रांची। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार एयरलाइन गोएयर ने सितंबर 2019 में समय की सबसे पाबंद एयरलाइन के रूप में अपना जलवा कायम रखा है। एयरलाइन लगातार 13 महीनों से प्रमुख परफॉर्मर बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार, आॅन-टाइम परफॉर्मेंस के मोर्चे पर गोएयर के विमानों का समय पर उड़ान •ारने का आंकड़ा 85.4 फीसदी रहा। आॅनटाइम परफॉर्मेंस के लिहाज से यह आंकड़ा सितंबर 2019 में घरेलू एयरलाइंस में सबसे ज्यादा है। डीजीसीए ने सितंबर 2019 के लिए आॅन-टाइम परफॉर्मेंस में गोएयर को नंबर वन रैंकिंग दी। गोएयर के विमानों से 13.27 लाख यात्रियों ने उड़ान •ारी। इसमें केवल 0.12 फीसदी यात्रियों ने अपना टिकट कैंसल कराया, जबकि संपूर्ण घरेलू एविएशन इंडस्ट्री का टिकट कैंसलेशन के मामले में औसत 1.37 फीसदी है। हर 10 हजार यात्रियों पर 0.5 शिकायतें दर्ज की गई। गो एयर हर बार, वक्त का पाबंद रहा है। गोएयर के प्रबंध निदेशक जेह वाडिया ने कहा कि हम काफी खुश हैं कि ओटीपी के मामले में गोएयर ने लगातार अपनी चमक बिखेरना जारी रखा है।
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मंगलवार, 22 अक्टूबर 2019
समयबद्ध उड़ानों में नंबर वन बना गो एयर
रांची। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार एयरलाइन गोएयर ने सितंबर 2019 में समय की सबसे पाबंद एयरलाइन के रूप में अपना जलवा कायम रखा है। एयरलाइन लगातार 13 महीनों से प्रमुख परफॉर्मर बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार, आॅन-टाइम परफॉर्मेंस के मोर्चे पर गोएयर के विमानों का समय पर उड़ान •ारने का आंकड़ा 85.4 फीसदी रहा। आॅनटाइम परफॉर्मेंस के लिहाज से यह आंकड़ा सितंबर 2019 में घरेलू एयरलाइंस में सबसे ज्यादा है। डीजीसीए ने सितंबर 2019 के लिए आॅन-टाइम परफॉर्मेंस में गोएयर को नंबर वन रैंकिंग दी। गोएयर के विमानों से 13.27 लाख यात्रियों ने उड़ान •ारी। इसमें केवल 0.12 फीसदी यात्रियों ने अपना टिकट कैंसल कराया, जबकि संपूर्ण घरेलू एविएशन इंडस्ट्री का टिकट कैंसलेशन के मामले में औसत 1.37 फीसदी है। हर 10 हजार यात्रियों पर 0.5 शिकायतें दर्ज की गई। गो एयर हर बार, वक्त का पाबंद रहा है। गोएयर के प्रबंध निदेशक जेह वाडिया ने कहा कि हम काफी खुश हैं कि ओटीपी के मामले में गोएयर ने लगातार अपनी चमक बिखेरना जारी रखा है।
सुरों के आसमान की ओर बढ़ती मखमली आवाज़
अपनी सुरमयी गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करने की कला में निपुण हैं निधि कुमारी। वह मखमली आवाज का जादू बिखेरते हुए अपनी गायन प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। उन्हें गाना गाने का शौक बचपन से ही रहा है। वह चक्रधरपुर में पली-बढ़ीं। उनके पिता संजय कुमार चक्रधरपुर रेल मंडल कार्यालय में अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। वहीं, उनकी माता रीता कुमारी एक कुशल गृहणी हैं। निधि ने चक्रधरपुर स्थित एस ई रेलवे इंग्लिश मीडियम स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा पास की। केन्द्रीय विद्यालय से प्लस टू किया। इसके बाद वह उच्च शिक्षा के लिए जमशेदपुर आ गई। महिला काॅलेज से स्नातक और फिर स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान भी उनका रुझान गाना के प्रति रहा। उसने चार वर्ष की अल्पायु से ही गाना शुरू किया था। स्कूल व काॅलेज में समय-समय पर होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में वह अपनी गायन प्रतिभा का बखूबी प्रदर्शन करती। कई अवसरों पर सुरों की महफिल में शामिल होकर अपनी गायकी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर उसने खूब वाहवाही बटोरी। वह अपना आदर्श अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त पार्श्वगायिका लता मंगेशकर को मानती है। वह सोनी टीवी के लोकप्रिय शो इंडियन आइडल में 15 वां स्थान प्राप्त करने में सफल रही। उसका लक्ष्य एक सफल पार्श्वगायिका बनने का है। निधि ने गीत-संगीत को अपने जीवन की साधना मान लिया है। सुरों का जादू उसके सिर चढ़कर बोलता है। वह मां सरस्वती की उपासक हैं। उसके सहपाठी, सखी-सहेली सब उसकी गायन प्रतिभा के कायल हैं। निधि का सपना एक सफल गायक बनने का है। इस दिशा की ओर वह अग्रसर हैं। चक्रधरपुर शहर के निवासी निधि की सफलता पर गर्व करते हुए कहते हैं कि आनेवाले समय में वह गायकी के क्षेत्र में पूरे झारखंड का नाम रौशन करेगी। निधि अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देती है। वहीं, रेलवे में कार्यरत मौली भट्टाचार्य को वह अपना प्रेरणास्रोत मानती हैं। निधि कहती हैं कि गीत-संगीत एक साधना है। इससे शांति और सुकून मिलता है। तनाव और फुर्सत के क्षणों में कर्णप्रिय गीत और संगीत सुनने से काफी राहत मिलती है। गायन के क्षेत्र में आगे बढ़ते रहना और एक बेहतरीन पार्श्वगायिका का खिताब जीतना उसके जीवन का मुख्य लक्ष्य है।
सोमवार, 21 अक्टूबर 2019
17 वर्ष बाद पिचडी कोयला खदान फिर से हुआ प्रारम्भ
● मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बेरमो में पिचड़ी कोयला खदान, सीसीएल के 150 करोड़ एवं राज्य सरकार की 228 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया
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★पिचड़ी कोयला खदान स्थानीय लोगों के लिए रोजगार में होगा सहायक
★सौरऊर्जा की ओर दुनिया जा रही है हमें भी सौरऊर्जा अपनाना चाहिए
★पहले हो पुनर्वास
बेरमो/बोकारो। पिछड़ी खदान के खुलने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। सीसीएल द्वारा सीएसआर फण्ड के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई के क्षेत्र में 150 करोड़ की 15 योजनाओं का शिलान्यास हुआ। राज्य सरकार ने भी 228 करोड़ की 103 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया है। आज बेरमो के लिए ऐतिहासिक दिन है। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने बेरमो में आयोजित विभिन्न योजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास समारोह में कही।
जिसमें पूरी दुनिया को रोशन करने की क्षमता, वह रह गया अंधेरे में
श्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड जहां कुदरत ने सबसे अधिक कोयला दिया है। यह दुर्भाग्य है कि जिस झारखण्ड के पास पूरी दुनिया को रोशन करने की क्षमता है। वहां के 30 लाख लोग 67 साल तक अंधेरे में रहे, यहां गरीबी ने अपना शिकंजा कस लिया। पूर्व की सरकारें लोगों को बिजली उपलब्ध नहीं करा सकी। राज्य के 30 लाख घर अंधेरे में थे। हमने 2014 के बाद मात्र 5 वर्ष के अंदर 30 लाख घरों में बिजली पहुंचा दी और बंद माइन्स को फिर से शुरू किया। यह स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में सहायक होगा। 18 अक्टूबर को केंद्रीय कोयला मंत्री से हुई बात के बाद मुझे भरोसा हुआ कि अब विस्थापितों के साथ न्याय होगा।
हम पहले पुनर्वास हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्थापन 2014 के पहले की देन है। पहले किसी ने गरीबों पर ध्यान नहीं दिया। वर्तमान सरकार ने केंद्रीय कोयला मंत्री से स्पष्ट कहा है कि विस्थापन से पहले पुनर्वास को प्राथमिकता दें। उन्हें उनकी जमीन का पट्टा दें। ताकि योजनाओं का लाभ उनतक पहुंच सके। वर्तमान सरकार के प्रयासों का ही प्रतिफल है कि विस्थापित परिवार को अब पट्टा मिलना शुरू हो गया। गलत नीति का परिणाम है कि हम सिर्फ कोयला बेच रहे हैं। यदि हम कोयला के बदले बिजली बेचते तो आज तस्वीर कुछ और होती। 2014 के बाद से सरकार ने विद्युत उत्पादन के दिशा में काम किया। एनटीपीसी के साथ 4000 मेगावाट बिजली उत्पादन का करार हुआ है। 660 और 660 मेगावाट का पावर स्टेशन भी तैयार हो रहा है। अब झारखंड बिजली देने वाला राज्य बनेगा। आज दुनिया सौर ऊर्जा की तरफ जा रही है। सरकार सौर ऊर्जा उत्पादन की दिशा में बढ़ रही है।
इनका हुआ उदघाटन एवं शिलान्यास...
सीसीएल द्वारा....
*★17 वर्ष बाद पुन: पिचड़ी कोल माइंस का शिलान्यास, तालाब की खुदाई एवं सौंदर्यीकरण परियोजना, खेल अकादमी परियोजना का कायाकल्प, चेक डैम निर्माण परियोजना, बागवानी उत्पादन की आधारभूत संरचना एवं विस्तार परियोजना, दूषित जल उपचार संयंत्र एवं सार्वजनिक शौचालय निर्माण परियोजना, सांस एवं फेफड़ों की बीमारी के बचाव हेतु जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविरों संबंधित परियोजना, सफाई हेतु रोड स्वीपिंग मशीनों की खरीदारी एवं निरंतर उपयोग संबंधित परियोजना, परिधीय गांव में सौर ऊर्जा चालित स्ट्रीट लाइट परियोजना, परिधि गांवों में स्थित स्कूलों की मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण परियोजना, पर्यावरण अनुसंधान एवं सस्टेनबिलिटी संस्थान परियोजना, जल संरक्षण प्रणाली निर्माण एवं विकास संबंधित परियोजना, परिधि गांवों में पेयजल हेतु सौर ऊर्जा द्वारा संचालित मोटर पंप एवं बोरवेल परियोजना, किसानों को जल संरक्षण एवं सिंचाई हेतु प्रशिक्षण परियोजना, फुसरो बाईपास रोड परियोजना का शिलान्यास किया गया।
राज्य सरकार द्वारा इनका हुआ उद्घाटन और शिलान्यास..
जिला प्रशासन 79 विभिन्न अलग-अलग योजनाओं का 20221.53 लाख की लागत निर्माण का शिलान्यास, 5 योजनाओं का जो 2637.37 लाख की लागत निर्माण का उद्घाटन, विभिन्न19 योजनाओं में 16532 लोगों के बीच 1760.18 लाख रुपया परिसंपत्ति का वितरण किया गया ।
कार्यक्रम में भू राजस्व खेल एवं पर्यटन मंत्री श्री अमर कुमार बाउरी, रांची सांसद श्री संजय सेठ, विधायक बेरमो श्री योगेश्वर महतो, बोकारो विधायक श्री विरंची नारायण, पूर्व सांसद गिरिडीह श्री रविंद्र कुमार पांडे, सीसीएल के अध्यक्ष सह् प्रबंधक निदेशक श्री गोपाल सिंह, उप विकास आयुक्त श्री रवि रंजन मिश्रा, अपर समाहर्ता विजय कुमार गुप्ता, जिला प्रशासन के पदाधिकारी व सीसीएल के पदाधिकारी व कर्मचारी सहित हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।
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★पिचड़ी कोयला खदान स्थानीय लोगों के लिए रोजगार में होगा सहायक
★सौरऊर्जा की ओर दुनिया जा रही है हमें भी सौरऊर्जा अपनाना चाहिए
★पहले हो पुनर्वास
बेरमो/बोकारो। पिछड़ी खदान के खुलने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। सीसीएल द्वारा सीएसआर फण्ड के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई के क्षेत्र में 150 करोड़ की 15 योजनाओं का शिलान्यास हुआ। राज्य सरकार ने भी 228 करोड़ की 103 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया है। आज बेरमो के लिए ऐतिहासिक दिन है। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने बेरमो में आयोजित विभिन्न योजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास समारोह में कही।
जिसमें पूरी दुनिया को रोशन करने की क्षमता, वह रह गया अंधेरे में
श्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड जहां कुदरत ने सबसे अधिक कोयला दिया है। यह दुर्भाग्य है कि जिस झारखण्ड के पास पूरी दुनिया को रोशन करने की क्षमता है। वहां के 30 लाख लोग 67 साल तक अंधेरे में रहे, यहां गरीबी ने अपना शिकंजा कस लिया। पूर्व की सरकारें लोगों को बिजली उपलब्ध नहीं करा सकी। राज्य के 30 लाख घर अंधेरे में थे। हमने 2014 के बाद मात्र 5 वर्ष के अंदर 30 लाख घरों में बिजली पहुंचा दी और बंद माइन्स को फिर से शुरू किया। यह स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में सहायक होगा। 18 अक्टूबर को केंद्रीय कोयला मंत्री से हुई बात के बाद मुझे भरोसा हुआ कि अब विस्थापितों के साथ न्याय होगा।
हम पहले पुनर्वास हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्थापन 2014 के पहले की देन है। पहले किसी ने गरीबों पर ध्यान नहीं दिया। वर्तमान सरकार ने केंद्रीय कोयला मंत्री से स्पष्ट कहा है कि विस्थापन से पहले पुनर्वास को प्राथमिकता दें। उन्हें उनकी जमीन का पट्टा दें। ताकि योजनाओं का लाभ उनतक पहुंच सके। वर्तमान सरकार के प्रयासों का ही प्रतिफल है कि विस्थापित परिवार को अब पट्टा मिलना शुरू हो गया। गलत नीति का परिणाम है कि हम सिर्फ कोयला बेच रहे हैं। यदि हम कोयला के बदले बिजली बेचते तो आज तस्वीर कुछ और होती। 2014 के बाद से सरकार ने विद्युत उत्पादन के दिशा में काम किया। एनटीपीसी के साथ 4000 मेगावाट बिजली उत्पादन का करार हुआ है। 660 और 660 मेगावाट का पावर स्टेशन भी तैयार हो रहा है। अब झारखंड बिजली देने वाला राज्य बनेगा। आज दुनिया सौर ऊर्जा की तरफ जा रही है। सरकार सौर ऊर्जा उत्पादन की दिशा में बढ़ रही है।
इनका हुआ उदघाटन एवं शिलान्यास...
सीसीएल द्वारा....
*★17 वर्ष बाद पुन: पिचड़ी कोल माइंस का शिलान्यास, तालाब की खुदाई एवं सौंदर्यीकरण परियोजना, खेल अकादमी परियोजना का कायाकल्प, चेक डैम निर्माण परियोजना, बागवानी उत्पादन की आधारभूत संरचना एवं विस्तार परियोजना, दूषित जल उपचार संयंत्र एवं सार्वजनिक शौचालय निर्माण परियोजना, सांस एवं फेफड़ों की बीमारी के बचाव हेतु जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविरों संबंधित परियोजना, सफाई हेतु रोड स्वीपिंग मशीनों की खरीदारी एवं निरंतर उपयोग संबंधित परियोजना, परिधीय गांव में सौर ऊर्जा चालित स्ट्रीट लाइट परियोजना, परिधि गांवों में स्थित स्कूलों की मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण परियोजना, पर्यावरण अनुसंधान एवं सस्टेनबिलिटी संस्थान परियोजना, जल संरक्षण प्रणाली निर्माण एवं विकास संबंधित परियोजना, परिधि गांवों में पेयजल हेतु सौर ऊर्जा द्वारा संचालित मोटर पंप एवं बोरवेल परियोजना, किसानों को जल संरक्षण एवं सिंचाई हेतु प्रशिक्षण परियोजना, फुसरो बाईपास रोड परियोजना का शिलान्यास किया गया।
राज्य सरकार द्वारा इनका हुआ उद्घाटन और शिलान्यास..
जिला प्रशासन 79 विभिन्न अलग-अलग योजनाओं का 20221.53 लाख की लागत निर्माण का शिलान्यास, 5 योजनाओं का जो 2637.37 लाख की लागत निर्माण का उद्घाटन, विभिन्न19 योजनाओं में 16532 लोगों के बीच 1760.18 लाख रुपया परिसंपत्ति का वितरण किया गया ।
कार्यक्रम में भू राजस्व खेल एवं पर्यटन मंत्री श्री अमर कुमार बाउरी, रांची सांसद श्री संजय सेठ, विधायक बेरमो श्री योगेश्वर महतो, बोकारो विधायक श्री विरंची नारायण, पूर्व सांसद गिरिडीह श्री रविंद्र कुमार पांडे, सीसीएल के अध्यक्ष सह् प्रबंधक निदेशक श्री गोपाल सिंह, उप विकास आयुक्त श्री रवि रंजन मिश्रा, अपर समाहर्ता विजय कुमार गुप्ता, जिला प्रशासन के पदाधिकारी व सीसीएल के पदाधिकारी व कर्मचारी सहित हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।
डबल इंजन की सरकार केंद्र और राज्य के सहयोग समन्वय का पर्यायः रघुवर दास
मुख्यमंत्री के पहल पर केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय ने झारखंड को दिया 306.86 एकड़ जमीन.. जिसमें प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लिए 107.2 8 एकड़ जमीन नि:शुल्क दी जा रही।
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मुख्यमंत्री रघुवर दास की पहल पर उद्योग मंत्रालय ने एचईसी परिसर में 306.86 एकड़ जमीन देने की मंजूरी प्रदान की है। इसमें 107.28 एकड़ जमीन प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लिए नि:शुल्क दी जाएगी तथा 199.58 एकड़ जमीन राज्य सरकार को सशुल्क मिलेगी। इस संबंध में भारी उद्योग मंत्रालय ने आदेश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं भारी उद्योग मंत्री अरविंद गणपत सावंत एवं राज्य मंत्री श्री अर्जुन मेघवाल को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि जमीन मिलने से बड़ी संख्या में शहरी स्लमवासी लाभुकों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिए जा सकेंगे। डबल इंजन की सरकार केंद्र और राज्य के सहयोग समन्वय का पर्याय है। इस कदम से सरकार के अन्य विकास कार्य भी धरातल पर उतारे जा सकेंगे।
गौरतलब है कि अगस्त में मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली दौरे पर इस जमीन के लिए केंद्र सरकार से अपील की थी।
मुख्यमंत्री ने झारखंड भवन नई दिल्ली के स्थानिक आयुक्त श्री एम आर मीणा और मुख्यमंत्री के आप्त सचिव श्री के पी बलियान् को भी तत्पर प्रयास के लिए बधाई दी।
पारस एचईसी हॉस्पिटल का शुभारंभ
* अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं अब रांची में भी उपलब्ध
रांची। पारस एचईसी हॉस्पिटल का सोमवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। अस्पताल का उद्घाटन पारस हेल्थकेयर के एमडी डॉ.धर्मिन्दर नागर और ज्वाइंट एमडी डॉ. गुरदीप नागर ने संयुक्त रूप से किया। इस अस्पताल के खुलने से अब लोगों को राजधानी में
महानगरों की तर्ज पर अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेगी। अभी यह हॉस्पिटल 54 बेड का है, लेकिन आनेवाले समय में यह 300 बेड का सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल होगा। इस संबंध में पत्रकारों को जानकारी देते हुए पारस एचईसी अस्पताल के यूनिट हेड डॉ. नीतेश कुमार ने बताया कि अभी जेनरल मेडिसीन, जेनरल सर्जरी, शिशु रोग विभाग, स्त्री रोग विभाग, हड्डी रोग विभाग, नेत्र रोग विभाग, ईएनटी विभाग, दंत रोग विभाग तथा फीजियोथेरेपी विभाग में इलाज उपलब्ध है।
हॉस्पिटल में अभी उपलब्ध सुविधाओं के बारे में उन्होंने कहा कि 24 घंटे इमरजेंसी सेवा, लैब,एक्सरे, अल्ट्रासाउंड दो ऑपरेशन थियेटर, छह बेड का आईसीयू, चार बेड का नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष, लेबर रूम और कई अन्य सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी। अभी विभिन्न विभागों के 12 विशेषज्ञ डॉक्टर्स यहां उपलब्ध हैं, कुछ समय बाद आवश्यकतानुसार चिकित्सकों की संख्या बढ़ाई जाएगी। पारस एचईसी अस्पताल में एक छत के नीचे सारी सुविधाएं उपलब्ध है। कहीं दूसरे जगह भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
डॉ. नीतेश ने बताया कि इसके साथ ही पारस ग्रुप के अब आठ हॉस्पिटल विभिन्न राज्यों में उपलब्ध हैं। बिहार के
पटना और दरभंगा, झारखंड के रांची, राजस्थान के उदयपुर, हरियाणा के पंचकूला और गुडगांव में दो-
दो हॉस्पिटल लोगों के इलाज और सेवा में लगे हैं। उन्होंने बताया कि एचइसी कर्मियों के लिए प्रबंधन के साथ हुए एमओयू के अनुसार उन्हें चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराई जाएगी। प्रेसवार्ता में पारस हेल्थकेयर के चीफ आॅपरेटिंग आॅफिसर डॉ. शंकर नारंग, बिजनेस स्ट्रैटजी डायरेक्टर डॉ.कपिल गर्ग, रिजनल डायरेक्टर डॉ.तलत हलीम, फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ.अजय सिंह, वीपी,(मार्केटिंग) पुनीत श्रीवास्तव सहित अन्य मौजूद थे। वहीं, अस्पताल के उद्घाटन समारोह में एचईसी के निदेशक (कार्मिक) एमके सक्सेना, निदेशक (उत्पादन और विपणन) राणा सुभाशीष चक्रवर्ती, मुख्य नगर प्रशासक हेमंत गुप्ता, श्रमिक नेता राणा संग्राम सिंह, लीलाधर सिंह सहित काफी संख्या में एचईसी कर्मी विशेष अन्य मौजूद थे।
एनएचआरसीबी ने नारी निकेतन की महिलाओं का किया उत्साहवर्द्धन
* दीपों पर आकर्षक चित्रकारी कर महिलाओं ने प्रर्दशित किए अपने हुनर
रांची। एनएचआरसीसीबी की प्रांतीय महिला प्रकोष्ठ ने महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके तहत कांके के अरसंडे स्थित नारी निकेतन की महिलाओं को एनएचआरसीसीबी की ओर से दो हजार दीप दिए गए। उन सभी दीयों पर निकेतन की महिलाओं ने रंग-बिरंगे चित्रों को उभारकर आकर्षक व मनमोहक बनाया है। दीपों पर चित्रकारी कर महिलाओं ने अपने-अपने हूनर प्रदर्शित किए। एनएचआरसीसीबी के महिला प्रकोष्ठ की
प्रान्तीय अध्यक्ष प्रिया पोद्दार ने बताया कि हमारी पूरी कोशिश है कि हम नारी निकेतन की महिलाओ को रोजगार से जोड़ें। इसी उद्देश्य से निकेतन की महिलाओं को दीयों में रंग रोगन का ट्रेनिंग करवाया। ट्रेनिंग लेने के बाद महिलाएं काफी सक्रिय हुई और बहुत कम समय में ही दो हजार दीये सजा दिए।
एनएचआरसीसीबी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणधीर कुमार वर्मा ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रांतीय महिला टीम का यह प्रयास काफी सराहनीय है। पूरी टीम सामाजिक कार्यों में सक्रियता से काम कर रही है। नारी निकेतन की महिलाओं द्वारा दीपों पर की गई अद्भुत चित्रकारी मनमोहक प्रस्तुति है। इन दीपों की बिक्री से जो राशि प्राप्त होगी, वह उन महिलाओं के हूनर के प्रति सम्मान होगा। महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह सराहनीय कदम है।
टीम की मोनिका जलान, कीर्ति मारू, रेखा अग्रवाल, पायल बजाज, अंशु चौधरी, नीतू गुप्ता, अमृता विनीता जैन, सरिता बथवाल, लवी राय ने नारी निकेतन की महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें हर संभव सहयोग करने का संकल्प लिया।
आइसा का प्रथम झारखंड राज्य सम्मेलन सम्पन्न
छात्रों के हक अधिकार के लिए आगे आना होगा -- सबीर
रांची, 21 अक्टूबर 2019। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन झारखंड इकाई की प्रथम राज्य सम्मेलन अंजुमन इस्लामिया हाल मे सम्पन्न हुआ । झारखंड के विभिन्न जिलों से करीब 100 आइसा प्रतिनिधियो ने प्रथम राज्य सम्मेलन में शामिल हुए । सम्मेलन की शुरुआत भाकपा माले केंद्रीय कमिटी सदस्य सुभेन्दु सेन जी का उदघाटन भाषण से किया गया ।उन्होने कहा कि मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति ने छात्रो को विद्यालयो से बाहर ढकेल देने का प्रयास किया है । झारखंड राज्य मे शिक्षा का हाल बेहाल है । सरकारी स्कूलो को मर्ज कर शिक्षको को की छंटनी करने की तैयारी चल रही है । ऊपर से नई बहाली भी नही हो रही है।
कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रीय आइसा कमेटी की ओर से बिहार आइसा के सचिव काॅ सबीर शामिल हुए । उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि आज सरकार जिस तरह फीस बढ़ोतरी, छात्रवृत्ति कटौती, सीट कटौती की है उससे मध्यम वर्ग, और निम्न वर्ग से शिक्षा छीन लिया जा रहा है। आज जरूरत है एकजुट होने की, जिससे हम अपनी अवाज को बुलंद कर सके ताकि गरीब बच्चों के लिए गुणबत्तापूर्ण शिक्षा का माहौल बन सके और सरकारी स्कूलों की उचित ब्यबस्था कायम की जा सके। कार्यक्रम मे आइसा के पूर्व नेता सह इंकलाबी नौजवान सभा के राज्य कमिटी के सदस्य अमल घोष ने कहा आज के समय मे आइसा किसी पहचान की मोहताज नही है और हमारी साथी इस पहचान को बनाये रखेंगे।हम नए निर्वाचित पदाधिकारी शिक्षा के खराब नीतियों के खिलाफ विरोध करेंगे और मजबूती से लड़ाई लड़ेंगे।
सम्मेलन मे आइसा राज्य कमिटी के गठन किया गया जिसमे , सोहेल अंसारी को राज्य अध्यक्ष, त्रिलोकीनाथ को राज्य सचिव, अभय साहू को उपाध्यक्ष, इजहार अली हैदर को को सहसचिव, तरुण को राज्य कार्यालय सचिव समेत 19 सदस्यीय राज्य कमिटी की चुनाव किए गए । 43 सदस्यीय आईसा झारखंड राज्य परिषद का चुनाव भी किए गए ।
नयी टीम ने राज्य मे गुणबत्तापूर्ण शिक्षा के लिए और बेरोजगारी के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ने की संकल्प ली है।
आईसा का प्रथम झारखंड राज्य सम्मेलन का संचालन 4 सदस्यीय -- पुष्पा कुमारी मोइन खान निषाद खान और इनौस का राज्य सचिव अमल घोष --अध्यक्षमण्डल द्वारा किया गया ।
पलामू रांची , रामगढ़ , हजारीबाग , गिरिडीह , बोकारो देवघर धनबाद आदि जिलों से आईसा प्रतिनिधियो ने प्रथम राज्य सम्मेलन में शामिल हुए
सम्मेलन का समापन भाषण में नवनिर्बाचित आईसा राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ ने कहा कि जनपक्षीय शिक्षा नीति का निर्माण के लिए और बेरोजगारी के खिलाफ झारखंड राज्यब्यापी एक बड़े आंदोलन करनेकी घोषणा किए और इसके लिए समानधर्मी वाम छात्र युबा संगठनों को भी इस आंदोलन में एकजुट करने का संकल्प लिए गए ।
फिलहाल 8 से 10 नवंबर 2019 को हैदराबाद में आयोजित होनेवाले AISA का राष्ट्रीय सम्मेलन को सफल करने की योजना ली गई । आईसा का प्रथम राज्य सम्मेलन में एआई पी एफ के नेता बशीर अहमद और भाकपा माले रांची जिला सचिव भुबनेश्वर केवट भी शामिल हुए और अपनी बात रखे ।
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