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शनिवार, 19 अक्टूबर 2019

शहर की स्वच्छता के प्रति संकल्पित हैं अभय कुमार झा



विनय मिश्रा
चाईबासा। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अभय कुमार झा शहर की स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सतत प्रयासरत हैं। स्वच्छता अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए संकल्पित हैं। इसके अलावा श्री झा सरकारी विभागों, गैर सरकारी संस्थाओं में लोगों को स्वच्छता के प्रति सजग रहते हुए जागरुकता अभियान चलाने के लिए प्रेरित करते रहते हैं। शहर को साफ-सुथरा रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। स्वच्छता के क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियां रही है। इसके लिए उन्हें पुरस्कृत भी किया जा चुका है। नगर विकास विभाग की ओर से भी उनके कार्यों की सराहना की गई है। गत दिनों मुख्यमंत्री रघुवर दास के चाईबासा दौरे के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर साफ-सफाई का अद्भुत दृश्य दिखा। उपायुक्त कार्यालय, परिसदन आदि जगहों पर स्वच्छता अभियान की झलक दिखाई दी। श्री झा के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में शहर को स्वच्छ रखने की मुहिम रंग ला रही है। उनके प्रयास से चाईबासा नगर परिषद क्षेत्र स्वच्छता अभियान में अव्वल है। उनका मानना है कि स्वच्छता के बलबूते हम स्वस्थ और स्वच्छ समाज निर्माण की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

भाजपा सोशल मीडिया सेल की बैठक आयोजित


नीतू झा ने आईटी सेल के संयोजक का किया अभिनंदन

विनय मिश्रा
रांची / दुमका : झारखंड में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी ने अपने सभी मोर्चा और प्रकोष्ठों को सक्रियता से जुड़ जाने का निर्देश दिया है। इसके मद्देनजर दुमका परिसदन में भाजपा सोशल मीडिया सेल की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भाजपा नेता बबलू मंडल ने की। इस बैठक में गुजरात प्रदेश भाजपा के सोशल मीडिया आईटी सेल के संयोजक डॉ. पंकज शुक्ला विशेष रुप से मौजूद थे। डॉ. शुक्ला ने  सोशल मीडिया सेल से जुड़े भाजपा कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण टिप्स दिए और चुनाव के दौरान सोशल मीडिया की सक्रियता व इसकी महत्ता सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला।  इस अवसर पर भाजपा नेत्री नीतू झा ने डाॅ.शुक्ला को पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया और उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। डॉ. शुक्ला ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया की महत्ता काफी बढ़ गई है। इसके माध्यम से सीधे जनता तक पहुंच भी आसान हो गया है। संदेशों के त्वरित संप्रेषण के लिए सोशल मीडिया की महत्ता को देखते हुए उन्होंने आईटी सेल से जुड़े भाजपा के कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर भाजपा सोशल मीडिया सेल से जुड़े सभी सदस्यगण व भाजपा जिला कमेटी के पदधारी मौजूद थे।

संवैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष का पर्याय हैं राजेंद्र प्रसाद


जनता को उसका संविधान सम्मत अधिकार प्राप्त दिलाने के लिए सतत प्रयासरत रहना राजधानी रांची निवासी राजेंद्र प्रसाद का एकमात्र शगल है। श्री प्रसाद झारखंड के मूलवासियों और सदानों (गैर आदिवासी समुदाय) के हितों के संरक्षण के लिए विगत कई वर्षों से संघर्षरत हैं। श्री प्रसाद का पैतृक आवास सिमडेगा में है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा- दीक्षा सिमडेगा में ही हुई। अपने माता-पिता व गुरुजनों के सानिध्य में पले- बढ़े और पढ़े। उनके माता-पिता ने उन्हें संस्कार युक्त शिक्षा दिलाने में कोई कोई कोर कसर बाकी नहीं रखा। श्री प्रसाद बचपन से ही अन्याय और अत्याचार के खिलाफ लड़ाई लड़ते रहे हैं। सिमडेगा से मैट्रिक की परीक्षा पास करने के बाद श्री प्रसाद रांची आ गए। यहां रांची कॉलेज से उन्होंने इंटरमीडिएट और ग्रेजुएशन किया। छात्र जीवन में भी छात्र हित के लिए सदैव संघर्षरत रहे। हक और अधिकार पाने के प्रति उनके जज्बे और जुनून की बानगी देखें कि वह जब कक्षा सात में अध्ययनरत थे, उस समय झारखंड अलग राज्य बनाने का आंदोलन चरम पर था। श्री प्रसाद ने अल्प आयु में भी आंदोलनकारियों का समर्थन करना शुरू किया। आंदोलनकारियों के बताए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार उन्होंने यथासंभव सहयोग करना भी शुरू कर दिया। स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद श्री  प्रसाद झारखंड में निवास कर रहे यहां के मूलवासी सदानों के हितों के संरक्षण के लिए प्रयास शुरू किया। इस दिशा में उन्हें समर्थन भी प्राप्त हुआ। उन्होंने मूलवासी सदान मोर्चा नामक एक गैर राजनीतिक संगठन की स्थापना की और इसके माध्यम से वह मूलवासी सदानों को उनका हक दिलाने की दिशा में प्रयासरत हैं। वह सर्व-धर्म, सम-भाव के आदर्शों को मानते हुए सभी धर्मों का समान आदर करते हैं। शहर में होने वाली सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना उनकी दिनचर्या में शुमार है। किसी भी धर्म व समुदाय का पर्व-त्यौहार हो, श्री प्रसाद उसमें बढ़-चढ़कर अपनी सहभागिता निभाते हैं। मृदुभाषी, सरल, सहज व व्यवहारकुशल श्री प्रसाद कहते हैं कि प्रसन्नता जीवन का अमूल्य उपहार है। सफलता और उपलब्धियां उसे ही हासिल होती है जो सदैव प्रसन्न चित्त रहकर अपने कर्तव्य पथ पर सदा अग्रसर रहते हैं। समाज के प्रति अपने संदेश में श्री प्रसाद कहते हैं  कि नागरिकों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की आवश्यकता है। वहीं, युवाओं को तनावमुक्त जीवन जीते हुए समाज की मुख्यधारा से जुड़े रहकर अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाने के लिए प्रेरित करते हैं। श्री प्रसाद कहते हैं कि शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी जरूरी है। इससे हमारा समाज सशक्त होता है। जब समाज मजबूत होगा तो देश भी शक्तिशाली और समृद्ध होगा।
प्रस्तुति : नवल किशोर सिंह

शुक्रवार, 18 अक्टूबर 2019

कोयलांचल में विस्थापितों को परिवहन आदि कार्यों में मिले भागीदारीः रघुवर दास

★ वैसे खान जिनमें खनन कार्य पूरा हो गया हो, तो उसे भरकर पार्क बनाएं...उसे विकसित कर स्थानीय लोगों को बसाया जाए

-- रघुवर दास, मुख्यमंत्री झारखंड

★ बीसीसीएल देगी नौकरी जिनकी जमीन खनन के लिए ली गई है

-- प्रह्लाद जोशी, केन्द्रीय कोयला मंत्री
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खनन क्षेत्रों में लोग धूल के बीच जिंदगी जीने को विवश हैं। इससे उन्हें मुक्ति दिलाना है। जहां माइनिंग समाप्त हो गई है, उस स्थान को भर कर वहां पार्क, पब्लिक यूटिलिटी आदि विकसित करना पॉलिसी के तहत है। लेकिन कोल कंपनियों द्वारा इस नियम की अनदेखी की जा रही है। खनन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के क्रम में आम लोगों से बातचीत के दौरान यह बात मेरे संज्ञान में आई है। धूल के कारण लोगों को बीमारी हो रही है। दूषित जल पीना पड़ रहा है। वैसे सभी माइन्स जिन में खनन कार्य पूरा हो गया हो उसे भरकर पार्क बनाएं...उसे विकसित कर वहां स्थानीय लोगों को बसाया जाए। इससे लोगों को धूल से भी मुक्ति मिलेगी और सरकार को भी लोगों को बसाने के लिए जमीन मिलेगी। इसमें कोयला मंत्रालय सहायता करे। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने केंद्रीय कोयला एवं खनन मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी के साथ मुख्यमंत्री आवास में बैठक के दौरान कही।

खनन क्षेत्र में विस्थापितों को रोजगार मिले

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि कोल इंडिया एवं इसकी सब्सिडियरी कंपनी कोयला खनन क्षेत्र में परिवहन तथा संलग्न कार्यों में उस खनन क्षेत्र के विस्थापित लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करें।

केंद्र और राज्य सरकार का मकसद आम लोगों की जिंदगी में बदलाव लाना

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में कोयले का अकूत भंडार होने के बाद भी यहां के लोग गरीब हैं। राज्य सरकार लघु एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दे रही है। कोयला मंत्रालय झारखंड सरकार की इकाई जेएसएमडीसी को कोल ब्लॉक आवंटन करें, जिसके माध्यम से छोटे-छोटे उद्योगों को निर्बाध रूप से कोयले की सप्लाई की जा सके। ’कुटीर उद्योगों से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा। उनके जीवन स्तर में बदलाव आएगा।’ सरकार इन लोगों को हुनरमंद बनाने के लिए कौशल विकास केंद्र खोलेगी। जहां लोग प्रशिक्षण पाकर रोजगार व स्वरोजगार से जुड़ सकेंगे।

कोयला कंपनी खनन क्षेत्र में नागरिकों के कल्याण के लिए काम करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र दौरा के क्रम में मुझे कई शिकायत मिली कि कोल कंपनियों ने लोगों से जमीन तो ली लेकिन उनसे किए वादे पूरे नहीं किए हैं। कोल मंत्रालय उन कंपनियों को वादा पूरा करने का निदेश दे तथा खनन क्षेत्र में नागरिकों के कल्याण के लिए सुनियोजित कार्यक्रम चलाएं। इस कार्य में राज्य सरकार हरसंभव सहायता करेगी।

बीसीसीएल देगी नौकरी जिनकी जमीन खनन के लिए ली गई है

केन्द्रीय कोयला मंत्री ने कहा कि बीसीसीएल क्षेत्र में जिनकी जमीन खनन के लिए ली गई है, उनके परिवार के एक सदस्य को योग्यता और अर्हता के आधार पर नौकरी दी जाएगी।

सीएसआर के तहत कोल कम्पनी कई कार्य करेगी

बैठक में स्पोर्ट्स एकेडमी को और विस्तारित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही, कोयला मंत्री ने कोल इंडिया और इसकी सब्सिडियरी कम्पनी के माध्यम से सीएसआर के तहत राज्य सरकार की प्राथमिकता के अनुरूप कार्य कराने पर अपनी सहमति दी।

उपस्थिति
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, खान विभाग के सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी, सीसीएल के सीएमडी श्री गोपाल सिंह, कोयला मंत्रालय के वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

उप निर्वाचन आयुक्त ने सभी जिला के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक की


★चुनाव संपन्न कराने के लिए कोई शॉर्टकट नहीं, निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन जरूरी है--सुदीप जैन, उपनिर्वाचन आयुक्त
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रांची। भारत निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त श्री सुदीप जैन एवं सचिव श्री अरविंद आनंद ने झारखंड भ्रमण के दूसरे दिन रांची के होटल रेडिसन ब्लू में सभी जिला के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक की। श्री जैन ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह से सक्रिय हो जाना है। चुनाव संपन्न कराने के लिए कोई भी शॉर्टकट नहीं होता है। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन करना होता है। पहले से ही विभिन्न प्रकार की चुनौतियों, आधारभूत संरचना ,सुरक्षा ,मतदाता सूची का पुनरीक्षण इत्यादि कार्य को चिन्हित कर उस पर गंभीरतापूर्वक कार्य किया जाए।

18-19 उम्र के मतदाता एवं ऐसे मतदाता जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, उनका नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करने की कार्रवाई समयबद्ध रूप से की जाए।इस कार्य में शिथिलता नहीं बरती जाए। प्रत्येक मतदाता को मत देने का अधिकार है ।उन्हें मतदान का सुखद अनुभूति हो इसके लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएं। मतदान केंद्रों पर बैठने की व्यवस्था की जाए। वहां कुर्सियां लगाई जा सकती हैं एवं मतदाता को टोकन दिया जा सकता है ताकि उन्हें मतदान के लिए लंबी अवधि तक इंतजार नहीं करना पड़े ।

श्री जैन ने कहा कि निर्वाची पदाधिकारी एवं जिला निर्वाचन पदाधिकारी की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका होती है एवं उत्तरदायित्व भी निभाना पड़ता है ।उन्हें चुनाव कार्य के लिए गठित विभिन्न कोषांग के कर्मियों को प्रेरित भी करना है एवं समय पर उन्हें ट्रेनिंग भी दिया जाना है । चुनावकार्य में पूरी पारदर्शिता रखनी होगी। सभी राजनीतिक दलों के साथ समय-समय पर बैठक कर चुनाव की प्रक्रिया एवं अनुपालित किए जाने वाले प्रावधानों के बारे में भी बताया जाना होगा। श्री जैन ने मतदान में प्रयुक्त होने वाले ईवीएम वीवीपैट की भी समीक्षा की । ईवीएम के भंडारण एवं सुरक्षा के संबंध में व्यापक निर्देश भी दिए ।

सभी जिला के उपायुक्तों के द्वारा बैठक में चुनाव की तैयारियों के बारे में बताया गया । उनके द्वारा मतदान केंद्रों के भौतिक सत्यापन ,मतदान केंद्रों पर रैंप, शौचालय , विद्युत वहां पर प्रतिनियुक्त किए जाने वाले कर्मियों ,सेक्टर मजिस्ट्रेट ,मास्टर ट्रेनर ,ट्रेनिंग कैलेंडर, मॉक-पोल ,स्वीप गतिविधियां इत्यादि की जानकारी दी गई। श्री जैन ने उन क्षेत्रों ,में जहां मतदान का प्रतिशत कम रहा है ,वहां पर सघन स्वीप अभियान चलाने का निर्देश दिया। कॉलेज के विद्यार्थियों को सी विजील एप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि अपने जिला के लोगों से अकस्मात दूरभाष पर संपर्क कर उनके क्षेत्र में होने वाली घटनाओं एवं गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है ।इससे लोगों को लगेगा कि प्रशासन उनके साथ संपर्क में है और वह चुनाव के दौरान अनियमितताओं के संबंध में प्रशासन को अवगत करा सकेंगे ।

सभी जिला के पुलिस अधीक्षक ने विधि व्यवस्था की जानकारी दी ।उनके द्वारा वारंट के निष्पादन , जिला में आर्म्स की संख्या ,चुनाव के अवसर पर आर्म्स के जमा करने इत्यादि के संबंध में जानकारी दी गई। विगत निर्वाचन में जिन मतदान केंद्रों पर किसी कारण से अव्यवस्था उत्पन्न हुई थी, उन कारणों को चिन्हित करते हुए उसके निदान के लिए आवश्यक कदम उठाया जा रहा है।थाना प्रभारियों के साथ भी लगातार बैठकें की जा रही है। बठक में संवेदनशील मतदान केंद्रों की भी समीक्षा की गई।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में 25% मतदान केंद्रों के वेबकास्टिंग का लक्ष्य रखा गया है ।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री कृपानंद झा, अपर पुलिस महानिदेशक सह राज्य पुलिस नोडल पदाधिकारी श्री मुरारी लाल मीणा एवं पुलिस महा निरीक्षक सी ए पी एफ श्री संजय आनंद लाटकर, जोनल आई० जी तथा विभिन्न प्रमंडलों के प्रमंडलीय आयुक्त एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक भी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चुनाव आयोग के साथ किया विचार-विमर्श


★विघ्न रहित विस चुनाव को लेकर उच्चस्तरीय मंथन

★चुनाव आयोग से मांगा 250 कंपनी अर्द्धसैनिक बल
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रांची। मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी की अध्यक्षता में आसन्न विधान सभा चुनाव की तैयारी को लेकर झारखंड मंत्रालय में चुनाव आयोग के साथ गहन विचार-विमर्श हुआ। मुख्य सचिव ने बैठक के दौरान कहा कि लोक सभा चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न कराने के बाद विघ्न रहित विधानसभा चुनाव कराना प्राथमिकता है। उन्होंने चुनाव आयोग से कहा कि प्रप्त इनपुट के अनुसार अगर चुनाव विभिन्न चरणों में होंगे, तो नक्सल प्रभावित राज्य मॆं हिंसारहित चुनावी प्रक्रिया पूरी करना आसान होगा। उन्होंने कहा कि अलग-अलग चरणों में चुनाव होने से इलाका विशेष पर फोकस करना आसान रहेगा। उप निर्वाचन आयुक्त सुदीप जैन ने कहा कि वे राज्य के राजनीतिक दलों, प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य सूत्रों से प्राप्त सभी इनपुट आयोग के समक्ष रखेंगे और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए जो भी जरूरी होगा, उसे पूरा किया जाएगा।

कम से कम 250 कंपनी अर्द्धसैनिक बल चाहिए
चुनाव आयोग से पिछले अनुभवों और वर्तमान की जरूरतों को देखते हुए चुनाव के दौरान कम से कम 250 कंपनी अर्द्धसैनिक बल उपलब्ध कराने की मांग की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि इन कंपनियों के जवान हिंदी भाषी इलाके के हों तो अच्छा रहेगा। इससे राज्य के निचले स्तर के अधिकारियों के साथ फील्ड में काम करते संमय किसी तरह की गलतफहमी की स्थिति नहीं बनेगी। उन्होंने आयोग से अनुरोध किया कि चुनाव के दौरान नक्सलियों की नकेल कसने के लिए झारखंड से लगी दूसरे राज्यों की सीमा के भीतर वहां की पुलिस भी चौकस रहे, इसकी व्यवस्था हो। मौके पर उन्होंने डीजीपी कमल नयन चौबे से कहा कि 23 अक्टूबर को वे दिल्ली में चुनाव आयोग के साथ इस मसले के अलावा विधि व्यवस्था से जुड़े अन्य मामलों पर भी वार्ता कर लें।

चुनाव के समय बूथ बदलने से बचने की सलाह
मुख्य सचिव ने चुनाव आयोग से कहा कि विभिन्न कारणों से चुनाव के करीब होने पर बूथों के बदलाव से कई तरह की परेशानी होती है। वार्ता के दौरान सहमति बनी कि समय रहते बूथ तय किये जाएंगे। अगर किसी गांव आदि से मतदान केंद्र दूर पड़ता है, तो

प्रशासन वोटरों को बूथों तक पहुंचाने की व्यवस्था करेगा

राज्य में तीन साल से एक जगह कार्यरत सभी दारोगा स्थांतरित
चुनाव आयोग से वार्ता के दौरान गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में तीन साल से अधिक समय से एक जगह पदस्थापित सभी दारोगा को स्थांतरित कर दिया गया है। वहीं अन्य विभागों में भी यह प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।

मतदाता जागरूकता पर दें बल

उप निर्वाचन आयुक्त सुदीप जैन ने राज्य प्रशासन से मतदाता जागरूकता पर बल देते हुए ज्यादा से ज्यादा मतदान सुनिश्चित करने के उपायों पर फोकस करने को कहा। उन्होंने इस दौरान मतदाता पुनरीक्षण कार्य, नये मतदाता सहित अन्य तमाम मसलों पर विचार-विमर्श किया। 

चुनाव आयोग के साथ मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी की अध्यक्षता में संपन्न उच्चस्तरीय बैठक में चुनाव आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त श्री सुदीप जैन के अलावा गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, डीजीपी श्री कमल नयन चौबे, राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री विनय कुमार चौबे और एडीजी मुरारीलाल मीणा मौजूद थे।

नक्सलियों की नकेल कसने में माहिर हैं सीआरपीएफ कमांडेंट आनंद कुमार जेराई



चक्रधरपुर स्थित  सीआरपीएफ की 60वीं बटालियन के कमांडेंट आनंद कुमार जेराई नक्सलियों और आतंकियों के लिए खौफ का पर्याय रहे हैं। उनका मानना है कि देश की रक्षा सर्वोपरि है। देश भक्ति और अपने राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना हर नागरिक में होना जरूरी है। यह सशक्त और समृद्ध राष्ट्र निर्माण में काफी सहायक होता है। ऐसी सोच रखने वाले व्यक्ति ही सच्चे देशभक्त कहलाने के हकदार होते हैं। ऐसा मानना है चक्रधरपुर स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की  60वीं बटालियन के कमांडेंट आनंद कुमार जेराई का। श्री जेराई देश प्रेम के जज्बे और जुनून से ओतप्रोत व आत्मविश्वास से लबरेज पुलिस अधिकारी हैं। उनके लिए राष्ट्र सेवा सर्वोपरि है। वह मानव सेवा को सबसे बड़ा धर्म मानते हैं। बचपन से ही उनमें देशप्रेम की भावना कूट-कूट कर भरी थी। यौवनावस्था में आने पर राष्ट्रप्रेम का जुनून उनके सिर चढ़कर बोलने लगा। देशप्रेम का जज्बा परवान चढ़ने लगा। इसी जज्बे से प्रेरित होकर वे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में शामिल हुए और देश सेवा का अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। श्री जेराई की प्रारंभिक शिक्षा चाईबासा में हुई। उनके पिता स्व. जयराम जेराई बिहार प्रशासनिक सेवा में अधिकारी थे। वहीं, उनकी माता स्व.गौरी जेराई एक कुशल गृहिणी थी। उनके माता-पिता ने आनंद को संस्कार युक्त शिक्षा दिलाने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखी। देश सेवा के प्रति आनंद के बढ़ते शौक को देखकर उनके माता-पिता हमेशा उन्हें प्रेरित करते रहे। चाईबासा में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद आनंद ने रांची स्थित जिला स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा पास की। मारवाड़ी कॉलेज, रांची से उन्होंने इंटरमीडिएट किया और इसके बाद रांची कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। वर्ष 96 बैच के पुलिस अधिकारी आनंद वर्ष 1997 में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में नियुक्त हुए। उनकी बेसिक ट्रेनिंग आसाम में हुई। वह श्रीनगर में भी तीन साल पदस्थापित रहे। त्रिपुरा, राजस्थान,मेघालय व मिजोरम में भी पदस्थापना के दौरान उन्होंने अपनी प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन किया। श्री जेराई एनएसजी में भी पांच वर्षों तक पदस्थापित रहे। इस दौरान वह तत्कालीन उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की सुरक्षा टीम में भी शामिल थे। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस एकेडमी, हैदराबाद में भी अपनी पदस्थापना काल में प्रतिभा का परचम लहराया। उन्हें नक्सलियों की नकेल कसने में महारत हासिल है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र छत्तीसगढ़ के सुकमा में भी स्थापित रहे। उनके कार्यकाल के दौरान नक्सलियों ने सर्वाधिक संख्या में आत्मसमर्पण किया। नक्सली उनके नाम से ही खौफ खाते हैं। श्री जेराई जहां कहीं भी पदस्थापित रहे, अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली, व्यवहार कुशलता और अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदार पहल से अपने मिशन में सफल रहे हैं। उनके निर्देशन और नेतृत्व में सीआरपीएफ बटालियन अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर है। उनकी नेतृत्व क्षमता अद्भुत है। पुलिस विभाग के आला अधिकारियों के मार्गदर्शन और उनके निर्देशों का सम्मान करते हुए वह सेवारत रहते हैं, वहीं, अपने मातहत सहकर्मियों के संग मित्रवत व्यवहार करते हैं। उनका मानना है कि टीम भावना से काम करने पर हम जल्द ही अपने लक्ष्य को हासिल करने में सफल हो जाते हैं। संगठन में शक्ति उनका आदर्श वाक्य है। वह अपने बटालियन में एक जांबाज पुलिस अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। समाज के प्रति अपने संदेश में श्री जेराई कहते हैं कि हर नागरिक को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की आवश्यकता है। युवाओं के प्रति अपने संदेश में वह कहते हैं कि समाज की मुख्यधारा से जुड़ कर अपने भविष्य निर्माण के प्रति गंभीर हों। युवा हमारे देश के भविष्य हैं। उनके कंधों पर हमारे देश का भविष्य टिका होता है। इसलिए युवाओं को अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाने की आवश्यकता है। तभी हमारा देश और समाज सशक्त और समृद्ध हो सकता है।
प्रस्तुति :  विनय मिश्रा

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...