मारवाड़ी युवा मंच महिला समर्पण शाखा द्वारा दो दिवसीय दिवाली मेला का आयोजन अग्रसेन भवन में किया जा रहा है | यह मेला 15 और 16 अक्टूबर चलेगा | अध्यक्ष मीनू अग्रवाल जी का कहना है दिवाली मेला का मुख्य उद्देश्य है महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाना महिलाओं को एक मंच प्रदान करना | स्वरोजगार के लिए आगे आने के लिए प्रोत्साहित करना | आमदनी के साथ साथ मनोरंजन की भी व्यवस्था करना भी है | सचिव मनीषा पोद्दार जी का कहना है इसके माध्यम से पारिवारिक वातावरण एवं सामाजिक उद्यमियों के कार्य और उनका उत्पादन का प्रचार करना भी है | इसमें रांची, धनबाद, मुंबई, कोलकाता, बोकारो, राजस्थान, गुजरात सहित विभिन्न प्रांत से महिला उद्यमि हिस्सा ले रही है | दिवाली मेला की संयोजिका विनीता बिहानी, सरिता बथवाल, रंजू मालपानी, ऋतू पोद्दार का कहना है इस मेले में 60 स्टाल लगेंगे | जिसकी बुकिंग शुरू हो गई है | यह मेला दिवाली को देखते हुए लगाया जा रहा है | इस मेले में मुख्य रूप से दिवाली में घर सजाने के लिए दीये, तोरण, बांदरवाल, तरह तरह की लाइट्स के साथ डिजाइनर कुर्ती, साड़ी, डिज़ाइनर ज्वेलरी, हेर्बल प्रोडक्ट, ठाकुर जी, गणेश जी लष्मीजी के पोशाक के साथ अन्य जरूरत की सामग्री मिलेगी |
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सोमवार, 23 सितंबर 2019
मायुमं महिला समर्पण का दो दिवसीय दिवाली मेला 15 अक्टूबर से
मारवाड़ी युवा मंच महिला समर्पण शाखा द्वारा दो दिवसीय दिवाली मेला का आयोजन अग्रसेन भवन में किया जा रहा है | यह मेला 15 और 16 अक्टूबर चलेगा | अध्यक्ष मीनू अग्रवाल जी का कहना है दिवाली मेला का मुख्य उद्देश्य है महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाना महिलाओं को एक मंच प्रदान करना | स्वरोजगार के लिए आगे आने के लिए प्रोत्साहित करना | आमदनी के साथ साथ मनोरंजन की भी व्यवस्था करना भी है | सचिव मनीषा पोद्दार जी का कहना है इसके माध्यम से पारिवारिक वातावरण एवं सामाजिक उद्यमियों के कार्य और उनका उत्पादन का प्रचार करना भी है | इसमें रांची, धनबाद, मुंबई, कोलकाता, बोकारो, राजस्थान, गुजरात सहित विभिन्न प्रांत से महिला उद्यमि हिस्सा ले रही है | दिवाली मेला की संयोजिका विनीता बिहानी, सरिता बथवाल, रंजू मालपानी, ऋतू पोद्दार का कहना है इस मेले में 60 स्टाल लगेंगे | जिसकी बुकिंग शुरू हो गई है | यह मेला दिवाली को देखते हुए लगाया जा रहा है | इस मेले में मुख्य रूप से दिवाली में घर सजाने के लिए दीये, तोरण, बांदरवाल, तरह तरह की लाइट्स के साथ डिजाइनर कुर्ती, साड़ी, डिज़ाइनर ज्वेलरी, हेर्बल प्रोडक्ट, ठाकुर जी, गणेश जी लष्मीजी के पोशाक के साथ अन्य जरूरत की सामग्री मिलेगी |
एक्सपो उत्सव में पहुंचे कई वीवीआईपी, दीं आयोजकों को बधाइयां
रांची। मोराबादी मैदान में चल रहे एक्सपो उत्सव में चौथे दिन झारखंड की कई जानी मानी हस्तियां जुटीं और जेसीआई की टीम को आयोजन के लिए बधाी दी। एक ओर जहां अलग अलग राज्य से उपस्थित स्टॉल अपनी खासियत से लोगों को काफी लुभा रहे हैं और साथ ही साथ है उन्हें हर प्रोडक्ट पर भारी छूट दे रहे हैं।
जहां पूरा रांची आनंद उठा रहा है एक्सपो उत्सव का वही कांके विधानसभा के विधायक जीतू चरण राम जी भी पहुंचे और एक्सपो उत्सव का आनंद उठाया और साथ ही साथ एक्सपो की पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई दी इतने बड़े कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध बनाने के लिए।
वहीं खलारी के रमेश विश्वकर्मा जी भी पहुंचे एक्सपो उत्सव में।
वहीं दूसरी तरफ रांची उपायुक्त महिमापत रे, परिवार के साथ एक्सपो परिसर पहुचे और परिवार साथ एक्सपो उत्सव का उठाया आनंद।
वही फैंसी ड्रेस कंपटीशन में प्रांजल श्रीवास्तव आए प्रथम। वहीं दूसरी तरफ डांस में ग्रुप ए की रिया मारू ग्रुप ब्रि की आदित्य और ग्रुप सी के अभिषेक कुमार प्रथमा। डांस कंपटीशन डुएट में सोनी और रोशनी प्रथम वहीं दूसरी तरफ ग्रुप डांस में सनशाइन जूनियर प्रथम आए।
एक्सपो उत्सव में फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स के नए कार्यकारिणी सदस्यों का स्वागत किया गया, उनमें यह यह उपस्थित थे,
कुणाल आजमानी, अनिल अग्रवाल, अश्विनी राजगढ़िया, धीरज तनेजा, मुकेश कुमार अग्रवाल, नवजोत अलंग, प्रवीण लोहिया, पूजा ढाढा, राहुल साबू, राम बांगर, आर डी सिंह, रोहित अग्रवाल, विकास विजयवर्गीय एवं आदित्य मल्होत्रा
जहां एक तरफ टेक्नोलॉजी की मदद से बनाए प्रोडक्ट लोगों को लुभा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ हैंडक्राफ्ट प्रोडक्ट भी लोगों को काफी लुभा रहे हैं।
अलबेली हैंडीक्राफ्ट कि वह सीमा खाखा ने बताया कि लोगों को हाथों से बनी सारी वस्तुएं बहुत ही पसंद आ रही है और लोग उनकी काफी वाहवाही कर रहे हैं ,और साथ ही साथ अच्छी सेल भी चल रही है।उन्होंने बताया कि सारे प्रोडक्ट हाथों से बने हुए हैं यही वजह है कि लोग काफी आकर्षित हो रहे हैं और उनके सारी सामग्री को पसंद कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि लोगों का यह कहना है कि इस टेक्नोलॉजी के समय में हैंडीक्राफ्ट की कला कहीं ना कहीं लुप्त हो गई है पर आप अभी भी इसे जिंदा रहते हैं जो की बहुत बड़ी बात है।
वहीं दूसरी तरफ सस्सी फूड प्रोडक्टकी स्टॉल पर भी महिलाओं की भीड़ काफी देखने को मिली।कॉल के ओनर अशोक टोप्पो ने बताया कि उनके चना मसाला पापड़ और साबूदाना पापड़ की बिक्री बहुत ही अच्छी चल रही है और लोग उन्हें बहुत पसंद कर रहे हैं ऐसा कोई ग्राहक नहीं है जो वापस जाता हो।उन्होंने यह भी बताया कि बाकी अन्य पापड़ और चिप्स की भी बिक्री बहुत अच्छी चल रही है।
हल्दीराम स्टॉल के ओनर अनूप कुमार ने भी बताया कि इस बार हल्दीराम की भी डिमांड काफी अच्छी रही और लोग उनके सारे प्रोडक्ट की काफी प्रशंसा कर रहे हैं।
वहीं मुंबई से आए आर्टीफैक्ट होम हैंड इफेक्ट के ओनर अखिलेश कुमार ने बताया कि उन्हें एक्सपो का हिस्सा बनकर बहुत ही अच्छा लगा और उनकी लाई हुई सारी डेकोरेटिव मूर्तियां लोगों को बहुत ही लुभा रही है और जितने भी पेंटिंग है लोग उन्हें काफी पसंद कर रहे हैं।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हर तरह के स्टॉल ईश्वर एक्स्पो में अपना जलवा बिखेर रहे हैं और लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करने में सफल बन रहे हैं।
पर एक्स्पो में पान की दुकान बनी इस बार शान।
जहां एक तरफ महिलाएं पिंक हैंगर और आने स्टॉल का आनंद उठा रही है वहीं दूसरी तरफ एक्सपो में पहली बार लगा पान का दुकान जोबना एक्सपो की शान जिसे सिर्फ पुरूष ही नहीं महिलाएं भी काफी पसंद कर रही हैं। रांची के जय प्रकाश चौरसिया के हाथों के बने पान का आनंद उठा रहे हैं।जय प्रकाश चौरसिया की पान की दुकान पर हर तरह की पान बनी इस बार रांची वासियों की जान ।
उनके पान को आए लोग काफी पसंद कर रहे है,खासकर के चॉकलेट पान और फायर पान रहा डिमांड में ।
खाने के शौकीनों के लिए फूड कोर्ट।
एक्सपो में खाने-पीने के शौकीनों के लिए भी बहुत कुछ है ।
इसके लिए फूडकोर्ट अलग से बनाया गया है जहां हर तरह के स्वादिष्ट व्यंजन परोसे जा रहे हैं।
व्यंजनों के साथ कई तरह की मिठाइयों का जायका लोग चखत्ते नहीं थक रहे ।
आखरी दिन बनाएगा एक्सपो कुछ खास।
एक्सपो परिसर बेहद खूबसूरती से सजाया गया है । मंगलवार को एक्सपो उत्सव का होगा समापन ।
आखरी दिन में स्टॉल धारकों से ज्यादा ऑफर एवं डिस्काउंट की मिलने की संभावना है ,एक्सपो के पीआरओ वरुण जलान ने कहां कि आखरी दिन एक्सपो बनाएगा यादगार तो आप भी आए और आनंद उठाएं एक्सपो के आखिरी दिन का।
व्यस्तताओं के बीच समाज सेवा के प्रतीक हैं प्रतीक जैन
रांची। पारिवारिक जिम्मेदारियों और व्यावसायिक व्यस्तताओं के बीच समाज सेवा के लिए समय निकालना व्यक्ति की महानता का परिचायक है। संस्था के प्रति समर्पण भाव से लगे रहना इंसान के विशेषता कहलाता है। ऐसी ही एक शख्सियत हैं राजधानी के रातू रोड निवासी व्यवसायी व सामाजिक कार्यकर्ता प्रतीक जैन। शहर की सामाजिक, धार्मिक व आध्यात्मिक गतिविधियों में शामिल होकर उसमें अपने सहभागिता निभाना उनकी खासियत है। प्रतीक जैन विश्वस्तरीय संस्था जूनियर चेंबर इंटरनेशनल से जुड़े हैं। इसके माध्यम से वह विभिन्न प्रकार के सामाजिक कार्य को धरातल पर उतारने में जुटे रहते हैं। प्रतीक की प्रारंभिक शिक्षा राजधानी स्थित डीएवी हेहल से हुई। वहीं से उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा पास की। तत्पश्चात राजधानी की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान संत जेवियर कॉलेज से उन्होंने इंटरमीडिएट व ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। पेशे से व्यवसायी प्रतीक अपने पिता दिलीप कुमार जैन को अपना आदर्श मानते हैं। उनकी माता मधु जैन एक कुशल गृहणी हैं। समाज सेवा की प्रेरणा उन्हें अपने माता-पिता व अन्य परिजनों से मिली। वह दिगंबर जैन समाज से भी जुड़े हैं। जैन जागृति समाज का सामाजिक कार्यों का दायरा बढ़ाने की दिशा में भी वह सतत प्रयासरत रहते हैं। उनका मानना है कि संस्था के प्रति समर्पण जरूरी है। किसी भी संस्था से जुड़ें और उसके लिए समय ना निकालें, तो संस्था से जुड़ना का उद्देश्य पूरा नहीं होता है। प्रतीक कहते हैं कि जैन समाज सभी धर्मों का समान आदर करती है। सर्वधर्म समभाव की भावना को आत्मसात कर सभी धर्मों के प्रति आदर सम्मान रखना चाहिए। इससे सामाजिक समरसता बरकरार रहती है। प्रतीक के कार्यों में उनकी पत्नी भी सहयोग करती हैं। प्रतीक को एक पुत्र व एक पुत्री हैं। दोनों को बेहतर शिक्षा दिला रहे हैं। बचपन से ही उनका शौक रहा है सामाजिक कार्यों के प्रति सक्रिय रहने का, कुछ नया करते रहने का। इस दिशा में वह सतत प्रयासरत रहते हैं। जूनियर इंटरनेशनल चैंबर से जुड़कर वह स्वयं को गौरवान्वित महसूस करते हुए कहते हैं कि इस संस्था से जुड़ने के बाद सामाजिक कार्य करने का जज्बा और बढ़ने लगा। जेसीआई से जुड़ने के बाद उनमें टीम भावना विकसित हुई है और समाज के नवनिर्माण के लिए सकारात्मक ऊर्जा के साथ लगे रहने की उनकी क्षमता विकसित हुई है। वह अपने पारिवारिक और व्यावसायिक जिम्मेदारियों को बखूबी संभालते हुए सामाजिक, धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए भी समय निकाल लेते हैं। वह कहते हैं कि पीड़ित मानवता की सेवा करने में उन्हें सुखद अनुभूति होती है। मानव सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। युवाओं के प्रति अपने संदेश में वह कहते हैं कि युवा अपनी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में लगाएं और राष्ट्र व समाज के नवनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। इससे हमारा देश समृद्धशाली और सशक्त होगा।
प्रस्तुति : नवल किशोर सिंह
सरायकेला-खरसावां से मंगल सिंह सोय को मैदान मेें उतार सकती है भाजपा
विनय मिश्रा
सरायकेला-खरसावां। झारखंड में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी दलों की सक्रियता बढ़ गई है। कोल्हान क्षेत्र की प्रतिष्ठामूलक सीट सरायकेला-खरसावां को लेकर राजनीति गरमाने लगी है। चर्चा है कि इस बार उक्त सीट पर भाजपा अपने कर्मठ व लोकप्रिय जनप्रतिनिधि मंगल सिंह सोय को चुनाव मैदान में उतारेगी। श्री सोय सरायकेला-खरसावां विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। सरल,सहज व मृदुभाषी श्री सोय की छवि एक साफ-सुथरी राजनेता की रही है। जनसमस्याओं के त्वरित निष्पादन के लिए सतत प्रयत्नशील रहना उनकी खासियत है। सरायकेला-खरसावां विधानसभा क्षेत्र में उनके कार्यकाल की उपलब्धियों की चर्चा आज भी होती है। श्री सोय को त्याग और समर्पण की प्रतिमूर्ति कहा जाता है। गौरतलब है कि भाजपा के कद्दावर नेता व पूर्व मुख्यमंत्री, वर्तमान में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा के लिए विधानसभा चुनाव में उन्होंने उक्त सीट से इस्तीफा देकर एक मिसाल पेश की थी। कोल्हान प्रमंडल में श्री सोय की राजनीतिक पकड़ काफी मजबूत है। वह एक अनुभवी और मंझे हुए राजनेता हैं। बतौर जनप्रतिनिधि अपने कार्यकाल में उन्होंने क्षेत्र में विकास के लिए कई उल्लेखनीय कार्य किए। उपलब्धियों का कीर्तिमान स्थापित किया। इसके आधार पर उक्त क्षेत्र की जनता ने उन्हें अगले चुनाव में एक बार फिर अपना जनप्रतिनिधि चुनने का मन बनाया है। कयास भी लगाया जा रहा है कि भाजपा की ओर से उन्हें सरायकेला-खरसावां विधानसभा क्षेत्र से चुनाव में प्रत्याशी बनाया जा सकता है।
अपराध नियंत्रण है डीएसपी अमर कुमार पांडेय की प्राथमिकता
उपलब्धियों भरा रहा एक वर्ष का कार्यकाल
विनय मिश्रा
चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिला मुख्यालय में पदस्थापित सदर डीएसपी अमर कुमार पांडेय का एक वर्ष का कार्यकाल पूरा हो गया। इस दौरान उन्होंने अपनी बेहतरीन कार्यशैली का परिचय देते हुए कई उपलब्धियां हासिल की। नक्सलियों की नकेल कसने में भी वह कामयाब रहे हैं। अपराध नियंत्रण उनकी प्राथमिकता रही है। श्री पांडेय अपराध मुक्त समाज निर्माण की दिशा में प्रयासरत हैं। शहर में बेहतर विधि-व्यवस्था निर्धारण के लिए सतत प्रयत्नशील रहना उनकी खासियत है। अपनी बेहतरीन कार्यशैली से वह काफी कम समय में ही लोगों के बीच लोकप्रिय हो गए हैं। वहीं, पुलिस विभाग में श्री पांडेय एक तेज-तर्रार, कर्त्तव्यनिष्ठ और ईमानदार अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। उनकी कर्त्तव्यनिष्ठा की चर्चा चहुंओर की जाती है। अपराध नियंत्रण में उनकी तत्परता और शीर्ष अधिकारियों के निर्देशों के अनुपालन के प्रति उनकी निष्ठा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि चाईबासा के जांबाज और कर्मठ पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत माहथा ने उन्हें शहर में अवैध रूप से लाॅटरी संचालन करने वाले लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया। श्री पांडेय अवैध लाॅटरी संचालकों पर कानून सम्मत कार्रवाई करते हुए लाॅटरी संचालन के अवैध धंधे को बंद करवाने में सफल रहे। नागरिकों को कानून के दायरे में रहने की नसीहत देते हुए वह स्वच्छ और स्वस्थ समाज निर्माण के लिए भी लोगों को प्रेरित करते हैं। पदस्थापना के मात्र एक वर्ष में ही चाईबासा शहर को अपराध मुक्त बनाने की दिशा में उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किए हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई कुख्यात अपराधियों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है। गौरतलब है कि श्री पांडेय इसके पूर्व जब एसीबी में पदस्थापित थे, तब कई रिश्वतखोरों को रंगे हाथों पकड़ा और उसे सलाखों के पीछे भेजने में सफलता हासिल की। अपराधियों के लिए वह कहर बनकर बरपते हैं, वहीं, आम जनता के लिए वे एक अच्छे व सच्चे इंसान हैं। उनकी छवि पब्लिक फ्रेंडली पुलिस अधिकारी की है। श्री पांडेय अन्य पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनकी कार्यशैली अनुकरणीय है। शहर के अमन पसंद लोग उनकी सराहना करते नहीं थकते।
विनय मिश्रा
चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिला मुख्यालय में पदस्थापित सदर डीएसपी अमर कुमार पांडेय का एक वर्ष का कार्यकाल पूरा हो गया। इस दौरान उन्होंने अपनी बेहतरीन कार्यशैली का परिचय देते हुए कई उपलब्धियां हासिल की। नक्सलियों की नकेल कसने में भी वह कामयाब रहे हैं। अपराध नियंत्रण उनकी प्राथमिकता रही है। श्री पांडेय अपराध मुक्त समाज निर्माण की दिशा में प्रयासरत हैं। शहर में बेहतर विधि-व्यवस्था निर्धारण के लिए सतत प्रयत्नशील रहना उनकी खासियत है। अपनी बेहतरीन कार्यशैली से वह काफी कम समय में ही लोगों के बीच लोकप्रिय हो गए हैं। वहीं, पुलिस विभाग में श्री पांडेय एक तेज-तर्रार, कर्त्तव्यनिष्ठ और ईमानदार अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। उनकी कर्त्तव्यनिष्ठा की चर्चा चहुंओर की जाती है। अपराध नियंत्रण में उनकी तत्परता और शीर्ष अधिकारियों के निर्देशों के अनुपालन के प्रति उनकी निष्ठा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि चाईबासा के जांबाज और कर्मठ पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत माहथा ने उन्हें शहर में अवैध रूप से लाॅटरी संचालन करने वाले लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया। श्री पांडेय अवैध लाॅटरी संचालकों पर कानून सम्मत कार्रवाई करते हुए लाॅटरी संचालन के अवैध धंधे को बंद करवाने में सफल रहे। नागरिकों को कानून के दायरे में रहने की नसीहत देते हुए वह स्वच्छ और स्वस्थ समाज निर्माण के लिए भी लोगों को प्रेरित करते हैं। पदस्थापना के मात्र एक वर्ष में ही चाईबासा शहर को अपराध मुक्त बनाने की दिशा में उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किए हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई कुख्यात अपराधियों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है। गौरतलब है कि श्री पांडेय इसके पूर्व जब एसीबी में पदस्थापित थे, तब कई रिश्वतखोरों को रंगे हाथों पकड़ा और उसे सलाखों के पीछे भेजने में सफलता हासिल की। अपराधियों के लिए वह कहर बनकर बरपते हैं, वहीं, आम जनता के लिए वे एक अच्छे व सच्चे इंसान हैं। उनकी छवि पब्लिक फ्रेंडली पुलिस अधिकारी की है। श्री पांडेय अन्य पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनकी कार्यशैली अनुकरणीय है। शहर के अमन पसंद लोग उनकी सराहना करते नहीं थकते।
शनिवार, 21 सितंबर 2019
दीनदयाल जयंती से गांधी जयंती तक चलेगा श्रमशक्ति अभियान
असंगठित क्षेत्र के कामगारों को योजना का लाभ दिलाना लक्ष्य
असंगठित क्षेत्र के सभी कामगारों का निबंधन सुनिश्चित करेः सुनील कुमार वर्णवाल
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रांची। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितंबर से लेकर गांधी जयंती 2 अक्टूबर तक राज्य सरकार पूरे राज्य में श्रमशक्ति अभियान चलाने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के लाखों कामगारों को निबंधित कर उनके लिए बनी केंद्र और राज्य की योजनाओं का लाभ दिलाना है। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल ने इसे एक चुनौतीपूर्ण कार्य बताते हुए कहा कि हमें गांव व शहरों से लेकर लातेहार के सरयू और लोहरदगा के पेशरार जैसे सुदूर दुर्गम स्थानों के मजदूरों को भी इससे जोड़ना है। इसके लिए प्रचार-प्रसार पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा असंगठित क्षेत्र के एक-एक कामगार को जागरूक कर उनका हक दिलाना है। इसी मकसद से झारखंड मंत्रालय के सभागार में आयोजित तमाम जिला तथा प्रखंड समन्वयकों सहित श्रम प्रसार पदाधिकारियों और श्रमाधीक्षकों के साथ बैठक कर उन्होंने शत प्रतिशत मजदूरों के निबंधन पर बल दिया।
मुख्यमंत्री 25 सितंबर को करेंगे अभियान की शुरुआत
श्रमशक्ति अभियान की लांचिंग मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास रांची से 25 सितंबर को करेंगे। उनके संबोधन और निर्देशों को तमाम जिलों और प्रखंडों में असंगठित क्षेत्र के मजदूर लाइव देख-सुन सकेंगे। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने समय रहते इसकी मुकम्मल तैयारी कर लेने का निर्देश दिया। कहा, अगर इसमें कोई कठिनाई आ रही हो तो समय रहते उसका निराकरण भी कर लें। बेहतर समन्वय के लिए उन्होंने निर्देश दिया कि सभी प्रखंड श्रम प्रसार पदाधिकारी प्रखंड समन्वयकों के साथ बैठक कर कार्ययोजना बना लें। वहीं सभी श्रमाधीक्षकों को निर्देश दिया कि वे शहरी क्षेत्रों में नगर निगम और निकाय के साथ समन्वय बनाकर शत प्रतिशत मजदूरों के निबंधन की रणनीति बना लें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस कार्यक्रम को सफल बनाने में उपायुक्तों से लेकर सभी बीडीओ तक की भी भागीदारी होगी।
निबंधन कर कामगारों का बनेगा डाटाबेस
श्री वर्णवाल ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के कामगारों के निबंधन के लिए उनकी तस्वीर, किसी तरह का प्रमाण पत्र और कोई शुल्क नहीं लगेगा। उनसे सिर्फ उनके बैंक पासबुक की फोटोकॉपी लेनी है। उन्होंने कहा कि निबंधन का मकसद कामगारों का डाटाबेस बनाकर उनकी डिजिटल पहचान सुनिश्चित करना है, ताकि उन्हें उनके लिए बनी योजनाओं का ससमय लाभ दिया जा सके। वहीं भविष्य में उनके लिए कोई नई योजना बनती है तो मिनटों में उन्हें इसकी जानकारी एसएमएस व वायस मैसेज के माध्यम से दी जा सके। उन्होंने कहा कि प्रखंड स्तर तक पहुंचने के बाद अभियान को पंचायत स्तर तक ले जाना है।
बैठक में श्रम विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव अरूण एक्का और उद्योग सचिव श्री के रवि कुमार ने भी समन्वय बनाकर अभियान की सफलता के लिए महत्वपूर्ण टिप्स दिए।
असंगठित क्षेत्र के सभी कामगारों का निबंधन सुनिश्चित करेः सुनील कुमार वर्णवाल
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रांची। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितंबर से लेकर गांधी जयंती 2 अक्टूबर तक राज्य सरकार पूरे राज्य में श्रमशक्ति अभियान चलाने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के लाखों कामगारों को निबंधित कर उनके लिए बनी केंद्र और राज्य की योजनाओं का लाभ दिलाना है। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल ने इसे एक चुनौतीपूर्ण कार्य बताते हुए कहा कि हमें गांव व शहरों से लेकर लातेहार के सरयू और लोहरदगा के पेशरार जैसे सुदूर दुर्गम स्थानों के मजदूरों को भी इससे जोड़ना है। इसके लिए प्रचार-प्रसार पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा असंगठित क्षेत्र के एक-एक कामगार को जागरूक कर उनका हक दिलाना है। इसी मकसद से झारखंड मंत्रालय के सभागार में आयोजित तमाम जिला तथा प्रखंड समन्वयकों सहित श्रम प्रसार पदाधिकारियों और श्रमाधीक्षकों के साथ बैठक कर उन्होंने शत प्रतिशत मजदूरों के निबंधन पर बल दिया।
मुख्यमंत्री 25 सितंबर को करेंगे अभियान की शुरुआत
श्रमशक्ति अभियान की लांचिंग मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास रांची से 25 सितंबर को करेंगे। उनके संबोधन और निर्देशों को तमाम जिलों और प्रखंडों में असंगठित क्षेत्र के मजदूर लाइव देख-सुन सकेंगे। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने समय रहते इसकी मुकम्मल तैयारी कर लेने का निर्देश दिया। कहा, अगर इसमें कोई कठिनाई आ रही हो तो समय रहते उसका निराकरण भी कर लें। बेहतर समन्वय के लिए उन्होंने निर्देश दिया कि सभी प्रखंड श्रम प्रसार पदाधिकारी प्रखंड समन्वयकों के साथ बैठक कर कार्ययोजना बना लें। वहीं सभी श्रमाधीक्षकों को निर्देश दिया कि वे शहरी क्षेत्रों में नगर निगम और निकाय के साथ समन्वय बनाकर शत प्रतिशत मजदूरों के निबंधन की रणनीति बना लें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस कार्यक्रम को सफल बनाने में उपायुक्तों से लेकर सभी बीडीओ तक की भी भागीदारी होगी।
निबंधन कर कामगारों का बनेगा डाटाबेस
श्री वर्णवाल ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के कामगारों के निबंधन के लिए उनकी तस्वीर, किसी तरह का प्रमाण पत्र और कोई शुल्क नहीं लगेगा। उनसे सिर्फ उनके बैंक पासबुक की फोटोकॉपी लेनी है। उन्होंने कहा कि निबंधन का मकसद कामगारों का डाटाबेस बनाकर उनकी डिजिटल पहचान सुनिश्चित करना है, ताकि उन्हें उनके लिए बनी योजनाओं का ससमय लाभ दिया जा सके। वहीं भविष्य में उनके लिए कोई नई योजना बनती है तो मिनटों में उन्हें इसकी जानकारी एसएमएस व वायस मैसेज के माध्यम से दी जा सके। उन्होंने कहा कि प्रखंड स्तर तक पहुंचने के बाद अभियान को पंचायत स्तर तक ले जाना है।
बैठक में श्रम विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव अरूण एक्का और उद्योग सचिव श्री के रवि कुमार ने भी समन्वय बनाकर अभियान की सफलता के लिए महत्वपूर्ण टिप्स दिए।
दुमका के गोपीकंदर में मुख्यमंत्री ने लगाया जन चौपाल
सर, संथाल परगना और हमारे हालात बदल गए हैं--सरोजिनी हेम्ब्रम
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दुमका। गोपीकांदर प्रखंड के प्रोजेक्ट बालिक उच्च विद्यालय के प्रांगण में जन चौपाल में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गांव वालों का दुख दर्द जाना ... उनकी समस्याओं को सुना।
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि जनता और शासन के बीच सीधा संवाद रहे। आपकी हर समस्याओं का त्वरित समाधान हो, आप भी अपना जीवन खुशहाली के साथ व्यतीत करें यही इस जन चौपाल कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। आपके क्षेत्र की जो भी समस्याएं हैं, उसे हर हाल में दूर किया जाएगा। सरकार ने पिछले पांच वर्षों में विकास के कई कार्य किए हैं। गांव में बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गरीब परिवारों को सशक्त किया जा रहा है। 5 वर्षों में सरकार का प्रयास रहा है कि संथाल परगना का समग्र विकास हो सके।
संथाल परगना और हमारे हालात बदल गए हैं
स्थानीय महिला सरोजनी हेम्ब्रम ने मुख्यमंत्री से कहा कि सर संथाल परगना और हमारे हालात बदल गए हैं.. बहुत कुछ बदलाव आया है.. गांव-गांव तक सुविधाएं पहुंची हैं।
कई योजना का लाभ भी हमें मिल रहा है...पर पानी की थोड़ी समस्या अब भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 वें वित्त आयोग की राशि से सौर ऊर्जा से गांव में जलमीनार बन रहे हैं। इससे पेयजल की समस्या दूर होगी । मुख्यमंत्री ने मौके पर बीडीओ को निदेश दिया कि 20 अक्टूबर तक पेयजल की समस्या को दूर करें। गाँव गाँव मे इस योजना से पेयजल की समस्या को दूर करें।मुख्यमंत्री ने कहा कि 14वें वित्त आयोग की राशि से गांव गांव में स्ट्रीट लाइट, पेभर ब्लॉक की सड़क तथा सौर ऊर्जा से पेयजल की योजना पर काम हो रहा है। अब विकास अब होकर रहेगा।
इस दौरान लीला सोरेन, ललित किस्कू, प्रकाश मुर्मू और भी कई लोगों ने अपनी बात रखी। प्रधानमंत्री आवास योजना से लोगों के घर बन रहे हैं। पर, इससे अपेक्षाएं भी बड़ी है। मुख्यमंत्री ने आवास से संबंधित समस्या के लिए निदेश दिया कि इस बुधवार 25 सितम्बर को गांव में कैम्प लगाया जाय और हर योग्य लाभुक को आवास स्वीकृत की जाय। कोई भी बेघर नहीं रहे यह सरकार की सोच है। केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार गरीबों के दर्द को समझती है तथा योजनाओं को गरीबों के लिए ही बनाती है। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि 2022 तक झारखंड हर बेघरों के पास अपना घर होगा।
झारखंड के 40 लाख गरीब परिवारों को एलपीजी कनेक्शन
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हमारी माताओं बहनों को धुआँ में खाना नहीं बनाना पड़ता, उन्हें लकड़ी की तलाश में जंगल नहीं भटकना पड़ता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से हर गरीब के घर में एलपीजी कनेक्शन पहुंचाने का कार्य किया है। राज्य सरकार ने माननीय प्रधानमंत्री के सपनों को साकार करने के लिए एलपीजी कनेक्शन के साथ मुफ्त गैस चूल्हा तथा प्रथम और द्वितीय रिफिल मुफ्त देने का कार्य किया है। झारखंड के 40 लाख गरीब परिवारों को एलपीजी कनेक्शन दिया गया है। हमारी आदिवासी बहने भी अब गैस चूल्हे पर खाना बनाती हैं।
50 हज़ार महिलाओं को रानी मिस्त्री की ट्रेनिंग
अब हमारी माताओं बहनों को शौच के लिए अंधेरे का इंतजार नहीं करना पड़ता। प्रधानमंत्री ने हमारी माताओं बहनों की दर्द को समझा है तथा हर घर शौचालय बनाने का संकल्प लिया है। सरकार ने महिलाओं को सम्मान देने का कार्य किया है। राज्य सरकार ने 50 हज़ार महिलाओं को रानी मिस्त्री की ट्रेनिंग देकर हर घर शौचालय बनाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा किपिछले5 साल में 2 लाख 17 हजार से अधिक सखी मंडलों के माध्यम से 28 लाख से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया।
पिछले 5 वर्षों में 30 लाख घरों में बिजली पहुंची
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में 68 लाख परिवार हैं। लेकिन, सिर्फ 38 लाख घरों में ही बिजली थी। राज्य सरकार ने पिछले 5 वर्षों में 30 लाख घरों में बिजली पहुंचाने का कार्य किया है। जहां बिजली की तारें नहीं पहुंच सकती वैसी जगह पर सरकार ने सोलर के माध्यम से बिजली पहुंचाई है। सरकार की नीयत विकास के प्रति बिल्कुल साफ है सरकार राज्य के विकास के लिए कृत संकल्पित है।
आदिवासी भाइयों बहनों की जमीन को कोई नहीं छीन सकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग द्वारा यह अफवाह फैलाई जाती है की सरकार आप की जमीन को छीन लेगी, लेकिन मैं विश्वास दिलाना चाहता हूं कि हमारे आदिवासी भाइयों बहनों की जमीन को कोई नहीं छीन सकता। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि जागरूक बने सरकार के विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लें।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित ग्रामीणों से कहा कि हम सभी को मिलकर झारखंड को कुपोषण मुक्त बनाना है । आपने जो गरीबी देखी है आपका बच्चा उस गरीबी को नहीं देख सके। इस दिशा में सभी को मिलकर कार्य करने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने हर पढ़े-लिखे नौजवान से अपील की कि अपने अपने गांव में जागरूकता अभियान चलाकर सरकार के विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दें ताकि सभी का विकास हो सके। सभी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले सकें। उन्होंने लोगों से कहा कि अगर योजना का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी हो रही हो मुख्यमंत्री जनसंवाद के टोल फ्री नंबर 181 पर कॉल कर इसकी सूचना दें। आपकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।
उपायुक्त राजेश्वरी बी ने जन चौपाल के उद्देश्यों की जानकारी दी।
इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के तहत परिसंपत्तियों का भी वितरण लाभुकों के बीच हुआ।
जन चौपाल में समाज कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी, दुमका के सांसद सुनील सोरेन, उपायुक्त राजेश्वरी बी, पुलिस अधीक्षक वाईएस रमेश, उप विकास आयुक्त वरुण रंजन, स्थानीय मुखिया और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
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