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सोमवार, 5 अगस्त 2019

कोयला लदी मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बची


चक्रधरपुर ।रेलवे ट्रेन पायलट की तत्परता से बड़ी घटना होते होते बची चक्रधरपुर के  रेलवे स्टेशन में लाइन नंबर दो पर मालगाड़ी का एक बोगी क्षतिग्रस्त होकर झुका होने के कारण घंटों खड़ी रही यह माल गाड़ी  उड़ीसा के पारादीप से छत्तीसगढ़ के करोडलीमल जा रही थी। बताया जाता है की पारादीप से कोयला का चूर्ण लादा हुआ मालगाड़ी चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर लाइन दो पर आकर खड़ी हुई ।गाड़ी को डोंगा पोशी से चक्रधरपुर लेकर आए चालक अपनी ड्यूटी समाप्ति के बाद लाल किला के चालक दीपक कुमार को आगे के गंतव्य  के लिए गाड़ी सौंपी। इस दरम्यान ड्राइवर की नजर मालगाड़ी के इंजन से नवे बोगी पर पड़ी जिसकी बॉडी झुकी हुई नजर आई उन्होंने इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को दी एवं ट्रेन ड्राइवर ने ट्रेन आगे ले जाने से इनकार कर दिया। स्टेशन मास्टर ने सूचना मिलते ही फौरन केरेज एवं वेगन के कर्मचारियों को भेजा मौके पर कर्मचारियों ने मालगाड़ी के डिब्बे की जांच की जांच के दरमियान उन्होंने बोगी को क्षतिग्रस्त एवं झुका हुआ पाया जिससे आगे ट्रेन चलने पर ओ एच ई का पुल क्षतिग्रस्त हो सकता था या फिर ट्रेन पलट सकती थी। केरेज एवं वैगन डिपार्टमेंट के कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त एवं झुकी हुई बोगी  संख्या 720 792/14848 को इंजन से नवे नंबर बोगी को काटकर अलग कर दिया गया। इस दरमियान घंटों माल गाड़ी लाइन  नंबर दो पर खड़ी रही।

सावन के तीसरे सोमवार को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़



विनय मिश्रा

चक्रधरपुर। सावन माह के तीसरे सोमवार को महादेव शाल में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी चक्रधरपुर से 40 किलोमीटर दूर अवस्थित शिव मंदिर में सैकड़ों कांवरियो ने जलाभिषेक किया चक्रधरपुर से महादेव शाल के बीच जगह जगह पे श्रद्धालुओ के लिए कई स्थलो पर जल सेवा, जलपान व फलो की व्यवस्था की गई थी इसके अलावा ऐसे श्रद्धालुओ जो कांवर लेकर जा रहे थे उनकी सुधि ली गई तथा आवश्यकता अनुरूप उन्हें सुविधा उपलब्ध कराई गई । विभिन्न संगठनों के द्वारा यहाँ मानव सेवा और  जन सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला मंदिर परिसर में मेला संचालन समिति के द्वारा सफाई और सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है वहीं चक्रधरपुर महिला थाना प्रभारी यू तिर्की पूरी मुस्तैदी के साथ श्रद्धालुओ की सुधि लेती दिखी इसके अलावा सामाजिक कार्यकर्त्ता राकेश मोदक ने भी श्रद्धालु के बीच अल्पाहार वितरित किया तथा जिन कांवरियो को चलने में कठिनाई हो रही थी उनको उपचार भी उपलब्ध कराया।इस प्रकार से गोईलकेरा स्थित महादेव शाल में कांवरियों व श्रद्धालुओं ने महादेव का जलाभिषेक किया और हर हर महादेव के नारे से पुरा क्षेत्र गुंजायन रहा।

मित्रता हो ऐसी निरूप जैसी


विनय मिश्र

चक्रधरपुर। किसी ने सच ही कहा है दोस्त और दोस्ती की परिभाषा गढ़ना आसान नहीं। यकीन ना हो तो ये तस्वीर देख लीजिए। तस्वीर फ्रेंडशिप डे के शाम की है। दोस्तों की एक टोली रेस्टोरेंट में मस्ती कर रहे हैं। ये मस्ती और प्यार भरा उमंग कुछ खास है। खास इसलिए है क्योंकि शिक्षाविद निरूप प्रधान गरीब बच्चों के साथ फ्रेंडशिप डे मना रहे हैं। उनके साथ हंसी ठिठोली अपनापन और प्यार बांट रहे हैं। जहां बैठकर खाना इनके लिए महज एक ख्वाब था, उस ख्वाब को हकीकत बनाकर निरूप अपने हाथों से उन्हें रेस्टोरेंट का खाना खिला रहे हैं। गरीब बच्चों ने निरूप के साथ मिलकर जमकर मस्ती की है। निरूप इन बच्चों को अपने दोस्त की तरह प्यार देते हैं। इससे पहले निरूप ने इन बच्चों को कपड़े आदि चीजें भी खरीद कर दी है। दोस्ती छोटा बड़ा अमीर गरीब नहीं बल्कि हर दीवार को तोड़कर प्यार के अहसास के लिए हाथ बढ़ाने का भी नाम है, जिसे निरूप ने साबित किया है।

मदर्स इंटरनेशनल स्कूल में इस स्कीट प्रतियोगिता आयोजित


खेल-कूद से बच्चों का होता है सर्वांगीण विकास: डॉ.रोमी झा

रांची। पढ़ाई के साथ खेलकूद भी जरूरी है इससे बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है। छात्रों के लिए बौद्धिक और शारीरिक विकास, दोनों आवश्यक है। इसमें खेलकूद प्रतियोगिताएं काफी सहायक होती हैं। उक्त बातें मदर्स इंटरनेशनल स्कूल, जाहेर (ब्रांम्बे) की प्राचार्य और प्रख्यात शिक्षाविद डॉ. रोमी झा ने कही। डॉ. झा सोमवार को विद्यालय में आयोजित स्किट प्रतियोगिता में सफल प्रतिभागियों व स्कूल के छात्रों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताओं में शामिल होने से बच्चों का बौद्धिक और शारीरिक विकास होता है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास की भी वृद्धि होती है। इंटर हाउस स्किट प्रतियोगिता में कक्षा 8 के ध्रुव भारद्वाज और नितिन कुमार, कक्षा 10 के हिमांशु और रोबिन तथा कक्षा नवम के शान सिंह और सुमित उरांव को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। सभी छात्र स्कूल के सुभाष चंद्र बोस हाउस के छात्र हैं। प्राचार्य डॉ.झा ने विजयी छात्रों को पुरस्कृत किया और उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं में शामिल होकर आगे चलकर अपने विद्यालय, राज्य व देश का नाम रोशन करें। उन्होंने इंटर हाउस स्किट प्रतियोगिता के आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षक चंदन कुमार ज्योत्सना झा, मिस क्लारा, व मिस पन्ना सहित सभी शिक्षकों को बधाई दी,साथ ही छात्रों के उज्जवल भविष्य की शुभकामना की। विजयी छात्रों को स्कूल की ओर से पुरस्कृत किया गया । इस अवसर पर काफी संख्या में छात्र और स्कूल के शिक्षक गण उपस्थित थे।

रविवार, 4 अगस्त 2019

झारखंड प्रदेश वीरांगना का चुनाव संपन्न


मीरा शाहदेव पुनः अध्यक्ष और  भारती सिंह महासचिव चुनी गयी
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ज्योति सिंह रांची महानगर अध्यक्ष और जूही सिंह महासचिव


रांची। अंतर्राष्ट्रीय क्षत्रिय वीरांगना फ़ाउण्डेशन (पंजी.) की झारखंड प्रदेश इकाई का निर्वाचन रांची के रातु रोड स्थित विशालाक्षी हाॉल में सम्पन्न हुआ। इसमें मुख्य अतिथि के रूप मे मंजू सिंह उपस्थित थींl संगठन के संस्थापक सह मुख्य संरक्षक डा एम एस सिंह 'मानस' और निर्वाचन पदाधिकारी रेणु सिंह(बाबु वीर कुंअर सिंह  की परपोती) ने संगठन संविधान के अनुसार निर्वाचन की आवश्यक प्रक्रियाओं को पूर्ण करने के उपरांत सभी पदों पर निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा कीl  झारखंड प्रदेश वीरांगना की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी समिति की सूची इस प्रकार है :-
वरीय संरक्षक मंडल :
1- रानी अरुणिमा सिंहदेव सरायकेला।
2- मंजु सिंह, पाकुडl
3-  सुमित्रा देवी, जमशेदपुरl
4- अमरावती सिंह, रामगढl
5-  सीता सिंह, जमशेदपुरl
6-  रुपा सिंह, कदमा, जमशेदपुरl
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संरक्षक मंडल :-
1- अपराजिता सिंहदेव, खरसावा, राजपरिवारl
2-  आरती सिंह, नामकुम, रांचीl
3-  श्वेता सिंह, धनबादl
4- डा किरण सिंह, सरायकेला l
 5- माया सिंह सिसोदिया, रांचीl
6-  स्वप्निल सिंहदेव, वीरू राजपरिवार, सिमडेगाl 
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प्रदेश अध्यक्ष - मीरा शाहदेव, राँची l
प्रदेश महामंत्री -  भारती सिंह, जमशेदपुर l
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष - माधवी सिंह, झरिया राजपरिवार, धनबादl

प्रदेश उपाध्यक्ष
1-   राजमनी सिंह, आदित्यपुरl
2-  इंदु सिंह, सरायकेलाl
3-  अनिता सिंह, केरेडारी,  हजारीबागl
4-  कंचन सिंह, सिमडेगाl
प्रदेश कोषाध्यक्ष -  नीलम सिंह, सोनारी, जमशेदपुरl
प्रदेश संगठन सचिव
1-  सोनी सिंह, रामगढ़l
2-  सरोज सिंह, जमशेदपुरl
3-  उषा सिंह, सिमडेगाl
जनसम्पर्क सचिव - मीता सिंह विसेन, सिमडेगाl

प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य:-
1- अनामिका शाहदेव, किशोरगंज, रांचीl
2-  संध्या सिंह, डिमना, जमशेदपुरl
3-   सिया सिंह, गढवा l
4- पुजा सिंह, बोकारोl
5-  रेणुका सिंह, हटियाl
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रांची महानगर इकाई:-
1- अध्यक्ष-  ज्योति सिंह, रांची l
2- महासचिव - जूही पंकज सिंह, रांचीl

 रेणु सिंह,निर्वाचन पदाधिकारी - झारखंड प्रदेश वीरांगनाl

सीएम रघुवर दास ने किया अनुज सिन्हा की चार पुस्तकों का लोकार्पण

सब के साझे प्रयास से झारखण्ड को खुशहाल बनाया जा सकता है।

आदिवासियों पर न संकट था और न रहेगा

आड्रे हाउस में राज्य के इतिहास से जुड़े दस्तावेज संग्रहित किये जाएंगे



रांची। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने से हम सब महज कुछ माह दूर हैं। यह मेरा सौभाग्य है कि ऐसे में गांधी जी के झारखण्ड आगमन और राज्य से जुड़ी बातों को समाहित करता पुस्तक “महात्मा गांधी की झारखण्ड यात्रा” को लोगों को समर्पित करने का अवसर मिला। आजादी से पूर्व गांधी जी ने झारखण्ड की कई बार यात्रा की लेकिन इससे संबंधित दस्तावेज हमारे पास नहीं थे। लेकिन इस पुस्तक ने गांधी जी के झारखण्ड आगमन के सभी तथ्यों को प्रमाणिकता के साथ रखा है, जो आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा देता रहेगा। इस पुस्तक के लेखक को बधाई व उनका अभिनन्दन। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने आर्यभट्ट सभागार में प्रभात खबर के कार्यकारी संपादक श्री अनुज कुमार सिन्हा द्वारा लिखित पुस्तक “महात्मा गांधी की झारखण्ड यात्रा”, “असली झारखण्ड”, “झारखण्ड के आदिवासी पहचान का संकट” और “ब्यूरोक्रेट्स और झारखण्ड” नामक पुस्तक का लोकार्पण समारोह में कही।

आदिवासियों पर न संकट था और न रहेगा, इन्हें कोई नहीं मिटा सकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि “आदिवासी पहचान का संकट” नामक पुस्तक अच्छी रचना है। लेकिन मेरा मानना है कि झारखण्ड में कभी भी आदिवासियों पर अपनी पहचान का संकट न था और न रहेगा। झारखण्ड से आदिवासियों को कभी कोई भी मिटा नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की संस्कृति से कुछ विदेशी शक्तियों ने छेड़छाड़ की है लेकिन वो हावी नहीं हो सकी। आजादी के पूर्व से ही विदेशी तत्त्वों के द्वारा आदिवासियों के धर्मांतरण के माध्यम से इनकी पहचान मिटाने के प्रयास होते रहे हैं। महात्मा गांधी ने भी धर्मांतरण पर चिंता जताई थी। विदेशी शक्ति इस कार्य मे लगी है लेकिन आदिवासी समाज सजग और जागरूक है। झारखण्ड में आदिवासियों की संस्कृति की जड़े इतनी मजबूत हैं कि मिटाना तो दूर, कोई उसे कोई हिला भी नहीं सकता है।


2022 तक नया भारत और नया झारखण्ड

श्री दास ने कहा कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर स्वच्छ भारत के निर्माण के लिए पूरा देश आंदोलन से जुड़ चुका है। स्वच्छ भारत की ओर हम अग्रसर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी के बताए स्वशासन, सुराज और विकास को आत्मसात कर केंद्र और राज्य सरकार कार्य कर रही है। आज के परिदृश्य में भारतीय राजनीति में परिवर्तन भी आया है। आज विकास सर्वोपरि है। जातिवाद, क्षेत्रवाद और संप्रदाय वाद को लोगों ने नकार दिया है।

2022 तक नया भारत और नया झारखण्ड

मुख्यमन्त्री ने कहा कि प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ 2022 तक नया भारत बनाने का संकल्प लिया है। भ्रष्टाचार और गरीबी मुक्त एक ऐसा भारत जिसमें कोई भी बे-दवा, बे-इलाज, बे-घर, बे-इल्म ना रहे। 2022 तक हम भी न्यू झारखण्ड देश के सामने रखेंगे। नकारात्मकता की राजनीति का अंत कर विकास का संकल्प ही ध्येय है।

खुशहाल झारखण्ड की नींव पड़ चुकी है

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राज्य में स्थिर सरकार है और राज्य के विकास के लिए यह जरूरी भी है। मैं दावा नहीं करता कि चीजों को हमने पूरी तरह बदल दिया लेकिन शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार समेत अन्य क्षेत्रों में बदलाव के पहल हुए हैं। खुशहाल झारखण्ड की नींव पड़ चुकी है। सबके साझे प्रयास से ही हम झारखण्ड को खुशहाल बना सकते हैं। यहां उपस्थित लेखक, चिंतक इस बात पर अपने विचार अपनी लेखनी के माध्यम से जरूर रखें कि झारखण्ड को कैसे सजाया और संवारा जाए।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि कला संस्कृति विभाग आड्रे हाउस में राज्य के इतिहास और सभी तथ्यों से जुड़े सभी अभिलेख और दस्तावेज संग्रहित कर अध्येताओं और पाठकों के लिए रखे जाएंगे।

गांधी को महात्मा बनाने में रांची की भूमिका भी है

राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश ने कहा कि महात्मा गांधी की झारखण्ड से जुड़ी बातों को पुस्तक में समाहित किया गया है। मुझे उम्मीद है कि ये सभी पुस्तकें समाज खासकर युवाओं को प्रेरणा देगा। श्री हरिवंश ने कहा कि सत्य और अहिंसा की तकरीर रांची में तैयार हुई थी। झारखण्ड के टाना भगतों पर रिसर्च होना चाहिए। इसके लिए लोग आगे आये सरकार जरूर आपकी मदद करेगी। श्री हरिवंश ने कहा कि लोगों में लिखने की प्रेरणा हमेशा बनी रहनी चाहिए। किताबें हमें ताकत देती हैं विपरीत परिस्थितियों से जूझने के लिए। ये सभी पुस्तकें लोगों पर अपना साकारात्मक प्रभाव अवश्य छोड़ेगी।

झारखण्ड की धड़कन को शब्दों में पिरोया
पद्यम् श्री अशोक भगत ने कहा कि इन पुस्तकों के माध्यम से आज की पीढ़ी को जानकारी देने का यह सराहनीय प्रयास है। झारखंड को नजदीक से देखते हुए शब्दों का रूप दिया गया है। गांधीजी के झारखंड आगमन का संकलन काफी अच्छा है। आदिवासी संस्कृति प्रेरणा केंद्र को इस पुस्तक में उजागर किया गया है। लोग इस पुस्तक को जरूर पढ़ें ताकि झारखंड को ठीक से समझा जा सके। नए लेखक भी इस दिशा में आगे आएं।

यह सोचना होगा हम आनेवाली पीढ़ी को क्या देकर जाएंगे

पुस्तकों के लेखक श्री अनुज कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य के लोगों को दस्तावेज और जानकारी इन पुस्तकों से मिलेगी। हमारा उद्देश्य है कि राज्य के लोग खुश और समृद्ध रहें। इन पुस्तकों के माध्यम से सरकार को नीतियां, प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहें युवाओं के लिए ये पुस्तकें सहायक होंगी। श्री सिन्हा ने कहा कि हम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने वाले हैं। ऐसे समय में “महात्मा गांधी की झारखण्ड यात्रा” का अपना महत्व है। पुस्तक के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया गया है कि झारखण्ड में गांधी आगमन कब कब हुआ और उनकी जीवन यात्रा की में झारखण्ड की भागीदारी का उल्लेख किया गया है। हमारा प्रयास होगा आनेवाले समय में हम और अच्छी पुस्तके लिखने की कोशिश करेंगे।

इस मौके पर प्रभात खबर के प्रधान संपादक श्री आशुतोष चतुर्वेदी, प्रबंध निदेशक श्री के के गोयनका,  व प्रभात प्रकाशन के डॉ पीयूष कुमार ने भी अपने विचारों को रखा।

मुख्यमंत्री ने पुस्तकों का लोकार्पण कर उसकी पहली प्रति लेखक के 83 वर्षीय पिता श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिन्हा को समर्पित कर उनका सम्मान किया।

इस अवसर पर राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश, कांके विधायक डॉ जीतू चरण राम, पद्यम् श्री अशोक भगत, पद्यम् श्री बलबीर दत्त, जस्टिस श्री विक्रमादित्य, प्रभात खबर के प्रधान संपादक श्री आशुतोष चतुर्वेदी, प्रभात खबर के एमडी श्री के के गोयनका, प्रभात खबर के कार्यकारी संपादक श्री अनुज कुमार सिन्हा, प्रभात प्रकाशन के डॉ पीयूष कुमार, रांची यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ रमेश पांडे व अन्य गणमान्य लोग कार्यक्रम में उपस्थित थे।

राज ठाकरे को घेरने की तैयारी में भाजपा




देवेंद्र गौतम
राज ठाकरे केंद्र सरकार की आंख की किरकिरी बनते जा रहे हैं। उन्होंने ईवीएम विरोधी आंदोलन के लिए विपक्षी दलों को कजुट करना शुरू कर दिया है। सी क्रम में वे प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी मिल चुके हैं। विपक्षी दलों का मानना है कि मोदी सरकार ईवीएम पर सवार होकर सत्ता में वापस लौटी है। लोकसभा चुनाव के बाद जहां-जहां भी बैलेट पेपर से निकाय चुनाव हुए भाजपा औंधे मुंह गिरी। इससे ईवीएम में गड़बड़ी का संदेह और पुष्ट हुआ। लेकिन मोदी सरकार विरोध को बिल्कुल सहन नहीं करती। इसलिए अब उसके रडार पर राज ठाकरे हैं। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे की पार्टी लोकसभा चुनाव में शामिल नहीं हुई थी, लेकिन राज ठाकरे ने पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ लगातार रैलियां आयोजित कर आग उगली थी। शिवसेना और भाजपा पर वे लगातार हमलावर रहे हैं। चुनाव में भाजपा की प्रचंड बहुत के साथ वापसी के बाद उन्होंने चुनाव आयोग को खुली चेतावनी दी थी कि वे ईवीएम से महाराष्ट्र का चुनाव नहीं होने देंगे।
चुनाव कराना है तो बैलेट पेपर से कराए। इसके बाद वे भाजपा विरोधी ताकतों को वे एकजुट करने में लगे हुए हैं। भाजपा को इस बात का अहसास है कि महाराष्ट्र में मनसे की सत्ता की राजनीति में भले विशेष पकड़ नहीं हो लेकिन वह एक बड़ी राजनीतिक शक्ति है। उसके पास संगठन है और उसके समर्थक सड़कों पर उतर आए तो उनपर काबू पाना कठिन है। पूरे तंत्र पर हावी हो चुकी भाजपा इतना विरोध, इतना दुःसाहस कैसे सहन करती। लिहाजा राज ठाकरे की नकेल कसने के लिए ईडी को हरी झंडी दे दी। ईडी ने दादरी स्थित कोहिनूर मिल न.3 की खरीदारी मामले में राज ठाकरे को घेरने की तैयारी कर ली है। कोहिनूर मिल्स के चीफ फाइनेंस ऑफिसर से पूछताछ की जा चुकी है। अब जल्द ही राज ठाकरे से पूछताछ की जा सकती है। उन्हें इसके लिए समन जारी किया जा सकता है।
 सरकार का मानना है कि वे ईडी के चक्कर में फंसे रहेंगे तो विधानसभा चुनाव के दौरान ज्यादा विरोध नहीं कर पाएंगे और चुनाव को प्रभावित करने की उनकी कोशिशें धीमी पड़ जाएंगी। ईडी की जांच शुरू होने पर उनकी छवि भी प्रभावित होगी और समर्थकों के बीच उनकी पकड़ भी कमजोर हो जाएगी। मोदी-शाह की जोड़ी विरोध में उठे सर को कुचल डालने में परहेज़ नहीं करती। सरकार सत्ताबल के जरिए किसी को परेशान कर सकती है। भले बाद में वह बेदाग साबित हो जाए। लेकिन राज ठाकरे ज़मीन के नेता हैं। उनपर हाथ डालने से महाराष्ट्र में अशांति भी फैल सकती है।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...