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शुक्रवार, 20 सितंबर 2019

कार्यपालक अभियंता ने टेली कांफ्रेंसिंग से की सीधी बात


विनय मिश्रा
चाईबासा। मुख्यमंत्री के  प्रधान सचिव-सह- सचिव सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग,झारखण्ड, रांची के निदेशानुसार  कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल चाईबासा  प्रभु दयाल मंडल के द्वारा (टेली काॅन्फ्रेसिंग) सीधी बात कार्यक्रम में भाग लिया गया। जिसकी विवरणी निम्नवत् है:-

1.संजीव कुमार,प्रखंड-आन्दपुर।                     
प्रश्न - आनंदपुर प्रखंड अंतर्गत बुरुचिला गांव में 3 चापाकल खराब है इसे यथाशीघ्र मरम्मत कराने का अनुरोध किया गया।

उत्तर - कनीय अभियंता को दूरभाष के माध्यम से यथाशीघ्र समस्या का समाधान करने हेतु निर्देशित किया गया।

2. हरीश तामसोय, प्रखंड-मंझारी ।
प्रश्न - मंझारी प्रखंड के जांगीबुरू में सोकपीट निर्माण कार्य आधा अधूरा कर छोड़ दिया गया है।

उत्तर - समस्या के निराकरण हेतु जिला पंचायत राज पदाधिकारी को समस्या से अवगत कराई  जाएगी।

3. मनसुख गोप, प्रखंड- गोइलकेरा ।

प्रश्न - गोइलकेरा प्रखंड अंतर्गत केबेटकेरा में 3 चापाकल खराब है जिसकी मरम्मत करवाने का अनुरोध किया गया ।

उत्तर - कनीय अभियंता को दूरभाष के माध्यम से यथाशीघ्र समस्या का समाधान करने हेतु निर्देशित किया गया।

4.दुर्ग चरण महतो, प्रखंड- मनोहरपुर ।

प्रश्न - उधन गांव में 2 चापाकल ऐसे हैं जिसमें बहुत देरी से पानी निकलती है, इसे दुरुस्त की जाए।

उत्तर -  कनीय अभियंता को दूरभाष के माध्यम से यथाशीघ्र समस्या का समाधान करने हेतु निर्देशित किया गया।

5. विशंभर प्रधान, प्रखंड-बंदगांव ।

प्रश्न - प्रखंड कार्यालय में आवेदन करने के उपरांत भी राशन कार्ड नहीं बन रहा है।

उत्तर - जिला आपूर्ति पदाधिकारी के कार्यालय में संपर्क करने का सुझाव दिया गया।

6.इरशाद अली, प्रखंड-सदर।

प्रश्न - बड़ी बाजार चाईबासा के मेन रोड में कई जगह पाइप फटा हुआ है जिससे पाइप का पानी सड़क पर बह रही है।

उत्तर - कनीय अभियंता को जांचोंपरांत मरम्मति करने का निर्देश दिया गया।

7.एस०के० डे, प्रखंड-सदर ।

प्रश्न - गांधी टोला में सप्लाई होने वाला पानी गंदा है जिससे समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

उत्तर - कनीय अभियंता को उक्त जगह में जाकर जांच करने एवं समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया गया।

8. सुजीत महतो,प्रखंड- चक्रधरपुर।

प्रश्न - कृषि आशीर्वाद योजना के तहत 1 एकड़ का पैसा प्राप्त हुआ है परंतु मेरे द्वारा ढाई एकड़ फॉर्म में भरा गया था।

उत्तर - संबंधित विभाग एवं उपायुक्त महोदय के संज्ञान में समस्या को लाने का आश्वासन दिया गया।

9.कमल लाट, प्रखंड - सदर।

प्रश्न- शहर में बहुत जगहों पर  पाइप लीक होने की वजह से पाइप का पानी सड़क में बह रही है इसे यथा शीघ्र मरम्मति करने का अनुरोध किया गया।

उत्तर - लीकेज की मरम्मत करने एवं शहरी जलापूर्ति योजना के तहत नया पाइप बिछाने का आश्वासन दिया गया।

10. किशुन प्रसाद गुप्ता, प्रखंड -  मनोहरपुर ।

प्रश्न - राशन कार्ड में पत्नी का नाम नहीं है जिसे जोड़ने का अनुरोध किया गया।

उत्तर - नाम की इंट्री  हेतु प्रज्ञा केंद्र से ऑनलाइन आवेदन करने एवं जिला आपूर्ति कार्यालय में संपर्क करने का सुझाव दिया गया ।

चाईबासा को जल्द मिलेगी अत्याधुनिक बस स्टैंड की सौगात

 डेढ़ एकड़ जमीन पर बनेगा अत्याधुनिक सुविधा युक्त बस स्टैंड
* नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अभय कुमार झा की सराहनीय पहल
* डीपीआर बनाने का काम शुरू


विनय मिश्रा
चाईबासा। नगर परिषद की ओर से जल्द ही नगर वासियों के लिए अत्याधुनिक सुविधा युक्त बस पड़ाव की सौगात मिलेगी। इस दिशा में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अभय कुमार झा ने पहल की है। इस संबंध में गत दिनों श्री झा ने चाईबासा शहर स्थित सरकारी और निजी बस स्टैंड का निरीक्षण किया और बस ओनर एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद बारीक के अनुरोध पर शहर स्थित बस पड़ाव को ही जीर्णोद्धार कर अत्याधुनिक सुविधा युक्त बनाने का निर्णय लिया। उन्होंने इस संबंध में परामर्शी कंपनी पारा मॉम कंसल्टेंट्स के इंजीनियर से भी संपर्क कर जानकारी प्राप्त की और अत्याधुनिक बस स्टैंड निर्माण संबंधी दिशा निर्देश दिया। श्री झा ने बताया कि फिलवक्त चाईबासा में सरकारी और निजी बस पड़ाव अलग-अलग हैं। उक्त दोनों बस स्टैंड को मिलाकर एक भव्य और अत्याधुनिक सुविधा युक्त बस पड़ाव निर्माण किया जाएगा, ताकि यात्रियों को कोई असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि राजधानी रांची स्थित खादगढ़ा बस स्टैंड की तर्ज पर यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधा युक्त बस स्टैंड का निर्माण चाईबासा में जल्दी होगा। इस दिशा में प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि कि फिलवक्त सरकारी और निजी बस पड़ाव अलग अलग है। उक्त दोनों बस स्टैंड को एक ही जगह बनाया जाएगा। अत्याधुनिक सुविधा युक्त प्रस्तावित बस स्टैंड में महिला-पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय, पेयजल की सुविधा, यात्रियों को ठहरने के लिए गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट, मॉल व अन्य दुकानें भी होंगी। तकरीबन डेढ़ एकड़ भूमि पर बस स्टैंड बनाया जाएगा। इसका डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही इसे नगर विकास विभाग को भेजकर स्वीकृति ली जाएगी। उन्होंने बताया कि सब कुछ ठीक-ठाक रहा, तो वर्ष 2020 में चाईबासा वासियों और कोल्हान प्रमंडल क्षेत्र के यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त बस स्टैंड होगा। श्री झा ने बताया कि कोल्हान प्रमंडल क्षेत्र से प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्रियों का अन्यत्र आवागमन होता है। चाईबासा से बिहार, बंगाल, उड़ीसा व अन्य स्थानों के लिए भी बसें खुलती हैं। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नगर परिषद ने यह निर्णय लिया है।

कर्तव्यनिष्ठा की प्रतिमूर्ति हैं आईपीएस सुधीर कुमार झा



चाईबासा। कर्तव्य परायणता को अपने जीवन में आत्मसात कर जीवन पथ पर अग्रसर होते रहना व्यक्ति की विशिष्टता का परिचायक होता है। कर्तव्यनिष्ठ और ईमानदार अधिकारी जहां भी पदस्थापित रहें, अपनी बेहतरीन कार्यशैली के बलबूते लोकप्रियता हासिल करने में सफल होते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत हैं, वर्ष 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी सुधीर कुमार झा। श्री झा एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। वर्तमान में वह जैप के आईजी पद पर हैं। वह चाईबासा में भी पुलिस अधीक्षक के पद पर रह चुके हैं। कोल्हान प्रमंडल में नक्सल विरोधी गतिविधियों पर काबू पाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। नक्सल विरोधी अभियान में उन्हें महारत हासिल है। पुलिस और जनता के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को वह हमेशा तरजीह देते रहे हैं। जनसमस्याओं के त्वरित निष्पादन हेतु पुलिस हेल्पलाइन की विचारधारा के जनक श्री झा अपनी बेहतरीन कार्यशैली से विभाग का नाम तो रोशन करते ही रहे हैं, जनता के बीच भी उनकी छवि एक ईमानदार पुलिस अधिकारी के रूप में बनी है। एसपी के पद पर रहते हुए भी उन्होंने बखूबी अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। विभागीय कार्यों के निष्पादन की दिशा में भी उन्होंने कई उल्लेखनीय कार्य किए, जो अन्य पुलिस अधिकारियों के लिए अनुकरणीय व  प्रेरणास्रोत भी हैं। झारखंड आर्म्ड पुलिस के आईजी के पद पर आसीन श्री झा पुलिस विभाग की छवि निखारने में भी लगे हैं। उनका मानना है कि पुलिस और जनता के बीच मधुर संबंध होने चाहिए। इससे पुलिस के प्रति जनता का विश्वास बढ़ता है। वह कहते हैं कि अपराध नियंत्रण और नक्सल विरोधी गतिविधियों को समाप्त करने की दिशा में भी ठोस पहल और सकारात्मक प्रयास जरूरी है। यह स्वच्छ और स्वस्थ समाज निर्माण में भी काफी सहायक होता है। अपराध मुक्त समाज से हम सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। इसके लिए जन सहयोग भी जरूरी है। वह ग्रामीण युवाओं का आह्वान करते हुए कहते हैं कि युवा समाज की मुख्यधारा से जुड़े और अपने उज्जवल भविष्य निर्माण के लिए सतत प्रयासरत रहें। पुलिस विभाग जनता को अपराध मुक्त समाज देने के प्रति कृतसंकल्प है। श्री झा कहते हैं कि जिस किसी भी क्षेत्र में रहे, जहां कहीं भी कहीं भी रहें, अपनी कर्तव्य निष्ठा और ईमानदारी को न भूलें, यही जीवन का मूल मंत्र भी है। इसके सहारे व्यक्ति अपने जीवन की सफलता की सीढ़ियां चढ़ता जाता है। स्वस्थ और स्वच्छ समाज के लिए यह आवश्यक भी है। इसलिए हमें सामाजिक नव निर्माण की दिशा में ईमानदार पहल करने की आवश्यकता है।
 प्रस्तुति : विनय मिश्रा

एक्सपो उत्सव की शानदार शुरुआत


पांच दिवसीय मेगा ट्रेड फेयर शुरू
नई पीढ़ी की नेतृत्व क्षमता अद्भुत : कमल नयन चौबे


रांची। इंतजार की घड़ियां खत्म हुईं। जेसीआई रांची के तत्वावधान में उपभोक्ता मेगा ट्रेड  फेयर  एक्सपो उत्सव 2019 का आज रंगारंग शुभारंभ  हो गया।  24 सितम्बर तक रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित यह एक्सपो जेसीआई की 24वी संस्करण है।  इसका उद्घाटन झारखण्ड के पुलिस महानिदेशक  कमल नयन चौबे ने किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह वास्तव में रांची वासियों का त्यौहार है इससे हर वर्ग के लोग लाभान्वित होंगे। यह कंज्यूमर अफेयर मील का पत्थर साबित हुआ है हो रहा है उन्होंने कहा कि जेसीआई की टीम के सदस्यों के की उर्जा उनके जज्बे और जुनून को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि नई पीढ़ी ने अपने नेतृत्व क्षमता क्षमता का सदुपयोग करना शुरू किया है उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली की शुरुआती दौर में एक्सपो 5000 स्क्वायर फीट में लगा करता था वही इसका दायरा बढ़ते हुए अब लगभग 100000 स्क्वायर फीट में यह कंजूमर पर आयोजित हो रहा है श्री चौबे ने कहा कि झारखंड पुलिस की ओर से एक सौ उत्सव के सफल आयोजन में हर संभव सहयोग किया जाएगा। ट्रेड फेयर का उद्घाटन होते ही रांचीवासियो  के लिए खुल गया। एक्सपो 2019 के संयोजक निखिल मोदी ने कहा कि इस बार आकर्षण के केंद्र है ए.सी  जर्मन हेंगर, झारखण्ड टूरिज्म का खास हेंगर लगेगा, पिंक हेंगर खास कर महिला उद्यमी के लिए, मिडनाइट बाजार, हाट बाजार, फ़ूड जोन, बच्चो के लिए एम्यूजमेंट पार्क ।  ट्रेड फेयर में मात्र 10 रू के प्रवेश शुल्क में रांची के कई प्रतिष्ठानों के डिस्काउंट बुकलेट मिलेंगे । शॉपिंग का मज़ा उठाने के लिए एक्सपो उत्सव सुबह 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक खुली रहेगी।
सह संयोजक प्रतीक जैन ने कहा कि यह मेला कुल 2 लाख स्क्वायर फुट में होगा एवं एक्सपो में चप्पे चप्पे पर कैमरे लगे हुए रहेंगे एवं सुरक्षा के लिए 125 से ज्यादा गार्ड तैनात रहेंगे। एक्सपो में मारुती,ऍम.जी, टाटा मोटर्स, हुंडई, नेक्सा, टोयोटा, हीरो, के.टी.एम, हीरो इलेक्ट्रिक, बजाज, हल्दीराम,जिंदल, गोदरेज, एल.जी, विका विंडोज,जल सेनेटरी जैसे कई बड़े ब्रांड के स्टाल में शॉपिंग का लुत्फ़ उठाया जा सकता है।
अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि रांची वासियों के लिए यह एक लोकप्रिय ट्रेड फेयर बन गया है।
एक्सपो में 250 से भी ज्यादा स्टाल लगाए गए हैं। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, जयपुर, जमशेदपुर, धनबाद, रांची के साथ साथ अफगानिस्तान, थाईलैंड से स्टाल लगे हैं।जिसमे इलेक्ट्रॉनिक्स, साज सज्जा, वाहन, फर्नीचर, मोबाइल, कपडे, किचन सामग्री, इत्यादि के सामान एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराए गए हैं।
 इस वर्ष जेसीआई द्वारा प्राइड ऑफ़ राँची  प्रतियोगिता रखी गई है। जिसमे रांची के पुराने व्यवसायियों को सम्मानित किया जाएगा एवं  तम्बोला नाईट का आयोजन 23 सितम्बर को शाम 6 बजे रखा जाएगा, साथ ही हर रोज़ कई प्रतियोगिताएं भी कराई जाएगी। हेल्दी बेबी शो, डांस कम्पटीशन, टॉप शेफ, अंताक्षरी, डॉग शो, फैंसी ड्रेस सहित अन्य कार्यक्रम होंगे।
इस अवसर पर अध्यक्ष जेसी राकेश जैन, सचिव जेसी सौरभ शाह, संयोजक जेसी निखिल मोदी, सह संयोजक जेसी प्रतीक जैन, जेसी दीपक अग्रवाल, जेसी वरुण जालान, जेसी अमित खोवाल, जेसी सिद्धार्थ चौधरी, जेसी सिद्धार्थ जैसवाल, जेसी अविकल मस्कारा, जेसी रवि अग्रवाल, जेसी विक्रम चौधरी, जेसी शुभम बुधिया, जेसी निशांत मोदी, जेसी अभिषेक जालान, जेसी अंकित जालान सहित एक्सपो के स्टालधारक वह काफी संख्या में लोग मौजूद थे।

गुरुवार, 19 सितंबर 2019

टेंपो पर सामान लादा और आदिवासी परिवार को बेघर कर दिया

नया गेट लगाकर बिल्डर का बोर्ड लगाया
70 वर्ष पहले बसाया गया था आदिवासी परिवार
आम आदमी पार्टी के नेता बैठे धरने पर, आंदोलन का एलान



रांची। शहर के सर्कुलर रोड स्थित महिंद्रा कॉलेज कैंपस में सरेआम दिन-दहाड़े गरीब आदिवासी परिवार को ज़बरदस्ती फेकन कंस्ट्रक्शन ने गुंडों द्वारा घर को 70 साल से बसाए गए आदिवासी परिवार का  आज घर का दरवाजा  तोड़ कर , सामान टेम्पो में लाद कर बाहर भेज दिया और उस घर में बिल्डर - फेकन कंस्ट्रक्शन ने नया गेट और ऑफिस का बोर्ड लगा दिया।
सूचना मिलते हीं आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव राजन कुमार सिंह साथियों समेत घटनास्थल पर पहुंचे और फेंकन कंस्ट्रक्शन द्वारा किये गये तोड़ फोड़ और गुंडागर्दी की जानकारी ली। घटनास्थल पर लालपुर थाना के प्रभारी भी मौजूद हैं।
आदिवासी परिवारों के साथ किये जा रहे इस गुंडागर्दी के खिलाफ आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव राजन कुमार सिंह धरने पर बैठे हैं। उन्होंने  दो टुक कहा है कि आदिवासी परिवारों को वापस सामान कर और मुआवजे के साथ वापस घर  लाया जाए अन्यथा वे साथियों, पीड़ित परिवारों और स्थानीय लोगों के साथ सड़क पर हीं सोकर प्रदर्शन करेंगे।

बांस उद्योग है आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यमः रघुवर दास

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दुमका के जामा स्थित वैसा गांव में बैंबू एंड नेचुरल फाइबर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के साथ गामरा और गोड्डा के सुंदरपहाडी यूनिट का उदघाटन किया 
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दुमका। दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है। झारखंड में जो हमारे हस्तशिल्पकार हैं उनके रोम रोम में कला है। आप कलाकारों की इस कला को समय की मांग के अनुरूप थोड़ा और हुनर देकर आपके उत्पादों को विदेशी बाजार में उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य है। इसके लिए उद्योग विभाग लगातार कार्य कर रहा है। विभाग ने संताल परगना की महिलाओं को बांस के उपकरण एवं नवीन तकनीक देकर जो मदद की है। उसके लिए उद्योग विभाग के सभी अधिकारियों, पदाधिकारियों व कर्मियों को धन्यवाद। बांस के उत्पादों की बिक्री कर यहां के लोग अपनी मेहनत से गरीबी रेखा से बाहर निकालने में समर्थ होंगे। उद्योग विभाग ने संताल परगना के लोगों के लिए बांस कारीगरी के अवसर प्रदान कर रही है। इससे यहां के लोगों की आय में वृद्धि करने का मौका मिला है। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने जामा प्रखंड स्थित ईयसएएफ कारखाना भ्रमण के दौरान कारीगरों से कही।

बांस के उत्पाद आर्थिक स्वावलंबन का बन सकता है वाहक

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय को दोगुनी करना हमारी प्राथमिकता है। इससे अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। बांस के उद्योग में कई संभावनाएं हैं। इसलिए हमारी कोशिश यही रहनी चाहिए की बांस के उत्पाद को बढ़ाया जाए। झारखंड में बांस सबसे अधिक मात्रा में उपलब्ध है। आज के दिन इस यूनिट से बांस के कारीगरों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। यह कार्य राज्य में रोजगार के साथ-साथ विकास का एक बेहतर माध्यम है। झारखंड की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए एक बेहतर मौका है। महिलाओं को अब किसी के ऊपर निर्भर रहने की कोई जरूरत नहीं है। वह अपनी आय को बढ़ा सकतीं हैं। बांस कारीगर की संख्या संताल परगना में अधिक है। इसलिए यहां की महिलाओं की आय में वृद्धि लाने का काम किया गया है। कारखाना में बनने वाले बांस के उत्पादों को विदेश में एक्सपोर्ट किया जाता है। यह हमारे लिए गर्व की बात है। झारखंड की महिलाएं सशक्त एवं मेहनती हैं। चाहे वो कृषि के क्षेत्र में हो या पशुपालन उद्योग में हो। अगर कृषि के क्षेत्र में देखें तो बुवाई का भी काम हमारी महिलाएं करती है, और कटाई का भी काम महिलाएं करती है। पशुपालन क्षेत्र में देखें तो महिलाएं ही सारा काम करती है। झारखंड की आदिवासी महिला सिर्फ मुर्गी पालन के लिए नहीं है, बल्कि हर क्षेत्र में आगे हैं। 

मुख्यमंत्री जी...बांस के उत्पादों की बिक्री हमारे लिए आय का स्रोत बना

मुख्यमंत्री ईयसएएफ कारखाना में बन रहे बांस के उत्पादों का अवलोकन किया। वहां कार्यरत बांस कारीगरों से उन्होंने बातचीत की साथ ही उनसे बांस से बन रहे उत्पादों के संबंध में पूछा। बांस कारीगरों ने बताया कि बांस के उत्पादों की बिक्री उनके लिए आय का स्रोत बना है। और नई तकनीक व उपकरणों से कार्य करने में आसानी हो रही है। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि आने वाले दिनों में बांस के उत्पादों का भरपूर उपयोग देश व विदेश में किया जाएगा।

इस मौके पर मंत्री डॉ लुईस मरांडी, सांसद श्री सुनील सोरेन, उद्योग सचिव के रविकुमार, उद्योग निदेशक कृपानंद झा, डीआईजी श्री राजकुमार लकड़ा, उपायुक्त दुमका श्रीमती बी राजेश्वरी, आरक्षी अधीक्षक वाई एस रमेश समेत कई अधिकारी मौजूद थे I 

दुमका में संपन्न हुआ बांस कारीगर मेला,


सीएम रघुवर दास ने कहा-
संथाल परगना के साथ साथ झारखंड के बांस कारीगरों को नई तकनीक से अवगत कराया

झारखंड के हस्तशिल्पकारों की कला अब विदेशों में आएगा नजर

10 बांस कारीगरों को वियतनाम और चीन भेजा जाएगा

सरकार उद्योग स्थापित करने में हर तरह से करेगी मदद
आइए झारखण्ड सरकार आपका स्वागत करती है
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दुमका। झारखंड के बांस से बनी सामग्री पूरी दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाए यही सरकार का प्रयास है। मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में देश ही नहीं विदेशों के बाजार में भी झारखंड के हस्तशिल्पकारों के उत्पाद नजर आएंगे। हुनरमंद युवाओं और महिलाओं के अंदर छिपी कला को निखारना, अत्याधुनिक तकनीक से अवगत करा उनसे बेहतरीन उत्पाद का निर्माण करा उनकी कला को सम्मान व उनका मान बढ़ाना सरकार की मंशा है। इस दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने आउटडोर स्टेडियम दुमका में आयोजित दो दिवसीय बांस कारीगर मेला के समापन समारोह में कही।

दुनिया तकनीक, ज्ञान और विज्ञान के साथ बढ़ रहा है, झारखंड पीछे क्यों रहे

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड संभावनाओं से भरा प्रदेश है। कुटीर उद्योग, लघु, ग्राम उद्योग अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती है। सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुधारने का कार्य कर रही है। पूरी दुनिया तेजी से तकनीक, ज्ञान और विज्ञान के साथ बढ़ रहा है। झारखंड किसी भी परिस्थिति में पीछे नहीं रहे। यहां के भी बांस कारीगर नई-नई तकनीक को जाने तथा उसका उपयोग करें। निश्चित रूप से आने वाले दिनों में झारखंड दुनिया के सामने आर्थिक रुप से सुपर पावर के रूप में जाना जाएगा। राज्य सरकार ने सभी क्षेत्रों में कई कार्य किए हैं। विकास की नई लकीर खींचने का कार्य सरकार ने किया है। हम तेजी से विकास करने में विश्वास रखते हैं। पिछले 14 वर्षों में राजनीतिक अस्थिरता के कारण झारखण्ड विकास के मामले में पीछे रह गया। हमें मिलकर उसकी भरपाई जल्द से जल्द करनी है।

झारखंड में निर्मित बांस के सामग्री की गुणवत्ता पूरे देश में सबसे अच्छी

श्री दास ने कहा कि मुझे यह जानकर खुशी है कि झारखंड में निर्मित बांस के सामग्री की क्वालिटी पूरे देश में सबसे अच्छी है। झारखंड वनों से भरा प्रदेश है। झारखंड के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 33% वन है। यहां के युवाओं , महिलाओं को हुनरमंद बनाकर हम वन से उत्पादित उत्पाद को वैल्यू एडेड कर उनके आय को बढ़ा सकते हैं। सरकार ने बांस कारीगर मेला का आयोजन कर इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ पहुंचाने का कार्य किया है। मेला आयोजन का मुख्य उद्देश्य संथाल परगना के साथ साथ झारखंड के बांस कारीगरों को नई नई तकनीक के बारे में जानकारी उपलब्ध कराना है ताकि वे बेहतर उत्पाद का निर्माण कर सके, जिसकी मांग पूरे विश्व में हो। सरकार लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड के माध्यम से छोटे छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है।

20 करोड़ बांस के पौधे किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे, इंटीग्रेटेड बंबू पार्क की होगी स्थापना

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग तथा उद्योग विभाग द्वारा 20 करोड़ बांस के पौधे किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे। 5 साल का डेवलपमेंट प्लान तैयार किया जा रहा है। संथाल परगना में अंतरराष्ट्रीय स्तरीय इंटीग्रेटेड बंबू पार्क की स्थापना की जाएगी ताकि अंतरराष्ट्रीय मानकों के सामग्री का उत्पादन हो सके। आने वाले दिनों में बांस से निर्मित सामग्रियों के क्षेत्र में हम चीन व वियतनाम की बराबरी कर सकेंगे।

1 महीने के अंदर सरकार द्वारा 10 बांस कारीगरों को वियतनाम और चीन भेजा जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 महीने के अंदर सरकार द्वारा 10 बांस कारीगरों को वियतनाम और चीन भेजा जाएगा ताकि, वे उन्नत तकनीक सीखकर यहां के बांस कारीगरों को भी नए-नए तकनीक से अवगत कराएं। राज्य सरकार कई ऐसे कार्य करने जा रही है, जिससे संथाल परगना के बांस कारीगरों के साथ-साथ पूरे झारखंड के बांस कारीगरों को एक नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने निवेशकों से कहा कि सरकार उद्योग स्थापित करने में हर तरह से सहयोग करेगी। निवेशकों द्वारा लगाए उद्योग में रोजगार पाने वाले झारखंड की महिलाओं और युवाओं को प्रशिक्षण देने का खर्च भी सरकार वहन करेगी। समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना है। एक नई सोच के साथ कार्य करने की जरूरत है। निश्चित रूप से हम झारखंड को एक नई ऊंचाई पर ले जाने में सफल होंगे।

कारीगरों के स्किल को ध्यान में रखकर नवीन तकनीक का निर्माण किया जा रहा है

उद्योग सचिव श्री के रविकुमार ने कहा कि 6 लाख परिवार बांस उद्योग से जुड़े हुए हैं, जिससे बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध हुए हैं। इस क्षेत्र में रोजगार को और बढ़ावा मिल सके इसके लिए तीन CFC का उद्घाटन हमारे माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास के द्वारा किया जाएगा। कारीगरों के स्किल को ध्यान में रखकर न्यू टेक्नोलॉजी का निर्माण किया जा रहा है। आज बांस उद्योग के क्षेत्र में इतना बढ़ावा मिला है कि टाटा स्पंच के द्वारा मेट खरीदा जा रहा है। अगले पांच सालों में बांस की खेती के लिए एक्शन प्लान तैयार किया गया है, ताकि बांस कारीगरों को उनके गांव व घरों में रहकर रोजगार उपलब्ध हो सके।

इस मौके पर मंत्री डॉ लुईस मरांडी, सांसद श्री सुनील सोरेन, उद्योग सचिव श्री के रविकुमार, उद्योग निदेशक कृपानंद झा, उपायुक्त दुमका श्रीमती बी राजेश्वरी, डीआईजी श्री राजकुमार लकड़ा, आरक्षी अधीक्षक वाई एस रमेश समेत कई अधिकारी मौजूद थे I

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...