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सोमवार, 10 जून 2019

युवती के दावों की जांंच कराए योगी सरकार

ख़ता किसी की सज़ा किसी को

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक संन्यासी हैं। ब्रह्मचारी हैं। वे किसी युवती के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर ईश्क नहीं फरमा सकते। कोई इसपर विश्वास नहीं कर सकता। लेकिन रामरहीम, आसाराम बापू जैसे संतों पर जिस तरह के आरोप लगे उसके बाद संन्यासियों के संबंध में भी आम श्रद्धा की भावना खंडित हुई है।  वीडियो कांफ्रेंसिंग तो रिकॉर्ड की बात होती है। योगी जी को चाहिए कि युवती के दावों से उत्पन्न भ्रम का पूरी तरह निवारण कराएं। युवती के फोन और एकाउंट्स की जांच कराकर दूध का दूध पानी का पानी कर दें। उनका मान मर्दन कानपुर की युवती ने की और खीज पत्रकारों पर निकाली। वह भी तमाम नियम-कानून को ताक़ पर रखकर। मोदी सरकार की तरफ से इस प्रकरण पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रेस क्लब, एडिटर्स गिल्ड आदि तमाम संस्थाओं ने योगी सरकार के कृत्य की निंदा की है लेकिन केंद्र सरकार मौन है। सबका विश्वास ऐसे तो हासिल नहीं होता। योगी जी शायद जांच नहीं कराना चाहें लेकिन केंद्र सरकार को युवती के दावों की जांच करानी चाहिए। संभव है योगी जी के नाम पर कोई अन्य व्यक्ति युवती के साथ आनलाइन ईश्क फरमा रहा हो।

दुमका पलामू और हजारीबाग में इस वर्ष से ही मेडिकल की पढ़ाई प्रारंभ हो


सीएम रघुवर दास ने स्वास्थ्य मंत्री डा.हर्षवर्धन से किया आग्रह


मुख्यमंत्री रघुवर दास ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्ष वर्द्धन से मिलकर यह अनुरोध किया कि एम सी आई से तकनीकी पहलुओं पर से समन्वय बनाते हुए दुमका पलामू और हजारीबाग में इस वर्ष से ही मेडिकल की पढ़ाई प्रारंभ हो, इसके लिए वो सहयोग और पहल करें। साथ ही, बेंगलुरु के निमहान्स के तर्ज़ पर रांची के सीआईपी को सेंटर फॉर एक्सीलेंस का दर्जा मिले, इसके लिए राज्य सरकार ने प्रस्ताव भेजा हुआ है। इस प्रस्ताव पर भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के पहल की आवश्यकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्ष वर्द्धन ने कहा कि वह कोशिश करेंगे कि तकनीकी दिक्कतें दूर हों और इसी वर्ष से दुमका पलामू और हजारीबाग के नवनिर्मित मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई शुरू हो। उन्होंने यह भी कहा कि राँची के सीआईपी को जल्द ही सेंटर फॉर एक्सीलेंस का दर्जा मिले इसके लिए भी प्रयास करेंगे।

मुख्यमंत्री ने डॉ हर्ष वर्द्धन को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में झारखण्ड तेजी से आगे बढ़ रहा है, आपके सहयोग से हम और आगे जाएंगे।

वाह नीतीश जी! रिंद के रिंद रहे, हाथ में जन्नत भी रही




देवेंद्र गौतम

शब को मय खूब सी पी, सुब्ह को तौबा कर ली.
रिंद के रिंद रहे हाथ से ज़न्नत न गई।

मानिक जलालपुरी का यह शेर वर्तमान राजनीति परिदृश्य में जदयू सुप्रीमो सह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सटीक बैठती है। उन्होंने ऐसी रणनीति अपनाई जिसकी तोड़ न भाजपा के पास है न एनडीए के पास और न विपक्षी महागठबंधन के पास। उनका एनडीए के साथ रिश्ता बिहार से शुरू होकर बिहार पर ही खत्म हो जाएगा। देश के अन्य राज्यों में वे अपने प्रत्याशी स्वयं खड़े करेंगे। जदयू के निर्णयों पर एनडीए का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। बिहार विधानसभा के चुनाव में वे एनडीए के साथ होंगे। लेकिन इसी वर्ष कुछ महीने बाद प्रस्तावित चार राज्यों के चुनावों में अकेले दम पर लड़ेंगे। यानी एनडीए के साथ हैं लेकिन भाजपा की उन नीतियों के साथ नहीं जो उनकी समाजवादी और धर्म निरपेक्ष छवि पर आघात करती हों।
नीतीश कुमार राजनीति के चाणक्य समझे जाते हैं। ऊपर से प्रशांत किशोर जैसे चुनावी रणनीतिकार उनके साथ हैं। उनकी हर चाल बहुत नपी-तुली होती है। वे कब क्या करेंगे उनके अलावा कोई नहीं जान सकता।
लोकसभा चुनाव में राजद के शून्य पर आउट हो जाने के बाद वे बिहार के सबसे बड़े जन नेता बन गए हैं। बिहार में सिर्फ लालू प्रसाद उनके समतुल्य थे। अभी वे जेल में हैं और गंभीर रूप से बीमार हैं। वे जमानत पर छूटे भी तो पहले की तरह सक्रिय राजनीति में शायद ही उतर पाएं। लालू स्वयं तो सज़ायाफ्ता होने के कारण चुनाव नहीं लड़ सकते लेकिन राजनीति के मैदान में उनकी मौजूदगी चुनाव की हवा बदल सकती है। उनके दोनों पुत्र उनका उत्तराधिकार नहीं संभाल पा रहे। माई समीकरण की हवा निकल चुकी है। बिहार के यादवों का एक हिस्सा राजद का दामन छोड़ चुका है। ऐसे में नीतीश की सोशल इंजीनियरिंग बहुत प्रभावी हो सकती है। बिहार में भाजपा या कांग्रेस के अंदर उनके टक्कर का कोई नेता नहीं है। आज की तारीख में वे जिस भी खेमे में जाएंगे उसकी जीत सुनिश्चित हो जाएगी।
नीति कहती है कि जब घर मजबूत हो तो बाहर पांव पसारना चाहिए। नीतीश जी यही कर रहे हैं। यह अपनी पार्टी को राष्ट्रीय और स्वयं को पीएम एलीमेंट साबित करने का अनुकूल समय है।

राजनाथ सिंह, डा. हर्षवर्धन व स्मृति ईरानी से मिले सीएम रघुवर दास

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ सीएम रघुवर दास

महिला, बाल विकास एवं कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी के साथ सीएम

नई  दिल्ली। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री  राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन और महिला बाल विकास एवं कपड़ा मंत्री  स्मृति ईरानी से मुलाकात कर उन्हें झारखण्डवासियों की ओर से शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने केंद्रीय कपड़ा मंत्री  स्मृति इरानी से हुई मुलाकात में यह निर्णय हुआ कि झारखण्ड में शीघ्र ही NIFT के स्थाई परिसर का शिलान्यास किया जायेगा। साथ ही, इसके साथ केंद्र सरकार की समर्थ योजना के तहत टेक्सटाइल, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट के कौशल विकास केंद्र झारखण्ड में स्थापित किए जाएँगे, जिसकी पूरी राशि केंद्र द्वारा दी जाएगी। ये केंद्र सरकार द्वारा झारखण्ड राज्य में चल रहे skill development centres के अलावे होंगे।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्द्धन से मिलकर स्वास्थ्य के क्षेत्र में झारखण्ड तेजी से और आगे बढ़े इसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय के अपेक्षित सहयोग पर चर्चा की।

निर्मला कॉन्वेंट में इंटर हाउस चेस प्रतियोगिता


रांची। निर्मला कॉन्वेंट हाई स्कूल, इडलाहातू में दिनांक 10 जून 2019 को इंटर हाउस एक दिवसीय चेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसका शुभारंभ विद्यालय प्रबंधन समिति की सचिव श्रीमति सीमा शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया । इस प्रतियोगिता में कक्षा 6 से कक्षा 10 तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया ।  विद्यालय परिवार एवं बच्चों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि चेस (शतरंज) एक प्राचीन खेल है जो तार्किक क्षमता को बढ़ाता है । उन्होंने कहा कि इनडोर गेम होने के कारण यह काफी सुरक्षित एवं मानसिक विकास के लिए बहुत जरूरी भी है । विभिन्न हाउस स्टूडेंट्स ने इस प्रतियोगिता में बड़े उत्साह एवं उत्सुकता के साथ भाग लिया । सभी प्रतिभागियों ने इस प्रतियोगिता में जीत सुनिश्चित करने के लिए अपना दम - खम लगा दिया । यह कई राउंड्स में जाकर अंततः समाप्त हुई । जहां विभिन्न हाउस के विद्यार्थियों को विजेता घोषित किया गया । विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत करते हुए विद्यालय के प्राचार्य श्री विजय कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस चेस प्रतियोगिता से अनुभव प्राप्त कर जीवन में आने वाली शैक्षिक तथा और शैक्षणिक सभी प्रकार की चुनौतियों का दिमागी मजबूती से सामना करना सीखे साथ ही उन्होंने लंबे समय से छुट्टी के बाद बच्चों के अध्ययन को रोचक बनाने के लिए शिक्षकों को भी कई दिशा-निर्देश दिए । वहीं विद्यालय के वाइस प्रिंसिपल श्री विमलेश कुमार अवस्थी ने कहा कि समर वैकेशन के बाद बच्चों का पढ़ाई से लगाव थोड़ा छूट जाता है हालांकि गृह कार्य के रूप में उन्हें कुछ पठन कार्य दिए गए थे जिसने अध्ययन कि निरंतरता को बनाए रखने में मदद किया । फिर बच्चों कि रुझान को विद्यालय की ओर आकर्षित करने एवम् उनके दिमाग को एकाग्रचित करने के उद्देश्य से विद्यालय में चेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है । जिसमे अधिकाधिक बच्चों ने रुचि लिया । 

आर्थिक विकास में सहायक है वित्तीय साक्षरताः सुरेखा मरांडी



आरबीआई की रिजनल मीडिया कार्यशाला आयोजित
बैंकों में ग्राहक शिकायत निवारण कोषांग जरूरी

रांची। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया केंद्र सरकार के अधीन एक संपूर्ण वित्तीय सेवाएं देनेवाली संस्था है। यह सार्वजनिक व निजी बैंकों को दी जाने वाली वित्तीय सेवाओं की मार्गदर्शन करती है। वित्तीय सेवाओं से संबंधित नीति निर्धारण, निगरानी इसके जिम्मे हैं। यह बातें आरबीआई के संचार विभाग के कार्यपालक निदेशक सुरेखा मरांडी ने होटल बीएनआर में आयोजित क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कही। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन और वित्तीय साक्षरता आर्थिक विकास में काफी सहायक है। वित्तीय सेवाओं के बारे में जानकारी और प्रचार प्रसार के लिए सूचना व संचार तकनीक को सशक्त करना जरूरी है। इसके माध्यम से शहरी क्षेत्रों के अलावा सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों की जनता को लाभान्वित किया जा सकता है। इसमें राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी के लीड बैंक की महत्वपूर्ण भूमिका है। बैंकिंग सेवाओं की जानकारी मीडिया के जरिए से भी दिया जाना वित्तीय संस्थाओं के सशक्तीकरण में सहायक होता है। उन्हें कहा कि सार्वजनिक व निजी क्षेत्रों के बैंकों के अलावा नाबार्ड, सिडबी. आइआरडीए सहित अन्य वित्तीय संस्थाओं की भूमिका आर्थिक विकास में अहम है। देश में जीडीपी की विकास दर में वृद्धि में भी वित्तीय संस्थाओं की महत्ता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ा है। उन्होंने वित्तीय संस्थानों की गतिविधियों और क्रियाकलापों के बारे में मीडिया की सकारात्मक भूमिका की सराहना की।
कार्यशाला में आरबे के मुद्रा प्रबंधन विभाग के मुख्य महाप्रबंधक अजय मिछयारी ने पब्लिक और प्राइवेट क्षेत्र के बैंकों में करेंसी मैनेजमेंट के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। कार्यशाला में बैंकिंग फ्राड, साइबर क्राइम आदि पर भी चर्चा की गई। मुख्य महाप्रंधक, बैंकिग सुपरविजन भारगेश्वर बनर्जी ने बैंकिंग नियमावली, इसके पर्यवेक्षण और कार्यान्वयन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने साइबर क्राइम से बचाव के उपायों पर भी चर्चा की। उप महाप्रबंधक, पेमेंट एंड सेटेलमेंट डिपार्टमेंट अमिताभ खंडेलवाल ने इलेक्ट्रोनिक और डिजिटल बैंकिंग के जरे भुगतान प्रणाली की जानकारी दी। वहीं संचार विभाग की उप महाप्रबंधक शैलजा सिंह ने आरबीआई वेबसाइट, आंकड़ों के रखरखाव और मीडिया के साथ संपर्कों पर चर्चा की।
कार्यसाला में आरबीआई रांची के महाप्रबंधक संजीव दयाल ने वित्तीय लेनदेन से संबंधित स्थानीय मुद्दों और मीडिया के साथ इंटरेक्शन की जानकारी। कार्यसाला के अंत में मीडियाकर्मियों से फिडबैक लिया गया। प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान मीडियाकर्मियों की जिज्ञाशाओं को दूर किया गया। एक प्रश्न के जवाब में कार्यपालक निदेशक सुरेखा मरांडी ने बताया कि आरबीआ के दिशा-निर्देश के मुताबिक ग्राहक शिकायत निवारण कोषांग का गठन कर सकी सूचना आरबीआई को देना और बैंकों में इसको डिसप्ले करना आवश्यक है। कार्यशाला में भारी संख्या में मीडियाकर्मी मौजूद थे।

रविवार, 9 जून 2019

आचार्य कृष्णा जी की सुपुत्री के वैवाहिक समारोह में मुख्यमंत्री हुए शामिल



रांची। प्रख्यात ज्योतिषी और भविष्यवक्ता आचार्य कृष्णा जी की सुपुत्री राजश्री का शुभ विवाह लोहरदगा निवासी अशीष मिश्रा के साथ संपन्न हुआ। राजधानी के बरियातू रोड स्थित मैथन मैरेज हॉल में आयोजित वैवाहिक समारोह में मुख्यमंत्री रघुवर दास, राज्य के डीजीपी कमल नयन चौबे सहित सूबे के कई प्रशासनिक अधिकारी, व्यवसायी, चिकित्सक गण  व अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए और वर-वधू को आशीर्वाद दिया।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...