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मंगलवार, 29 अक्टूबर 2019

आप के कुनबे में शामिल हुईं लक्ष्मी देवी

धनबाद लोकसभा क्षेत्र से निर्दलीय लड़ चुकी हैं चुनाव


रांची। धनबाद से 2019 लोकसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी रहीं श्रीमली लक्ष्मी देवी आम आदमी पार्टी में शामिल हो गयीं। अपने करीबी लोगों के साथ धनबाद से राँची पहुँची लक्ष्मी देवी ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय हरमू में पार्टी कि सदस्यता ग्रहण की। पार्टी के प्रदेश संयोजक जयशंकर चौधरी ने उन्हें टोपी और पट्टा पहनाकर पार्टी में स्वागत कराया।
मूल रूप से धनबाद के भूल्ली क्षेत्र कि रहने वाली लक्ष्मी देवी 2019 में धनबाद से लोकसभा चुनाव लड़ चुकी हैं और आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी कि ओर से लड़ सकती हैं।
नारीशक्ति जनसुविधा केन्द्र कि अध्यक्ष और बाबा मुकुँदनाम कल्याण समिति (एनजीओ) की संयोजक लक्ष्मी देवी  लंबे समय से सामाजिक कार्यों  में लगी हैं और महिलाओं के बीच इनकी अच्छी पकड़ है।
पार्टी में शामिल होने के बाद उन्होंने पार्टी के पदाधिकारियों को धन्यवाद दिया और पार्टी के साथ पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करके की बात कही।
उनके साथ समाजसेवी जमुना शर्मा और संदीप कुमार ने भी पार्टी कि सदस्यता ग्रहण की।
मौके पर पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी राजेश कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री जयशंकर चौधरी ने पार्टी में लक्ष्मी देवी का स्वागत किया तथा कहा कि महिलाओं कि भागीदारी से हीं झारखंड के भविष्य को उज्वल कर सकता है। महिलाओं के राजनीति में आने से देश और समाज मजबुत होगा।

सनसनी की तलाश में रायता फैलाता मीडिया



कोलकाता की फ्रेब्रिकेशन कंपनी के अधिकारियों की कर दी फजीहत



न्यू इंडिया का मीडिया पूरा सच बताने में विश्वास नहीं करता। प्रथमदृष्टया सूचना में सनसनी फैलाने का मसाला मिलने के बाद वह सूचना के निष्कर्ष तक जाने की जहमत नहीं उठाता। कोलकाता की एक फेर्केशन कंपनी के दो अधिकारियों को आयकर विभाग से क्लीन चिट मिलने के बाद भी फजीहत उठानी पड़ रही है। कोलकाता की एक सम्मानित फेब्रिकेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक एसके दत्ता और स्वप्न पाल 15 लाख नकद रकम लेकर कंपनी के काम से वाराणसी गए थे। जब वे वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट पर उतरे तो किसी प्रतिद्वंद्वी कंपनी ने नकदी की जानकारी दे दी। सीआइएसएफ ने उन्हें रोक लिया और आयकर विभाग के अधिकारियों के हवाले कर दिया। बस मीडिया को यह एक अच्छा-खासा मसाला मिल गया। फिर क्या था नमक मिर्च मिलाकर चटाखेदार खबर बना दी। जैसे कोई बड़ा आतंकवादी या अंडरवर्ल्ड डॉन पकड़ा गया हो। खूब पगड़ी उछाली। अगले दिन यह खबर सुर्खियों में रही। आयकर विभाग ने इस मामले में क्या किया यह जानने या पाठकों को बताने की किसी रिपोर्टर ने जरूरत नहीं समझी। श्री दत्ता के मुताबिक सीआइएसएफ और आयकर अधिकारियों ने अपनी ड्यूटी निभाई लेकिन मीडिया ने तो सिर्फ कीचड़ उछालने का काम किया।
दरअसल आयकर विभाग की पूछताछ के क्रम में श्री दत्ता ने अधिकारियों के सवालों का संतोषजनक जवाब दिया और अपने कोलकाता कार्यालय से आवश्यक दस्तावेज़ मंगाकर सौंप दिए। विभाग को राशि के स्रोत और उपयोग की पूरी जानकारी दे दी। अधिकारियों ने उनके जवाब से संतुष्ट होने के बाद रकम वापस लौटा दी। लेकिन मीडिया के लिए यह खबर नहीं बन सकी। संभवतः इसमें सनसनी की कोई गुंजाइश नहीं दिखी। आयकर विभाग ने श्री दत्ता से पूछताछ की तो उन्होंने बतलाया कि उनकी कंपनी रेलवे के ले स्पेयर पार्ट्स के निर्माण से संबंधित रेलवे इंजन का सुपर स्ट्रक्चर बनाने का कार्य करती है। वाराणसी में उनकी कंपनी को रेलवे का बड़ा काम मिला है। इसीलिए यहां  ब्रांच ऑफिस खोलना है। इसी उद्देश्य से वे नकदी लेकर आए थे। उन्होंने कंपनी के कैशबुक और बैंक एकाउंट की प्रति सौंप दी जिससे यह प्रमाणित हो गया कि कंपनी ने अपने एकाउंट से दो किस्तों में 15 लाख की रकम निकाली और श्री दत्ता को सौंपा। इस रकम से उन्हें आफिस के फर्नीचर और अन्य उपकरण लेने थे। 10-15 स्टॉफ भी बहाल करने थे। आयकर विभाग के अधिकारियों ने उनके दस्तावेज़ों और विवरण से संतुष्ट होकर रकम वापस कर दी और उन्हें मुक्त कर दिया। श्री दत्ता ने मीडिया को इसकी जानकारी दी लेकिन किसी ने उनका पक्ष जनता तक पहुंचाने की जरूरत नहीं समझी। बाद में उन्होंने कुछ मीडिया संस्थानों को लीगल नोटिस भी भेजा है।

सोमवार, 28 अक्टूबर 2019

जनाक्रोश रैली को सफल बनाएं, चुनाव में जोशो-खरोश में लग जाएंः सुबोधकांत



जनता समझ चुकी है, सरकार चलाना भाजपा के वश की बात नहीं
टूट रहा है फर्जी राष्ट्रवाद का तिलस्म, हिंदूवाद का ढोंग


रांची। झारखंड में कांग्रेस का जनाधार वापस लाने की दिशा में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय लगातार सक्रिय रहे हैं। वे पद पर रहे न रहें लेकिन जनता के सुख-दुःख के हर मौके पर उसके बीच हमेशा मौजूद रहते हैं। जन-समस्याओं की आवाज़ में आवाज़ मिलाते रहते हैं। अभी 30 अक्टूबर को कांग्रेस की जनाक्रोश रैली आहुत है। इस रैली को सफल बनाने के लिए श्री सहाय ने अपने आवासीय कार्यालय में सक्रिय नेताओं और कार्यकर्ताओं की एक बैठक बुलाई। बैठक में उन्होंने देश और राज्य के मौजूदा हालात की जानकारी देते हुए कांग्रेसजनों को प्रस्तावित रैली को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत लगा देने का आह्वान किया साथ ही विधानसभा चुनाव में राज्य की रघुवर सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए बूथ स्तर पर सक्रिय रहने को कहा। श्री सहाय ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि देश और राज्य अभी बहुत ही नाजुक दौर से गुजर रहा है। युवा वर्ग को ठगा जा रहा है। व्यापारी वर्ग को छला जा रहा है। किसान कर्ज की मार से मर रहे हैं अब आरसीइपी समझौते पर हस्ताक्षर करके सरकार उनके जीने की बची-खुची उम्मीद भी खत्म करने जा रही है। आम जनता मंदी और महंगाई की मार से त्रस्त है। ऐसे में देशवासियों को एकमात्र उम्मीद कांग्रेस से है। महाराष्ट्र और हरियाणा में आपने देखा कि पार्टी आधे-अधूरे मन से लड़ी लेकिन उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया। अगर पूरी ताकत से लड़ती तो दोनों राज्यों में भाजपा का सूपड़ा साफ हो जाता।
उन्होंने कहा कि फिलहाल 30 की रैली को सफल बनाने में पूरी ताकत लगा दें। पूरे जोशो-खरोश के साथ चुनाव की तैयारी करें। भाजपा का तिलस्म टूट रहा है। लोग समझ चुके हैं कि फर्जी राष्ट्रवाद और धर्म का अफीम चटाकर भाजपा पूंजीपतियों की सेवा में लगी है। उसके सारे फैसले बेतूके और काम करने का तरीका बेढंगा है। देश को कांग्रेस ही सही दिशा में ले जा सकती है। पूरी ताकत से लड़ें। जनता केंद्र में मोदी और झारखंड में रघुवर सरकार से ऊब चुकी है। राजनीति करवट बदल रही है।
 बैठक में वरिष्ट नेता अनादि ब्रम्ह , पी डी शर्मा , लाल किशोर नाथ साह्देव , आदित्य विक्रम, राकेश सिन्हा , विनय सिन्हा दीपू , राजन वर्मा , दीपक लाल , राजन सिंह रजा , कुमार राजा , शूरेश बेठा , सोनु वर्मा , इंदिरा देवी , सुंदरी तिर्की , राजेश कच्प , बेलास तिर्की , सुनील सिंह , पी के चौधरी , रणविजय सिंह सहित रांची लोक सभा के 6 विधानसभा के प्रमुख कोंग्रेस जन उपस्थित थे l

बुधवार, 23 अक्टूबर 2019

विकास का नया कीर्तिमान बना रही रघुवर सरकार : मोख्तार सिंह



रांची। लोकप्रिय श्रमिक नेता और गांधीवादी विचारधारा के पक्षधर मोख्तार सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में राज्य सरकार ने विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उनके कार्यकाल के दौरान विकास की गति काफी तेज हुई है। अपनी कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी के बलबूते राज्य में सुशासन स्थापित करने में मुख्यमंत्री सफल रहे हैं। श्री सिंह ने कहा कि विगत 5 वर्षों के रघुवर सरकार के कार्यकाल और उसके पूर्व राज्य गठन के पश्चात 14 वर्षों के कार्यकाल का आकलन करें तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि अब तक के मुख्यमंत्रियों में रघुवर दास सफलतम मुख्यमंत्री रहे हैं।  सही मायने में सबका साथ और सबका विकास का नारा सच साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि रघुवर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ जनता को मिल रहा है। रघुवर सरकार की उत्कृष्ट कार्यशैली, कर्त्तव्यपरायणता और जनहित के प्रति समर्पण को देखते हुए हर झारखंडवासियों का यह नैतिक कर्तव्य बनता है कि एक बार फिर अपना समर्थन मुख्यमंत्री रघुवर दास को दें। उन्होंने कहा कि विकास के जितने कार्य    मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में हुए, उतना राज्य गठन के बाद कभी नहीं हुआ। श्री सिंह ने कहा कि अपने काम के बलबूते अबकी बार फिर झारखंड में रघुवर दास के नेतृत्व में सरकार बनना तय माना जा रहा है।

झारखंड अनुबंध प्रोफेसर संघ की.भूख हड़ताल जारी


रांची। झारखंड असिस्टेंट प्रोफेसर (अनुबंध) संघ की भूख हड़ताल तीसरे दिन जारी। झारखंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों में कार्यरत घंटी आधरित अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर अपनी एकसूत्रीय मांग यू.जी.सी. रेगुलेशन 2018 के नियमानुसार निश्चित मासिक मानदेय हेतु आज तीसरे दिन भी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निरंजन कुमार महतो ने कहा कि अनुबंध प्राध्यापकों को सम्मान जनक एक निश्चयत मानदेय मिलना चाहिए क्योंकि हमलोग परमानेंट शिक्षकों के समान प्रशाशनिक और परीक्षा सम्बंधित सभी कार्यों को करते हैं।साथ ही डॉ. महतो ने बताया कि हड़ताल में बैठे लोगों की स्थिति दिन प्रतिदिन बिगड़ते जा रही है। भूख हड़ताल पर बैठने वाले डॉ दिव्य पूजा तथा डॉ लता तबियत अचानक उस समय गड़बड हो गई जिस समय कॉंग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव धरना स्थल पर मौजूद थे।तदुपरांत दोनों को सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां देर शाम तक वे चिकित्सक के निरीक्षण में रखे गए। भूख हड़ताल पर बैठे प्रदेश संरक्षक डॉ संजय कुमार झा, प्रदेश सचिव प्रभाकर कुमार, प्रदेश उप कोषाध्यक्ष डॉ संगीता कुजूर एवं डॉ हर्षवर्धन के स्वास्थ्य में भी तेजी से गिरावट हो रही है। इनको अपना समर्थन देने आए हुए डॉ रामेश्वर उरांव, आलोक चौबे, केशव महतो कमलेश, कॉंग्रेस प्रदेश प्रवक्ता डॉ राकेश किरण, राजेश ठाकुर ने कहा कि राज्य की यह दुर्दशा है कि पीएचडी , नेट और गोल्ड मेडलिस्ट जैसे योग्यताधारियों से कार्य तो असिस्टेंट प्रोफेसर की तरह लिया जाता है परंतु मानदेय के आधार पर घंटी आधारित, जो कि न सिर्फ ऐसे शिक्षकों के लिए बल्कि हम सभी के लिए असहनीय है। पूरी कॉंग्रेस पार्टी का समर्थन में आपके आंदोलन के साथ है। झारखण्ड विकास मोर्चा के प्रवक्ता डॉ जगदीश लोहरा ने कहा कि हमारी पार्टी का अनवरत सहयोग और समर्थन ऐसे विद्वानों के साथ हमेशा बनी रहेगी। आम आदमी पार्टी के सुशील क्रांतिकारी ने अपना नैतिक समर्थन देते हुए कहा कि ये जिस राज्य में गुरु का सम्मान नहीं उस शिक्षा व्यवस्था की क्या स्थिति हो सकती है यह हम सभी के लिए सोचनीय है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता डॉ. तनुज खत्री ने कहा कि मैं आपलोगों का नैतिक समर्थन करता हूँ और आपलोगों के आंदोलन में साथ खड़ा है। डॉ.संजय कुमार झा ने ये भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी हमारी निश्चित मानदेय तय नहीं कर देती है। इस धरने में डॉ. त्रिभुवन साही,डॉ. राकेश किरण,डॉ. सरस्वती गागराई,डॉ. जय मंगल किशोर, डॉ चंद्राणी सरकार, श्वेता शर्मा , डॉ अभिषेक गुप्ता,डॉ राम प्रवेश, डॉ हिमांशु शुक्ला, नीरज धर दुबे, डॉ शोभा मुर्मू ,डॉ संतोष कुमार, डॉ यदुवंश,डॉ रजनी मुर्मू,डॉ तस्लीम आरिफ, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, डॉ अन्नपूर्णा, डॉ प्रीति, डॉ जनार्दन राम आदि ने भी संबोधित किया।

मंगलवार, 22 अक्टूबर 2019

चुनाव में ब्राह्मणों को ज्यादा भागीदारी की मांग


रांची। आज विश्व ब्राह्मण संघ कार्यकारिणी की बैठक अपराहन 3:00 बजे से संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी की अद्यक्षता में होटल रॉयल रांची एयरपोर्ट रोड हिनू में हुई जिसमें सभी राजनीतिक दलों से आगामी विधानसभा चुनाव में ब्राह्मणों को अधिक से अधिक प्रतिनिधित्व देने की मांग की गई, साथ ही यह निर्णय लिया गया कि संघ के पदाधिकारी जिन बिधानसभा क्षेत्र में ब्राम्हण उमीदवार चुनाव लड़ेंगे वहां जा कर ब्राह्मण उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे। साथ ही साथ संगठन के कामकाज के लिए झारखंड में संघ के अन्य पदों का विस्तार दीपावली और छठ के पश्चात किया जाएगा, इस दौरान संघ के तरफ से राज्य के सभी भाई-बहनों को दीपावली और छठ की बधाई दी गयी। इस दौरान प्रदेश अध्य्क्ष श्री तिवारी ने बताया कि विश्व ब्राह्मण सँघ, झारखंड प्रदेश ने सभी  राजनैतिक दलों के अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा है कि विधान सभा चुनाव 2019 मे अपने-अपने दल से अधिक से अधिक टिकट ब्राह्मण प्रत्याशियों को दे , हम सब अपने प्रत्यशियो को विजय दिलाने का पुरा जिम्मेदारी भी लेते है , झारखंड के 32 विधान सभा और 6 लोक सभा सीट पर ब्राह्मण की बहुलता है , ब्राह्मण वोट निर्णायक होता है , एक ब्राह्मण अपने साथ दस परिवारो को जोडता है और पचास वोट की क्षमता रखता है , ब्राह्मण अपने साथ अपने यजमान और पचपोनिया ( नाई, बडही , ढोलिया, कुम्हार , धोबी आदि ) के साथ मिलकर समाज हित मे काम करता है , ब्राह्मण धन सँचय नही करता है , इसलिऐ ब्राह्मण का समाज के सभी वर्ग पर समान सम्बन्ध रखता है , जिसके कारण इनकी जीत सुनिश्चित होती है , जिस विधान सभा मे सबसे कम ब्राह्मण की संख्या है वहाँ से भी ब्राह्मण विधायक जीत कर विधान सभा मे है यह उनके अच्छे काम का परिणाम है , , अनारक्षित सीटो पर अधिक से अधिक प्रत्याशी दें ब्राह्मण- *ब्राह्मण समाज को तोड़ता नहीं जोड़ता है* समाज में ऐसी व्यवस्था ब्राह्मण के आहित में फैलाई गई है पर ऐसा नहीं है समाज समझता है समाज जानता है कि समाज को ब्राह्मणों ने क्या दिया है यह जानकारी विश्व ब्राह्मण सँघ झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष पँ धर्मेन्द्र तिवारी, प्रदेश महासचिव -श्री रामदेव पाण्डेय, बी के त्रिपाठी,   राजा दुवे , पवन पाण्डेय,  राजेश तिवारी , नागप्रेमी जी अनिरुद्ध तिवारी जी श्रीमती नीलम तिवारी जी श्री अनिल कुमार तिवारी जी श्री अरविंद कुमार दुबे जी श्री संतोष पाठक जी श्री ब्रज विलास पाठक जी स्वामी दिव्याज्ञान महाराज जी और स्वामी सुशीला नंदन जी श्री शंकर दुबे जी, डॉक्टर सुधांशु शेखर जी, श्री विवेक त्रिपाठी जी ,बसंत पाठक जी, देवाशीष तिवारी जी की उपस्थिति में यह निर्णय लिया गया। 

दिव्यांगता नियमावली बनाने वाला देश का पहला राज्य बना झारखंड: सतीश चंद्रा


रांची। स्थानीय राज रेजीडेंसी होटल में एनसीपीईडीपी नई दिल्ली, स्वाभिमान उड़ीसा एवं झारखंड विकलांग मंच के संयुक्त तत्वाधान में दो दिवसीय आयोजित राज्य स्तरीय दिव्यांगता सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए राज्य निशक्तता आयुक्त श्री सतीश चंद्रा ने कहा कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के अंतर्गत झारखंड राज्य नियमावली बनाने वाला देश का पहला राज्य है सरकार दिव्यांग जनों के विकास के प्रति काफी संवेदनशील एवं प्रयत्नशील है झारखंड एक ऐसा राज्य है जहां 5 वर्ष तक के बच्चों से ही स्वामी विवेकानंद निशक्त स्वालंबन प्रोत्साहन राशि ₹1000 प्रतिमाह दिया जाता है आने वाले समय में दिव्यांग जनों के स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य सरकार सोसाइटी का गठन करेगी एवं छोटे छोटे उद्योग चलाने में मदद किया जाएगा अभी का जिला स्तरीय मोबाइल कोर्ट जागरूकता शिविर अब प्रखंड स्तरीय एवं पंचायत स्तरीय लगाकर दिव्यांग जनों के लिए उपलब्ध सुविधाएं उन्हें सरल प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा | प्रशिक्षण का प्रारंभ दीप जलाकर किया गया सभी अतिथियों को दीपावली के शुभ अवसर पर दिव्यांग जनों के द्वारा बनाया गया कैंडल भेंट किया गया | प्रशिक्षक के रूप में आए स्वाभिमान संस्था उड़ीसा के डॉक्टर श्रुति महापात्रा ने बतलाया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 में वर्णित प्रावधानों के बारे में हमें गांव ग्राम के दिव्यांग जनों को जागरूक करना है उन्होंने इसके विभिन्न पहलुओं पर विस्तार रूप से चर्चा किया | इस मौके पर दीपशिखा के फाउंडर अलका निजामी ने नेशनल ट्रस्ट के अंतर्गत विभिन्न प्रावधानों के ऊपर विस्तार रूप से प्रकाश डाला | एनसीपीईडीपी के राजीव रतौडी इन्हें संबोधित करते हुए बतलाया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के अंतर्गत 21 प्रकार के दिव्यांग का श्रेणियों में बांटा गया है एवं रोजगार में 4% और गरीबी उन्मूलन में 5% आरक्षण का प्रावधान है | एनसीपीईडीपी के डायरेक्टर अरमान अली ने सरकारी योजनाओं के बारे में बतलाया जिसके अंतर्गत उन्होंने कहा कि निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के अंतर्गत 18 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों को निशुल्क शिक्षा मुहैया कराना है कोई भी विद्यालय नामांकन लेने से मना नहीं कर सकता है सीबीएसई की गाइड लाइन के अनुसार सभी विद्यालय में विशेष शिक्षक की नियुक्ति सुनिश्चित किया जाना है | झारखंड उच्च न्यायालय के एडवोकेट सोनल तिवारी ने कहा कि यदि कोई कानून को लागू करने में कहीं पर कम ही दिखता है यह आपके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव होता है तो मामला हम तक जरूर लाएं हम उसे जनहित याचिका के रूप में न्यायालय में दायर कर आप को न्याय दिलाने में मदद करेंगे इस सेमिनार में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए ६५दिव्यांगजन एवं संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित हुए।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...