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सोमवार, 24 जून 2019

खेलगांव में जुटे प्रधानमंत्री सम्मान निधि से लाभान्वित किसान

मुख्यमंत्री ने किया किसानों को संबोधित
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कुछ खास बातें....
★अन्नदाता हुए सम्मानित, राज्य के किसानों को मिला प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ

★राज्य के 5 लाख किसानों को PM किसान सम्मान योजना के द्वितीय चरण व प्रथम चरण की 2-2 हजार की राशि DBT के माध्यम से उपलब्ध कराई गई।

★झारखण्ड के 35 लाख किसानों को PM किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य

★किसानों के बीच हुआ खाद और बीज का वितरण, राज्य के 12 लाख किसानों ने योजना का लाभ लेने हेतु दर्ज कराया अपना नाम
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और किसानों की समृद्धि में खर्च होंगे 5 हजार करोड़-

राज्य के किसानों को जुलाई माह में मिलेगा मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का लाभ-

झारखण्ड के किसान क्षमतावान, कृषि विकास दर को -4% से किया 14% किया
---मुख्यमंत्री, रघुवर दास



रांची। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 2 हजार रुपये की सम्मान राशि आपके खाते में भेज दी गई है...प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी, भारत सरकार. अपने मोबाइल में यह संदेश पाकर कांके के जीरा देवी, राजेन्द्र मुंडा और रामदास बेदिया, मंगल उरांव, मालती देवी, हसीमुद्दीन आदि मुख्यमंत्री रघुवर दास को संदेश दिखाकर बड़े उत्साहित नज़र आये। ऐसे करीब 5 लाख किसान आज खुश हैं.... उन्हें इस बात का सुकून है कि अब मॉनसून के आने पर कृषि कार्य हेतु जरूरी संसाधन जुटाने में यह राशि सहायक होगी। यह मौका था खेलगांव में आयोजित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना समारोह का, जहां इसके तहत् राज्य के करीब 5 लाख किसानों को DBT के माध्यम से राशि दी गई.......।
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की समृद्धि के लिए खर्च होंगे 5 हजार करोड़
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किसानों को 2-3 माह में 5000 करोड़ रुपये दिये जायेंगे। ये सारी राशि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में जायेगी और इसे मजबूत करेगी। किसानों का जीवन भी समृद्धिशाली होगा। आपके चेहरे पर मुस्कान लाना और आपकी आय को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर केंद्र और राज्य सरकार कार्य कर रही है।

जुलाई में मिलेगा राज्य सरकार की योजना का लाभ
मुख्यमंत्री ने उपस्थित किसानों को बताया कि जिस तरह केंद्र सरकार द्वारा आप सभी को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिया गया। उस प्रकार जुलाई माह में झारखण्ड सरकार किसानों को मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का लाभ देगी। योजना के तहत 1 से पांच एकड़ भूमि वाले किसानों को न्यूनतम 5 हजार और अधिकतम 25 हजार का लाभ मिलेगा। इस तरह केंद्र और राज्य सरकार की योजना को सम्मलित करें तो एक किसान को न्यूनतम 11 हजार और अधिकतम 31 हजार रुपये कृषि कार्य हेतु मिलेंगे।

किसान के पक्ष में सरकार ने निर्णय लिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों का लैंड रिकॉर्ड नहीं होने की वजह से किसान योजना का लाभ लेने से वंचित हो रहे थे। केंद्र में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की सरकार से आग्रह किया गया। केंद्र में मोदी जी के नेतृत्व में नयी सरकार के शपथ लेने के बाद सबसे पहली कैबिनेट में ही झारखंड के हित को देखते हुए नियमों में संशोधन किया गया। जिसके बाद वंशावली के आधार पर भी किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा। वहीं केंद्र सरकार ने भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के दायरे में देश के सभी वर्ग के किसानों को शामिल किया है। केंद्र सरकार ने पहले 2 हेक्टेयर तक की भूमि के किसानों को योजना का लाभ देने का निर्णय लिया था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अब हर किसान को इस योजना के दायरे में शामिल कर लिया।

आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए तत्पर है सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती अगर आधुनिक तरीके से की जाए तो उत्पादकता क्षमता में वृद्धि होती है। आधुनिक खेती की जानकारी देने हेतु सरकार ने वैश्विक कृषि सम्मेलन का आयोजन किया। राज्य के किसानों को इजराइल भेजा, ताकि किसान यह जान सकें कि विपरीत परिस्थितियों में इजराइल के किसान किस प्रकार खेती के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। झारखंड के महिला और पुरुष किसानों को इजराइल जाकर वहां की आधुनिक तकनीक से अवगत हुए और उस तकनीक का उपयोग अब झारखंड में भी किया जा रहा है। राज्य सरकार हर वर्ष किसानों को इजरायल फिलिपींस या फिर खेती के क्षेत्र में बेहतर कर रहे देश भेजने की योजना पर कार्य कर रही है।

जल प्रबंधन खेती के लिए जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद पानी संचयन की दिशा में कार्य हुए। डोभा निर्माण, तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया। बरसात का पानी किसान भाई कैसे रोकें इस पर विचार होना चाहिए। इसे जन आंदोलन बनाने की जरूरत है। इस कार्य में सभी अपनी भागीदारी और साझेदारी सुनिश्चित करें।

सुखाड़ प्रभावित किसानों को जल्द मिलेगी राशि--कृषि मंत्री
मंत्री, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग रणधीर सिंह में कहा कि राज्य के सुखाड़ प्रभावित किसानों को जल्द राशि प्रदान की जाएगी। राज्य में खेती को बढ़ावा देने हेतु सरकार प्रयासरत है। राज्य खेती के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना राज्य के किसानों का तकदीर बदलने में सहायक होगा।

राज्य सरकार का प्रण 2022 तक किसानों की आय दोगुना से भी अधिक करना है--मुख्य सचिव
इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ डी के तिवारी ने कहा कि किसानों का सर्वांगीण विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में से एक है. मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास के नेतृत्व में राज्य सरकार ने यह प्रण लिया है कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना से भी अधिक करने के लिए कृषि के साथ साथ पशुपालन से किसानों को जोड़ा गया है. कृषि उपकरण खरीदने में राज्य सरकार 80% का अनुदान दे रही है. खाद और बीज खरीदने में भी 50% का सब्सिडी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि साल में फसल दो बार हो, कृषि विभाग प्रतिबद्ध है। जल संचयन के लिए एकीकृत जल योजना बनाई गई है. ड्रिप इरिगेशन सिंचाई को बढ़ावा दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि झारखंड के किसान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सपनों को पूरा करें इसके लिए सरकार समर्पित होकर कार्य कर रही है.

राज्य के सभी जिलों में किसान सम्मान समारोह का आयोजन--कृषि सचिव
कृषि सचिव श्रीमती पूजा सिंघल ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य के वैसे 5 लाख किसान जिनका डेटाबेस एंट्री हो चुका था उन्हें आज योजना के प्रथम या द्वितीय किस्त की राशि मिल रही है. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों में आज किसान सम्मान समारोह का आयोजन किया गया है. उन्होंने कहा कि इस किसान सम्मान समारोह में किसानों को खाद और बीज का वितरण भी किया जा रहा है.

राज्य एवं केंद्र सरकार का बेहतरीन समन्वय बना
इस अवसर पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सीईओ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना भारत सरकार श्री विवेक अग्रवाल भी उपस्थित रहे. उन्होंने कहा कि झारखंड के 35 लाख किसानों को पीएम किसान योजना का लाभ देना है. राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार ने आपसी समन्वय बनाकर किसानों के हित में बहुत ही सकारात्मक प्रयास किया है. उन्होंने कहा कि आगे भी राज्य एवं केंद्र सरकार के साझा प्रयास से किसानों के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य किए जाएंगे.

इस अवसर पर मंत्री, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग श्री रणधीर सिंह, कांके विधायक डॉ जीतू चरण राम, खिजरी विधायक श्री रामकुमार पाहन, मांडर विधायक श्रीमती गंगोत्री कुजूर, मुख्य सचिव डॉ डी के तिवारी, सचिव कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग श्रीमती पूजा सिंघल, संयुक्त सचिव कृषि श्री मंजूनाथ भजंत्री, कृषि निदेशक श्री रमेश घोलप, उपायुक्त रांची श्री राय महिमापत रे, वरीय आरक्षी अधीक्षक श्री अनीश गुप्ता और विभिन्न जिलों से आये सैकड़ों की संख्या महिला और पुरुष किसान उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने आइएमए को दिया चिकित्सकों की सुरक्षा का भरोसा


सभी जिलों में अस्पतालों, चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध हिंसक घटनाओं को रोकने व दोषियों पर कार्रवाई के लिए एक डीएसपी होंगे अधिकृतः डीके तिवारी


रांची। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, झारखंड इकाई की मांग पर मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी ने राज्य के सभी 24 जिलों में अस्पतालों, चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध हिंसक घटनाओं को रोकने व दोषियों पर कार्रवाई के लिए एक डीएसपी को अधिकृत करने का निर्देश गृह विभाग को दिया है। जिले के एसपी किसी डीएसपी को बतौर नोडल पदाधिकारी अधिकृत करने के साथ उनका मोबाइल नंबर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, झारखंड इकाई को उपलब्ध कराएंगे। डॉक्टर अथवा कोई चिकित्साकर्मी किसी भी आपात स्थिति में उस नंबर पर कॉल कर त्वरित सहायता प्राप्त कर सकेंगे। मुख्य सचिव झारखंड मंत्रालय स्थित अपने सभा कक्ष में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, झारखंड इकाई के प्रतिनिधियों के साथ डॉक्टरों से जुड़े विभिन्न मसले पर वार्ता कर रहे थे।

मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने का होगा प्रयास
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, झारखंड इकाई द्वारा मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने की मांग पर मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार इस मसले को अंजाम तक पहुंचाने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और क्लीनिकों के प्रबंधन को भी अपना व्यवहार नियंत्रित करने की जरूरत है। उन्होंने डॉक्टर और मरीज के बीच सद्भावना और अपनेपन के रिश्ते पर जोर देते हुए कहा कि इससे तनावपूर्ण स्थिति से बचा जा सकता है। गौरतलब है कि देश के 19 राज्यों में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट अलग-अलग नामों से लागू है तथा डॉक्टरों से दुर्व्यवहार करनेवालों को तीन वर्ष की सजा के साथ जुर्माना का प्रावधान है।

क्लिनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट बनेगा व्यवहारिक
मुख्य सचिव ने राज्य में क्लिनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट को व्यवहारिक बनाने की मांग पर सहमति जताते हुए मेडिकल एसोसिएशन से प्रस्ताव देने को कहा। रिंची हास्पिटल के घायल डॉक्टर को सरकारी सहायता देने की मांग पर स्पष्ट किया गया कि ऐसा कोई सरकारी प्रावधान नहीं है, लेकिन मानवता के नाते सरकार से इस पर बात की जाएगी। साथ ही कहा गया कि रिंची हास्पिटल मामले के अनुसंधान में जो भी दोषी होगा, उसपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं भ्रूण परीक्षण में आरोपी महिला चिकित्सक के मामले में कहा गया कि मामला न्यायालय के विचाराधीन है।

बायो मेडिकल वेस्ट का जल्द लें लाइसेंस
मुख्य सचिव ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के आलोक में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन को यथाशीघ्र बायो मेडिकल वेस्ट का लाइसेंस लेने को कहा। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन तथा पारदर्शी है। जो भी क्लिनिक संचालक लाइसेंस लेने में देर करेंगे, वे कानूनी दायरे में आ जाएंगे। इसलिए किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए समय रहते नियमों का पालन करें।

स्वतः संज्ञान लेने के लिए मुख्य सचिव का आभार
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने रिंची हास्पिटल में हुई आपराधिक घटना में मुख्य सचिव द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करने का निर्देश देने पर आभार प्रकट किया। एसोसिएशन ने कहा कि इससे उनका आत्मबल बढ़ा है। ऐसी त्वरित कार्रवाई से आगे किसी भी चिकित्सक के साथ दुर्व्यवहार करने से पहले आपराधिक तत्व सौ बार सोचेंगे।

मुख्य सचिव के साथ वार्ता में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन झारखंड इकाई के प्रतिनिधियों के अलावा गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह तथा स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी भी शामिल थे।

सीआरपीएफ महानिदेशक से मिले सीएम रघुवर दास



मुख्यमंत्री रघुवर दास से आज झारखंड मंत्रालय में सीआरपीएफ के महानिदेशक राजीव राय भटनागर, एडीजी  कुलदीप सिंह, आईजी (झारखंड)  संजय लाठकर, डीआईजी श्री सुनील जून ने शिष्टाचार मुलाकात की.

स्वच्छ शौचालय प्रतियोगिता में झारखण्ड पूरे देश में अव्वल



पूरे देश में जिला स्तरीय प्रतियोगिता में गिरिडीह प्रथम स्थान पर; टॉप टेन में झारखण्ड के 05 जिला
★मुख्यमंत्री ने दी बधाई- श्रेय झारखण्ड की जनता और टीम झारखण्ड को


रांची। स्वच्छ, सुंदर शौचालय प्रतियोगिता में झारखण्ड पूरे देश में अव्वल रहा है। यही नहीं देश भर में जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भी राज्य के गिरिडीह जिला को प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। पूर्वी सिंहभूम को चौथा, सरायकेला खरसावां को छठा, कोडरमा को सातवां और लोहरदग्गा को नौवां स्थान प्राप्त हुआ है। 

झारखण्ड की ओर से नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय मंत्री जल शक्ति श्री गजेंद्र सिंह शेखावत से पेय जल और स्वच्छता सचिव श्रीमती आराधना पटनायक ने सम्मान ग्रहण किया। 

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने पेय जल विभाग को बधाई दी और कहा कि झारखण्ड की जनता और टीम झारखण्ड को इसका श्रेय जाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र को पूर्णत: स्वच्छ बनाने के लिए हम कृतसंकल्पित हैं। सफलता से हमें और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।

भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के पेय जल और स्वच्छता विभाग द्वारा राज्य, जिला और व्यक्तिगत तौर स्वच्छ, सुंदर शौचालय प्रतियोगिता 1 से 31 जनवरी 2019 तक पूरे देश में आयोजित की गई थी, जिसमें 1.34 करोड़ प्रतिभागियों ने भाग लिया था।

आज प्रतियोगिता में विजेता राज्य, जिला और व्यक्तिगत तौर पर विजयी प्रतिभागियों को दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में केंद्रीय मंत्री जल शक्ति श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पुरस्कृत किया।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए एचडीएफसी ऐर्गो अधिकृत






रांची/धनबाद। निजी क्षेत्र की गैर जीवन बीमा कंपनी एचडीएफसी ऐर्गो जेनरल इंश्योरेंस को झारखंड सरकार ने अधिकृत किया है। इसके तहत ऋणी और गैर ऋणी किसानों के लिए राज्य के छह जिलों में खरीफ-2019 के लिए फसल बीमा देने के लिए प्राधिकृत किया गया है। यह योजना सूखा, बाढ़, भू-स्खलन, ओला वृष्टि, तूफान आदि से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए बनाई गई है। अधिसूचित क्षेत्रों में उपज में हुए नुकसान के आकलन के लिए राज्य सरकार जल्द ही सीसीई करेगी। सीसीई पर यह स्कीम बुआई के पहले और कटाई के बाद के जोखिम सहित फसल चक्र के सभी चरणों के लिए बीमा कवर करेगा। 
हजारीबाग, गोड्डा, खूंटी, पाकुड़, पलामू और रांची जिले के किसान धान और मकई फसल के एवज में बीमा करा सकेंगे। इसके लिए अपने संबंधित बैंक के साझा सेवा केंद्र या एचडीएफसी ऐर्गो के प्राधिकृत एजेंटों से संपर्क कर सकते हैं। इससे संबंधित जानकारी कृषि विभाग के वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। इस संबंध में एचडीएफसी ऐर्गो के अधिकारी ने बताया कि इस स्कीम के तहत 31 जुलाई 2019 तक बीमा कराया जा सकता है। गोड्डा में मकई फसल के लिए 41,612 रुपये प्रति हेक्टेयर बीमा राशि, प्रिमियम 832 रुपये, धान के लिए 55121 रुपये बीमा राशि, प्रिमियम 1102 रुपये निर्धारित है। हजारीबाग में मकई फसल के लिए 31209 रु. प्रति हेक्टेयर बीमा राशि, प्रिमियम 624 रुपये, धान के लिए 46988 रु बीमा राशि, प्रिमियम 940 रुपये, खूंटी में मकई के लिए बीमा राशि 48021 रुपये, प्रिमियम 960 रुपये, धान के लिए 63709 रुपये बीमा राशि, प्रिमियम 1274 रुपये, पाकुड़ में मकई के लिए 49412 रु. बीमा राशि, प्रिमियम 988 रुपये, धान के लिए 60160 रुपये बीमा राशि, प्रिमियम 1203 रुपये, पलामू में मकई के लिए बीमा राशि 44753 रुपये, प्रिमियम 895 रुपये, धान के लिए 49585 रुपये बीमा राशि, प्रिमियम 1192 रुपये, रांची में मकई के लिए 47618 रुपये बीमा राशि, प्रिमियम 952 रुपये, धान के लिए 54890 रुपये बीमा राशि, प्रिमियम 1098 रुपये निर्धारित किया गया है।

एक जिला, दो वर्ष, एक डीसी और पांच पुलिस अधीक्षकों का रिकार्ड




चाईबासा। पश्चिम सिंहभूम चाईबासा के उपायुक्त आरवा राजकमल ने दो वर्षों के कार्यकाल में पांच एसपी के साथ कार्य करने का अनुभव प्राप्त कर लिया। सभी पुलिस अधीक्षकों का कार्यकाल संक्षिप्त ही रहा। 18 जून 2017 को जब वे देवघर से स्थानांतरित होकर चाईबासा के उपायुक्त के रूप में पदभार ग्रहण किया तो उस समय अनीश गुप्ता पुलिस अधीक्षक थे। श्री गुप्ता का तबादला 22 जून 2018 को हजारीबाग के एसपी के रूप में हो गया। उनके बाद 5 फरवरी 2018 के कन्हैया मयूर पटेल एसपी के रूप में पदस्थापित किये गए। श्री पटेल का तबादला होने  के पश्चात कांति कुमार नए पुलिस अधीक्षक बनाये गए। कुछ ही समय बाद उनका भी तबादला हो गया और उनकी जगह चंदन कुमार झा पश्चिम सिंहभूम अर्थात चाईबासा के नये पुलिस अधीक्षक बनाये गए। श्री झा ने 23 नवंबर 2018 को पदभार ग्रहण किया। 19  जून को श्री झा का विशेष शाखा में तबादला हो गया और उनकी जगह पलामू के एस पी इंद्रजीत महथा ने पदभार संभाला। श्री महथा इससे पूर्व पड़ोसी जिला तथा सिंहभूम संसदीय क्षेत्र खरसावां जिला के दो बार एस पी रह चुके हैं। इस प्रकार वे उपायुक्त राजकमल आरवा के दो वर्षों के कार्यकाल में पांचवें पुलिस अधीक्षक बने और डीसी आरवा राजकमल ने एक जिले में पांच पुलिस अधीक्षकों के साथ काम करने का रिकार्ड बनाया।

निर्मला कॉवेंट में इंटर हाउस स्पीच कॉंपिटिशन



रांची। निर्मला कॉन्वेंट हाई स्कूल, मोराबादी में इंटर हाउस स्पीच कॉम्पिटिशन का आयोजन किया गया । इस कॉम्पिटिशन में सभी वर्ग के बच्चों ने विभिन्न हाउस के तरफ से भाग लिया । बच्चों को स्पीच के लिए वैकल्पिक टॉपिक दिए गए थे - व्यक्ति के जीवन में रक्तदान / योगा का महत्व । बच्चों ने उत्सुकता के साथ दिए गए टॉपिक पर स्पीच दिए । मौके पर विद्यालय के प्रिंसिपल श्री विजय कुमार शर्मा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति के अंदर कितना ज्ञान सम्माहित है यह बड़ी बात नहीं है परन्तु वह निहित ज्ञान को प्रखरता के साथ प्रस्तुत कर पाता है या नहीं यह महत्व रखता है । वहीं वाइस प्रिंसिपल श्री विमलेश कुमार अवस्थी ने कहा कि स्पीच कॉम्पिटिशन करवाने का उद्देश्य यह है कि बच्चों के अंदर वाचन कौशल की कुशलता को विकसित किया जा सके ताकि बच्चे अपनी बातों को किसी के सामने रखने में घबराएं नहीं । उक्त मौके पर देखा गया कि लगभग सभी बच्चों को स्पीकिंग स्किल में दक्षता प्राप्त है। सभी उक्त विंदू पर कई महत्वपूर्ण तथ्यों को भी रखा जिसका अंदाज काफी सराहनीय था । इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक सहित स्टूडेंट्स उपस्थित थे ।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...