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रविवार, 11 अगस्त 2019

संदीप पांडेय की नजरबंदी से तत्काल रिहाई की मांग



नई दिल्ली।  भाकपा माले ने सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पांडेय और एनएपीएम की सचिव अरुंधति धुरु की आज लखनऊ में हुई नजरबंदी की कड़ी भर्त्सना करते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है. वे आज शाम लखनऊ में होने वाले कश्मीर एकता कार्यक्रम में भाग लेने वाले थे. उन्हें उनके घर में भारी पुलिस घेराबंदी के बीच नजरबन्द कर लिया है और किसी को अंदर से बाहर या बाहर से भीतर नहीं आने जाने दिया जा रहा. यह उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा खुद ही कानून को हाथ में लेने की गैर क़ानूनी कार्यवाही है.

वहां होने वाले कश्मीर एकता कार्यक्रम के आयोजकों में एक मो. शोएब पर इस कार्यक्रम को न करने के लिए कथित रूप से दवाब डाला जा रहा है. लोकतंत्र की आवाज़ों पर इस तरह के हमले देश के अन्य राज्यों में भी हो रहे हैं.

मोदी-शाह की सरकार लोकतान्त्रिक विरोधों को दबाने की कार्यवाहियां कर नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों और देश के लोकतान्त्रिक ताने बाने पर हमला कर रही है. केंद्र व उत्तर प्रदेश की योगी सरकार इस तरह की दमनात्मक कार्यवाहियां बंद करे और संदीप पांडेय एवं अरुंधति धुरु को गैरक़ानूनी नजरबंदी से तत्काल रिहा करे, तथा बिना किसी बाधा के कश्मीर के साथ एकजुटता के लिए आयोजित कार्यक्रम को होने दे जोकि प्रत्येक नागरिक का लोकतान्त्रिक  अधिकार है.

- केंद्रीय कमिटी
भाकपा माले
सुखदेव प्रसाद भाकपा माले झारखंड राज्य कार्यालय सचिव द्वारा प्रेषित

कलाकृति स्कूल ऑफ़ आर्ट्स में “स्वतंत्रता पर्व” का शुभारम्भ



बच्चों की बनायीं 150 पेंटिंग्स भी प्रदर्शित


कलाकृति स्कूल ऑफ़ आर्ट्स डोरंडा एवं हटिया केंद्र और कलाकृति आर्ट फाउंडेशन के तत्वावधान में दिनांक 11 अगस्त 2019 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दो दिवसीय “स्वतंत्रता पर्व 2019” के अंतर्गत विभिन्न संस्स्कृतिक कार्यक्रमों एवं देश भक्ति चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया | सांस्कृतिक कार्यक्रम में आज नृत्य, संगीत, फैंसी ड्रेस एवं स्पीड पेंटिंग की प्रस्तुति दी गयी | इस उपलक्ष पर 350 बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था | इस अवसर पर संस्था के बाल चित्रकारों के द्वारा बनाई गयी 150 चित्रों की प्रदर्शनी लगायी गयी है | कार्यक्रम में हर्षिता एवं अर्चना, यशिता, आराध्या, अभिरुचि, कुशाग्र, हरीश, लावेश, मुकुंथन ने देश भक्ति गीत पर नृत्य पेश किया | फैंसी ड्रेस में विवान ने देश के वीर सिपाही के रूप में बलिदान की गाथा सुनाई, इशान एवं हरीश ने सुभाष चन्द्र बोस, मुकुंथन ने झाँसी की रानी बन कर सब का मन मोह लिया | आयेशा ने फिल्म केशरी से तेरी मिटटी, आर्यन सोनार, श्रेया, अनुश्री, आकांक्षा ने देश भक्ति गीत की प्रस्तुति दी | वहीँ त्रिविक्रम ने हरमुनियम एवं आकांक्षा ने कीबोर्ड, परियल ने गिटार के साथ देश भक्ति संगीत प्रस्तुत किया | संस्था के द्वारा विजिएताओं को पुरस्कृत भी किया गया |

इस अवसर पर संस्था निदेशक एवं कला शिक्षक धनंजय कुमार ने छात्रों को एकता और शान्ति के साथ रहने का सन्देश दिया | कल 12 अगस्त को सीनियर छात्रों के लिए चित्रकार धनंजय कुमार के मार्गदर्शन में देश भक्ति विषय पर वाटर कलर चित्रकला कार्यशाला का आयोजन किया गया है जिसमे 25 सीनियर छात्र छात्राएं भाग लेंगे |

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था की उपनिदेशिका श्रीमती रजनी कुमारी के अलावा छात्रों जिसमे आयेशा, आरती, कोमल, शिखा, शीतल, हर्षिता, हर्ष, विकाश, अनिकेत, ऋचा, सुरुचि, श्वेता ,प्रिया एवं सभी छात्रों का योगदान रहा |
कलाकृति स्कूल ऑफ़ आर्ट्स डोरंडा एवं हटिया में विगत 18 वर्षों से विभिन्न वर्गों के छात्र छात्राओं को चित्रकला की शिक्षा प्रदान करती है | कोई भी इछुक छात्र छात्राएं किसी भी समय संस्था में दाखिला ले सकते हैं | यह जानकारी  कलाकृति स्कूल ऑफ़ आर्ट्स के निदेशक एवं कला शिक्षक धनंजय कुमार ने दी |

श्री केड़िया सभा ने किया दादी जी के मंगल पाठ का आयोजन




रांची। श्री केड़िया सभा रांची "के तत्वावधान में श्री दिगम्बर जैन भवन में "दादी जी के मंगल पाठ "का आयोजन किया गया। कार्यक्रम दिन के 3:00 बजे शुरू हुआ । इस अवसर पर दादी मां का सुंदर दरबार सजाया गया । तत्पश्चात पावन दीप प्रज्वलित कर उन के पावन चरणों में भजनों की गंगा बहाई गई । उपस्थित महिलाओं की ओर से सस्वर मंगल पाठ किया गया।
भजन गायन की शुरुआत गणेश वंदना से की गई। इसके तहत "म्हारा प्यार रे गजानन आईजो......का गायन प्रस्तुत किया गया। इसके बाद दादी मां का मंगल पाठ का भजन , " मंगल पाठ दादी का जो रोज करोगे मेरी दादी की कृपा से मौज करोगे." और "..... दादी जी के सावन उत्सव का भजन सावन का महीना पवन करे शोर दादी म्हारी झूल रही भक्तां की हाथ मे डोर... फिर दादी मां का सिंधारा का भजन " दादी जी का लाड़ मिलके सारा करस्यां चालो चालो दादी का सिंधारा करस्यां....."
इसी तरह अत्यंत मधुर भजनों से भक्तों ने दादी मां के प्रति अपने प्रेम और श्रद्धा का अर्पण किया । भजनों के समापन के बाद महाआरती की गई। दादी मां को फलों के अलावा विभिन्न तरह की मिठाइयों का भोग लगाया गया और भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया । केडिया परिवार के अलावा अन्य भक्तों ने भी इस कार्यक्रम में अपना मत्वपूर्ण योगदान दिया और दादी मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके लिये श्री केडिया सभा रांची अपने समस्त केडिया बंधुओं का एवं दादी माँ के भक्तों के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह जानकारी मीडिया प्रभारी मधु केडिया ने दी।

चक्रधरपुर नगर परिषद की बैठक


चक्रधरपुर। चक्रधरपुर नगर परिषद में बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक उपाध्यक्ष आनंद कसेरा के उपस्थिति में सम्पन्न हुई जिसमें कार्यपालक पदाधिकारी महेंन्द्र राम व वार्ड पार्षद गण भी उपस्थित थे। कार्यपालक पदाधिकारी महेंन्द्र राम के  योगदान देने के पश्चात नगर परिषद में विकास गति को तेज करने के उद्देश्य से बोर्ड की बैठक बुलाई गई थी जिसमें वार्ड पार्षदों ने भी उपस्थित होकर अपनी बात रखी लगभग 3 घंटे तक चली ये बैठक काफी कारगर रही वहीं नगर परिषद अध्यक्ष के डी साह ने वाट्स्प ग्रुप में बोर्ड की बैठक को स्थगित करने की बात कहते हुए बैठक में शामिल नहीं हुए किन्तु बैठक के लिए उपस्थित हुए लोगों ने इस बैठक का आयोजन करने के साथ साथ विकास कार्यों को गति देने के लिए अपने अपने प्रस्ताव व सुझाव दिए बोर्ड की बैठक सफल रही।

राष्ट्रहित को स्वहित से ऊपर मानती हैं अनुपमा लोचन



महिलाएं अपनी जुनूनी तेवर और काबिलियत से इतिहास रच रही हैं। रसोई से निकलकर चांद को छूने वाली महिलाएं वर्तमान में नए भारत की तस्वीर गढ़ रही हैं। कई महिलाओं ने हमारे देश को खुद पर गर्व करने का अवसर प्रदान किया है। चूल्हे से चांद तक बढ़ रही महिलाएं देश का गौरव बढ़ा रही हैं। समाज सेवा के क्षेत्र में भी कई महिलाएं परचम लहरा रही हैं। ऐसी ही शख्सियतों में शुमार हैं, राजधानी रांची निवासी लोकप्रिय सामाजिक कार्यकर्ता अनुपमा लोचन। श्रीमती अनुपमा मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण एक प्रतिभावान व संवेदनशील महिला हैं। वह मानवता की जीवंत प्रतिमूर्ति हैं। वह राष्ट्रहित और समाज हित को स्वहित से ऊपर मानती हैं। अनुपमा की प्रारंभिक शिक्षा पटना में हुई। वहां उनके पिता बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग में सेवारत थे। अनुपमा ने पटना स्थित संत जोसेफ स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा पास की। जेडी वूमेंस कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। तत्पश्चात मगध महिला कॉलेज से एम ए की डिग्री ली। समाजसेवा का जज्बा और जुनून उनके अंदर बचपन से ही रहा है। सामाजिक कार्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता देखते ही बनती है। समाजसेवा की प्रेरणा उन्हें अपने माता पिता से मिली। वह वर्ष 1992 में वैवाहिक बंधन में बंधी। उनके पति  राजीव लोचन भी बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्ति हैं। वे  राजधानी रांची स्थित सीएमपीडीआई में शीर्ष अधिकारी हैं। सामाजिक कार्यों के प्रति अनुपमा की अभिरुचि देखते हुए उनके पति राजीव लोचन ने भी उनका साथ देना शुरू किया। हर कदम पर अनुपमा को प्रोत्साहित करते रहे।  वह शहर की विभिन्न सामाजिक संगठनों से भी जुड़ी हैं। वर्तमान में अनुपमा लायंस क्लब ऑफ रांची ईस्ट की वाइस प्रेसिडेंट है। उनका मानना है कि महिलाएं न सिर्फ किचन में मसालों के बैलेंस करना जानती है, बल्कि जिंदगी को बैलेंस करना भी बखूबी जानती है। अब तक यही माना जाता रहा है कि महिलाओं की जगह सिर्फ किचन में होती है और उनका काम सिर्फ भोजन पकाना व घर बच्चों को संभालना है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से देश की महिलाओं ने इस अवधारणा को तोड़ने में सफलता पाई है। महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। अनुपमा मानव विकास मंत्रालय द्वारा जारी एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताती हैं कि देश के करीब एक तिहाई सरकारी स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालयों की सुविधा नहीं है, इस कारण बड़ी संख्या में लड़कियां स्कूल छोड़ देती हैं, वहीं दूसरी तरफ 22 लाख से भी ज्यादा लड़कियों की शादी कम उम्र में हो कर दी जाती है, जिस वजह से लड़कियों का स्कूल छूटना स्वाभाविक है। वह कहती है कि लड़कियों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। वह समाज में महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार देने की पक्षधर हैं। उनका मानना है कि समाज में व्याप्त कुरीतियां सामाजिक विकास में बाधक हैं। इन कुरीतियों और कुप्रथाओं को दूर करने की दिशा में सरकारी व गैर सरकारी स्तर पर सामुहिक प्रयास किया जाना आवश्यक है। समाज में नई सोच और नई जागृति लाने की आवश्यकता है। वह कहती हैं कि ग्रामीण स्तर पर भी महिलाओं को सशक्त बनाने की जरूरत है। ग्रामीण विकास के बिना सर्वांगीण विकास की बातें बेमानी है। अनुपमा अपने घर-परिवार और बच्चों की देखभाल बखूबी करते हुए अपने वर्कफ्रंट के उत्तरदायित्व को भी बेहतर तरीके से संचालित कर रही हैं। सामाजिक कार्यों के प्रति अपने दायित्वों का भी बखूबी निर्वहन कर रही हैं। वह समाज सेवा को सर्वोपरि मानती हैं। अनुपमा गृहिणियों, कामकाजी महिलाओं, युवतियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। समाज सेवा उनकी दिनचर्या में शुमार है। सामाजिक कार्यों के प्रति उनकी लगन और निष्ठा अनुकरणीय है।
वह कहती हैं कि महिलाओं को सिर्फ रसोई तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि चौखट से बाहर निकल कर अपने अधिकार और दायित्वों के प्रति भी सजग रहने की आवश्यकता है। यह वर्तमान समय की मांग भी है। इससे हमारा देश व समाज सशक्त होगा।

झारखंड महिला सियासत का जनसंपर्क अभियान जारी


महिलाओं के उत्थान के बिना विकास संभव नहीं : उर्मिला यादव


रांची। झारखंड महिला सियासत के बैनर तले चल रहे जनसंपर्क अभियान के तहत रविवार को हटिया विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मुहल्लों में जाकर सामाजिक कार्यकर्ता और वार्ड 41 के पार्षद उर्मिला यादव ने मतदाताओं से समर्थन मांगे। श्रीमती यादव को लोगों ने आगामी विधानसभा चुनाव में समर्थन देने का आश्वासन दिया। श्रीमती यादव मतदाताओं से एक वोट के आश्वासन के साथ आर्थिक सहयोग के रूप में स्नेह स्वरूप एक रुपए का सिक्का भी आशीर्वाद के रूप में प्राप्त कर रही हैं। इस संबंध में श्रीमती यादव ने बताया कि देश के वर्तमान हालात के मद्देनजर महिलाओं को भी राजनीति में सहभागिता बढ़ाने की आवश्यकता है। यह वर्तमान समय की मांग भी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त किए बिना विकास संभव नहीं है। देश, राज्य और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए महिलाओं को राजनीति में आना जरूरी है। महिलाओं को अब तक समुचित अधिकार नहीं दिया गया। विभिन्न राजनीतिक दल भी महिलाओं को संविधान सम्मत अधिकार देने में कोताही बरतते रहे हैं। इसलिए सामाजिक परिवर्तन और देश के सर्वांगीण विकास के लिए महिलाओं को राजनीति का दामन थामना जरूरी हो गया है। उन्होंने बताया कि झारखंड महिला सियासत के बैनर तले संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में आगामी विधानसभा चुनाव में झारखंड की सभी 81 सीटों पर महिला प्रत्याशी उतारने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। महिलाएं झारखंड की राजनीति में इस बार एक नया इतिहास रचने की तैयारी में हैं। राजनीति के क्षेत्र में यह अभिनव प्रयोग झारखंड से शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क अभियान से काफी महिलाएं जुड़ रही हैं। जनसंपर्क अभियान में समाजसेवी नीलू सिंह, प्रभा कुमारी सहित काफी संख्या में महिला सियासत की सदस्य शामिल थीं।

मदर्स इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों ने किया किसानों को धनरोपनी में सहयोग


* कृषकों की समस्याओं से रू-ब-रू कराना उद्देश्य : डॉ.रोमी झा


रांची। ब्राम्बे के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र जाहेर गांव में शिक्षा का अलख जगा रहा मदर्स इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों ने गांव के किसानों को धनरोपनी में सहयोग किया। किसानों के खेतों में जाकर धान रोपने की विधि सहित कृषकों की अन्य समस्याओं से भी छात्र रू-ब-रू हुए। छात्रों ने अनाज उत्पादन में किसानों की सहभागिता, उनकी मेहनत और इस दौरान होने वाली परेशानियों के बारे में भी जाना। इस संबंध में विद्यालय की प्राचार्या डॉ.रोमी झा ने बताया कि किसानों के खेतों में जाकर धनरोपनी में उन्हें सहयोग करने का मुख्य उद्देश्य छात्रों को यह जताना था कि किसान कितनी मेहनत और मशक्कत के बाद अनाज का उत्पादन करते हैं। उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी समस्याओं का सामना करते हुए खेती-किसानी करनी पड़ती है। उनकी आजीविका का एकमात्र साधन कृषि ही होता है। वह भी मॉनसून पर आधारित। डॉ. झा ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं।अनाज उत्पादन के दौरान उन्हें कई तरह की  परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कभी समय पर बीज नहीं मिल पाता, तो कभी नकली बीज से परेशान रहते हैं,  कभी समय पर वर्षा नहीं होने के कारण फसल मारी जाती है। इन सब परेशानियों के बीच किसान जूझते रहते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को किसानों के खेतों में ले जाकर उनकी समस्याओं से अवगत कराने का मुख्य उद्देश्य किसानों की मेहनत से छात्रों को प्रेरणा लेना है। ताकि छात्रों को यह पता चल सके कि जो अनाज हमारे घर तक आता है और जो अनाज हम खाते हैं, उसके उत्पादन के लिए किसानों को किन-किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, उन्हें कितनी मशक्कत करनी पड़ती है। स्कूली छात्रों  को कीचड़ भरे अपने खेतों में देखना, धनरोपनी में सहयोग करना किसानों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ था। वहीं दूसरी तरफ किसानों को धान रोपने में सहयोग कर छात्र आह्लादित हो रहे थे। प्राचार्य डॉ रोमी झा ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को किसानों की मेहनत मशक्कत से अवगत कराना था। इस अवसर पर काफी संख्या में छात्र व शिक्षकगण मौजूद थे।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...