटेल आदि राष्ट्र निर्माताओं को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। साथ ही साथ जंग-ए-आजादी में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले झारखण्ड के वीर सपूतों धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा, शहीद तिलका मांझी, वीर सिदो-कान्हू, चाँद-भैरव, बहन फूलो-झानो, वीर बुधु भगत, जतरा टाना भगत, नीलाम्बर-पीताम्बर, शेख भिखारी, पाण्डेय गणपत राय, शहीद विश्वनाथ शाहदेव, टिकैत उमराँव जैसे महान विभूतियों को अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि अंत में, मैं पुनः आप सबों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामना देता हूँ। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पर्व के इस अवसर पर एक ऐसा झारखण्ड बनाने का संकल्प लें, जो उन स्वप्नों एवं आशाओं के अनुरूप हो, जिसके लिए काफी त्याग और बलिदान के बाद इस राज्य का सृजन हुआ था। मैं एक ऐसे झारखण्ड की परिकल्पना करता हँू, जो गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा एवं भ्रष्टाचार आदि से मुक्त हो और आत्मविश्वास से परिपूर्ण होकर विकास की ओर अग्रसर रहे। मैं आप सभी का भी आह्वान करता हूं कि इस परिकल्पना को साकार करने में आप सब अपनी सक्रिय भागीदारी निभायें एवं वचनबद्धता दिखाएं।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...