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बुधवार, 19 जून 2019

जन संपर्क विभाग ने लगाई मेला.सह प्रदर्शनी


चक्रधरपुर ।  प्रखंड कार्यालय परिसर में सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग की ओर से विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जन जागरूकता हेतु मेला सह प्रदर्शनी लगाई गई। मेले में प्रखंड विकास पदाधिकारी  राम नारायण सिंह ने उपस्थित ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि प्रखंड कार्यालय की ओर से आदिवासियों और पिछड़ी जातियों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास का प्रावधान है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी ने जानकारी दी कि प्राकृतिक आपदा से पीड़ित परिवार के लिए भी विभाग की ओर से मुआवजा राशि दी जाती है।स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय निर्माण के लिए भी सरकार के तरफ से निर्धारित राशि दी जाती है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत प्रति एकड़ पांच हजार रुपये दिए जाते हैं। ग्रामीण मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के प्रति संशय मे रह रहे हैं। यह मात्र भ्रांति है कि जमीन हड़पने के लिए सरकार यह योजना चला रही है। सत्य यह है कि सरकार कृषि कार्य को बढ़ावा देने के लिए यह योजना चला रही ।
मेले में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आयुष्मान भारत ,सुकन्या समृद्धि योजना, एक रूपये में महिलाओं के लिए जमीन का रजिस्ट्रेशन आदि से संबंधित पर्चा भी दिया गया।

मंगलवार, 18 जून 2019

शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक



रांची। झारखंड में पिछले साढ़े चार साल में स्कूली शिक्षा व साक्षरता के क्षेत्र मे उल्लेखनीय काम हुए हैं। इसी का नतीजा है कि भारत सरकार द्वारा काफी प्रशंसा की गयी है। पहले की तुलना में झारखंड में प्राथमिक से लेकर हाई स्कूल तक शिक्षा व्यवस्था में सुधार हुए हैं। राज्य में अब तक 31 हजार शिक्षकों की सीधी बहाली हो चुकी है। इसके अतिरिक्त अभी और शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया चल रही है। शिक्षकों की बहाली बढ़ने से रिजल्ट में सुधार तो हुआ ही है, ड्रॉप आउट दर में भी काफी कमी आयी है। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने झारखंड मंत्रालय में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कहीं।

स्थानीय भाषा के शिक्षकों की भी नियुक्ति करें
मुख्यमंत्री ने नयी बहाली में भी जिलावार नियुक्ति के अनुरूप आवेदन आमंत्रित कर जल्द परीक्षा कराने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि नियमों का सरलीकरण कर स्थानीय भाषा के शिक्षकों की भी नियुक्ति करें। आदिवासी बहुल जिलों में शिक्षकों की सबसे ज्यादा कमी है। पहले उन जिलों पर फोकस करें। जहां अभी शिक्षक नहीं है, वहां घंटी आधारित शिक्षक बहाल करें। संथाल परगना, कोल्हान, पलामू, लातेहार, गढ़वा जैसे जिलों पर विशेष फोकस करने की जरूरत है।

राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए मुख्यमंत्री ने एक लक्ष्य निर्धारित कर काम करने का निर्देश देते हुए कहा कि स्कूलों में बेंच-डेस्क, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचा दी गयी हैं। अब हर स्कूल में पानी पहुंचाने का काम तेजी से करना है। इसके लिए सीएसआर या 14वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने राज्य में शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए दूसरे राज्यों से एक्सपर्ट बुलाकर मास्टर ट्रेनर तैयार करने का सुझाव दिया। राज्य से पलायन रोकने के लिए स्कूल पास छात्र-छात्राओं को वोकेशनल प्रशिक्षण दें। जेसीइआरटी के तहत ऐसे सिलेबस डिजाइन करने को कहा जिससे लोगों में देशभक्ति और राज्यभक्ति की भावना मजबूत हो। हमारे महान लोगों के जीवन, उनके द्वारा दिये गये बलिदान आदि के बारे में पढ़ाया जाये। रिजल्ट में सुधार पर स्कूलों, प्राचार्य और प्रखंड विकास पदाधिकारी की दक्षता मापी जाये। जो स्कूल अच्छा कर रहे हैं, उन्हें राज्यस्तर पर पुरस्कृत किया जायेगा। जो लगातार खराब प्रदर्शन कर रहे हैं, उनपर कार्रवाई की जायेगी। स्कूलों की यूनिफार्म के लिए कुछ जिलों ने स्वयं सहायता समूह को जोड़ा है। जिन जिले में स्वयं सहायता समूह को नहीं जोड़ा गया है, उन्हें जोड़ने का निर्देश जारी करें। स्थानीय महिलाओं को प्रशिक्षण देकर इससे जोड़ें। स्कूलों में स्वच्छता रखने पर उन्होंने कहा कि प्राचार्यो को इसमें हर माह छोटी सी राशि देकर साफ-सफाई करनी चाहिए। वे चाहें, तो स्कूल का माहौल बदल सकता है।

आकांक्षा योजना की सराहना की
बैठक में बताया गया कि  केंद्रीय मानव संसाधन विभाग द्वारा राज्य मे चल रही आकांक्षा योजना की सराहना की गयी है। इसमें सरकारी स्कूल के बच्चों को मेडिकल और इंजीनियरिंग की कोचिंग दी जा रही। इसके तहत अब तक 47 बच्चों का चयन किया जा चुका है। राज्य में प्राथमिक से हाई स्कूल में नामांकन में काफी सुधार हुआ है। 2010-11 में जहां प्राथमिक स्कूलों में 75.5 प्रतिशत ट्रांजिशन दर थी, वहा 2017-18 में 94.8 प्रतिशत हो गयी। इसी प्रकार प्राथमिक से सेकेंडरी में 2010-11 में ट्रांजिशन दर 77.92 प्रतिशत थी, वह 2017-18 में 89.5 प्रतिशत हो गयी है। सेकेंडरी से हायर सेकेंडरी में ट्रांजिशन दर 45.35 प्रतिशत से बढ़ कर 2017-18 में 80.11 प्रतिशत हो गयी है। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि जिन जिलों में ट्रांजिशन दर कम है, उन पर विशेष ध्यान दें। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य की 1828 पंचायतों में ड्रापआउट दर शून्य हो गयी है। इनमें 17366 स्कूल हैं। अगले साल 500 और पंचायतों को शून्य ड्रॉप आउट का लक्ष्य रखा गया है। शून्य ड्रॉप आउट पंचायतों के मुखिया व स्कूल के प्राचार्यों को मुख्यमंत्री ने अपनी ओर से प्रशंसा पत्र भेजने को कहा। राज्य में इ-विद्या-वाहिनी, मिड डे मिल आदि में भी अच्छा काम करने पर अधिकारियों को बधाई दी।

उच्च शिक्षा को पीपीपी मोड पर चलाने का निर्देश
बैठक में उच्च शिक्षा को पीपीपी मोड पर चलाने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े संस्थानों के साथ करार करें। संस्थान ही शिक्षण संस्था चलायें। हमारे राज्य के बच्चों को इसमें प्राथमिकता दी जाये। सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी। स्कूल डेवलेपमेंट पर जोर देते हुए श्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य से पलायन रोकने व रोजगार मुहैया कराने में यह सबसे कारगर है। स्कील डेवलेपमेंट के माध्यम से राज्य मे अब तक 71902 प्रशिक्षित लोगों में से 48672 लोगों को रोजगार से जोड़ा जा चुका है। हाल ही में विभिन्न कंपनियों में रोजगार पानेवाले बच्चों से फीडबैक लेने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जो बच्चे काम छोड़ रहे हैं, उनसे कारण जानें। यदि वादे के अनुसार नियोक्ता शर्तें पूरी नहीं कर रहा है, तो उन पर कार्रवाई की जायेगी। जिस काम के लिए, जितनी तनख्वाह में बोलकर रोजगार दिया है, उसमें कोताही करते हैं, तो उनपर कार्रवाई करें।

बैठक में विभाग की मंत्री श्रीमती नीरा यादव, मुख्य सचिव डॉ डी के तिवारी, विकास आयुक्त श्री सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव श्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह, उच्च और तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव श्री राजेश कुमार श्री उमा शंकर सिंह, निदेशक, सर्व शिक्षा अभियान तथा संबंधित निदेशक और अन्य अधिकारी उपस्थित थे

सीएम के प्रधान सचिव ने की जन संवाद की साप्ताहिक समीक्षा

भुगतान में विलंब हुआ तो नपेंगे अफसरः डा. सुनील वर्णवाल


रांची। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील वर्णवाल ने मंगलवार को जन संवाद की साप्ताहिक समीक्षा के दौरान पेंशन, मुआवजा, मानदेय, मजदूरी, बीमा राशि और सरकारी योजनाओं के तहत भुगतान में विलंब की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए कहा कि भुगतान को कागजी प्रक्रियाओं और आवंटन के नाम पर लंबे वक्त तक रोकने वालों या लापरवाही या उदासीनता दिखाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

पीड़ितों को ससमय मिले मुआवजा
डॉ वर्णवाल ने पलामू जिले में अवकृष्ट वनों की पुनर्वास योजना के तहत वर्ष 2012-13 में काम करने वाले बनवारी उरांव की मजदूरी के 72 हजार रुपयों का अब तक भुगतान न किये जाने की शिकायत पर पलामू के नोडल पदाधिकारी विनय कुमार दास को तत्काल नोडल पदाधिकारी के पद से हटाने और शो-कॉज जारी कर प्रपत्र ‘क’ गठित करने का निर्देश दिया। इसी तरह गोड्डा जिले में सड़क दुर्घटना में मृत आभास कुमार यादव के परिजनों को मुआवजे का भुगतान न किये जाने पर गोड्डा के नोडल पदाधिकारी नियाज अहमद को भी शो-कॉज जारी करने का निदेश दिया गया। डॉ वर्णवाल ने पीड़ित परिवार को एक हफ्ते में मुआवजे का भुगतान सुनिश्चित कराने का आदेश दिया।

देवघर जिले के शंकर पंडित के मकान में 25 मार्च 2017 की रात आग लगने और लाखों की चल-अचल सम्पति जल कर राख होने पर मुआवजा का भुगतान में विलम्ब पर लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारी को चिन्हित कर कार्रवाई करने एवं एक सप्ताह में देय मुआवजे का भुगतान सुनिश्चित करने का निदेश दिया।

जंगली हाथियों द्वारा फसल नष्ट करने के एवज में तत्काल मुआवजा मिले
डॉ वर्णवाल ने गिरिडीह, बगोदर प्रखण्ड के तुकतुको ग्राम निवासी सरयू प्रसाद, दुलार चंद महतो, जागेश्वर महतो और तालेश्वर महतो की फसल नवंबर 2018 में जंगली हाथियों ने नष्ट होने पर पीड़ित किसानों को गिरिडीह एवं हजारीबाग के नोडल अधिकारियों को निदेश दिया कि एक सप्ताह के भीतर भुगतान सुनिश्चित करें।

एक अन्य मामले में देवघर के पशु चिकित्सालय में गर्भाधान कार्यकर्ता के पद पर कार्यरत प्रवीण कुमार मण्डल एवं अन्य 430 कर्मियों को अप्रैल 2017 से मानदेय भुगतान के लिए नोडल अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर भुगतान करने का निदेश दिया।

जेबीवीएनएल के अधिकारी के खिलाफ शो-कॉज
 डॉ वर्णवाल ने चतरा के रणबीर प्रताप सिंह एवं अन्य 117 लोगों ने माइनॉरिटी रूरल फ्रेन्चाईजी कंपनी के माध्यम से बिजली विभाग, चतरा में लाईन मैन के रुप में 2014 के सितबंर माह से 2016 के अप्रैल तक कुल 18 माह कार्य करने के उपरान्त कंपनी द्वारा दैनिक मजदूरी का भुगतान नहीं करने पर ‘सीधी बात कार्यक्रम से पहले भुगतान नहीं किए जाने पर अधिकारी के खिलाफ शो-कॉज जारी करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के तहत पीड़ित को जल्द मिले सहायता राशि
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने हृदय रोग से ग्रसित चतरा की 8 वर्षीय तन्वी कुमारी के परिजनों को मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के तहत सहायता राशि के लिए एक सप्ताह के भीतर आवंटन उपलब्ध कराने का आदेश दिया। इस मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने डॉ वर्णवाल स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर आवंटन उपलब्ध कराने का आदेश दिया।

पारिवारिक पेशन का लाभ अविलंब मिले
योजना सह वित्त विभाग, रांची में चालक के पद से सेवानिवृत्त सुकरा उरांव की मृत्यु मार्च 2011 में होने के बाद अब तक इनकी आश्रित पत्नी को पारिवारिक पेंशन का लाभ नहीं मिलने, पेंशन से जुड़ी पूर्वी-सिंहभूम जिले के ग्रामीण विकास विभाग के चौकीदार के पद पर कार्यरत जगदीश शर्मा की मृत्यु नवंबर 2016 में कार्यकाल के दौरान होने पर उनकी आश्रित पत्नी शकुंतला देवी को पारिवारिक पेंशन के भुगतान के लिए डॉ वर्णवाल ने उक्त विभागों के नोडल अधिकारी को हर हाल में एक सप्ताह में पेंशन शुरू कराने का आदेश दिया।

सरकारी राशि निजी खाते में डालने की जांच के लिए टीम गठित
गिरिडीह जिले के राजधनवार प्रखंड अंतर्गत जताडीह गांव में तालाब जीर्णोद्धार की 15 लाख की योजना की राशि की गलत तरीके से निकासी से जुड़ी शिकायत की जांच के लिए मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने एडीएम की अध्यक्षता में जांच टीम गठित करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजना की राशि निजी खाते में हस्तांतरित कर लिया जाना अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने जांच टीम को एक हफ्ते के अंदर रिपोर्ट देने को कहा है।

विद्यालय में डीप बोरिंग कराने का आदेश
रांची के कांके प्रखंड अंतर्गत गागी स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय में पेयजल की सुविधा न होने की शिकायत पर डॉ वर्णवाल ने रांची के नोडल पदाधिकारी को निर्देश दिया कि एक हफ्ते के अंदर विद्यालय परिसर में डीप बोरिंग करवाकर बच्चों के लिए पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करायें।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सचिवालय के अपर सचिव रमाकांत सिंह, डीजीपी के एआईजी श्री शम्स तबरेज, संयुक्त सचिव श्री मनोहर मरांडी के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

झारखंड कैबिनेट के फैसले


● राज्य स्कीम के तहत संचालित चयनित 6 अति पिछड़े जिलों के विकास के लिए आकांक्षी जिला योजना के तहत मार्गनिर्देशिका में संशोधन की स्वीकृति दी गई.

● झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा एल.पी.ए. संख्या 186/2017 एवं अन्य विभिन्न वादों में पारित न्यायादेश को लागू करने के लिए झारखंड प्रारंभिक विद्यालय शिक्षक नियुक्ति (तृतीय संशोधन) नियमावली-2019 को घटनोत्तर स्वीकृति दी गई.

● झारखंड सरकार के अधीनस्थ अनियमित रूप से नियुक्त एवं कार्यरत कर्मियों की सेवा नियमितीकरण नियमावली, 2015 में संशोधन की स्वीकृति दी गई.

● एस.बी. सिन्हा (से. नि.) आयोग की अनुशंसा एवं सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली द्वारा पारित न्यायादेश के आलोक में राज्य के नवांगीभूत महाविद्यालयों के शिक्षक/ शिक्षकेत्तर कर्मियों के छाया पद सृजन की स्वीकृति दी गई.

● गढ़वा जिला अंतर्गत बाँयी बांकी सिंचाई योजना के पुनरुद्धार एवं मुख्य नहर के लाइनिंग कार्य के लिए कुल 164 करोड़ 81 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई.

● गोड्डा जिला अंतर्गत कजरिया बीयर योजना के पुनरुद्धार एवं नहर का लाइनिंग कार्य के लिए कुल रुपए 34 करोड़ 55 लाख की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई.

● सुरंगी जलाशय योजना के लिए रुपये 49.73 करोड़ के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई.

● ताजना बराज सिंचाई योजना के पुनरुद्धार एवं नहरों के लाइनिंग कार्य के लिए रुपए 49 करोड़ के प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई.

● सिमडेगा जिला अंतर्गत कंसजोर जलाशय योजना के मुख्य नहरों के लाइनिंग सहित पुनरुद्धार कार्य के लिए 58.05 करोड़ मात्र के प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई.

● वक्फ संशोधन अधिनियम 2013 एवं माननीय उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली के सिविल वाद संख्या-14565/2015 में दिनांक 15 दिसंबर 2015 को पारित आदेश के आलोक में त्रिसदस्य वक्फ न्यायाधिकरण का गठन करने की स्वीकृति दी गई.

● "Ease of Doing Bussiness" के तहत औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा तैयार किए गए "बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान" के अनुपालन के लिए कारखाना अधिनियम,1948 के केंद्रीय अधिनियम संख्या-63 में संशोधन के लिए कारखाना (झारखण्ड संशोधन), विधेयक 2019 की स्वीकृति दी गई.

● "माहिस्य" जाति को राज्य के अत्यंत पिछड़े वर्गों की सूची (अनुसूची-I) के क्रमांक-11 पर दर्ज "केवर्त्त" के साथ सम्मिलित करने की स्वीकृति दी गई.

● PVTG ग्रामोत्थान योजना की स्वीकृति दी गई. इस योजना का मुख्य उद्देश्य PVTG बाहुल्य ग्रामों का समेकित विकास करते हुए आदर्श ग्राम के रूप में परिणत करना है.

● नई अंशदाई पेंशन योजना से आच्छादित कर्मियों को सेवानिवृत्ति सह मृत्यु उपादान देने की स्वीकृति दी गई.

● झारखंड पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों में आरक्षण (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों एवं पिछड़े वर्गों के लिए) (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, 2019 की स्वीकृति दी गई.

● सर्वोच्च न्यायालय में दायर सिविल अपील संख्या 13375/2015 झारखंड राज्य एवं अन्य बनाम इलीशियस लकड़ा एवं वगैरह से उदभूत अवमाननावाद संख्या 1276/2018 प्रशांत कुमार दास एवं अन्य बनाम सुखदेव सिंह एवं अन्य तथा अवमाननावाद संख्या 1221/2018 विष्णुदेव प्रसाद बनाम सुखदेव सिंह एवं अन्य में पारित न्यायादेश के अनुसार राज्य कोषागार में एकीकृत बिहार की अवधि में विभिन्न बोर्ड/निगम से प्रतिनियुक्ति पर आए 78 कर्मियों को विभागीय लेखा परीक्षा तथा हिंदी टिप्पन प्रारूपन परीक्षा की बाध्यता को शिथिल करते हुए वेतन संरक्षण के आधार पर निगम में प्रथम नियुक्ति की तिथि से एसीपी और एमएसीपी का लाभ स्वीकृत करने के लिए  घटनोत्तर स्वीकृति दी गई.

अन्यान्य...

● संथाल परगना प्रमंडल में भूमि अविक्रयशील होने के कारण लोगों द्वारा दान पत्र, बदलनामा अथवा अन्य कागजातों के आधार पर भूमि लेकर कच्चा घर बनाकर निवास किया जा रहा है. यद्यपि ऐसी भूमि का हस्तांतरण एसपीटी एक्ट के तहत वैध नहीं है, लोग घर बनाकर शांतिपूर्ण तरीके से बिना किसी विवाद के रह रहे हैं. ऐसे लोगों को प्रधानमंत्री आवास का लाभ दिया जाना आवश्यक है. अतः सम्यक विचारो उपरांत निर्णय लिया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ संथाल परगना क्षेत्र में उन लाभुकों को दिया जा सकता है जिनका भूमि  पर दान पत्र अथवा अन्य कागजात के आधार पर दखल है एवं उस पर ग्राम सभा/वार्ड की कोई आपत्ति नहीं है.

सीएम रघुवर दास ने दी समेकित जल योजना को स्वीकृति

विकास आयुक्त की अध्यक्षता में बनेगी अंतर्विभागीय समिति 

रांची।मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने आज एक अहम् फैसला लेते हुए यह आदेश दिया है कि पूरे राज्य की एक समेकित जल योजना होगी। अलग अलग विभागों की जल संचयन एवं जल सिंचन की योजनाओं के बदले एकीकृत जल योजना पर अंतर्विभागीय समिति के गठन को मुख्यमंत्री ने स्वीकृति दी है. जल योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, जल स्रोतों का नवीकरण, वर्षा जल का सदुपयोग इत्यादि से संबंधित कार्य योजना के लिए सामूहिक रूप से लागू करने के लिए सभी कार्य सुनिश्चित होंगे.

एक क्षेत्र में दोहरी योजना के क्रियान्वयन से बचा जा सकेगा
जल संचयन एवं जल सिंचन के लिए जल संसाधन विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, वन, पर्यावरण जलवायु परिवर्तन विभाग तथा कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के द्वारा अलग-अलग योजनाएं चलाई जाती हैं तथा इनके लिए अलग अलग बजट भी होते हैं. ऐसे में एकीकृत योजना क्रियान्वयन का यह लाभ होगा कि किसी क्षेत्र में दोहरी योजना के क्रियान्वयन से बचा जा सकेगा। साथ ही, जल सिंचन से रहित क्षेत्र में जल संचयन एवं जल सिंचन का कार्य हो सकेगा.

राज्य के विकास आयुक्त इसके अध्यक्ष होंगे
इस अंतर्विभागीय समिति के अध्यक्ष राज्य के विकास आयुक्त होंगे. जल संसाधन विभाग के सचिव इस समिति के सदस्य सचिव होंगे. वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग एवं कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव इस समिति के सदस्य होंगे.

यह राज्य की जल योजना कहलाएगी
जल संचयन एवं जल सिंचन से संबंधित विभागों के बजट को ध्यान में रखते हुए यह समेकित योजना जो राज्य की जल योजना कहलाएगी.

जल योजना एक अभियान के रूप में चलेगा
इस जल योजना का संचालन अभियान के रूप में पूरे राज्य में समयबद्ध संचालित किया जाएगा. इस योजना का प्रचार-प्रसार तथा जागरूकता अभियान व्यापक रूप से चलाया जाएगा. हर 15 दिन में इसकी मोनिटरिंग होगी।

जनसम्पर्क विभाग चलायेगा जागरूकता अभियान
योजना के सफल संचालन के लिए पूरे राज्य में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग तथा अन्य मीडिया के साथ बड़े पैमाने पर जन जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे.

प्रधानमंत्री ने भी किया है जल संचयन का आह्वान्
15 जून 2019 को नई दिल्ली में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रमुख एजेंडा था. नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों से जल संचयन तथा जल सिंचन पर व्यापक रूप से अभियान चलाकर विभिन्न विभागों के कार्यों को एक साथ योजनाबद्ध तरीके से करने का आह्वान् किया था।

जर्जर आवास में रह रहे हैं बंदगांव बीडीओ

विनय मिश्रा

चक्रधरपुर : पश्चिम सिंहभूम जिला के सबसे सुदूर व दुर्गम प्रखंड के रूप में पहचाने जाने वाला प्रखंड बंदगांव की समस्या दूर करने में तत्पर रहने वाले बीडीओ कामेश्वर बेदिया का आवास जर्जर और खस्ताहाल है। हमेशा छत से प्लास्टर टूट टूट कर गिरते रहता है। जिसके फलस्वरूप अपने दैनिक कार्यों को निपटाने में इन्हें परेशान उठानी पड़ती है। जिस अधिकारी का दायित्व हो कि प्रखंड का व्यापक विकास जन समस्याओं का निराकरण लोगों तक स्वयं पहुंच कर उन्हें राहत पहुंचाना, उनके दायित्व में शामिल हो और उस अधिकारी का आवास ही खस्ता हालत रहे तो ये काफी पीड़ा जनक है। श्री बेदिया के योगदान देने के पश्चात से प्रखंड में  वैसे पंचायत जो काफी सुदूर के साथ साथ विकास से वंचित भी रहे थे, इन क्षेत्रों में न सिर्फ विकास कार्य तेज हुए, बल्कि  कोल्हान के डीआइजी कुलदीप द्विवेदी जब बंदगांव प्रखंड पहुंचे, तो लोगों ने बताया कि इस सुदूर क्षेत्र में बीडीओ के सार्थक प्रयास का परिणाम है कि इस प्रखंड के लोग भय मुक्त होने के साथ साथ विकास को भी देखा है ।
डीआइजी कुलदीप द्विवेदी ने बीडीओ के काम की सराहना भी की। वर्तमान समय में अधिकारी के आवास की दयनीय स्थिति की जानकारी ग्रामीण विकास विभाग को भी दे दी गई हैं तथा इस प्रकरण में भवन निर्माण विभाग को भी जानकारी देकर इन आवासों को पुनः निर्माण कराने के लिए ध्यान आकृष्ट कराया गया है।

निरूप प्रधान ने सिखाए दुष्कर्मियों से बचाव के गुर



रांची / चक्रधरपुर / दुष्कर्म जैसे कुकर्म से कैसे बचा जाए यह सिखा रहे हैं युवा समाजसेवी एवं शिक्षाविद् निरुप कु. प्रधान ।
अपने निःशुल्क शिक्षण स्थान श्यामरायडीह में श्री निरुप ने आसपास के पांच गांव के बच्चों को बुलाकर दुष्कर्म जैसे अपराध की घटना से कैसे बचा जाए, यह सिखाया। साथ ही यह भी बताया कि तो उन्हें क्या करना है, इसकी भी जानकारी उन्होंने दी। उन्होंने बताया कि यह सामाजिक क्षेत्र में बहुत बड़ा कदम है। समाज में शिक्षा की ज्योति वह जला ही रहे हैं, पर आए दिन समाज में ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जिससे बच्चे जागरुक ना होने के कारण इससे अपना बचाव नहीं कर पाते। यह श्री निरुप का एक सराहनीय कदम है ताकि बच्चे इससे जागरूक हो और अपनी सुरक्षा स्वयं कर पाएं।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...