रांची। झारखंड असिस्टेंट प्रोफेसर (अनुबंध) संघ की भूख हड़ताल तीसरे दिन जारी। झारखंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों में कार्यरत घंटी आधरित अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर अपनी एकसूत्रीय मांग यू.जी.सी. रेगुलेशन 2018 के नियमानुसार निश्चित मासिक मानदेय हेतु आज तीसरे दिन भी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निरंजन कुमार महतो ने कहा कि अनुबंध प्राध्यापकों को सम्मान जनक एक निश्चयत मानदेय मिलना चाहिए क्योंकि हमलोग परमानेंट शिक्षकों के समान प्रशाशनिक और परीक्षा सम्बंधित सभी कार्यों को करते हैं।साथ ही डॉ. महतो ने बताया कि हड़ताल में बैठे लोगों की स्थिति दिन प्रतिदिन बिगड़ते जा रही है। भूख हड़ताल पर बैठने वाले डॉ दिव्य पूजा तथा डॉ लता तबियत अचानक उस समय गड़बड हो गई जिस समय कॉंग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव धरना स्थल पर मौजूद थे।तदुपरांत दोनों को सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां देर शाम तक वे चिकित्सक के निरीक्षण में रखे गए। भूख हड़ताल पर बैठे प्रदेश संरक्षक डॉ संजय कुमार झा, प्रदेश सचिव प्रभाकर कुमार, प्रदेश उप कोषाध्यक्ष डॉ संगीता कुजूर एवं डॉ हर्षवर्धन के स्वास्थ्य में भी तेजी से गिरावट हो रही है। इनको अपना समर्थन देने आए हुए डॉ रामेश्वर उरांव, आलोक चौबे, केशव महतो कमलेश, कॉंग्रेस प्रदेश प्रवक्ता डॉ राकेश किरण, राजेश ठाकुर ने कहा कि राज्य की यह दुर्दशा है कि पीएचडी , नेट और गोल्ड मेडलिस्ट जैसे योग्यताधारियों से कार्य तो असिस्टेंट प्रोफेसर की तरह लिया जाता है परंतु मानदेय के आधार पर घंटी आधारित, जो कि न सिर्फ ऐसे शिक्षकों के लिए बल्कि हम सभी के लिए असहनीय है। पूरी कॉंग्रेस पार्टी का समर्थन में आपके आंदोलन के साथ है। झारखण्ड विकास मोर्चा के प्रवक्ता डॉ जगदीश लोहरा ने कहा कि हमारी पार्टी का अनवरत सहयोग और समर्थन ऐसे विद्वानों के साथ हमेशा बनी रहेगी। आम आदमी पार्टी के सुशील क्रांतिकारी ने अपना नैतिक समर्थन देते हुए कहा कि ये जिस राज्य में गुरु का सम्मान नहीं उस शिक्षा व्यवस्था की क्या स्थिति हो सकती है यह हम सभी के लिए सोचनीय है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता डॉ. तनुज खत्री ने कहा कि मैं आपलोगों का नैतिक समर्थन करता हूँ और आपलोगों के आंदोलन में साथ खड़ा है। डॉ.संजय कुमार झा ने ये भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी हमारी निश्चित मानदेय तय नहीं कर देती है। इस धरने में डॉ. त्रिभुवन साही,डॉ. राकेश किरण,डॉ. सरस्वती गागराई,डॉ. जय मंगल किशोर, डॉ चंद्राणी सरकार, श्वेता शर्मा , डॉ अभिषेक गुप्ता,डॉ राम प्रवेश, डॉ हिमांशु शुक्ला, नीरज धर दुबे, डॉ शोभा मुर्मू ,डॉ संतोष कुमार, डॉ यदुवंश,डॉ रजनी मुर्मू,डॉ तस्लीम आरिफ, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, डॉ अन्नपूर्णा, डॉ प्रीति, डॉ जनार्दन राम आदि ने भी संबोधित किया।
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बुधवार, 23 अक्टूबर 2019
झारखंड अनुबंध प्रोफेसर संघ की.भूख हड़ताल जारी
रांची। झारखंड असिस्टेंट प्रोफेसर (अनुबंध) संघ की भूख हड़ताल तीसरे दिन जारी। झारखंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों में कार्यरत घंटी आधरित अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर अपनी एकसूत्रीय मांग यू.जी.सी. रेगुलेशन 2018 के नियमानुसार निश्चित मासिक मानदेय हेतु आज तीसरे दिन भी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निरंजन कुमार महतो ने कहा कि अनुबंध प्राध्यापकों को सम्मान जनक एक निश्चयत मानदेय मिलना चाहिए क्योंकि हमलोग परमानेंट शिक्षकों के समान प्रशाशनिक और परीक्षा सम्बंधित सभी कार्यों को करते हैं।साथ ही डॉ. महतो ने बताया कि हड़ताल में बैठे लोगों की स्थिति दिन प्रतिदिन बिगड़ते जा रही है। भूख हड़ताल पर बैठने वाले डॉ दिव्य पूजा तथा डॉ लता तबियत अचानक उस समय गड़बड हो गई जिस समय कॉंग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव धरना स्थल पर मौजूद थे।तदुपरांत दोनों को सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां देर शाम तक वे चिकित्सक के निरीक्षण में रखे गए। भूख हड़ताल पर बैठे प्रदेश संरक्षक डॉ संजय कुमार झा, प्रदेश सचिव प्रभाकर कुमार, प्रदेश उप कोषाध्यक्ष डॉ संगीता कुजूर एवं डॉ हर्षवर्धन के स्वास्थ्य में भी तेजी से गिरावट हो रही है। इनको अपना समर्थन देने आए हुए डॉ रामेश्वर उरांव, आलोक चौबे, केशव महतो कमलेश, कॉंग्रेस प्रदेश प्रवक्ता डॉ राकेश किरण, राजेश ठाकुर ने कहा कि राज्य की यह दुर्दशा है कि पीएचडी , नेट और गोल्ड मेडलिस्ट जैसे योग्यताधारियों से कार्य तो असिस्टेंट प्रोफेसर की तरह लिया जाता है परंतु मानदेय के आधार पर घंटी आधारित, जो कि न सिर्फ ऐसे शिक्षकों के लिए बल्कि हम सभी के लिए असहनीय है। पूरी कॉंग्रेस पार्टी का समर्थन में आपके आंदोलन के साथ है। झारखण्ड विकास मोर्चा के प्रवक्ता डॉ जगदीश लोहरा ने कहा कि हमारी पार्टी का अनवरत सहयोग और समर्थन ऐसे विद्वानों के साथ हमेशा बनी रहेगी। आम आदमी पार्टी के सुशील क्रांतिकारी ने अपना नैतिक समर्थन देते हुए कहा कि ये जिस राज्य में गुरु का सम्मान नहीं उस शिक्षा व्यवस्था की क्या स्थिति हो सकती है यह हम सभी के लिए सोचनीय है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता डॉ. तनुज खत्री ने कहा कि मैं आपलोगों का नैतिक समर्थन करता हूँ और आपलोगों के आंदोलन में साथ खड़ा है। डॉ.संजय कुमार झा ने ये भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी हमारी निश्चित मानदेय तय नहीं कर देती है। इस धरने में डॉ. त्रिभुवन साही,डॉ. राकेश किरण,डॉ. सरस्वती गागराई,डॉ. जय मंगल किशोर, डॉ चंद्राणी सरकार, श्वेता शर्मा , डॉ अभिषेक गुप्ता,डॉ राम प्रवेश, डॉ हिमांशु शुक्ला, नीरज धर दुबे, डॉ शोभा मुर्मू ,डॉ संतोष कुमार, डॉ यदुवंश,डॉ रजनी मुर्मू,डॉ तस्लीम आरिफ, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, डॉ अन्नपूर्णा, डॉ प्रीति, डॉ जनार्दन राम आदि ने भी संबोधित किया।
मंगलवार, 22 अक्टूबर 2019
चुनाव में ब्राह्मणों को ज्यादा भागीदारी की मांग
रांची। आज विश्व ब्राह्मण संघ कार्यकारिणी की बैठक अपराहन 3:00 बजे से संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी की अद्यक्षता में होटल रॉयल रांची एयरपोर्ट रोड हिनू में हुई जिसमें सभी राजनीतिक दलों से आगामी विधानसभा चुनाव में ब्राह्मणों को अधिक से अधिक प्रतिनिधित्व देने की मांग की गई, साथ ही यह निर्णय लिया गया कि संघ के पदाधिकारी जिन बिधानसभा क्षेत्र में ब्राम्हण उमीदवार चुनाव लड़ेंगे वहां जा कर ब्राह्मण उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे। साथ ही साथ संगठन के कामकाज के लिए झारखंड में संघ के अन्य पदों का विस्तार दीपावली और छठ के पश्चात किया जाएगा, इस दौरान संघ के तरफ से राज्य के सभी भाई-बहनों को दीपावली और छठ की बधाई दी गयी। इस दौरान प्रदेश अध्य्क्ष श्री तिवारी ने बताया कि विश्व ब्राह्मण सँघ, झारखंड प्रदेश ने सभी राजनैतिक दलों के अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा है कि विधान सभा चुनाव 2019 मे अपने-अपने दल से अधिक से अधिक टिकट ब्राह्मण प्रत्याशियों को दे , हम सब अपने प्रत्यशियो को विजय दिलाने का पुरा जिम्मेदारी भी लेते है , झारखंड के 32 विधान सभा और 6 लोक सभा सीट पर ब्राह्मण की बहुलता है , ब्राह्मण वोट निर्णायक होता है , एक ब्राह्मण अपने साथ दस परिवारो को जोडता है और पचास वोट की क्षमता रखता है , ब्राह्मण अपने साथ अपने यजमान और पचपोनिया ( नाई, बडही , ढोलिया, कुम्हार , धोबी आदि ) के साथ मिलकर समाज हित मे काम करता है , ब्राह्मण धन सँचय नही करता है , इसलिऐ ब्राह्मण का समाज के सभी वर्ग पर समान सम्बन्ध रखता है , जिसके कारण इनकी जीत सुनिश्चित होती है , जिस विधान सभा मे सबसे कम ब्राह्मण की संख्या है वहाँ से भी ब्राह्मण विधायक जीत कर विधान सभा मे है यह उनके अच्छे काम का परिणाम है , , अनारक्षित सीटो पर अधिक से अधिक प्रत्याशी दें ब्राह्मण- *ब्राह्मण समाज को तोड़ता नहीं जोड़ता है* समाज में ऐसी व्यवस्था ब्राह्मण के आहित में फैलाई गई है पर ऐसा नहीं है समाज समझता है समाज जानता है कि समाज को ब्राह्मणों ने क्या दिया है यह जानकारी विश्व ब्राह्मण सँघ झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष पँ धर्मेन्द्र तिवारी, प्रदेश महासचिव -श्री रामदेव पाण्डेय, बी के त्रिपाठी, राजा दुवे , पवन पाण्डेय, राजेश तिवारी , नागप्रेमी जी अनिरुद्ध तिवारी जी श्रीमती नीलम तिवारी जी श्री अनिल कुमार तिवारी जी श्री अरविंद कुमार दुबे जी श्री संतोष पाठक जी श्री ब्रज विलास पाठक जी स्वामी दिव्याज्ञान महाराज जी और स्वामी सुशीला नंदन जी श्री शंकर दुबे जी, डॉक्टर सुधांशु शेखर जी, श्री विवेक त्रिपाठी जी ,बसंत पाठक जी, देवाशीष तिवारी जी की उपस्थिति में यह निर्णय लिया गया।
दिव्यांगता नियमावली बनाने वाला देश का पहला राज्य बना झारखंड: सतीश चंद्रा
रांची। स्थानीय राज रेजीडेंसी होटल में एनसीपीईडीपी नई दिल्ली, स्वाभिमान उड़ीसा एवं झारखंड विकलांग मंच के संयुक्त तत्वाधान में दो दिवसीय आयोजित राज्य स्तरीय दिव्यांगता सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए राज्य निशक्तता आयुक्त श्री सतीश चंद्रा ने कहा कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के अंतर्गत झारखंड राज्य नियमावली बनाने वाला देश का पहला राज्य है सरकार दिव्यांग जनों के विकास के प्रति काफी संवेदनशील एवं प्रयत्नशील है झारखंड एक ऐसा राज्य है जहां 5 वर्ष तक के बच्चों से ही स्वामी विवेकानंद निशक्त स्वालंबन प्रोत्साहन राशि ₹1000 प्रतिमाह दिया जाता है आने वाले समय में दिव्यांग जनों के स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य सरकार सोसाइटी का गठन करेगी एवं छोटे छोटे उद्योग चलाने में मदद किया जाएगा अभी का जिला स्तरीय मोबाइल कोर्ट जागरूकता शिविर अब प्रखंड स्तरीय एवं पंचायत स्तरीय लगाकर दिव्यांग जनों के लिए उपलब्ध सुविधाएं उन्हें सरल प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा | प्रशिक्षण का प्रारंभ दीप जलाकर किया गया सभी अतिथियों को दीपावली के शुभ अवसर पर दिव्यांग जनों के द्वारा बनाया गया कैंडल भेंट किया गया | प्रशिक्षक के रूप में आए स्वाभिमान संस्था उड़ीसा के डॉक्टर श्रुति महापात्रा ने बतलाया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 में वर्णित प्रावधानों के बारे में हमें गांव ग्राम के दिव्यांग जनों को जागरूक करना है उन्होंने इसके विभिन्न पहलुओं पर विस्तार रूप से चर्चा किया | इस मौके पर दीपशिखा के फाउंडर अलका निजामी ने नेशनल ट्रस्ट के अंतर्गत विभिन्न प्रावधानों के ऊपर विस्तार रूप से प्रकाश डाला | एनसीपीईडीपी के राजीव रतौडी इन्हें संबोधित करते हुए बतलाया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के अंतर्गत 21 प्रकार के दिव्यांग का श्रेणियों में बांटा गया है एवं रोजगार में 4% और गरीबी उन्मूलन में 5% आरक्षण का प्रावधान है | एनसीपीईडीपी के डायरेक्टर अरमान अली ने सरकारी योजनाओं के बारे में बतलाया जिसके अंतर्गत उन्होंने कहा कि निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के अंतर्गत 18 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों को निशुल्क शिक्षा मुहैया कराना है कोई भी विद्यालय नामांकन लेने से मना नहीं कर सकता है सीबीएसई की गाइड लाइन के अनुसार सभी विद्यालय में विशेष शिक्षक की नियुक्ति सुनिश्चित किया जाना है | झारखंड उच्च न्यायालय के एडवोकेट सोनल तिवारी ने कहा कि यदि कोई कानून को लागू करने में कहीं पर कम ही दिखता है यह आपके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव होता है तो मामला हम तक जरूर लाएं हम उसे जनहित याचिका के रूप में न्यायालय में दायर कर आप को न्याय दिलाने में मदद करेंगे इस सेमिनार में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए ६५दिव्यांगजन एवं संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित हुए।
समयबद्ध उड़ानों में नंबर वन बना गो एयर
रांची। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार एयरलाइन गोएयर ने सितंबर 2019 में समय की सबसे पाबंद एयरलाइन के रूप में अपना जलवा कायम रखा है। एयरलाइन लगातार 13 महीनों से प्रमुख परफॉर्मर बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार, आॅन-टाइम परफॉर्मेंस के मोर्चे पर गोएयर के विमानों का समय पर उड़ान •ारने का आंकड़ा 85.4 फीसदी रहा। आॅनटाइम परफॉर्मेंस के लिहाज से यह आंकड़ा सितंबर 2019 में घरेलू एयरलाइंस में सबसे ज्यादा है। डीजीसीए ने सितंबर 2019 के लिए आॅन-टाइम परफॉर्मेंस में गोएयर को नंबर वन रैंकिंग दी। गोएयर के विमानों से 13.27 लाख यात्रियों ने उड़ान •ारी। इसमें केवल 0.12 फीसदी यात्रियों ने अपना टिकट कैंसल कराया, जबकि संपूर्ण घरेलू एविएशन इंडस्ट्री का टिकट कैंसलेशन के मामले में औसत 1.37 फीसदी है। हर 10 हजार यात्रियों पर 0.5 शिकायतें दर्ज की गई। गो एयर हर बार, वक्त का पाबंद रहा है। गोएयर के प्रबंध निदेशक जेह वाडिया ने कहा कि हम काफी खुश हैं कि ओटीपी के मामले में गोएयर ने लगातार अपनी चमक बिखेरना जारी रखा है।
सुरों के आसमान की ओर बढ़ती मखमली आवाज़
अपनी सुरमयी गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करने की कला में निपुण हैं निधि कुमारी। वह मखमली आवाज का जादू बिखेरते हुए अपनी गायन प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। उन्हें गाना गाने का शौक बचपन से ही रहा है। वह चक्रधरपुर में पली-बढ़ीं। उनके पिता संजय कुमार चक्रधरपुर रेल मंडल कार्यालय में अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। वहीं, उनकी माता रीता कुमारी एक कुशल गृहणी हैं। निधि ने चक्रधरपुर स्थित एस ई रेलवे इंग्लिश मीडियम स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा पास की। केन्द्रीय विद्यालय से प्लस टू किया। इसके बाद वह उच्च शिक्षा के लिए जमशेदपुर आ गई। महिला काॅलेज से स्नातक और फिर स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान भी उनका रुझान गाना के प्रति रहा। उसने चार वर्ष की अल्पायु से ही गाना शुरू किया था। स्कूल व काॅलेज में समय-समय पर होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में वह अपनी गायन प्रतिभा का बखूबी प्रदर्शन करती। कई अवसरों पर सुरों की महफिल में शामिल होकर अपनी गायकी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर उसने खूब वाहवाही बटोरी। वह अपना आदर्श अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त पार्श्वगायिका लता मंगेशकर को मानती है। वह सोनी टीवी के लोकप्रिय शो इंडियन आइडल में 15 वां स्थान प्राप्त करने में सफल रही। उसका लक्ष्य एक सफल पार्श्वगायिका बनने का है। निधि ने गीत-संगीत को अपने जीवन की साधना मान लिया है। सुरों का जादू उसके सिर चढ़कर बोलता है। वह मां सरस्वती की उपासक हैं। उसके सहपाठी, सखी-सहेली सब उसकी गायन प्रतिभा के कायल हैं। निधि का सपना एक सफल गायक बनने का है। इस दिशा की ओर वह अग्रसर हैं। चक्रधरपुर शहर के निवासी निधि की सफलता पर गर्व करते हुए कहते हैं कि आनेवाले समय में वह गायकी के क्षेत्र में पूरे झारखंड का नाम रौशन करेगी। निधि अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देती है। वहीं, रेलवे में कार्यरत मौली भट्टाचार्य को वह अपना प्रेरणास्रोत मानती हैं। निधि कहती हैं कि गीत-संगीत एक साधना है। इससे शांति और सुकून मिलता है। तनाव और फुर्सत के क्षणों में कर्णप्रिय गीत और संगीत सुनने से काफी राहत मिलती है। गायन के क्षेत्र में आगे बढ़ते रहना और एक बेहतरीन पार्श्वगायिका का खिताब जीतना उसके जीवन का मुख्य लक्ष्य है।
सोमवार, 21 अक्टूबर 2019
17 वर्ष बाद पिचडी कोयला खदान फिर से हुआ प्रारम्भ
● मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बेरमो में पिचड़ी कोयला खदान, सीसीएल के 150 करोड़ एवं राज्य सरकार की 228 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया
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★पिचड़ी कोयला खदान स्थानीय लोगों के लिए रोजगार में होगा सहायक
★सौरऊर्जा की ओर दुनिया जा रही है हमें भी सौरऊर्जा अपनाना चाहिए
★पहले हो पुनर्वास
बेरमो/बोकारो। पिछड़ी खदान के खुलने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। सीसीएल द्वारा सीएसआर फण्ड के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई के क्षेत्र में 150 करोड़ की 15 योजनाओं का शिलान्यास हुआ। राज्य सरकार ने भी 228 करोड़ की 103 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया है। आज बेरमो के लिए ऐतिहासिक दिन है। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने बेरमो में आयोजित विभिन्न योजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास समारोह में कही।
जिसमें पूरी दुनिया को रोशन करने की क्षमता, वह रह गया अंधेरे में
श्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड जहां कुदरत ने सबसे अधिक कोयला दिया है। यह दुर्भाग्य है कि जिस झारखण्ड के पास पूरी दुनिया को रोशन करने की क्षमता है। वहां के 30 लाख लोग 67 साल तक अंधेरे में रहे, यहां गरीबी ने अपना शिकंजा कस लिया। पूर्व की सरकारें लोगों को बिजली उपलब्ध नहीं करा सकी। राज्य के 30 लाख घर अंधेरे में थे। हमने 2014 के बाद मात्र 5 वर्ष के अंदर 30 लाख घरों में बिजली पहुंचा दी और बंद माइन्स को फिर से शुरू किया। यह स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में सहायक होगा। 18 अक्टूबर को केंद्रीय कोयला मंत्री से हुई बात के बाद मुझे भरोसा हुआ कि अब विस्थापितों के साथ न्याय होगा।
हम पहले पुनर्वास हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्थापन 2014 के पहले की देन है। पहले किसी ने गरीबों पर ध्यान नहीं दिया। वर्तमान सरकार ने केंद्रीय कोयला मंत्री से स्पष्ट कहा है कि विस्थापन से पहले पुनर्वास को प्राथमिकता दें। उन्हें उनकी जमीन का पट्टा दें। ताकि योजनाओं का लाभ उनतक पहुंच सके। वर्तमान सरकार के प्रयासों का ही प्रतिफल है कि विस्थापित परिवार को अब पट्टा मिलना शुरू हो गया। गलत नीति का परिणाम है कि हम सिर्फ कोयला बेच रहे हैं। यदि हम कोयला के बदले बिजली बेचते तो आज तस्वीर कुछ और होती। 2014 के बाद से सरकार ने विद्युत उत्पादन के दिशा में काम किया। एनटीपीसी के साथ 4000 मेगावाट बिजली उत्पादन का करार हुआ है। 660 और 660 मेगावाट का पावर स्टेशन भी तैयार हो रहा है। अब झारखंड बिजली देने वाला राज्य बनेगा। आज दुनिया सौर ऊर्जा की तरफ जा रही है। सरकार सौर ऊर्जा उत्पादन की दिशा में बढ़ रही है।
इनका हुआ उदघाटन एवं शिलान्यास...
सीसीएल द्वारा....
*★17 वर्ष बाद पुन: पिचड़ी कोल माइंस का शिलान्यास, तालाब की खुदाई एवं सौंदर्यीकरण परियोजना, खेल अकादमी परियोजना का कायाकल्प, चेक डैम निर्माण परियोजना, बागवानी उत्पादन की आधारभूत संरचना एवं विस्तार परियोजना, दूषित जल उपचार संयंत्र एवं सार्वजनिक शौचालय निर्माण परियोजना, सांस एवं फेफड़ों की बीमारी के बचाव हेतु जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविरों संबंधित परियोजना, सफाई हेतु रोड स्वीपिंग मशीनों की खरीदारी एवं निरंतर उपयोग संबंधित परियोजना, परिधीय गांव में सौर ऊर्जा चालित स्ट्रीट लाइट परियोजना, परिधि गांवों में स्थित स्कूलों की मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण परियोजना, पर्यावरण अनुसंधान एवं सस्टेनबिलिटी संस्थान परियोजना, जल संरक्षण प्रणाली निर्माण एवं विकास संबंधित परियोजना, परिधि गांवों में पेयजल हेतु सौर ऊर्जा द्वारा संचालित मोटर पंप एवं बोरवेल परियोजना, किसानों को जल संरक्षण एवं सिंचाई हेतु प्रशिक्षण परियोजना, फुसरो बाईपास रोड परियोजना का शिलान्यास किया गया।
राज्य सरकार द्वारा इनका हुआ उद्घाटन और शिलान्यास..
जिला प्रशासन 79 विभिन्न अलग-अलग योजनाओं का 20221.53 लाख की लागत निर्माण का शिलान्यास, 5 योजनाओं का जो 2637.37 लाख की लागत निर्माण का उद्घाटन, विभिन्न19 योजनाओं में 16532 लोगों के बीच 1760.18 लाख रुपया परिसंपत्ति का वितरण किया गया ।
कार्यक्रम में भू राजस्व खेल एवं पर्यटन मंत्री श्री अमर कुमार बाउरी, रांची सांसद श्री संजय सेठ, विधायक बेरमो श्री योगेश्वर महतो, बोकारो विधायक श्री विरंची नारायण, पूर्व सांसद गिरिडीह श्री रविंद्र कुमार पांडे, सीसीएल के अध्यक्ष सह् प्रबंधक निदेशक श्री गोपाल सिंह, उप विकास आयुक्त श्री रवि रंजन मिश्रा, अपर समाहर्ता विजय कुमार गुप्ता, जिला प्रशासन के पदाधिकारी व सीसीएल के पदाधिकारी व कर्मचारी सहित हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।
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★पिचड़ी कोयला खदान स्थानीय लोगों के लिए रोजगार में होगा सहायक
★सौरऊर्जा की ओर दुनिया जा रही है हमें भी सौरऊर्जा अपनाना चाहिए
★पहले हो पुनर्वास
बेरमो/बोकारो। पिछड़ी खदान के खुलने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। सीसीएल द्वारा सीएसआर फण्ड के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई के क्षेत्र में 150 करोड़ की 15 योजनाओं का शिलान्यास हुआ। राज्य सरकार ने भी 228 करोड़ की 103 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया है। आज बेरमो के लिए ऐतिहासिक दिन है। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने बेरमो में आयोजित विभिन्न योजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास समारोह में कही।
जिसमें पूरी दुनिया को रोशन करने की क्षमता, वह रह गया अंधेरे में
श्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड जहां कुदरत ने सबसे अधिक कोयला दिया है। यह दुर्भाग्य है कि जिस झारखण्ड के पास पूरी दुनिया को रोशन करने की क्षमता है। वहां के 30 लाख लोग 67 साल तक अंधेरे में रहे, यहां गरीबी ने अपना शिकंजा कस लिया। पूर्व की सरकारें लोगों को बिजली उपलब्ध नहीं करा सकी। राज्य के 30 लाख घर अंधेरे में थे। हमने 2014 के बाद मात्र 5 वर्ष के अंदर 30 लाख घरों में बिजली पहुंचा दी और बंद माइन्स को फिर से शुरू किया। यह स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में सहायक होगा। 18 अक्टूबर को केंद्रीय कोयला मंत्री से हुई बात के बाद मुझे भरोसा हुआ कि अब विस्थापितों के साथ न्याय होगा।
हम पहले पुनर्वास हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्थापन 2014 के पहले की देन है। पहले किसी ने गरीबों पर ध्यान नहीं दिया। वर्तमान सरकार ने केंद्रीय कोयला मंत्री से स्पष्ट कहा है कि विस्थापन से पहले पुनर्वास को प्राथमिकता दें। उन्हें उनकी जमीन का पट्टा दें। ताकि योजनाओं का लाभ उनतक पहुंच सके। वर्तमान सरकार के प्रयासों का ही प्रतिफल है कि विस्थापित परिवार को अब पट्टा मिलना शुरू हो गया। गलत नीति का परिणाम है कि हम सिर्फ कोयला बेच रहे हैं। यदि हम कोयला के बदले बिजली बेचते तो आज तस्वीर कुछ और होती। 2014 के बाद से सरकार ने विद्युत उत्पादन के दिशा में काम किया। एनटीपीसी के साथ 4000 मेगावाट बिजली उत्पादन का करार हुआ है। 660 और 660 मेगावाट का पावर स्टेशन भी तैयार हो रहा है। अब झारखंड बिजली देने वाला राज्य बनेगा। आज दुनिया सौर ऊर्जा की तरफ जा रही है। सरकार सौर ऊर्जा उत्पादन की दिशा में बढ़ रही है।
इनका हुआ उदघाटन एवं शिलान्यास...
सीसीएल द्वारा....
*★17 वर्ष बाद पुन: पिचड़ी कोल माइंस का शिलान्यास, तालाब की खुदाई एवं सौंदर्यीकरण परियोजना, खेल अकादमी परियोजना का कायाकल्प, चेक डैम निर्माण परियोजना, बागवानी उत्पादन की आधारभूत संरचना एवं विस्तार परियोजना, दूषित जल उपचार संयंत्र एवं सार्वजनिक शौचालय निर्माण परियोजना, सांस एवं फेफड़ों की बीमारी के बचाव हेतु जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविरों संबंधित परियोजना, सफाई हेतु रोड स्वीपिंग मशीनों की खरीदारी एवं निरंतर उपयोग संबंधित परियोजना, परिधीय गांव में सौर ऊर्जा चालित स्ट्रीट लाइट परियोजना, परिधि गांवों में स्थित स्कूलों की मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण परियोजना, पर्यावरण अनुसंधान एवं सस्टेनबिलिटी संस्थान परियोजना, जल संरक्षण प्रणाली निर्माण एवं विकास संबंधित परियोजना, परिधि गांवों में पेयजल हेतु सौर ऊर्जा द्वारा संचालित मोटर पंप एवं बोरवेल परियोजना, किसानों को जल संरक्षण एवं सिंचाई हेतु प्रशिक्षण परियोजना, फुसरो बाईपास रोड परियोजना का शिलान्यास किया गया।
राज्य सरकार द्वारा इनका हुआ उद्घाटन और शिलान्यास..
जिला प्रशासन 79 विभिन्न अलग-अलग योजनाओं का 20221.53 लाख की लागत निर्माण का शिलान्यास, 5 योजनाओं का जो 2637.37 लाख की लागत निर्माण का उद्घाटन, विभिन्न19 योजनाओं में 16532 लोगों के बीच 1760.18 लाख रुपया परिसंपत्ति का वितरण किया गया ।
कार्यक्रम में भू राजस्व खेल एवं पर्यटन मंत्री श्री अमर कुमार बाउरी, रांची सांसद श्री संजय सेठ, विधायक बेरमो श्री योगेश्वर महतो, बोकारो विधायक श्री विरंची नारायण, पूर्व सांसद गिरिडीह श्री रविंद्र कुमार पांडे, सीसीएल के अध्यक्ष सह् प्रबंधक निदेशक श्री गोपाल सिंह, उप विकास आयुक्त श्री रवि रंजन मिश्रा, अपर समाहर्ता विजय कुमार गुप्ता, जिला प्रशासन के पदाधिकारी व सीसीएल के पदाधिकारी व कर्मचारी सहित हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।
डबल इंजन की सरकार केंद्र और राज्य के सहयोग समन्वय का पर्यायः रघुवर दास
मुख्यमंत्री के पहल पर केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय ने झारखंड को दिया 306.86 एकड़ जमीन.. जिसमें प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लिए 107.2 8 एकड़ जमीन नि:शुल्क दी जा रही।
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मुख्यमंत्री रघुवर दास की पहल पर उद्योग मंत्रालय ने एचईसी परिसर में 306.86 एकड़ जमीन देने की मंजूरी प्रदान की है। इसमें 107.28 एकड़ जमीन प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लिए नि:शुल्क दी जाएगी तथा 199.58 एकड़ जमीन राज्य सरकार को सशुल्क मिलेगी। इस संबंध में भारी उद्योग मंत्रालय ने आदेश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं भारी उद्योग मंत्री अरविंद गणपत सावंत एवं राज्य मंत्री श्री अर्जुन मेघवाल को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि जमीन मिलने से बड़ी संख्या में शहरी स्लमवासी लाभुकों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिए जा सकेंगे। डबल इंजन की सरकार केंद्र और राज्य के सहयोग समन्वय का पर्याय है। इस कदम से सरकार के अन्य विकास कार्य भी धरातल पर उतारे जा सकेंगे।
गौरतलब है कि अगस्त में मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली दौरे पर इस जमीन के लिए केंद्र सरकार से अपील की थी।
मुख्यमंत्री ने झारखंड भवन नई दिल्ली के स्थानिक आयुक्त श्री एम आर मीणा और मुख्यमंत्री के आप्त सचिव श्री के पी बलियान् को भी तत्पर प्रयास के लिए बधाई दी।
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