यह ब्लॉग खोजें

शनिवार, 4 मई 2019

भाजपा का वार, कांग्रेस का पलटवार



रांची में लोकसभा चुनाव की पूर्व संध्या पर त्रिकोणीय संघर्ष में शामिल भाजपा और कांग्रेस के बीच एक दूसरे के खिलाफ आरोप प्रत्यारोप का दौर चला। मतदाताओं पर इसका क्या असर पड़ता है यह तो मतगणना के बाद ही पता चलेगा लेकिन झारखंड के इस प्रतिष्ठित सीट का चुनाव दिलचस्प हो चला है।

कांग्रेस भ्रष्टाचार की जननीः भाजपा
कांग्रेस पार्टी  के लोकसभा उम्मीदवार का संबंध अस्त्र शस्त्र के विचौलिया चंद्रा स्वामी से रहे हैं ,यह बात भाजपा के प्रदेश महामंत्री सह मुख्यालय प्रभारी दीपक प्रकाश ने एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा।उन्होंने प्रेसवार्ता में आईबी के पूर्व पदाधिकारी मलय धर की पुस्तक ओपन सेक्रेट का इस संबंध में उल्लेख करते हुए पुस्तक भी दिखाई।श्री प्रकाश ने कहा कि कांग्रेस पार्टी भ्रष्टाचार की जननी भी है और पोषक भी।भ्रष्टाचार का दूसरा नाम कांग्रेस है।कांग्रेसपार्टी ने आजादी के बाद से ही भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया।नेहरू मंत्रिमंडल से ही घोटाला जगजाहिर है। जीप घोटाला,हेलीकॉप्टर घोटाला ,बोफोर्स घोटाला,यूरिया घोटाला,चीनी घोटाला,कोल ब्लॉक घोटाला, टू जी स्पेक्ट्रम घोटाला सहित तिनोलोक में व्याप्त घोटालों में कांग्रेस सरकार और नेहरू गांधी परिवार शामिल रहा है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को चंद्रास्वामी के साथ उनके उम्मीदवार के संबंध को स्पष्ट करना चाहिए।
श्री प्रकाश ने कहा कि जनता कांग्रेस पार्टी के इस चरित्र चाल और चेहरा को पहचान चुकी है।इस चुनाव में जनता कांग्रेस पार्टी और महागठबंधन को शून्य पर आउट करेगी।
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शहदेव ने कहा जे वी एम प्रत्याशी श्री प्रदीप यादव को उनके कुकृत्य केलिए अविलंब पार्टी से निलंबित करते हुए चुनाव से वंचित करना चाहिए,परन्तु बाबूलाल मरांडी ऐसा नहीं करेंगे ।पार्टी केलिए महिला का इज्जत और सम्मान मायने नहीं रखता,उसके लिए चुनाव महत्वपूर्ण है ।प्रतुल ने कहा कि पार्टी के एक महिला कार्यकर्ता ने जैसा घृणित आरोप प्रदीप यादव पर लगाते हुए श्री मरांडी को साक्ष्य भेजे उसे उन्होंने चुनाव बाद देखने की बात कहकर   ठंडे बस्ते में डाल दिया ,यह उनके महिलाओं के दर्द के प्रति उनकी संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जेएमएम के लोग जिस प्रकार से प्रदीप यादव के समर्थन में खड़े हुए उससे महागठबंधन का चरित्र भी उजागर हुआ है।


कांग्रेस का पलटवार

जनता देगी भाजपाई हरकतों का मुंहतोड़ जवाब : सुबोधकांत
रांची : पूर्व केंद्रीय मंत्री और रांची संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी सुबोधकांत सहाय ने कहा है कि भाजपा के कुछ टुच्चे नेताओं ने उनके बेदाग दामन पर कीचड़ उछालने का कुत्सित प्रयास किया है लेकिन यह कीचड़ वापस भाजपाईयों के मुंह पर ही जा गिरा है। उन्होंने कहा कि राफेल की दलाली से लेकर नकली नोट के घोटाले तक में लिप्त रहे नरेंद्र मोदी और तड़ीपार तक की सजा भोग चुके अमित शाह और उनके टुच्चे कारिंदे चुनाव में अपनी पार्टी की हार निश्चित देख घिनौनी हरकत पर उतर आये हैं। श्री सहाय ने कहा कि उनका चालीस वर्षों का संसदीय जीवन खुली किताब है और रांची सहित पूरे देश की जानता उन्हें बखूबी जानती है। अंबानी को 30,000 करोड़ देनेवाले, वहीं अडानी को झारखंड की उपजाऊ जमीन कौड़ी के मोल सौंप देनेवाले, आदिवासियों की जमीन लूटने के लिए सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन करनेवाले, हरमू नदी को नाले में तब्दील कर एक अरब का घोटाला करनेवाले, सीवरेज-ड्रेनेज योजना में मैनहर्ट कंपनी को करोड़ों का नजायज भुगतान करानेवाले, गरीबों के कंबल तक का पैसा खानेवाले अपना काला मुंह जनता के सामने नहीं दिखा पा रहे हैं। जनता ने जब इन्हें खारिज कर दिया है तो ये हमेशा जनता के बीच रहनेवाले मुझे जैसे व्यक्ति पर बिलो द बेल्ट वार करने की साजिश की है, लेकिन उनकी मंशा कभी सफल नहीं होगी। छह मई को जनता इसका करारा जवाब देगी।

कांग्रेसियों ने डोर- टू डोर प्रचार कर मांगे वोट


रांची लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी सुबोधकांत सहाय के पक्ष में आज चुनाव प्रचार के अंतिम दिन कॉग्रेसजनों ने चुटिया में डोर-टू-डोर पदयात्रा कर कांग्रेस को मतदान करने की अपील की। पदयात्रा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आप कांग्रेस पार्टी को वोट करें कांग्रेस आपकी हर समस्याओं का समाधान के लिए तत्पर रहेगी। आपका समर्थन ही देश को सही दिशा दे सकती है।

कांग्रेस देश की गौरव के लिए कभी किसी चीजों से समझौता नहीं की है, हमेशा देश की प्रतिष्ठा एवं आम जनता की चिन्ता है। जनता के समझ सत्ता के लिए कभी झूठ नहीं बोले हैं, जो भी वायदे किये कांग्रेस ने उसे पूरा करके दिखाया है। भाजपा हमेशा जनता को ठगने एवं दिभ्रमित करने का काम की है, पिछला चुनाव में 15 लाख देने एवं नौजवानों को हर साल 02 लाख रोजगार देने की वादा कर सत्ता हासिल की थी, इस बार देश की सुरक्षा के सहारे सत्ता हासिल करना चाहती है। 

पदयात्रा में कांग्रेस के पूर्व सचिव आदित्य विक्रम जासवाल, अमिताभ रंजन, राजेश गुप्ता, ज्योति मथारू, विजय तिर्की, अनुपूरण नायक, आभा श्रीवास्तव, अनिता अनुसुमन, सुमित साहु, मृणाल, अमरजीत, आसिफ जियाउल अनिल सिंह आदि सैकड़ो कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल थे।

रांची में परचम लहरा सकती है कांग्रेस, बशर्ते....



भाजपा के मतों के विभाजन और प्रत्याशी की लोकप्रियता का मिल सकता है लाभ
सुबोधकांत सहाय

संजय सेठ

रामटहल चौधरी
देवेंद्र गौतम
रांची लोकसक्षा क्षेत्र में चुनाव की तैयारी पूरी हो चुकी है। चुनाव आयोग भी चौकस है और प्रशासन भी। सुरक्षाकर्मी पर्याप्त संख्या में मौजूद है। मतदान 6 मई को है। चुनाव प्रचार का दौर थम चुका है। स्टार प्रचारकों के हेलिकॉप्टरों की उड़ान रुक चुकी है। फिलहाल प्रत्याशियों और उनके समर्थकों का डोर टू डोर संपर्क जारी है। भाजपा के कार्यकर्ता प्रत्याशी संजय सेठ पीएम मोदी के नाम पर वोट मांग रहे हैं। भाजपा कार्यकर्ता खासतौर पर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के लाभुकों से संपर्क कर रहे हैं। संजय सेठ खादी ग्रामोद्योग के अध्यक्ष रहे हैं। संसदीय राजनीति में नए हैं। सार्वजनिक जीवन में कोई खास भूमिका नहीं रही है। उन्हें मोदी के नाम, सरकार के काम और अमित शाह के चुनावी इंतजाम पर भरोसा है। राज्य में भाजपा की सरकार है। इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। लेकिन भाजपा के निवर्तमान भाजपा सांसद रामटहल चौधरी के बागी उम्मीदवार के रूप में खड़े होने के कारण भाजपा के पारंपरिक मतों में भारी विभाजन हो रहा है। उनकी बगावत भाजपा को महंगी पड़ सकती है। इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला है जिसमें कांग्रेस के दिग्गज नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय को भाजपा के मतों के विभाजन का लाभ मिलता दिख रहा है।
रांची झारखंड की राजधानी होने के कारण महत्वपूर्ण है। इस अनारक्षित सीट पर कांग्रेस और भाजपा ने अब तक सबसे अधिक बार चुनाव जीतने का रिकार्ड बनाया है। आजादी के बाद 1951 में हुए लोकसभा के पहले चुनाव में कांग्रेस के अब्दुल इब्राहिम सांसद निर्वाचित हुए थे। इसके बाद पीके घोष, शिव प्रसाद साहु और सुबोधकांत सहाय ने यहां से कांग्रेस का परचम लहराया। 1957 में यहां से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मीनू मसानी चुनाव जीते थे। 1977 में भारतीय लोकदल से रवींद्र वर्मा चुनाव जीते। लेकिन वे फिर दुबारा लौटकर नहीं आए। सुबोधकांत सहाय रांची से पहली बार 1989 में चुनाव जीते थे। उस समय वे जनता दल के प्रत्याशी थे। मीनू मसानी और रवींद्र वर्मा रांची के निवासी नहीं थे। वे बाहर से आकर चुनाव जीते थे। 
1962 में कांग्रेस से पीके घोष पहली बार जीते। उन्होंने जीत की हैट्रिक बनाई। 1962 के बाद 1967 और 1971 का चुनाव भी जीते। 1977 में जब आपातकाल को लेकर पूरे देश में इंदिरा विरोधी लहर चल रही थी ऐसे में लोकदल ने रांची के लिए एकदम नए बाहरी उम्मीदवार रवींद्र वर्मा को मैदान में उतारा और इंदिरा विरोधी लहर में उन्हें जीत हासिल हो गई। 
इसके बाद 1980 और 1984 के चुनाव में लोहरदगा के मूल निवासी शिव प्रसाद साहू कांग्रेस के टिकट पर  लगातार दो बार सांसद निर्वाचित हुए। 1989 में वे जनता दल के उम्मीदवार सुबोधकांत सहाय से हार गए। 1991 के बाद रांची में भारतीय जनता पार्टी का दबदबा कायम हो गया। रामटहल चौधरी 1991 से लगातार चुनाव जीतते आए। 1991, 1996, 1998 और 1999 का चुनाव रामटहल चौधरी जीते। लेकिन 2004 और 2009 के चुनाव में वे सुबोधकांत सहाय के हाथों हार गए। 
2014 लोकसभा चुनाव में फिर रामटहल चौधरी ने सुबोधकांत सहाय को पराजित कर दिया। समय लोग कांग्रेस से नाराज थे और नरेंद्र मोदी एक नई उम्मीद जगाने में सफल रहे थे। लेकिन रामटहल चौधरी सिर्फ मोदी के नाम पर नहीं अपने व्यक्तिगत प्रभाव से जीते थे। उन्हें 448729 वोट मिले थे जबकि सुबोधकांत सहाय विपरीत स्थितियों में भी 249420 वोट हासिल करने में सफल रहे थे। आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने भी पहली बार 2014 में लोकसभा चुनाव लड़ा था लेकिन वे 142560 वोट लाकर तीसरे स्थान पर रहे थे। तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर खड़े बंधु तिर्की को मात्र 46 हजार वोट मिले थे।
2019 के चुनाव में हालांकि विभिन्न दलों और निर्दलीय को मिलाकर 20 उम्मीदवार मैदान में हैं। लेकन मुख्य संघर्ष निर्दलीय मैदान में उतरे निवर्तमान सांसद रामटहल चौधरी, कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय और भाजपा के संजय सेठ के बीच ही है। शेष 17 प्रत्याशी चुनाव प्रचार के दौरान भी कहीं दिखाई नहीं पड़े। सिर्फ प्रत्याशियों की सूची में उनका नाम देखा गया।
रामटहल चौधरी का टिकट जिस तरह बिना उनसे कोई परामर्श किए काट दिया गया इससे वे बेहद नाराज हैं। उनके समर्थक भी अपने नेता के अपमान पर भाजपा से नाराज हैं। उनकी नाराजगी भाजपा के लिए नुकसानदेह है। हालांकि आजसू के एनडीए में होने का उसे लाभ भी मिल सकता है। दूसरी तरफ दो जिलों में फैले रांची लोकसभा क्षेत्र के छह विधानसभा क्षेत्रों में से सिल्ली पर एनडीए के सहयोगी दल आजसू का और शेष पांच विधानसभा क्षेत्र रांची, कांके, सिल्ली, खिजरी व हटिया पर भाजपा का कब्जा है। भाजपा ने बूथ स्तर पर जबर्दस्त तैयारी की है। कोई हवा या लहर भाजपा के पक्ष में नहीं है। मोदी का करिश्मा भी फीका हो चला है। उसे योजनाओं के लाभुकों का भरोसा है।
ज़मीनी सच्चाई यह है कि कांग्रेसी प्रत्याशी सुबोधकांत सहाय 2014 का चुनाव हारने के बाद भी रांची संसदीय क्षेत्र के लोगों के बीच लगातार सक्रिय रहे। लोगों को सुख-दुःख के हर अवसर पर उनके साथ खड़े रहे। सांप्रदायिक समरसता बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जनता के बुनियादी सवालों और समस्याओं को लेकर लगातार संघर्षरत रहे। उन्हें इसका सीधा लाभ मिलता दिख रहा है। भाजपा के मतों के विभाजन का भी लाभ उन्हें मिल रहा है। रांची के त्रिकोणीय मुकाबले में वे फिलहाल सबसे आगे दिख रहे हैं। उनका मुकाबला रामटहल चौधरी से है या संजय सेठ से यह भी अभी स्पष्ट नहीं है। यदि उनके कार्यकर्ता समर्थकों का मतदान कराने, सरकारी तंत्र की निष्पक्षता सुनिश्चित करने और स्ट्रांग रूम में ईवीएम की निगरानी के प्रति सतर्क रहे तो सुबोधकांत सहाय इस सीट पर जीत का परचम लहरा सकते हैं।

शुक्रवार, 3 मई 2019

झाविमो नेताओं ने कांग्रेस के लिए मांगे वोट


झाविमो राँची ग्रामीण जिला अध्यक्ष प्रभुदयाल बड़ाईक ने अपने ग्रामीण जिला टीम के साथ राँची लोकसभा के यूपीए महागठबंधन प्रत्यासी श्री सुबोधकांत सहाय की जीत भारी बहुमत से हो इसे लेकर - हेसल, हरातु, लालगंज महुवाटोली,आरागेट बड़कटोली, बरगावां में घर घर जाकर लोगों को हाथ छाप में वोट देकर भारी मतों से विजयी बनाने की अपील किये, इस दौरान लोगों को भाजपा सरकार के जनविरोधी नीतियों से अवगत कराया।जिलाध्यक्ष प्रभुदयाल बड़ाईक के साथ जनसंपर्क अभियान में जिला सचिव रूपचन्द केवट,बुद्धिजीवी मंच के जिलाध्यक्ष डॉ विनोद सिंह, झाविमो कार्यकर्ता गणेश लोहरा, मनोज दुग्गल शामिल थे ।

अंग्रेजों के जमाने के जेलर ने बांधा कांग्रेस के पक्ष में समां

कांग्रेस के स्टार प्रचारक हास्य कलाकार असरानी ने खोली भाजपा की पोल



रांची। कांग्रेस प्रत्याशी सुबोधकांत सहाय के पक्ष में कांग्रेस के स्टार प्रचारक और फिल्म अभिनेता हास्य कलाकार असरानी ने शुक्रवार को वार्ड 31 देवीमंडप, रातू रोड में जनसभा को संबोधित की तथा कर आमलोगों से कांग्रेस के समर्थन में वोट करने की अपील किया। जनसभा का नेतृत्व मृणाल सिंह ने की। इस अवसर पर मुख्य रूप से कांग्रेस नेत्री रेखा सहाय, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव आदित्य विक्रम जायसवाल, स्वर्णलता तिवारी , संटू सिंह, अमिताभ रंजन, सुमित साहू, जेएमएम की महुआ मांझी मौजूद थे।

इस मौके पर अभिनेता असरानी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हम अंग्रेजो के जमाने के जेलर है, अंदर क्या होता है वो बतायेंगे, भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार विकास विरोधी और उद्योगपतियों के हितैषी है। भाजपा के शासनकाल में देश में कर्ज के मारे सबसे अधिक किसान आत्महत्या, माॅब लिंचिंग एवं  झारखंड में कई लोगों का मौत भूख से भी हुई, जिसे भाजपा की सरकार मानने को तैयार नहीं है क्योंकि भाजपा कभी गरीबों की चिंता नहीं की है सिर्फ और अमीरों की चैकीदारी की है। उन्होंने कहा कि देश में सारी पार्टियां कांग्रेस की कोख से ही जन्मीं हैं इसलिए दावे के साथ कह सकता हॅू कि कांग्रेस ही देश का विकास कर सकती है। भाजपा सरकार ने काला धन लाने का वायदा किया था, लेकिन काला धन तो भूल जाओ, सफेद धन लेकर देश से लोग भाग गए।

आदित्य विक्रम जायसवाल ने कहा कि लोकसभा चुनाव में भाजपा की हालत यह हो गई कि अपने पांच साल के शासन पर बात करने का जगह फर्जी राष्ट्रवाद और सेना के शार्य के नाम पर वोट मांग रही है। क्योंकि भाजपा विकास नहीं सिर्फ लोगों के धार्मिक उन्माद फैलाकार देश को तबाह करने का काम का काम किया है। आप लोगों का हर एक वोट सोने का सिक्का है, जो चाहे तो सरकार बना सकता है और चाहे तो सरकार गिरा सकता है। अगर हमारी सरकार बहुमत से बनती है तो राज्य के गरीब लोगों को प्रतिमाह तीस किलोग्राम चावल मुफ्त में दिया जाएगा।

रेखा सहाय ने कहा कि अगर कांग्रेस की सरकार बनती है तो सबसे पहले राजधानी के ज्वलंत समस्याओं का समाधान किया जाएगा। राजधानी के काया-कल्प के साथ कानून व्यवस्था, यातायात व्यवस्था सुगत बनाया जाएगा।

स्वर्णलता  तिवारी ने कहा कि सरना कोड दिलाने का काम करेंगे। न्याय योजना के तहत आर्थिक मदद कर गरीबी रेखा मिटा देंगे, अस्पताल दवा सब फ्री कर देंगे।

इस मौके पर मुख्य रूप से नीतू सिंह, सुमन तिवारी ,प्रतिमा ,त्रिपाठी ,नीलम, चिंता, आसिफ ,पंचांग, यस ,संजय, विशाल ,मेहराब ,गौरव ,चिंटू ,प्रेम, अनिल सिंह ,इरफ़ान ,श्रीकांत ,फरदीन, अजय, अमरजीत आदि मौजूद थे...

सुबोधकांत के पक्ष में आदिवासी संगठनों का एतिहासिक रोड शो





हजारों मोटरसाइकिलों पर निकले समर्थक
तिरंगे झंडे से पट गईं रांची की सड़कें

रांची। रांची लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय के पक्ष में सरना समाज और आदिवासी संगठनों ने एतिहासिक रोड शो किया। रोड शो में कांग्रोस के दिग्गज नेता प्रत्याशी सुबोधकांत सहाय एक खुली जीप पर थे जबकि हजारों मोटर सिकिलों पर आदिवासी समुदाय के लोग और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल थे। रोड शो का नेतृत्व जानी मानी आदिवासी नेत्री वर्षा गाड़ी और अजय तिर्की कर रहे थे।
रोड शो की शुरुआत हरमू मैदान से हुई जो रातु रोड, पिस्का मोड़, आइटीआई, कटहल मोड़, अरगोड़ा, क़रू ओवर ब्रिज, डोरंडा, हिनू होते हुए बिरसा चौक, हटिया चांदनी चौक, सचिवालय, सेक्टर-3 होते हुए वापस हरमू मैदान पहुंचकर जनसभा में तब्दील हो गई।
जनसभा को अजय तिर्की, वर्षा गाड़ी सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। जानकार लोगों के अनुसार इस रोड शो ने संख्या और दूरी के लिहाज़ से अबतक के सारे रोड शो का रिकार्ड तोड़ दिया।  

झारखंड में चक्रवाती तूफान फानी का सामना करने की मुकम्मल तैयारी



 24 घंटे काम करेगा रघुवर सरकार का  कंट्रोल रूम --0651-2446923


संबंधित विभागों एवं सभी जिला के उपायुक्तों को आपदा प्रबंधन हेतु एक कंट्रोल रुम संचालित करने का दिया निदेश

रांची। गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग, झारखंड सरकार ने पत्र जारी कर संबंधित विभागों एवं सभी जिला के उपायुक्तों को निदेश जारी किया है कि चक्रवाती तूफान ‘‘फणि(फोनी)‘‘ को ध्यान में रखते हुये आपदा प्रबंधन हेतु एक कंट्रोल रुम संचालित किया जाये साथ ही विभाग ने पत्र के माध्यम से जानकारी दी है कि आपदा प्रबंधन द्वारा राज्य स्तर पर संचालित कंट्रोल रुम का टेलीफोन 0651-2446923 है 24×7 कार्यरत रहेगा।

मौसम विज्ञान केंद्र, रांची की सूचना है कि 3 के अपराह्न से और 4 मई तक चक्रवाती तूफान ‘‘फोनी‘‘ से झारखंड राज्य के सभी जिलों में 40-60 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ-साथ तेज बारिश और वज्रपात हो सकती है जिससे जान-माल की क्षति भी हो सकती है।

आज दिनांक-03.05.2019 को समुद्रतटवर्ती राज्य उड़ीसा, पश्चिम बंगाल एवं आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान ‘‘फणि(फोनी)‘‘ से बहुत सक्रिय रहेगा। झारखण्ड भी इससे आंशिक प्रभावी राज्य रहेगा। राज्य सरकार ने सुरक्षा एवं बचाव के लिए दिशा-निर्देश दिया गया है कि राज्य स्तर पर संचालित कंट्रोल रूम का टेलीफोन न. 24 घंटे कार्यरत रहेंगे ताकि जान-माल की क्षति ना हो।

यह भी जानिये--
इस चक्रवात का नाम बांग्लादेश के सुझाव पर 'फणि' रखा गया और इसे वहां 'फोनी' उच्चारित किया जाता है। इसका शाब्दिक अर्थ सांप है। देश बदलने के साथ ही शब्दों का उच्चारण भी बदलता चला जाता है। अंग्रेजी में इसे Fani लिखा जा रहा है जिसकी वजह से हिंदी में इसका उच्चारण फनी/ फनि या फानी प्रचलित हो गया।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...